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खेत में धान रोपाई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली, तीन किसानों की दर्दनाक मौत।

 

 

 

 

कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलोरा में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की दर्दनाक मौत हो गई। तीनों किसान खेत में धान रोपाई का कार्य कर रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से वे उसकी चपेट में आ गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दी तथा तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कटघोरा पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान बहोरन पाटले (बेल्हा पारा, बकराबाजार सलोरा मोड़), लक्ष्मी पाटले (बेल्हा पारा, बकराबाजार सलोरा) और श्याम साहू (निवासी छुरी) के रूप में हुई है।

इस हृदयविदारक घटना से तीनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा भी घटना की जानकारी लेकर नियमानुसार सहायता की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है।

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सरकार के E20 पेट्रोल पर बड़ा झटका,उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला, नई कार देने का आदेश....

 

 केंद्र सरकार की ओर से प्रोत्साहित किए जा रहे E20 पेट्रोल को लेकर देश में पहली बार एक बड़ा उपभोक्ता आयोग का फैसला सामने आया है। रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में वाहन निर्माता कंपनी और डीलर को उपभोक्ता को नई कार देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि संबंधित वाहन का इंजन E20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं था और कंपनी ने उपभोक्ता को उचित सेवा नहीं दी। यह आदेश 4 जुलाई 2026 को पारित किया गया है। 

आयोग ने निर्देश दिया कि यदि कंपनी नई कार उपलब्ध नहीं कराती है तो उसे वाहन की कीमत 20.50 लाख रुपये लौटानी होगी। इसके अलावा 1 लाख रुपये मानसिक प्रताड़ना और 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी देने होंगे। आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करना होगा, अन्यथा देय राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना पड़ेगा। 

आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि वाहन E20 पेट्रोल के उपयोग के अनुरूप नहीं था, जबकि उपभोक्ता को इस संबंध में पर्याप्त जानकारी और समाधान नहीं दिया गया। इसलिए वाहन निर्माता और डीलर दोनों को सेवा में कमी का दोषी माना गया। 

यह फैसला केवल एक उपभोक्ता को राहत देने तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि E20 पेट्रोल से संबंधित विवादों में देशभर के वाहन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन सकता है। हालांकि, यह आदेश इस विशेष मामले के तथ्यों के आधार पर दिया गया है और इसका अर्थ यह नहीं है कि E20 पेट्रोल हर वाहन के लिए अनुपयुक्त है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता,जशपुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज को NMC की मंजूरी, 2026-27 से 50 MBBS सीटों पर होगा प्रवेश...

 

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने शासकीय मेडिकल कॉलेज जशपुर कुनकुरी की स्थापना के लिए लेटर ऑफ परमिशन जारी कर दिया है। अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यहां 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश शुरू होगा।इस उपलब्धि के लिए पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की उस प्रतिबद्धता का परिणाम मानी जा रही है, जिसके तहत प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर लगातार कार्य किया जा रहा है। लंबे समय से जशपुरवासियों की मेडिकल कॉलेज की मांग अब पूरी हो गई है।

12 जुलाई 2026 को जारी अनुमति पत्र के अनुसार, पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष विश्वविद्यालय, नया रायपुर से संबद्ध इस मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत 50 छात्रों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ स्वीकृति प्रदान की गई है। 

मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जशपुर सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही एमबीबीएस की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। वहीं जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।

एनएमसी ने अनुमति के साथ यह भी स्पष्ट किया है कि मेडिकल कॉलेज को शिक्षकों, अस्पताल, आधारभूत संरचना, उपकरण, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा अन्य सभी निर्धारित मानकों का निरंतर पालन करना होगा। भविष्य में निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर आयोग नियमानुसार कार्रवाई कर सकेगा।

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भाजपा के 7 मोर्चा प्रकोष्ठों ने अमित पांडेय के खिलाफ की FIR की मांग, पत्थलगांव थाने में सौंपा ज्ञापन।

 

 

 

भारतीय जनता पार्टी के मंडल पत्थलगांव के सातों मोर्चों ने सोमवार को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित पांडेय के खिलाफ पत्थलगांव थाने में अलग-अलग आवेदन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अमित पांडेय अपनी फेसबुक आईडी के माध्यम से मुख्यमंत्री, विधायक सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित फर्जी पोस्ट प्रकाशित कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसी पोस्टों से कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा के सातों मोर्चों ने पुलिस से मामले की जांच कर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने तथा कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाली सोशल मीडिया आईडी पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

यह आवेदन भाजपा मंडल, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा तथा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की ओर से अलग-अलग प्रस्तुत किए गए हैं। 

मामले में पत्थलगांव एसडीओपी डॉ ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि भाजपा पदाधिकारियों ने अमित पांडेय के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किए जाने संबंधी आवेदन दिया है जिसमें जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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24 घंटे में अंधे कत्ल का खुलासा,बहू निकली साजिशकर्ता, महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार

 

 

 

 

जशपुर पुलिस ने दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम बोड़ाजोर में 70 वर्षीय बुजुर्ग चुगरू प्रधान की हत्या के मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश मृतक की बहू ने पारिवारिक विवाद के चलते रची थी।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुगंती बेसरा (36) निवासी बोड़ाजोर, साहिल उर्फ राजा खान (22), आनंद यादव (20) निवासी परसाटोली तथा रोहित सिंह (21) निवासी मधुटोली के रूप में की है।

पुलिस के अनुसार 4 जुलाई को चुगरू प्रधान अपने घर में मृत अवस्था में मिले थे। उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।

जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली सूचना और पूछताछ में सामने आया कि मृतक और उसकी बहू सुगंती बेसरा के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने परिचितों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

पुलिस के मुताबिक 3 और 4 जुलाई की दरम्यानी रात आरोपी मोटरसाइकिल से मृतक के घर पहुंचे। दरवाजा खुलवाने के बाद लकड़ी के फट्टे और मुक्कों से हमला किया, फिर हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिससे बुजुर्ग की मौत हो गई। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का फट्टा, एक मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस गंभीर अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और वैज्ञानिक जांच एवं त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पंच की मौत के बाद बदला मिला ताला, निर्माण सामग्री गायब.? न्याय के लिए दर-दर भटक रहा परिवार,पत्नी ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप,SSP बोले– होगी कार्रवाई

 

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सुलेसा में एक दिवंगत पंच के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। मृतक पंच टंकेश्वर राजवाड़े की पत्नी संगीता राजवाड़े ने सरपंच पर निर्माण कार्यों के लिए रखी गई लाखों रुपये की सामग्री गायब करने का आरोप लगाते हुए पुलिस एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, टंकेश्वर राजवाड़े ग्राम पंचायत सुलेसा के वार्ड क्रमांक 2 के पंच थे और प्रधानमंत्री आवास सहित विभिन्न शासकीय विकास कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की व्यवस्था कर रहे थे। पंचायत सचिव से चर्चा के बाद सीमेंट, सरिया, सेंटरिंग सामग्री, पुट्टी, तार सहित अन्य सामान पंचायत भवन के समीप स्थित साक्षर भारत भवन में सुरक्षित रखा गया था।

आवेदन में कहा गया है कि निर्माण सामग्री रखने के कुछ समय बाद टंकेश्वर राजवाड़े की तबीयत बिगड़ गई और उपचार के दौरान 8 अप्रैल 2026 को उनका निधन हो गया। इसके बाद जब उनकी पत्नी संगीता राजवाड़े भवन में रखी सामग्री देखने पहुंचीं तो उन्होंने पाया कि पहले लगा ताला टूटा हुआ था और उसकी जगह दूसरा ताला लगा हुआ था। उनका आरोप है कि भवन में रखी लगभग 200 बोरी सीमेंट, 10 बोरी पुट्टी, सरिया, सेंटरिंग सामग्री, तार सहित अन्य निर्माण सामग्री गायब थी। शिकायत में सरपंच कमलेश्वर पैंकरा पर ताला तोड़कर सामग्री हटाने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि शिकायत लेकर वे दो दिनों तक पंडरापाठ पुलिस चौकी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। परिवार का दावा है कि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उनकी शिकायत दर्ज की गई। उनका कहना है कि दिवंगत पंच द्वारा गांव के विकास के लिए जुटाई गई सामग्री के गायब होने से परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है तथा न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है।

मामले में जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं जनपद पंचायत बगीचा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद सिंह ने कहा कि मृतक पंच की पत्नी से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंच परिवार के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

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दो आदिवासी मजदूरों को बंधक बनाकर निर्वस्त्र कर जूतों से पीटने व जातिसूचक प्रताड़ना का आरोप, पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत...

 

 

 

जशपुर जिले के सन्ना थाना क्षेत्र में दो आदिवासी मजदूरों ने एक कृषि केंद्र के संचालक और उसके दो सहयोगियों पर बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट करने, निर्वस्त्र कर जूतों से पीटने, जातिसूचक गालियां देने और जबरन चोरी कबूल कराने के लिए वीडियो बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ितों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को सौंपते हुए भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार ग्राम सन्ना निवासी विलसन तिर्की और आनंद कुजूर राहुल कृषि केंद्र में मजदूरी करते हैं। उनका आरोप है कि 3 जुलाई की सुबह केंद्र संचालक राहुल केशरी ने उन्हें दुकान पर बुलाकर एक्सपायरी मक्का और धान की चोरी कर बेचने का आरोप लगाया। जब दोनों ने आरोप से इनकार किया तो उन्हें कथित तौर पर एक कमरे में बंद कर दिया गया।

पीड़ितों का आरोप है कि कुछ देर बाद प्रियांशु केशरी (ऋषु) और प्रेमचंद केशरी भी वहां पहुंचे। तीनों ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसों और जूतों से मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों मजदूरों को निर्वस्त्र कर जातिसूचक गालियां दी गईं तथा मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर चोरी स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के अनुसार मारपीट के बाद विलसन तिर्की का मोबाइल फोन और स्कूटी की चाबी छीन ली गई तथा वाहन अपने कब्जे में रख लिया गया। पीड़ितों का कहना है कि घटना में विलसन की आंख और कान में चोटें आई हैं, जबकि आनंद कुजूर के हाथ, पीठ और उंगलियों में गंभीर चोटें लगी हैं।

पीड़ितों का आरोप है कि कृषि केंद्र संचालक की शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ चोरी का मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन उनकी शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 इस संबंध में एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने पत्रवार्ता को बताया कि मजदूरों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। वहीं मजदूरों द्वारा लगाए गए मारपीट और जातिसूचक प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट से बगिया सीएम हाउस की छवि धूमिल करने की कोशिश, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई : शंकर गुप्ता

जशपुर,01 जुलाई भाजपा के वरिष्ठ नेता शंकर गुप्ता ने सोशल मीडिया पर बगिया सीएम हाउस तथा वहां कार्यरत कर्मचारियों के संबंध में की जा रही कथित आपत्तिजनक एवं आधारहीन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि बिना किसी प्रमाण के किसी व्यक्ति या संस्था का नाम उछालना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे समाज में भ्रम फैलता है और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है।

उन्होंने कहा कि बगिया सीएम हाउस मुख्यमंत्री के निर्देशन में क्षेत्र की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय है। यहां जनसुनवाई और विभिन्न माध्यमों से लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया के माध्यम से कर्मचारियों या किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि अमित पांडेय नामक फेसबुक आईडी से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें "बगिया सीएम हाउस के प्रभारी आकाश गुप्ता के कथित पार्टनर..." जैसे आरोप लगाए गए हैं। शंकर गुप्ता ने इन आरोपों को निराधार, भ्रामक और बिना प्रमाण के सोशल मीडिया पर उछाली गई बातें बताया।

शंकर गुप्ता ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की शिकायत या जानकारी है तो उसके लिए शासन और प्रशासन स्तर पर विधिवत शिकायत की व्यवस्था उपलब्ध है। संबंधित एजेंसियों के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच कराई जा सकती है। सोशल मीडिया पर अपुष्ट आरोप लगाकर निजी हमला करना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजकल कुछ लोग व्यक्तिगत प्रसिद्धि पाने, सोशल मीडिया पर चर्चा में बने रहने और निजी स्वार्थों की पूर्ति के उद्देश्य से इस प्रकार के भ्रामक एवं सनसनीखेज पोस्ट साझा करते हैं। ऐसे प्रयासों से समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और लोगों की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों और जनसेवा से जुड़े लोगों को बदनाम करने के लिए विरोधी मानसिकता के कुछ तत्व इस तरह के दुष्प्रचार का सहारा ले रहे हैं। ऐसे निराधार आरोपों से जनता को गुमराह करने की कोशिश सफल नहीं होगी। जिला भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष व महामंत्री शंकर गुप्ता ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया पर बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत एवं कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास न कर सके।

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पत्नी का मुंडन कर चेहरे पर पोती कालिख, जबरन पेशाब पिलाने का आरोप; पति गिरफ्तार।

 

 

जिले के पटना थाना क्षेत्र अंतर्गत कटकोना पंडोपारा में एक महिला के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। महिला ने अपने पति पर हाथ-पैर बांधकर मुंडन करने, चेहरे पर कालिख पोतने और जबरन पेशाब पिलाने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

सूरजपुर जिले के करंजी की रहने वाली पीड़िता ताराबाई ने पटना थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि वह पिछले लगभग एक वर्ष से पति जितेंद्र घसिया और बच्चों से अलग रह रही थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह कोरिया जिले के पंडोपारा घसिया मोहल्ला में अपने रिश्तेदार रमेश घसिया के यहां रह रही थी। 14 जून को उसका पति वहां पहुंचा और विवाद के दौरान कथित तौर पर उसके हाथ-पैर बांधकर मुंडन कर दिया तथा चेहरे पर कालिख पोत दी। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना करते हुए उसे जबरन पेशाब पिलाया गया।

15 जून को पीड़िता की शिकायत पर पटना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 351(2) और 85 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी दौरान घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें महिला के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने के दृश्य दिखाई देने पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 123 और 296 के तहत अतिरिक्त अपराध दर्ज किया।

पटना थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने बताया कि वीडियो और शिकायत के आधार पर आरोपी जितेंद्र घसिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामला पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध वीडियो के आधार पर दर्ज किया गया है। आरोपों की जांच जारी है।

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जगदलपुर केंद्रीय जेल में महिला बंदी ने लगाई फांसी, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे गंभीर सवाल..।

 

 

 

 

जगदलपुर केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरभा थाना क्षेत्र के चितापुर निवासी जयमती बघेल ने रविवार तड़के महिला सेल के भीतर कथित तौर पर अपनी चुन्नी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मृतका लगभग दो माह पूर्व अपने ही चाचा की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत के तहत केंद्रीय जेल में बंद थी। बताया जा रहा है कि उसका चाचा लंबे समय से उसके साथ छेड़छाड़ करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आवेश में आकर चाचा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद उसे जेल भेजा गया था।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली केंद्रीय जेल के भीतर एक महिला बंदी को आत्महत्या जैसा कदम उठाने का अवसर कैसे मिल गया। जेल के अंदर सुरक्षा निगरानी और बंदियों की मानसिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार जयमती बघेल पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। उसके तीन छोटे बच्चे हैं और बताया जा रहा है कि पति सहित परिवार के सदस्य उससे मिलने भी नहीं आ रहे थे। ऐसे में अकेलेपन और मानसिक दबाव के कारण उसने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

महेश्वर नाग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बस्तर ने बताया कि घटना के संबंध में कोतवाली थाना में मर्ग कायम कर लिया गया है। चूंकि मौत केंद्रीय जेल परिसर के भीतर हुई है, इसलिए मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की जा रही है।

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रौनी घाट में बड़ा सड़क हादसा, तेज रफ्तार यात्री बस ने दो कारों को मारी टक्कर।

 

 

 

 

जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत रौनी घाट में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार यात्री बस ने दो कारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार कई लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए बगीचा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार दोनों कारें रौनी से बगीचा की ओर आ रही थीं। इसी दौरान बगीचा से जशपुर की तरफ जा रही यात्री बस ने दोनों वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।

घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रौनी घाट मार्ग पर डिवाइडर नहीं होने और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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दर्दनाक सड़क हादसा,ईंट से भरे ट्रैक्टर ने बाइक सवार चार युवकों को रौंदा,सभी की मौत।

 

 

 

बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र में से भीषण सड़क हादसे की खबर है जिसमें चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना ग्राम पिपरपान के सुंदरपुर मोड़ के पास हुई, जहां ईंट से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार चारों युवक एक ही बाइक में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पिपरपान मोड़ के पास तेज गति से आ रहे ईंट लदे ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर चालक बेहद लापरवाही से वाहन चला रहा था। टक्कर के बाद भी चालक ने ट्रैक्टर नहीं रोका और करीब सौ मीटर तक युवकों को घसीटता चला गया।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ चार युवकों की मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर की ट्रॉली मौके पर छोड़कर इंजन लेकर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सनावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने ट्रॉली को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से चल रहे भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है।

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डीलिस्टिंग विवाद पर बड़ी कार्रवाई,राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा ने जशपुर जिला अध्यक्ष को किया निष्कासित,आज के रैली पर संकट।

जशपुर जंक्शन 24 मई 

डीलिस्टिंग मुद्दे को लेकर चल रहे विवाद के बीच राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत (छत्तीसगढ़) ने बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए जशपुर जिला अध्यक्ष राजेश भगत को पद से निष्कासित कर दिया है। यह निर्णय प्रदेश अध्यक्ष मिटकु भगत एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शंकर दयाल भगत की सर्वसम्मति से लिया गया।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज जशपुर में डीलिस्टिंग के विरोध में विशाल रैली एवं आमसभा का आयोजन प्रस्तावित था। इस कार्यक्रम में ईसाई आदिवासी महासभा सहित विभिन्न संगठनों की बड़ी सहभागिता तय मानी जा रही थी। कार्यक्रम का आयोजन राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के बैनर तले होना बताया जा रहा था,लेकिन आयोजन से ठीक पहले संगठन के भीतर बड़ा विवाद सामने आ गया है।

जारी पत्र में कहा गया है कि राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत ट्रस्ट अधिनियम के अंतर्गत निबंधित संस्था है। संस्था का आरोप है कि जशपुर जिला अध्यक्ष राजेश भगत द्वारा संगठन के बैनर का अनाधिकृत उपयोग करते हुए दूसरे धर्म समाज को समर्थन दिया गया तथा डीलिस्टिंग विरोधी कार्यक्रम में संस्था को आयोजक बताकर संगठन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत डीलिस्टिंग के विरोध में किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं करता तथा संगठन का इस आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। संस्था ने कहा कि पूरे सरना धर्म एवं उरांव आदिवासी समाज की ओर से इस कृत्य की घोर निंदा की जाती है।

संगठन की ओर से जारी निर्णय में कहा गया कि राजेश भगत को तत्काल प्रभाव से जशपुर जिला अध्यक्ष पद से निष्कासित किया जाता है। इस संबंध में राष्ट्रीय महासचिव विद्यासागर केरकेट्टा को भी सूचनार्थ पत्र प्रेषित किया गया है।

इस कार्रवाई के बाद जिले में डीलिस्टिंग आंदोलन और सरना समाज संगठनों के बीच नई राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा शुरू हो गई है।

अब देखना होगा कि आज के आंदोलन को लेकर प्रशासनिक रुख क्या होगा।

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NH-43 पर बवाल,तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने मचाई तबाही,ट्रक ने लोगों को रौंदा,एक की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाया जाम।

 

 

 

 

जिले के लोदाम थाना क्षेत्र अंतर्गत NH-43 पर गुरुवार को दर्दनाक सड़क हादसे के बाद भारी बवाल की स्थिति बन गई। जशपुर से सब्जी लादकर पश्चिम बंगाल जा रही तेज रफ्तार मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर कई लोगों और वाहनों को रौंदते हुए पूर्व सरपंच के घर में जा घुसी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक ने दो मोटरसाइकिल, एक ट्रैक्टर, एक ऑटो और बिजली के खंभे को भी जोरदार टक्कर मारी। हादसा इतना भीषण था कि मृतक का शव दो टुकड़ों में बंट गया।

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-43 पर चक्का जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

सूचना मिलते ही जशपुर एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देने में जुटे हुए हैं। एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार ने बताया कि पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।ग्रामीणों को समझाईश देकर जाम खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है।

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कुम्हारी में दर्दनाक हादसा : घर में लगी आग, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत।

 

 

 

दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 04 खपरी रोड में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मकान में अचानक आग लगने से पूरा घर चपेट में आ गया, जिससे अंदर मौजूद चार लोगों की जान चली गई।

सूचना मिलते ही थाना कुम्हारी पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, फायर ब्रिगेड एवं राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के साथ बचाव कार्य शुरू किया गया। हालांकि तब तक घर के भीतर मौजूद चार लोगों की मौत हो चुकी थी।

पुलिस के अनुसार मृतकों में होमदास वैष्णव (40 वर्ष), लक्ष्मी वैष्णव (18 वर्ष), चांदनी (17 वर्ष) और गोपिका (02 वर्ष) शामिल हैं।

घटना के बाद फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। है।

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“नीट विवाद पर फूटा छात्रों का गुस्सा, NTA पर उठे बड़े सवाल”छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं — आदित्येश्वर शरण सिंह देव”

 

 

 

 

नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में उठे विवाद और परीक्षा निरस्त होने की घटनाओं पर कांग्रेस नेता आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे लाखों छात्रों और अभिभावकों के विश्वास के साथ अन्याय बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की है।

आदित्येश्वर ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के छात्र सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार की प्रशासनिक विफलताएं उनके भविष्य पर गंभीर असर डाल रही हैं। उन्होंने NTA की व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शी जांच की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के विवादों से कोई सबक नहीं लिया गया और परीक्षा प्रणाली आज भी आउटसोर्सिंग और अव्यवस्था के भरोसे चल रही है। “देश के युवाओं का भविष्य प्रयोगशाला नहीं बन सकता,” उन्होंने कहा।

आदित्येश्वर ने मांग की कि—

नीट-यूजी 2026 प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच हो

NTA की संरचना और भर्ती प्रणाली में सुधार किया जाए

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो

छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

उन्होंने कहा कि छात्र और अभिभावक अब जवाब चाहते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार रखते हैं।

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