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मिशन वात्सल्य की समीक्षा: बाल संरक्षण तंत्र को सुदृढ़ करने कलेक्टर ने दिये निर्देश

BY जशपुर जंक्शन 01 मार्च
कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई तथा जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक लेकर बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बाल संप्रेषण गृह में कार्यरत परामर्शदाता, सुपरवाइजर, केस वर्कर, समन्वयक, अधीक्षक, संरक्षण अधिकारी एवं ऑपरेटरों के रिक्त एवं भरे पदों की जानकारी ली। उन्होंने रिक्त पदों की पूर्ति की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति में प्राप्त, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का समयबद्ध एवं संवेदनशील निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों के हित प्रभावित न हों। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री चंद्रशेखर यादव सहित समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।
बाल देखरेख संस्थाओं की गतिविधियों की समीक्षा
कलेक्टर ने बाल देखरेख संस्थाओं में संरक्षित बच्चों की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डीपीओ ने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार नियमित रूप से खेलकूद, रंगोली, पेंटिंग, क्राफ्ट, लेखन, संगीत, नुक्कड़ नाटक एवं भाषण जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक माह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक एवं भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के सर्वेक्षण एवं रेस्क्यू हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। चिन्हांकित बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। उन्होंने बच्चों के आधार कार्ड, बैंक खाते एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली। छत्तीसगढ़ राज्य प्रवर्तकता कार्यक्रम तथा मुख्यमंत्री बाल उदय योजना अंतर्गत लाभान्वित बच्चों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा कर उसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान पर जोर
बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीपीओ ने बताया कि जिले की 444 ग्राम पंचायतों में से 285 ग्राम पंचायतों से बाल विवाह मुक्त प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। पुलिस सत्यापन के उपरांत संबंधित ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। जिले के सभी परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर एवं ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गांवों में बाल विवाह मुक्त अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बाल संरक्षण केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। सभी संबंधित अधिकारी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर जिले को सुरक्षित एवं बाल हितैषी बनाने में योगदान दें।
प्रदेश
थाना बगीचा के वार्षिक निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, टीआई और मोहर्रिर को डीआईजी-एसएसपी की कड़ी फटकार
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने थाना बगीचा का वार्षिक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था, कार्यालयीन अभिलेखों, शासकीय संपत्ति, मालखाना और थाना परिसर की व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण, जप्त सामग्री के रखरखाव और कार्यालयीन व्यवस्था में गंभीर कमियां मिलने पर थाना प्रभारी (टीआई) और मोहर्रिर को कड़ी फटकार लगाई गई। साथ ही सभी कमियों को तत्काल दूर कर अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ग्राम अपराध पुस्तिका, जरायम रजिस्टर, लंबित अपराध, शिकायतें, जप्ती माल तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की समीक्षा की गई। डीआईजी-एसएसपी ने लंबित मामलों का त्वरित एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
थाना परिसर की साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि थाना परिसर हमेशा स्वच्छ, व्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल वातावरण वाला होना चाहिए। मालखाना और जप्त सामग्री के रखरखाव में भी कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए नियमानुसार सुरक्षित संधारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीआईजी-एसएसपी ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए गुंडा-बदमाशों की नियमित निगरानी, प्रभावी गश्त और बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस मितानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, जन चौपाल में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा आम जनता के साथ संवाद बढ़ाकर पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई, साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने तथा तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है। उन्होंने थाना स्तर पर अनुशासन, जवाबदेही और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस कार्यालय जशपुर से उप निरीक्षक (स्टेनो) रामानंद बहिदार, रीडर मुकेश झा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
