प्रदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम: 1000 करोड़ से अधिक की सड़क–पुल परियोजनाओं की सौगात।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के सुशासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक जिला अस्पताल, मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। इससे जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
सड़क–पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ रुपये तथा 22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त हाल ही में 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रुपये, 4 महत्वपूर्ण पुलों के लिए 13.69 करोड़ रुपये तथा 12 सड़कों के लिए 41.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है।
फरसाबहार क्षेत्र में 40.89 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति
करडेगा एवं फरसाबहार में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए स्कूल भवनों का निर्माण तथा मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्गों की स्वीकृति से जशपुर शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।
विद्युत क्षेत्र में सशक्त आधार
कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां 400 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों की स्थापना से जिले में विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, धान बोनस तथा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति की जानकारी भी दी।
कार्यकर्ताओं से जन-जन तक विकास पहुंचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक श्री रोहित साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक समरसता की अमर विरासत।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आदर्श आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना का सशक्त जीवन-दर्शन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाई तथा नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना कर जनमानस में आत्मसम्मान और मानवीय गरिमा का भाव विकसित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों का मार्गदर्शक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता, शांति एवं सौहार्द के साथ एक समृद्ध, सशक्त और समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।
सुशासन के दो साल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल से जशपुर में सड़क क्रांति 623 सड़कों के लिए 986.90 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात, गांव-शहर का सफर हुआ सुगम।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने जिले को 623 सड़कों के निर्माण हेतु 986 करोड़ 90 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। यह पहल केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि गांव-गांव तक प्रगति की मजबूत नींव है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 108 सड़कों के लिए 634 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी से प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हो रही है। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 93 सड़कों के लिए 239 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत 29 सड़कों हेतु 76 करोड़ 20 लाख रुपये, जबकि ग्राम गौरव पथ योजना के तहत 17 सीसी रोड के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, गांव-मुहल्लों की आंतरिक सड़कों पर विशेष फोकस करते हुए 376 सीसी रोड निर्माण के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस विकासशील सोच का सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत, बच्चों के लिए स्कूल तक सुरक्षित पहुंच, मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और जर्जर सड़कों से राहत मिलना लोगों के लिए बड़ी सौगात साबित हो रही है।
करोड़ों की सौगात से बदली जशपुर की तस्वीर
सड़क निर्माण के इस व्यापक अभियान से वर्षों से कीचड़, गड्ढों और खराब सड़कों से जूझ रहे ग्रामीणों को मुक्ति मिल रही है। नई पक्की सड़कों से आवागमन आसान, सुरक्षित और तेज होगा, जिससे जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
जशपुर जिले में सड़क विकास की यह क्रांति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण है। गांव से शहर तक मजबूत सड़क नेटवर्क आने वाले वर्षों में जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस पर 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं भूमिपूजन।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि कसडोल विकासखंड के ग्राम सोनाखान पहुंचे। उन्होंने सोनाखान स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शहीद वीर नारायण सिंह के आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,पूर्व विधायक बिलाईगढ़ डॉ सनम जागड़े, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फाँसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। सोनाखान शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। राज्य सरकार सोनाखान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यहां पर चरणबद्ध विकास कार्यों को लगातार मंजूरी दी जा रही है।
UNICEF व NSS के संयुक्त तत्वाधान में "सुरक्षित लइका मान 3.0" के तहत ग्राम संपर्क अभियान आयोजित।
UNICEF और NSS (शासकीय महाविद्यालय आरा) के संयुक्त तत्वाधान में आज "सुरक्षित लइका मान 3.0" के अंतर्गत ग्राम संपर्क अभियान का सफल आयोजन जिला पंचायत आरा के केतार ग्राम में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के बीच स्वच्छता, पोषण, लैंगिक हिंसा रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य के विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
अभियान के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को साफ-सफाई के महत्व, संतुलित आहार, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा तनाव व मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों को इन विषयों पर पोस्टर, नारे और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं, किशोर-किशोरियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। स्वयंसेवकों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छ आदतों, पोषणयुक्त भोजन, सुरक्षित वातावरण और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को अपनाना आवश्यक है।
ग्राम के लोगों ने ऐसे जन-जागरूकता अभियान को समयानुकूल बताते हुए UNICEF व NSS टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
खेल से मिलती है अनुशासन की सीख : कौशल्या साय, कुडूकेला नॉकआउट फुटबॉल फाइनल में बेलटोली ने लोधमा को 3–1 से हराया, जीता खिताब....।
जशपुरनगर। स्थानीय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। लोधमा को 3–1 से हराकर बेलटोली की टीम ने शानदार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों के कौशल और टीमवर्क ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नियम पालन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को 51 हजार रुपए एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता की टीम को 31 हजार रुपए एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, डी.डी.सी. अनीता सिंह एवं मलिता बाई, जिला मंत्री संतोष सहाय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम, तुलाधार यादव, भारती भगत, असलम आजाद कार्यक्रम के अध्यक्ष, मोहम्मद जमीर स्लाम जिन्ना, सुशन्ति बैग, बसंत बैग,कुलदीप ,बेनी कश्यप,कलेश्वर सिंह, असनूलहक सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर कराने की योजना है।
लोगों ने जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को सराहा राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलक।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।
नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।
प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है।
राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया।
जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री उरांव को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री उरांव को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री उरांव ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव और पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय बोले – स्वदेशी से मजबूत होगा भारत फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकल फॉर वोकल” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की पूंजी देश में ही रहती है। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए भारत ने अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में कमी आई है, जिससे आमजन को राहत मिली है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम घटने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर ₹5500 कर दी गई है। कृषि और सिंचाई विकास हेतु ₹2800 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जारी है, वहीं रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में लगभग ₹2000 करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। ई-ऑफिस प्रणाली और सुशासन-अभिसरण विभाग से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जा रही है। नई उद्योग नीति के तहत छत्तीसगढ़ में ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर भारत ने पाकिस्तान को जवाब दिया।
विधायक गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है।
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मुख्यमंत्री की घोषणाएँ :मुख्यमंत्री साय ने मंच से कई विकास कार्यों की घोषणाएँ कीं —
तामामड़ा सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख
बरहाटुकू–घोनघोषा मार्ग पर पुल निर्माण
पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन
गारीघाट में मिनी स्टेडियम
मुंडाडीह में ₹25 लाख की लागत से सामुदायिक भवन
सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार
कोतेबीरा कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला निर्माण एवं विस्तार
पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को ₹25–25 हजार की अनुदान राशि
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, दुलारी सिंह, अनिता सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय और उनकी धर्मपत्नी ने अस्तांचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य,दुलदुला छठ घाट से प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला। यह पर्व लोक आस्था, पवित्रता और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दुलदुला क्षेत्रवासियों की मांग पर छठ घाट के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि अगले छठ पर्व तक घाट का कायाकल्प कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुनकुरी छठ घाट के लिए लगभग 5 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि से सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है, जिससे श्रद्धालु महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं।
श्री साय ने कहा कि “क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से ही मैं विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री बना हूं। उनकी समस्याओं को भलीभांति समझता हूं और समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रहा हूं।”
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसपी शशिमोहन सिंह, जनप्रतिनिधि, व्रती महिलाएं और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विशेष लेख : रानीदाह जलप्रपात- जशपुर की धरती पर प्रकृति का अनमोल उपहार।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं।
बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।
रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं।
जब उनके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।
प्रकृति प्रेमियों और सैर-सपाटे के शौकीनों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत, मनोरम और छायादार पिकनिक स्थल है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल झरने की भव्यता का आनंद लेते हैं, बल्कि आसपास के गाँवों की लोकसंस्कृति, संगीत और आतिथ्य से भी प्रभावित होते हैं।
रानीदाह जलप्रपात जशपुर की आत्मा का प्रतीक है — जहाँ प्रकृति की सुंदरता, इतिहास की गहराई और लोककथाओं का आकर्षण एक साथ जीवंत हो उठता है। यदि आप कभी जशपुर आएँ, तो इस दिव्य स्थल का भ्रमण अवश्य करें और प्रकृति के इस अनुपम उपहार का अनुभव स्वयं करें।
जशपुर जिले को बड़ी सौगात, कांसाबेल–बगीचा मार्ग के निर्माण कार्य के 29 करोड़ 37 लाख रूपए की दी मंजूरी, क्षेत्र वासियों ने सीएम साय का जताया आभार.....।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। वर्ष 2025-26 के बजट में कांसाबेल–बगीचा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क लगभग 39 किलोमीटर लंबी होगी,जिसके लिए 29 करोड़ 37 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इस मार्ग के मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुलिया निर्माण भी शामिल है।इस सड़क निर्माण से कांसाबेल, बगीचा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन की सुविधा में बड़ी राहत मिलेगी।खासकर यह मार्ग कांसाबेल विकासखंड के क्षेत्र वासियों को बगीचा तक आवागमन के लिए सुगम होगी,वहीं यह मार्ग जशपुर जिले को सरगुजा जिले को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग भी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि –“प्रदेश के हर जिले में सड़क और आधारभूत संरचना का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश सरकार का संकल्प है।इस स्वीकृति के साथ जशपुर जिले के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोहरई करमा महोत्सव में हुए शामिल ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।
सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान
सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री श्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीपावली और गोवर्धन पूजा की दी हार्दिक शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आशा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली को स्वदेशी भावना के साथ, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मनाएं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के प्रति हमारी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली और गोवर्धन पूजा का यह पावन अवसर छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली, समृद्धि और विकास की नई रोशनी लेकर आएगा तथा हर घर में आनंद, शांति और उजाला फैलाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश......।
दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने स्थानीय बाजार पहुंचकर कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी की। उन्होंने मिट्टी के दीयों से अपना घर रोशन करने का संदेश दिया और कहा कि इस दीपावली हर घर में स्वदेशी दीप जलाएं।
उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों व उद्योगों को सशक्त बनाएं।
श्रीमती साय ने कहा कि दीपावली खुशियों और उमंग का पर्व है। इस अवसर पर स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है और रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों व छोटे व्यापारियों की दीपावली को भी उजाला दें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू 01 नवंबर को पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे।
अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।
राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा।
विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है।
राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ने जनदर्शन में सुनी आम जनता की समस्याएं अधिकारियों को दिए निर्देश।
अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों का गंभीरता से अवलोकन किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनका समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। जनदर्शन के दौरान आज लगभग 32 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व प्रकरण, साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका संबंधी और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने संबंधित आवेदन शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती धान खरीदी, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सख्त निर्देश — कहा, जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में 9 घंटे चली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में शासन की योजनाओं, जनहित कार्यों और सुशासन पर मंथन हुआ। बैठक की शुरुआत समय से पहले करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया — “जनहित के कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की नीतियों का अंतिम उद्देश्य जनता तक योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुँचाना है। उन्होंने जिलों में परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने और केवल रिपोर्ट आधारित कार्य से बचने की नसीहत दी।
धान खरीदी पर सख्त चेतावनी
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी, इसके लिए सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अनियमितता पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सीमावर्ती जिलों में अवैध धान आवाजाही रोकने और निगरानी हेतु इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के उपयोग के निर्देश दिए।
शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष बल देते हुए 100 प्रतिशत प्रसव संस्थागत कराने, टीकाकरण की फील्ड वेरिफिकेशन और मैटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य करने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग को ड्रॉपआउट शून्य करने, 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और आधार आधारित APAR ID पंजीयन पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए।
जनजातीय विकास और योजनाओं की गति पर बल
‘धरती आबा अभियान’ और ‘पीएम जनमन योजना’ के अंतर्गत 2026 तक सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय इलाकों में सभी विभाग समन्वय से कार्य करें, ताकि गाँव आत्मनिर्भर बन सकें।
स्वच्छता, पेयजल और आवास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-1.0 के शेष मकान 31 दिसंबर तक पूर्ण किए जाएँ और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो। उन्होंने चेताया कि “केवल कागज़ी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जाएगी, फील्ड विज़िट अनिवार्य हैं।”
कौशल विकास और रोजगार पर नई दिशा
मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा विभाग को युवाओं के लिए राज्य स्तरीय रोजगार मेला आयोजित करने और प्रत्येक जिले में स्किल गैप एनालिसिस कर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए।
ई-सेवाएं और जवाबदेही पर सख्ती
लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत सभी सेवाओं का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने और सभी कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए गए।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा
“प्रशासनिक जिम्मेदारी केवल योजनाओं के निष्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, संवाद और जवाबदेही का विषय भी है। सुशासन का अर्थ है — जनता का विश्वास।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती, जनहित योजनाओं में पारदर्शिता और सुशासन पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में रविवार को आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में मुख्य सचिव, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य जनता तक लाभ पहुँचाना है और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल रिपोर्टों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वास्तविक परिणाम जनता तक दिखाई देने चाहिए।
धान खरीदी के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य 15 नवंबर से शुरू होगा और सभी तैयारियाँ समय पर पूरी की जाएँ। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे और प्रत्येक केंद्र की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी। अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए पंजीयन और शिविरों के माध्यम से लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि बस्तर और सरगुजा संभाग में योजना की प्रगति की सतत समीक्षा की जाए। ऊर्जा विभाग के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचना चाहिए और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक फाइनेंस सुविधा सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उन्होंने जोर दिया कि सभी अस्पतालों में 100 प्रतिशत प्रसव सुनिश्चित हों और टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए। मैटरनल डेथ ऑडिट अनिवार्य किया जाएगा और एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित व प्रभावी होना चाहिए। वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया और हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने कहा। शिक्षा विभाग के संदर्भ में उन्होंने ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया। शिक्षण सामग्री कक्षा में उपयोग हो और छात्रों की उपस्थिति नियमित मॉनिटर की जाए।
बीजापुर जिले में स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ने और ड्रॉपआउट घटने की सराहना करते हुए उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए ताकि छात्रवृत्ति, गणवेश और किताबें वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाने की भी घोषणा की, जिसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग की जाएगी और परीक्षा परिणाम सुधार के लिए ठोस योजना बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री से मिला फेडरेशन व संघ का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल, संवाद कार्यालय में अभद्रता और तोड़फोड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय, नवा रायपुर में विभागीय अपर संचालक संजीव तिवारी के साथ हुई अभद्रता, झूमाझटकी, गाली-गलौज और कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना के विरोध में आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन और छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह घटना केवल एक अधिकारी पर हमला नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संस्थागत गरिमा और अनुशासन पर सीधा प्रहार है।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि पत्रकारिता की आड़ में भयादोहन और ब्लैकमेलिंग की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जो लोकतंत्र और वास्तविक पत्रकारिता दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य में शासकीय सेवकों की सुरक्षा हेतु एक सशक्त कानून बनाने की मांग की, ताकि अधिकारी-कर्मचारी भयमुक्त होकर जनहित के कार्य कर सकें और दोषियों को कठोर दंड मिले।
उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि सभी शासकीय कार्यालयों, विशेषकर इंद्रावती भवन में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाए तथा प्रवेश द्वारों पर आधुनिक सुरक्षा जांच उपकरण लगाए जाएँ।
छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रवक्ता एवं जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा कि किसी भी शासकीय कार्यालय में घुसकर हिंसक व्यवहार करना, गाली-गलौज करना और अधिकारी को घर जाकर धमकाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। ऐसी घटनाएँ न केवल भय और असुरक्षा का वातावरण बनाती हैं, बल्कि शासन की कार्यकुशलता और मनोबल को भी प्रभावित करती हैं।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है, जो शासन की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अतः इस विभाग के अधिकारी पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों और शासन की गरिमा पर सीधा प्रहार है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अभद्रता करने वाले तत्वों पर पूर्व में भी दंडात्मक कार्रवाई की गई है, किंतु वे पत्रकारिता की आड़ में पुनः अधिकारियों को धमका रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि “दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार इस प्रकार की घटनाओं को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।”
मुख्यमंत्री से भेंट करने वाले प्रतिनिधिमंडल में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक जे.एल. दरियो, उमेश मिश्रा, संयुक्त संचालक पवन गुप्ता, उपसंचालक घनश्याम केशरवानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभ - वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने ली ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक।
नवा रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य के नागरिकों को जीएसटी की घटी दरों का त्वरित लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुँचना चाहिए, ताकि हर परिवार को वास्तविक बचत और व्यापारियों को राहत मिल सके।
वित्त मंत्री चौधरी ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे।
गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा।
उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं। इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके।
यह बैठक वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ. पी. चौधरी, वित्त सचिव मुकेश बंसल तथा आयुक्त, राज्य कर पुष्पेन्द्र मीणा की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत के पैरा-एथलीट्स ने रचा नया इतिहास 2025 में जीते 22 पदक कठोर परिश्रम और अटूट संकल्प से गूँजा भारत का परचम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत के पैरा-एथलीट्स ने अदम्य जज़्बे और अथक परिश्रम के बल पर विश्व पटल पर नया इतिहास रच दिया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारतीय दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 22 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भारतीय पैरा-एथलीट्स के इस गौरवपूर्ण प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हमारे पैरा-एथलीट्स ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प अडिग हो और मेहनत निरंतर, तब कोई भी मंज़िल असंभव नहीं होती। यह प्रदर्शन न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी विजेता खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता “नए भारत की नई उड़ान” का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को अपने पैरा-एथलीट्स पर गर्व है, जिन्होंने दुनिया के सामने भारतीय जज़्बे की नई परिभाषा लिखी है।
डबरी ने खोले समृद्धि के द्वार, दुलार सिंह का सपना हुआ साकार
जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत जाटा के बहेराडीह के दुलार सिंह खेत में एक डबरी बनाने से ही खेती और पशुपालन में होने वाली बढ़ौत्तरी का सजीव उदाहरण बन गए हैं। दुलार सिंह ने यह डबरी भी मनरेगा योजना के माध्यम से बनवाई है। ग्रामीण जीवन का आधार सदैव कृषि और पशुपालन रहा है, परंतु इन दोनों ही कार्यों की आत्मा जल है । यदि जल की व्यवस्था सुदृढ़ हो जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वयं सशक्त हो जाती है। इसी सोच को श्री दुलार सिंह ने साकार रूप दिया है।
डबरी निर्माण होने से पूर्व श्री दुलार सिंह को अपने खेतों की सिंचाई हेतु जल की कमी रहती थी, जिससे सीमित फसल ही ले पाते थे। इसके अलावा बतख पालन, मछली पालन एवं धान की खेती की सिंचाई करने के लिए हमेशा पानी की कमी को महसूस करते आ रहे थे, ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से ग्राम पंचायत जाटा में श्री दुलार सिंह के खेत पर डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत ग्राम जाटा के किसान श्री दुलार सिंह द्वारा अपनी निजी भूमि पर डबरी निर्माण कार्य कराया गया। इस कार्य के लिए 2.14 लाख की प्रशासकीय राशि स्वीकृत की गई इसका कार्य प्रारंभ हुआ और जून 2024 को पूर्ण हुआ। इसमें कुल 380 मानव दिवसों के सृजन से 37 श्रमिक परिवारों को 92,577 की मजदूरी प्राप्त हुई। इससे न केवल रोजगार सृजन हुआ बल्कि जल संरक्षण और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि हुई। अब डबरी में वर्षा जल का संचयन होने से वर्षभर खेतों की सिंचाई सुचारू रूप से हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य पालन एवं पशुपालन शुरू किया, जिससे अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी बना।
श्री दुलार सिंह बताते हैं कि मनरेगा योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण से अब मेरी खेती सिंचित हो रही है। इससे धान के साथ-साथ मेढ़ पर सब्ज़ियाँ भी उगा पा रहा हूँ। डबरी में रोहू एवं पंगास मछली 2 कि.ग्रा. मछली के बीज डाले गये है। आगामी माह में मछली 01 किलो होने के बाद इन्होने बाजार में बिक्री करेंगे, जिससे आमदनी प्राप्त होगी। श्री दुलार सिंह अपने निर्मित डबरी के मेंड़ पार पर हल्दी एवं तिल का फसल लगाया हुआ है, जिसे वह हल्दी एवं तिल को अपने घर के लिये उपयोग करेंगे। मत्स्य पालन और पशुपालन से घर की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ग्राम पंचायत सरपंच एवं रोजगार सहायक ने बताया कि इस कार्य से गांव के अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली है। ग्रामीण अब अपनी भूमि पर जल संरक्षण संरचनाएँ बनवाने हेतु आगे आ रहे हैं। इस डबरी निर्माण कार्य ने न केवल श्री दुलार सिंह के जीवन में स्थायी आजीविका का आधार तैयार किया है, बल्कि यह मनरेगा के उद्देश्य रोजगार के साथ स्थायी संपत्ति निर्माण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।
नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर, प्रदेश में सेना भर्ती रैली का प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की राह आसान बना रहा है नव संकल्प शिक्षण संस्थान युवा कर रहे परीक्षाओं की तैयारी।
कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित नव संकल्प शिक्षण संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए नई राह और नई उम्मीद लेकर आया है। यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है, बल्कि कई युवाओं ने यहां से तैयारी कर सरकारी नौकरियों में सफलता भी हासिल की है।
संस्थान में प्रशिक्षण के साथ आवास एवं भोजन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में यहां सीजीपीएससी, एसएससी जनरल ड्यूटी और व्यापम की प्रतियोगी परीक्षाओं की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इनमें 60 छात्र-छात्राएं सीजीपीएससी, 50 एसएससी जनरल ड्यूटी और 90 व्यापम परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
संस्थान में प्रतियोगी छात्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए साप्ताहिक टेस्ट का आयोजन कर उन्हें लगातार आंका और सुधार किया जाता है। सीजीपीएससी परीक्षार्थियों के लिए मुख्य परीक्षा की तैयारी पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही यूपीएससी एवं पीएससी से चयनित जिला स्तरीय अधिकारी समय-समय पर यहां आकर मार्गदर्शन देते हैं, जिससे विद्यार्थियों को प्रेरणा और दिशा मिल सके।
संस्थान में पुस्तकालय सह पठन कक्ष की भी व्यस्था किया जा रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर हो सके। इसके अलावा डबल लर्निंग क्लासेस संचालित किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राएं अतिरिक्त अभ्यास कर सफलता की राह पर और मजबूती से आगे बढ़ सकें।
खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बना देश का आदर्श राज्य।
रायपुर, 06 अक्टूबर 2025
खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।
छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।
वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।
संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।
खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।
गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में हुए शामिल।
रायपुर 06 अक्टूबर 2025
शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है।
उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है।
इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व में,गणेश विसर्जन हादसे के पीड़ितों को मिली त्वरित राहत राशि, 32 लाख की सहायता राशि वितरित।
जशपुर/बगीचा,04 अक्टूबर 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के निर्देश पर गणेश विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मृत चार लोगों एवं 24 घायलों के परिजनों को कुल ₹32 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई।
प्रशासनिक अमले और भाजपा जनप्रतिनिधियों ने आज जूरूडाड पहुँचकर पीड़ित परिवारों के घर-घर जाकर राशि वितरण किया। यह कार्यवाही सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रतीक बनी।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार मृतक परिवारों को ₹5 लाख प्रति परिवार तथा घायलों को ₹50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। इस त्वरित राहत कार्य में तहसीलदार श्री महेश्वर उईके, नायब तहसीलदार श्री मिश्रा, तहसील स्टाफ एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
भाजपा जनप्रतिनिधियों ने कहा
“मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा की सरकार केवल सत्ता में नहीं, बल्कि जनता के दिलों में है। यह सरकार हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़ी रहती है।”
मुकेश शर्मा, जिला महामंत्री, भाजपा
“यह सहायता राशि केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक है। संकट के समय भाजपा सरकार मौन नहीं, मैदान में उतरती है।”
अरविंद गुप्ता, जनपद उपाध्यक्ष
पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री श्री साय जी, जिला प्रशासन एवं भाजपा संगठन के प्रति आभार जताते हुए कहा
“यह सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि समय पर हर वादा निभाती है — यही है ‘जनता की सरकार, जनता के लिए।"
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा उपहार सात करोड़ से बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडिटोरियम।
जशपुर 30 अगस्त 2024
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा अनुरूप जशपुर शहर में आधुनिक सुविधाओं से लैस ऑडीटोरियम निर्माण के लिए 7 करोड़ रूपये की स्वीकृति देते हुए बजट जारी कर दिया है। नगर पालिक के अधिकारी ने बताया कि इस निर्माण कार्य के लिए नगर सरकार ने तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर निविदा जारी कर दिया है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
*यह होगा आडोटोरियम से लाभ*
अभी तक जिला मुख्यालय में बड़े आयोजन के लिए जगह की कमी महसूस की जा रही थी। शहर में आयोजित होने वाले किसी भी बड़े सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक आयोजन का पूरा बोझ फिलहाल रणजीता स्टेडियम और वशिष्ठ कम्युनिटी हाल पर है। रणजीता स्टेडियम में स्ट्रोटर्फ ग्रास और एलईडी डिस्प्ले लगाने की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दिलीप सिंह जूदेव स्मृति फुटबाल टूर्नामेंट के दौरान कर चूके है।आडोटोरियम के बन जाने से शहरवासियो को एक अच्छा विकल्प मिल सकेगा।
*यहां बनेगा ऑडीटोरियम और मिलेगी ऐसी सुविधा*
आडोटोरियम का निर्माण शहर के सारुडीह मोड़ के पास बंद पड़े हुए दुग्ध संयंत्र के पीछे में किया जाएगा। इसके लिए ढाई एकड़ जमीन चिन्हकित कर लिया गया है। 500 सीट क्षमता वाले इस आडोटोरियम में पार्किंग के साथ बेहतर लाइट व्यवस्था और बुनियादी सुविधा उयलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री की पहल से दुर्योधन राम को मिला नया सहारा 10 साल पुराने जख्म पर बनेगा कृत्रिम पैर, रायपुर में होगा इलाज।
जशपुर, 21 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से दुर्योधन राम की जिंदगी एक बार फिर नई मुस्कान से भर उठेगी। लगभग 10 वर्ष पूर्व हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दुर्योधन का दायां पैर काटना पड़ा था। यह घटना उनके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने उनकी पीड़ा को समझते हुए उन्हें रायपुर इलाज के लिए भेजने का निर्णय लिया है, जहां उनके लिए कृत्रिम पैर लगाया जाएगा।
मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले ग्राम बोकी कारीताला निवासी दुर्योधन के लिए यह दुर्घटना मानो जीवन पर पहाड़ टूटने जैसा थी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अच्छे अस्पताल में इलाज कराना उनके लिए बेहद कठिन था। उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही थी कि उन्हें कृत्रिम पैर मिल सके ताकि उसे अपने कामकाज में आसानी हो। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर अपनी व्यथा साझा की और कृत्रिम पैर लगवाने का निवेदन किया। आवेदन पर संजीदगी से संज्ञान लेते हुए कैंप कार्यालय ने तुरंत पहल की और उन्हें इलाज हेतु रायपुर भेजने का प्रबंध किया। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए दुर्योधन राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आम जनता की तकलीफों को अपना समझते हैं। कैंप कार्यालय हमेशा ही आम आदमी की मदद के लिए तत्पर रहता है।
कैंप कार्यालय में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझते लोगों को मिलती है तत्काल मदद
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन के लिए उम्मीद और सहारा का केंद्र बन चुका है। यहां स्वास्थ्य की समस्या से जुझते बगिया पहुंचने वाले जरूरतमंद लोगों को हर संभव मदद भी सुनिश्चित की जाती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सुलभ, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन" की शुरुआत की है। यह हेल्पलाइन सेवा जिले के उन लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो लंबे समय से गंभीर बीमारियों या इलाज के अभाव में परेशान थे।
सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्राप्त आवेदन अनुसार अब तक इस पहल के अंतर्गत 2856 मरीजों को इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सलाह, दवाइयाँ, अस्पताल में भर्ती की सुविधा, रेफरल सेवा और आवश्यकतानुसार एंबुलेंस की व्यवस्था कराई जा चुकी है।
राज्यपाल श्री डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न
रायपुर, 20 अगस्त 2025
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वश्री गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब एवं श्री राजेश अग्रवाल को दी शुभकामनाएँ
रायपुर, 20 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य श्री गजेंद्र यादव, श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा श्री राजेश अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी मंत्रियों के उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामूहिक सहयोग और प्रतिबद्धता के बल पर जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
नहीं चलेगी ‘पेशी पर पेशी’, लंबित राजस्व मामलों पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय।
रायपुर, 19 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब “पेशी पर पेशी” का दौर खत्म हो। सभी प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री साय ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर्स और संभागायुक्तों की बैठक ली। इस दौरान नामांतरण, सीमांकन, बंटवारे, अभिलेख दुरुस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन और डायवर्सन से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को अनावश्यक आर्थिक और समय की हानि होती है। इसलिए अधिकारियों को जनता की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रकरणों का समाधान शीघ्र करना होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरण ई-कोर्ट में दर्ज किए जाएं ताकि उनकी मॉनिटरिंग आसान हो सके। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और भारतमाला जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण की लंबित प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के आदेश भी दिए।
बस्तर संभाग के जिलों में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर से जुड़ी परियोजनाओं पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे की प्रगति पर भी चर्चा की और सभी पात्र किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रजत महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को जनभागीदारी का उत्सव बनाया जाए। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर और राजस्व कैम्प जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पीड़िता 90 वर्षीय चाका बाई को मिला श्रवण यंत्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद।
जशपुरनगर, 19 अगस्त 2025
90 वर्षीय चाका बाई की चेहरे से झलकती मुस्कराहट बता रही है कि उनके जीवन में खुशियां फिर से लौट आई है। उम्र के इस दौर में शारीरिक परेशानियों का आना स्वाभाविक है और ऐसे समय में की गई सहायता बुजुर्गों के लिए बड़ी सहारा बनती है। ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही चाका बाई मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंची। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें उनकी परेशानियों का समाधान यहां पर अवश्य मिलेगा और हुआ भी ऐसा ही, कैंप कार्यालय से उन्हें तत्काल मदद मिली और उसे श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
ग्राम पंचायत जामचुआं, तहसील कुनकुरी निवासी चाका बाई ठीक से सुनाई नहीं देने की समस्या से जूझ रही थी। उन्होंने कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्याओं को साझा किया। कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदन पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया।
श्रवण यंत्र पाकर चाका बाई ने अपनी प्रसन्नता जाहिर की और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को आशीर्वाद दिया है। गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।
भिलाई को 241.50 करोड़ की सौगात, स्टेट कैपिटल रीजन से विकास की नई गति : मुख्यमंत्री साय
भिलाई, 19 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को भिलाई में कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना से रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव सहित पूरे अंचल में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे नगरीय सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय भिलाई नगर निगम क्षेत्र में 241.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने भिलाई नगर निगम के नए कार्यालय भवन के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा भी की।
शासन की प्राथमिकता : सुशासन और डिजिटलाइजेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव में किए गए अटल विश्वास पत्र के वादों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं और आने वाले छह माह में पांच हजार और पंचायतें इससे जुड़ जाएंगी। 24 अप्रैल 2026 पंचायती राज दिवस तक प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें इस सुविधा से जुड़ जाएंगी।
महिलाओं, किसानों और मजदूरों को सीधा लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 20 महीनों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है।
किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित है।
महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे 70 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
रामलला दर्शन योजना में अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या यात्रा कर चुके हैं।
नगरीय विकास में ऐतिहासिक निवेश
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि प्रदेश में सरकार गठन के बाद से 7 हजार करोड़ रुपये नगरीय निकायों के विकास के लिए स्वीकृत किए गए हैं। अकेले भिलाई नगर निगम को 470 करोड़ रुपये मिले हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली है, जिसके चलते प्रदेश के सात नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्वच्छता पुरस्कार और छोटे शहरों की श्रेणी में 58 शहरों को सम्मान मिला है।
आमजन को मिला सम्मान और सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पार्षद श्रीमती स्मृति दोड़के को स्वच्छता वार्ड के लिए शील्ड प्रदान की। इसके अलावा –
प्रधानमंत्री आवास योजना के 9 हितग्राहियों को गृह प्रवेश प्रमाणपत्र
पीएम सूर्य घर योजना के 3 हितग्राहियों को प्रमाणपत्र
दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर
महिला स्व-सहायता समूहों को चेक
वूमेन फॉर ट्री योजना के तहत राधारानी महिला समूह को प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, नगर निगम महापौर नीरज पाल, विधायक ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू और पूर्व विधायक लाभचंद बाफना सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री घोषणा के 1.71 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की राशि को मिली स्वीकृति
जशपुर, 18 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शासन की स्थापना से लेकर निरन्तर जशपुर जिले के विकास के कार्य किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्रामों से लेकर हर गांव-नगर सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, यातायात, पर्यटन, अधोसंरचनात्मक विकास जैसे क्षेत्रों में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहना कर क्षेत्र के विकास हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा मद से 01 करोड़ 71 लाख 99 हज़ार रूपयों के विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें महाकुल यादव समाज बगीचा के वृंदावन भवन के विस्तार हेतु 50 लाख रूपये, ग्राम पंचायत नारायणपुर में अघोरेश्वर आश्रम के प्रवेश द्वार निर्माण हेतु 10 लाख रूपये, तपकरा के स्टेडियम में युवाओं की सुविधा के लिए समतलीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं जिम निर्माण हेतु 12 लाख रूपये एवं किलकिला धाम के शिव मंदिर में भव्य प्रवेश द्वार एवं बाउंड्री वाल निर्माण हेतु 99.99 लाख रूपयों की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई है।
जशपुर जंक्शन विशेष : भक्तिभाव और धर्म का महापर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी।
जशपुर जंक्शन विशेष : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : भक्तिभाव और धर्म का महापर्व
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन मानी गई है। शास्त्रों में इसे अष्टमी तिथि का महान योग कहा गया है, क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी नीच राशि कन्या में, रोहिणी नक्षत्र में विराजमान होते हैं और वहीं देवकीनंदन श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था।
*शास्त्रसम्मत महत्व*
भागवत पुराण, विष्णु पुराण, हरिवंश पुराण और महाभारत में विस्तार से वर्णन मिलता है कि जब पृथ्वी पापाचार और अधर्म से व्याकुल हो उठी, तब भगवान विष्णु ने 8वें अवतार के रूप में श्रीकृष्ण रूप धारण किया।
श्रीमद्भागवत में कहा गया है –
"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥"
अर्थात जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं।
*उपवास और पूजन-विधि*
शास्त्रों में जन्माष्टमी पर उपवास का विशेष महत्व बताया गया है। नारदीय पुराण के अनुसार अष्टमी तिथि के दिन प्रातः स्नान कर भगवान कृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। दिनभर निराहार रहकर रात्रि में नंदोत्सव के समय, रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के क्षण पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
*पूजन-विधि के अनुसार*
पंचामृत से बालकृष्ण का अभिषेक करें।
तुलसीदल, माखन-मिश्री, धूप-दीप और पुष्प अर्पित करें।
शंख-घंटा-घड़ियाल बजाकर "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र से आराधना करें।
रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करना अत्यंत शुभ माना गया है।
*सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समावेश*
जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि भक्ति और अध्यात्म का संगम है। इस दिन माखन-चोरी की लीलाओं के माध्यम से श्रीकृष्ण का बालरूप, रास-लीला के माध्यम से माधुर्य भाव, और गीता-ज्ञान के माध्यम से जीवन-दर्शन प्रकट होता है।
शास्त्रों के अनुसार कृष्ण केवल लीला पुरुषोत्तम ही नहीं, बल्कि कर्म, ज्ञान और भक्ति—तीनों मार्गों के समन्वयक हैं। यही कारण है कि जन्माष्टमी का पर्व धर्म, नीति, प्रेम और परमार्थ का अद्वितीय संदेश देता है।
जन्माष्टमी हमें यह बोध कराती है कि जीवन में अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, धर्म और सत्य की स्थापना अवश्य होती है। श्रीकृष्ण के उपदेश और लीलाएँ आज भी समाज को कर्तव्य, प्रेम और समरसता की ओर प्रेरित करती हैं।
*छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव – संस्कृति और गौरव का होगा भव्य उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*
रायपुर, 16 अगस्त 2025।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। यह आयोजन आगामी 25 सप्ताह (15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक) पूरे प्रदेश में जनभागीदारी और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि समूचे प्रदेश का उत्सव है। इसमें हर वर्ग, हर समाज और हर आयु वर्ग की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि यदि हम सब मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपने को आगे बढ़ाएँगे, तो मंज़िल अवश्य मिलेगी।
*अटल जी को किया याद*
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों से छत्तीसगढ़ का गठन हुआ। बीते 25 वर्षों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है।
*बस्तर ओलंपिक और पंडुम भी होंगे शामिल*
साय ने बताया कि रजत महोत्सव के दौरान प्रदेश के लोकप्रिय ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे पारंपरिक आयोजन भी होंगे। ये स्थानीय खेलों और लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा देंगे।
*किसानों और विकास की उपलब्धियाँ*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण से पहले किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता था, लेकिन अब धान की खरीद ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। पिछले दो वर्षों में किसानों के खातों में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी ₹21 हजार करोड़ से बढ़कर ₹5 लाख करोड़ तक पहुँच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में ₹10 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।
नई औद्योगिक नीति से फार्मा, सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में अब तक ₹6 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है।
*25 सप्ताह तक कार्यक्रमों की श्रृंखला*
रजत महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न विभागों और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से 25 सप्ताह तक विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रत्येक विभाग को एक-एक सप्ताह का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि गाँव-गाँव तक शासकीय योजनाओं की जानकारी पहुँच सके।
*विशेषांक, लोगो और पोर्टल का लोकार्पण*
इस अवसर पर रजत महोत्सव विशेषांक, लोगो और वेब पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।
*संस्कृति विभाग का स्वागत उद्बोधन*
संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने कहा कि यह अवसर हमारे इतिहास को पुनर्जीवित करने और अपनी संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और गरीब तबके की भागीदारी पर विशेष बल दिया।
*गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी*
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, पुरंदर मिश्रा, राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, केशकला बोर्ड अध्यक्ष मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन, संस्कृति विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
गायत्री परिवार जिला ट्रस्ट द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ बगीचा में मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन।
बगीचा, 15 अगस्त 2025
अखिल विश्व गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी वर्ष को दृष्टिगत रखते हुए गायत्री प्रज्ञापीठ बगीचा में गायत्री परिवार ट्रस्ट, जिला जशपुर की टोली द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन संपन्न हुआ।
बैठक की शुरुआत गायत्री महामंत्र से हुई।परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में आयोजित उक्त बैठक में बताया गया कि जन्मशताब्दी वर्ष का कार्य सुचारू रूप से जारी है। साथ ही गायत्री प्रज्ञापीठ मंदिर प्रबंधन समिति की गतिविधियों के लिए आवश्यक कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। समिति पंजीयन में विलंब होने के कारण जशपुर के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल करने पर जोर दिया गया।
जिला ट्रस्ट के द्वारा गायत्री प्रज्ञापीठ मंदिर व्यवस्थापन समिति का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें विभिन्न पदों पर निम्नलिखित जिम्मेदारियां सौंपी गईं ।
समन्वयक – श्रीमती रीना बरला
सह-समन्वयक – श्रीमती कीर्तन सिंह
कोषाध्यक्ष – रमेश गुप्ता
आंदोलन प्रमुख – दर्शन जिंदल
देवालय प्रबंधन – श्रीमती बलवती देवी यादव
संगठन प्रमुख – अच्युतानंद यादव
वित्त – मदन जायसवाल
व्यवस्थापक – संतोष कुमार सोनी
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने मंदिर एवं संगठन के कार्यों को गति देने और सामूहिक सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे सप्त सूत्रीय आंदोलन एवं मिशन की गतिविधियों को सुचारु रुप से उत्साह के साथ क्रियान्वित करने का संकल्प लिया गया।गायत्री परिवार जशपुर के जिला समिति से पधारे सहादुल सिंह,एमएस पैंकरा,धर्मेंद्र गुप्ता,जेएन सिंह ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मिशन के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।
मुख्यमंत्री श्री साय भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आयोजित भारत विभाजन विभीषिका दिवस – राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस की जाती है। उस दौर की घटनाओं को याद करना आज भी मन को उद्वेलित कर देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभाजन के समय लाखों लोगों को अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर होना पड़ा तथा अनेक स्थानों पर हिंसा और अशांति का सामना करना पड़ा। कुछ लोग सुरक्षित अपने देश लौट सके, जबकि कई अपने घरों तक नहीं पहुँच पाए। अमृतसर स्टेशन जैसे स्थानों पर आई ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी विभाजन के कठिन दौर की याद दिलाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में भी जो लोग भारत आए, उन्होंने परिश्रम और साहस के साथ जीवन में नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 14 अगस्त को स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि भी है। जूदेव जी ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में राज्यमंत्री के रूप में योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल, और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन एवं अभिनन्दन समारोह का आयोजन किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग के मूल्यों पर हमें स्वतंत्रता प्राप्त हुई। स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त तिरंगे का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर बीते कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा पूरे देश में उत्साह और एकता का प्रतीक बन गया है। तिरंगा यात्राओं और हर-घर तिरंगा अभियान ने इसे जन-जन से जोड़ दिया है।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य वक्ता, विचारक एवं लेखक डॉ. सदानंद सप्रे ने कहा कि विभाजन के समय की पीड़ादायक घटनाएं इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम सभी के एकजुट प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता और सुदृढ़ होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ उस समय के कष्ट, विस्थापन और चुनौतियों को भी याद रखना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों को अपने घर-परिवार छोड़कर पलायन करना पड़ा, जो एक बड़ा मानवीय संकट था।
कार्यक्रम के समापन पर संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धरमजयगढ़ में 62.36 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले धरमजयगढ़ प्रवास के दौरान रायगढ़ जिलेवासियों को 62 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 42 करोड़ 99 लाख रुपए की लागत से 45 लोकार्पण कार्य एवं 19 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से 70 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 5 करोड़ 25 लाख 11 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के पानीखेत से ऐडुकला मार्ग पर भेंगारी नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य एवं 6 करोड़ 39 लाख 6 हजार रुपए की लागत से लैलूंगा के पाकरगांव मार्ग पर खारून नदी पर पुल निर्माण कार्य, 28 करोड़ 53 लाख 29 हजार रुपए की लागत से खरसिया, लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ क्षेत्र में सिंगल विलेज नलजल प्रदाय योजना, रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना एवं सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के कार्य, धरमजयगढ़ के बहिरकेला एवं लैलूंगा के लमडांड में 75-75 लाख रुपए की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विकासखण्ड घरघोड़ा के ग्राम कोनपारा में 7 लाख की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा धरमजयगढ़ के उपकेन्द्र खडग़ांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से सीएसपीडीसीएल 33/11 केवी, 3.15 एमव्हीए कार्य का लोकार्पण किया।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने 13 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपए की लागत से जिले के 7 जगह धौराभांठा, तमनार, लैलूंगा, घटगांव, घरघोड़ा, बाकारूमा एवं धरमजयगढ़ में पो.मै.आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य, 20 लाख 33 हजार रुपए की लागत से धरमजयगढ़ के स्थल कक्ष क्रमांक 643 आर.एफ. में वॉच टॉवर तथा 10 लाख 88 हजार रुपए की लागत से कक्ष क्रमांक 11 आर.एफ.कुमरता में पेट्रोलिंग कैम्प निर्माण कार्य, धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार रुपए की लागत से पुलिया, सीसी रोड, फुट वे निर्माण, आरसीसी पुलिया निर्माण, शेड निर्माण, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन एवं मंगल भवन के कार्य के साथ ही लैलूंगा, धरमजयगढ़ एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्रों में 3 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपए की लागत से 44 स्वास्थ्य केंद्रों के मरम्मत कार्यों का भूमिपूजन किया।
बस्तर की प्रगति की पटरी पर तेज़ रफ़्तार दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना 97% कार्य संपन्न
रायपुर, 13 अगस्त 2025 बस्तर अंचल को राजधानी से सीधा रेल कनेक्शन देने वाली 95 किमी लंबी दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना दिसंबर तक पूरी होने की दिशा में है। 77.5 किमी लंबे तारोकी–रावघाट खंड में पुल निर्माण, ट्रैक बिछाने और अन्य कार्य अंतिम चरण में हैं।
इस रेल लाइन से बस्तर में पहली बार राजधानी तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू होगी, जिससे यात्रियों की सुविधा, खनिज परिवहन और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। परियोजना के तहत 16 प्रमुख पुल, 19 रोड ओवर ब्रिज, 45 रोड अंडर ब्रिज और 176 छोटे पुल बन रहे हैं।
नक्सली हमलों और चुनौतियों के बावजूद एसएसबी सुरक्षा में तेज़ी से काम आगे बढ़ा। नवंबर तक तारोकी–रावघाट खंड पर ट्रेन चलने की संभावना है। इसके साथ ही बस्तर में रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
रणजीता स्टेडियम में 9 बजे मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे जशपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण
जशपुर, 13 अगस्त 2025 जिला मुख्यालय जशपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन रणजीता स्टेडियम जशपुर में लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा।
स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह 15 अगस्त 2025 को प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण एवं सलामी, परेड का निरीक्षण, मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन, शहीद परिवार का सम्मान तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का सम्मान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बगिया कैंप कार्यालय में सुनी जनता की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश..।
जशपुर 9 अगस्त 25 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने गृह ग्राम बगिया में शनिवार को स्थित सीएम कैंप कार्यालय में आमजनों की समस्याएं सुनी और आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दूर-दराज़ से आए ग्रामीणों ,महिला समूह, किसान, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुना
और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कई मामलों में तुरंत ही समाधान करते हुए लोगों को राहत प्रदान किया गया।
इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क शिक्षा और जन सुविधाओं, योजनाओं से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए ।
उन्होंने कहा कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया जनता के लिए सीधे संवाद और त्वरित समाधान का केंद्र है, जहां बिना किसी औपचारिकता के हर व्यक्ति अपनी बात रख सकता है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो और जनता को समयबद्ध समाधान मिले।इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग और समस्याएं लेकर पहुंचे और समाधान के बाद आभार जताया। सीएम कैंप कार्यालय आम लोगों की सेवा उनकी भावना से भरा रहा, जहां जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
जशपुर जंक्शन : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में विद्युत अधोसंरचना का तेज़ी से हो रहा विस्तार
जशपुर, 6 अगस्त 2025
12 नए सबस्टेशन और सैकड़ों किलोमीटर बिजली लाइनों को मिली स्वीकृति
कुनकुरी के हर्राडांड में बनेगा प्रदेश का पाँचवां सबसे बड़ा सबस्टेशन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विद्युत अधोसंरचना का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। खासकर जिले के आदिवासी व दूरस्थ क्षेत्रों तक बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 12 नए विद्युत सबस्टेशन और सैकड़ों किलोमीटर विद्युत लाइनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में कुनकुरी के हर्राडांड में 400/220 केवी क्षमता का सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ राज्य का पाँचवां सबसे बड़ा सबस्टेशन होगा। वहीं बगीचा झिकी और फरसाबहार में 132/33 केवी सबस्टेशन की भी मंजूरी मिल गई है।
अधोसंरचना विस्तार से रोशन होगाजिला
● पत्थलगांव डिवीजन में
1 ग्राम रेडे
लागत: ₹3.08 करोड़
3.15 MVA सबस्टेशन
33 केवी लाइन: 8 किमी, 11 केवी लाइन: 20 किमी
2 ग्राम पालीडीह
लागत: ₹3.13 करोड़
33 केवी लाइन: 2.5 किमी, 11 केवी लाइन: 12 किमी
3.ग्राम खुटेरा
लागत: ₹2.25 करोड़
33 केवी लाइन: 1 किमी, 11 केवी लाइन: 7 किमी
4.ग्राम चेटबा
लागत: ₹2.52 करोड़
33 केवी लाइन: 2 किमी, 11 केवी लाइन: 10 किमी
● कुनकुरी डिवीजन में:
1.ग्राम सलियाटोली
लागत: ₹2.88 करोड़
33 केवी लाइन: 6 किमी, 11 केवी लाइन: 13 किमी
2.ग्राम विपतपुर
लागत: ₹2.80 करोड़
33 केवी लाइन: 16 किमी, 11 केवी लाइन: 18 किमी
3 ग्राम भगोरा
लागत: ₹2.50 करोड़
33 केवी लाइन: 5 किमी, 11 केवी लाइन: 12 किमी
4.ग्राम समडमा
लागत: ₹2.91 करोड़
33 केवी लाइन: 16 किमी, 11 केवी लाइन: 3 किमी
● जशपुर डिवीजन में:
1. ग्राम मैनी
लागत: ₹2.50 करोड़
33 केवी लाइन: 1.4 किमी, 11 केवी लाइन: 20.5 किमी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता और संवेदनशील नेतृत्व में जिले के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और सतत बिजली की सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। अधोसंरचना विस्तार से न केवल घरेलू उपयोगकर्ताओं को लाभ होगा, बल्कि औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
"हर घर रोशन, हर गांव प्रगति की राह पर" – इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जशपुर जिले में विद्युत विकास के यह प्रयास ऐतिहासिक कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।
जशपुर जंक्शन:छत्तीसगढ़ बाल आयोग ने बच्ची से "राधे-राधे" बोलने पर पिटाई के मामले में लिया संज्ञान, प्रिंसिपल और प्रबंधक को किया तलब
रायपुर,06 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दुर्ग जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बागडूमर स्थित मदर टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल में नर्सरी कक्षा की छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। छात्रा को "राधे-राधे" बोलने पर स्कूल प्रिंसिपल द्वारा उसके मुँह पर टेप चिपकाने और छड़ी से पिटाई करने का आरोप सामने आया है।
यह मामला 1 अगस्त 2025 को विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ था। उसी दिन आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 13(जे) और 14 के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रकरण दर्ज किया और तुरंत कार्यवाही प्रारंभ कर दी।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि इस तरह की घटना न केवल बच्ची और उसके परिवार के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत बच्चों के प्रति क्रूरता की श्रेणी में आता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी।
आयोग ने स्कूल के प्राचार्य और प्रबंधक को आगामी 14 अगस्त 2025 को दोपहर 12:30 बजे आयोग के समक्ष तलब किया है। साथ ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी, दुर्ग और थाना प्रभारी, नंदिनी को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। पीड़िता और उसके पालकों से मिलकर बच्ची के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति का प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
उल्लेखनीय है कि आयोग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए समाचार प्रकाशन के उसी दिन इस मामले पर नोटिस जारी कर दिया था।
यह मामला शिक्षा संस्थानों में बच्चों की स्वतंत्रता और धार्मिक अभिव्यक्ति के अधिकारों पर गहरा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है, जिसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विकास कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करें :कलेक्टर रोहित व्यास
सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकास कार्यों की कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक
जशपुर 06 अगस्त 2025
कलेक्टर रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अधिकारियों की एक बैठक लेकर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के तहत संचालित विकासकार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने समस्त कार्यों को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने और समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर व्यास ने जनपद पंचायत सीईओ को जिन सरपंचों और सचिवों ने राशि आहरण के बाद भी कार्य नहीं कराया है, उनसे वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक निर्माण कार्य की जानकारी के लिए नागरिक सूचना पटल लगाने हेतु भी निर्देशित किया। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने आवागमन की सुविधा के लिए सीसी रोड, पुल-पुलिया के निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर हरिओम द्विवेदी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जशपुर संजय सिंह सहित जनपद पंचायतों के सीईओ मौजूद थे।
एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान,मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
रायपुर 06 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में चलाए गए 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में हमारे देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाईयों के सम्मान में "एक राखी सैनिक भाईओं के नाम' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के बुलबुल, गाइड और रेंजर बहनों द्वारा हस्त निर्मित राखियां सैनिक भाईयों के लिए प्राप्त हुई है। ये राखियां हमारे सैनिक भाइयों को प्रेषित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अभियान 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के बच्चे देश की रक्षा में सीमा पर डटे जवानों को रक्षासूत्र भेज रहे हैं। इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और हमारे जवानों को भी भावनात्मक संबल मिलेगा ।
इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, श्री मुरली शर्मा, श्री कैलाश सोनी, श्री समीर शेख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।
समस्या@आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन,मानदेय बढ़ोतरी और सुविधाओं की मांग को लेकर जताई पीड़ा।
जशपुर, 01 अगस्त 2025
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक ज्ञापन भेजकर अपनी वर्षों पुरानी मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। ज्ञापन में उन्होंने मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ, और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि देशभर की लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य कर रही हैं, जबकि वे कुपोषण, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, और प्राथमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को जमीनी स्तर पर निभा रही हैं। लेकिन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उन्हें ना तो उचित वेतन दिया जा रहा है और ना ही स्थायी कर्मी का दर्जा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं
1 मानदेय वृद्धि:आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को न्यूनतम ₹26,000 और सहायिका को ₹22,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
2.स्थायीकरण:50 वर्ष की आयु तक की कार्यरत महिलाओं को स्थायी किया जाए तथा सेवा शर्तें निर्धारित की जाएं।
3.सेवानिवृत्ति लाभ:सेवानिवृत्त। होने वाली कार्यकर्ताओं को एकमुश्त राशि के रूप में पेंशन और ग्रेच्युटी दी जाए।
4 पदोन्नति:वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर पद पर पदोन्नति दी जाए।
5 डिजिटल काम का मानदेय: पोषण ट्रैकर, एफआरएस, ई-केवाईसी जैसे डिजिटल कामों के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाए।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही संभव है, लेकिन उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा गया है। कई कार्यकर्ता लगभग 25-30 वर्षों से सेवा दे रही हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा नहीं मिल रही। जशपुर के बगीचा ब्लॉक की कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा और मांगों को विस्तार से लिखा है। उन्होंने अपील की है कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द निर्णय ले।
