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बस्तर के विकास की दिशा में एक और अहम कदम,मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुलाकात
नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की जल संसाधन परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर अंचल की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।
इससे 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बस्तर की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि बस्तर अब नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है, और वहां विकास के लिए अनुकूल वातावरण बन चुका है।
वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है कि यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में आए। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की दिशा में आवश्यक पहल करे। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए परियोजना के प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र मूर्त रूप लेगी और बस्तर की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का सशक्त आधार बनेगी।
प्रदेश
कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ जनजीवन में व्यापक प्रभाव - मुख्यमंत्री श्री साय संत समागम समारोह की राशि 50 लाख से बढाकर 75 लाख करने की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है। उन्होंने संत समागम समारोह दामाखेड़ा की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है। श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है। नक्सलवाद का प्रदेश से 31 मार्च 2026 तक समूल नष्ट हो जाएगा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हैं। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया।
समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही विदेशों से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है।
इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।
