प्रदेश
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन,अटल जी के सुशासन के आदर्श आज भी देश, प्रदेश के लिए पथप्रदर्शक।
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।
छत्तीसगढ़ स्किल टेक से कौशल-आधारित निवेश को मिली रफ्तार, 13,690 करोड़ के प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम ने राज्य में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को नई गति दी है। कार्यक्रम के दौरान 13,690 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र रहा, जो राजनांदगांव जिले में प्रस्तावित है। इस परियोजना से लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, साथ ही तकनीकी, लॉजिस्टिक्स और सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य का विकास मॉडल निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को एक साथ जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंच युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
धर्मांतरण के विरोध में सर्व समाज का नगर बंद का आह्वान
सर्व समाज द्वारा बुधवार को शांतिपूर्ण नगर बंद का आह्वान किया गया है। समाजसेवी कृपाशंकर भगत ने बताया कि धर्मांतरण की साजिश में लगे कुछ लोगों द्वारा लगातार जनजातीय समाज की परंपराओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियाँ की जा रही हैं, जिससे शांति के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई घटना भी धर्मांतरण और जनजातीय समाज की आस्था से जुड़े मामलों का ही परिणाम है। ऐसी घटनाओं का असर केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों पर पड़ रहा है।
सर्व समाज का कहना है कि धर्मांतरण के विरुद्ध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध आवश्यक है। इसी के तहत 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के समर्थन में जशपुर नगर बंद की अपील की गई है।
सर्व समाज ने नगर के सभी व्यापारियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस शांतिपूर्ण बंद को समर्थन दें।
अवैध वनोपज परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सेमल लकड़ी से लदा आईशर ट्रक जप्त, 105 नग लट्ठे बरामद।
वन मंडलाधिकारी शशि कुमार के निर्देशन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वन विभाग की टीम ने सेमल लकड़ी से लदे एक आईशर ट्रक को जप्त कर बड़ी कार्रवाई की है।
वन मंडलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सघन गश्त एवं निगरानी अभियान के तहत दिनांक 20 दिसंबर 2025 की रात्रि लगभग 01.00 बजे एक आईशर ट्रक क्रमांक CG 04 PS 3426 को रोका गया। यह वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहा था।
वाहन की तलाशी के दौरान उसमें सेमल प्रजाति के कुल 105 नग लकड़ी के लट्ठे बिना किसी वैध अनुमति पत्र अथवा परिवहन पास के अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए। वाहन चालक बसंत सिंह परिहा, निवासी चकरभाठा, जिला बिलासपुर से पूछताछ करने पर वनोपज कटाई एवं परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के गश्ती दल द्वारा वाहन एवं उसमें लदी वनोपज को अवैध पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत जप्ती की कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त वाहन सहित वनोपज को अग्रिम कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र पत्थलगांव लाया गया है। प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ अंतर्गत राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ व्यापक विमर्श।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान “नई चेतना 4.0” के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज न्यू सर्किट हाउस, रायपुर में किया गया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह कार्यशाला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की सक्रिय भूमिका और भागीदारी को आवश्यक बताया।
मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अपने संबोधन में कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए विभागीय अभिसरण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र तथा अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए गए।
कांकेर जिले की स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही आयोजित दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली चुनौतियों तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ का मूल उद्देश्य है।
प्रदेश में छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति को नई गति: SSIP के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के उद्यमशील विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि विभागीय बजट में पूर्व से प्रावधानित थी, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।
स्वीकृत बजट के अंतर्गत i-Hub छत्तीसगढ़ के सुचारु संचालन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीटिंग्स और नवाचार जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
नीति के अंतर्गत छात्रों एवं नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा से प्रोटोटाइप तक पहुंचाने के लिए कॉन्सेप्ट वैलिडेशन के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, अध्ययन, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के माध्यम से बाजार सत्यापन, उत्पाद विकास, कानूनी एवं तकनीकी सहयोग तथा प्रारंभिक विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नवाचार सुरक्षित रहेंगे और स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट विजन है कि छत्तीसगढ़ को नवाचार एवं उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनाया जाए। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं के विचारों और क्षमताओं पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर देगा, जिससे न केवल नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशील सोच को सशक्त करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस निवेश से छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त होगी। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम: 1000 करोड़ से अधिक की सड़क–पुल परियोजनाओं की सौगात।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के सुशासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक जिला अस्पताल, मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। इससे जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सड़क–पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ रुपये तथा 22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त हाल ही में 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रुपये, 4 महत्वपूर्ण पुलों के लिए 13.69 करोड़ रुपये तथा 12 सड़कों के लिए 41.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है।
फरसाबहार क्षेत्र में 40.89 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति
करडेगा एवं फरसाबहार में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए स्कूल भवनों का निर्माण तथा मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्गों की स्वीकृति से जशपुर शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।
विद्युत क्षेत्र में सशक्त आधार
कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां 400 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों की स्थापना से जिले में विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, धान बोनस तथा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति की जानकारी भी दी।
कार्यकर्ताओं से जन-जन तक विकास पहुंचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक श्री रोहित साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक समरसता की अमर विरासत।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आदर्श आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना का सशक्त जीवन-दर्शन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाई तथा नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना कर जनमानस में आत्मसम्मान और मानवीय गरिमा का भाव विकसित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों का मार्गदर्शक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता, शांति एवं सौहार्द के साथ एक समृद्ध, सशक्त और समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
सुशासन के दो साल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल से जशपुर में सड़क क्रांति 623 सड़कों के लिए 986.90 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात, गांव-शहर का सफर हुआ सुगम।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने जिले को 623 सड़कों के निर्माण हेतु 986 करोड़ 90 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। यह पहल केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि गांव-गांव तक प्रगति की मजबूत नींव है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 108 सड़कों के लिए 634 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी से प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हो रही है। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 93 सड़कों के लिए 239 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत 29 सड़कों हेतु 76 करोड़ 20 लाख रुपये, जबकि ग्राम गौरव पथ योजना के तहत 17 सीसी रोड के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, गांव-मुहल्लों की आंतरिक सड़कों पर विशेष फोकस करते हुए 376 सीसी रोड निर्माण के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस विकासशील सोच का सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत, बच्चों के लिए स्कूल तक सुरक्षित पहुंच, मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और जर्जर सड़कों से राहत मिलना लोगों के लिए बड़ी सौगात साबित हो रही है।
करोड़ों की सौगात से बदली जशपुर की तस्वीर
सड़क निर्माण के इस व्यापक अभियान से वर्षों से कीचड़, गड्ढों और खराब सड़कों से जूझ रहे ग्रामीणों को मुक्ति मिल रही है। नई पक्की सड़कों से आवागमन आसान, सुरक्षित और तेज होगा, जिससे जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
जशपुर जिले में सड़क विकास की यह क्रांति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण है। गांव से शहर तक मजबूत सड़क नेटवर्क आने वाले वर्षों में जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस पर 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं भूमिपूजन।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि कसडोल विकासखंड के ग्राम सोनाखान पहुंचे। उन्होंने सोनाखान स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शहीद वीर नारायण सिंह के आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,पूर्व विधायक बिलाईगढ़ डॉ सनम जागड़े, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फाँसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। सोनाखान शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। राज्य सरकार सोनाखान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यहां पर चरणबद्ध विकास कार्यों को लगातार मंजूरी दी जा रही है।
UNICEF व NSS के संयुक्त तत्वाधान में "सुरक्षित लइका मान 3.0" के तहत ग्राम संपर्क अभियान आयोजित।
UNICEF और NSS (शासकीय महाविद्यालय आरा) के संयुक्त तत्वाधान में आज "सुरक्षित लइका मान 3.0" के अंतर्गत ग्राम संपर्क अभियान का सफल आयोजन जिला पंचायत आरा के केतार ग्राम में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के बीच स्वच्छता, पोषण, लैंगिक हिंसा रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य के विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
अभियान के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को साफ-सफाई के महत्व, संतुलित आहार, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा तनाव व मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों को इन विषयों पर पोस्टर, नारे और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं, किशोर-किशोरियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। स्वयंसेवकों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छ आदतों, पोषणयुक्त भोजन, सुरक्षित वातावरण और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को अपनाना आवश्यक है।
ग्राम के लोगों ने ऐसे जन-जागरूकता अभियान को समयानुकूल बताते हुए UNICEF व NSS टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
खेल से मिलती है अनुशासन की सीख : कौशल्या साय, कुडूकेला नॉकआउट फुटबॉल फाइनल में बेलटोली ने लोधमा को 3–1 से हराया, जीता खिताब....।
जशपुरनगर। स्थानीय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। लोधमा को 3–1 से हराकर बेलटोली की टीम ने शानदार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों के कौशल और टीमवर्क ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नियम पालन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को 51 हजार रुपए एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता की टीम को 31 हजार रुपए एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, डी.डी.सी. अनीता सिंह एवं मलिता बाई, जिला मंत्री संतोष सहाय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम, तुलाधार यादव, भारती भगत, असलम आजाद कार्यक्रम के अध्यक्ष, मोहम्मद जमीर स्लाम जिन्ना, सुशन्ति बैग, बसंत बैग,कुलदीप ,बेनी कश्यप,कलेश्वर सिंह, असनूलहक सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर कराने की योजना है।
लोगों ने जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को सराहा राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलक।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।
नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।
प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है।
राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया।
जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री उरांव को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री उरांव को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री उरांव ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव और पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय बोले – स्वदेशी से मजबूत होगा भारत फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकल फॉर वोकल” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की पूंजी देश में ही रहती है। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए भारत ने अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में कमी आई है, जिससे आमजन को राहत मिली है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम घटने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर ₹5500 कर दी गई है। कृषि और सिंचाई विकास हेतु ₹2800 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जारी है, वहीं रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में लगभग ₹2000 करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। ई-ऑफिस प्रणाली और सुशासन-अभिसरण विभाग से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जा रही है। नई उद्योग नीति के तहत छत्तीसगढ़ में ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर भारत ने पाकिस्तान को जवाब दिया।
विधायक गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है।
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मुख्यमंत्री की घोषणाएँ :मुख्यमंत्री साय ने मंच से कई विकास कार्यों की घोषणाएँ कीं —
तामामड़ा सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख
बरहाटुकू–घोनघोषा मार्ग पर पुल निर्माण
पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन
गारीघाट में मिनी स्टेडियम
मुंडाडीह में ₹25 लाख की लागत से सामुदायिक भवन
सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार
कोतेबीरा कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला निर्माण एवं विस्तार
पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को ₹25–25 हजार की अनुदान राशि
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, दुलारी सिंह, अनिता सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
