प्रदेश
सीएम साय की बड़ी घोषणा: बैगाओं को आर्थिक सहायता, अखरा विकास हेतु ₹15–25 लाख का प्रावधान; सरहुल महोत्सव में शामिल हुए।
जशपुर के दीपू बगीचा में आयोजित सरहुल महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गांव के बैगाओं को प्रतिवर्ष ₹5000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, वहीं पारंपरिक अखरा के विकास के लिए ₹15 से ₹25 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल जनजातीय समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में सहायक होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने धरती माता, सूर्य देव एवं साल वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना की। पारंपरिक रीति के अनुसार बैगा द्वारा उनके कान में सरई (साल फूल) खोंचकर शुभ रस्म निभाई गई।
महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं और सरहुल नृत्य प्रस्तुत किया। मांदर की थाप पर पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने सभी को सरहुल पर्व एवं हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। सरहुल महोत्सव के माध्यम से जनजातीय समाज की समृद्ध परंपरा, प्रकृति प्रेम और सामूहिक जीवन की झलक देखने को मिली, जिसने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
नववर्ष पर CM विष्णु देव साय का संदेश: नव ऊर्जा, नव संकल्प के साथ आगे बढ़े छत्तीसगढ़।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी दिन से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जिसे पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी के विविध स्वरूप प्रदेश की आस्था और संस्कृति में गहराई से रचे-बसे हैं। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को और मजबूत बनाती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना जहां आध्यात्मिक ऊर्जा देती है, वहीं सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का भी संचार करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और हर परिवार में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में लिखी जा रही है विकास की नई गाथा।

BY जशपुर जंक्शन ON 17-MAR-2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासोन्मुखी सोच के अनुरूप जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार ठोस पहल की जा रही है इसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में जिला विकास के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बीते दो वर्षों से अधिक के कार्यकाल में आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने लगा है। जिले के गांवों से लेकर शहरों तक सड़कों, पुलों और पुलियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे आवागमन सुविधाजनक और सुरक्षित बन रहा है।
इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में 42 नई सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों का निर्माण 126 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान में सभी सड़कों की निविदा प्रक्रिया जारी कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। स्वीकृत सड़कों में जशपुर विकासखंड में 5 सड़कें, मनोरा विकासखंड में 7 सड़कें, दुलदुला विकासखंड में 7 सड़कें, कुनकुरी विकासखंड में 13 सड़कें तथा फरसाबहार विकासखंड में 10 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
*मुख्यमंत्री नेतृत्व में सड़कों और पुल-पुलिया के निर्माण से बदल रही है जिले की तस्वीर*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुँच रही है। लगातार सड़कों, पुलों और पुलियाओं को मिल रही स्वीकृति तथा उनके निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हो रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण कृषि उत्पादों का परिवहन आसान हो रहा है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद समय पर बाजार तक पहुँचाने में सुविधा मिल रही है। साथ ही निर्माण कार्यों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए विद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुँचना अधिक सरल हो रहा है। बेहतर संपर्क मार्गों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक भी लोगों की पहुँच आसान हो रही है और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुँचाने में मदद मिल रही है। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को भी इन सड़कों से विशेष लाभ मिल रहा है। सड़कों के निर्माण से इन समुदायों का संपर्क विद्यालयों, स्वास्थ्य सेवाओं, मंडियों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से सुदृढ़ हो रहा है। इससे उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
*ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार*
जिले में सड़कों के व्यापक विस्तार से न केवल आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हुआ है, बल्कि इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। इन विकास कार्यों के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है और इसका सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का ध्यानपूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आज आयोजित जनदर्शन में कुल 28 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से राजस्व प्रकरण, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, अधोसंरचना निर्माण, आजीविका उन्नयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से संबंधित समस्याएँ और मांगें शामिल थीं। कलेक्टर श्री व्यास ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों, जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता और शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने पर जोर दिया।
ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
“मरीजों की सेहत से समझौता नहीं” - स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया।
सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुएमुख्यमंत्री विष्णु देव साय बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
साइबर ठगों से बचने के लिए विद्युत उपभोक्ता रहे सतर्क, सतर्कता ही समझदारी मोर बिजली मोबाइल एप केवल Play Store या App Store से ही डाउनलोड करें।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के पंजीयन अथवा किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए किसी अनजान वॉट्सएप, मेल अथवा एसएमएस पर क्लिक करने से बचें । मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी अपनी किसी भी योजना अथवा सेवा के लिए कभी भी कोई एपीके पाइल अथवा कोई वेब लिंक नहीं भेजती है।
छत्तीसगढ राज्य पॉवर कंपनी से के एमडी श्री भीम सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को आम उपभोक्ता तक पहुँचाने पॉवर कंपनी मैदानी स्तर पर शिविर का करेगी। उपभोक्ता अपना कोई भी भुगतान सिर्फ मोर बिजली एप, कंपनी की वेबसाइट, एटीपी सेंटर अथवा नजदीकी कार्यालय में ही करें, किसी मैदानी कर्मचारी को भी नकद भुगतान न करने की सलाह दी गई है। पंजीयन राशि के भुगतान की सुविधा केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र और संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही उपलब्ध कराई गई है। बिजली बिल भुगतान हो या कोई अन्य सूचना पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश सिर्फ CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना अथवा विद्युत सेवा से संबंधित किसी अन्य जानकारी के लिए पॉवर कंपनी की केंद्रीकृत कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता कॉल कर सकते हैं, अथवा नजदीकी सीएसपीडीसीएल के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 शुरू, 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ की राहत।
विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” का शुभारंभ किया। इस योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 28 लाख 42 हजार बिजली उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय के सभागार से योजना का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आज जीवन की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवार समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिससे सरचार्ज बढ़ जाता है। इस समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने यह समाधान योजना शुरू की है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2,931 हितग्राहियों को 8 करोड़ 79 लाख रुपये की सब्सिडी भी अंतरित की। उन्होंने बताया कि इस योजना के प्रति प्रदेश में लोगों की रुचि बढ़ रही है और अब तक करीब 36 हजार लोग इससे जुड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के लगभग 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई गई, जिससे लंबे समय से अंधेरे में रहे गांव भी रोशन हुए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अपने संसाधनों से लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है और सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे, जिससे बकाया बढ़ गया था। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए समाधान योजना लागू की है।
योजना के तहत 31 मार्च 2023 की स्थिति में निष्क्रिय उपभोक्ता, सक्रिय एकल बत्ती कनेक्शनधारी उपभोक्ता तथा सक्रिय अशासकीय घरेलू व कृषि उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इनमें अधिभार (सरचार्ज) में 100 प्रतिशत छूट तथा मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान रखा गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन के समय बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी। यह योजना 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और विद्युत उपभोक्ता उपस्थित थे।
नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचक नामावली तैयार एवं पुनरीक्षित किए जाने हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली दिनांक 01 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की जाएगी। जिन मतदाताओं के नाम संबंधित स्थानीय निकाय के क्षेत्र, वार्ड अथवा पंचायत से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में दर्ज होंगे, वही मतदाता स्थानीय निकायों की निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने के पात्र होंगे।
जारी कार्यक्रम के अनुसार दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 23 अप्रैल 2026 तक जिन मतदाताओं के नाम भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचक नामावली में दर्ज होंगे, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्थानीय निकाय की निर्वाचक नामावली में अपना नाम दर्ज करा सकेंगे।
नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत अध्यक्ष के कुल 02 पद, क्रमशः नगरपालिका परिषद सारंगढ़ (जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़) तथा नगरपालिका परिषद शिवपुर-चरचा (जिला-कोरिया) में रिक्त हैं, साथ ही पार्षदों के 15 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित चार निकायों—नगर पंचायत घुमका (जिला-राजनांदगांव), नगर पंचायत बम्हनीडीह (जिला-जांजगीर-चांपा), नगर पंचायत शिवनंदनपुर (जिला-सूरजपुर) तथा नगर पंचायत पलारी (जिला-बलौद)—में अध्यक्ष के 04 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं।
इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 08 पद, सरपंच के 78 पद तथा पंच के 1056 पद रिक्त हैं। इस प्रकार प्रदेश के 33 जिलों में कुल 1142 पद रिक्त हैं, जिनका निर्वाचन कराया जाना है।
निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा प्राधिकृत अधिकारियों का प्रशिक्षण 24 मार्च 2026 तक कराया जाएगा तथा निर्वाचक नामावली का मुद्रण 09 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया जाएगा, जिसके बाद दावे-आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्रारूप क-1 में दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 24 अप्रैल 2026 होगी। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा दावे-आपत्तियों के निराकरण के आदेश के विरुद्ध अपील ऐसा आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष की जा सकेगी। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 05 मई 2026 को किया जाएगा।
आम में मैंगो हॉपर का प्रकोप और नियंत्रण के उपाय
मैंगो हॉपर आम के पेड़ों में लगने वाला एक प्रमुख कीट है। यह खासकर फूल आने के समय-मंजर आने पर ज्यादा नुकसान करता है। यह कीट पत्तियों और मंजरियों का रस चूसता है जिससे फल बनने की क्षमता कम हो जाती है।
उद्यान विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंजरियों और नई पत्तियों पर छोटे-छोटे हरे व भूरे कीट दिखाई देते हैं यही इसकी पहचान होती है। पत्तियां और मंजरियां चिपचिपी हो जाती हैं। उस पर काली फफूंदी जम जाती है। फूल झड़ जाते हैं और फल कम बनते हैं।
इसके प्रभावी समाधान के लिये कृषकों सुबह या शाम के समय एजाडिरेक्टिन 10000 पीपीएम में 01 एमएल प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना चाहिए। नीम तेल का 0.5 से 1 प्रतिशत 05 से 10 एमएल लीटर पानी के साथ छिड़काव करना चाहिए।
यदि प्रकोप ज्यादा हो तो इनमें से किसी एक दवा का छिड़काव करें कीटनाशक का नाम मात्रा छिड़काव किया जा सकता है। इनमें प्रति लीटर पानी के साथ इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर पानी थियामेथोक्सम 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी लैम्ब्डा-साइहेलोथिन 1.0 मिली प्रति लीटर पानी 10-15 दिन के अन्तराल में 2-3 बार छिड़काव करने से अच्छा नियंत्रण मिलता है।
इसके साथ ही पेडों की घनी टहनियों को काटें ताकि धूप और हवा अंदर तक जा सके, जिससे हॉपर का पनपना कम हो, बाग की नियमित सफाई करें। जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू करें और नमी बनाए रखें।
विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए 11,470 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित जीएसटी 2.0 से जनता को राहत।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें वित्त विभाग के लिए 9,630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 1,247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।
चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधारों के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
आवास और नवा रायपुर विकास पर जोर
मंत्री चौधरी ने बताया कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 3,219 संपत्तियां अविक्रित थीं और मंडल पर 735 करोड़ रुपए का ऋण था। राज्य सरकार ने एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया है।
वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत अब तक 1,410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपए में विक्रय किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 27 जिलों में 3,069 करोड़ रुपए के 78 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं, जिनके तहत 16,782 संपत्तियों का निर्माण लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण निगरानी के लिए नई तकनीक
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार ने फ्लाई ऐश परिवहन के लिए एसओपी लागू की है। साथ ही औद्योगिक अपशिष्ट की निगरानी के लिए आईडब्ल्यूएमएमएस सिस्टम विकसित किया गया है।
राज्य में CG Nigrani पोर्टल के माध्यम से 124 उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण स्तर की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है।
नवा रायपुर बनेगा शिक्षा का बड़ा केंद्र
मंत्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में पहले से Indian Institute of Management Raipur, International Institute of Information Technology Naya Raipur और Hidayatullah National Law University जैसे संस्थान संचालित हैं।
इसके अलावा National Institute of Fashion Technology, National Institute of Electronics and Information Technology और National Forensic Sciences University जैसे राष्ट्रीय संस्थान भी यहां स्थापित किए जाएंगे।
जीएसटी 2.0 से जनता को राहत
मंत्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी 2.0 के तहत कई वस्तुओं पर कर दरें कम की गई हैं। कपड़ों पर टैक्स 12% से घटाकर 5% और सीमेंट पर 28% से घटाकर 18% किया गया है।
इसके अलावा मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, टीवी और एसी पर भी टैक्स कम होने से उपभोक्ताओं को हजारों रुपये की बचत होगी।
पंजीयन विभाग में बड़े सुधार
पंजीयन विभाग में नागरिक सुविधा के लिए स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय शुरू किए जा रहे हैं। पारिवारिक दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे की रजिस्ट्री फीस घटाकर मात्र 500 रुपये कर दी गई है।
वित्तीय स्थिरता के लिए नई पहल
राज्य सरकार ने दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड का गठन किया है। वर्तमान में इसमें 50 करोड़ रुपये निवेशित हैं और अगले वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।
कुनकुरी में सूने मकान में चोरी का खुलासा, चोर और जेवर खरीदने वाला गिरफ्तार
जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी चोर और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले का है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 9 मार्च 2026 को प्रार्थी राकेश कुमार साव (38 वर्ष) निवासी रेमते रोड कुनकुरी ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिता रामबिलास प्रसाद का मकान उनके घर के पास ही है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते थे। करीब छह महीने पहले पत्नी के इलाज के लिए वे रांची चले गए थे और मकान की देखरेख की जिम्मेदारी प्रार्थी को दी थी। इस बीच 19 जनवरी को उनकी बड़ी मां का निधन हो गया था, जिसके कारण प्रार्थी भी क्रियाकर्म में शामिल होने रांची चला गया था।
9 मार्च को रांची से लौटने पर प्रार्थी ने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और अंदर अलमारी खुली पड़ी है तथा सामान बिखरा हुआ है। जब इस बारे में रामबिलास प्रसाद को जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि अलमारी में रखे सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल, पांच नग चांदी की साठी और करीब डेढ़ हजार रुपए चोरी हो गए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(क) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तुरी बस्ती निवासी साहिल चौहान उर्फ मंटू अचानक अधिक पैसे खर्च कर रहा है।
संदेह के आधार पर पुलिस ने साहिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने ही रामबिलास प्रसाद के घर में चोरी की थी और सोने-चांदी के आभूषणों को कुनकुरी के बजरंग नगर निवासी दिवाकर ताम्रकार को 20 हजार रुपए में बेच दिया था।
इसके बाद पुलिस ने खरीदार दिवाकर ताम्रकार को भी हिरासत में लेकर उसके कब्जे से चोरी के सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल और पांच नग चांदी की साठी बरामद कर ली। वहीं आरोपी की निशानदेही पर घर और अलमारी का ताला तोड़ने में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी जब्त की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी साहिल चौहान (22 वर्ष) निवासी तुरी बस्ती कुनकुरी और दिवाकर ताम्रकार (28 वर्ष) निवासी बजरंग नगर कुनकुरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक ढलेश्वर यादव, नंदलाल यादव और लियोन कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई।
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.28518 किलोग्राम गांजा एवं एक ट्रक जब्त।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा तथा एक 14 चक्का ट्रक जब्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएच-53 स्थित बैतारी के पास वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान आबकारी उपनिरीक्षक श्री मिर्जा जफर बैग, श्री हृदय कुमार त्रिपुड़े, श्री नीरज कुमार साह तथा श्री अनिल कुमार झरिया की संयुक्त टीम ने एक 14 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक में सवार आरोपी ईरफान गौरी के पास से 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (पप) (सी) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आबकारी विभाग द्वारा आरोपी को रिमांड पर लेकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
आईजी दीपक झा ने किया जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण, रक्षित केंद्र में ली परेड की सलामी।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने मंगलवार को जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रक्षित केंद्र जशपुर पहुंचकर परेड की सलामी ली तथा पुलिस बल के अनुशासन, वेश-भूषा और कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उत्कृष्ट वेश-भूषा और अनुशासन का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उन्होंने पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने रक्षित केंद्र में उपलब्ध शासकीय वाहनों का निरीक्षण करते हुए उनके उचित रख-रखाव और नियमित देखरेख के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन शाखा, कैश शाखा, स्टोर शाखा और पुलिस कैंटीन सहित विभिन्न शाखाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके बाद आयोजित पुलिस दरबार में आईजी श्री झा ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्तम गणवेश में रहने और सख्त अनुशासन का पालन करने की बात कही। साथ ही आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों को देखते हुए कंप्यूटर का ज्ञान रखना भी आवश्यक बताया, ताकि कार्यालयीन और तकनीकी कार्य बेहतर ढंग से किए जा सकें।
आईजी ने पुलिस बल को नशे से दूर रहने और भ्रष्टाचार से बचने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच एक ईमानदार और जिम्मेदार संस्था के रूप में बनी रहनी चाहिए। किसी भी आपराधिक गतिविधि में पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिटी कोतवाली जशपुर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण कर लंबित प्रकरणों की जानकारी ली तथा उन्हें शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक कुंजराम चौहान, उप पुलिस अधीक्षक (अ.जा.क.) भावेश समरथ, उप पुलिस अधीक्षक आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।
BY जशपुर जंक्शन 09 मार्च
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं।
इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक श्री रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सुश्री भावना गुप्ता,डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद श्री गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
जन्मदिन विशेष CM विष्णु देव साय ,बगिया की धरती से मुख्यमंत्री पद तक का प्रेरक सफर,आज बगिया पहुंचेंगे मुख्यमंत्री।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपना 62वाँ जन्मदिवस सादगी और श्रद्धा के साथ अपने गृह ग्राम बगिया में मना रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानने वाले साय का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनविश्वास की मिसाल है।
21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के ग्राम बगिया में जन्मे साय ने आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक का सफर तय किया। यह यात्रा केवल राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की गाथा है।
पंच से मुख्यमंत्री तक संघर्ष और समर्पण
स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1990 में निर्विरोध सरपंच बने और इसके बाद तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद रहे साय ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2014 से 2019 तक केंद्र सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया।
3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
किसान, गरीब और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित की।
26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत कर गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है।
सरलता सौम्यता ही पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में है। वे सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार करते हैं।
उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और जनसंवाद प्रमुख तत्व रहे हैं।
जन्मदिवस पर शुभकामनाओं का तांता
आज उनके जन्मदिवस पर बगिया सहित पूरे प्रदेश में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। हजारों लोग उन्हें बधाई देने बगिया पहुंच रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और पारिवारिक सादगी के बीच मनाया जा रहा यह जन्मदिन जननेता की विनम्रता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।बगिया की मिट्टी से निकला यह सपूत आज छत्तीसगढ़ के विकास की नई इबारत लिख रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को पत्रवार्ता परिवार की ओर से जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन की ओर बढ़े कदम फरसाबहार की बिहान समूह सदस्याओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने एक्सपोजर विजिट।
विकासखंड फरसाबहार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 स्व-सहायता समूह सदस्यों को मत्स्य विभाग के सहयोग से संचालित बीज प्रसंस्करण एवं मॉडल इकाइयों का एक्सपोजर विजिट कराया गया।
यह पहल जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) श्री गया प्रसाद चौरसिया के समन्वय में, मत्स्य विभाग एवं विकासखंड स्तरीय अमले के सहयोग से संपन्न हुई।
एक्सपोजर विजिट के दौरान समूह की संभावित ‘लखपति दीदियों’ ने आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों जैसे केज कल्चर, तालाब आधारित उन्नत पालन, अर्ध-प्राकृतिक तालाब प्रबंधन तथा पोंड लाइनिंग प्रणाली के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों को बारहमासी मछली प्रजातियों—तेलापिया, पंगास आदि के वैज्ञानिक पालन, आहार प्रबंधन, बीज चयन एवं बाजार उपलब्धता के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। समूह की सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों को समझते हुए गहरी रुचि दिखाई और आगामी सीजन में विभागीय सहयोग से उन्नत मत्स्य पालन प्रारंभ करने की कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन अपनाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं।
इस एक्सपोजर विजिट में जनपद सीईओ श्री मिथलेश पैंकरा, मत्स्य निरीक्षक श्री रवि पैंकरा तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक श्री अनूप कुमार मेहर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
जिला प्रशासन की इस पहल से फरसाबहार क्षेत्र की महिला समूह सदस्याएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आजीविका के नए अवसरों के माध्यम से सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो रही हैं।
जन्मदिवस पर गृहग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जन्मदिवस की दी बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे, जहां उनके आगमन पर उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। बगिया स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें आत्मीयता के साथ जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के बगिया हेलीपैड पहुंचने पर टाटीडांड से आए करमा नर्तक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक एवं मनमोहक करमा नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालक आश्रम बगिया में बच्चों के बीच मनाया अपना 62वाँ जन्मदिवस।
विष्णुदेव साय ने अपना 62वाँ जन्मदिवस बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच मनाकर इस दिन को उनके लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया। मुख्यमंत्री ने बगिया हेलीपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया पहुँचकर बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। आश्रम के बच्चे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। वे उत्साहपूर्वक उनके चारों ओर एकत्र हो गए और उनसे बातचीत करने लगे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक संवाद किया और उनका हालचाल जाना। उनके सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे और खुशी से चहकते हुए उनसे बातें करते रहे। इस दौरान आश्रम परिसर में खुशियों और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट वितरित कर उन्हें जन्मदिवस की खुशी में सहभागी बनाया। बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने जीवन में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और आश्रम के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा: वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति, 543 विकास कार्यों को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।
बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन 4 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला पुनर्वास लाभ
प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।
जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं।
उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
रायगढ़ में महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने किया जनादेश का स्मरण।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाशिवरात्रि की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।
24 घंटे में उठाईगिरी का खुलासा: 8 हजार नगद सहित दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने खरसिया थाना क्षेत्र के हमालपारा में हुई उठाईगिरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी रकम एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहर कॉलोनी खरसिया निवासी व्यवसायी विनोद अग्रवाल ने 10 फरवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे हमालपारा स्थित एक दुकान के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की थी। मोटरसाइकिल के हैंडल में नगदी व दस्तावेजों से भरा बैग टांगकर वह दुकान के अंदर गए। लौटने पर बैग व थैला गायब मिला। बैग में 8-9 हजार रुपये नगद, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज रखे थे।
पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 54/2026 के तहत धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमालपारा तालाब पार खरसिया निवासी राजू महंत (35 वर्ष) एवं अंकित वैष्णव (27 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी राजू महंत से 4,000 रुपये नगद व काला बैग (जिसमें आधार व पैन कार्ड थे) तथा आरोपी अंकित वैष्णव से 4,000 रुपये नगद एवं थैला बरामद किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की सतत निगरानी है। उठाईगिरी एवं चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों पर अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।”
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम :फाइलेरिया की बीमारी खत्म करने दवा का सेवन करने की अपील।
भारत सरकार द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) को खत्म करने के उद्देश्य से 2027 तक के लक्ष्य के साथ देश के स्थानिक जिलों में व्यापक सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के नेतृत्व में विगत दिवस 10 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का जिला स्तर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर एवं समस्त विकासखंडों में शुभारंभ किया गया।
जशपुर जिले के कुल 990800 जनसंख्या को सामूहिक दवा सेवन हेतु लक्षित जनसंख्या मानकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें प्रथम चरण में 10 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जशपुर जिले समस्त विकासखंडों में कुल 3143 बूथों के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाना है। तथा 13 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग के टीम व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को उम्र व ऊँचाई के आधार पर (गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को छोड़कर) फाइलेरिया-रोधी दवाएं जैसे टैबलेट- डी.ई.सी. एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन निःशुल्क सेवन कराया जाना है।
विभाग द्वारा फाइलेरिया के संबंध में बताया गया कि फाइलेरिया गंदगी में मच्छर से पनपने वाला संक्रामक रोग है,जिसे सामान्यतः हाथीपांव के नाम से जाना जाता है। इसके लक्षण सामान्यतः दिखाई नहीं देते व लंबी अवधि में संक्रमण होने पर बुखार,हाथ-पांव में दर्द व सूजन तथा पुरुषों के जननांग अथवा आसपास में दर्द व सूजन जैसे लक्षण प्रदर्शित होते है। फाइलेरिया के दवा सेवन करने पर सामान्यतः परजीवियों के प्रतिक्रिया स्वरूप सरदर्द,बुखार,उल्टी तथा शरीर पर चकत्ते जैसे मामूली प्रतिक्रियायें हो सकती है। जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। किंतु लक्षणों के गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखायें व उचित सलाह व उपचार प्राप्त करना चाहिए।
फाइलेरिया (हाथीपांव) एक बार होने से जिन्दगी भर के लिए परेशानी हो सकता है, हाथीपांव जिसका उपचार का एक ही उपाय है,जो एम.डी.ए. की दवाईयां खाना जरुरी है, जिसका कोई भी दुष्परिणाम नहीं होता है। हमारे जिले के समस्त विकासखण्ड में भी फाइलेरिया की बीमारी है जो मच्छरों से फैलता है, जिसे रोका जा सकता है। सभी से अनुरोध है की सभी लोग अपने-अपने गाँव में मितानिन से फाइलेरिया की दावा अवश्य खाएं।
खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम
आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में भाग लिया। समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित हुआ।
10 से 12 फरवरी 2026 तक चले इस खेल महोत्सव में ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर मंत्री नेताम ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बन चुका है। विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का मंच मिला है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।
इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक में कुल 67,380 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मैदान में उतरकर बढ़ाया हौसला
मंत्री नेताम ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। शंकरगढ़ और बलरामपुर के बीच आयोजित बालिका रस्साकशी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाया।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को उन्होंने शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर एवं बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी मारकूस कुजूर सहित संबंधित अधिकारीगण और बड़ी संख्या में खिलाड़ी व नागरिक मौजूद थे।
12 खेल विधाओं में हुई प्रतियोगिताएं
जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया।
व्यक्तिगत खेल: एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती, कराटे।
दलीय खेल: फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकशी, बास्केटबॉल।
प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) में आयोजित की गईं।
कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ जनजीवन में व्यापक प्रभाव - मुख्यमंत्री श्री साय संत समागम समारोह की राशि 50 लाख से बढाकर 75 लाख करने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया।
समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है।
इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। श्री साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री भईया लाल रजवाड़े, श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।
उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर जशपुर को राज्य स्तरीय सम्मान कलेक्टर रोहित व्यास होंगे सम्मानित जशपुर बना श्रेष्ठ निर्वाचन जिला।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और मतदाता सहभागिता को नई ऊँचाई देने की दिशा में जशपुर जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर जशपुर जिले का चयन “निर्वाचन में तकनीक का प्रभावी उपयोग" श्रेणी के अंतर्गत राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला पुरस्कार के लिए किया गया है। यह सम्मान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व, नवाचारपूर्ण सोच और सतत् प्रशासनिक प्रयासों का प्रतिफल है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा यह पुरस्कार कलेक्टर श्री रोहित व्यास को 25 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा।
*तकनीक आधारित नवाचारों से जशपुर ने रचा नया मानक* -
निर्वाचन के दौरान जशपुर जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का उल्लेखनीय उपयोग किया गया। ई-प्रणालियों के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धिकरण, डिजिटल निगरानी, ऑनलाइन प्रशिक्षण, सोशल मीडिया के जरिए मतदाता जागरूकता, स्वीप गतिविधियों में तकनीकी नवाचार तथा चुनाव प्रबंधन में आईटी टूल्स के प्रभावी प्रयोग ने जशपुर को राज्य स्तर पर अग्रणी बनाया।
*कलेक्टर श्री व्यास की भूमिका रही निर्णायक* -
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने निर्वाचन कार्य को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानते हुए इसे एक जनभागीदारी अभियान के रूप में संचालित किया। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, निर्वाचन अमला, तकनीकी टीम और फील्ड स्तर के कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए तकनीक को आम मतदाता से जोड़ा। यही कारण है कि जशपुर जिले के प्रयासों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।
*जिले के लिए गौरव का क्षण* -
यह सम्मान न केवल जशपुर जिला प्रशासन के लिए, बल्कि जिले के प्रत्येक मतदाता, अधिकारी-कर्मचारी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सुदूर आदिवासी एवं पहाड़ी अंचलों वाला जशपुर जिला भी तकनीक आधारित सुशासन और लोकतांत्रिक नवाचार में राज्य के लिए मिसाल बन सकता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर मिलने वाला यह राज्य स्तरीय पुरस्कार जशपुर जिले के निर्वाचन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा और भविष्य में और बेहतर, पारदर्शी तथा सहभागी चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रेरणा बनेगा।
नक्सल छाया के बीच उम्मीद की फसल किसान कोयना ने धान बेचकर खरीदा ट्रैक्टर मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सुशासन की नई रफ़्तार।
बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ अब गोलियों की गूँज की जगह ट्रैक्टरों की आवाज़ और फूलों-फलों की महक फैल रही है, क्योंकि किसान आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं से जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं, जिससे क्षेत्र में खुशहाली आ रही है।
बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अब गोलियों की गूँज नहीं, बल्कि खेतों में दौड़ते ट्रैक्टरों की आवाज़ विकास की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'नक्सल मुक्त बस्तर' (लक्ष्य: 31 मार्च 2026) के संकल्प और सुदृढ़ कृषि नीतियों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। सुकमा के ग्राम चिपुरपाल के किसान कोयना बघेल की कहानी इस बदलाव का जीवंत प्रमाण बन गई है।
*48 घंटे में भुगतान: सुशासन का सीधा लाभ*
छिंदगढ़ जनपद के किसान कोयना बघेल ने जैसे ही बिरसठपाल केंद्र में 50 क्विंटल धान बेचा, 3100 रुपया प्रति क्विंटल की दर से उनकी मेहनत की पूरी कमाई मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में पहुँच गई। बिचौलियों की समाप्ति और समयबद्ध भुगतान ने किसान को इतना सशक्त बनाया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी से नया 'मैसी फर्गुसन' ट्रैक्टर ट्राली के साथ खरीद लिया।
*हितग्राही श्री कोयना ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी*
हितग्राही श्री कोयना बघेल ने बताया कि शासन की 31 सौ रुपये में धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी है। इससे हम जैसे छोटे मध्यमवर्गीय किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।
*बहुआयामी विकास: खेती भी और स्वरोजगार भी*
यह बदलाव केवल खेती तक सीमित नहीं है। ट्रैक्टर से कृषि कार्य तेज़ हुए हैं, वहीं किसान पीएम आवास निर्माण में ईंट-बालू की आपूर्ति कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे राजूराम नाग जैसे किसान आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
*किसान की सफलता पर कलेक्टर का भरोसा*
सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में किसान की यह सफलता मेहनत, धैर्य और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन का प्रमाण है।
छत्तीसगढ सरकार किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों और योजनाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और पूरी सुविधा मिले।
*प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर की सीधी निगरानी*
कलेक्टर के नेतृत्व में सुकमा प्रशासन ने धान खरीदी केंद्रों को 'सुविधा केंद्रों' में बदल दिया है। जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता के कारण किसानों को टोकन से लेकर भुगतान तक कहीं भटकना नहीं पड़ रहा है। कलेक्टर के अनुसार, शासन-प्रशासन और किसानों का समन्वय ही ज़मीनी बदलाव की असली चाबी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर जैसे इलाके, जो कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब कृषि क्रांति देख रहे हैं, जहाँ कृषि विभाग की योजनाओं, जल संरक्षण और तकनीकी सहायता ने खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर नितिन नबीन का बगीचा में जश्न।
हम सबके प्रेरणास्रोत तथा भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रभारी नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री मुकेश शर्मा के नेतृत्व में भाजपा मंडल बगीचा द्वारा बस स्टैंड परिसर में आतिशबाजी कर एवं मिठाई वितरण कर खुशी का इजहार किया गया।
कार्यकर्ताओं ने नितिन नबीन के नेतृत्व को संगठन के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसे पार्टी के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयाँ दीं और पार्टी की नीतियों एवं संगठन की मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर भाजपा मंडल के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।
विश्वशांति की अलख लेकर जशपुर पहुँची विश्व पदयात्री टीमकलेक्टर रोहित व्यास से की सौजन्य भेंट
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विश्वशांति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश लेकर देश-विदेश में पदयात्रा कर चुकी विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम के चार सदस्य इन दिनों जशपुर प्रवास पर हैं। इस दौरान टीम के सदस्य श्री अवध बिहारी लाल, श्री जितेन्द्र प्रताप, श्री महेन्द्र प्रताप एवं श्री गोविन्दानन्द ने कलेक्टर श्री रोहित व्यास से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पदयात्री दल ने राष्ट्रध्वज के साथ फोटो भी खिंचवाया और अपनी अब तक की उपलब्धियों एवं उद्देश्यों से कलेक्टर को अवगत कराया। विश्वशांति विश्वपदयात्री टीम जशपुर जिले में 8 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक प्रवास पर है। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने टीम के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और जशपुर जिले में उनके कार्यक्रमों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
दल के सदस्यों ने बताया कि वे भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु “डेन्जर्स रेलवेंचर्स स्पोर्ट्स लॉन्गेस्ट वर्ल्ड टूर ऑन फुट जर्नी” अभियान के अंतर्गत देश-विदेश में पदयात्रा कर रहे हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर यह टीम अब तक 11 देशों में लगभग 4 लाख 52 हजार किलोमीटर की विश्वशांति पदयात्रा कर चुकी है। साथ देश के विभिन्न जनपदों में पदयात्रा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी कर चुकी है। वर्ष 2018 में टीम ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा भी सफलतापूर्वक पूरी की थी। पदयात्री दल ने बताया कि अब तक उनकी पहल से देशभर में लगभग 14 करोड़ 50 लाख पौधों का रोपण कराया जा चुका है।
टीम स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचकर पर्यावरण संरक्षण, जल-वन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर संगोष्ठी एवं व्याख्यान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने बताया कि देश के लगभग 600 जनपदों की यात्रा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पदयात्रा पूर्ण की जा चुकी है। दल के प्रमुख श्री जितेन्द्र प्रताप ने अपने प्रेरक अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस विश्वशांति पदयात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से हुई थी। एक भयावह बाढ़ के दौरान उनके साथी श्री अवध बिहारी लाल कई घंटों तक बरगद के वृक्ष से लटके रहकर जीवन और मृत्यु से जूझते रहे, जिन्हें बाद में सेना एवं रेस्क्यू टीम ने बचाया। उसी घटना के बाद उन्होंने पर्यावरण, जल, वन संरक्षण एवं जनजागरूकता को जीवन का लक्ष्य बनाकर यह ऐतिहासिक यात्रा प्रारंभ की। इस अभियान के दौरान उनके एक साथी की शहादत भी हो चुकी है।
आदि लोकोत्सव जनजातीय गौरव और राष्ट्रबोध का संगम बना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव पर्व में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम, गोवा में आयोजित 'आदि लोकोत्सव' पर्व–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 'आदि लोकोत्सव' के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक जीवंत उत्सव है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। गांवों की संस्कृति ही देश की संस्कृति है, जिसे लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और परंपराओं के माध्यम से जीवंत रखना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने का कार्य कर रही है, जो प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और भी भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। भगवान बिरसा मुंडा ने महज 25 वर्ष की अल्पायु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने अदम्य साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुष ऐसे हैं, जिन्हें देश के इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को देशभर में सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके गौरव को स्थायी स्वरूप देते हुए मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक भव्य संग्रहालय का निर्माण कराया है, जो उनके शौर्य और बलिदान की अमिट स्मृति है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से स्मरण किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधुर, गेंद सिंह जैसे महापुरुषों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष कर देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। शहीद वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने राजधानी रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके बलिदान की गाथा पहुंचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय ने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस डिजिटल संग्रहालय को देखने का आमंत्रण भी दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए इससे बड़ा गौरव क्या हो सकता है कि आज देश के सर्वोच्च पद महामहिम राष्ट्रपति के रूप में भी जनजातीय समाज की बेटी सुशोभित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री श्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना जैसी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण किया और कहा कि उनके कार्यकाल में ही पहली बार देश में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिसके माध्यम से आज 12 करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों के विकास के लिए बड़े पैमाने पर बजट और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के पहले कार्यकाल में उन्हें उनके साथ कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन आज वह तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य अब शांति, विकास और निवेश के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। जिन क्षेत्रों में पहले निवेश नहीं आते थे, वहां अब उद्योग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को प्राप्त हो चुके हैं, जो राज्य के आर्थिक भविष्य की नई दिशा तय कर रहे हैं।
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का किया शुभारंभ युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि जंबूरी केवल एक शिविर ही नहीं बल्कि एकता, विविधता, भाईचारा और साझा उद्देश्यों का उत्सव है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जैन, मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजर उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं आसमान में गुब्बारा छोड़कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा जंबूरी पत्रिका एवं नए बैज का विमोचन भी किया गया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज के लिए कम से कम एक सकारात्मक कार्य अवश्य करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश में पहली बार आयोजित हो रही यह राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्काउट-गाइड युवाओं को जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि रोवर-रेंजर देश के वे युवा हैं, जो समाज, राष्ट्र और विश्व के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए इस आयोजन को छत्तीसगढ़ और देश के युवाओं के लिए सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया।
इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. केके खण्डेलवाल ने ग्राम दुधली में इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी आयोजन को एतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्य राज्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम अध्याय में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर एवं रेंजरों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट कर राज्यपाल श्री डेका एवं अतिथियों को सलामी दी गई। इस प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न राज्यों से उपस्थित रोवर रेंजरों ने नैनाभिराम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति से भारतीय संस्कृति की बहुरंगी छटा बिखेरी। उल्लेखनीय है कि इस 5 दिवसीय आयोजन में देश के सभी राज्यों के अलावा रेल्वे, नवोदय विद्यालय सहित कुल 33 राज्यों के प्रतिभागी रोवर रेंजर शामिल हो रहे हैं। भारत स्काउट्स गाइड्स के अधिकारी, रोवर रेंजर के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद के फैसले: तेंदूपत्ता से लेकर ऑटो एक्सपो तक कई बड़े निर्णय, राज्य को मिलेगा आर्थिक लाभ।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा लाभ वनवासी, किसान, मिलर्स, उद्योग, वाहन खरीदार और शासन की वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत
मंत्रिपरिषद ने वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की।
मोटे अनाज को बढ़ावा
कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण एवं बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
वनोपज के लिए 30 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन के लिए लघु वनोपज संघ को एकमुश्त 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया गया।
राज्य शासन पर वित्तीय बोझ होगा कम
अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय स्तर के पांच निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण अदायगी के लिए 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान स्वीकृत किया गया।
इससे प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज व्यय की बचत होगी और 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी।
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन बढ़ा
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई। साथ ही, प्रोत्साहन की पात्रता के लिए न्यूनतम मिलिंग अवधि 3 माह से घटाकर 2 माह कर दी गई।
औद्योगिक विकास नीति में संशोधन
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञ नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र से जुड़ी विसंगतियां दूर होंगी। इससे निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी और स्थायी रोजगार सृजन होगा।
ऑटो एक्सपो में वाहन खरीद पर बड़ी छूट
राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो में बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया। यह छूट पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं पर लागू होगी।
राइस मिलर्स को राहत
कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर स्टाम्प शुल्क 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया।
पुलिस व्यवस्था से जुड़े अहम फैसले पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नया पद (लेवल-14) एक वर्ष के लिए स्थायी रूप से सृजित करने की स्वीकृति दी गई।
साथ ही रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में 23 जनवरी से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया।
पीएम जनमन के तहत आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगी स्वास्थ्य सेवा, मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी
दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सुविधाएँ लोगों के घर-आँगन तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के अंतर्गत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले आदिवासी परिवारों को इलाज और जाँच के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे गाँवों और बसाहटों तक पहुँचेंगी। उन्होंने इसे आदिवासी समुदायों की स्वास्थ्य सुरक्षा और सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
इन मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के करीब 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों की 2100 बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होंगी।
इन सर्वसुविधायुक्त 57 मोबाइल मेडिकल यूनिटों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यूनिटों में 25 प्रकार की जाँच सुविधाएँ तथा 106 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग, सीजीएमएससी तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उन सुदूर वनांचलों के लिए शुरू की गई हैं, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच सीमित रही है। आज पूरे प्रदेश को 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट समर्पित की गई हैं, जो जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगी।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना की शुरुआत 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना का लक्ष्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को इन यूनिटों के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों तक शीघ्र पहुँचाया जा सकेगा। प्रत्येक यूनिट हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेगी, जिसमें जाँच, उपचार और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि अब तक संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। नए वाहन, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता से यह व्यवस्था अब लगातार संचालित होगी। इससे टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम संभव हो सकेगी।
ऑपरेशन शंखनाद: गौवंश मांस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, 7 किलो मांस जब्त
चौकी सोनक्यारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तालासिली में गौवंश वध के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से 7 किलो गौवंश मांस बरामद किया गया है। एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 25.12.2025 को प्रार्थी छवि यादव (35 वर्ष), निवासी ग्राम छून्दरूपाठ, ने चौकी सोनक्यारी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24.12.2025 की शाम ग्राम तालासिली निवासी सरीफ तिग्गा, इशाक तिग्गा, घनश्याम यादव एवं एक अन्य व्यक्ति उसके पड़ोसी खुलेश्वर यादव के पास बछड़ा खरीदने आए थे। प्रार्थी द्वारा बछड़ा बेचने से मना करने के बावजूद, आरोपी पुनः आकर बछड़ा खरीदकर ले गए।
अगले दिन सुबह खेत के पास झाड़ी में भारी मात्रा में खून मिलने पर संदेह हुआ कि किसी बड़े पशु का वध किया गया है। पूछताछ पर खुलेश्वर यादव ने आरोपियों द्वारा बछड़ा ले जाने की पुष्टि की।
रिपोर्ट पर चौकी सोनक्यारी में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम द्वारा ग्राम तालासिली में सरीफ तिग्गा के घर की तलाशी लेने पर 7 किलो मांस बरामद हुआ। पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण में मांस गौवंश का पाया गया।
इसके बाद पुलिस ने सरीफ तिग्गा (30 वर्ष),इशाक तिग्गा (50 वर्ष),घनश्याम यादव (32 वर्ष) तीनों निवासी ग्राम तालासिली, चौकी सोनक्यारी, थाना सन्ना, जिला जशपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। एक आरोपी फरार है, जिसे चिन्हित कर लिया गया है और शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी सोनक्यारी सहायक उप निरीक्षक वैभव सिंह, आरक्षक नरेंद्र यादव, बाबूलाल भगत एवं नगर सैनिक शिवशंकर रवि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौवंश वध के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है और कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।
आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान, इसका संरक्षण हम सबका दायित्व : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के 73वें स्थापना दिवस एवं संस्थापक बाला साहब देशपांडे की जयंती के अवसर पर आज कल्याण आश्रम विद्यालय परिसर में वार्षिकोत्सव एवं स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी रहे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति हमारी पहचान है और इसे सहेजना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। बाला साहब देशपांडे का जनजातीय समाज की संस्कृति, कला और जीवनशैली के संरक्षण में योगदान अविस्मरणीय है। आज वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में आदिवासी समाज के उत्थान और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति पूजक रहा है। वृक्ष, पर्वत, नदियां, धरती माता और गौमाता की पूजा आदिवासी संस्कृति की विशेषता रही है। आज आदिवासी खान-पान और जैविक खेती को पूरी दुनिया अपना रही है। कोदो-कुटकी जैसे पोषक अनाजों का वैश्विक महत्व लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के योगदान को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महानायकों को नमन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर आदिवासी समाज के योगदान को राष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नवा रायपुर में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कर जनजातीय इतिहास और संस्कृति को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नागपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्री गजानन असोले एवं देवमंगल मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव श्री गोविंद नारायण सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में लोक कला संगम के अंतर्गत 150 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत जनजातीय लोकनृत्य एवं मलखंभ प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग में शबनम बाई को प्रथम, संदीप को द्वितीय और ओंकार राम भगत को तृतीय पुरस्कार मिला। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कैलाश चौहान को प्रथम, गुंजी भगत को द्वितीय तथा कमला बाई को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का किया लोकार्पण।
भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल शताब्दी वर्ष के अंतर्गत प्रदेशभर के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें जशपुर जिले के जशपुर जिला मुख्यालय स्थित संग्रहालय परिसर सहित पत्थलगांव, कुनकुरी, कोतबा और बगीचा के अटल परिसर शामिल हैं।
जशपुर जिला संग्रहालय में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक रायमुनी भगत ने प्रतीकात्मक रूप से अटल परिसर का लोकार्पण किया तथा भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने अटल जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व बहुआयामी और प्रेरणादायी था। वे कुशल राजनेता होने के साथ-साथ कवि, पत्रकार, लेखक और संवेदनशील चिंतक थे। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से शहरों से लेकर गांवों तक सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया, जिससे विकास को नई गति मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन अटल जी की दूरदर्शिता का परिणाम है और राज्य उनके सपनों के अनुरूप निरंतर प्रगति कर रहा है। सरकार वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच से छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया और आज विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए अटल जी के योगदान को याद किया तथा छत्तीसगढ़ निर्माण में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। वे छत्तीसगढ़ राज्य के सच्चे निर्माता थे और अटल परिसर का लोकार्पण सभी के लिए गौरव का विषय है। नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव ने अटल जी की प्रसिद्ध कविता का पाठ कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, पूर्व विधायक जागेश्वर भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण राजेश गुप्ता, देवधन नायक, कंचन बैरागी, विजेता भगत, शशि भगत, विनोद निकुंज, कमला बाई, शैलेंद्री यादव, सुधीर पाठक, द्वारिका मिश्रा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, नगर पालिका जशपुर के सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय, सहायक अभियंता कैलाश खरोले, शारदा प्रधान, रजनी प्रधान, कृपाशंकर भगत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।
रंगीन रोशनी, फव्वारा और प्रेरक कविताओं से सजा अटल परिसर बनेगा प्रेरणा का केंद्र
जिला संग्रहालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अटल परिसर को आकर्षक एवं भव्य स्वरूप दिया गया है। परिसर में आधुनिक रंगीन लाइटिंग, सुव्यवस्थित गार्डन और आकर्षक फव्वारा स्थापित किया गया है। साथ ही बैकवाल पर अटल बिहारी वाजपेयी के छायाचित्र, उनकी प्रेरणादायी कविताएं और विचार कलात्मक रूप से अंकित किए गए हैं।
जमीन विवाद में बलवा मारपीट करने वाले 09 आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस का फ्लैग मार्च
चौकी कोतबा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खजरीढाब में जमीन विवाद को लेकर हुए बलवा व मारपीट के मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मारपीट में प्रयुक्त 06 लाठी-डंडे भी जप्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 298, 351(2), 333, 115(2), 109(1), 190(1) एवं 191 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च भी निकाला गया। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और पुलिस लगातार निगरानी रखे हुए है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
भद्दे राम यादव (52 वर्ष)
खीत्रो मणि यादव (52 वर्ष)
तलेश्वर यादव (34 वर्ष)
महेश्वर यादव (48 वर्ष)
ललित यादव (52 वर्ष)
जागेश्वर यादव (45 वर्ष)
आगेश्वर यादव (32 वर्ष)
रुशि यादव (52 वर्ष)
गोपी यादव (26 वर्ष)
सभी निवासी ग्राम खजरीढाब, चौकी कोतबा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़)।
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोतबा उप निरीक्षक बृजेश यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि जमीन विवाद में कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है और सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन,अटल जी के सुशासन के आदर्श आज भी देश, प्रदेश के लिए पथप्रदर्शक।
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस 25 दिसंबर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटलजी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और जनकल्याण को सर्वाेपरि रखने वाले प्रधानमंत्री थे। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की नई दिशा प्राप्त की। “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी शासन-नीति का आधार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना, ये सभी प्रयास अटलजी के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प दिवस भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सहभागी बनें।
छत्तीसगढ़ स्किल टेक से कौशल-आधारित निवेश को मिली रफ्तार, 13,690 करोड़ के प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम ने राज्य में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को नई गति दी है। कार्यक्रम के दौरान 13,690 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनसे 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण GAIL का 10,500 करोड़ रुपये का गैस-आधारित उर्वरक संयंत्र रहा, जो राजनांदगांव जिले में प्रस्तावित है। इस परियोजना से लगभग 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, साथ ही तकनीकी, लॉजिस्टिक्स और सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य का विकास मॉडल निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को एक साथ जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंच युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
धर्मांतरण के विरोध में सर्व समाज का नगर बंद का आह्वान
सर्व समाज द्वारा बुधवार को शांतिपूर्ण नगर बंद का आह्वान किया गया है। समाजसेवी कृपाशंकर भगत ने बताया कि धर्मांतरण की साजिश में लगे कुछ लोगों द्वारा लगातार जनजातीय समाज की परंपराओं और आस्था को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियाँ की जा रही हैं, जिससे शांति के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई घटना भी धर्मांतरण और जनजातीय समाज की आस्था से जुड़े मामलों का ही परिणाम है। ऐसी घटनाओं का असर केवल जनजातीय समाज ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों पर पड़ रहा है।
सर्व समाज का कहना है कि धर्मांतरण के विरुद्ध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कड़ा विरोध आवश्यक है। इसी के तहत 24 दिसंबर को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद के समर्थन में जशपुर नगर बंद की अपील की गई है।
सर्व समाज ने नगर के सभी व्यापारियों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस शांतिपूर्ण बंद को समर्थन दें।
अवैध वनोपज परिवहन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सेमल लकड़ी से लदा आईशर ट्रक जप्त, 105 नग लट्ठे बरामद।
वन मंडलाधिकारी शशि कुमार के निर्देशन में वन विभाग द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में वन विभाग की टीम ने सेमल लकड़ी से लदे एक आईशर ट्रक को जप्त कर बड़ी कार्रवाई की है।
वन मंडलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सघन गश्त एवं निगरानी अभियान के तहत दिनांक 20 दिसंबर 2025 की रात्रि लगभग 01.00 बजे एक आईशर ट्रक क्रमांक CG 04 PS 3426 को रोका गया। यह वाहन सीतापुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढोंढ़ागांव ठेठेटांगर की ओर से पत्थलगांव वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालाझर की दिशा में जा रहा था।
वाहन की तलाशी के दौरान उसमें सेमल प्रजाति के कुल 105 नग लकड़ी के लट्ठे बिना किसी वैध अनुमति पत्र अथवा परिवहन पास के अवैध रूप से परिवहन करते पाए गए। वाहन चालक बसंत सिंह परिहा, निवासी चकरभाठा, जिला बिलासपुर से पूछताछ करने पर वनोपज कटाई एवं परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।
वन परिक्षेत्र पत्थलगांव के गश्ती दल द्वारा वाहन एवं उसमें लदी वनोपज को अवैध पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत जप्ती की कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। जप्त वाहन सहित वनोपज को अग्रिम कार्रवाई हेतु वन परिक्षेत्र पत्थलगांव लाया गया है। प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्राधिकारी पत्थलगांव द्वारा की जा रही है।
राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ अंतर्गत राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं लैंगिक समानता पर हुआ व्यापक विमर्श।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा राष्ट्रीय अभियान “नई चेतना 4.0” के अंतर्गत एक दिवसीय राज्य स्तरीय जेंडर कार्यशाला का आयोजन आज न्यू सर्किट हाउस, रायपुर में किया गया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का शुभारंभ माननीय अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। यह कार्यशाला महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा जेंडर आधारित हिंसा की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आयोजित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कहा कि जेंडर रिसोर्स सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा, जिससे वे अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिला शक्ति की सक्रिय भूमिका और भागीदारी को आवश्यक बताया।
मिशन संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अपने संबोधन में कहा कि जेंडर केवल किसी एक विभाग तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह शासन के सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जेंडर को मुख्यधारा में लाने के लिए विभागीय अभिसरण को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की भूमिकाओं को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करना रहा। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, सामाजिक समावेशन, जेंडर आधारित हिंसा, शिकायत निवारण तंत्र तथा अधिकार आधारित सेवाओं की पहुँच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
कार्यशाला में पुलिस विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा महिलाओं के हक एवं अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए गए।
कांकेर जिले की स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा, सामाजिक भेदभाव तथा जेंडर रिसोर्स सेंटर की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही आयोजित दो पैनल चर्चाओं में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण में आने वाली चुनौतियों तथा विभागीय अभिसरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, एनएमएमयू प्रतिनिधि, प्रदान, ट्रीफ, चैतन्य संस्था सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए जीएमटी, समूह सदस्य, पदाधिकारी एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों को सम्मानित किया गया। समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को समय पर सहयोग, सुरक्षित मंच एवं भरोसेमंद तंत्र उपलब्ध कराना ही राष्ट्रीय अभियान ‘नई चेतना 4.0’ का मूल उद्देश्य है।
प्रदेश में छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति को नई गति: SSIP के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं के उद्यमशील विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि विभागीय बजट में पूर्व से प्रावधानित थी, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में व्यय किए जाने की अनुमति दी गई है।
स्वीकृत बजट के अंतर्गत i-Hub छत्तीसगढ़ के सुचारु संचालन हेतु प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से राज्यभर में स्टार्टअप गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं नवाचार संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय हैकाथॉन, आइडियाथॉन, इनोवेशन कैंप, स्टार्टअप मीटिंग्स और नवाचार जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
नीति के अंतर्गत छात्रों एवं नवप्रवर्तकों के विचारों को अवधारणा से प्रोटोटाइप तक पहुंचाने के लिए कॉन्सेप्ट वैलिडेशन के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रारंभिक परीक्षण, अध्ययन, डिजाइन, तकनीकी सेवाएं तथा विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करना संभव होगा। इसके अतिरिक्त, चयनित स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के माध्यम से बाजार सत्यापन, उत्पाद विकास, कानूनी एवं तकनीकी सहयोग तथा प्रारंभिक विपणन के लिए सहायता प्रदान की जाएगी।
छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क फाइलिंग के लिए तकनीकी, कानूनी एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे नवाचार सुरक्षित रहेंगे और स्टार्टअप्स को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट विजन है कि छत्तीसगढ़ को नवाचार एवं उद्यमिता का सशक्त केंद्र बनाया जाए। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ रुपये की यह स्वीकृति युवाओं के विचारों और क्षमताओं पर सरकार के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निवेश छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में परिवर्तित करने का अवसर देगा, जिससे न केवल नए स्टार्टअप्स विकसित होंगे, बल्कि राज्य में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशील सोच को सशक्त करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति (SSIP) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 5 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस निवेश से छात्रों और नवप्रवर्तकों को अपने नवाचारों को व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा, जिससे छत्तीसगढ़ में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार सृजन को नई गति प्राप्त होगी। - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
