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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जशपुर दौरा दो वर्षों के सुशासन में विकास के नए आयाम: 1000 करोड़ से अधिक की सड़क–पुल परियोजनाओं की सौगात।

 

 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज एक दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के कुनकुरी पहुंचे। सलियाटोली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के सुशासनकाल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को 220 बिस्तरों वाला आधुनिक जिला अस्पताल, मातृत्व एवं शिशु चिकित्सालय, कल्याण आश्रम में अत्याधुनिक अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। इससे जिलेवासियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सड़क–पुलों पर 1000 करोड़ से अधिक का निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले की 623 सड़कों के लिए 998 करोड़ रुपये तथा 22 उच्चस्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त हाल ही में 4 प्रमुख सड़कों के लिए 12.69 करोड़ रुपये, 4 महत्वपूर्ण पुलों के लिए 13.69 करोड़ रुपये तथा 12 सड़कों के लिए 41.81 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी गई है।

फरसाबहार क्षेत्र में 40.89 करोड़ रुपये की लागत से 13 विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।

शिक्षा एवं पर्यटन को नई गति

करडेगा एवं फरसाबहार में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, नए स्कूल भवनों का निर्माण तथा मयाली नेचर कैंप, जंबूरी आयोजन एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच मार्गों की स्वीकृति से जशपुर शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है।

विद्युत क्षेत्र में सशक्त आधार

कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का पांचवां 400 केवी विद्युत उपकेंद्र एवं 11 नए सब-स्टेशनों की स्थापना से जिले में विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, धान बोनस तथा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति की जानकारी भी दी।

कार्यकर्ताओं से जन-जन तक विकास पहुंचाने का आह्वान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये सभी उपलब्धियां कार्यकर्ताओं की निष्ठा और परिश्रम का परिणाम हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायकद्वय श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती रायमुनी भगत, भाजपा नेता श्री गुरुपाल भल्ला, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व विधायक श्री रोहित साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री भरत सिंह, श्री कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री सुनील गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री मुकेश शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राजकुमार सिंह, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाबा गुरु घासीदास जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश सामाजिक समरसता की अमर विरासत।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान समाज सुधारक एवं आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने दिव्य उपदेशों और आदर्श आचरण से समाज को सत्य, अहिंसा, समानता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर किया। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” केवल एक विचार नहीं, बल्कि भेदभाव रहित, न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना का सशक्त जीवन-दर्शन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण की मजबूत आधारशिला रखी। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, असमानताओं और अंधविश्वासों के विरुद्ध चेतना जगाई तथा नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना कर जनमानस में आत्मसम्मान और मानवीय गरिमा का भाव विकसित किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का जीवन-दर्शन करुणा, सहिष्णुता, प्रेम, सत्यनिष्ठा और परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों का मार्गदर्शक है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान समाज के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बने हुए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता, शांति एवं सौहार्द के साथ एक समृद्ध, सशक्त और समावेशी छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएँ।

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सुशासन के दो साल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल से जशपुर में सड़क क्रांति 623 सड़कों के लिए 986.90 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात, गांव-शहर का सफर हुआ सुगम।

 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के दो वर्ष जशपुर जिले के लिए विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। सड़क निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने जिले को 623 सड़कों के निर्माण हेतु 986 करोड़ 90 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। यह पहल केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि गांव-गांव तक प्रगति की मजबूत नींव है।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 108 सड़कों के लिए 634 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी से प्रमुख मार्गों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ हो रही है। वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 93 सड़कों के लिए 239 करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ और पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत 29 सड़कों हेतु 76 करोड़ 20 लाख रुपये, जबकि ग्राम गौरव पथ योजना के तहत 17 सीसी रोड के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, गांव-मुहल्लों की आंतरिक सड़कों पर विशेष फोकस करते हुए 376 सीसी रोड निर्माण के लिए 31 करोड़ 34 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर तेजी से बदल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस विकासशील सोच का सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत, बच्चों के लिए स्कूल तक सुरक्षित पहुंच, मरीजों को त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और जर्जर सड़कों से राहत मिलना लोगों के लिए बड़ी सौगात साबित हो रही है।

करोड़ों की सौगात से बदली जशपुर की तस्वीर

सड़क निर्माण के इस व्यापक अभियान से वर्षों से कीचड़, गड्ढों और खराब सड़कों से जूझ रहे ग्रामीणों को मुक्ति मिल रही है। नई पक्की सड़कों से आवागमन आसान, सुरक्षित और तेज होगा, जिससे जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

जशपुर जिले में सड़क विकास की यह क्रांति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्ध नेतृत्व का स्पष्ट प्रमाण है। गांव से शहर तक मजबूत सड़क नेटवर्क आने वाले वर्षों में जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शहीद वीर नारायण सिंह बलिदान दिवस पर 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया गया लोकार्पण एवं भूमिपूजन।

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

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मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि कसडोल विकासखंड के ग्राम सोनाखान पहुंचे। उन्होंने सोनाखान स्थित शहीद स्मारक में श्रद्धासुमन अर्पित किया एवं शहीद वीर नारायण सिंह के आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्री केदार कश्यप, श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल,पूर्व विधायक बिलाईगढ़ डॉ सनम जागड़े, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज राजेंद्र दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महतारी के सच्चे सपूत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह को रायपुर स्थित जय स्तंभ चौक में 10 दिसम्बर को अंग्रेजों द्वारा फाँसी में चढ़ा दिया गया था। उन्हें 1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। सोनाखान शहीद वीर नारायण सिंह की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है। राज्य सरकार सोनाखान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने लिए प्रतिबद्ध है। इसी के तहत यहां पर चरणबद्ध विकास कार्यों को लगातार मंजूरी दी जा रही है।

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UNICEF व NSS के संयुक्त तत्वाधान में "सुरक्षित लइका मान 3.0" के तहत ग्राम संपर्क अभियान आयोजित।

UNICEF और NSS (शासकीय महाविद्यालय आरा) के संयुक्त तत्वाधान में आज "सुरक्षित लइका मान 3.0" के अंतर्गत ग्राम संपर्क अभियान का सफल आयोजन जिला पंचायत आरा के केतार ग्राम में किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय के बीच स्वच्छता, पोषण, लैंगिक हिंसा रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य के विषयों पर जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।

अभियान के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने घर-घर संपर्क कर लोगों को साफ-सफाई के महत्व, संतुलित आहार, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, लैंगिक समानता तथा तनाव व मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों को इन विषयों पर पोस्टर, नारे और संवाद आधारित गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं, किशोर-किशोरियों और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। स्वयंसेवकों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वच्छ आदतों, पोषणयुक्त भोजन, सुरक्षित वातावरण और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को अपनाना आवश्यक है।

ग्राम के लोगों ने ऐसे जन-जागरूकता अभियान को समयानुकूल बताते हुए UNICEF व NSS टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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खेल से मिलती है अनुशासन की सीख : कौशल्या साय, कुडूकेला नॉकआउट फुटबॉल फाइनल में बेलटोली ने लोधमा को 3–1 से हराया, जीता खिताब....।

जशपुरनगर। स्थानीय मैदान में आयोजित नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। लोधमा को 3–1 से हराकर बेलटोली की टीम ने शानदार जीत के साथ चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। खिलाड़ियों के कौशल और टीमवर्क ने दर्शकों को आखिरी मिनट तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल बच्चों और युवाओं में अनुशासन, नियम पालन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”फाइनल मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता टीम को 51 हजार रुपए एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता की टीम को 31 हजार रुपए एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।

इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष सुशीला साय, डी.डी.सी. अनीता सिंह एवं मलिता बाई, जिला मंत्री संतोष सहाय, मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष बालेश्वर यादव, संतन राम, तुलाधार यादव, भारती भगत, असलम आजाद कार्यक्रम के अध्यक्ष, मोहम्मद जमीर स्लाम जिन्ना, सुशन्ति बैग, बसंत बैग,कुलदीप ,बेनी कश्यप,कलेश्वर सिंह, असनूलहक सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गण एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।आयोजन समिति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। आने वाले समय में इस टूर्नामेंट को और बड़े स्तर पर कराने की योजना है।

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लोगों ने जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी को सराहा राज्य की उपलब्धियों और योजनाओं की दिखी झलक।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में आयोजित 5 दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी दूसरे दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 

प्रदर्शनी में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विकास कार्यों, सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण तथा डिजिटल प्रगति को छायाचित्रों और आंकड़ों के साथ रोचक रूप में प्रदर्शित किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर लगातार प्रसारित हो रही “सॉफ्ट स्टोरी” के माध्यम से लोग योजनाओं को सहज और सरल तरीके से समझ रहे हैं।

नयापारा राजिम से आई मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। समूह की अध्यक्ष श्रीमती नेहा साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। साथ ही उनके बच्चे को आंगनवाड़ी केंद्र से पूरक पोषण आहार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह की सचिव श्रीमती संतोषी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रदर्शित योजनाओं से उन्हें कई नई जानकारियां मिलीं।

प्रदर्शनी में पहुंची नवीन कॉलेज की छात्राएं कुमारी टीनू साहू, खुशबू साहू, पाखी सोनवानी, प्रियंका, काजल निहाल और कंचन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, भर्ती में पारदर्शिता और मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना जैसी लोगों के लिए वरदान हैं। उन्होंने कहा हम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे है और यह जानकर अच्छा लगा कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है। 

राज्योत्सव घूमने आई रायपुर की पारुल चंद्राकर, सोनाली धुरंधर और विधि धुरंधर ने जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे बेहद सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की गई है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को योजनाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री अत्यंत उपयोगी है, जिससे आम नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिल रही है। राज्योत्सव में प्रदर्शनी देखने पहुंचे अन्य दर्शकों ने भी विभाग द्वारा प्रस्तुत सामग्री, पोस्टर और ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनों की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी न केवल जानकारी प्रदान कर रही है, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं से जुड़ने और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित भी कर रही है।

पुलिस प्रशासनिक अकादमी चंद्रखुरी में प्रशिक्षणरत इंद्रजीत सिंदार ने राज्योत्सव स्थल पर जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं को बहुत ही सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध प्रचार सामग्री न केवल जानकारीपूर्ण है, बल्कि आम जनता को योजनाओं के लाभ से जोड़ने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने जनसंपर्क विभाग के इस प्रयास को जनजागरण के लिए अत्यंत प्रभावी बताया। 

जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई इस प्रदर्शनी को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रचार सामग्री निःशुल्क वितरित की जा रही है, जिससे लोग योजनाओं की विस्तृत जानकारी घर ले जा रहे हैं। यह प्रदर्शनी निश्चित रूप से राज्य की उपलब्धियों, पारदर्शी शासन व्यवस्था और नागरिक सहभागिता की एक जीवंत झलक प्रस्तुत कर रही है, जो “नए छत्तीसगढ़” के संकल्प को साकार करती है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने की सौजन्य मुलाकात।

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह व शॉल भेंट किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव से छत्तीसगढ़ में जनजातियों के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने श्री उरांव को राज्य में आदिवासी समुदाय के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सहित समग्र विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने श्री उरांव को बताया कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति बहुत समृद्ध है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री उरांव ने राज्य में आदिवासी उत्थान की दिशा में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। 

 इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण देव और पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री साय बोले – स्वदेशी से मजबूत होगा भारत फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान

 

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोकल फॉर वोकल” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और देश की पूंजी देश में ही रहती है। उन्होंने व्यापारियों से अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं के विक्रय का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए भारत ने अमेरिकी टैरिफ चुनौतियों के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में कमी आई है, जिससे आमजन को राहत मिली है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम घटने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को सहूलियत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर ₹5500 कर दी गई है। कृषि और सिंचाई विकास हेतु ₹2800 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण जारी है, वहीं रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में लगभग ₹2000 करोड़ के विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई है। ई-ऑफिस प्रणाली और सुशासन-अभिसरण विभाग से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जा रही है। नई उद्योग नीति के तहत छत्तीसगढ़ में ₹7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।

सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर भारत ने पाकिस्तान को जवाब दिया।

विधायक गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री की घोषणाएँ :मुख्यमंत्री साय ने मंच से कई विकास कार्यों की घोषणाएँ कीं —

 

तामामड़ा सामुदायिक भवन के लिए ₹20 लाख

बरहाटुकू–घोनघोषा मार्ग पर पुल निर्माण

पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन

गारीघाट में मिनी स्टेडियम

मुंडाडीह में ₹25 लाख की लागत से सामुदायिक भवन

सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार

कोतेबीरा कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला निर्माण एवं विस्तार

पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को ₹25–25 हजार की अनुदान राशि

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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, दुलारी सिंह, अनिता सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री साय और उनकी धर्मपत्नी ने अस्तांचलगामी सूर्य को दिया अर्घ्य,दुलदुला छठ घाट से प्रदेश के सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज छठ महापर्व के अवसर पर दुलदुला छठ घाट में डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज बड़े ही सौभाग्य का दिन है कि मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र में छठ पर्व में शामिल होने का अवसर मिला। यह पर्व लोक आस्था, पवित्रता और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दुलदुला क्षेत्रवासियों की मांग पर छठ घाट के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि अगले छठ पर्व तक घाट का कायाकल्प कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुनकुरी छठ घाट के लिए लगभग 5 करोड़ 17 लाख रुपये की राशि से सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है, जिससे श्रद्धालु महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना कर रही हैं।

 

श्री साय ने कहा कि “क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद से ही मैं विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री बना हूं। उनकी समस्याओं को भलीभांति समझता हूं और समाधान के लिए निरंतर कार्य कर रहा हूं।”

 

इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत दुलदुला अध्यक्ष रामकुमार सिंह, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसपी शशिमोहन सिंह, जनप्रतिनिधि, व्रती महिलाएं और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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विशेष लेख : रानीदाह जलप्रपात- जशपुर की धरती पर प्रकृति का अनमोल उपहार।

 

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की हरी-भरी पहाड़ियों और घने साल के जंगलों के बीच स्थित रानीदाह जलप्रपात जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता का एक अद्भुत प्रतीक है। यह झरना जशपुर नगर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ख़ूबसूरत सड़कों से होकर जब कोई इस स्थल तक पहुँचता है, तो सामने फैली हरियाली, चट्टानों से गिरता दूधिया जल और पक्षियों की आवाज़ें मिलकर एक अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करती हैं।

बरसात के मौसम में रानीदाह अपने पूरे वैभव पर होती है, जब पानी कई धाराओं में बँटकर ऊँची चट्टानों से नीचे गिरता है। गर्मी के मौसम में जल प्रवाह भले थोड़ा कम हो जाए, लेकिन आसपास की प्राकृतिक शांति और वातावरण का सौंदर्य हमेशा समान रूप से मनमोहक रहता है।

 

रानीदाह जलप्रपात केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अपनी लोककथाओं और रहस्यमयी कहानियों के कारण भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि बहुत समय पहले ओडिशा की एक राजकुमारी रानी शिरोमणि जशपुर की इन पहाड़ियों में आ पहुँची थीं।

 जब उनके पिता और पाँच भाई उनका पीछा करते हुए यहाँ पहुँचे, तो रानी ने अपमान और जबरन विवाह से बचने के लिए इसी गहरी खाई में छलांग लगा दी और अपने प्राण त्याग दिए। उसी समय से यह झरना “रानीदाह” के नाम से जाना जाने लगा, जिसका अर्थ है “रानी का जलप्रपात।” झरने के पास स्थित कुछ चट्टानें “पाँच भैया” के नाम से जानी जाती हैं, जो रानी के भाइयों के प्रतीक माने जाते हैं। यह कथा आज भी स्थानीय लोगों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी सुनाई जाती है और इस स्थल को एक रहस्यमयी और भावनात्मक पहचान देती है।

 

प्रकृति प्रेमियों और सैर-सपाटे के शौकीनों के लिए रानीदाह जलप्रपात एक शांत, मनोरम और छायादार पिकनिक स्थल है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल झरने की भव्यता का आनंद लेते हैं, बल्कि आसपास के गाँवों की लोकसंस्कृति, संगीत और आतिथ्य से भी प्रभावित होते हैं।

 रानीदाह जलप्रपात जशपुर की आत्मा का प्रतीक है — जहाँ प्रकृति की सुंदरता, इतिहास की गहराई और लोककथाओं का आकर्षण एक साथ जीवंत हो उठता है। यदि आप कभी जशपुर आएँ, तो इस दिव्य स्थल का भ्रमण अवश्य करें और प्रकृति के इस अनुपम उपहार का अनुभव स्वयं करें।

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जशपुर जिले को बड़ी सौगात, कांसाबेल–बगीचा मार्ग के निर्माण कार्य के 29 करोड़ 37 लाख रूपए की दी मंजूरी, क्षेत्र वासियों ने सीएम साय का जताया आभार.....।

 

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को एक और बड़ी सौगात दी है। वर्ष 2025-26 के बजट में कांसाबेल–बगीचा मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं पुलिया निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह सड़क लगभग 39 किलोमीटर लंबी होगी,जिसके लिए 29 करोड़ 37 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।इस मार्ग के मजबूतीकरण के साथ आवश्यक पुलिया निर्माण भी शामिल है।इस सड़क निर्माण से कांसाबेल, बगीचा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन की सुविधा में बड़ी राहत मिलेगी।खासकर यह मार्ग कांसाबेल विकासखंड के क्षेत्र वासियों को बगीचा तक आवागमन के लिए सुगम होगी,वहीं यह मार्ग जशपुर जिले को सरगुजा जिले को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग भी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि –“प्रदेश के हर जिले में सड़क और आधारभूत संरचना का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रदेश सरकार का संकल्प है।इस स्वीकृति के साथ जशपुर जिले के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने पर क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोहरई करमा महोत्सव में हुए शामिल ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की घोषणा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। 

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।

 

सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान

 

सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।

 

इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री श्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य श्रीमती उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीपावली और गोवर्धन पूजा की दी हार्दिक शुभकामनाएं

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली का पर्व प्रकाश, सत्य और सद्भाव का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि दीपावली का यह पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपों का यह उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना और आशा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे दीपावली को स्वदेशी भावना के साथ, पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए मनाएं और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैलाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और पर्यावरण के प्रति हमारी श्रद्धा और आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें यह सिखाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली और गोवर्धन पूजा का यह पावन अवसर छत्तीसगढ़ राज्य में खुशहाली, समृद्धि और विकास की नई रोशनी लेकर आएगा तथा हर घर में आनंद, शांति और उजाला फैलाएगा।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश......।

 

दीपों के पर्व दीपावली के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने स्थानीय बाजार पहुंचकर कुम्हारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी दीयों और सजावटी सामग्रियों की खरीदारी की। उन्होंने मिट्टी के दीयों से अपना घर रोशन करने का संदेश दिया और कहा कि इस दीपावली हर घर में स्वदेशी दीप जलाएं।

उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल अभियान अब आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों व उद्योगों को सशक्त बनाएं।

 

     श्रीमती साय ने कहा कि दीपावली खुशियों और उमंग का पर्व है। इस अवसर पर स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है और रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस दीपावली स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और कुम्हारों, हस्तशिल्पियों व छोटे व्यापारियों की दीपावली को भी उजाला दें।

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