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जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी : दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
इस अवसर पर विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
सबसे दूर, सबसे पहले: नारायणपुर के 262 आदिवासी गाँवों में पहुँचेगा विकास'जनजाति गरिमा उत्सव' का शंखनाद
छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी।
*तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर*
इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
*एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ*
18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।"
*जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील*
कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से
वंचित न रहे।
धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल राजस्व मंत्री के हाथों मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है।
*समाधान शिविर से मिला नया जीवन*
ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।
बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा।
*त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ*
शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,नया राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।
मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं
इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है।
पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।
“लखपति से करोड़पति दीदी” बनने का मुख्यमंत्री ने दिया मंत्र, महिलाओं को उद्यम विस्तार के लिए किया प्रेरित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। श्रीमती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया।
मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी श्रीमती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।
जशपुर में भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान का भव्य शुभारंभ
भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान” के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ रविवार को पत्थलगांव स्थित मैरिज गार्डन में भव्य रूप से हुआ। प्रशिक्षण वर्ग के प्रथम दिवस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
कार्यशाला में जिलेभर से भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा-प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर पूरे दिन वैचारिक एवं संगठनात्मक सत्रों का दौर चलता रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रथम सत्र में “हमारा इतिहास-विकास” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्रसेवा और अंत्योदय की भावना से कार्य करने वाला संगठन है। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ काम करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महापुरुषों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए संगठन की मजबूत नींव रखी। आज उसी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत के कारण भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति परिवारवाद या तुष्टिकरण नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद, सुशासन और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के “अंत्योदय” के विचार को आत्मसात करते हुए सरकार अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का कार्य कर रही है।
द्वितीय सत्र में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने “कार्यपद्धति” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए संगठनात्मक अनुशासन एवं बूथ सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।
महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री श्रीमती फूलेश्वरी पैकरा ने “कार्यकर्ता विकास – गुण, आचरण और दायित्व बोध” विषय पर संबोधित करते हुए सेवा, समर्पण और अनुशासन के साथ संगठन कार्य करने की प्रेरणा दी।
वहीं संभागीय प्रभारी अवधेश चंदेल ने “विचार-परिवार” विषय पर भाजपा की राष्ट्रवादी विचारधारा एवं संगठनात्मक मूल्यों पर प्रकाश डाला। पूर्व जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सिन्हा ने व्यवहारिक सत्र में कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क और संगठन संचालन के महत्वपूर्ण सूत्र बताए।
प्रशिक्षण वर्ग के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं भाजपा जिला अध्यक्ष भरत सिंह ने की।
जिला भाजपा मीडिया प्रभारी फैज़ान सरवर खान ने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे दिन चले सत्रों में संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति, सेवा कार्य, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्यकर्ता विकास पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
जशपुर जिले के 417 ग्रामों में जनजातीय गरिमा उत्सव का आयोजन।
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के अंतर्गत जशपुर जिले के 417 धरती आबा ग्राम तथा पीएम जनमन ग्रामों में व्यापक स्तर पर जनजातीय गरिमा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक संचालित होगा।
इस अभियान के तहत 18 मई 2026 को जिला कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में सभी विभाग प्रमुखों तथा एसडीएम की बैठक आयोजित की जाएगी । 19 मई से 24 मई तक जिले के 42 क्लस्टर में संतृप्तिकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा ।
21 से 23 मई तक आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम होंगे जहाँ लोग अपनी समस्याएं बतायेंगे तथा उसका वहीं निवारण किया जाएगा ।
उक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना, हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना तथा जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा एवं गौरव को सम्मान देना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद, हितग्राही संतृप्तिकरण शिविर एवं विभिन्न विभागों द्वारा सेवा प्रदाय गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पारंपरिक मुखिया, जनजातीय कलाकार, युवा समूह, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सहभागिता करेंगे। उत्सव के दौरान जनजातीय लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, योजनाओं की जानकारी, हितग्राही अनुभव साझा करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा अभियान के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर बड़ा ऐलान “नर्सिंग सिस्टर” अब कहलाएंगी “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर”
अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के नर्सिंग संवर्ग के सम्मान में बड़ा निर्णय लेते हुए पदनाम परिवर्तन की घोषणा की है। अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा।
यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं तथा अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की सेवा करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कोविड काल को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। मंत्री ने कहा कि “चिकित्सा सेवा में नर्स माँ के समान होती है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं।”
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और वर्षों से लंबित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित समस्त नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की गई।
07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम।
रायपुर, 07 मई 2026/
छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।
*प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान*
इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना।
*विकास के तीन मुख्य स्तंभ*
रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।
*तकनीक और सहभागिता से सुशासन*
अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया । अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है।
अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी। ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा।
देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।
वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% शुल्क छूट महिला सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके नाम पर कराए जा रहे भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी करने का फैसला लिया है। माननीय मुख्यमंत्री जी श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में माननीय पंजीयन मंत्री श्री ओ पी चौधरी की पहल पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया .मंत्रिपरिषद द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दिेये जाने के उपरान्त अधिसूचना प्रकाशन से यह छूट प्रभावशील हो गई है।इस निर्णय से महिलाओं के नाम संपत्ति के रजिस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा जिससे महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा.
अधिसूचना के अनुसार, महिलाओं के पक्ष में निष्पादित अचल संपत्ति अंतरण से जुड़े दस्तावेजों पर लागू पंजीयन शुल्क में पचास फीसदी की छूट दी जाएगी। वर्तमान में ऐसे दस्तावेजों पर संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क लिया जाता है। अब महिलाओं के नाम पर होने वाले रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क दो प्रतिशत लगेगा।
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए यह एक दूरदर्शी और सकारात्मक पहल है। वर्ष 2024-25 में महिलाओं के नाम पर 82,755 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है।नए प्रावधान के लागू होने से अनुमानित रूप से करीब 200 करोड़ रुपये के राजस्व में कमी आ सकती है।राजस्व में कमी के बावजूद महिलाओं को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।इस निर्णय से महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत होगी।
वर्षों का इंतजार खत्म, दाराखरिका में ट्रांसफार्मर लगा—ग्रामीणों में खुशी की लहर।
जशपुरनगर 7 मई 2026/
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के निर्देश के बाद दाराखरिका में वर्षों से लंबित विद्युत समस्या का समाधान हो गया है।यहां के माध्यमिक शाला के पास जहां खंभे तो वर्षों पहले लगा दिए गए थे, लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी, वहां अब ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है।ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से इस मुहल्ले में लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। खंभे लगने के बावजूद ट्रांसफार्मर नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार विभाग को अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही।
आखिरकार स्थानीय ग्रामीणों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आवेदन के माध्यम से अपनी समस्या रखी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर संबंधित विभाग ने दाराखरिका में ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी।इस कार्य के पूरा होते ही क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
ग्रामीणों ने कहा कि “कई वर्षों से जो सपना अधूरा था, वह आज पूरा हुआ है। अब हमें नियमित बिजली मिल रही है, जिससे दैनिक जीवन और बच्चों की पढ़ाई दोनों में सुविधा होगी।”ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्देश और मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की सक्रियता से यह संभव हो पाया।ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री एवं कैंप कार्यालय के प्रति सदैव आभारी रहेंगे।
सिमड़ा ग्राम पंचायत में ग्रामवासियों ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश में सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में दुलदुला विकास खंड के ग्राम पंचायत सिमड़ा में सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में सामूहिक स्वच्छता श्रमदान किया गया जिसमें समस्त अधिकारी कर्मचारी ग्राम पंचायत के ग्रामीण एवं जनप्रधिनिधि उपस्थित रहे।
स्वच्छता अभियान के तहत गांव के परिसर की साफ सफाई की गई और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश के मात्र 3 दिन भीतर बच्चों को मिली क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार के दौरान 03 मई को दिए गए निर्देशों पर त्वरित अमल करते हुए प्रशासन ने आज ग्राम भैंसामुड़ा गांव के बच्चों को क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस वितरित की। मुख्यमंत्री के निर्देशों का इतने कम समय में पालन होने पर खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने लिए बड़ी सौगात बताया। मुख्यमंत्री श्री साय अपने जशपुर जिला प्रवास के दौरान पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल मैदान पहुंचे थे।
यहां उन्होंने बच्चों को क्रिकेट खेलते देखा और उनके उत्साह से प्रभावित होकर स्वयं मैदान में उतरकर बच्चों के साथ क्रिकेट खेला। इस दौरान उन्होंने बच्चों से संवाद कर उनकी खेल के प्रति रुचि और नियमित अभ्यास के बारे में जानकारी ली। बच्चों में खेल के प्रति बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के बच्चों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गांव में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की थी।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज बच्चों को खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई। सामग्री मिलने के बाद खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला और उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का बच्चों के बीच पहुंचना और उनके साथ समय बिताना गांव के खिलाड़ियों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है। गांव के सरपंच रोशन प्रताप सिंह एवं समाजसेवी रम्मू शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल क्रिकेट किट ही नहीं दी, बल्कि ग्रामीण बच्चों के सपनों को नई पहचान और उड़ान देने का काम किया है। उन्होंने बताया कि खेल सामग्री और प्रस्तावित मिनी स्टेडियम से गांव की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर 22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए।
छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से फूलों की वैज्ञानिक खेती किसानों के लिए मुनाफे का बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के कोड़केल गांव के किसान आनंदराम सिदार ने गेंदा फूल की खेती कर अपनी तकदीर बदल दी है।
पहले आनंदराम सिदार धान की खेती करते थे, जहां 10 क्विंटल उत्पादन से उन्हें लगभग 31 हजार रुपए की आय होती थी और लागत निकालने के बाद मात्र 22 हजार रुपए का लाभ मिलता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर में गेंदा की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई।
वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलने के बाद उन्होंने करीब 44 क्विंटल गेंदा फूल का उत्पादन किया। इस उत्पादन से उन्हें 3 लाख रुपए से अधिक की आमदनी प्राप्त हुई, जो धान की खेती की तुलना में कहीं अधिक लाभकारी साबित हुई।
आनंदराम सिदार की सफलता से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और अब फूलों की खेती को एक बेहतर विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में जोखिम जरूर लगा, लेकिन विभागीय सहयोग और सही देखरेख से उन्हें बड़ी सफलता मिली है।
उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों से किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-के वाय सी कार्य में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-के वाय सी पूर्ण कर लिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों तथा कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ;मनरेगा के तहत श्रमिकों की ई.केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल वेरिफिकेशन (e-KYC) पूरी की गई है जो भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के सतत नेतृत्व, मॉनिटरिंग और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। राज्य में योजनाबद्ध ढंग से अभियान चलाकर ई-के वाय सी की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को समयबद्ध रूप से इससे जोड़ा जा सका।
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों में से 56 लाख से अधिक का ई-के वाय सी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण एवं उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-के वाय सी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान एवं योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-के वाय सी से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। श्री शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश को 100 प्रतिशत e-KYC (ई - के वाय सी) लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।
प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से यह सफलता हासिल हुई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।
