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जगदलपुर केंद्रीय जेल में महिला बंदी ने लगाई फांसी, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल..।
जगदलपुर केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभा थाना क्षेत्र के चितापुर निवासी जयमती बघेल ने रविवार तड़के महिला सेल के भीतर कथित तौर पर अपनी चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
मृतका लगभग दो माह पूर्व अपने ही चाचा की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत के तहत केंद्रीय जेल में बंद थी। बताया जा रहा है कि उसका चाचा लंबे समय से उसके साथ छेड़छाड़ करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आवेश में आकर चाचा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली केंद्रीय जेल के भीतर एक महिला बंदी को आत्महत्या जैसा कदम उठाने का अवसर कैसे मिल गया। जेल के अंदर सुरक्षा निगरानी और बंदियों की मानसिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार जयमती बघेल पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। उसके तीन छोटे बच्चे हैं और बताया जा रहा है कि पति सहित परिवार के सदस्य उससे मिलने भी नहीं आ रहे थे। ऐसे में अकेलेपन और मानसिक दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
महेश्वर नाग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बस्तर ने बताया कि घटना के संबंध में कोतवाली थाना में मर्ग कायम कर लिया गया है। चूंकि मौत केंद्रीय जेल परिसर के भीतर हुई है, इसलिए मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की जा रही है।
रौनी घाट में बड़ा सड़क हादसा, तेज रफ्तार यात्री बस ने दो कारों को मारी टक्कर।
जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत रौनी घाट में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार यात्री बस ने दो कारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार कई लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए बगीचा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार दोनों कारें रौनी से बगीचा की ओर आ रही थीं। इसी दौरान बगीचा से जशपुर की तरफ जा रही यात्री बस ने दोनों वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रौनी घाट मार्ग पर डिवाइडर नहीं होने और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
दर्दनाक सड़क हादसा,ईंट से भरे ट्रैक्टर ने बाइक सवार चार युवकों को रौंदा,सभी की मौत।
बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र में से भीषण सड़क हादसे की खबर है जिसमें चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना ग्राम पिपरपान के सुंदरपुर मोड़ के पास हुई, जहां ईंट से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार चारों युवक एक ही बाइक में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पिपरपान मोड़ के पास तेज गति से आ रहे ईंट लदे ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक बेहद लापरवाही से वाहन चला रहा था। टक्कर के बाद भी चालक ने ट्रैक्टर नहीं रोका और करीब सौ मीटर तक युवकों को घसीटता चला गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ चार युवकों की मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर की ट्रॉली मौके पर छोड़कर इंजन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सनावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने ट्रॉली को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।
डीलिस्टिंग विवाद पर बड़ी कार्रवाई,राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा ने जशपुर जिला अध्यक्ष को किया निष्कासित,आज के रैली पर संकट।
डीलिस्टिंग मुद्दे को लेकर चल रहे विवाद के बीच राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत (छत्तीसगढ़) ने बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए जशपुर जिला अध्यक्ष राजेश भगत को पद से निष्कासित कर दिया है। यह निर्णय प्रदेश अध्यक्ष मिटकु भगत एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शंकर दयाल भगत की सर्वसम्मति से लिया गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज जशपुर में डीलिस्टिंग के विरोध में विशाल रैली एवं आमसभा का आयोजन प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में ईसाई आदिवासी महासभा सहित विभिन्न संगठनों की बड़ी सहभागिता तय मानी जा रही थी। कार्यक्रम का आयोजन राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के बैनर तले होना बताया जा रहा था,लेकिन आयोजन से ठीक पहले संगठन के भीतर बड़ा विवाद सामने आ गया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत निबंधित संस्था है। संस्था का आरोप है कि जशपुर जिला अध्यक्ष राजेश भगत द्वारा संगठन के बैनर का अनाधिकृत उपयोग करते हुए दूसरे धर्म समाज को समर्थन दिया गया तथा डीलिस्टिंग विरोधी कार्यक्रम में संस्था को आयोजक बताकर संगठन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत डीलिस्टिंग के विरोध में किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं करता तथा संगठन का इस आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। संस्था ने कहा कि पूरे सरना धर्म एवं उरांव आदिवासी समाज की ओर से इस कृत्य की घोर निंदा की जाती है।
संगठन की ओर से जारी निर्णय में कहा गया कि राजेश भगत को तत्काल प्रभाव से जशपुर जिला अध्यक्ष पद से निष्कासित किया जाता है। इस संबंध में राष्ट्रीय महासचिव विद्यासागर केरकेट्टा को भी सूचनार्थ पत्र प्रेषित किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में डीलिस्टिंग आंदोलन और सरना समाज संगठनों के बीच नई राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा शुरू हो गई है।
अब देखना होगा कि आज के आंदोलन को लेकर प्रशासनिक रुख क्या होगा।
NH-43 पर बवाल,तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने मचाई तबाही,ट्रक ने लोगों को रौंदा,एक की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम।
जिले के लोदाम थाना क्षेत्र अंतर्गत NH-43 पर गुरुवार को दर्दनाक सड़क हादसे के बाद भारी बवाल की स्थिति बन गई। जशपुर से सब्जी लादकर पश्चिम बंगाल जा रही तेज रफ्तार मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर कई लोगों और वाहनों को रौंदते हुए पूर्व सरपंच के घर में जा घुसी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक ने दो मोटरसाइकिल, एक ट्रैक्टर, एक ऑटो और बिजली के खंभे को भी जोरदार टक्कर मारी। हादसा इतना भीषण था कि मृतक का शव दो टुकड़ों में बंट गया।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-43 पर चक्का जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
सूचना मिलते ही जशपुर एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देने में जुटे हुए हैं। एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार ने बताया कि पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।ग्रामीणों को समझाईश देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुम्हारी में दर्दनाक हादसा : घर में लगी आग, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत।
दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 04 खपरी रोड में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मकान में अचानक आग लगने से पूरा घर चपेट में आ गया, जिससे अंदर मौजूद चार लोगों की जान चली गई।
सूचना मिलते ही थाना कुम्हारी पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, फायर ब्रिगेड एवं राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि तब तक घर के भीतर मौजूद चार लोगों की मौत हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार मृतकों में होमदास वैष्णव (40 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (18 वर्ष), चांदनी (17 वर्ष) और गोपिका (02 वर्ष) शामिल हैं।
घटना के बाद फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। है।
“नीट विवाद पर फूटा छात्रों का गुस्सा, NTA पर उठे बड़े सवाल”छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं — आदित्येश्वर शरण सिंह देव”
नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में उठे विवाद और परीक्षा निरस्त होने की घटनाओं पर कांग्रेस नेता आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे लाखों छात्रों और अभिभावकों के विश्वास के साथ अन्याय बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है।
आदित्येश्वर ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के छात्र सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार की प्रशासनिक विफलताएं उनके भविष्य पर गंभीर असर डाल रही हैं। उन्होंने NTA की व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शी जांच की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के विवादों से कोई सबक नहीं लिया गया और परीक्षा प्रणाली आज भी आउटसोर्सिंग और अव्यवस्था के भरोसे चल रही है। “देश के युवाओं का भविष्य प्रयोगशाला नहीं बन सकता,” उन्होंने कहा।
आदित्येश्वर ने मांग की कि—
नीट-यूजी 2026 प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच हो
NTA की संरचना और भर्ती प्रणाली में सुधार किया जाए
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि छात्र और अभिभावक अब जवाब चाहते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार रखते हैं।
गांधी चौक में गुटखा थूकने के विवाद पर हिस्ट्रीशीटर ने की मारपीट, कोतवाली पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल।
अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में गुटखा थूकने की मामूली बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि हिस्ट्रीशीटर बदमाश और उसके साथियों ने युवक के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी मजहर खान सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही आरोपी के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार नमनाकला निवासी पंकज शुक्ला 2 मई 2026 को अपने साथी मनीष अम्बस्ट और रानू पाण्डेय के साथ गांधी चौक स्थित पान दुकान के पास खड़ा था। इसी दौरान गुटखा थूकने की बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि अनिकेत त्रिपाठी अपने साथी मजहर खान, जय सोनी और ओम सोनी के साथ मौके पर पहुंचा और सार्वजनिक स्थान पर गंदी गालियां देते हुए हाथ-मुक्का और कड़ा से मारपीट की। हमले में पंकज शुक्ला के सिर में चोट आई।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना अंबिकापुर में अपराध क्रमांक 278/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस टीम ने 5 मई को दबिश देकर रसूलपुर क्षेत्र से आरोपी मजहर खान को गिरफ्तार किया। आरोपी मजहर खान पिता सेराज उर्फ सिराजुद्दीन अंसारी, उम्र 37 वर्ष, निवासी इमलीपारा अंबिकापुर के खिलाफ BNSS की धारा 129 के तहत गुंडा बदमाश फाइल खोली गई है तथा जिला बदर की कार्रवाई भी पृथक से की जा रही है।
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, उप निरीक्षक कृष्णा यादव, सहायक उप निरीक्षक विवेक पांडेय, ASI अदीप सिंह सहित कोतवाली पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दूषित पानी पीने की खबर पर मुख्यमंत्री सख्त,आदिवासी बस्ती में पेयजल संकट पर CM ने कलेक्टर को किया फोन, तत्काल व्यवस्था के दिए निर्देश।
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में आदिवासी परिवारों द्वारा नाला का दूषित पानी पीने का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर Ajit Vasant को फोन कर तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार मैनपाट के सपनादर ग्राम पंचायत अंतर्गत केराजेबला बस्ती में लोग मजबूरी में नाला और दूषित जल स्रोतों का पानी पी रहे हैं। क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की लापरवाही के कारण समस्या का समाधान नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि DMF मद से बस्ती में हैंडपंप स्थापित किया जाएगा। साथ ही जिले की लगभग 100 ऐसी बस्तियों में बोरवेल और हैंडपंप लगाने के आदेश दिए गए हैं, जहां लोग आज भी नदी, नाला, ढोढ़ी और खेतों का पानी पीने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार दूषित पानी पीने से ग्रामीण बीमार भी पड़ रहे हैं और बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है।
इस पूरे मामले में बड़ा सवाल PHE विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने स्थिति संभाली होती, तो मुख्यमंत्री को स्वयं हस्तक्षेप कर कलेक्टर को निर्देश देने की नौबत नहीं आती।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट संकेत दिया है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आईईडी विस्फोट में 3 जवान शहीद: डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान हादसा, कलेक्टर-आईजी ने जताया दुख।
बस्तर संभाग के कांकेर–नारायणपुर सीमा क्षेत्र में चल रहे डी-माइनिंग एवं एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। आईईडी निष्क्रिय करने के अभियान में अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आकर डीआरजी (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज 2 मई 2026 को थाना छोटेबेठिया क्षेत्र से पुलिस टीम डी-माइनिंग, सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन के लिए रवाना हुई थी। अभियान के दौरान आईईडी को निष्क्रिय करते समय अचानक विस्फोट हो गया।
इस हादसे में इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढपाले गंभीर रूप से घायल हुए और मौके पर ही शहीद हो गए। वहीं कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा घायल हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों से मिली जानकारी और अन्य इनपुट के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा सैकड़ों आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए गए हैं। बावजूद इसके, आज की यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जब निष्क्रिय करने के दौरान आईईडी आकस्मिक रूप से विस्फोटित हो गया।
घटना के बाद क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि मामले से संबंधित आगे की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी।
जनगणना कार्य में लापरवाही, कलेक्टर रोहित व्यास ने सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला को किया निलंबित।
जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर रोहित व्यास ने सख्त कार्रवाई करते हुए सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला को निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर के अनुसार तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी दुलदुला द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुलदुला में 15 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य थी।
प्रतिवेदन के अनुसार, प्राथमिक शाला सरहापानी ग्राम पतराटोली, तहसील दुलदुला में पदस्थ सहायक शिक्षक सत्यजीत निराला बिना किसी पूर्व सूचना एवं अनुमति के प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए गए। इस पर पहले स्थानीय स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, किंतु कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद जिला स्तर से भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, परंतु संबंधित शिक्षक द्वारा अब तक कोई उत्तर नहीं दिया गया।
अधिकारियों ने इसे जनगणना जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता माना है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।
निलंबन अवधि में सत्यजीत निराला का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी दुलदुला कार्यालय निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
नाबालिग के साथ गंभीर मारपीट व प्रताड़ना का मामला,CWC के अध्यक्ष नितिन रॉय ने पुलिस को दिए एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश।
जिले में एक 5 वर्षीय नाबालिग बालक के साथ मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। बाल कल्याण समिति जशपुर ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना कुनकुरी पुलिस को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार पांच वर्षीय नाबालिग बालक जिसकी उम्र लगभग 5 वर्ष बताई जा रही है।इस बच्चे को पिछले करीब दो वर्षों से ग्राम सलियाटोली निवासी श्रीमती क्लारेड एक्का द्वारा अवैध रूप से अपने पास रखा गया था।इस दौरान बच्चे के साथ हमेशा मारपीट की जाती रही।
चाइल्ड लाइन जशपुर द्वारा 23 अप्रैल 2026 को बालक को काउंसलिंग के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। काउंसलिंग के दौरान बालक ने बताया कि उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना की जाती थी। बालक के शरीर और सिर पर चोट के स्पष्ट निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
जशपुर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नितिन राय ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए थाना प्रभारी कुनकुरी को निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर किशोर न्याय बालकों की देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम 2015 तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत आरोपी महिला के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई की जाए और समिति को अवगत कराया जाए।
इस मामले की सूचना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला बाल संरक्षण समिति, जिला शिक्षा अधिकारी और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित संबंधित विभागों को भी भेजी गई है, ताकि समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
यह मामला बाल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और प्रशासन की सक्रियता अब इस केस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कट्टे की नोक पर कुनकुरी के युवक से झारखंड में लूट, 4 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज।
जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी युवक के साथ झारखंड के घाघरा थाना क्षेत्र में लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। आरोपियों ने अर्टिगा वाहन बुक कर युवक को झांसे में लेकर झारखंड ले गए, जहां कट्टे की नोक पर वाहन, मोबाइल और नकदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में 4 अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुनकुरी निवासी रविराम पिता रूपसाय राम सोमवार की शाम होलीक्रॉस हॉस्पिटल के सामने ऑटो स्टैंड में अपनी अर्टिगा गाड़ी के साथ खड़ा था। इसी दौरान एक व्यक्ति तीन अन्य साथियों के साथ आया और अपनी पत्नी को ढूंढने झारखंड के वीरू रामरेखा जाने के नाम पर वाहन बुक किया।
रविराम आरोपियों को लेकर रामरेखा पहुंचा, जहां आरोपियों ने उसे आगे घाघरा चलने के लिए कहा। जैसे ही वाहन नवाटोली बेलगड़ा के पास पहुंचा,चारों आरोपियों ने कट्टे की नोक पर चालक को धमकाकर मारपीट कर उससे अर्टिगा कार, मोबाइल और नकदी लूट ली।
घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। लूटी गई संपत्ति की कीमत लगभग 10 लाख रुपए बताई जा रही है।
घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर पातासाजी की जा रही है।
कुनकुरी टैक्सी स्टैंड से बुक की गई नई कार लूट की इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय होकर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पहाड़ी कोरवा युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, पुलिस मौके पर जांच में जुटी।
जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेतरा गांव में एक पहाड़ी कोरवा जनजाति के युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और मर्ग कायम कर लिया गया है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेतरा गांव निवासी विनोद राम (30), पिता विक्रम राम, ने बुधवार तड़के अपने घर के मयार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
मामले में बगीचा पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है मृतक विवाहित था और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। करीब तीन वर्ष पूर्व उसकी पत्नी का निधन हो गया था, जिसके बाद से वह बच्चों के पालन-पोषण को लेकर मानसिक रूप से चिंतित रहता था हालांकि, इस संबंध में पुलिस द्वारा सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
महनई घाटी में अनियंत्रित होकर पलटी यात्री बस, 8 से अधिक यात्री घायल।
जशपुर जिले की सीमा क्षेत्र में बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। बगीचा से सामरी जा रही शमीम बस घाटी चढ़ाई के दौरान अनियंत्रित होकर पीछे की ओर बैक हुई और पीछे आ रही कार को टक्कर मारते हुए पलट गई।
यह हादसा पंडरापाठ चौकी क्षेत्र के महनई में अजीत घर के पास हुआ है। दुर्घटना में 8 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को इलाज के लिए बलरामपुर के डीपाडीह अस्पताल भेजा गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही बगीचा एसडीएम प्रदीप राठिया ने घायलों के त्वरित उपचार के निर्देश दिए हैं। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
ब्रेकिंग पत्रवार्ता : वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसे पर सरकार सख्त, 12 मजदूरों की मौत,कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर लिमिटेड के सिंघीतराई प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप के वाटर सप्लाई ज्वॉइंट में तकनीकी खराबी के चलते हुए इस हादसे में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 12 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य घायल श्रमिकों का इलाज जारी है।
घायलों को तत्काल फोर्टिस जिंदल अस्पताल, आपेक्स अस्पताल और बालाजी मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वॉइंट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद तेज दबाव के कारण बड़ा विस्फोटनुमा हादसा हुआ, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।
कलेक्टर का सख्त एक्शन मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जिला कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
जांच की जिम्मेदारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) डभरा को सौंपी गई है।
इन 8 बिंदुओं पर होगी जांच
जांच अधिकारी निम्न प्रमुख पहलुओं की जांच करेंगे:
घटना कब और कैसे हुई
मृतक एवं घायल मजदूरों की पहचान
हादसे के पीछे की परिस्थितियां
पूर्व निरीक्षण और सुरक्षा खामियां
तकनीकी बनाम मानवीय लापरवाही
जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान
भविष्य के लिए सुरक्षा उपाय
अन्य आवश्यक बिंदु
30 दिन में रिपोर्ट
जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि 30 दिनों के भीतर पूरी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बड़ा सवाल
इतने बड़े औद्योगिक प्लांट में आखिर सुरक्षा मानकों में चूक कैसे हुई?
क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या लापरवाही का नतीजा – यह अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
