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नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, पुलिस जांच में जुटी — फॉरेंसिक टीम मौके पर।

 

 

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता एक विशेष संरक्षित जनजातीय समुदाय से बताई जा रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात एक स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई बताई जा रही है। आरोप है कि कुछ युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, जिसके बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही बगीचा पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उनकी पहचान और पृष्ठभूमि की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवर ने बताया कि मामले की जांच के लिए बगीचा एसडीओपी दिलीप कोसले को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि, “मामले में सभी आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।”

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें, ताकि पीड़िता की पहचान गोपनीय बनी रहे। मामले की जांच जारी है।

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शिव धाम कैलाश गुफा की अव्यवस्थाओं पर सनातन संत समाज आक्रोशित,SDM से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग...?

 

 

 

जिले के प्रसिद्ध शिवधाम कैलाश नाथेश्वर गुफा में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं और सनातन संत समाज के वरिष्ठ जनों ने प्रशासन के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। प्रतिनिधिमंडल ने बगीचा अनुविभागीय दण्डाधिकारी प्रदीप राठिया से मुलाकात कर विस्तृत मांगपत्र सौंपा है और शीघ्र समाधान की मांग की है।

पूज्य गहिरा गुरु के साथ पूरी।जिंदगी बिताने वाले संत समाज के वरिष्ठजन और ग्रामीणों का कहना है कि कैलाश गुफा क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और आस्था का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्तमान में यहां तानाशाही रवैये के कारण कई व्यवस्थागत समस्याएं बनी हुई हैं, जिनसे श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।

SDM प्रदीप राठिया ने बताया कि ग्रामीणों एवं संत समाज ने अपना पक्ष रखा है। मांगों में कैलाश गुफा मंदिर का ताला खुलवाने तथा महाशिवरात्रि मेले का आयोजन पूर्व निर्धारित पुराने स्थल पर ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए जाने सहित अन्य विषय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर विधि अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं

कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला खोला जाए ताकि श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन–पूजन कर सकें।

गायबुड़ा चौक से मुढ़ी मार्ग तक बंद किए गए पैदल रास्ते को पुनः खोला जाए, जिससे पारंपरिक आवागमन बहाल हो सके।

महाशिवरात्रि मेले का आयोजन बुढ़ामहादेव के पास उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित पुराने मेला डांड़ में किया जाए।

गुफा प्रांगण में गांजा, शराब जैसे मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

कैलाश नाथेश्वर गुफा के लिए सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट का गठन किया जाए, जिसमें सभी वर्गों के लोगों को शामिल किया जाए। परम पूज्य गहिरा गुरु जी के समय से कार्यरत पदाधिकारियों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक धर्मस्व ट्रस्ट के माध्यम से पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक किया जाए।

मेले के दौरान ग्राम पंचायत को मेला संचालन और राजस्व वसूली का अधिकार दिया जाए, ताकि पंचायत आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।

कैलाश गुफा से लगे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र (सारूढाब, गायबूड़ा, सोनगेरसा) की भूमि का सीमांकन कर उसे सुरक्षित किया जाए।

अलकनंदा के उद्गम स्थल को संत समाज श्रमदान व समयदान से घेराबंदी कर सुरक्षित करना चाहता है, इसके लिए ग्राम पंचायत को आवश्यक निर्देश और स्वीकृति देने की मांग की गई है।

आंदोलन की चेतावनी

संत समाज और ग्रामीणों ने प्रशासन को 2 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि इस तिथि तक कैलाश नाथेश्वर गुफा मंदिर का ताला नहीं खोला गया, तो 5 फरवरी से वृहद जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन आस्था से जुड़े इस विषय पर अब और विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी मांगों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।एसडीएम ने संस्था को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।उन्होंने आश्वासन दिया है कि उनका प्रयास है कि कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो शांति से मामले का निराकरण विधिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।

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कैलाश गुफा शिव मंदिर बंद रहने से बढ़ा जन आक्रोश, 5 फरवरी से अनिश्चितकालीन जनआंदोलन की चेतावनी।

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैलाश गुफा शिव मंदिर को लंबे समय से बंद रखे जाने को लेकर क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं और सनातन समाज के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मंदिर खुलवाने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर 5 फरवरी 2026 से विशाल जनआंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

कलेक्टर व एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि कैलाश गुफा स्थित शिव मंदिर, जिसे पूज्य गहिरा गुरु के द्वारा कठोर साधना कर स्थापित किया गया था।सनातन परंपरा से जुड़े संतों और भक्तों का जहां अथक परिश्रम,अंश एवं सहयोग लगा है जो कोरोना काल से बंद है। आरोप है कि मंदिर संस्था के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह के द्वारा अब तक मंदिर के कपाट नहीं खोले गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त है।

आश्वासन देकर टालते रहे

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि 6 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया था। उस समय संत समाज के एक पदाधिकारी द्वारा 45 दिन के भीतर मंदिर खोलने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय गुजरने के बाद भी मंदिर नहीं खोला गया।

इसके बाद 31 दिसंबर 2025 को ग्राम चुन्दापाठ में आयोजित आमसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सभा में मौजूद प्रतिनिधियों के अनुसार, वहां 14 जनवरी मकर संक्रांति तक मंदिर खुलवाने की लिखित घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इस आश्वासन के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

 

मारपीट का आरोप

ज्ञापन में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि मंदिर खुलवाने की मांग को लेकर कैलाश गुफा गए श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। 21 सितंबर 2025 को 81 वर्षीय एक बुजुर्ग श्रद्धालु सियाराम यादव के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई, जिससे समाज में भय और आक्रोश का माहौल है। इस मामले में अध्यक्ष पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

 

समिति गठन की मांग

श्रद्धालुओं का कहना है कि वर्तमान में मंदिर प्रबंधन के लिए सार्वजनिक ट्रस्ट संगठित समिति का गठन नहीं है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से नए ट्रस्ट के गठन की मांग भी की है ताकि मंदिर का संचालन पारदर्शी तरीके से हो सके।

 

प्रशासन को अल्टीमेटम

ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि 2 फरवरी 2026 तक मंदिर के कपाट खुलवाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अन्यथा 5 फरवरी से कैलाश गुफा परिसर में अनिश्चित कालीन जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बताई गई है।

इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, क्षेत्रीय सांसदों, स्थानीय विधायक, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील धार्मिक मामले में क्या कदम उठाता है, क्योंकि श्रद्धालुओं की भावनाएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं।पहले भी श्रद्धालुओं के द्वारा सीधे मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत की जा चुकी है जिसमें अब तक प्रशासन के द्वारा कोई पहल नहीं की गई है।

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डीलिस्टिंग गर्जना महारैली,दिल्ली के रामलीला मैदान से डीलिस्टिंग आंदोलन का होगा आगाज - गणेश राम भगत।

 

इस वर्ष 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली डीलिस्टिंग गर्जना महारैली की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय संयोजक गणेश राम भगत ने महारैली की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह देश के इतिहास में पहला अवसर होगा, जब देशभर के जनजातीय समाज के लाखों लोग एक ही मुद्दे—डीलिस्टिंग—पर एकजुट होकर अपनी मांग रखेंगे।

पूर्व मंत्री गणेश राम भगत में बताया कि सरगुजा संभाग से प्रत्येक गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग महारैली में शामिल होंगे। केवल सरगुजा संभाग से ही 50 हजार से अधिक जनजातीय समाज के लोग दिल्ली पहुंचेंगे। 

विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर पर रैलियों के आयोजन के बाद अब जनजातीय समाज दिल्ली कूच करेगा। यह पहली बार होगा जब जनजातीय समाज देश की राजधानी में इस कानून की मांग को लेकर इतने बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।

प्रांत संयोजक रोशन प्रताप सिंह ने संगठनात्मक मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि जिला से लेकर ग्राम स्तर तक समितियों का गठन पूर्ण किया जाएगा। साथ ही, सभी गांवों में डीलिस्टिंग की मांग का प्रस्ताव ग्राम सभा से पारित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला व जनपद पंचायत सदस्यों, सरपंचों सहित सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर समर्थन जुटाने के लिए संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में संरक्षक पनत राम भगत ने ‘दिल्ली चलो’ अभियान के तहत गांव-गांव में जनजागरण यात्रा, पदयात्रा, वाहन यात्रा और प्रत्येक गांव व मोहल्ले में दिवाल लेखन पर विशेष जोर दिया।

बैठक में संरक्षक महेश्वर राम, केंद्रीय टोली सदस्य रवि भगत, प्रांत सह संयोजक इंदर भगत, लालदेव भगत, जिला संयोजक मानेश्वर भगत, संत सिंह, मेहीलाल आयाम, संपत लाल भगत, मानकेश्वर भगत, रज्जू राम, श्रीराम भगत, अमवती सिंह, जयंती भगत, शशिकरण खेस, स्वाति संत सिंह, प्रताप सिंह, दुखसिंह भगत, बालक राम भगत, फाल्गुनी नन्दे, रंजीत, अर्जुन सिंह, विद्यासागर सिंह, आशीष सहित प्रांत, जिला एवं विकासखंड स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 24 मई को दिल्ली के रामलीला मैदान से डीलिस्टिंग आंदोलन का ऐतिहासिक आगाज किया जाएगा, जिसमें देशभर से जनजातीय समाज की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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ब्रेकिंग पत्रवार्ता : मंगेतर ने पिता के साथ मिलकर किया 31 लाख का फर्जीवाड़ा,फर्जी निकासी का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

 

 

सारंगढ़/बिलाईगढ़ 29 दिसंबर 2025

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक बार फिर करोड़ों की ठगी से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया है। होल्ड किए गए बैंक खाते से फर्जी तरीके से 31 लाख रुपये की निकासी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में कथित महाठग शिवा साहू की मंगेतर रितु साहू, उसके पिता चंद्रहास साहू और सहयोगी डिगम जोल्हे शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

दरअसल, यह पूरा मामला रायकोना निवासी कुख्यात ठग शिवा साहू से जुड़ा हुआ है, जिस पर लोगों को रकम ढाई गुना करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही शिवा साहू सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान शिवा साहू की करोड़ों की संपत्ति, सोना-चांदी, नकदी और बैंक खातों को होल्ड किया गया था।

जांच में सामने आया कि शिवा साहू के होल्ड खाते से उसकी कथित मंगेतर रितु साहू के खाते में रकम ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद रितु साहू का खाता भी होल्ड किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सारंगढ़ स्थित HDFC बैंक शाखा में फर्जी तरीके से खाता खुलवाकर होल्ड खाते से करीब 31 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरसीवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे ठगी नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि इस बहुचर्चित मामले में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।

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ब्रेकिंग जशपुर : कैलाश गुफा विवाद के बाद आगे की रणनीति पर मंथन, 31 दिसंबर को यादव समाज की चिंतन बैठक,CM के पास रखेंगे अपना पक्ष।

 

 

 

 

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कैलाश गुफा से जुड़े विवाद और पूर्व में हुई घटनाओं के बाद अब समाज स्तर पर आगे की रणनीति तय करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में यादव समाज पाठ क्षेत्र द्वारा 31 दिसंबर 2025 को चुंदा पाठ में एकदिवसीय चिंतन बैठक आयोजित की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि 21 सितंबर 2025 को पाठ क्षेत्र के सनातन संत समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता सियाराम यादव के साथ कैलाश गुफा परिसर स्थित पुजारी आवास में कथित रूप से मारपीट और धमकी की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे पाठ क्षेत्र और सनातन समाज में आक्रोश फैल गया था। विरोध स्वरूप 23 सितंबर को ग्राम पकरीटोली में आपात बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें कैलाश गुफा तीर्थ स्थल के प्रबंधन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

इसी क्रम में 5 अक्टूबर 2025 को कैलाश गुफा परिसर में संस्था के सचिव की उपस्थिति में विशाल आमसभा आयोजित की गई थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से गहिरा गुरु महाराज के अनुयायी, सनातन संत समाज के पदाधिकारी, संस्था प्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग शामिल हुए थे।

आमसभा में न्याय, पारदर्शिता और तीर्थ स्थल की गरिमा बनाए रखने को लेकर एकजुटता दिखाई गई थी।कैलाश गुफा का पट आम जन मानस के लिए खोले जाने की मांग रखी गई थी।

अब पिछली बैठकों और आमसभा में उठे मुद्दों को लेकर 31 दिसंबर को होने वाली चिंतन बैठक में समाज के प्रबुद्धजन, युवा वर्ग, माताएं-बहनें और धर्मप्रेमी अनुयायी सामाजिक मर्यादा के दायरे में अपने सुझाव देंगे और आगे की दिशा तय करेंगे।

बैठक में प्रमुख विषय

सियाराम यादव के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग थी।

कैलाश गुफा मंदिर का मुख्य पट खोलने की मांग है।

तीर्थ स्थल परिसर में हो रही असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण और जांच।

मंदिर संचालन व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता पूर्ण आय व्यय प्रबंधन।

संस्था की भूमि से जुड़े विवादों पर विचार

संत समाज के वरिष्ठजनों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का विरोध

समाज का कहना है कि कैलाश गुफा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और पहचान का प्रतीक है, और उसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

सनातन समाज और यादव समाज द्वारा पूर्व में जिला प्रशासन, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की जा चुकी है। 

समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि न्यायोचित कदम नहीं उठाए गए, तो आगे आंदोलनात्मक रास्ता भी अपनाया जा सकता है।

फिलहाल यादव समाज पाठ क्षेत्र के लोग 31 दिसंबर की चिंतन बैठक को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश का दिखा असर, बगीचा तहसील में अवैध धान से भरा ट्रक पलटा,प्रशासन ने दिखाई सख्ती,अवैध धान किया जप्त।

 

 

 

 

बगीचा तहसील अंतर्गत तम्बाकच्छार घाट में अवैध धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार महेश्वर उईके, नायब तहसीलदार सुशील शुक्ला एवं फूड विभाग के अधिकारी भारद्वाज मौके पर पहुंचे।प्रशासन द्वारा अगले दिन विधिवत कार्रवाई करते हुए ट्रक में लदे धान को जप्त किया गया।

उल्लेखनीय है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी केंद्रों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। इस दौरान कई दलाल बाहरी क्षेत्रों से अवैध धान लाकर खरीदी केंद्रों में खपाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा अवैध धान के परिवहन, संधारण एवं बिक्री पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जिले के कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा अवैध धान के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिसका असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

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ब्रेकिंग जशपुर :फर्जी सशस्त्र बल का जवान बनकर नौकरी के नाम पर ठगी, जशपुर पुलिस ने आरोपी को बिलासपुर से दबोचा।

 

छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को जशपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पुलिस वर्दी पहनकर कलेक्ट्रेट परिसर में घूमते हुए दो महिलाओं को झांसे में लिया और एक महिला से दो लाख रुपये की ठगी की।

प्रार्थिया की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली जशपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) व 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी घटना के बाद से फरार था, जिसे तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बिलासपुर जिले के ग्राम टाडा दर्रीकापा से गिरफ्तार किया।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वयं को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का सिपाही बताकर वर्दी पहनने और नौकरी लगवाने का झांसा देने की बात स्वीकार की। उसके कब्जे से नौकरी के नाम पर लिए गए शैक्षणिक व पहचान संबंधी दस्तावेज भी जप्त किए गए हैं। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और दुष्कर्म के आरोपी शिक्षक पर जशपुर कोतवाली में FIR दर्ज, आरोपी गिरधारी राम यादव फरार।

 

 

जशपुर कोतवाली में नाबालिग छात्रा की शिकायत पर शिक्षक के विरुद्ध छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जशपुर पुलिस ने शिक्षक गिरधारी राम यादव निवासी दरबारीटोली, जशपुर के विरुद्ध

बीएनएस की धारा 74,75,64 (2)(एम), 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और 8 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है।

मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया, जिसकी पतासाजी पुलिस द्वारा की जा रही है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 14 नवंबर 2025 को नाबालिग छात्रा अपने परिजनों के साथ कोतवाली जशपुर पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। परिजनों के साथ आई नाबालिग पीड़िता ने बताया कि वह जुलाई 2024 से आरोपी के घर पर घरेलू काम करती थी और जशपुर के एक स्कूल में पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान आरोपी ने कई बार उसे अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

 

मामले की जानकारी पहले बाल कल्याण समिति तक पहुंचीं जहां बयान के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कराते हुए मामले में पुलिस ने जांच शुरु की।

 

एएसपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने कहा “आरोपी गिरधारी राम यादव के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है और बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जाएगा।”

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जनपद सदस्य राकेश गुप्ता पर जानलेवा हमला,कार सवार युवकों ने किया हमला,पूर्व मंत्री गणेश राम भगत सन्ना रवाना।

 

 

जिले के बगीचा जनपद पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता पर शुक्रवार शाम सरेराह जानलेवा हमला हुआ है।हमला उस वक्त हुआ जब राकेश गुप्ता जनपद पंचायत से बैठक खत्म करके अपने घर सन्ना वापस जा रहे थे।

मिली जानकारी के अनुसार घटना बगीचा सन्ना के बीच खैरापाठ की बताई जा रही है।जहां काले रंग की कार क्रमांक CG 14 MT 5830 में सवार युवकों ने सड़क पर उनकी गाड़ी रोककर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने गाड़ी से खींचकर राकेश को बाहर निकाला और उनकी जमकर पिटाई कर दी और मोबाइल फोन छीन लिया, जो फिलहाल स्विच ऑफ बता रहा है।

घटना सन्ना थाना क्षेत्र के खैरापाठ की बताई जा रही है। पीड़ित जनपद सदस्य ने सन्ना थाने में रवि भगत, प्रियांशु उर्फ रिशु केसरी, प्रतीक सिंह (प्रतीक होटल वाला) और ख्वाजा खान, सभी सन्ना निवासी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक अन्य युवक भी कार में था,जिसने मारपीट में हिस्सा नहीं लिया।

सूत्रों के अनुसार, इस हमले के पीछे सन्ना तहसीलदार रोशनी तिर्की के खिलाफ की गई शिकायत को वजह बताया जा रहा है। बताया गया है कि राकेश गुप्ता आज दिन में बगीचा एसडीएम कार्यालय जाकर तहसीलदार के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कर लौट रहे थे। उसी दौरान रास्ते में उन्हें अकेला पाकर युवकों ने हमला कर दिया।राकेश गुप्ता ने बताया कि हमलावर भू माफिया हैं जिन्होंने कई जमीन पर कब्जा कर रखा है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं जनजाति सुरक्षा मंच के प्रमुख गणेशराम भगत भी जशपुर से सन्ना के लिए रवाना हो गए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।खैरापाठ इलाके में हुई इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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सन्ना तहसीलदार रौशनी तिर्की पर प्रांतवाद का आरोप, जनपद सदस्य ने लगाए गंभीर आरोप,बिना नोटिस मकान तोड़ने, धमकी देने का मामला CM से हुई शिकायत।

 

 

बगीचा जनपद सदस्य राकेश गुप्ता ने तहसीलदार सन्ना रौशनी तिर्की पर दुर्व्यवहार,धमकी और प्रांतवाद फैलाने का आरोप लगाया है।मुख्यमंत्री से शिकायत कर उन्होंने तत्काल कार्यवाही की मांग की है।राकेश गुप्ता का आरोप है कि तहसीलदार ने उनके साथ दुर्व्यवहार, धमकी और सार्वजनिक रूप से अपमान किया है। उन्होंने मांग की है कि रौशनी तिर्की को तत्काल सन्ना तहसील से हटाया जाए और उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए।

जनपद सदस्य ने सीएम को दिए अपने आवेदन में कहा है कि 28 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 10 बजे, गाँव के अशोक गुप्ता से फोन पर सूचना मिली कि तहसीलदार रौशनी तिर्की उनके घर पर जेसीबी वाहन लगाकर बिना किसी नोटिस के मकान तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुँचे और वीडियो बनाने लगे, तो तहसीलदार ने अशोभनीय भाषा का प्रयोग करते हुए कहा — “नेतागिरी करेगा, झूठे केस में फंसा दूंगी” और अपमानित किया।

राकेश गुप्ता ने कहा कि क्षेत्र में कई लोगों ने शासकीय भूमि पर मकान बनाए हैं, लेकिन कार्रवाई केवल उनके विरुद्ध की जा रही है। उन्होंने इसे एकतरफा, अवैधानिक और दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताया।

जनपद सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार रौशनी तिर्की का व्यवहार लंबे समय से अत्यधिक अहंकारी और जनविरोधी रहा है। ग्रामीणजन अक्सर आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु जैसे सामान्य कार्यों के लिए भी भटकते रहते हैं, जिससे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

राकेश गुप्ता के अनुसार, जब उन्होंने इस विषय पर आपत्ति जताई तो तहसीलदार ने “तुम लोग झारखंडी हो, आदिवासी एक्ट लगाकर फंसा दूंगी, जनप्रतिनिधि कोई तोप नहीं होता” जैसे जातीय और प्रांतीय भावनाओं को भड़काने वाले शब्द कहे, जिससे न केवल जनप्रतिनिधि का अपमान हुआ, बल्कि क्षेत्र में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश भी हुई।

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, पूर्व मंत्री गणेशराम भगत, जिला संघ चालक राजीव नंदे, एवं वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर को भी प्रतिलिपि भेजते हुए तत्काल कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

खबर है कि उक्त मामले में सन्ना तहसीलदार ने सन्ना थाने में जनपद सदस्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर आवेदन दिया है जिसपर फिलहाल कोई जांच शुरु नहीं हुई है।बहरहाल मामला गंभीर है जिसको लेकर रौनियार समाज के लोग एकजुट हो रहे हैं।

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जशपुर जंक्शन: पंचायत सचिव पर वन भूमि पट्टा के नाम पर ठगी का आरोप, ग्रामीणों ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए की कार्यवाही की मांग।

 

 

जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मुढ़ी के सचिव कमलनारायण यादव पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए थाना बगीचा में लिखित शिकायत दी है। 

 

ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव ने वन भूमि पट्टा दिलाने के नाम पर उनसे हजारों रुपये की वसूली की है।इसके बावजूद न तो किसी को पट्टा मिला और न ही पैसे लौटाए गए।

ग्रामीणों के द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि सचिव कमलनारायण यादव ने अर्जुन यादव, मस्त कुमार यादव, ऋषि कुमार यादव, जगधर, अनिरूद्ध यादव, सतकुमार यादव, राम गुलाब यादव, श्यामजी यादव और शिवनाथ यादव से अलग-अलग रकम लेकर कुल ₹81,000 (इक्यासी हजार रुपये) की ठगी की है।

 

आवेदन में ग्रामीणों ने लिखा है कि सचिव ने “वन भूमि पट्टा जल्द दिलाने” का झूठा आश्वासन दिया था। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी जब किसी को कोई पट्टा नहीं मिला तो ग्रामीणों ने पैसे की मांग की, जिस पर सचिव टालमटोल करने लगे।

पीड़ित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी बगीचा से सचिव कमलनारायण यादव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करेंगे।मामले में पुलिस ने पंडरा पाठ चौकी से मामले की जांच कराने की बात कही है।

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सचिव के विरुद्ध लामबंद हुए ग्रामीण, निलंबन के साथ कड़ी कार्रवाई की मांग,जांच के दौरान गुंडागर्दी का आरोप...?

 

जशपुर जिले के बगीचा जनपद अंतर्गत मुढ़ी ग्राम पंचायत के ग्रामीण पंचायत सचिव की मनमानी और भ्रष्टाचार से त्रस्त होकर अब खुलकर विरोध पर उतर आए हैं। ग्रामीणों ने सचिव कमलनारायण यादव के विरुद्ध सीएम, कलेक्टर और जिला सीईओ को लिखित शिकायत भेजी है,जिसमें कई अनियमितताओं की जांच व कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

 

शिकायत के आधार पर जिला पंचायत से गठित जांच टीम बुधवार को मुढ़ी गांव पहुंची। जांच के दौरान टीम ने पाया कि गांव में नाली निर्माण कार्य हुआ ही नहीं, जिसमें लगभग तीन लाख रुपये का आहरण किया जा चुका है। टीम ने यह भी खुलासा किया कि सचिव ने अपने पिता के नाम पर वन अधिकार पट्टा जारी करवाया है। इसके अलावा, कई ग्रामीणों को दो माह से राशन नहीं मिलने की बात भी सामने आई।

 

जांच के दौरान जब सचिव की कथित गड़बड़ियां उजागर होने लगीं, तो सचिव समर्थक ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर गाली-गलौज और झूमाझटकी तक की नौबत आ गई, जिसके चलते जांच टीम को वहां से लौटना पड़ा।

 

इसके बाद ग्रामीणों ने पंडरापाठ चौकी में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सचिव कमलनारायण यादव को निलंबित कर निष्पक्ष जांच नहीं कराई जाती, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

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कैलाश गुफा में मारपीट की घटना से भड़का सनातन संत समाज,5 अक्टूबर को हजारों अनुयायी करेंगे विशाल आमसभा।

 

 

जशपुर,04 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कैलाश गुफा में वृद्ध अनुयायी के साथ हुई मारपीट की घटना ने पूरे सनातन संत समाज को झकझोर कर रख दिया है। घटना 21 सितंबर 2025 दिन रविवार की बताई जा रही है,जब पाठ क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ता सियाराम यादव निवासी पकरीटोली सरधापाठ के साथ पुजारी आवास परिसर में ही कथित रूप से सनातन संत समाज के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह के पुत्र राजू सिंह द्वारा मारपीट करते हुए उन्हें धमकी दी गई।

 

इस अपमानजनक घटना के विरोध में पूरे पाठ क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।सैकड़ों गांवों के हजारों अनुयायियों ने 23 सितंबर को ग्राम पकरीटोली में एक आपात बैठक आयोजित कर, घटना की निंदा करते हुए तीर्थ स्थल के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

 

श्रद्धालुओं ने यह भी निर्णय लिया है कि इस पूरे मामले पर न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 5 अक्टूबर 2025, दिन रविवार को कैलाश गुफा परिसर में दोपहर 11 बजे एक विशाल आमसभा आयोजित की जाएगी।

 

इस आमसभा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न गांवों, नगरों और शहरों से गहिरा गुरु महाराज के अनुयायी सनातन संत समाज के पदाधिकारी, संस्था प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और समाज के प्रमुख मुखिया उपस्थित रहेंगे।

 

आमसभा में कई प्रमुख मुद्दों पर वक्तागण अपनी राय रखेंगे।वरिष्ठजन इस पर ठोस रणनीति के साथ कड़े प्रतिकार की तैयारी में जुटे हैं।

 

इन मांगों पर संत समाज हुआ लामबंद

21 सितंबर को सियाराम यादव के साथ हुई मारपीट की जांच और दोषियों पर कार्रवाई।

कैलाश गुफा मंदिर का मुख्य पट खोले जाने की मांग।

तीर्थ स्थल परिसर में हो रहे अनैतिक कृत्यों पर रोक और जांच।

मंदिर संचालन की व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी प्रबंधन की स्थापना।

मंदिर के समीप संस्था की भूमि से जुड़े विवाद पर चर्चा।

 

श्रद्धालुओं का कहना है कि कैलाश गुफा केवल एक मंदिर नहीं बल्कि हमारी आस्था का केंद्र है, और वहां हुई यह घटना असहनीय है।

 

सनातन समाज के लोगों ने प्रशासन और संबंधित संस्थाओं से तत्काल संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।मामले में जिला कलेक्टर,एसपी समेत उच्चाधिकारियों को जानकारी देकर तत्काल कार्यवाही की मांग की गई है।फिलहाल संत समाज के लोग 5 अक्टूबर के आमसभा की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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गणेश विसर्जन में लोगों को कुचलने के हादसे का आरोपी ड्राइवर सुखसागर गिरफ्तार, भेजा गया जेल,हादसे में 4 की मौत के साथ 22 लोग हुए थे घायल।

 

 

जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जूरुडांड में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान बोलेरो गाड़ी से लोगों को कुचलने वाले आरोपी चालक सुखसागर दास को पुलिस ने इलाज के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

 

पुलिस के अनुसार 2 सितंबर की रात ग्राम जूरुडांड में ग्रामीण गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले थे। इस दौरान लगभग 100 से 150 लोग जुलूस में शामिल थे। पीछे ट्रैक्टर और डीजे भी चल रहा था। तभी नशे में धुत आरोपी सुखसागर दास, निवासी ग्राम कुदमुरा थाना नारायणपुर, अपनी बोलेरो (CG 15 CR 1429) को तेज रफ्तार से चलाते हुए भीड़ में घुसा दिया। हादसे में मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। इलाज के दौरान एक और व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

 

घटना के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया। कलेक्टर रोहित व्यास और एसपी शशि मोहन सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की मॉनिटरिंग की और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई।

 

पुलिस ने घटना के तुरंत बाद ही आरोपी ड्राइवर सुखसागर दास को हिरासत में ले लिया था। लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसे अंबिकापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज पूरा होने के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

 

आरोपी के खिलाफ थाना बगीचा में BNS की धारा 281,125(ए), 105 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। बोलेरो वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि नशे की हालत में वाहन चलाना बेहद गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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जशपुर विधायक रायमुनि भगत के विरुद्ध दायर परिवाद माननीय न्यायालय ने किया निरस्त।

 

 

जशपुर,20 अगस्त 2025

जशपुर जिले की राजनीति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला मंगलवार को न्यायालय में समाप्त हुआ। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती सरोजनी जनार्दन खरे की अदालत ने विधायक रायमुनि भगत के विरुद्ध दायर परिवाद को खारिज कर दिया है। यह परिवाद ईसाई समाज के हेरमोन कुजूर एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा दायर किया गया था।

 

मामला कैसे शुरू हुआ?

 

वर्ष 2024 में जशपुर जिले के ढेंगनी गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक रायमुनि भगत का भाषण दिया गया था।इस भाषण को कुछ लोगों ने आपत्तिजनक बताया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।इसके बाद ईसाई समाज से जुड़े कुछ व्यक्तियों, जिनमें हेरमोन कुजूर भी शामिल थे, ने आहत होकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जशपुर के समक्ष परिवाद दायर किया।

 

परिवाद में यह मांग की गई थी कि विधायक रायमुनि भगत के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 196, 299, 302 और आईटी एक्ट की धारा 66,के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।

 

परिवाद दायर होने पर न्यायालय ने विधायक रायमुनि भगत को विधिवत नोटिस भेजा।नोटिस मिलने के बाद रायमुनि भगत स्वयं अदालत में उपस्थित हुईं और अपना पक्ष रखा।उनकी ओर से अधिवक्ता सत्यप्रकाश तिवारी ने तर्क दिया कि ऐसे मामलों में बिना राज्य अथवा केंद्र सरकार की अनुमति के अपराधों पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।

 

विधायक रायमुनि भगत की ओर से वकील सत्यप्रकाश तिवारी ने यह भी कहा कि परिवाद में शासन का कोई आदेश प्रस्तुत नहीं है, जिसके कारण यह परिवाद विधि विरुद्ध है।

 

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती सरोजनी जनार्दन खरे ने परिवाद को खारिज करते हुए कहा कि बिना शासन की अनुमति ऐसे मामलों पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।परिवाद में विधिक आधार की कमी है।

 

इस प्रकार विधायक रायमुनि भगत के खिलाफ चल रहा यह प्रकरण न्यायालय में समाप्त हो गया।

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