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कुनकुरी में सूने मकान में चोरी का खुलासा, चोर और जेवर खरीदने वाला गिरफ्तार
जशपुर जिले के कुनकुरी क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी चोर और चोरी का सामान खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला कुनकुरी के रेमते रोड मोहल्ले का है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 9 मार्च 2026 को प्रार्थी राकेश कुमार साव (38 वर्ष) निवासी रेमते रोड कुनकुरी ने थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिता रामबिलास प्रसाद का मकान उनके घर के पास ही है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ रहते थे। करीब छह महीने पहले पत्नी के इलाज के लिए वे रांची चले गए थे और मकान की देखरेख की जिम्मेदारी प्रार्थी को दी थी। इस बीच 19 जनवरी को उनकी बड़ी मां का निधन हो गया था, जिसके कारण प्रार्थी भी क्रियाकर्म में शामिल होने रांची चला गया था।
9 मार्च को रांची से लौटने पर प्रार्थी ने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और अंदर अलमारी खुली पड़ी है तथा सामान बिखरा हुआ है। जब इस बारे में रामबिलास प्रसाद को जानकारी दी गई तो उन्होंने बताया कि अलमारी में रखे सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल, पांच नग चांदी की साठी और करीब डेढ़ हजार रुपए चोरी हो गए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(क) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तुरी बस्ती निवासी साहिल चौहान उर्फ मंटू अचानक अधिक पैसे खर्च कर रहा है।
संदेह के आधार पर पुलिस ने साहिल चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की घटना स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने ही रामबिलास प्रसाद के घर में चोरी की थी और सोने-चांदी के आभूषणों को कुनकुरी के बजरंग नगर निवासी दिवाकर ताम्रकार को 20 हजार रुपए में बेच दिया था।
इसके बाद पुलिस ने खरीदार दिवाकर ताम्रकार को भी हिरासत में लेकर उसके कब्जे से चोरी के सोने के कान के टॉप्स, एक जोड़ी चांदी की पायल और पांच नग चांदी की साठी बरामद कर ली। वहीं आरोपी की निशानदेही पर घर और अलमारी का ताला तोड़ने में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी जब्त की गई।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी साहिल चौहान (22 वर्ष) निवासी तुरी बस्ती कुनकुरी और दिवाकर ताम्रकार (28 वर्ष) निवासी बजरंग नगर कुनकुरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक ढलेश्वर यादव, नंदलाल यादव और लियोन कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई।
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.28518 किलोग्राम गांजा एवं एक ट्रक जब्त।
महासमुंद जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा तथा एक 14 चक्का ट्रक जब्त किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएच-53 स्थित बैतारी के पास वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान आबकारी उपनिरीक्षक श्री मिर्जा जफर बैग, श्री हृदय कुमार त्रिपुड़े, श्री नीरज कुमार साह तथा श्री अनिल कुमार झरिया की संयुक्त टीम ने एक 14 चक्का ट्रक को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक में सवार आरोपी ईरफान गौरी के पास से 18.285 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) (पप) (सी) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आबकारी विभाग द्वारा आरोपी को रिमांड पर लेकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
आईजी दीपक झा ने किया जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण, रक्षित केंद्र में ली परेड की सलामी।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने मंगलवार को जशपुर जिले का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रक्षित केंद्र जशपुर पहुंचकर परेड की सलामी ली तथा पुलिस बल के अनुशासन, वेश-भूषा और कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उत्कृष्ट वेश-भूषा और अनुशासन का प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उन्होंने पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने रक्षित केंद्र में उपलब्ध शासकीय वाहनों का निरीक्षण करते हुए उनके उचित रख-रखाव और नियमित देखरेख के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन शाखा, कैश शाखा, स्टोर शाखा और पुलिस कैंटीन सहित विभिन्न शाखाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसके बाद आयोजित पुलिस दरबार में आईजी श्री झा ने जिले के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्तम गणवेश में रहने और सख्त अनुशासन का पालन करने की बात कही। साथ ही आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों को देखते हुए कंप्यूटर का ज्ञान रखना भी आवश्यक बताया, ताकि कार्यालयीन और तकनीकी कार्य बेहतर ढंग से किए जा सकें।
आईजी ने पुलिस बल को नशे से दूर रहने और भ्रष्टाचार से बचने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि जनता के बीच एक ईमानदार और जिम्मेदार संस्था के रूप में बनी रहनी चाहिए। किसी भी आपराधिक गतिविधि में पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिटी कोतवाली जशपुर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण कर लंबित प्रकरणों की जानकारी ली तथा उन्हें शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पटनवार, एसडीओपी जशपुर चंद्रशेखर परमा, एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक कुंजराम चौहान, उप पुलिस अधीक्षक (अ.जा.क.) भावेश समरथ, उप पुलिस अधीक्षक आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खूंटे, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री श्री आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए श्री आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं विधायक सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।
मिशन वात्सल्य की समीक्षा: बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने कलेक्टर ने दिये निर्देश
कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई तथा जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक लेकर बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बाल संप्रेषण गृह में कार्यरत परामर्शदाता, सुपरवाइजर, केस वर्कर, समन्वयक, अधीक्षक, संरक्षण अधिकारी एवं ऑपरेटरों के रिक्त एवं भरे पदों की जानकारी ली। उन्होंने रिक्त पदों की पूर्ति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में प्राप्त, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का समयबद्ध एवं संवेदनशील निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों के हित प्रभावित न हों। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री चंद्रशेखर यादव सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।
बाल देखरेख संस्थाओं की गतिविधियों की समीक्षा
कलेक्टर ने बाल देखरेख संस्थाओं में संरक्षित बच्चों की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डीपीओ ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार नियमित रूप से खेलकूद, रंगोली, पेंटिंग, क्राफ्ट, लेखन, संगीत, नुक्कड़ नाटक एवं भाषण जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक माह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक एवं भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के सर्वेक्षण एवं रेस्क्यू हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। चिन्हांकित बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। उन्होंने बच्चों के आधार कार्ड, बैंक खाते एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली। छत्तीसगढ़ राज्य प्रवर्तकता कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री बाल उदय योजना अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा कर उसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान पर जोर
बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीपीओ ने बताया कि जिले की 444 ग्राम पंचायतों में से 285 ग्राम पंचायतों से बाल विवाह मुक्त प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। पुलिस सत्यापन के उपरांत संबंधित ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। जिले के सभी परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर एवं ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गांवों में बाल विवाह मुक्त अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बाल संरक्षण केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर जिले को सुरक्षित एवं बाल हितैषी बनाने में योगदान दें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं।
इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक श्री रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सुश्री भावना गुप्ता,डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद श्री गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
जन्मदिन विशेष CM विष्णु देव साय ,बगिया की धरती से मुख्यमंत्री पद तक का प्रेरक सफर,आज बगिया पहुंचेंगे मुख्यमंत्री।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपना 62वाँ जन्मदिवस सादगी और श्रद्धा के साथ अपने गृह ग्राम बगिया में मना रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानने वाले साय का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनविश्वास की मिसाल है।
21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के ग्राम बगिया में जन्मे साय ने आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक का सफर तय किया। यह यात्रा केवल राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की गाथा है।
पंच से मुख्यमंत्री तक संघर्ष और समर्पण
स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1990 में निर्विरोध सरपंच बने और इसके बाद तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।
रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद रहे साय ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2014 से 2019 तक केंद्र सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया।
3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
किसान, गरीब और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित की।
26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत कर गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है।
सरलता सौम्यता ही पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में है। वे सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार करते हैं।
उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और जनसंवाद प्रमुख तत्व रहे हैं।
जन्मदिवस पर शुभकामनाओं का तांता
आज उनके जन्मदिवस पर बगिया सहित पूरे प्रदेश में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। हजारों लोग उन्हें बधाई देने बगिया पहुंच रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और पारिवारिक सादगी के बीच मनाया जा रहा यह जन्मदिन जननेता की विनम्रता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।बगिया की मिट्टी से निकला यह सपूत आज छत्तीसगढ़ के विकास की नई इबारत लिख रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को पत्रवार्ता परिवार की ओर से जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन की ओर बढ़े कदम फरसाबहार की बिहान समूह सदस्याओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने एक्सपोजर विजिट।
विकासखंड फरसाबहार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 स्व-सहायता समूह सदस्यों को मत्स्य विभाग के सहयोग से संचालित बीज प्रसंस्करण एवं मॉडल इकाइयों का एक्सपोजर विजिट कराया गया।
यह पहल जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) श्री गया प्रसाद चौरसिया के समन्वय में, मत्स्य विभाग एवं विकासखंड स्तरीय अमले के सहयोग से संपन्न हुई।
एक्सपोजर विजिट के दौरान समूह की संभावित ‘लखपति दीदियों’ ने आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों जैसे केज कल्चर, तालाब आधारित उन्नत पालन, अर्ध-प्राकृतिक तालाब प्रबंधन तथा पोंड लाइनिंग प्रणाली के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों को बारहमासी मछली प्रजातियों—तेलापिया, पंगास आदि के वैज्ञानिक पालन, आहार प्रबंधन, बीज चयन एवं बाजार उपलब्धता के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। समूह की सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों को समझते हुए गहरी रुचि दिखाई और आगामी सीजन में विभागीय सहयोग से उन्नत मत्स्य पालन प्रारंभ करने की कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन अपनाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं।
इस एक्सपोजर विजिट में जनपद सीईओ श्री मिथलेश पैंकरा, मत्स्य निरीक्षक श्री रवि पैंकरा तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक श्री अनूप कुमार मेहर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
जिला प्रशासन की इस पहल से फरसाबहार क्षेत्र की महिला समूह सदस्याएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आजीविका के नए अवसरों के माध्यम से सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो रही हैं।
जन्मदिवस पर गृहग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जन्मदिवस की दी बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे, जहां उनके आगमन पर उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। बगिया स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें आत्मीयता के साथ जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री के बगिया हेलीपैड पहुंचने पर टाटीडांड से आए करमा नर्तक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक एवं मनमोहक करमा नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालक आश्रम बगिया में बच्चों के बीच मनाया अपना 62वाँ जन्मदिवस।
विष्णुदेव साय ने अपना 62वाँ जन्मदिवस बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच मनाकर इस दिन को उनके लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया। मुख्यमंत्री ने बगिया हेलीपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया पहुँचकर बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। आश्रम के बच्चे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। वे उत्साहपूर्वक उनके चारों ओर एकत्र हो गए और उनसे बातचीत करने लगे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक संवाद किया और उनका हालचाल जाना। उनके सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे और खुशी से चहकते हुए उनसे बातें करते रहे। इस दौरान आश्रम परिसर में खुशियों और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट वितरित कर उन्हें जन्मदिवस की खुशी में सहभागी बनाया। बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने जीवन में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और आश्रम के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा: वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति, 543 विकास कार्यों को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।
बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन 4 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला पुनर्वास लाभ
प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।
जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं।
उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
रायगढ़ में महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने किया जनादेश का स्मरण।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाशिवरात्रि की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।
24 घंटे में उठाईगिरी का खुलासा: 8 हजार नगद सहित दो आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने खरसिया थाना क्षेत्र के हमालपारा में हुई उठाईगिरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी रकम एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहर कॉलोनी खरसिया निवासी व्यवसायी विनोद अग्रवाल ने 10 फरवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे हमालपारा स्थित एक दुकान के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की थी। मोटरसाइकिल के हैंडल में नगदी व दस्तावेजों से भरा बैग टांगकर वह दुकान के अंदर गए। लौटने पर बैग व थैला गायब मिला। बैग में 8-9 हजार रुपये नगद, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज रखे थे।
पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 54/2026 के तहत धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमालपारा तालाब पार खरसिया निवासी राजू महंत (35 वर्ष) एवं अंकित वैष्णव (27 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी राजू महंत से 4,000 रुपये नगद व काला बैग (जिसमें आधार व पैन कार्ड थे) तथा आरोपी अंकित वैष्णव से 4,000 रुपये नगद एवं थैला बरामद किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की सतत निगरानी है। उठाईगिरी एवं चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों पर अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।”
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
