ब्रेकिंग न्यूज़

उरांव समाज में दो फाड़,वायरल ऑडियो को लेकर कृपाशंकर भगत से हाथापाई, संतन भगत पर मामला दर्ज,वीर बुधु भगत जयंती कार्यक्रम में हुई थी घटना।

 

 

 

उरांव समाज के दो प्रमुख पदाधिकारियों के बीच चल रहा विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। कृपाशंकर भगत के कथित ऑडियो वायरल होने के बाद शुरू हुई जुबानी जंग 17 फरवरी को आयोजित वीर बुधु भगत जयंती कार्यक्रम में मारपीट तक पहुंच गई।जहां संतन भगत ने समाज के सामने ही कृपाशंकर भगत को अश्लील गाली गलौज हाथापाई कर सुधरने की नसीहत दे डाली।हांलाकि बीच बचाव कर तत्काल मामले को शांत कर लिया गया था।पुनः दोनों पक्षों ने जशपुर पुलिस में लिखित आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की है।जिसपर जशपुर पुलिस ने कृपाशंकर भगत की शिकायत पर संतन भगत के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

पत्रवार्ता को प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरटोली निवासी संतन राम भगत ने आरोप लगाया है कि 16 फरवरी 2026 को कृपाशंकर भगत द्वारा उन्हें एवं समाज के प्रतिष्ठित लोगों को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जशपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने और छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है।

वहीं दूसरी ओर, टिकैतगंज निवासी कृपाशंकर भगत ने 17 फरवरी को ग्राम डांडटोली में आयोजित सरना पूजा एवं वीर बुधु भगत जयंती कार्यक्रम के दौरान संतन भगत पर सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज,मारपीट, धक्का-मुक्की एवं जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने सिटी कोतवाली जशपुर में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

थाना सिटी कोतवाली जशपुर द्वारा कृपाशंकर भगत की शिकायत पर संतन भगत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2), 296(b), 115(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद उरांव समाज में भी चर्चा का माहौल है। सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच उपरांत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।बहरहाल उरांव समाज के पदाधिकारियों के आपसी टकराहट से सामाजिक संगठन पर काफी गहरा असर पड़ सकता है।

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फर्जी कलेक्ट्रेट अफसर बनकर 4.35 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार।

 

 

 

थाना सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्र में खुद को कलेक्ट्रेट का बड़ा अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवकों से 4 लाख 35 हजार रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रदीप पंडा (28 वर्ष) निवासी सोडापाठ चौक पुसौर, थाना पुसौर, जिला रायगढ़ (छ.ग.) है। आरोपी के खिलाफ थाना सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

प्रार्थी रोहित खाखा (23) निवासी ग्राम इचकेला ने 16 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उसकी मां को झांसे में लेकर कलेक्ट्रेट में सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगाने का दावा किया। पहले 50 हजार रुपए, फिर ज्वाइनिंग लेटर के नाम पर 1.50 लाख रुपए लिए बाद में एक अन्य युवक उमेश भगत से भी 2.35 लाख रुपए ऐंठ लिए।

शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को जशपुर के एक होटल से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी की रकम से उधारी चुकाने, फर्नीचर व कंप्यूटर खरीदने तथा अन्य खर्च करने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने उसके तथाकथित कार्यालय से टेबल, कुर्सी और कंप्यूटर जब्त कर लिए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक मोरध्वज देशमुख सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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1400 गौवंश गायब..? आदर्श गोठान पोरतेंगा में बड़ा घोटाला? जांच की मांग हुई तेज,गौठान की आड़ में गौ तस्करी का बड़ा सिंडीकेट....।

 

 

जिले के पोरतेंगा स्थित आदर्श गोठान में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गौवंश गायब होने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में गौ रक्षक व शिकायतकर्ता कृपा शंकर भगत ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायत के अनुसार वर्ष 2020-21 से अब तक जशपुर जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों से लगभग 1400 गौवंश ग्राम पंचायत पोरतेंगा के आदर्श गोठान को सुपुर्द किए गए थे। आरोप है कि वर्तमान में गोठान परिसर में एक भी गौवंश मौजूद नहीं है,जिससे पूरे मामले में भारी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

उन्होंने सीधे साफ शब्दों में कहा है कि आदर्श गौठान की आड़ में बड़े गौ वंश तस्करी का सिंडिकेट चल रहा है जिसमें जांच व कार्यवाही की आवश्यकता है।

शिकायत में पूर्व सरपंच रोहित खलखो पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि किसानों के आधार कार्ड लेकर गौवंश को उनके नाम पर दर्शाया गया और बाद में कथित रूप से गौ तस्करों एवं गौ हत्यारों को बेच दिया गया। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह न केवल शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि पशु क्रूरता और अवैध व्यापार से जुड़ा गंभीर अपराध भी माना जाएगा।

मामले को लेकर अब स्थानीय गौसेवकों में लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। शिकायत पत्र जिला कलेक्टर कार्यालय जशपुर में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कितनी तत्परता से जांच करता है और सच्चाई सामने लाता है। यदि 1400 गौवंश के गायब होने की पुष्टि होती है तो यह जिले का अब तक का बड़ा गोठान घोटाला साबित हो सकता है।

मामले में एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवार ने जांच की बात कही है।

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स्कूल में बाइबिल बांटने और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में व्याख्याता निलंबित।

 

 

 

जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ व्याख्याता (एल.बी.) दीपक तिग्गा को गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, नवा रायपुर द्वारा जारी किया गया है।

पत्रवार्ता को प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलेक्टर जशपुर के पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आरोप है कि संबंधित शिक्षक बिना पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के विद्यालय से अनुपस्थित रहते थे, विद्यालयीन समय में अध्यापन कार्य छोड़कर अन्यत्र चले जाते थे, शिक्षक दैनंदिनी तैयार नहीं करते थे तथा विषय से संबंधित पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं किया गया। साथ ही उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बाद हस्ताक्षर करने और प्राचार्य द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस की प्राप्ति से इंकार करने की भी बात सामने आई है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वेब न्यूज के अनुसार 10 फरवरी 2026 को विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बाइबिल की छोटी पुस्तिकाएं बांटने का मामला भी जांच के दायरे में है।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 एवं 7 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत उन्हें निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर कार्यालय नियत किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

जिला शिक्षा अधिकारी को सात दिवस के भीतर आरोप पत्र का प्रारूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल देखी जा रही है।

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कैलाश गुफा महाशिवरात्रि मेला जाते वक्त बड़ा हादसा,अभिषेक यादव की मौके पर मौत।

 

 

 

बलरामपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत डिपाडीह कलां में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। महाशिवरात्रि के अवसर पर जशपुर जिले के प्रसिद्ध कैलाश गुफा मेले में जा रही एक बाइक अनियंत्रित होकर कनहर नदी की पुलिया से नीचे गिर गई।

पुलिस सूत्रों से पत्रवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार युवक सबाग से मेला देखने कैलाश गुफा जा रहा था। इसी दौरान डिपाडीह कलां के पास पुलिया पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सीधे नदी में जा गिरी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान अभिषेक यादव पिता नंदकुमार यादव, निवासी सबाग, थाना सामरी के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

मामले की जांच में शंकरगढ़ पुलिस जुटी हुई है। पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया की जा रही है।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मेला जाते समय हुआ यह दर्दनाक हादसा क्षेत्रवासियों के लिए स्तब्ध कर देने वाला है।

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ब्रेकिंग जशपुर : कुएं में गिरकर युवक की मौत, दो दिनों से पड़ा था शव।

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत लघुटरी गांव में एक युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक का शव दो दिनों से कुएं में पड़ा हुआ था।

पुलिस सूत्रों से पत्रवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार एक कृषक सिंचाई के लिए खेतों में उसी कुएं से पानी लेकर सिंचाई कर रहा था।कुएं का जल स्तर कम होने पर उसकी नजर कुएं के अंदर पड़े शव पर पड़ी।

घटना की सूचना तत्काल बगीचा पुलिस को दी गई।

मृतक की पहचान नरहरी (20 वर्ष), पिता मधुसूदन नगेशिया, निवासी लघुटरी गांव के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया गया।

बगीचा अस्पताल से बीएमओ डॉ. सुनील लकड़ा भी मौके पर पहुंचे और शव पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्यवाही में सहयोग किया।फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुटी है। मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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सड़क हादसों में “गोल्डन ऑवर” इलाज अब कैशलेस,कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में सारी तैयारियां पूर्ण।

 

 

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई PM राहत योजना अब छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लागू होने जा रही है। इस योजना के लागू होने से जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के सड़क हादसा पीड़ितों को दुर्घटना के बाद शुरुआती “गोल्डन ऑवर” में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा है, जिसके तहत दुर्घटना के बाद अस्पताल पहुंचने वाले घायल को 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलेगा।

भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाओं में मौतें केवल समय पर इलाज न मिलने के कारण होती हैं, जिन्हें कम करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

क्या है योजना की खास बातें

दुर्घटना के बाद पहले 1 घंटे (गोल्डन ऑवर) में भर्ती होने पर कैशलेस इलाज

7 दिन तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक उपचार

112 इमरजेंसी सेवा से सीधा लिंक

पुलिस पुष्टि के बाद अस्पताल को सीधे भुगतान

बीमित व बिना बीमा दोनों मामलों में लागू

योजना का संचालन तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल की भी भागीदारी रहेगी।

जशपुर में कैसे मिलेगा लाभ

जशपुर जिले में सड़क दुर्घटनाएं अक्सर ग्रामीण सड़कों और हाईवे पर होती हैं, जहां समय पर अस्पताल पहुंचना बड़ी चुनौती रहता है। 

अब कोई भी राहगीर 112 पर कॉल कर मदद बुला सकेगा

नजदीकी चिन्हित अस्पताल में सीधे भर्ती किया जाएगा

परिजनों को तत्काल पैसे की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी

प्रशासन की तैयारी

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खातों और तकनीकी लॉगिन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जिला प्रशासन, पुलिस और अस्पतालों को प्रशिक्षण देकर योजना जल्द पूर्ण रूप से लागू की जा रही है।जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में उक्त योजना की सारी तैयारियां लगभग पूर्णता की ओर है।

इस योजना के लागू होने से जशपुर जैसे दूरस्थ जिलों में सड़क हादसों के बाद होने वाली मौतों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। अब “पहले इलाज, बाद में कागजी कार्रवाई” की व्यवस्था लागू होगी, जिससे समय पर उपचार मिल सकेगा।

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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पुलिस जांच में जुटी — फॉरेंसिक टीम मौके पर।

 

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता एक विशेष संरक्षित जनजातीय समुदाय से बताई जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात एक स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई बताई जा रही है। आरोप है कि कुछ युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवर ने बताया कि मामले की जांच के लिए बगीचा एसडीओपी दिलीप कोसले को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि, “मामले में सभी आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें, ताकि पीड़िता की पहचान गोपनीय बनी रहे। मामले की जांच जारी है।

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शिव धाम कैलाश गुफा की अव्यवस्थाओं पर सनातन संत समाज आक्रोशित,SDM से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग...?

 

 

 

जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कैलाश नाथेश्वर गुफा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन संत समाज के वरिष्ठ जनों ने प्रशासन के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने बगीचा अनुविभागीय दण्डाधिकारी प्रदीप राठिया से मुलाकात कर विस्तृत मांगपत्र सौंपा है और शीघ्र समाधान की मांग की है।

पूज्य गहिरा गुरु के साथ पूरी।जिंदगी बिताने वाले संत समाज के वरिष्ठजन और ग्रामीणों का कहना है कि कैलाश गुफा क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यहां तानाशाही रवैये के कारण कई व्यवस्थागत समस्याएं बनी हुई हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।

SDM प्रदीप राठिया ने बताया कि ग्रामीणों एवं संत समाज ने अपना पक्ष रखा है। मांगों में कैलाश गुफा मंदिर का ताला खुलवाने तथा महाशिवरात्रि मेले का आयोजन पूर्व निर्धारित पुराने स्थल पर ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए जाने सहित अन्य विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर विधि अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं

कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला खोला जाए ताकि श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन–पूजन कर सकें।

गायबुड़ा चौक से मुढ़ी मार्ग तक बंद किए गए पैदल रास्ते को पुनः खोला जाए, जिससे पारंपरिक आवागमन बहाल हो सके।

महाशिवरात्रि मेले का आयोजन बुढ़ामहादेव के पास उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित पुराने मेला डांड़ में किया जाए।

गुफा प्रांगण में गांजा, शराब जैसे मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

कैलाश नाथेश्वर गुफा के लिए सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट का गठन किया जाए, जिसमें सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया जाए। परम पूज्य गहिरा गुरु जी के समय से कार्यरत पदाधिकारियों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट के माध्यम से पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक किया जाए।

मेले के दौरान ग्राम पंचायत को मेला संचालन और राजस्व वसूली का अधिकार दिया जाए, ताकि पंचायत आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।

कैलाश गुफा से लगे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र (सारूढाब, गायबूड़ा, सोनगेरसा) की भूमि का सीमांकन कर उसे सुरक्षित किया जाए।

अलकनंदा के उद्गम स्थल को संत समाज श्रमदान व समयदान से घेराबंदी कर सुरक्षित करना चाहता है, इसके लिए ग्राम पंचायत को आवश्यक निर्देश और स्वीकृति देने की मांग की गई है।

आंदोलन की चेतावनी

संत समाज और ग्रामीणों ने प्रशासन को 2 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस तिथि तक कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला नहीं खोला गया, तो 5 फरवरी से वृहद जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन आस्था से जुड़े इस विषय पर अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मांगों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।एसडीएम ने संस्था को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।उन्होंने आश्वासन दिया है कि उनका प्रयास है कि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो शांति से मामले का निराकरण विधिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।

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कैलाश गुफा शिव मंदिर बंद रहने से बढ़ा जन आक्रोश, 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन जनआंदोलन की चेतावनी।

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं और सनातन समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 5 फरवरी 2026 से विशाल जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर व एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, जिसे पूज्य गहिरा गुरु के द्वारा कठोर साधना कर स्थापित किया गया था।सनातन परंपरा से जुड़े संतों और भक्तों का जहां अथक परिश्रम,अंश एवं सहयोग लगा है जो कोरोना काल से बंद है। आरोप है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह के द्वारा अब तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।

आश्वासन देकर टालते रहे

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया था। उस समय संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिन के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय गुजरने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।

इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, वहां 14 जनवरी मकर संक्रांति तक मंदिर खुलवाने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इस आश्वासन के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

 

मारपीट का आरोप

ज्ञापन में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा गए श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय एक बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है। इस मामले में अध्यक्ष पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

समिति गठन की मांग

श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर प्रबंधन के लिए सार्वजनिक ट्रस्ट संगठित समिति का गठन नहीं है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से नए ट्रस्ट के गठन की मांग भी की है ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।

 

प्रशासन को अल्टीमेटम

ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट खुलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्यथा 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चित कालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बताई गई है।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, क्षेत्रीय सांसदों, स्थानीय विधायक, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक मामले में क्या कदम उठाता है, क्योंकि श्रद्धालुओं की भावनाएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं।पहले भी श्रद्धालुओं के द्वारा सीधे मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की जा चुकी है जिसमें अब तक प्रशासन के द्वारा कोई पहल नहीं की गई है।

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डीलिस्टिंग गर्जना महारैली,दिल्ली के रामलीला मैदान से डीलिस्टिंग आंदोलन का होगा आगाज - गणेश राम भगत।

 

इस वर्ष 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली डीलिस्टिंग गर्जना महारैली की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने महारैली की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह देश के इतिहास में पहला अवसर होगा, जब देशभर के जनजातीय समाज के लाखों लोग एक ही मुद्दे—डीलिस्टिंग—पर एकजुट होकर अपनी मांग रखेंगे।

पूर्व मंत्री गणेश राम भगत में बताया कि सरगुजा संभाग से प्रत्येक गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग महारैली में शामिल होंगे। केवल सरगुजा संभाग से ही 50 हजार से अधिक जनजातीय समाज के लोग दिल्ली पहुंचेंगे। 

विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर रैलियों के आयोजन के बाद अब जनजातीय समाज दिल्ली कूच करेगा। यह पहली बार होगा जब जनजातीय समाज देश की राजधानी में इस कानून की मांग को लेकर इतने बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।

प्रांत संयोजक रोशन प्रताप सिंह ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि जिला से लेकर ग्राम स्तर तक समितियों का गठन पूर्ण किया जाएगा। साथ ही, सभी गांवों में डीलिस्टिंग की मांग का प्रस्ताव ग्राम सभा से पारित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला व जनपद पंचायत सदस्यों, सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर समर्थन जुटाने के लिए संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में संरक्षक पनत राम भगत ने ‘दिल्ली चलो’ अभियान के तहत गांव-गांव में जनजागरण यात्रा, पदयात्रा, वाहन यात्रा और प्रत्येक गांव व मोहल्ले में दिवाल लेखन पर विशेष जोर दिया।

बैठक में संरक्षक महेश्वर राम, केंद्रीय टोली सदस्य रवि भगत, प्रांत सह संयोजक इंदर भगत, लालदेव भगत, जिला संयोजक मानेश्वर भगत, संत सिंह, मेहीलाल आयाम, संपत लाल भगत, मानकेश्वर भगत, रज्जू राम, श्रीराम भगत, अमवती सिंह, जयंती भगत, शशिकरण खेस, स्वाति संत सिंह, प्रताप सिंह, दुखसिंह भगत, बालक राम भगत, फाल्गुनी नन्दे, रंजीत, अर्जुन सिंह, विद्यासागर सिंह, आशीष सहित प्रांत, जिला एवं विकासखंड स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान से डीलिस्टिंग आंदोलन का ऐतिहासिक आगाज किया जाएगा, जिसमें देशभर से जनजातीय समाज की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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ब्रेकिंग पत्रवार्ता : मंगेतर ने पिता के साथ मिलकर किया 31 लाख का फर्जीवाड़ा,फर्जी निकासी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

 

 

सारंगढ़/बिलाईगढ़ 29 दिसंबर 2025

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक बार फिर करोड़ों की ठगी से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया है। होल्ड किए गए बैंक खाते से फर्जी तरीके से 31 लाख रुपये की निकासी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में कथित महाठग शिवा साहू की मंगेतर रितु साहू, उसके पिता चंद्रहास साहू और सहयोगी डिगम जोल्हे शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

दरअसल, यह पूरा मामला रायकोना निवासी कुख्यात ठग शिवा साहू से जुड़ा हुआ है, जिस पर लोगों को रकम ढाई गुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही शिवा साहू सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान शिवा साहू की करोड़ों की संपत्ति, सोना-चांदी, नकदी और बैंक खातों को होल्ड किया गया था।

जांच में सामने आया कि शिवा साहू के होल्ड खाते से उसकी कथित मंगेतर रितु साहू के खाते में रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद रितु साहू का खाता भी होल्ड किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सारंगढ़ स्थित HDFC बैंक शाखा में फर्जी तरीके से खाता खुलवाकर होल्ड खाते से करीब 31 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरसीवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे ठगी नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि इस बहुचर्चित मामले में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।

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ब्रेकिंग जशपुर : कैलाश गुफा विवाद के बाद आगे की रणनीति पर मंथन, 31 दिसंबर को यादव समाज की चिंतन बैठक,CM के पास रखेंगे अपना पक्ष।

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कैलाश गुफा से जुड़े विवाद और पूर्व में हुई घटनाओं के बाद अब समाज स्तर पर आगे की रणनीति तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में यादव समाज पाठ क्षेत्र द्वारा 31 दिसंबर 2025 को चुंदा पाठ में एकदिवसीय चिंतन बैठक आयोजित की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि 21 सितंबर 2025 को पाठ क्षेत्र के सनातन संत समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता सियाराम यादव के साथ कैलाश गुफा परिसर स्थित पुजारी आवास में कथित रूप से मारपीट और धमकी की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे पाठ क्षेत्र और सनातन समाज में आक्रोश फैल गया था। विरोध स्वरूप 23 सितंबर को ग्राम पकरीटोली में आपात बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें कैलाश गुफा तीर्थ स्थल के प्रबंधन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

इसी क्रम में 5 अक्टूबर 2025 को कैलाश गुफा परिसर में संस्था के सचिव की उपस्थिति में विशाल आमसभा आयोजित की गई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से गहिरा गुरु महाराज के अनुयायी, सनातन संत समाज के पदाधिकारी, संस्था प्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग शामिल हुए थे।

आमसभा में न्याय, पारदर्शिता और तीर्थ स्थल की गरिमा बनाए रखने को लेकर एकजुटता दिखाई गई थी।कैलाश गुफा का पट आम जन मानस के लिए खोले जाने की मांग रखी गई थी।

अब पिछली बैठकों और आमसभा में उठे मुद्दों को लेकर 31 दिसंबर को होने वाली चिंतन बैठक में समाज के प्रबुद्धजन, युवा वर्ग, माताएं-बहनें और धर्मप्रेमी अनुयायी सामाजिक मर्यादा के दायरे में अपने सुझाव देंगे और आगे की दिशा तय करेंगे।

बैठक में प्रमुख विषय

सियाराम यादव के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग थी।

कैलाश गुफा मंदिर का मुख्य पट खोलने की मांग है।

तीर्थ स्थल परिसर में हो रही असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण और जांच।

मंदिर संचालन व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता पूर्ण आय व्यय प्रबंधन।

संस्था की भूमि से जुड़े विवादों पर विचार

संत समाज के वरिष्ठजनों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का विरोध

समाज का कहना है कि कैलाश गुफा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और पहचान का प्रतीक है, और उसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

सनातन समाज और यादव समाज द्वारा पूर्व में जिला प्रशासन, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। 

समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि न्यायोचित कदम नहीं उठाए गए, तो आगे आंदोलनात्मक रास्ता भी अपनाया जा सकता है।

फिलहाल यादव समाज पाठ क्षेत्र के लोग 31 दिसंबर की चिंतन बैठक को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश का दिखा असर, बगीचा तहसील में अवैध धान से भरा ट्रक पलटा,प्रशासन ने दिखाई सख्ती,अवैध धान किया जप्त।

 

 

 

 

बगीचा तहसील अंतर्गत तम्बाकच्छार घाट में अवैध धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार महेश्वर उईके, नायब तहसीलदार सुशील शुक्ला एवं फूड विभाग के अधिकारी भारद्वाज मौके पर पहुंचे।प्रशासन द्वारा अगले दिन विधिवत कार्रवाई करते हुए ट्रक में लदे धान को जप्त किया गया।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। इस दौरान कई दलाल बाहरी क्षेत्रों से अवैध धान लाकर खरीदी केंद्रों में खपाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा अवैध धान के परिवहन, संधारण एवं बिक्री पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जिले के कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा अवैध धान के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिसका असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

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जनपद सदस्य राकेश गुप्ता पर जानलेवा हमला,कार सवार युवकों ने किया हमला,पूर्व मंत्री गणेश राम भगत सन्ना रवाना।

 

 

जिले के बगीचा जनपद पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता पर शुक्रवार शाम सरेराह जानलेवा हमला हुआ है।हमला उस वक्त हुआ जब राकेश गुप्ता जनपद पंचायत से बैठक खत्म करके अपने घर सन्ना वापस जा रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार घटना बगीचा सन्ना के बीच खैरापाठ की बताई जा रही है।जहां काले रंग की कार क्रमांक CG 14 MT 5830 में सवार युवकों ने सड़क पर उनकी गाड़ी रोककर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने गाड़ी से खींचकर राकेश को बाहर निकाला और उनकी जमकर पिटाई कर दी और मोबाइल फोन छीन लिया, जो फिलहाल स्विच ऑफ बता रहा है।

घटना सन्ना थाना क्षेत्र के खैरापाठ की बताई जा रही है। पीड़ित जनपद सदस्य ने सन्ना थाने में रवि भगत, प्रियांशु उर्फ रिशु केसरी, प्रतीक सिंह (प्रतीक होटल वाला) और ख्वाजा खान, सभी सन्ना निवासी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक अन्य युवक भी कार में था,जिसने मारपीट में हिस्सा नहीं लिया।

सूत्रों के अनुसार, इस हमले के पीछे सन्ना तहसीलदार रोशनी तिर्की के खिलाफ की गई शिकायत को वजह बताया जा रहा है। बताया गया है कि राकेश गुप्ता आज दिन में बगीचा एसडीएम कार्यालय जाकर तहसीलदार के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कर लौट रहे थे। उसी दौरान रास्ते में उन्हें अकेला पाकर युवकों ने हमला कर दिया।राकेश गुप्ता ने बताया कि हमलावर भू माफिया हैं जिन्होंने कई जमीन पर कब्जा कर रखा है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सुरक्षा मंच के प्रमुख गणेशराम भगत भी जशपुर से सन्ना के लिए रवाना हो गए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।खैरापाठ इलाके में हुई इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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सन्ना तहसीलदार रौशनी तिर्की पर प्रांतवाद का आरोप, जनपद सदस्य ने लगाए गंभीर आरोप,बिना नोटिस मकान तोड़ने, धमकी देने का मामला CM से हुई शिकायत।

 

 

बगीचा जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने तहसीलदार सन्ना रौशनी तिर्की पर दुर्व्यवहार,धमकी और प्रांतवाद फैलाने का आरोप लगाया है।मुख्यमंत्री से शिकायत कर उन्होंने तत्काल कार्यवाही की मांग की है।राकेश गुप्ता का आरोप है कि तहसीलदार ने उनके साथ दुर्व्यवहार, धमकी और सार्वजनिक रूप से अपमान किया है। उन्होंने मांग की है कि रौशनी तिर्की को तत्काल सन्ना तहसील से हटाया जाए और उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए।

जनपद सदस्य ने सीएम को दिए अपने आवेदन में कहा है कि 28 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 10 बजे, गाँव के अशोक गुप्ता से फोन पर सूचना मिली कि तहसीलदार रौशनी तिर्की उनके घर पर जेसीबी वाहन लगाकर बिना किसी नोटिस के मकान तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुँचे और वीडियो बनाने लगे, तो तहसीलदार ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए कहा — “नेतागिरी करेगा, झूठे केस में फंसा दूंगी” और अपमानित किया।

राकेश गुप्ता ने कहा कि क्षेत्र में कई लोगों ने शासकीय भूमि पर मकान बनाए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके विरुद्ध की जा रही है। उन्होंने इसे एकतरफा, अवैधानिक और दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया।

जनपद सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार रौशनी तिर्की का व्यवहार लंबे समय से अत्यधिक अहंकारी और जनविरोधी रहा है। ग्रामीणजन अक्सर आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी भटकते रहते हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

राकेश गुप्ता के अनुसार, जब उन्होंने इस विषय पर आपत्ति जताई तो तहसीलदार ने “तुम लोग झारखंडी हो, आदिवासी एक्ट लगाकर फंसा दूंगी, जनप्रतिनिधि कोई तोप नहीं होता” जैसे जातीय और प्रांतीय भावनाओं को भड़काने वाले शब्द कहे, जिससे न केवल जनप्रतिनिधि का अपमान हुआ, बल्कि क्षेत्र में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश भी हुई।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पूर्व मंत्री गणेशराम भगत, जिला संघ चालक राजीव नंदे, एवं वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर को भी प्रतिलिपि भेजते हुए तत्काल कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

खबर है कि उक्त मामले में सन्ना तहसीलदार ने सन्ना थाने में जनपद सदस्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन दिया है जिसपर फिलहाल कोई जांच शुरु नहीं हुई है।बहरहाल मामला गंभीर है जिसको लेकर रौनियार समाज के लोग एकजुट हो रहे हैं।

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