प्रदेश
विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं,प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी,शिलापट्ट नहीं लगाने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।
वित्त एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने रविवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण जशपुर के अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा विकास कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करें।
बैठक में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, डीएफओ शशि कुमार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पिछले दस वर्षों की तुलना में वर्तमान सरकार ने जशपुर जिले के लिए रिकॉर्ड संख्या में विकास कार्य स्वीकृत किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जिन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन हो चुका है, उनके शिलापट्ट संबंधित गांवों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विभाग का शिलापट्ट इधर-उधर पड़ा मिला या शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने महिलाओं और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है, जिसका उपयोग वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत योजनाओं में कर सकती हैं। साथ ही महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत महिलाओं को कम ब्याज दर पर 25 हजार रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों को गंभीरता से पूर्ण करने के निर्देश दिए तथा कृषि विभाग को किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसानों को मछली पालन, केला एवं लिची की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री घोषणाओं के अनुरूप मेडिकल कॉलेज, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, क्रिटिकल केयर सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सन्ना विकासखंड के पंडरापाठ में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों के लिए तीरंदाजी केंद्र का निर्माण शुरू हो गया है, वहीं कुनकुरी सलियाटोली में एडवेंचर स्पोर्ट्स परियोजना भी प्रारंभ की जा चुकी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बैठक में कहा कि चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की आवश्यकता है, जिससे पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट जागरूकता अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 2000 से अधिक लोगों के अपील वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा चुके हैं।
बैठक में सुशासन तिहार, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, वन विभाग, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, खेल एवं युवा कल्याण सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर रोहित व्यास ने एम-कैड योजना के निर्माण कार्य का किया निरीक्षण जशपुर बनेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल जिला
कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया में संचालित समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। वर्तमान में परियोजना के प्रारंभिक चरण में ले-आउट एवं खुदाई कार्य प्रगति पर है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मैनी नदी पर निर्मित बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से संचालित की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि आधुनिक एवं नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर इस सिंचाई परियोजना का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में एक आदर्श सिंचाई मॉडल के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में सभी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
*आधुनिक तकनीक, सौर ऊर्जा और स्मार्ट जल प्रबंधन से किसानों को मिलेगा लाभ*
परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे जल उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इसके तहत जमीन के अंदर पाइप बिछेगी, जिससे जमीन अधिग्रहण की भी समस्या नहीं होगी। पहले सिंचाई के लिए बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। अब इस योजना से पानी की कमी दूर होगी। साथ ही किसानों को पर्याप्त पानी भी मिलेगा। देश में 23 राज्यों में 34 योजना स्वीकृत किए गए है। इसमें प्रदेश का एकमात्र बगिया क्लस्टर शामिल है। जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपए है। इसके अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 ग्रामों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, पानी की हर बूंद का समुचित उपयोग करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है।
परियोजना में विद्युत आपूर्ति सौर ऊर्जा के माध्यम से की जाएगी। साथ ही जल के नियंत्रित एवं वैज्ञानिक उपयोग के लिए सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विज़िशन तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से सिंचाई परिसंपत्तियों पाइप नेटवर्क संरचना एवं जल प्रबंधन के संचालन में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डेटा एवं विश्लेषण के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि कहां, कब और कितना पानी देना है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था के साथ उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जा रहा है, जिससे दीर्घकालीन उत्पादकता, लाभप्रदता और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार सुनिश्चित होगा।
जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान के तहत गांवों में लगाया गया शिविर ।
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान के तहत फरसाबहार विकास खंड के ग्राम पुराईनबंध कांसाबेल विकास खंड के ग्राम कुसुमताल बगीचा विकास खंड के देवडाड़, पतराटोली, ग्राम पंचायत पीठा आमा, जशपुर विकास खंड के ग्राम घोलेंगे , कुनकुरी विकास खंड के ग्राम कलिबा, ग्राम गोरिया, ग्राम चटकपुर, आदि अन्य ग्राम पंचायतों में शिविर लगाया गया।
जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का राशनकार्ड बनाकर दिया गया लोगों का पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।
ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।
जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान के तहत गांवों में लगाया गया शिविर ।
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान के तहत फरसाबहार विकास खंड के ग्राम पुराईनबंध कांसाबेल विकास खंड के ग्राम कुसुमताल बगीचा विकास खंड के देवडाड़, पतराटोली, ग्राम पंचायत पीठा आमा, जशपुर विकास खंड के ग्राम घोलेंगे , कुनकुरी विकास खंड के ग्राम कलिबा, ग्राम गोरिया, ग्राम चटकपुर, आदि अन्य ग्राम पंचायतों में शिविर लगाया गया।
जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का राशनकार्ड बनाकर दिया गया लोगों का पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।
ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।
जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान के तहत गांवों में लगाया गया शिविर ।
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार "जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले" अभियान के तहत फरसाबहार विकास खंड के ग्राम पुराईनबंध कांसाबेल विकास खंड के ग्राम कुसुमताल बगीचा विकास खंड के देवडाड़, पतराटोली, ग्राम पंचायत पीठा आमा, जशपुर विकास खंड के ग्राम घोलेंगे , कुनकुरी विकास खंड के ग्राम कलिबा, ग्राम गोरिया, ग्राम चटकपुर, आदि अन्य ग्राम पंचायतों में शिविर लगाया गया।
जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का राशनकार्ड बनाकर दिया गया लोगों का पेंशन स्वीकृत आदेश दिया गया।
ग्रामवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण और आधार अपडेट,आय जाति, निवास प्रमाण के आनलाइन आवेदन और आयुष्मान कार्ड बनाया गया।
सुशासन तिहार में लगातार मिल रहा योजनाओं का लाभ, कुसुमताल में मिली खुशियों की सौगात
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिलेवासियों को लगातार शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत कांसाबेल के ग्राम पंचायत कुसुमताल में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों को खुशियों की सौगात मिली। शिविर में जहां समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया, वहीं पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को उनके पक्के घर के सपने को साकार करने हेतु “खुशियों की चाबी” प्रदान की गई, जिससे ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया।
इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को पेंशन प्रमाण पत्र वितरित किए गए। दिव्यांग हितग्राहियों को भी शिविर में विशेष रूप से लाभान्वित किया गया। हितग्राही को सहायक उपकरण के रूप में व्हीलचेयर प्रदान की गई, जिससे उसकी दैनिक जीवन की गतिविधियां सरल हो सकेंगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरामती पैंकरा, वरिष्ठ नागरिक श्री सुदाम पांडा तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। सभी ने हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए शासन की जनकल्याणकारी पहल की सराहना की।
शिविर के दौरान “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत उपस्थित ग्रामीणों को शपथ भी दिलाई गई, जिसमें सभी ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उन्हें योजनाओं का लाभ घर के पास ही मिल रहा है, जिससे समय, धन और श्रम की बचत हो रही है। यह पहल न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है, बल्कि उनके जीवन स्तर को भी बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी।
अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘कामयाबी वेन’ को दिखाई हरी झंडी : दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा की नई रोशनी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के ग्राम कुशहा में आयोजित चौपाल के दौरान नीति आयोग द्वारा वित्तपोषित ‘मिशन कामयाबी’ के तहत संचालित ‘कामयाबी वेन’ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों तक आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी आधारित सीखने के अवसर पहुंचाए जाएंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक तकनीक का समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान, नवाचार और तकनीक का है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी डिजिटल संसाधनों और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
उल्लेखनीय है कि ‘कामयाबी वेन’ के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह वेन विज्ञान, गणित, तकनीकी अवधारणाओं और अन्य विषयों को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और व्यवहारिक तरीके से समझाने में सहायक होगी। इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, तकनीकी जागरूकता तथा बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभिनव पहल दूरस्थ गांवों के विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी तथा उन्हें विज्ञान, डिजिटल तकनीक और आधुनिक शिक्षा से सरल एवं प्रभावी ढंग से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
इस अवसर पर विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
सबसे दूर, सबसे पहले: नारायणपुर के 262 आदिवासी गाँवों में पहुँचेगा विकास'जनजाति गरिमा उत्सव' का शंखनाद
छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय परिवारों के सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए नारायणपुर जिले में “सबसे दूर, सबसे पहले” की अनूठी थीम पर 'जनजाति गरिमा उत्सव' जन भागीदारी अभियान की शुरुआत हो गई है। जिले के 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों को पूरी तरह संतृप्त (Saturated) करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के कड़े निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान का मुख्य ध्येय शासन की हर एक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इसके लिए ज़िला प्रशासन और नोडल अधिकारियों की टीम सीधे जमीनी स्तर पर मोर्चा संभालेगी।
*तीन बड़े अभियानों का त्रिवेणी संगम: गाँव-गाँव शिविर*
इस अभियान के तहत जिले के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। जिले के सभी 262 जनजातीय बाहुल्य गाँवों में विशेष जन भागीदारी शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 255 गाँवों को कवर किया जाएगा, जहाँ 'आदि सेवा केंद्रों' के माध्यम से जनसुनवाई होगी और ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाएगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए 204 गाँवों में पात्र हितग्राहियों को चिह्नित कर सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
*एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएँ*
18 मई से 25 मई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान गाँवों में ही एकीकृत शिविरों का आयोजन हो रहा है। इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेडिकल कैंप,पात्रता के अनुसार ऑन-द-स्पॉट जनकल्याणकारी योजनाओं के फॉर्म भरना और मौके पर ही लाभान्वित करना तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। यह अभियान केवल सरकारी योजनाओं का वितरण नहीं, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का माध्यम है। यह आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण, सम्मान और विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।"
*जनप्रतिनिधियों और समाज से सहयोग की अपील*
कलेक्टर ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन का मुख्य फोकस ग्रामीणों को उनके अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति हक से
वंचित न रहे।
धमतरी के शिवचरण की टूटी उम्मीदों को समाधान शिविर ने दिया नया संबल राजस्व मंत्री के हाथों मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल
जब शासन संवेदनशील हो और नीतियां जन-सरोकार से जुड़ी हों, तो आपदा से हारा इंसान भी दोबारा सम्मान से सिर उठाकर जीने की ताकत पा लेता है। धमतरी जिले के ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर इसका जीवंत उदाहरण बना। आकाशीय बिजली की एक गड़गड़ाहट ने ग्राम पीपरछेड़ी निवासी शिवचरण कंवर की जिंदगी को मानो एक पल में थाम दिया था। वर्ष 2022 में हुई इस दर्दनाक दुर्घटना में शिवचरण ने अपने दोनों पैरों की सक्रियता खो दी। जो हाथ कभी कड़ी मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, वे अचानक दूसरों के सहारे के मोहताज हो गए। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और शारीरिक असमर्थता ने शिवचरण को गहरे अवसाद में धकेल दिया था। लेकिन छत्तीसगढ़ शासन के 'सुशासन तिहार' ने उनकी जिंदगी का रुख मोड़ दिया है।
*समाधान शिविर से मिला नया जीवन*
ग्राम पीपरछेड़ी में आयोजित राज्य शासन के 'समाधान शिविर' में शिवचरण की इस लाचारी को बेहद संवेदनशीलता से सुना गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिवचरण को तुरंत मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की।
बैटरी चलित इस ट्राईसाइकिल की चाबी जैसे ही शिवचरण के हाथों में आई, उनके चेहरे पर खोया हुआ आत्मविश्वास लौट आया। भावुक होते हुए शिवचरण ने कहा कि आकाशीय बिजली ने मुझसे मेरे पैर छीन लिए थे, मुझे लगता था कि अब मैं जिंदगी भर एक कमरे में कैद रह जाऊंगा। लेकिन आज इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया है। अब मैं बिना किसी सहारे के अपने काम खुद कर सकूंगा और समाज में आत्मनिर्भर होकर घूम सकूंगा।
*त्रिवेणी संगम: राशन,सम्मान और महतारी वंदन का साथ*
शिवचरण के परिवार के लिए यह समाधान शिविर केवल एक ट्राईसाइकिल मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं ने भी उनके घर के चूल्हे को बुझने से बचाया है। शिवचरण के जीवन को सुरक्षित करने के लिए शासन की तीन बड़ी योजनाओं ने सुरक्षा कवच का काम किया है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल,नया राशन कार्ड और महतारी वंदन योजना के तहत शिवचरण की पत्नी को हर महीने नियमित रूप से मिल रही 1000 रुपये की सहायता राशि, जिससे परिवार को मजबूत आर्थिक संबल मिलेगा।
मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार कागजों से निकलकर जिंदगी बदलती योजनाएं
इस संवेदनशीलता के लिए शिवचरण और उनके पूरे परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन धमतरी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार सचमुच गरीबों और दिव्यांगों की तकलीफ को समझती है।
पीपरछेड़ी का यह समाधान शिविर केवल सरकारी फाइलों के निपटारे का माध्यम नहीं था, बल्कि यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब सरकार प्रतिबद्धता के साथ जनता के द्वार पहुंचती है, तो योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहतीं। वे सीधे जरूरतमंदों के जीवन में सम्मान, स्वावलंबन और नई उम्मीद का सवेरा लेकर आती हैं। शिवचरण की यह कहानी छत्तीसगढ़ शासन के 'अंत्योदय' के संकल्प को पूरी तरह चरितार्थ करती है।
“लखपति से करोड़पति दीदी” बनने का मुख्यमंत्री ने दिया मंत्र, महिलाओं को उद्यम विस्तार के लिए किया प्रेरित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ग्राम रामपुर में सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को करीब से जाना। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, किसानों और ग्रामीण परिवारों से योजनाओं के लाभ, आयवृद्धि, आजीविका और जीवनस्तर में आए सुधारों की जानकारी लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है, तभी सुशासन की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने साधना महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी श्रीमती जागेश्वरी प्रजापति से उनके समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आलू चिप्स के व्यवसाय की जानकारी ली। श्रीमती जागेश्वरी ने बताया कि समूह अब तक आलू चिप्स की बिक्री से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुका है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने सहज मुस्कान के साथ कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” मुख्यमंत्री की इस आत्मीय टिप्पणी से शिविर स्थल पर हर्ष और आत्मीयता का वातावरण बन गया।
मुख्यमंत्री ने समूह की महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उन्हें अपने उत्पादों का विस्तार करने, बेहतर पैकेजिंग और बाज़ार से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से “लखपति दीदी योजना” की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं तथा सरकार का लक्ष्य 10 लाख लखपति दीदियां तैयार करना है। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अब समय केवल लखपति बनने का नहीं, बल्कि आगे बढ़कर “करोड़पति दीदी” बनने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं परिवार, समाज और राज्य के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती हैं।शिविर में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री प्राण साय प्रजापति से भी आत्मीय चर्चा की। हितग्राही ने बताया कि योजना के माध्यम से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर गरीब परिवार को सम्मानपूर्वक पक्की छत उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सुशासन तिहार की सार्थकता उस समय और स्पष्ट दिखी जब ग्राम चंद्रपुर निवासी श्रीमती प्रिया सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने शिविर में राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था और उसी दिन उनका आवेदन निराकृत कर राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का उदाहरण बताते हुए संबंधित अधिकारियों की सराहना की तथा कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य ही आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, सरल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुँचे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के एक लाभार्थी से भी संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे प्राप्त राशि का उपयोग सब्जी उत्पादन में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने उनकी पहल की सराहना करते हुए उन्हें प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित किया, ताकि सिंचाई लागत कम हो, खेती अधिक लाभकारी बने और किसानों को बिजली खर्च से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित खेती ही किसानों की आय वृद्धि का मजबूत आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों के अनुभव सुनने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देता है जब उसका लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचकर उसके जीवन में बदलाव लाए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकाधिक लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर, समृद्ध तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें।
जशपुर जिले के 417 ग्रामों में जनजातीय गरिमा उत्सव का आयोजन।
भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के अंतर्गत जशपुर जिले के 417 धरती आबा ग्राम तथा पीएम जनमन ग्रामों में व्यापक स्तर पर जनजातीय गरिमा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान 18 मई से 25 मई 2026 तक संचालित होगा।
इस अभियान के तहत 18 मई 2026 को जिला कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में सभी विभाग प्रमुखों तथा एसडीएम की बैठक आयोजित की जाएगी । 19 मई से 24 मई तक जिले के 42 क्लस्टर में संतृप्तिकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा ।
21 से 23 मई तक आदि सेवा केंद्रों में जनसुनवाई कार्यक्रम होंगे जहाँ लोग अपनी समस्याएं बतायेंगे तथा उसका वहीं निवारण किया जाएगा ।
उक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना, हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ना तथा जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा एवं गौरव को सम्मान देना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद, हितग्राही संतृप्तिकरण शिविर एवं विभिन्न विभागों द्वारा सेवा प्रदाय गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पारंपरिक मुखिया, जनजातीय कलाकार, युवा समूह, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सहभागिता करेंगे। उत्सव के दौरान जनजातीय लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, योजनाओं की जानकारी, हितग्राही अनुभव साझा करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ सिकल सेल एनीमिया एवं टीबी जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा अभियान के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर बड़ा ऐलान “नर्सिंग सिस्टर” अब कहलाएंगी “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर”
अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के नर्सिंग संवर्ग के सम्मान में बड़ा निर्णय लेते हुए पदनाम परिवर्तन की घोषणा की है। अब “नर्सिंग सिस्टर” को “सीनियर नर्सिंग ऑफिसर” और “स्टाफ नर्स” को “नर्सिंग ऑफिसर” के नाम से जाना जाएगा।
यह घोषणा डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी, नर्सिंग छात्र-छात्राएं तथा अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की सेवा करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कोविड काल को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सिंग स्टाफ ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। मंत्री ने कहा कि “चिकित्सा सेवा में नर्स माँ के समान होती है, क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं।”
स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और वर्षों से लंबित सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित समस्त नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की गई।
07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम।
रायपुर, 07 मई 2026/
छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।
*प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान*
इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना।
*विकास के तीन मुख्य स्तंभ*
रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके।
*तकनीक और सहभागिता से सुशासन*
अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री श्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया । अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है।
अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी। ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा।
देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।
वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50% शुल्क छूट महिला सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय

जशपुर जंक्शन 07 मई
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके नाम पर कराए जा रहे भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी करने का फैसला लिया है। माननीय मुख्यमंत्री जी श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में माननीय पंजीयन मंत्री श्री ओ पी चौधरी की पहल पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया .मंत्रिपरिषद द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दिेये जाने के उपरान्त अधिसूचना प्रकाशन से यह छूट प्रभावशील हो गई है।इस निर्णय से महिलाओं के नाम संपत्ति के रजिस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा जिससे महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा.
अधिसूचना के अनुसार, महिलाओं के पक्ष में निष्पादित अचल संपत्ति अंतरण से जुड़े दस्तावेजों पर लागू पंजीयन शुल्क में पचास फीसदी की छूट दी जाएगी। वर्तमान में ऐसे दस्तावेजों पर संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर 4 प्रतिशत की दर से पंजीयन शुल्क लिया जाता है। अब महिलाओं के नाम पर होने वाले रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क दो प्रतिशत लगेगा।
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए यह एक दूरदर्शी और सकारात्मक पहल है। वर्ष 2024-25 में महिलाओं के नाम पर 82,755 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है।नए प्रावधान के लागू होने से अनुमानित रूप से करीब 200 करोड़ रुपये के राजस्व में कमी आ सकती है।राजस्व में कमी के बावजूद महिलाओं को सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है।इस निर्णय से महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और समाज में उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत होगी।
