प्रदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गिरौदपुरी में संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले में हुए शामिल।

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मभूमि एवं तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में आयोजित संत समागम एवं गुरुदर्शन मेला में शामिल हुए। उन्होंने पूज्य गुरुगद्दी का दर्शन एवं पूजा - अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि के लिये कामना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के मनखे- मनखे एक समान का सन्देश, मानव को मानव से जोड़ने वाला और सद्भाव व समरसता बढ़ाने वाला है। बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के द्वारा गिरौदपुरी का सतत् विकास किया जा रहा है। विशाल जैतखाम निर्माण से लेकर अनेक सुविधाओं का विस्तार यहां किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किये गए जनसुविधा विस्तार कार्य की सराहना की और कहा कि वेबसाईट और मोबाइल एप्प से भी मेले में उपलब्ध सुविधा की जानकारी श्रद्धालु ले सकते हैं। उन्होंने इस दौरान वहां चस्पा किये गए क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन कर जानकारी ली।

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर मुख्य मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित किया। मुख्यमंत्री के हाथों स्थानीय श्रद्धालु एवं स्व सहायता समूह की महिलाएं प्रसाद ग्रहण कर उत्साहित हुए। गौरतलब है कि गिरौदपुरी में तीन दिवसीय संत समागम एवं गुरू दर्शन मेला 22 फ़रवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रदेश सहित देश एवं विदेश से भी सतनाम पंथ के अनुयायी यहां मेले में आए हुए हैं। 

इस अवसर पर धर्मगुरू गुरु बालदास साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, राजिम विधायक श्री रोहित साहु, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर श्री नवीन अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर श्री दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक सुश्री भावना गुप्ता,डीएफओ श्री गणवीर धम्मशील, पूर्व सांसद श्री गुहा राम अजगले, पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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जन्मदिन विशेष CM विष्णु देव साय ,बगिया की धरती से मुख्यमंत्री पद तक का प्रेरक सफर,आज बगिया पहुंचेंगे मुख्यमंत्री।

 

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपना 62वाँ जन्मदिवस सादगी और श्रद्धा के साथ अपने गृह ग्राम बगिया में मना रहे हैं। जनसेवा को सर्वोपरि मानने वाले साय का जीवन संघर्ष, समर्पण और जनविश्वास की मिसाल है।

21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के ग्राम बगिया में जन्मे साय ने आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश की सर्वोच्च जिम्मेदारी तक का सफर तय किया। यह यात्रा केवल राजनीतिक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की गाथा है।

पंच से मुख्यमंत्री तक संघर्ष और समर्पण

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। 1990 में निर्विरोध सरपंच बने और इसके बाद तपकरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।

रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद रहे साय ने राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2014 से 2019 तक केंद्र सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया।

3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

किसान, गरीब और महिला सशक्तिकरण पर फोकस

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सुनिश्चित की।

26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत कर गरीब परिवारों को पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिली है।

सरलता सौम्यता ही पहचान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहचान एक सहज, सरल और संवादप्रिय जननेता के रूप में है। वे सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की समस्याओं को गहराई से समझते हैं और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार करते हैं।

उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और जनसंवाद प्रमुख तत्व रहे हैं।

जन्मदिवस पर शुभकामनाओं का तांता

आज उनके जन्मदिवस पर बगिया सहित पूरे प्रदेश में समर्थकों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है। हजारों लोग उन्हें बधाई देने बगिया पहुंच रहे हैं। धार्मिक अनुष्ठानों और पारिवारिक सादगी के बीच मनाया जा रहा यह जन्मदिन जननेता की विनम्रता और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।बगिया की मिट्टी से निकला यह सपूत आज छत्तीसगढ़ के विकास की नई इबारत लिख रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी को पत्रवार्ता परिवार की ओर से जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

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आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन की ओर बढ़े कदम फरसाबहार की बिहान समूह सदस्याओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने एक्सपोजर विजिट।

 

 

 विकासखंड फरसाबहार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त कर ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 स्व-सहायता समूह सदस्यों को मत्स्य विभाग के सहयोग से संचालित बीज प्रसंस्करण एवं मॉडल इकाइयों का एक्सपोजर विजिट कराया गया।

यह पहल जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) श्री गया प्रसाद चौरसिया के समन्वय में, मत्स्य विभाग एवं विकासखंड स्तरीय अमले के सहयोग से संपन्न हुई।

       एक्सपोजर विजिट के दौरान समूह की संभावित ‘लखपति दीदियों’ ने आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों जैसे केज कल्चर, तालाब आधारित उन्नत पालन, अर्ध-प्राकृतिक तालाब प्रबंधन तथा पोंड लाइनिंग प्रणाली के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। साथ ही सदस्यों को बारहमासी मछली प्रजातियों—तेलापिया, पंगास आदि के वैज्ञानिक पालन, आहार प्रबंधन, बीज चयन एवं बाजार उपलब्धता के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। समूह की सदस्यों ने आधुनिक तकनीकों को समझते हुए गहरी रुचि दिखाई और आगामी सीजन में विभागीय सहयोग से उन्नत मत्स्य पालन प्रारंभ करने की कार्ययोजना तैयार करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन अपनाकर वे अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं।

इस एक्सपोजर विजिट में जनपद सीईओ श्री मिथलेश पैंकरा, मत्स्य निरीक्षक श्री रवि पैंकरा तथा विकासखंड परियोजना प्रबंधक श्री अनूप कुमार मेहर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

जिला प्रशासन की इस पहल से फरसाबहार क्षेत्र की महिला समूह सदस्याएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आजीविका के नए अवसरों के माध्यम से सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो रही हैं।

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जन्मदिवस पर गृहग्राम बगिया पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने जन्मदिवस की दी बधाई एवं शुभकामनाएं

 

  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर अपने गृहग्राम बगिया पहुंचे, जहां उनके आगमन पर उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। बगिया स्थित हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें आत्मीयता के साथ जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

   मुख्यमंत्री के बगिया हेलीपैड पहुंचने पर टाटीडांड से आए करमा नर्तक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक एवं मनमोहक करमा नृत्य प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया। वहीं ग्रामीण महिलाओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालक आश्रम बगिया में बच्चों के बीच मनाया अपना 62वाँ जन्मदिवस।

 

 

 विष्णुदेव साय ने अपना 62वाँ जन्मदिवस बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच मनाकर इस दिन को उनके लिए हमेशा के लिए यादगार बना दिया। मुख्यमंत्री ने बगिया हेलीपैड के समीप स्थित बालक आश्रम बगिया पहुँचकर बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ आत्मीय समय बिताया। आश्रम के बच्चे मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। वे उत्साहपूर्वक उनके चारों ओर एकत्र हो गए और उनसे बातचीत करने लगे।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से स्नेहपूर्वक संवाद किया और उनका हालचाल जाना। उनके सहज, सरल और संवेदनशील व्यवहार से बच्चे भावविभोर हो उठे और खुशी से चहकते हुए उनसे बातें करते रहे। इस दौरान आश्रम परिसर में खुशियों और उत्साह का विशेष वातावरण देखने को मिला। 

    मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट वितरित कर उन्हें जन्मदिवस की खुशी में सहभागी बनाया। बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अपने जीवन में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दी। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार तथा प्रशिक्षु आईएफएस सुश्री यशस्वी मौर्य, श्री भरत सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और आश्रम के शिक्षक और अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

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सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा: वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति, 543 विकास कार्यों को मंजूरी

 

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।

बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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भारत माता वाहिनी योजना से मजबूत हुआ नशामुक्ति जनआंदोलन 4 हजार से अधिक व्यक्तियों को मिला पुनर्वास लाभ

 

 

 प्रदेश में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरण एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित भारत माता वाहिनी योजना के तहत प्रभावी पहल की जा रही है। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में 8-सदस्यीय संरचना के साथ कुल 3154 भारत माता वाहिनी समूहों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव में नशामुक्ति के संदेश का प्रसार कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा नशामुक्ति के समर्थन में रैली, प्रभात फेरी, जनजागरूकता अभियान, नशा छोड़ने का संकल्प एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित हुआ है तथा युवाओं में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

राज्य के 25 जिलों में स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से 26 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों में अब तक 4379 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से लाभान्वित किया गया है। केंद्रों में चिकित्सकीय परामर्श, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, योग एवं अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

जिला बलरामपुर इस अभियान का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है। यहां सक्रिय भारत माता वाहिनी समूहों द्वारा सतत जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही जिले में संचालित नशामुक्ति केंद्र के माध्यम से अब तक लगभग 478 नशा पीड़ित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है, जिससे वे पुनः समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सके हैं।

उल्लेखनीय है कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है। इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा जनभागीदारी आधारित मॉडल को अपनाकर नशामुक्ति अभियान को सशक्त रूप से क्रियान्वित किया जा रहा है। भारत माता वाहिनी योजना के माध्यम से प्रदेश को नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं।

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रायगढ़ में महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने किया जनादेश का स्मरण।

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों में प्राप्त ऐतिहासिक जनादेश जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। यह परिणाम सुशासन, पारदर्शिता और विकास के प्रति जनता की स्पष्ट आस्था की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान से भेंट कर एक वर्ष पूर्व इसी तिथि को मिले जनादेश को स्मरण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक साधारण चाय विक्रेता से महापौर तक की श्री चौहान की यात्रा लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति और जनता के आशीर्वाद का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार नगरीय निकाय चुनावों में किए गए प्रत्येक वादे को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। स्वच्छता, पेयजल, सड़कों, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में निरंतर और ठोस प्रगति हो रही है।उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों को सरल, सुलभ और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने शहरी विकास को जन-विश्वास और जन-भागीदारी से जोड़ते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार में नगरीय विकास के क्षेत्र में आवास, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सीवरेज, हरित सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं तथा आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में आवास पूर्ण किए गए हैं और नए लक्ष्यों पर तेजी से कार्य जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग तथा राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मिशन अमृत 2.0 के जरिए जल प्रदाय एवं सीवेज परियोजनाओं को नई गति मिली है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा के माध्यम से शहरों में आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया है। 15वें वित्त आयोग तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के माध्यम से नगरीय अधोसंरचना को सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नालंदा परिसर जैसे आधुनिक अध्ययन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही “मोर संगवारी सेवा” और विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन समन्वित प्रयासों से नगरीय क्षेत्रों में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं का दायरा निरंतर सशक्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी महापौरों एवं नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि विकास, विश्वास और जवाबदेही के इस संकल्प को हम और अधिक मजबूत करते हुए प्रदेश के शहरों को समृद्ध, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य करते रहेंगे।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महाशिवरात्रि की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था, साधना और आत्मचिंतन का पावन पर्व है। यह पर्व हमें संयम, सेवा, त्याग और समर्पण की भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान शिव का जीवन करुणा, धैर्य और लोकमंगल का प्रतीक है, जो हमें समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की कि भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की असीम कृपा से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आनंद का वास हो तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।

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24 घंटे में उठाईगिरी का खुलासा: 8 हजार नगद सहित दो आरोपी गिरफ्तार

 

 

 रायगढ़ पुलिस ने खरसिया थाना क्षेत्र के हमालपारा में हुई उठाईगिरी की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पूरी रकम एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद कर लिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहर कॉलोनी खरसिया निवासी व्यवसायी विनोद अग्रवाल ने 10 फरवरी 2026 की रात लगभग 9:30 बजे हमालपारा स्थित एक दुकान के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की थी। मोटरसाइकिल के हैंडल में नगदी व दस्तावेजों से भरा बैग टांगकर वह दुकान के अंदर गए। लौटने पर बैग व थैला गायब मिला। बैग में 8-9 हजार रुपये नगद, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज रखे थे।

पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 54/2026 के तहत धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमालपारा तालाब पार खरसिया निवासी राजू महंत (35 वर्ष) एवं अंकित वैष्णव (27 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने मिलकर चोरी करना स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी राजू महंत से 4,000 रुपये नगद व काला बैग (जिसमें आधार व पैन कार्ड थे) तथा आरोपी अंकित वैष्णव से 4,000 रुपये नगद एवं थैला बरामद किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि “संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की सतत निगरानी है। उठाईगिरी एवं चोरी जैसी घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिक भी सार्वजनिक स्थानों पर अपने सामान की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें।”

इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम :फाइलेरिया की बीमारी खत्म करने दवा का सेवन करने की अपील।

 

 

 

 

 

 भारत सरकार द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) को खत्म करने के उद्देश्य से 2027 तक के लक्ष्य के साथ देश के स्थानिक जिलों में व्यापक सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम प्रबंधक के नेतृत्व में विगत दिवस 10 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का जिला स्तर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर एवं समस्त विकासखंडों में शुभारंभ किया गया।

जशपुर जिले के कुल 990800 जनसंख्या को सामूहिक दवा सेवन हेतु लक्षित जनसंख्या मानकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें प्रथम चरण में 10 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जशपुर जिले समस्त विकासखंडों में कुल 3143 बूथों के माध्यम से दवा का सेवन कराया जाना है। तथा 13 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक स्वास्थ्य विभाग के टीम व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर 2 साल से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को उम्र व ऊँचाई के आधार पर (गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को छोड़कर) फाइलेरिया-रोधी दवाएं जैसे टैबलेट- डी.ई.सी. एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन निःशुल्क सेवन कराया जाना है।

 विभाग द्वारा फाइलेरिया के संबंध में बताया गया कि फाइलेरिया गंदगी में मच्छर से पनपने वाला संक्रामक रोग है,जिसे सामान्यतः हाथीपांव के नाम से जाना जाता है। इसके लक्षण सामान्यतः दिखाई नहीं देते व लंबी अवधि में संक्रमण होने पर बुखार,हाथ-पांव में दर्द व सूजन तथा पुरुषों के जननांग अथवा आसपास में दर्द व सूजन जैसे लक्षण प्रदर्शित होते है। फाइलेरिया के दवा सेवन करने पर सामान्यतः परजीवियों के प्रतिक्रिया स्वरूप सरदर्द,बुखार,उल्टी तथा शरीर पर चकत्ते जैसे मामूली प्रतिक्रियायें हो सकती है। जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। किंतु लक्षणों के गंभीर होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखायें व उचित सलाह व उपचार प्राप्त करना चाहिए।

 फाइलेरिया (हाथीपांव) एक बार होने से जिन्दगी भर के लिए परेशानी हो सकता है, हाथीपांव जिसका उपचार का एक ही उपाय है,जो एम.डी.ए. की दवाईयां खाना जरुरी है, जिसका कोई भी दुष्परिणाम नहीं होता है। हमारे जिले के समस्त विकासखण्ड में भी फाइलेरिया की बीमारी है जो मच्छरों से फैलता है, जिसे रोका जा सकता है। सभी से अनुरोध है की सभी लोग अपने-अपने गाँव में मितानिन से फाइलेरिया की दावा अवश्य खाएं।

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खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बनी सरगुजा ओलंपिक: मंत्री रामविचार नेताम

 

 

 

आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में भाग लिया। समारोह स्थानीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित हुआ।

10 से 12 फरवरी 2026 तक चले इस खेल महोत्सव में ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर मंत्री नेताम ने कहा कि सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम बन चुका है। विशेष रूप से आदिवासी अंचल के युवाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का मंच मिला है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास कर संभाग एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।

इस वर्ष सरगुजा ओलंपिक में कुल 67,380 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

मैदान में उतरकर बढ़ाया हौसला

मंत्री नेताम ने खेल मैदान में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। शंकरगढ़ और बलरामपुर के बीच आयोजित बालिका रस्साकशी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका मनोबल बढ़ाया। तीरंदाजी प्रतियोगिता का अवलोकन करते हुए स्वयं भी तीरंदाजी में हाथ आजमाया।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को उन्होंने शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

समापन समारोह में पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य कृष्णा गुप्ता, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर एवं बलरामपुर एसडीएम अभिषेक गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी एम.आर. यादव, जिला खेल अधिकारी मारकूस कुजूर सहित संबंधित अधिकारीगण और बड़ी संख्या में खिलाड़ी व नागरिक मौजूद थे।

12 खेल विधाओं में हुई प्रतियोगिताएं

जिला स्तरीय ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया गया।

व्यक्तिगत खेल: एथलेटिक्स (100, 200, 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो, 400 मीटर रिले), तीरंदाजी (इंडियन राउंड), बैडमिंटन, कुश्ती, कराटे।

दलीय खेल: फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकशी, बास्केटबॉल।

प्रतियोगिताएं जूनियर वर्ग (14–17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (18 वर्ष से अधिक) में आयोजित की गईं।

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कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ जनजीवन में व्यापक प्रभाव - मुख्यमंत्री श्री साय संत समागम समारोह की राशि 50 लाख से बढाकर 75 लाख करने की घोषणा

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।

         मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।

         मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। 

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया। 

         समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। 

        इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण

 

 

 

 

 

 

 

 

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी। 

             मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। श्री साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।

          उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 

           इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री भईया लाल रजवाड़े, श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।

       उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर जशपुर को राज्य स्तरीय सम्मान कलेक्टर रोहित व्यास होंगे सम्मानित जशपुर बना श्रेष्ठ निर्वाचन जिला।

 

 लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और मतदाता सहभागिता को नई ऊँचाई देने की दिशा में जशपुर जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर जशपुर जिले का चयन “निर्वाचन में तकनीक का प्रभावी उपयोग" श्रेणी के अंतर्गत राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन जिला पुरस्कार के लिए किया गया है। यह सम्मान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास के कुशल नेतृत्व, नवाचारपूर्ण सोच और सतत् प्रशासनिक प्रयासों का प्रतिफल है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ द्वारा यह पुरस्कार कलेक्टर श्री रोहित व्यास को 25 जनवरी 2026 को रायपुर स्थित विवेकानंद सभागार, इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा।

*तकनीक आधारित नवाचारों से जशपुर ने रचा नया मानक* - 

निर्वाचन के दौरान जशपुर जिले में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी का उल्लेखनीय उपयोग किया गया। ई-प्रणालियों के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धिकरण, डिजिटल निगरानी, ऑनलाइन प्रशिक्षण, सोशल मीडिया के जरिए मतदाता जागरूकता, स्वीप गतिविधियों में तकनीकी नवाचार तथा चुनाव प्रबंधन में आईटी टूल्स के प्रभावी प्रयोग ने जशपुर को राज्य स्तर पर अग्रणी बनाया।

*कलेक्टर श्री व्यास की भूमिका रही निर्णायक* - 

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रोहित व्यास ने निर्वाचन कार्य को केवल प्रशासनिक दायित्व न मानते हुए इसे एक जनभागीदारी अभियान के रूप में संचालित किया। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, निर्वाचन अमला, तकनीकी टीम और फील्ड स्तर के कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए तकनीक को आम मतदाता से जोड़ा। यही कारण है कि जशपुर जिले के प्रयासों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।

*जिले के लिए गौरव का क्षण* - 

यह सम्मान न केवल जशपुर जिला प्रशासन के लिए, बल्कि जिले के प्रत्येक मतदाता, अधिकारी-कर्मचारी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सुदूर आदिवासी एवं पहाड़ी अंचलों वाला जशपुर जिला भी तकनीक आधारित सुशासन और लोकतांत्रिक नवाचार में राज्य के लिए मिसाल बन सकता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 पर मिलने वाला यह राज्य स्तरीय पुरस्कार जशपुर जिले के निर्वाचन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा और भविष्य में और बेहतर, पारदर्शी तथा सहभागी चुनाव प्रक्रिया के लिए प्रेरणा बनेगा।

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नक्सल छाया के बीच उम्मीद की फसल किसान कोयना ने धान बेचकर खरीदा ट्रैक्टर मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सुशासन की नई रफ़्तार।

 

 

 

   

बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहाँ अब गोलियों की गूँज की जगह ट्रैक्टरों की आवाज़ और फूलों-फलों की महक फैल रही है, क्योंकि किसान आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं से जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं, जिससे क्षेत्र में खुशहाली आ रही है। 

  बस्तर संभाग के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में अब गोलियों की गूँज नहीं, बल्कि खेतों में दौड़ते ट्रैक्टरों की आवाज़ विकास की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के 'नक्सल मुक्त बस्तर' (लक्ष्य: 31 मार्च 2026) के संकल्प और सुदृढ़ कृषि नीतियों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। सुकमा के ग्राम चिपुरपाल के किसान कोयना बघेल की कहानी इस बदलाव का जीवंत प्रमाण बन गई है।

*48 घंटे में भुगतान: सुशासन का सीधा लाभ*

         छिंदगढ़ जनपद के किसान कोयना बघेल ने जैसे ही बिरसठपाल केंद्र में 50 क्विंटल धान बेचा, 3100 रुपया प्रति क्विंटल की दर से उनकी मेहनत की पूरी कमाई मात्र 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खाते में पहुँच गई। बिचौलियों की समाप्ति और समयबद्ध भुगतान ने किसान को इतना सशक्त बनाया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी से नया 'मैसी फर्गुसन' ट्रैक्टर ट्राली के साथ खरीद लिया।

*हितग्राही श्री कोयना ने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी*

          हितग्राही श्री कोयना बघेल ने बताया कि शासन की 31 सौ रुपये में धान खरीदी व्यवस्था बहुत अच्छी है। इससे हम जैसे छोटे मध्यमवर्गीय किसानों को बहुत लाभ मिल रहा है। समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिल से धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ। 

*बहुआयामी विकास: खेती भी और स्वरोजगार भी*

         यह बदलाव केवल खेती तक सीमित नहीं है। ट्रैक्टर से कृषि कार्य तेज़ हुए हैं, वहीं किसान पीएम आवास निर्माण में ईंट-बालू की आपूर्ति कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे राजूराम नाग जैसे किसान आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

*किसान की सफलता पर कलेक्टर का भरोसा*

        सुकमा कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में किसान की यह सफलता मेहनत, धैर्य और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन का प्रमाण है।

छत्तीसगढ सरकार किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों और योजनाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि धान खरीदी केंद्रों पर किसानों को पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और पूरी सुविधा मिले।

*प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर की सीधी निगरानी*

     कलेक्टर के नेतृत्व में सुकमा प्रशासन ने धान खरीदी केंद्रों को 'सुविधा केंद्रों' में बदल दिया है। जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता के कारण किसानों को टोकन से लेकर भुगतान तक कहीं भटकना नहीं पड़ रहा है। कलेक्टर के अनुसार, शासन-प्रशासन और किसानों का समन्वय ही ज़मीनी बदलाव की असली चाबी है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर जैसे इलाके, जो कभी नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब कृषि क्रांति देख रहे हैं, जहाँ कृषि विभाग की योजनाओं, जल संरक्षण और तकनीकी सहायता ने खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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