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कैलाश गुफा विवाद,वादा निकला झूठा,नहीं खुला मंदिर का ताला,श्रद्धालुओं ने कलेक्टर को सौंपा स्मरण पत्र।
जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने के विरोध में श्रद्धालुओं और संत समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्टर को स्मरण पत्र सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग तेज कर दी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि कोरोना काल से बंद यह मंदिर आज तक नहीं खोला गया है, जिससे लोगों में आक्रोश और निराशा का माहौल है।
स्मरण पत्र में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, पूज्य गहिरा गुरु की प्रेरणा से भक्तों एवं संत समाज के सहयोग से निर्मित एक प्रमुख आस्था केंद्र है। इसके बावजूद समिति के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह द्वारा मंदिर को बंद रखा गया है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि 5 अक्टूबर 2025 को मंदिर खोलने के लिए ज्ञापन दिया गया था, जिस पर सनातन संत समाज के सचिव खिरेन्द्र सिंह द्वारा 45 दिनों के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके तीन माह बीत जाने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।
इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में समिति अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह एवं प्रतिनिधि नन्दगोपाल यादव,पकरीटोली द्वारा लिखित घोषणा करते हुए 14 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) तक मंदिर खोलने की जिम्मेदारी ली गई थी, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं किया गया।
स्मरण पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर खोलने की मांग को लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस दौरान 81 वर्षीय बुजुर्ग सियाराम यादव के साथ अध्यक्ष के पुत्र राजू सिंह द्वारा 21 सितंबर 2025 को मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि जन आस्था के विपरीत व्यवहार से प्रशासन भी अछूता नहीं रहा।श्रद्धालुओं की समस्या को देखते हुए जिले के कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा कैलाश गुफा पहुंचकर अध्यक्ष से बात कर ताला खुलवाने का प्रयास किया गया जिसमें समिति के अध्यक्ष द्वारा अब तक मंदिर का ताला नहीं खोला गया।
श्रद्धालुओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कैलाश गुफा मंदिर के संचालन के लिए आज तक कोई विधिवत समिति का गठन नहीं किया गया है।कैलाश गुफा में व्याप्त अनियमितताओं एवं समस्याओं को लेकर 5 फरवरी 2026 को संत समाज द्वारा एक बड़ा जन आंदोलन भी किया जा चुका है।
कलेक्टर को दिए गए स्मरण पत्र में मांग की गई है कि प्रशासन स्वयं हस्तक्षेप कर मंदिर को शीघ्र खुलवाए और नई समिति का गठन कर व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता बनी रहे।
इस संबंध में श्रद्धालुओं ने प्रतिलिपि के माध्यम से मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, सांसद चिन्तामणी महाराज, जशपुर विधायक, कमिश्नर सरगुजा संभाग, कलेक्टर सरगुजा तथा पुलिस अधीक्षक जशपुर को भी सूचित कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
बहरहाल श्रद्धालु अब भी बंद मंदिर में जल चढ़ाने को मजबूर हैं।श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि मंदिर खोलकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो आगामी दिनों में पदयात्रा के माध्यम से जिले से आंदोलन शुरु करते हुए संभाग व प्रदेश स्तर तक अपनी मांगों को लेकर जाएंगे।
ब्लड बैंक में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर रोहित व्यास ने एमएलटी संतोष कुमार वाणिक को किया निलंबित
जिले के स्वास्थ्य तंत्र में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने जिला चिकित्सालय जशपुर के एमएलटी संतोष कुमार वाणिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय करने में गंभीर लापरवाही बरतने और वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर अनुशासनहीनता करने का आरोप सिद्ध हुआ है।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में श्री वाणिक का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
मामले में जिला चिकित्सालय जशपुर की ब्लड सेंटर प्रभारी एवं पैथालॉजी विशेषज्ञ डॉ. ममता सिंह द्वारा 13 मार्च 2026 को शिकायत के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में 23 मार्च 2026 को श्री वाणिक ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।
जांच में पाया गया कि ब्लड बैंक में रक्त प्रदाय में गंभीर लापरवाही बरती गई तथा वरिष्ठ अधिकारी के हस्ताक्षर का स्पष्ट दुरुपयोग किया गया। साथ ही, अपने द्वारा की गई त्रुटियों का दोष अन्य कर्मचारियों पर डालकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास भी किया गया। प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत पाया गया, जिसके चलते छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत कलेक्टर द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंदिर में तोड़फोड़ से मचा बवाल, विधायक रायमुनि भगत सख्त, एसएसपी लाल उमेद सिंह बोले “होगी कड़ी कार्रवाई”।
जशपुर जिले के आस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत धरधरी गांव में स्थित बम्हनी माता मंदिर की प्राचीन मूर्तियों में अज्ञात तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ और धार्मिक प्रतीकों के अपमान से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मंदिर परिसर में रखी प्राचीन मूर्तियों को खंडित कर फेंक दिया गया, वहीं माता रानी की चुनरी और झंडे को जलाए जाने की घटना ने लोगों की आस्था को गहरा आघात पहुंचाया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। ग्रामीणों से पूछताछ के साथ-साथ आरोपियों की पहचान के लिए सघन प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक का सख्त रुख
ग्रामीणों की सूचना पर जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। विधायक ने कहा कि ऐसी घटनाएं क्षेत्र की शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश हो सकती हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसएसपी का बड़ा बयान
जिले के एसएसपी लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट किया है कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। मौके पर डीएसपी और डॉग स्क्वायड की टीम सक्रिय रूप से आरोपियों की पतासाजी में जुटी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
हिंदू संगठनों में उबाल
घटना को लेकर विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल सहित सर्व हिंदू समाज में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। रामदास यादव, प्रखंड अध्यक्ष मनोरा ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन में इस घटना को धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात बताते हुए इसे क्षेत्र की शांति और सौहार्द के लिए गंभीर खतरा करार दिया गया है।
फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं और प्रशासन जल्द बड़े खुलासे की बात कह रहा है।
तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत, तलाश के बाद शव बरामद।
जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत बिसबहरी गांव से एक बेहद मार्मिक घटना सामने आई है, जहां तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतक बच्चों की पहचान गोल्डी टोप्पो (7 वर्ष) और अनीस टोप्पो (8 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे कल से लापता थे, जिसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम लगातार बच्चों की तलाश में जुटी हुई थी।
एएसआई विपिन तिवारी ने बताया कि तलाश के दौरान आज दोनों बच्चों के शव बिसबहरी गांव के तालाब में मिले, जिन्हें पुलिस ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
एएसआई विपिन तिवारी, एएसआई नरेश मिंज समेत पुलिस की टीम शव पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई में जुटी हुई है।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
दुःखद खबर : जशपुर के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर।
जशपुर जिले के पूर्व विधायक जगेश्वर राम भगत का आकस्मिक निधन हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी टोली स्थित उनके निवास पर हार्ट अटैक आने से उनका निधन हुआ। इस दुखद खबर के सामने आते ही पूरे जशपुर जिले में शोक की लहर फैल गई है। राजनीतिक, सामाजिक और आमजन में गहरा दुःख व्याप्त है तथा उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनके निवास पर पहुंच रहे हैं।
स्वर्गीय जगेश्वर राम भगत का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्राणवान कार्यकर्ता रहे और समाज सेवा से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। इसके साथ ही वे अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से भी जुड़े रहे।
वर्ष 2008 में स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के प्रयास से उन्हें जशपुर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया, जहां उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया। चुनाव में उन्होंने 64,553 मत प्राप्त कर 50.18 प्रतिशत मतों के साथ विजय हासिल की और क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
विधायक रहते हुए उन्होंने आमजन की समस्याओं, अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति, पुस्तकालय समिति, पटल पर रखे गए पत्रों की जांच समिति तथा गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति जैसे महत्वपूर्ण समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र के विकास, सड़क, शिक्षा और विशेष रूप से आदिवासी समाज के उत्थान से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी।
उनका जन्म 2 अगस्त 1949 को जशपुर जिले के ग्राम कोमड़ो में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री रामेश्वर राम था। वे हायर सेकेंडरी शिक्षित थे और कृषि उनके जीवन का मुख्य व्यवसाय रहा। वे धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में विशेष रुचि रखते थे। पारिवारिक जीवन में वे विवाहित थे और उनके छह पुत्र एवं पांच पुत्रियां हैं।
सरल, सहज और जमीनी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले जगेश्वर राम भगत का आम जनता से गहरा जुड़ाव था। यही कारण है कि वे लंबे समय तक क्षेत्र में लोकप्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में स्थापित रहे।
उनका अंतिम संस्कार कल उनके गृह ग्राम कोमड़ो में किया जाएगा, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में आमजन के शामिल होने की संभावना है।
स्वर्गीय जगेश्वर राम भगत के निधन से जशपुर जिले ने एक अनुभवी, समर्पित और जनप्रिय नेता को खो दिया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।
अंधविश्वास की जकड़ में इंसानियत हुई शर्मसार,जादू-टोना के शक में पिता ने वृद्ध महिला को उतारा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार।
अंधविश्वास की जकड़ में इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हुई है। जशपुर जिले में जादू-टोना के शक ने एक बेबस वृद्ध महिला की जान ले ली है। जहां एक व्यक्ति ने निर्दयता की सारी हदें पार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
घटना बगीचा थाना क्षेत्र के गितारीपानी गांव की है। यहां आरोपी छंदनू राम (31 वर्ष) पिता मंगरू, पहाड़ी कोरवा ने शुक्रवार की रात गांव में अकेले रह रही वृद्ध महिला फूलमइत बाई (71 वर्ष) की लकड़ी के डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि आरोपी के बच्चे अक्सर बीमार रहते थे, जिसके चलते वह मृतिका पर जादू-टोना करने का संदेह करता था। इसी अंधविश्वास के कारण उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया।
शनिवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि मृतिका रात में खाना खाकर अपने घर में सो रही थी, तभी आरोपी ने उसके सिर और चेहरे पर डंडे से कई वार कर उसकी हत्या कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लाल उमेद सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार एवं एसडीओपी दिलीप कोसले के मार्गदर्शन में पुलिस टीम घटनास्थल पहुंची। टीम में एएसआई बैजन्ती किंडो, एएसआई नरेश मिंज, आरक्षक मुकेश पांडेय एवं सैनिक बलि रवि शामिल थे। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसडीओपी दिलीप कोसले ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
महामहिम राज्यपाल ने बिरहोर बस्ती में परखी हकीकत, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।
जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत बेहराखार के शंकर नगर में आज उस वक्त खास हलचल देखने को मिली, जब छत्तीसगढ़ के महामहिम रमेन डेका यहां पहुंचे और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले 11 बिरहोर परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
महामहिम राज्यपाल ने गांव पहुंचते ही सीधे हितग्राही परिवारों से संवाद किया और उनके आवास, रोजगार तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने जमीनी हकीकत को नजदीक से समझते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए।
महामहिम ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि गांव में योजनाओं का केवल कागजी क्रियान्वयन नहीं, बल्कि उसका वास्तविक असर भी दिखना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बिरहोर परिवारों के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समूहों का गठन किया जाए और उन्हें बिहान योजना से जोड़ा जाए। साथ ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए “लखपति दीदी” योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि गांव की आर्थिक स्थिति में ठोस सुधार लाया जा सके।
महामहिम ने यह भी कहा कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी हितग्राही को योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महामहिम राज्यपाल के इस दौरे से गांव में नई उम्मीद जगी है। अब देखना होगा कि अधिकारियों को दिए गए निर्देश कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं और बिरहोर परिवारों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव ला पाते हैं।
अवैध धान परिवहन में जप्त ट्रक रिलीज कर धान समेत हुआ गायब, मिथलेश साहु पर गंभीर आरोप, मालिक ने एसपी से लगाई गुहार।
जशपुर जिले में अवैध धान परिवहन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। झारखंड के गुमला निवासी ट्रक मालिक सुधीर कुमार मांझी ने पुलिस अधीक्षक जशपुर को आवेदन देकर ग्राम पण्डरापाठ बगीचा निवासी मिथलेश साहु पर जप्त ट्रक को रिलीज कर धान समेत गायब करने का आरोप लगाया है।
आवेदन के अनुसार, प्रार्थी सुधीर कुमार मांझी ने बताया कि मिथलेश साहु से उनकी पहले से पहचान थी और वह पूर्व में भी उनका ट्रक किराये पर ले चुका था। इसी विश्वास के चलते उन्होंने दिनांक 02 नवंबर 2025 को अपना ट्रक क्रमांक CG14MG8063 एक माह के लिए 1,20,000 रुपये में मिथलेश साहु को किराये पर दे दिया।
प्रार्थी के मुताबिक, उक्त ट्रक से मिथलेश साहु द्वारा अवैध धान परिवहन किया जा रहा था। इसी दौरान 05 नवंबर 2025 को फूड विभाग एवं जशपुर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए ट्रक को जप्त कर लिया गया और जशपुर थाना परिसर में खड़ा कर दिया गया। ट्रक करीब चार माह तक थाना परिसर में खड़ा रहा।
आरोप है कि दिनांक 10 मार्च 2026 को मिथलेश साहु ने फूड विभाग से ट्रक को रिलीज करवा लिया और बिना ट्रक मालिक को कोई सूचना दिए धान सहित ट्रक को अपने कब्जे में लेकर चला गया। बाद में जब प्रार्थी को अन्य लोगों से इसकी जानकारी मिली, तब उन्होंने मिथलेश साहु से संपर्क किया।
प्रार्थी का कहना है कि संपर्क करने पर मिथलेश साहु ने धान खाली करवाकर ट्रक वापस करने और चार माह का किराया देने का आश्वासन दिया, लेकिन आज दिनांक 01 अप्रैल 2026 तक न तो ट्रक वापस किया गया है और न ही किराया दिया गया है। बार-बार पूछने पर भी आरोपी द्वारा सही जानकारी नहीं दी जा रही है और लगातार टालमटोल किया जा रहा है।
प्रार्थी ने आशंका जताई है कि उसके ट्रक का दुरुपयोग किया जा सकता है। मामले को गंभीर बताते हुए उसने पुलिस अधीक्षक से मिथलेश साहु के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई करते हुए ट्रक वापस दिलाने एवं बकाया किराया दिलाने की मांग की है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।
छेड़छाड़ का आरोपी निकला हिस्ट्रीशीटर, पहले से कई संगीन मामलों में दर्ज है आरोपी का नाम,पुलिस ने भेजा जेल।
बगीचा थाना क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी कैलाश यादव को गिरफ्तार कर।पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी की पृष्ठभूमि चौंकाने वाली सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी कैलाश यादव पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है और उसका नाम गुंडा बदमाश सूची में दर्ज है।
जानकारी के मुताबिक, 24 मार्च 2026 की रात आरोपी ने एक युवती के घर में जबरन घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी कैलाश यादव पिता प्रभाकर यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामले की विवेचना कर रहे एएसआई बैजन्ती किंडो ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी, लूट, डकैती, मारपीट, चोरी और अवैध वसूली जैसे कई संगीन अपराध दर्ज हैं। क्षेत्र में उसकी छवि एक आदतन अपराधी के रूप में रही है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से लोगों में भरोसा बढ़ेगा और ऐसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
सायबर ट्रैकिंग से पश्चिम बंगाल पहुंची जशपुर पुलिस, दुष्कर्म के आरोपी को किया गिरफ्तार।
बगीचा थाना क्षेत्र में युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी राकेश विश्वकर्मा (उम्र 27 वर्ष), पिता हृदय सिंह विश्वकर्मा, निवासी थाना बाराबनी, जिला पश्चिम वर्धमान (पश्चिम बंगाल) के खिलाफ बगीचा थाने में अपराध क्रमांक 24/26 दर्ज है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 एवं 64(2)(m) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
बताया गया कि आरोपी पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर बगीचा पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। आरोपी घटना के बाद फरार हो गया था।
जशपुर साइबर टीम के सहयोग से बगीचा पुलिस लगातार आरोपी की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह के निर्देशन में मामले की जांच की गई। विवेचना एएसआई बैजंती किंडो द्वारा की जा रही थी।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बगीचा थाना से एएसआई नरेश मिंज एवं आरक्षक विनोद यादव की टीम पश्चिम बंगाल रवाना हुई, जहां से आरोपी को पकड़कर बगीचा लाया गया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।
जलजीवन मिशन के भुगतान में देरी से परेशान ठेकेदार ने आत्मदाह की दी चेतावनी, PHE समेत विभागीय इंजीनियर पर गंभीर आरोप।
जिला सरगुजा के अंबिकापुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग PHE से जुड़े ठेकेदारों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। भुगतान में देरी और कथित प्रताड़ना से परेशान एक ठेकेदार ने आत्मदाह की चेतावनी दी है, वहीं अन्य ठेकेदारों ने भी विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर चुके ठेकेदार रजनीकांत अग्रवाल ने कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि उन्होंने लगभग एक वर्ष पहले अपना कार्य पूर्ण कर लिया था, लेकिन अब तक उन्हें पूरा भुगतान नहीं मिला है। करीब 65 लाख रुपये के कार्य के बदले मात्र 22 लाख रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि शेष राशि के लिए उन्हें लगातार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि PHE विभाग के कुछ अधिकारी जानबूझकर भुगतान प्रक्रिया में देरी कर रहे हैं। साथ ही उपअभियंता धर्मेन्द्र सिंह पर देयक तैयार करने के नाम पर कमीशन मांगने और मना करने पर ठेकेदारों को ब्लैकमेल व प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इधर, भुगतान में देरी से नाराज ठेकेदारों ने PHE कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ठेकेदार संघ का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से भुगतान लंबित है और अनुबंध नियमों में लगातार फेरबदल कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 30 मार्च तक भुगतान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो वे कार्यालय में ताला जड़ देंगे।
रजनीकांत अग्रवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे 30 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे अंबिकापुर स्थित PHE कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे। उन्होंने इस संभावित घटना की पूरी जिम्मेदारी विभाग और संबंधित अधिकारियों पर डाली है। इस मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को भी भेजी गई है।
वहीं, PHE विभाग के जिला अधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद उपअभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर चेतावनी को किस तरह लेता है और समय रहते क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
अंबिकापुर संजय पार्क में 15 हिरणों की मौत पर साय सरकार सख्त,5 निलंबित,जांच टीम गठित।
अंबिकापुर स्थित संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है।
जांच समिति की अध्यक्षता दो वरिष्ठ अधिकारियों CCF सरगुजा और CCF वाइल्ड लाइफ को सौंपी गई है। यह टीम पूरे मामले की विस्तृत जांच कर अपना प्रतिवेदन शासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इसके अलावा समिति संजय पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी अपने सुझाव देगी।
इधर, पार्क का संचालन कर रही वन प्रबंधन समिति शंकरघाट को भंग कर दिया गया है। मामले में लापरवाही के आरोप में अब तक डिप्टी रेंजर सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि संबंधित रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बहरहाल सरकार इस घटना को लेकर सख्त नजर आ रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है।
ब्रेकिंग पत्रवार्ता : रायगढ़ में 72 घंटे के भीतर अफीम की खेती पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई जगह भंडाफोड़।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान जारी है। बीते 72 घंटों के भीतर जिला प्रशासन ने तमनार से लेकर लैलूंगा क्षेत्र तक अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान से अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।
ड्रोन सर्वे से मिली बड़ी सफलता
प्रशासन द्वारा जिले के सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे कराया गया। खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में सघन निगरानी की गई। ड्रोन तकनीक के जरिए दुर्गम इलाकों में भी अवैध खेती की पहचान कर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।
तमनार में 2 करोड़ की अफीम जब्त
19 मार्च को तमनार के आमाघाट में छापेमारी के दौरान सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने यहां से 60,326 पौधे बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। मुख्य आरोपी मार्शल सांगा (झारखंड निवासी) को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पूरी फसल नष्ट कर दी गई है।
लैलूंगा में भी कार्रवाई
23 मार्च को लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव में सादराम नाग द्वारा खेत में छिपाकर अफीम की खेती करने का मामला सामने आया। पुलिस ने फसल जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया। वहीं, अभिमन्यु नागवंशी के घर से सूखी अफीम भी बरामद की गई, जिसे नष्ट करने की कोशिश की जा रही थी।
इसके अलावा मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में भी संदिग्ध खेती की जानकारी मिली है। उसके घर से अवशेष बरामद कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
सख्त कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध खेती गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि आगे नारकोटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण का मामला, आरोपी ज्ञानचंद तिर्की गिरफ्तार,पुलिस ने भेजा जेल।
जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बगीचा थाना क्षेत्र की 32 वर्षीय महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2021 में उसका परिचय ग्राम डगडौआ निवासी ज्ञानचंद तिर्की से हुआ था। परिचय के बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। आरोप है कि आरोपी ने उसे प्यार करने और शादी करने का झांसा देकर 24 दिसंबर 2022 की रात करीब 11 बजे उसके घर पहुंचकर पहली बार शारीरिक संबंध बनाया।
महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी 15 फरवरी 2026 तक कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब महिला ने आरोपी पर शादी करने का दबाव बनाया तो वह टालमटोल करता रहा और मारपीट भी की। बाद में आरोपी ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया।
महिला की लिखित शिकायत पर बगीचा पुलिस ने आरोपी ज्ञानचंद तिर्की पिता सुलेमान तिर्की, निवासी ग्राम डगडौआ थाना बगीचा जिला जशपुर के खिलाफ धारा 366 व 376(2)(n) भादवि के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पीलिया से 13 वर्षीय बालक की मौत, शहर में दूषित पेयजल को लेकर आक्रोश।
अंबिकापुर के नमनाकला खटिकपारा क्षेत्र में 13 वर्षीय बालक दिव्यांश राय की पीलिया से मौत हो गई है। इससे पहले 22 फरवरी को झँझटपारा नवापारा निवासी 40 वर्षीय सोना लाल की भी पीलिया के कारण मृत्यु हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों के बाद शहर में हड़कंप की स्थिति है।
दूषित पानी पर उठ रहे सवाल
नवागढ़, घुटरापारा सहित कई वार्डों में पीलिया के मरीज सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की पेयजल आपूर्ति दूषित है, जिसके चलते संक्रमण तेजी से फैल रहा है। प्रभावित इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित वार्डों में पानी के सैंपल लेना और जांच शुरू कर दी है। मरीजों की स्क्रीनिंग, क्लोरीनेशन और जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निगम की कार्यप्रणाली पर विपक्ष हमलावर
जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने 25 फरवरी को नए नगर निगम भवन के घेराव का ऐलान किया है। दोपहर 12:30 बजे कोठीघर में एकत्र होकर रैली के रूप में गौरव पथ स्थित नए निगम कार्यालय की ओर कूच किया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर में पीलिया का प्रकोप बढ़ा है।
टीएस सिंहदेव का बयान
टी. एस. सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे स्थानीय प्रशासन की गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। उन्होंने पेयजल व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शहर में पीलिया प्रकोप को लेकर लोगों में आक्रोश है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
सड़क पर डम्प मिट्टी बनी जानलेवा,नहर में गिरी ट्रैक्टर,चालक की दबकर मौत।
जशपुर जिले के बगीचा क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नगर पंचायत बगीचा के भट्ठीकोना रोड स्थित नहर में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर जा गिरी, जिससे ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान नीलेश्वर यादव (22 वर्ष) पिता दुबराज यादव, निवासी खरीडांड के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर क्रमांक CG 14 MQ 5606 सड़क से गुजर रही थी, तभी अचानक वाहन अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरी और चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया।
हादसे के बाद मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के वार्डवासी बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रैक्टर और चालक के शव को नहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
सड़क पर डम्प मिट्टी बनी हादसे की वजह?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर मकान निर्माण के लिए मिट्टी डम्प की गई थी, जिससे सड़क संकरी हो गई थी। सड़क के एक ओर मिट्टी का ऊंचा ढेर था और दूसरी ओर गहरी नहर। ऐसे में तेज रफ्तार ट्रैक्टर के लिए रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया और वाहन सीधे नहर में जा गिरी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क पर मिट्टी डम्प कर रास्ता बाधित नहीं किया गया होता, तो यह दुखद हादसा टाला जा सकता था। लोगों ने मांग की है कि जिन लोगों द्वारा सड़क को अवरुद्ध कर दुर्घटना की स्थिति पैदा की गई, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन की लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
