प्रदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा उपहार सात करोड़ से बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडिटोरियम।
जशपुर 30 अगस्त 2024
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा अनुरूप जशपुर शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडीटोरियम निर्माण के लिए 7 करोड़ रूपये की स्वीकृति देते हुए बजट जारी कर दिया है। नगर पालिक के अधिकारी ने बताया कि इस निर्माण कार्य के लिए नगर सरकार ने तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर निविदा जारी कर दिया है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
*यह होगा आडोटोरियम से लाभ*
अभी तक जिला मुख्यालय में बड़े आयोजन के लिए जगह की कमी महसूस की जा रही थी। शहर में आयोजित होने वाले किसी भी बड़े सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक आयोजन का पूरा बोझ फिलहाल रणजीता स्टेडियम और वशिष्ठ कम्युनिटी हाल पर है। रणजीता स्टेडियम में स्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिलीप सिंह जूदेव स्मृति फुटबाल टूर्नामेंट के दौरान कर चूके है।आडोटोरियम के बन जाने से शहरवासियो को एक अच्छा विकल्प मिल सकेगा।
*यहां बनेगा ऑडीटोरियम और मिलेगी ऐसी सुविधा*
आडोटोरियम का निर्माण शहर के सारुडीह मोड़ के पास बंद पड़े हुए दुग्ध संयंत्र के पीछे में किया जाएगा। इसके लिए ढाई एकड़ जमीन चिन्हकित कर लिया गया है। 500 सीट क्षमता वाले इस आडोटोरियम में पार्किंग के साथ बेहतर लाइट व्यवस्था और बुनियादी सुविधा उयलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री की पहल से दुर्योधन राम को मिला नया सहारा 10 साल पुराने जख्म पर बनेगा कृत्रिम पैर, रायपुर में होगा इलाज।
जशपुर, 21 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से दुर्योधन राम की जिंदगी एक बार फिर नई मुस्कान से भर उठेगी। लगभग 10 वर्ष पूर्व हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दुर्योधन का दायां पैर काटना पड़ा था। यह घटना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने उनकी पीड़ा को समझते हुए उन्हें रायपुर इलाज के लिए भेजने का निर्णय लिया है, जहां उनके लिए कृत्रिम पैर लगाया जाएगा।
मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले ग्राम बोकी कारीताला निवासी दुर्योधन के लिए यह दुर्घटना मानो जीवन पर पहाड़ टूटने जैसा थी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अच्छे अस्पताल में इलाज कराना उनके लिए बेहद कठिन था। उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही थी कि उन्हें कृत्रिम पैर मिल सके ताकि उसे अपने कामकाज में आसानी हो। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर अपनी व्यथा साझा की और कृत्रिम पैर लगवाने का निवेदन किया। आवेदन पर संजीदगी से संज्ञान लेते हुए कैंप कार्यालय ने तुरंत पहल की और उन्हें इलाज हेतु रायपुर भेजने का प्रबंध किया। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए दुर्योधन राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आम जनता की तकलीफों को अपना समझते हैं। कैंप कार्यालय हमेशा ही आम आदमी की मदद के लिए तत्पर रहता है।
कैंप कार्यालय में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझते लोगों को मिलती है तत्काल मदद
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन के लिए उम्मीद और सहारा का केंद्र बन चुका है। यहां स्वास्थ्य की समस्या से जुझते बगिया पहुंचने वाले जरूरतमंद लोगों को हर संभव मदद भी सुनिश्चित की जाती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन" की शुरुआत की है। यह हेल्पलाइन सेवा जिले के उन लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो लंबे समय से गंभीर बीमारियों या इलाज के अभाव में परेशान थे।
सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्राप्त आवेदन अनुसार अब तक इस पहल के अंतर्गत 2856 मरीजों को इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सलाह, दवाइयाँ, अस्पताल में भर्ती की सुविधा, रेफरल सेवा और आवश्यकतानुसार एंबुलेंस की व्यवस्था कराई जा चुकी है।
राज्यपाल श्री डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न
रायपुर, 20 अगस्त 2025
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वश्री गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब एवं श्री राजेश अग्रवाल को दी शुभकामनाएँ
रायपुर, 20 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा श्री राजेश अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी मंत्रियों के उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामूहिक सहयोग और प्रतिबद्धता के बल पर जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
नहीं चलेगी ‘पेशी पर पेशी’, लंबित राजस्व मामलों पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।
रायपुर, 19 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब “पेशी पर पेशी” का दौर खत्म हो। सभी प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री साय ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर्स और संभागायुक्तों की बैठक ली। इस दौरान नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे, अभिलेख दुरुस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन और डायवर्सन से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को अनावश्यक आर्थिक और समय की हानि होती है। इसलिए अधिकारियों को जनता की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रकरणों का समाधान शीघ्र करना होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरण ई-कोर्ट में दर्ज किए जाएं ताकि उनकी मॉनिटरिंग आसान हो सके। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतमाला जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण की लंबित प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के आदेश भी दिए।
बस्तर संभाग के जिलों में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे की प्रगति पर भी चर्चा की और सभी पात्र किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रजत महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को जनभागीदारी का उत्सव बनाया जाए। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर और राजस्व कैम्प जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पीड़िता 90 वर्षीय चाका बाई को मिला श्रवण यंत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद।
जशपुरनगर, 19 अगस्त 2025
90 वर्षीय चाका बाई की चेहरे से झलकती मुस्कराहट बता रही है कि उनके जीवन में खुशियां फिर से लौट आई है। उम्र के इस दौर में शारीरिक परेशानियों का आना स्वाभाविक है और ऐसे समय में की गई सहायता बुजुर्गों के लिए बड़ी सहारा बनती है। ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही चाका बाई मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें उनकी परेशानियों का समाधान यहां पर अवश्य मिलेगा और हुआ भी ऐसा ही, कैंप कार्यालय से उन्हें तत्काल मदद मिली और उसे श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
ग्राम पंचायत जामचुआं, तहसील कुनकुरी निवासी चाका बाई ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही थी। उन्होंने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्याओं को साझा किया। कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया।
श्रवण यंत्र पाकर चाका बाई ने अपनी प्रसन्नता जाहिर की और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आशीर्वाद दिया है। गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।
भिलाई को 241.50 करोड़ की सौगात, स्टेट कैपिटल रीजन से विकास की नई गति : मुख्यमंत्री साय
भिलाई, 19 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को भिलाई में कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय भिलाई नगर निगम क्षेत्र में 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने भिलाई नगर निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा भी की।
शासन की प्राथमिकता : सुशासन और डिजिटलाइजेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में किए गए अटल विश्वास पत्र के वादों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं और आने वाले छह माह में पांच हजार और पंचायतें इससे जुड़ जाएंगी। 24 अप्रैल 2026 पंचायती राज दिवस तक प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें इस सुविधा से जुड़ जाएंगी।
महिलाओं, किसानों और मजदूरों को सीधा लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है।
किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित है।
महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
रामलला दर्शन योजना में अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं।
नगरीय विकास में ऐतिहासिक निवेश
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद से 7 हजार करोड़ रुपये नगरीय निकायों के विकास के लिए स्वीकृत किए गए हैं। अकेले भिलाई नगर निगम को 470 करोड़ रुपये मिले हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है, जिसके चलते प्रदेश के सात नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार और छोटे शहरों की श्रेणी में 58 शहरों को सम्मान मिला है।
आमजन को मिला सम्मान और सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पार्षद श्रीमती स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। इसके अलावा –
प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र
पीएम सूर्य घर योजना के 3 हितग्राहियों को प्रमाणपत्र
दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर
महिला स्व-सहायता समूहों को चेक
वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, नगर निगम महापौर नीरज पाल, विधायक ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री घोषणा के 1.71 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की राशि को मिली स्वीकृति
जशपुर, 18 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शासन की स्थापना से लेकर निरन्तर जशपुर जिले के विकास के कार्य किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्रामों से लेकर हर गांव-नगर सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, यातायात, पर्यटन, अधोसंरचनात्मक विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहना कर क्षेत्र के विकास हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा मद से 01 करोड़ 71 लाख 99 हज़ार रूपयों के विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें महाकुल यादव समाज बगीचा के वृंदावन भवन के विस्तार हेतु 50 लाख रूपये, ग्राम पंचायत नारायणपुर में अघोरेश्वर आश्रम के प्रवेश द्वार निर्माण हेतु 10 लाख रूपये, तपकरा के स्टेडियम में युवाओं की सुविधा के लिए समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं जिम निर्माण हेतु 12 लाख रूपये एवं किलकिला धाम के शिव मंदिर में भव्य प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री वाल निर्माण हेतु 99.99 लाख रूपयों की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है।
जशपुर जंक्शन विशेष : भक्तिभाव और धर्म का महापर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी।
जशपुर जंक्शन विशेष : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : भक्तिभाव और धर्म का महापर्व
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन मानी गई है। शास्त्रों में इसे अष्टमी तिथि का महान योग कहा गया है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी नीच राशि कन्या में, रोहिणी नक्षत्र में विराजमान होते हैं और वहीं देवकीनंदन श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था।
*शास्त्रसम्मत महत्व*
भागवत पुराण, विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण और महाभारत में विस्तार से वर्णन मिलता है कि जब पृथ्वी पापाचार और अधर्म से व्याकुल हो उठी, तब भगवान विष्णु ने 8वें अवतार के रूप में श्रीकृष्ण रूप धारण किया।
श्रीमद्भागवत में कहा गया है –
"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥"
अर्थात जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
*उपवास और पूजन-विधि*
शास्त्रों में जन्माष्टमी पर उपवास का विशेष महत्व बताया गया है। नारदीय पुराण के अनुसार अष्टमी तिथि के दिन प्रातः स्नान कर भगवान कृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। दिनभर निराहार रहकर रात्रि में नंदोत्सव के समय, रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के क्षण पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
*पूजन-विधि के अनुसार*
पंचामृत से बालकृष्ण का अभिषेक करें।
तुलसीदल, माखन-मिश्री, धूप-दीप और पुष्प अर्पित करें।
शंख-घंटा-घड़ियाल बजाकर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र से आराधना करें।
रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करना अत्यंत शुभ माना गया है।
*सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समावेश*
जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि भक्ति और अध्यात्म का संगम है। इस दिन माखन-चोरी की लीलाओं के माध्यम से श्रीकृष्ण का बालरूप, रास-लीला के माध्यम से माधुर्य भाव, और गीता-ज्ञान के माध्यम से जीवन-दर्शन प्रकट होता है।
शास्त्रों के अनुसार कृष्ण केवल लीला पुरुषोत्तम ही नहीं, बल्कि कर्म, ज्ञान और भक्ति—तीनों मार्गों के समन्वयक हैं। यही कारण है कि जन्माष्टमी का पर्व धर्म, नीति, प्रेम और परमार्थ का अद्वितीय संदेश देता है।
जन्माष्टमी हमें यह बोध कराती है कि जीवन में अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, धर्म और सत्य की स्थापना अवश्य होती है। श्रीकृष्ण के उपदेश और लीलाएँ आज भी समाज को कर्तव्य, प्रेम और समरसता की ओर प्रेरित करती हैं।
*छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*
रायपुर, 16 अगस्त 2025।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह आयोजन आगामी 25 सप्ताह (15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक) पूरे प्रदेश में जनभागीदारी और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि समूचे प्रदेश का उत्सव है। इसमें हर वर्ग, हर समाज और हर आयु वर्ग की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि हम सब मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को आगे बढ़ाएँगे, तो मंज़िल अवश्य मिलेगी।
*अटल जी को किया याद*
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से छत्तीसगढ़ का गठन हुआ। बीते 25 वर्षों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है।
*बस्तर ओलंपिक और पंडुम भी होंगे शामिल*
साय ने बताया कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे। ये स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे।
*किसानों और विकास की उपलब्धियाँ*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण से पहले किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता था, लेकिन अब धान की खरीद ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी ₹21 हजार करोड़ से बढ़कर ₹5 लाख करोड़ तक पहुँच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में ₹10 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।
नई औद्योगिक नीति से फार्मा, सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में अब तक ₹6 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है।
*25 सप्ताह तक कार्यक्रमों की श्रृंखला*
रजत महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न विभागों और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से 25 सप्ताह तक विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक विभाग को एक-एक सप्ताह का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि गाँव-गाँव तक शासकीय योजनाओं की जानकारी पहुँच सके।
*विशेषांक, लोगो और पोर्टल का लोकार्पण*
इस अवसर पर रजत महोत्सव विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।
*संस्कृति विभाग का स्वागत उद्बोधन*
संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को पुनर्जीवित करने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और गरीब तबके की भागीदारी पर विशेष बल दिया।
*गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी*
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड अध्यक्ष मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
गायत्री परिवार जिला ट्रस्ट द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ बगीचा में मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन।
बगीचा, 15 अगस्त 2025
अखिल विश्व गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी वर्ष को दृष्टिगत रखते हुए गायत्री प्रज्ञापीठ बगीचा में गायत्री परिवार ट्रस्ट, जिला जशपुर की टोली द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन संपन्न हुआ।
बैठक की शुरुआत गायत्री महामंत्र से हुई।परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में आयोजित उक्त बैठक में बताया गया कि जन्मशताब्दी वर्ष का कार्य सुचारू रूप से जारी है। साथ ही गायत्री प्रज्ञापीठ मंदिर प्रबंधन समिति की गतिविधियों के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। समिति पंजीयन में विलंब होने के कारण जशपुर के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल करने पर जोर दिया गया।
जिला ट्रस्ट के द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ मंदिर व्यवस्थापन समिति का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें विभिन्न पदों पर निम्नलिखित जिम्मेदारियां सौंपी गईं ।
समन्वयक – श्रीमती रीना बरला
सह-समन्वयक – श्रीमती कीर्तन सिंह
कोषाध्यक्ष – रमेश गुप्ता
आंदोलन प्रमुख – दर्शन जिंदल
देवालय प्रबंधन – श्रीमती बलवती देवी यादव
संगठन प्रमुख – अच्युतानंद यादव
वित्त – मदन जायसवाल
व्यवस्थापक – संतोष कुमार सोनी
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने मंदिर एवं संगठन के कार्यों को गति देने और सामूहिक सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे सप्त सूत्रीय आंदोलन एवं मिशन की गतिविधियों को सुचारु रुप से उत्साह के साथ क्रियान्वित करने का संकल्प लिया गया।गायत्री परिवार जशपुर के जिला समिति से पधारे सहादुल सिंह,एमएस पैंकरा,धर्मेंद्र गुप्ता,जेएन सिंह ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मिशन के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री साय भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। कुछ लोग सुरक्षित अपने देश लौट सके, जबकि कई अपने घरों तक नहीं पहुँच पाए। अमृतसर स्टेशन जैसे स्थानों पर आई ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी विभाजन के कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी जो लोग भारत आए, उन्होंने परिश्रम और साहस के साथ जीवन में नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 14 अगस्त को स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि भी है। जूदेव जी ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल, और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन एवं अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों पर हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा पूरे देश में उत्साह और एकता का प्रतीक बन गया है। तिरंगा यात्राओं और हर-घर तिरंगा अभियान ने इसे जन-जन से जोड़ दिया है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता, विचारक एवं लेखक डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की पीड़ादायक घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सभी के एकजुट प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता और सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय के कष्ट, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों को अपने घर-परिवार छोड़कर पलायन करना पड़ा, जो एक बड़ा मानवीय संकट था।
कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ में 62.36 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ जिलेवासियों को 62 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 45 लोकार्पण कार्य एवं 19 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 70 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 5 करोड़ 25 लाख 11 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के पानीखेत से ऐडुकला मार्ग पर भेंगारी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं 6 करोड़ 39 लाख 6 हजार रुपए की लागत से लैलूंगा के पाकरगांव मार्ग पर खारून नदी पर पुल निर्माण कार्य, 28 करोड़ 53 लाख 29 हजार रुपए की लागत से खरसिया, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में सिंगल विलेज नलजल प्रदाय योजना, रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना एवं सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के कार्य, धरमजयगढ़ के बहिरकेला एवं लैलूंगा के लमडांड में 75-75 लाख रुपए की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम कोनपारा में 7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा धरमजयगढ़ के उपकेन्द्र खडग़ांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से सीएसपीडीसीएल 33/11 केवी, 3.15 एमव्हीए कार्य का लोकार्पण किया।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 13 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपए की लागत से जिले के 7 जगह धौराभांठा, तमनार, लैलूंगा, घटगांव, घरघोड़ा, बाकारूमा एवं धरमजयगढ़ में पो.मै.आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के स्थल कक्ष क्रमांक 643 आर.एफ. में वॉच टॉवर तथा 10 लाख 88 हजार रुपए की लागत से कक्ष क्रमांक 11 आर.एफ.कुमरता में पेट्रोलिंग कैम्प निर्माण कार्य, धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार रुपए की लागत से पुलिया, सीसी रोड, फुट वे निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड निर्माण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन एवं मंगल भवन के कार्य के साथ ही लैलूंगा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्रों में 3 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपए की लागत से 44 स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत कार्यों का भूमिपूजन किया।
बस्तर की प्रगति की पटरी पर तेज़ रफ़्तार दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना 97% कार्य संपन्न
रायपुर, 13 अगस्त 2025 बस्तर अंचल को राजधानी से सीधा रेल कनेक्शन देने वाली 95 किमी लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना दिसंबर तक पूरी होने की दिशा में है। 77.5 किमी लंबे तारोकी–रावघाट खंड में पुल निर्माण, ट्रैक बिछाने और अन्य कार्य अंतिम चरण में हैं।
इस रेल लाइन से बस्तर में पहली बार राजधानी तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी, जिससे यात्रियों की सुविधा, खनिज परिवहन और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। परियोजना के तहत 16 प्रमुख पुल, 19 रोड ओवर ब्रिज, 45 रोड अंडर ब्रिज और 176 छोटे पुल बन रहे हैं।
नक्सली हमलों और चुनौतियों के बावजूद एसएसबी सुरक्षा में तेज़ी से काम आगे बढ़ा। नवंबर तक तारोकी–रावघाट खंड पर ट्रेन चलने की संभावना है। इसके साथ ही बस्तर में रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
रणजीता स्टेडियम में 9 बजे मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे जशपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण
जशपुर, 13 अगस्त 2025 जिला मुख्यालय जशपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन रणजीता स्टेडियम जशपुर में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा।
स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह 15 अगस्त 2025 को प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण एवं सलामी, परेड का निरीक्षण, मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन, शहीद परिवार का सम्मान तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का सम्मान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया कैंप कार्यालय में सुनी जनता की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश..।
जशपुर 9 अगस्त 25 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने गृह ग्राम बगिया में शनिवार को स्थित सीएम कैंप कार्यालय में आमजनों की समस्याएं सुनी और आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दूर-दराज़ से आए ग्रामीणों ,महिला समूह, किसान, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुना
और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कई मामलों में तुरंत ही समाधान करते हुए लोगों को राहत प्रदान किया गया।
इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क शिक्षा और जन सुविधाओं, योजनाओं से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए ।
उन्होंने कहा कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया जनता के लिए सीधे संवाद और त्वरित समाधान का केंद्र है, जहां बिना किसी औपचारिकता के हर व्यक्ति अपनी बात रख सकता है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो और जनता को समयबद्ध समाधान मिले।इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग और समस्याएं लेकर पहुंचे और समाधान के बाद आभार जताया। सीएम कैंप कार्यालय आम लोगों की सेवा उनकी भावना से भरा रहा, जहां जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
