प्रदेश

धर्मांतरण के विरोध में सर्व समाज का नगर बंद का आह्वान

 

 

सर्व समाज द्वारा बुधवार को शांतिपूर्ण नगर बंद का आह्वान किया गया है। समाजसेवी कृपाशंकर भगत ने बताया कि धर्मांतरण की साजिश में लगे कुछ लोगों द्वारा लगातार जनजातीय समाज की परंपराओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियाँ की जा रही हैं, जिससे शांति के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई घटना भी धर्मांतरण और जनजातीय समाज की आस्था से जुड़े मामलों का ही परिणाम है। ऐसी घटनाओं का असर केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों पर पड़ रहा है।

सर्व समाज का कहना है कि धर्मांतरण के विरुद्ध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध आवश्यक है। इसी के तहत 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के समर्थन में जशपुर नगर बंद की अपील की गई है।

सर्व समाज ने नगर के सभी व्यापारियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस शांतिपूर्ण बंद को समर्थन दें।

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अवैध वनोपज परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सेमल लकड़ी से लदा आईशर ट्रक जप्त, 105 नग लट्ठे बरामद।

 

 

वन मंडलाधिकारी शशि कुमार के निर्देशन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वन विभाग की टीम ने सेमल लकड़ी से लदे एक आईशर ट्रक को जप्त कर बड़ी कार्रवाई की है।

वन मंडलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सघन गश्त एवं निगरानी अभियान के तहत दिनांक 20 दिसंबर 2025 की रात्रि लगभग 01.00 बजे एक आईशर ट्रक क्रमांक CG 04 PS 3426 को रोका गया। यह वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहा था।

वाहन की तलाशी के दौरान उसमें सेमल प्रजाति के कुल 105 नग लकड़ी के लट्ठे बिना किसी वैध अनुमति पत्र अथवा परिवहन पास के अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए। वाहन चालक बसंत सिंह परिहा, निवासी चकरभाठा, जिला बिलासपुर से पूछताछ करने पर वनोपज कटाई एवं परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।

वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के गश्ती दल द्वारा वाहन एवं उसमें लदी वनोपज को अवैध पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत जप्ती की कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त वाहन सहित वनोपज को अग्रिम कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र पत्थलगांव लाया गया है। प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव द्वारा की जा रही है।

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राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ अंतर्गत राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ व्यापक विमर्श।

 

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान “नई चेतना 4.0” के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज न्यू सर्किट हाउस, रायपुर में किया गया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह कार्यशाला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की सक्रिय भूमिका और भागीदारी को आवश्यक बताया।

मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अपने संबोधन में कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए विभागीय अभिसरण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र तथा अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।

कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए गए।

कांकेर जिले की स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही आयोजित दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली चुनौतियों तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ का मूल उद्देश्य है।

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प्रदेश में छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति को नई गति: SSIP के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति

 

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के उद्यमशील विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि विभागीय बजट में पूर्व से प्रावधानित थी, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।

स्वीकृत बजट के अंतर्गत i-Hub छत्तीसगढ़ के सुचारु संचालन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीटिंग्स और नवाचार जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।

नीति के अंतर्गत छात्रों एवं नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा से प्रोटोटाइप तक पहुंचाने के लिए कॉन्सेप्ट वैलिडेशन के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, अध्ययन, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के माध्यम से बाजार सत्यापन, उत्पाद विकास, कानूनी एवं तकनीकी सहयोग तथा प्रारंभिक विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।

छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नवाचार सुरक्षित रहेंगे और स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट विजन है कि छत्तीसगढ़ को नवाचार एवं उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनाया जाए। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं के विचारों और क्षमताओं पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर देगा, जिससे न केवल नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशील सोच को सशक्त करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस निवेश से छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त होगी। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम: 1000 करोड़ से अधिक की सड़क–पुल परियोजनाओं की सौगात।

 

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के सुशासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक जिला अस्पताल, मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। इससे जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सड़क–पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ रुपये तथा 22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त हाल ही में 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रुपये, 4 महत्वपूर्ण पुलों के लिए 13.69 करोड़ रुपये तथा 12 सड़कों के लिए 41.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है।

फरसाबहार क्षेत्र में 40.89 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति

करडेगा एवं फरसाबहार में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए स्कूल भवनों का निर्माण तथा मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्गों की स्वीकृति से जशपुर शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।

विद्युत क्षेत्र में सशक्त आधार

कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां 400 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों की स्थापना से जिले में विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, धान बोनस तथा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति की जानकारी भी दी।

कार्यकर्ताओं से जन-जन तक विकास पहुंचाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक श्री रोहित साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक समरसता की अमर विरासत।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आदर्श आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना का सशक्त जीवन-दर्शन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाई तथा नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना कर जनमानस में आत्मसम्मान और मानवीय गरिमा का भाव विकसित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों का मार्गदर्शक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता, शांति एवं सौहार्द के साथ एक समृद्ध, सशक्त और समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सौर ऊर्जा स्ट्रीट लाइट से गांव-गांव रोशन।

 

 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इस पहल से गांव-गांव रोशन हो रहे हैं और हर गली व हर मोहल्ला प्रकाश से जगमगा उठा है। सौर स्ट्रीट लाइटों से न केवल गांवों की तस्वीर बदली है, बल्कि ग्रामीण जीवन भी अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हुआ है।

फरसाबहार ब्लॉक के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सुरक्षा की दृष्टि से गांवों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए कैंप कार्यालय की पहल पर सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई और इसका प्रभावी क्रियान्वयन किया गया।

फरसाबहार ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम फरसाबहार, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा, गारीघाट एवं भगोरा सहित अन्य गांवों में सौर स्ट्रीट लाइट की स्थापना से स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पहले जहां अंधेरे के कारण रात के समय आवागमन में कठिनाइयां होती थीं, अब पर्याप्त रोशनी से ग्रामीणों को सुरक्षित वातावरण मिल रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी बिना भय के रात में बाहर निकल पा रहे हैं।

स्ट्रीट लाइट लगने से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ी है। रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध होने से सतर्कता बढ़ी है और मानव–हाथी संघर्ष की घटनाओं में कमी आई है। ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधियों का समय रहते आभास हो जाता है, जिससे जान–माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण यह पहल पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है। स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा के उपयोग की दिशा में यह एक सशक्त कदम है। ग्रामीणों ने इस जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सौर स्ट्रीट लाइटों से उनके गांवों में सुरक्षा, सुविधा और विकास की नई रोशनी आई है, जिससे दैनिक जीवन अधिक सहज और सुरक्षित हुआ है।

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सुशासन के दो साल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल से जशपुर में सड़क क्रांति 623 सड़कों के लिए 986.90 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात, गांव-शहर का सफर हुआ सुगम।

 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने जिले को 623 सड़कों के निर्माण हेतु 986 करोड़ 90 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। यह पहल केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि गांव-गांव तक प्रगति की मजबूत नींव है।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 108 सड़कों के लिए 634 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी से प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हो रही है। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 93 सड़कों के लिए 239 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत 29 सड़कों हेतु 76 करोड़ 20 लाख रुपये, जबकि ग्राम गौरव पथ योजना के तहत 17 सीसी रोड के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, गांव-मुहल्लों की आंतरिक सड़कों पर विशेष फोकस करते हुए 376 सीसी रोड निर्माण के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस विकासशील सोच का सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत, बच्चों के लिए स्कूल तक सुरक्षित पहुंच, मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और जर्जर सड़कों से राहत मिलना लोगों के लिए बड़ी सौगात साबित हो रही है।

करोड़ों की सौगात से बदली जशपुर की तस्वीर

सड़क निर्माण के इस व्यापक अभियान से वर्षों से कीचड़, गड्ढों और खराब सड़कों से जूझ रहे ग्रामीणों को मुक्ति मिल रही है। नई पक्की सड़कों से आवागमन आसान, सुरक्षित और तेज होगा, जिससे जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

जशपुर जिले में सड़क विकास की यह क्रांति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण है। गांव से शहर तक मजबूत सड़क नेटवर्क आने वाले वर्षों में जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस पर 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं भूमिपूजन।

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

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मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि कसडोल विकासखंड के ग्राम सोनाखान पहुंचे। उन्होंने सोनाखान स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शहीद वीर नारायण सिंह के आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,पूर्व विधायक बिलाईगढ़ डॉ सनम जागड़े, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फाँसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। सोनाखान शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। राज्य सरकार सोनाखान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यहां पर चरणबद्ध विकास कार्यों को लगातार मंजूरी दी जा रही है।

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बिहार के युवाओं का जागरण — डॉ. चिन्मय पण्ड्या, खान सर और नित्यानंद राय की प्रेरणा से गूंज उठा बापू सभागार।

 

 

पटना। बिहार की आध्यात्मिक और वैचारिक जागृति का इतिहास रचते हुए बापू सभागार आज युवाओं के अभूतपूर्व महाकुंभ का साक्षी बना। प्रांतीय युवा प्रकोष्ठ, अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित YOUTH EMPOWERMENT–2025 कार्यक्रम में 10 से 12 हजार से अधिक युवा भाई–बहन शामिल हुए, जिससे पूरा सभागार उत्साह, ऊर्जा और उमंग से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या, विशिष्ट अतिथि के रूप में लोकप्रिय शिक्षाविद् एवं युवाओं के रोल मॉडल खान सर तथा भारत सरकार के केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। मंच पर प्रदेश युवा प्रकोष्ठ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न ज़ोन प्रभारी भी उपस्थित रहे।

डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने अपने ओजस्वी और प्रेरणामयी उद्बोधन से सभागार में उपस्थित युवाओं के भीतर अभूतपूर्व चेतना का संचार कर दिया। उन्होंने कहा कि युवा केवल आयु का चरण नहीं, बल्कि चेतना की अवस्था है—जोश, सपनों, ऊर्जा और संकल्प का संगम है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, करियर और सफलता के साथ–साथ चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास, मूल्य और राष्ट्र सेवा को जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि “भारत की आत्मा उसके करोड़ों युवाओं के हृदयों में बसती है। यदि युवा अपने विचारों और कर्मों को सही दिशा दें, तो भारत विश्व नेतृत्व का ध्वजवाहक बनेगा।”

डॉ. पण्ड्या ने युवाओं को तनाव, भ्रम और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं से बाहर निकलने के उपाय बताते हुए कहा कि मन का प्रबंधन, समय का सदुपयोग और लक्ष्य का स्पष्ट निर्धारण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा—“सपनों को छोटा मत होने दो, सोच जितनी ऊँची होगी, जीवन उतना ऊँचा उठेगा।”

उन्होंने अपने उद्बोधन में “बिहार गौरव” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि बुद्ध, अशोक, चाणक्य और अनेकों महान विभूतियों की भूमि बिहार भारतीय संस्कृति, ज्ञान और अध्यात्म का स्तम्भ रहा है और समय आ गया है कि बिहार का युवा फिर से विश्व को नेतृत्व प्रदान करे। उनके इस संदेश ने सभागार में उपस्थित युवाओं के भीतर गर्व, आत्मबल और संकल्प की बिजली भर दी।

इसके बाद विशिष्ट अतिथि खान सर ने अपनी हाजिरजवाबी और दमदार शैली में युवाओं को दिशा देते हुए कहा कि लक्ष्य को पहचान लेने वाला युवा अजेय बन जाता है। उन्होंने कहा—“युवा शक्ति दुनिया को बदलने की क्षमता रखती है। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ को अपनी शक्ति का एहसास है, और कुछ को नहीं। मेरा काम है कि युवाओं को उनकी छिपी क्षमता का एहसास दिलाना।”

खान सर ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अध्ययन तकनीक पर महत्वपूर्ण बातें साझा करते हुए कहा कि 2 घंटे की एकाग्र पढ़ाई 8 घंटे की अनफ़ोकस्ड पढ़ाई से अधिक प्रभावी होती है। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया के भ्रम, तुलना और मानसिक दबाव से दूर रहने तथा निरंतरता व आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

भारत सरकार के केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सुरक्षा और प्रगति युवाओं के आदर्शों, अनुशासन और संकल्प पर टिकी है। उन्होंने बिहार के युवाओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि आज का यह आयोजन उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा।

कार्यक्रम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं। विशेष बात यह रही कि मंच पर प्रस्तुति देने वाले बच्चे किसी निजी विद्यालय के नहीं, बल्कि गायत्री परिवार द्वारा संचालित बाल संस्कारशाला के स्लम क्षेत्रों, श्रमिक परिवारों एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से जुड़े बच्चे थे। 2007 से प्रारंभ बाल संस्कारशाला अभियान के अंतर्गत इस समय पटना की 40 जगहों पर प्रतिदिन लगभग 20 हजार बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा व संस्कार प्रदान किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित हजारों युवाओं ने नशा–मुक्ति, सकारात्मक जीवनशैली, चरित्र निर्माण, राष्ट्र सेवा और समाज परिवर्तन का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ के हजारों साथियों ने दिन–रात सेवा व पुरुषार्थ किया।

आज का दिन इस बात का साक्षी बना कि बिहार के युवा जाग चुके हैं, दिशा भी है और अब देश को नई ऊर्जा, नए विचार और नए नेतृत्व की प्रतीक्षा नहीं—वरन आश्वस्ति मिल चुकी है। बिहार के युवा संकल्पित हैं और भविष्य उनके हाथों में उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

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UNICEF व NSS के संयुक्त तत्वाधान में "सुरक्षित लइका मान 3.0" के तहत ग्राम संपर्क अभियान आयोजित।

UNICEF और NSS (शासकीय महाविद्यालय आरा) के संयुक्त तत्वाधान में आज "सुरक्षित लइका मान 3.0" के अंतर्गत ग्राम संपर्क अभियान का सफल आयोजन जिला पंचायत आरा के केतार ग्राम में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के बीच स्वच्छता, पोषण, लैंगिक हिंसा रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य के विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।

अभियान के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को साफ-सफाई के महत्व, संतुलित आहार, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा तनाव व मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों को इन विषयों पर पोस्टर, नारे और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं, किशोर-किशोरियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। स्वयंसेवकों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छ आदतों, पोषणयुक्त भोजन, सुरक्षित वातावरण और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को अपनाना आवश्यक है।

ग्राम के लोगों ने ऐसे जन-जागरूकता अभियान को समयानुकूल बताते हुए UNICEF व NSS टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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खेल से मिलती है अनुशासन की सीख : कौशल्या साय, कुडूकेला नॉकआउट फुटबॉल फाइनल में बेलटोली ने लोधमा को 3–1 से हराया, जीता खिताब....।

जशपुरनगर। स्थानीय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। लोधमा को 3–1 से हराकर बेलटोली की टीम ने शानदार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों के कौशल और टीमवर्क ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नियम पालन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को 51 हजार रुपए एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता की टीम को 31 हजार रुपए एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।

इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, डी.डी.सी. अनीता सिंह एवं मलिता बाई, जिला मंत्री संतोष सहाय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम, तुलाधार यादव, भारती भगत, असलम आजाद कार्यक्रम के अध्यक्ष, मोहम्मद जमीर स्लाम जिन्ना, सुशन्ति बैग, बसंत बैग,कुलदीप ,बेनी कश्यप,कलेश्वर सिंह, असनूलहक सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर कराने की योजना है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 10 दिसंबर से 13 दिसंबर तक जशपुर जिले के अंतर्गत नगर पंचायत बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर श्री भानु यादव, श्रीमती मुक्ता देवी, श्रीमती रीना बरला, श्री मिकलेश यादव एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास।

 

 

 

 राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकारण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया। निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थी 

टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की।

*2025 : जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुंकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वीअपी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं।

*जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार*

जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है।जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।

 जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है।

*महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना*

 अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे महुआ चवनप्राश,महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद के विकास कार्य को विस्तार से समझा।

 टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।

 वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया उन्होंने जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद, तथा जय जंगल एफपी सी के निदेशक श्री समर्थ जैन के योगदान को रेखांकित किया।

निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया। 

 इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

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“बच्चों के अधिकारों पर किसी भी गलती को माफ नहीं किया जाएगा” - डॉ. वर्णिका शर्मा बाल संरक्षण आयोग एक्शन मोड में, राज्यभर की रिपोर्टों कड़ी निगरानी।

 

 

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने आज आयोजित महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रदेशभर से प्राप्त निरीक्षण रिपोर्टों और बाल-संबंधी शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।

प्रेस वार्ता में हाल ही में बाल संरक्षण गृहों एवं पर्यवेक्षण गृहों में किए गए औचक निरीक्षणों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। निरीक्षणों में स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और देखभाल से जुड़ी कई कमियां पाई गईं। कुछ संस्थानों में अव्यवस्था, बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार, सुरक्षा गार्डों की कमी और परिसर में नशीले पदार्थों की उपलब्धता जैसी गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं। आयोग ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

डॉ. शर्मा ने बताया कि कोरबा प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल संप्रेक्षण गृह के बच्चों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस दिशा में ठोस कदम निरंतर बढ़ाए जा रहे हैं।

विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की स्थितियों पर भी आयोग ने चिंता व्यक्त की। कई स्कूलों में साफ-सफाई की कमी, खेल मैदानों की जर्जर हालत और परिसर के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री की शिकायतें सामने आईं। आयोग ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से स्कूलों में सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी समीक्षा में कई बाल संस्थानों में चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं और मेडिकल स्टाफ की कमी पाई गई। इस पर आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को सभी कमियों को पांच दिनों के भीतर दूर करने का निर्देश दिया है।

बैठक में बाल उत्पीड़न, शोषण और प्रताड़ना से जुड़े मामलों पर विशेष जोर दिया गया। आयोग ने सभी जिलों को ऐसे मामलों में तुरंत संज्ञान लेकर बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

राज्यभर में बाल अधिकारों, सुरक्षा और देखभाल को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया है। स्कूलों,आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल गृहों के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

 डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। बाल संरक्षण में किसी भी प्रकार की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग नियमित निरीक्षण करता रहेगा और आवश्यक कार्रवाई तुरंत सुनिश्चित की जाएगी।

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