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गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार GRP के चारों कांस्टेबल बर्खास्त, खातों में करोड़ों का हुआ था लेनदेन

बिलासपुर। गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किये गए GRP के चरों कांस्टेबलों की बर्खास्तगी कर दी गयी है। जांच के दौरान इन आरक्षकों के खातों के लेनदेन और संपत्ति का पता लगाया गया तो पुलिस को काफी जानकारियां मिलीं। जिसके बाद जवानों की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गयी है।

GRP में पदस्थ चारों जवान लक्ष्मण गइन, संतोष राठौर, सौरभ नागवंशी और मन्नू प्रजापति रेल एसपी के एंटी क्राइम यूनिट में थे। उन सभी की जिम्मेदारी ट्रेनों में होने वाली तस्करी, अपराध आदि का पता लगाते हुए उस पर लगाम कसना था, लेकिन, उन्होंने पहले गांजा तस्करों को पकड़ने के बाद उनसे जब्त माल दूसरों को सप्लाई किया, फिर इस धंधे में ही उतर गए।

पुलिस द्वारा की गई जांच में अभी तक जवानों के पास से करोड़ों की संपत्ति मिली है। वहीं बैंक खातों से भी करोड़ों के लेनदेन का खुलासा हुआ है। पता चला है कि बीते कुछ सालों में जवानों के खातों से तीन करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन किया गया है। ये राशि उनकी सालाना आय से कई गुना ज्यादा है। यही नहीं तस्करों के खिलाफ बनाए गए प्रकरणों में गांजा की मात्रा कम बताई गई।

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BREAKING : इस मामले पर बड़ा एक्शन, GRP के चार आरक्षक बर्खास्त, कार्रवाई से मचा हड़कंप, जानिए पूरा मामला..!!

बिलासपुर। ट्रेन से गांजा तस्करी के मामले में जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी में शामिल जीआरपी के चारों आरक्षक बर्खास्त किया है। बता दें कि ट्रेन से गांजा तस्करी मामले में चार जीआरपी आरक्षक को गिरफ्तार किया गया था। इन आरक्षकों ने तस्करों के नेटवर्क से जुड़कर करोड़ों रुपए कमाए थे। 

जीआरपी के आरक्षक सौरभ नागवंशी, मन्नू प्रजापति, संतोष राठौर एवं लक्ष्मण गाईन को बर्खास्त किया गया है। इन आरक्षकों ने रिश्तेदारों के नाम पर अकाउंट खोलकर करोड़ों के लेनदेन किए थे। वहीं कॉल डिटेल से खुलासा हुआ है कि सरगना का आरक्षकों से लगातार संपर्क था। 

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टीआई लाइन अटैच : इस वजह से आईजी ने की कार्रवाई - एसपी से तीन दिनों में मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर। नायब तहसीलदार और भाई के साथ मारपीट तथा दुर्व्यवहार करने के आरोप में सरकंडा के थानेदार को लाइन अटैच कर दिया गया है। इस मामले में आईजी संजीव शुक्ला ने तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट बिलासपुर एसपी से मांगी है। 17 नवंबर की रात हुई इस घटना के बाद कनिष्क प्रशासनिक सेवा संघ के साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने भी थाना प्रभारी पर कार्यवाही के लिए मोर्चा खोला हुआ था। इसके लिए की को शिकायत के अलावा गृह मंत्री और राजस्व मंत्री से भी मिलकर अफसरों ने मांग की थी। हालांकि इस कार्यवाही से कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ संतुष्ट नहीं है। कनिष्क प्रशासनिक सेवा संघ ने टीआई के निलंबन और एफआईआर की मांग की हैं। 

नायब तहसीलदार और भाई से मारपीट के मामले में पुलिस अधीक्षक ने एडिशनल एसपी उदयन बेहार को पहले जांच अधिकारी बनाया था। फिर त्वरित जांच के लिए एडिशनल एसपी सिटी राजेंद्र जायसवाल को भी इसमें शामिल कर लिया गया। नायब तहसीलदार और परिवार का बयान एडिशनल एसपी उदयन बेहार ने तो वही पुलिसकर्मियों का बयान एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने लिया। मामले में यह भी बात सामने आई कि नायब तहसीलदार जब कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे तब पुलिस तहसीलदार के घर पहुंच गई थी जिसके चलते मैप तहसीलदार का परिवार दहशत में आ गया।

नायब तहसीलदार ने शिकायत करने पहुंचने के दौरान मीडिया को बताया कि पुलिस कर्मियों के द्वारा ही डॉक्टर को कहा गया था कि एमएलसी में सहयोग नहीं करने की बात लिख दे जोकि वास गवाहों के सामने और वीडियोग्राफी करवा कर मुलाहिजा करवाने की मांग पर अड़े थे। मुलाहिजा के लिए ले गए पुलिस वाले डॉक्टर से पुलिस के पक्ष में रिपोर्ट बनवाने की बात कह रहे थे। इसके अलावा पुलिस ने मामले में रात 1:30 बजे रात को दो साक्ष्य भी मौके पर दिखाए है। आरोप लग रहे हैं कि पुलिस ने जिसे अपने बचाव में गवाह बनाया है वह रिटायर्ड पुलिस कर्म चारी का बेटा है। पुलिस जब देर बाद घूमने की बात पर नायब तहसीलदार, उसके भाई और पिता से दुर्व्यवहार कर रही थी तो वहां पूर्व से खड़े व्यक्ति जो पुलिस का गवाह बना है उसे देर रात घूमने का कारण क्यों नहीं पूछा?

मामले में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और गृह मंत्री विजय शर्मा से अधिकारियों ने मुलाकात कार्यवाही की मांग की। बिलासपुर कलेक्टर से भी कार्यवाही की मांग की गई थी।

जाने पूरा मामला

बस्तर जिले के करपावंड में प्रभारी तहसीलदार के पद पर पदस्थ नायब तहसीलदार पुष्पेंद्र मिश्रा ने अपनी शिकायत में बताया है कि 17 नवंबर को देर रात 1:35 पर हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन से स्टेशन में उतरने के बाद अपने भाई और पिता के साथ बाइक घर जा रहा था। वह सरकंडा में डीएलएस कॉलेज के पीछे बगदाई मंदिर के पास रहते है। तब डीएलएस हनुमान मंदिर के पास दो आरक्षकों ने उन्हें रोका। वहां अंधेरा होने की वजह से वह 5 मीटर दूर रुके। इतने में दोनों आरक्षकों ने आकर उनसे अश्लील गाली-गलौज करते हुए कहा कि जब हमने तुमसे रुकने के लिए कहा है तो तुम रुके क्यों नहीं। नायब तहसीलदार ने अपना परिचय देते हुए बताया कि आप लोगों के कहने के आधार पर ही हम लोग रुके है।

नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में प्रतीत हो रहे थे। पिता और भाई को घर भेजने के बाद पुष्पेंद्र मिश्रा को गाड़ी में बिठाकर थाने ले आए। गाड़ी में तीन पुलिस कर्मी थे तीनों ने उन्हें धमकियां देना शुरू कर दिया। नायब तहसीलदार ने अपना परिचय देते हुए कहा कि उनसे उचित व्यवहार करें तब पुलिस कर्मियों ने कहा कि ज्यादा बड़ा मजिस्ट्रेट हो गया है तेरे जैसे को हमने ठीक कर दिया है चल तेरी मजिस्ट्रेट निकालते है। तीनों ने कोट पहन रखा था इस कारण उनका बैच में नाम नहीं देख पाए।

सरकंडा थाना लाने के बाद पुलिस वालो ने आईडी मांगा। फिजिकली आईडी नहीं होने के चलते अधिकारी ने मोबाइल पर अपना आईडी दिखाया। जिससे उन्होंने कुछ नोट किया। फिर चश्मा पहने एक पुलिस वाले ने उनसे अल्कोहल मीटर में फूंकने के लिए कहा। जिसमें दो बार फुकने पर कुछ नहीं निकला। फिर पुलिस वाले ने खुद फूंका उसके बाद फूंकने के लिए कहा। फिर उसे चेक कर धाम करते हुए और गाली देते हुए कहा कि शराब पी के आया है, ज्यादा घमंड है तुझे अभी शराब का केस बनाता हूं। फिर मुलाहिजा रिपोर्ट भरने लगे। मेरे द्वारा पढ़ने के लिए मांगने पर नहीं दिया गया। पढ़ कर सुना दो बोलने पर भी नहीं दिया गया। तब नायब तहसीलदार ने रात्रि 2:39 में सरकंडा टीआई तोपसिंह नवरंग को फोन लगाया और अपना परिचय देते हुए बिना अपराध के थाना लाने का कारण पूछा। जिस पर टीआई ने थाना आकर बताने की बात कही।

तहसीलदार ने बताया कि टीआई ने थाना आने के साथ ही उनसे गाली गलौज और दुर्व्यवहार करते रहे और उन्हें धक्का देते हुए गाड़ी में भरकर सिम्स ले जाने लगे। इसी समय उनके पिता का फोन आया तब टीआई ने फोन छीन कर जब्त करवा दिया। सिम्स में ड्यूटी में तैनात डॉक्टर को पुलिस वालो ने मेरे शराब के नशे में होने की बात कहते हुए मुलाहिजा करने को कहा। नायब तहसीलदार ने पुलिस वालों को कहा कि पहले मेरे घर वालों को बुला दो उनके सामने मुलाहिजा करना वरना आप लोग मुझे झूठे केस में फंसा दोगे। फिर एक पुलिस वाले को नायब तहसीलदार के पास खड़े कर दो पुलिस वाले अंदर चले गए और डॉक्टर से बात की। फिर बिना मुलाहिजा करवाए सिम्स ले आए।

तहसीलदार ने आरोप लगाया कि भाई से भी टीआई ने गाली गलौज की। भाई ने कहा कि हम लोग सभ्य परिवार से हैं,अपराधी नहीं है। बिना गलती के आप लोग थाने में बैठा कर रखे है। भाई ने रात 3.23 मिनट में बिलासपुर कलेक्टर साहब को फोन कर इसकी जानकारी दी। कलेक्टर ने टीआई से बात कराने के लिए कहा। टीआई और कलेक्टर की बात हुई। फिर फोन रखने के बाद टीआई ने कहा कि मेरे अधिकारी एसपी हैं। मैं सिर्फ ही कहना मानूंगा। नायब तहसीलदार ने इसकी शिकायत डीजीपी,आईजी,एसपी से कर कार्यवाही की मांग की है।

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CG - अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर, हादसे में चाचा-भतीजे की मौके पर हुई मौत, बाइक के उड़े परखच्चे.....

कोरबा। जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अंबिकापुर-बिलासपुर NH 130 में कटघोरा मार्ग सुतर्रा रापाखरा पुल के पास भीषण सड़क हादसे में चाचा-भतीजे की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार चाचा-भतीजे की की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में बाइक के परखच्चे उड़ गए।

स्थानीय लोगों ने डायल 112 को घटना की सूचना दी। डायल 112 मौके पर पहुंचकर दोनों मृतक के शव को अस्पताल पहुंचाया। घटना को अंजाम देने के बाद अज्ञात वाहन मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास व सड़क किनारे लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दुर्घटनाकारित वाहन की तलाश कर रही। बताया जा रहा कि दोनों मृतक ग्राम छिदपुर के रहने वाले हैं। 

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Chhattisgarh: जादू-टोना के शक में महिला की हत्या, एक परिवार के 4 लोग गिरफ्तार

सूरजपुर :- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में टोनही (जादू-टोना करने वाली) के संदेह में महिला की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने एक ही परिवार के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान प्राण साय (59), उनकी पत्नी मुन्नी बाई (57), उनके बेटे मुकेश कुमार (18) और मुकुम राम (23) के रूप में हुई है जिन सभी पर जिले के ओड़गी थाना क्षेत्र के सावांरावा गांव में ननकी बाई (65) की हत्या का आरोप है।

उन्होंने बताया कि…

उन्होंने बताया कि साय के परिवार में एक पुत्र ने लगभग चार वर्ष पहले फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी और उनको शक था कि ननकी बाई द्वारा जादू-टोना किए जाने के कारण यह घटना हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 14 नवंबर को आरोपी मुकेश ने ननकी बाई को अपने घर बुलाया और वहां ननकी बाई को शराब पिलाई गई जिसके बाद में परिवार ने कुल्हाड़ी से प्रहार कर ननकी बाई की हत्या कर दी तथा शव को करीब के जंगल में ले जाकर एक पेड़ से लटका दिया।

उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस दल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ और शव को बरामद किया गया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 16 नवंबर को सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

 
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बीजापुर पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सड़क और पुल निर्माण तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अपने दो दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज बीजापुर में सड़क और पुल निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों का भी जायजा लिया। श्री साव ने इस दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर विभिन्न योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने बीजापुर एजुकेशन सिटी में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ‘समर्थ’ का भ्रमण कर बच्चों से मुलाकात की और उनके समूह नृत्य की प्रस्तुति भी देखी। श्री साव ने जैतालूर स्थित गारमेंट फैक्ट्री में महिलाओं का काम देखा। वे मिनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक में भी शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल भी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बीजापुर में नेलसनार से गंगालूर तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। 50 किलोमीटर लंबाई के इस सड़क के 39 किलोमीटर हिस्से का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। श्री साव ने अधिकारियों को काम में तेजी लाते हुए शेष 11 किलोमीटर सड़क का काम जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।  उन्होंने भैरमगढ़ विकासखंड के फुंडरी में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का भी निरीक्षण किया। यह पुल बीजापुर को नारायणपुर से जोड़ेगा, जिससे बीजापुर और रायपुर की दूरी कम हो जाएगी। इसके निर्माण से बांगोली और बेलनार सहित कई गांवों के लोग बारहों महीने आवागमन कर सकेंगे। इससे व्यापक रूप से शासन की योजनाओं को अंदरुनी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जा सकेगा। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को पुल के निर्माण के बाद सड़कों के विस्तार के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों और निर्माण कंपनियों से गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए दोनों कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्र में निर्माणाधीन ये सड़क और पुल बीजापुर जिले के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां नक्सलियों का गढ़ कहे जाने वाले कई गांव स्थित हैं। इनके निर्माण से शासन-प्रशासन पर ग्रामीणों का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही इनसे माओवादी घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी सहायता मिलेगी।
 
श्री साव ने बीजापुर जिले के गदामली ग्राम पंचायत के आश्रित वन ग्राम मिंगाचल में जल जीवन मिशन के कार्यों का अवलोकन किया। मिंगाचल में सोलर आधारित तीन स्ट्रक्चर के माध्यम से 42 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत 65 लाख रुपए से अधिक की लागत से गांव में यह व्यवस्था की गई है। श्री साव ने हर घर जल उत्सव कार्यक्रम में यहां की सरपंच श्रीमती लक्ष्मी कांता सकनी को अभिनंदन पत्र प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर हर घर नल से पेयजल आपूर्ति के साथ ही महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की मैदानी स्तर पर जानकारी ली।

बस्तर में बदल रहे हालात, नियद नेल्ला नार से अंदरूनी क्षेत्रों में हो रहा तेजी से विकास – श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बीजापुर के मिनी स्टेडियम में आयोजित बस्तर ओलंपिक को संबोधित करते हुए कहा कि विष्णु देव सरकार के कार्यों से बस्तर में बदलाव की बयार दिख रही है जिसका उदाहरण ये 12 हजार खिलाड़ी हैं जो बस्तर ओलंपिक में शामिल हो रहे हैं। मैं इन खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम करता हूं और उम्मीद करता हूं कि बस्तर एवं बीजापुर के खिलाड़ी अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का परिचय देकर देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजापुर अत्यंत सुदूर क्षेत्र है। हमारी सरकार ने भटके हुए लोगों से मुख्य धारा में लौटने का आह्वान किया है, ताकि वे बेहतर जिंदगी जीकर अपने और अपने परिवार का सुनहरा भविष्य गढ़ सकें।

श्री साव ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्ला नार से अंदरुनी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण सहित स्कूलों, आंगनबाड़ियों, बिजली, पानी व स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ने आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज सुलभ कराए जा रहे हैं। आवासहीन परिवारों का सर्वे कर पक्का आवास दिया जा रहा है। हमारे सुरक्षा बलों के जवानों का बीजापुर के विकास में बड़ा योगदान है जिनकी सुरक्षा के साये में लोगों को शासन की योजनाओं में शामिल कर सरकार बेहतर जिंदगी दे रही है। श्री साव के बीजापुर में निर्माण कार्यों के निरीक्षण और विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के दौरान कलेक्टर  संबित मिश्रा, जिला पंचायत के सीईओ  हेमंत रमेश नंदनवार और पूर्व मंत्री  महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर कोलिहापुरी में ’’हमारा शौचालय हमारा सम्मान’’ अभियान का आयोजन

शौचालय दिवस के अवसर पर कोलिहापुरी में ’’हमारा शौचालय हमारा सम्मान’’ अभियान का आयोजन

-19 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक चलेगा अभियान


दुर्ग, 19 नवंबर 2024/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशन में विश्व शौचालय दिवस के उपलक्ष्य पर 19 नवम्बर 2024 से 10 दिसम्बर 2024 तक ’’हमारा शौचालय हमारा सम्मान’’ अभियान का आयोजन जिले के सभी ग्राम पंचायतों में किया जायेगा। जिसके शुभारंभ करते हुए जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन ललित चंद्राकर, विधायक दुर्ग (ग्रामीण) के मुख्य आतिथ्य में ग्राम पंचायत कोलिहापुरी, जनपद पंचायत दुर्ग में किया गया। कार्यक्रम में जितेन्द्र साहू, सदस्य जि.पं. दुर्ग, श्रीमती योगिता चंद्राकर सभापति सदस्य जि.पं. दुर्ग, देवेन्द्र देशमुख अध्यक्ष ज.पं. दुर्ग,  ज्ञानेश्वर मिश्रा सदस्य ज.पं. दुर्ग,  रूपेश कुमार पाण्डेय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दुर्ग,  ज्वाला प्रसाद देशमुख सरपंच, सुनिल मिश्रा उपसरपंच,  निमेश भोयर सचिव ग्रा.पं. कोलिहापुरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दौरान 20 हितग्राहियों को व्यक्तिगत शौचालय प्रोत्साहन राशि के डेमो चेक मुख्य अतिथियों के माध्यम से वितरित किये गये। विधायक  ललित चंद्राकर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम में स्वच्छता स्थायित्व बनाए रखने हेतु शौचालय का नियमित उपयोग किया जाना एक महत्वपूर्ण घटक है। शौचालय के नियमित उपयोग के साथ ही शौचालय की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। जिला दुर्ग हमेशा से स्वच्छता के लिये आगे रहा है, जिसने छ.ग. राज्य में प्रथम ओ.डी.एफ. प्लस जिला होने का गौरव प्राप्त किया है। श्रीमती माया बेलचंदन, मान. सदस्य जिला पंचायत दुर्ग द्वारा कहा गया कि ग्राम में आयोजित होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों, शादी आदि के दौरान ग्राम में निर्मित सामुदायिक शौचालय का अनिवार्यतः उपयोग किया जाये। ग्राम में बाहर से आने वाले व्यक्तियों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सार्वजनिक शौचालय को निरंतर संचालित रखा जाए। बजरंग कुमार दुबे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग द्वारा जानकारी दी गई कि इस अभियान के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर बेस्ट व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय एवं विकासखंड स्तर पर बेस्ट सामुदायिक शौचालय प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत से 02 बेस्ट व्यक्तिगत शौचालय का चयन किया जायेगा एवं उनके हितग्राहियों को सम्मानित कर जानकारी जनपद पंचायत में प्रेषित करेंगे। जनपद पंचायत स्तर पर प्राप्त नामांकित शौचालयों में से 03 बेस्ट शौचालयों के हितग्राहियों को विकासखंड स्तर पर सम्मानित करते हुए उनकी जानकारी जिला स्तर पर भेजी जायेगी। इसी प्रकार जिला स्तर पर प्राप्त नामांकन अनुसार कुल 05 बेस्ट शौचालयों के हितग्राहियों को सम्मानित किया जायेगा। बेस्ट सामुदायिक शौचालय प्रतियोगिता अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड से 02 बेस्ट सामुदायिक शौचालय वाले ग्राम पंचायत को विकासखंड स्तर पर सम्मानित करते हुए उनकी जानकारी जिला स्तर पर भेजी जायेगी, जिला स्तर पर प्राप्त नामांकन अनुसार 03 बेस्ट सामुदायिक शौचालयों वाले ग्राम पंचायत को सम्मानित किया जायेगा। अभियान अंतर्गत ऐसे स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि में स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता के संबंध में विशेष अभियान चलाया जायेगा। ग्राम पंचायत संचालित विभिन्न जल प्रदाय योजना के जल का परीक्षण किया जावेगा, जिसमें विशेषकर ईकोलाई बेक्टेरिया की उपस्थिति का परीक्षण किया जायेगा। कार्यक्रम में स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह, बिहान, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केंप लगाया गया। शौचालय उपयोग एवं स्वच्छता विषय पर आधारित कला-जत्था कार्यक्रम आयोजित किया गया। उक्त जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों से आये लगभग 600 प्रतिभागी उपस्थित रहे। cg24news.in
 

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में जल्द हो सकता हैं बदलाव...लोक प्रिय नेताओं कों मिल सकता हैं नई जिम्मेदारी...पढ़े पूरी ख़बर

रायपुर :- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन के बदलाव को लेकर फिर हलचल तेज होती नजर आ रही है. अगस्त से लेकर अब तक अलग-अलग आंदोलनों और रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वजह से कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियों पर फैसला नहीं हो सका.

अब निकाय चुनाव से पहले संगठन में बदलाव को लेकर सीनियर नेताओं से चर्चाओं का दौर फिर शुरू होने जा रहा है. बता दें, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं का दौर बीते पांच माह से चल रहा है. लेकिन, कभी नए प्रभारियों की नियुक्ति, तो कभी संगठन के अलग-अलग कार्यक्रमों-पदयात्रा की वजह से नियुक्तियां नहीं हो सकीं.

रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वजह से भी नियुक्तियों को लेकर फैसला नहीं हो सका. अब उपचुनाव निपटने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चीफ दीपक बैज ने नगरीय निकाय चुनाव के पहले नियुक्तियों के संकेत दिए हैं. दरअसल, नई टीम को लेकर पीसीसी चीफ बैज एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उन्हें जिला अध्यक्षों से लेकर प्रदेश पदाधिकारियों के चयन में भरोसेमंद और बेहतर परफॉर्मेंस वाले साथियों की तलाश है. लेकिन, अलग-अलग जिलों में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप और स्थानीय समीकरणों की वजह से नामों के चयन में मुश्किलें आ रही हैं. इतना ही नहीं, कांग्रेस के नए प्रभारी सचिवों ने भी जिलों में जाकर बैठकें ली हैं.

इस बात का भी है दबाव

इस दौरान उन्होंने जिला अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि पदाधिकारियों के लिए भी नामों का फीडबैक लिया है. बैज पर ऐसे नामों को भी टीम में जगह देने का दबाव है. दूसरी ओर, बड़े नेताओं की ओर से भी कई नाम सुझाए गए हैं. यही वजह है कि वरिष्ठ नेताओं से तालमेल, भरोसेमंद साथियों की तलाश और प्रभारी सचिवों के सुझाए नामों के बीच बैज अपनी टीम को लेकर कहीं उलझते नजर आते हैं. हालांकि, एक बार फिर उनका दावा है कि निकाय चुनाव से पहले नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगीं.

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दंतेवाड़ा पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय, पत्नी के साथ दंतेश्वरी मंदिर में की पूजा अर्चना

दंतेवाड़ा : बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक लेने के बाद सीएम विष्णुदेव साय दंतेवाड़ा पहुंचे हैं. सीएम के दंतेवाड़ा पहुंचने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. इसके बाद सीएम साय सबसे पहले दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे.सीएम साय ने सपरिवार मां दंतेश्वरी का लिया आशीर्वाद: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, पत्नी कौशल्या देवी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार पहुंचे. यहां मां दंतेश्वरी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.

दंतेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना के बाद सीएम साय सर्किट हाउस जाएंगे. यहां भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं से मिलेंगे. आम लोगों से भी साय मुलाकात करेंगे. सीएम के दौरे को देखते हुए दंतेवाड़ा प्रशासन ने पुख्ता तैयारी की है. मुख्यमंत्री के एकदिवासी प्रवास के दौरान जिले को कई विकास कार्यों की सौगात मिलने की संभावना है.

आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद सीएम ने बस्तर के बैगा, गुनिया और सिरहा को सम्मानित किया. देर शाम सीएम बस्तर जिले के सेड़वा स्थित CRPF 241 बस्तरिया बटालियन के हेड क्वॉर्टर पहुंचे. सीएम ने रात के भोजन के दौरान जवानों को अपने हाथों से खाना परोसा. नक्सल क्षेत्र में जंग लड़ रहे जवानों की हौसला अफजाई की और बटालियन में ही जवानों के साथ रात बिताई.

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ब्रेकिंग : सीएम साय के जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, तहसीलदार और नायब तहसीलदार किए गए इधर से उधर, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट...!!

 जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में राजस्व विभाग में कसावट लाने के मकसद से जिला कलेक्टर ने बड़े पैमाने पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों का तबादला किया है।

देखें लिस्ट

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CG CRIME: शराबी दामाद ने लाठी-डंडे से पीट-पीटकर की पत्नी और सास की हत्या...जानिए क्या है पूरा मामला

जशपुर। जिले में हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शराबी युवक ने अपनी पत्नी और सास की लाठी-डंडे से पिट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया. घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है, वहीं सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर फरार आरोपी की तलाश में जुट गई है.

बता दें कि मामला कोतबा चौकी के अंतर्गत आने वाले खजरीढाब गांव का है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी खीरसागर यादव ने परिवारिक विवाद के कारण शराब के नशे की हालत में इस ह्रदयविदारक वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया है. पुलिस ने उसकी पतासाजी के साथ ही मामले की जांच की जा रही है.

 
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद वहां सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समुदाय के बैगा, गुनिया और सिरहा को अब हर वर्ष 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह पहल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के फैसले छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके गौरव को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदाय की परंपराओं को संजोने और उन्हें समाज के विकास में भागीदार बनाने के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान वनमंत्री  केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर  किरण देव, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित  स्थानीय जनप्रनिधिगण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने किया बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन और स्टाल्स का अवलोकन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचने पर बस्तरिया अंदाज में स्वागत हुआ| उनके स्वागत में जनजातीय लोक नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी| जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक गौर सिंग मुकुट पहनाकर उनका अभिनन्दन किया|

प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के आयोजन हेतु विशेष तैयारियां की गई थीं| इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के  बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी|  

'बस्तर कॉफी' के सफर की दिखी झलक

बस्तर जिले के स्टाल में 'बस्तर कॉफी'  की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया  गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। 'बस्तर कैफे' की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है।

कला और नवाचार का संगम

कोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्री राम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, 'मावा कोण्डानार' मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी गई।

शिक्षा और बाल विकास में नवाचार

दंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है । बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है।

लघु वनोपज से बढ़ती आजीविका

कांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों  सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है।

 महिला सशक्तिकरण का उदाहरण

नारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है।

यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगति

सुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव,  लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया।

'नियद नेल्ला नार' योजना के सकारात्मक परिणाम

बीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित 'नियद नेल्ला नार' योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है।

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शादी में गया था परिवार, सूना मकान देख चोरों ने मचाया आतंक, पढ़ें पूरी खबर...!!

सरगुजा। जिले में चोरी और लूटपाट की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, भले ही इनके खिलाफ कड़े कानून बनाए गए हों। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, और वे लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सीतापुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां नगर पंचायत के उपाध्यक्ष के घर 17 लाख की चोरी हुई।

बता दें कि सीतापुर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए थे। इस दौरान चोरों ने सूने घर का फायदा उठाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक चोर घर में रखे 15 लाख रुपये नगद और करीब 2 लाख रुपये की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही परिवार ने तुरंत इसकी शिकायत सीतापुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। नगर पंचायत के उपाध्यक्ष के घर हुई इस चोरी ने लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही हैं, और पुलिस को अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचे सीएम साय, हेलीपेड पर किया गया आत्मीय स्वागत

चित्रकोट : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचे, जहां हेलीपेड पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, बस्तर सांसद महेश कश्यप, वन मंत्री केदार कश्यप सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं प्रदेश शासन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है, बस्तर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि लाने विकास कार्यों को स्वीकृति मिलेगी, मुख्यमंत्री प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे है।

आपको बता दें कि भाजपा सरकार बनने के लगभग एक वर्ष बाद बस्तर विकास प्राधिकरण की पहली बैठक है, जिसमें सभी मंत्रीमंडल एवं बस्तर संभाग के सभी विधायक, कर्मचारी अधिकारी आज इस बैठक में उपस्थित है।

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CG - यात्रीगण कृपया ध्यान दें! छत्तीसगढ़ में दिसंबर तक रहेंगी 49 ट्रेनें रद्द, देखें पूरी लिस्ट

बिलासपुर। बिलासपुर जोनल स्टेशन पर यात्री परेशान हैं, क्योंकि कई प्रमुख ट्रेनें लगातार घंटों देरी से चल रही हैं। ट्रेनों की देरी ने यात्रियों के सफर को मुश्किल बना दिया है। शिवनाथ एक्सप्रेस, मेल एक्सप्रेस, हावड़ा-पोरबंदर एक्सप्रेस, टाटा-इतवारी एक्सप्रेस, गया स्पेशल एक्सप्रेस और उत्कल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख गाडियां 2 से 4 घंटे की देरी से चल रही हैं।

शनिवार को आजाद हिंद एक्सप्रेस 18 घंटे की देरी जबकि दरभंगा एक्सप्रेस 8 घंटे विलंब से बिलासपुर स्टेशन पर पहुंची। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे अफसर माने तो ट्रैक मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी दिक्कतों को देरी की वजह बता रहें है। अफसरों की माने तो कई बार तकनीकी समस्याएं, जैसे सिग्नल फेल्योर, इंजन खराबी, या ट्रैक पर मरमत कार्य के कारण ट्रेनों में देरी हो जाती है। जिसके चलते कई बार ट्रेनें लेट हो जाती है।
 
हालांकि, ऐसे समय में रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों के लिए कोई सूचना या अपडेट न मिलना उनकी असुविधा को और बढ़ा देता है। जिसके चलते स्टेशन पहुंचने के बाद यात्रियों को ट्रेन लेट होने की जानकारी मिल रही है। दूर-दराज क्षेत्रों से सफर के लिए पहुंचे यात्री लौटते नहीं बल्की घंटो स्टेशन में ही ट्रेनों का इंतजार कर रहे है।

जनरल बोगी में पैर रखने जगह नहीं

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों के देर से आने से परेशान हैं। कई यात्री अपनी यात्रा की योजना पहले से बना चुके थे, लेकिन देरी के कारण उनके महत्वपूर्ण कार्यों और नियुक्तियों में रुकावट आ रही है। कुछ यात्री स्टेशन पर इंतजार कर रहे हैं, जबकि अन्य यातायात साधनों का सहारा ले रहे हैं। जनरल डिब्बों में पैर रखने की जगह नहीं है।

49 ट्रेनें रद्द, एमपी व यूपी के यात्रियों को परेशानी

रेलवे ने हाल ही में अलग-अलग दिनों के लिए 49 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। मध्यप्रदेश और यूपी के लिए चलने वाली 24 ट्रेनें 21 नवंबर से 2 दिसंबर तक अलग-अलग दिनों में कैंसिल की गई हैं। इससे पहले भी 16 से 20 नवंबर तक 25 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। इनमें 16 एक्सप्रेस और 9 लोकल ट्रेनें शामिल हैं। 16 से 20 नवंबर और फिर 21 नवंबर से 2 दिसंबर तक कुल 49 ट्रेनें रद्द रहेंगी। 21 नवंबर से रद्द रहने वाली ट्रेनों की वजह बिलासपुर मंडल के कटनी रेल लाइन में नरौजाबाद स्टेशन में काम को बताया गया है। यहां तीसरी लाइन जोडऩे का काम होगा।

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ी –

23 से 29 नवंबर तक बरौनी से चलने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बरौनी-कटनी-जबलपुर- नैनपुर- बालघाट-गोंदिया होकर चलेगी।

23 से 29 नवंबर तक गोंदिया से चलने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गोंदिया-बालघाट- नैनपुर-जबलपुर-कटनी-बरौनी होकर चलेगी।
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