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CG - खिलाड़ियों को कपल डांस कराना पड़ा महंगा, तीरंदाजी के हेड कोच की सेवा समाप्त...जानिए पूरा मामला...!!

बिलासपुर। खेलो इंडिया स्टेट सेंटर आफ एक्सिलेंस, बहतराई, बिलासपुर में छात्रावास बालक एवं बालिका खिलाड़ियों को दीपावली अवकाश के दिन रोकने और कपल डांस व मड डांस कराने के मामले में तीरंदाजी के हेड कोच निलेश गुप्ता की सेवा समाप्त कर दी गई है।

खिलाड़ियों के डांस की जानकारी मिलते ही संचालक तनुजा सलाम ने सहायक संचालक बिलासपुर को 8 घंटे के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा था। मामले में फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर संचालक ने माना कि परिसर में हेड कोच द्वारा उनके प्रशिक्षण कार्य पर फोकस न करते हुए एक्सिलेंस सेंटर का माहौल खराब करने का कार्य किया गया। छात्रावास में अलग-अलग रह रहे बालक एवं बालिका खिलाड़ियों के लिए एक साथ कपल डांस, मड डांस की व्यवस्था की गई। इसे गंभीर कृत्य मानते हुए हेड कोच पर एक्शन लिया।

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जनजातीय समाज के उत्थान में भगवान श्री बिरसा मुंडा का योगदान सदैव अविस्मरणीय, उनके संघर्ष की गाथा और आदर्श आज भी है प्रासंगिक- किरण सिंह देव

दंतेवाडा/रायपुर। गीदम स्थित जावंगा के ऑडिटोरियम में आज जनजातीय गौरव दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव ने अपने उद्बोधन में कहा कि जनजातीय समाज के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा जी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके आदर्श और संघर्ष की गाथा आज भी प्रेरणादायक है। उनकी 150वी जयंती को आज पूरा देश मना रहा है। जनजातीय समाज की विरासत सदैव गौरवशाली रही है। इस समाज कभी भी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया है। आज जनजातीय गौरव दिवस मना रहे है इसका पूरा श्रेय देश के पूर्व मंत्री स्व. श्री अटल बिहारी हो जाता है और देश के विभिन्न 500 अलग-अलग स्थानों में भव्य समारोह आयोजित किए गए है। जनजातीय समाज हमेशा ही देश की स्वतंत्रता के लिए अपनी आहुति दी है जननायक  गुंडाधुर के योगदान और भूमकाल विद्रोह को भी कभी भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज उत्तरोत्तर प्रगति की ओर अग्रसर है शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जैसे विभिन्न कार्यक्षेत्रों मे आज जो सकारात्मक परिवर्तन आया है इसका पूरा श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी को है। 

इसके पूर्व ऑडिटोरियम स्थल में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के बिहार के जामूई जिले में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा 66 हजार करोड़ के विभिन्न विकास कार्यो का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया।  कार्यक्रम में शालेय छात्र छात्राओं द्वारा लोकनृत्यों का मनभावन प्रदर्शन भी किया गया और आगंतुक अतिथियों ने छात्र-छात्राओं उनके प्रस्तुतियों के लिए पारितोषिक एवं प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह दिए। इसके अलावा जिले के सभी  विकास खंडों में आदिवासी जनजातीय दिवस उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।  जिसमें पौधारोपण, धरती आबा, ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रस्तावना (Preamble), पंचायत विस्तार अधिनियम (पेसा), वन अधिकार अधिनियम (FRA), पंचायत विकास सूचकांक (PDI), सतत विकास लक्ष्य (LSDG)  Pledge for clean India  Pledge for a Drug, Free Society जैसे कार्यक्रम के शामिल है। जिसमें पिरामल फाउंडेशन के द्वारा दंतेवाड़ा जिले के समेली, टीकनपाल, मड़से, टेकनार, आदि स्थानों से 250 प्रतिभागियों को सम्मिलित किया गया था।

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छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध, साउथ की तकनीक और मुंबई के डायरेक्टर की बेहतरीन प्रस्तुति की वज़ह से माई के लाल रुद्र काफी सुर्ख़ियों में है, यह छत्तीसगढ़ी फिल्म माई का लाल रुद्र अब यू टयूब पर रिलीज हो चुकी है..

मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर छत्तीसगढ़ी सिनेमा अपने अनोखे अंदाज़ और सांस्कृतिक प्रस्तुति के कारण हमेशा से दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहा है। इसी क्रम में, हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म *माई का लाल रुद्र* ने अपनी शानदार कहानी और बेहतरीन प्रस्तुतिकरण से दर्शकों का दिल जीत लिया है। इस फिल्म का निर्देशन सुभाष जायसवाल ने किया है, जिन्होंने अपनी गहरी समझ और रचनात्मक दृष्टिकोण से एक उत्कृष्ट कृति तैयार की है। पिछले बीस सालों से वह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बतौर निर्देशक कार्य कर रहे हैं,,फिल्म के निर्माता दीपक जिंदवानी, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इस फिल्म में भी अपनी कुशलता का प्रदर्शन किया है। फिल्म *माई का लाल रुद्र* एक पारिवारिक ड्रामा है, जिसमें परिवार के रिश्तों, संघर्षों और प्रेम को दर्शाया गया है। यह फिल्म न केवल एक मनोरंजक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि दर्शकों को अपने मूल्यों और पारिवारिक संबंधों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म में सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो इसे आम दर्शकों के साथ जोड़ता है। फिल्म की कहानी एक ऐसी यात्रा है जिसमें मुख्य पात्र रुद्र अपने परिवार के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करता है। उसकी मां के प्रति समर्पण और संघर्षों से भरी जिंदगी को फिल्म में बड़े ही भावुक अंदाज में दिखाया गया है। फिल्म का हर दृश्य दर्शकों को बांधे रखने में सफल है, और यह दर्शाता है कि सही मायनों में परिवार ही व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी अदाकारी और सशक्त संवाद हैं। सभी कलाकारों ने अपने पात्रों में जान डाल दी है। मुख्य अभिनेता और अभिनेत्री की केमिस्ट्री और उनकी अदाकारी इतनी प्रभावी है कि दर्शक खुद को उनकी कहानियों में खोने से नहीं रोक पाते। संगीत की बात करें तो, फिल्म में छत्तीसगढ़ी धुनों और पारंपरिक संगीत का अद्भुत मिश्रण है, जिसने फिल्म को एक और आकर्षक पहलू प्रदान किया है। गाने न केवल सुनने में मधुर हैं, बल्कि वे कहानी के प्रवाह के साथ भी पूरी तरह मेल खाते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक भी कहानी के भावनात्मक पहलुओं को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दर्शक और भी गहराई से जुड़ जाते हैं। *माई का लाल रुद्र* को रिलीज़ होते ही दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यूट्यूब पर इसे लाखों बार देखा जा चुका है और फिल्म को बेहद पसंद किया जा रहा है। कमेंट्स में दर्शक इसके संदेश, अभिनय और निर्देशन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सुभाष जायसवाल की निर्देशन शैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे कुशल निर्देशकों में से एक हैं। वहीं, दीपक जिंदवानी की निर्माण कौशल ने यह सुनिश्चित किया है कि फिल्म हर दृष्टिकोण से उच्च स्तर की हो। दीपक जिंदवानी पहले भी कई हिट फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं, और हर बार उन्होंने अपनी फिल्मों में समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का प्रयास किया है। *माई का लाल रुद्र* भी इसी सिलसिले की कड़ी है, जिसमें पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को सम्मान के साथ पेश किया गया है। इस फिल्म को एक बार देखने का मतलब है अपने जीवन के महत्वपूर्ण रिश्तों को एक नई दृष्टि से देखना। फिल्म की सकारात्मकता, मनोरंजन और संदेश को ध्यान में रखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि *माई का लाल रुद्र* छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है। जो दर्शक अब तक इसे नहीं देख पाए हैं, उन्हें इसे देखने का मौका अवश्य लेना चाहिए। *माई का लाल रुद्र* न केवल एक फिल्म है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जो दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक बना रहेगा।
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संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर एवं कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने किया धान केंद्रों का निरीक्षण

छत्तीसगढ़ में किसानों का पर्व याने धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले के धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्था अपग्रेड कर किसानों को सुविधा देने उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। संभाग आयुक्त  सत्यनारायण राठौर एवं कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। सेवा सहकारी समिति मर्यादित करंजा के करंजा भिलाई स्थित उपार्जन केंद्र में उन्होंने तौल मशीन की पूजा अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया। उपार्जन केंद्र करंजा भिलाई में संभागायुक्त श्री राठौर एवं कलेक्टर सुश्री चौधरी ने किसानों की मौजूदगी में निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ किया। उन्होंने टोकन प्राप्त 4 किसानों से 288 क्विंटल धान खरीद कर धान खरीदी की शुरुवात की। सर्वप्रथम किसान  भोला साहू ने धान बेचने की कार्यवाही की। संभागायुक्त  राठौर एवं कलेक्टर सुश्री चौधरी ने श्रीफल भेंट कर किया किसानों का स्वागत किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत करंजा, समुदा, जिंजरी तथा बासिन 4 ग्राम पंचायत के 10 किसानों ने धान बेचा। इसी प्रकार कोड़िया ग्राम पंचायत में स्थित सहकारी समिति में 15 किसानों के माध्यम से 903.60 क्विंटल धान बेचा गया।
        पहले दिन जिले के 88 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की शुरुवात की गयी। उक्त केन्द्रों में टोकन प्राप्त 1206 किसानों से 60 हजार क्विंटल धान खरीदी की गयी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर से 31 जनवरी 2025 तक खरीदी की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। जिले में 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीफ वर्ष 2024-25 में पंजीकृत 1,14,651 किसानों से अनुमानित 6,48,484 मे. टन धान का उपार्जन किया जाएगा। विगत वर्ष 1,05,778 किसानों से 5,87,369 मे. टन धान उपार्जन किया गया था। धान खरीदी के लिए लघु व सीमांत किसानों को अधिकतम दो टोकन व बड़े किसानों को तीन टोकन की पात्रता है। इसके साथ ही खरीदी में पारदर्शिता लाने के लिए इलेक्ट्रानिक तराजू से ही तौल किया जा रहा है। समितियों में किसानों की सुविधा के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है। साथ ही बैंकों में होने वाली अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए किसानों के बैंक एटीएम की लिमिट को 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार किया गया है। सभी सोसाइटीज में माइक्रो एटीएम की सुविधा भी दी जा रही है जिससे 10 हजार तक का आहरण किया जा सकता है। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में आयेगी। धान उपार्जन केंद्रों में किसानों को कोई परेशानी, असुविधा ना हो इसका ख्याल रखा गया है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने निरीक्षण के दौरान जिला सहकारी बैंक के अधिकारी को राज्य शासन द्वारा निर्धारित धान खरीदी की दर से किसानों को भुगतान किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम  अरविंद एक्का, एसडीएम  हरिवंश सिंह मिरी, अपर कलेक्टर  मुकेश रावटे, प्रभारी खाद्य नियंत्रक  टी.एस. अत्रि, जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी गण मौजूद थे।

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फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के सहारे LIC से 35 लाख की ठगी: मास्टरमाइंड चाचा-भतीजे समेत 4 गिरफ्तार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के  बिलासपुर में फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के जरिए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से 35 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस चौंकाने वाली घटना में मास्टरमाइंड चाचा-भतीजे ने सुनियोजित तरीके से न केवल फर्जी दस्तावेज तैयार किए बल्कि मोहल्ले के लोगों से झूठी गवाही भी दिलवाई। पुलिस ने इस अपराध में शामिल चाचा-भतीजे समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बता दें कि बिलासपुर के व्यापार विहार क्षेत्र में रहने वाले चाचा और उनके भतीजे ने LIC पॉलिसी के डेथ क्लेम के नाम पर बड़ी ठगी को अंजाम दिया। चाचा ने अपने भतीजे को कागजों में मृत घोषित करने के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया और LIC में डेथ क्लेम फाइल कर दिया। ठगी को अंजाम देने के लिए इन लोगों ने पड़ोसियों, मोहल्ले के दुकानदारों और अन्य परिचितों को पैसे देकर अपनी बात मनवाई।

झूठी गवाही के लिए मोहल्ले वालों को किया सेट-

इस फ्रॉड को अंजाम तक पहुंचाने के लिए चाचा ने मोहल्ले के नाई, दर्जी और धोबी जैसे दुकानदारों के अलावा पड़ोसियों को भी पैसे देकर अपनी तरफ कर लिया। गवाही देने वालों को 500 से 1000 रुपये तक देकर यह समझाया गया कि अगर LIC के अधिकारी उनसे पूछताछ करें तो वे बस यह कहें कि पॉलिसीधारक की मौत हो चुकी है। झूठी गवाही के बदले पैसे ने इन लोगों को अपराध में शामिल होने से नहीं रोका और उन्होंने मौत की पुष्टि कर दी।

तीन पॉलिसियों से 35 लाख, चौथी में पकड़े गए-

इस षड्यंत्र के तहत चाचा-भतीजे ने पहले तीन पॉलिसियों से करीब 35.90 लाख रुपये का क्लेम ले लिया। उनकी योजना चौथी पॉलिसी से 51 लाख रुपये निकालने की थी। हालांकि, LIC अधिकारियों को शक होने पर उन्होंने जांच शुरू की, जिससे इस बड़े फ्रॉड का पर्दाफाश हो गया।

बीमा एजेंट भी शामिल-

इस फ्रॉड में केवल चाचा-भतीजा ही नहीं, बल्कि LIC का एक एजेंट भी शामिल था, जिसने पॉलिसी के क्लेम को फाइल करने में मदद की। पुलिस ने चाचा-भतीजे, बीमा एजेंट और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

LIC अधिकारियों को कैसे दी गई गुमराह-

चाचा-भतीजे ने LIC अधिकारियों को गुमराह करने के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के साथ-साथ झूठी गवाही का सहारा लिया। जब अधिकारी जांच के लिए मोहल्ले में पहुंचे, तो उन्हें पड़ोसियों और दुकानदारों से मृतक की मौत की पुष्टि मिली। यह सुनियोजित योजना इतनी सटीक थी कि शुरू में किसी को शक नहीं हुआ।

पुलिस जांच में हो रहे नए खुलासे-

पुलिस अब उन सभी लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने पैसे लेकर झूठी गवाही दी। इसके अलावा, डेथ सर्टिफिकेट बनाने में शामिल सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। इस मामले ने LIC और अन्य बीमा कंपनियों के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने भगवान बिरसा मुण्डा जयंती, जनजाति गौरव दिवस, गुरु नानकदेव जयंती, और कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएँ व बधाई दी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने छत्तीसगढ़वासियों को भगवान बिरसा मुण्डा जयंती व जनजाति गौरव दिवस, गुरु नानकदेव जयंती, और कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएँ व बधाई दी हैं। अपने बधाई संदेश में श्री देव ने कहा कि जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत से लेकर उनकी अनुसरणीय समाज व्यवस्था, आध्यात्मिकता और विशिष्ट ज्ञान परम्परा के परिप्रेक्ष्य में बौद्धिक जगत मननशील है कि विश्व की समस्याओं के निराकरण के लिए हम जनजातीय बन्धुओं से बहुत कुछ सीख सकते हैं  दूसरी ओर, बहुत-सी चुनौतियाँ इन गौरवशाली परम्पराओं को नष्ट-भ्रष्ट कर रही हैं, इसलिए जनजातीय गौरव दिवस हमारे उस दायित्व का स्मरण कराने वाला दिन भी है कि भय-आतंक और हिंसा से जनजातीय समाज को मुक्ति दिलाना है। भगवान बिरसा मुण्डा का जयंती उत्सव प्रदेश के जनजातीय समाज को गौरवशाली अतीत और विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी ने हमें कड़ी मेहनत पर आधारित आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है और हमें सत्य, संतोष, दया और प्रेम पर आधारित समाज का निर्माण करना सिखाया है। ऐसे समय में, जब देश जाति और धर्म के विभाजन से कमजोर हो गया था, गुरु नानकदेव जी ने हमें सिखाया कि ईश्वरीय प्रकाश सभी में रहता है और जाति कोई पहचान नहीं है। श्री देव ने प्रदेश में बड़े उत्साह के साथ मनाए जाने वाले कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली के लिए भी अपनी शुभकामनाएं दीं, और कहा कि प्रदेश में इस पर्व पर हजारों दीये भक्ति-भाव से जलाए जाते हैं। यह पर्व हमें 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' के शाश्वत संदेश के साथ ही अपनी सनातन संस्कृति से जोड़ता है और हमारी गहरी आध्यात्मिक चेतना से अनुप्राणित सामाजिक सद्भाव व समरसता के भाव को पुष्ट करता है।

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अवैध शराब विक्रेताओं पर कोटा पुलिस का प्रहार 3 अलग-अलग मामलों में आरोपियों के कब्जे से कुल 50 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट नाम आरोपी 1. दिलहरन उर्फ नानू वर्मा पिता मनोज वर्मा, उम्र 23 वर्ष, पता बेल्टूकरी, गनियारी। 2. रामायण वर्मा पिता स्व गुना राम वर्मा, उम्र 34 वर्ष, पता बेल्टूकरी, गनियारी। 3. इंद्रजीत केंवट उर्फ ईशु पिता कोमल प्रसाद, उम्र 19 वर्ष, पता खोंगसरा, चौकी बेलगहना। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (IPS) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे *चेतना अभियान* के अंतर्गत चौथे चरण में अवैध नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिले में अवैध शराब बेचने वालों के विरुद्ध त्वरित व सख्त कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। जिसके परिप्रेक्ष्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती अर्चना झा एवं अनुभागीय पुलिस अधिकारी कोटा श्रीमती नुपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में कोटा पुलिस द्वारा ग्राम बेल्टुकरी में मुखबिर सूचना के आधार पर रैड कार्यवाही की गई। जिसमें आरोपियों के पास से क्रमशः 23 लीटर, 20 लीटर एवं 7 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। दोनों ही आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्यवाही कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक रोशन आहूजा , उप निरीक्षक ओंकार धर दीवान, सउनि नवीन दुबे, प्र.आर. रविन्द्र मिश्रा आर.मुकेश सूर्यवंशी, महादेव कुजूर का योगदान रहा।
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चेतना सॉन्ग और वीडियो के माध्यम से बच्चों और पालकों को किया गया जागरूक

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट ? *बिलासपुर पुलिस का चेतना विरुद्ध नशा अभियान* ? *एपेक्स स्कूल कोटा में बच्चों को नशे के प्रति किया जागरूक* पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भापुसे) के मार्गदर्शन में बिलासपुर पुलिस द्वारा चेतना जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें आम जन को सुरक्षित बिलासपुर, अतुलनीय बिलासपुर की टैग लाइन के साथ यातायात, महिला एवं बालक संबंधी अपराध, सायबर सुरक्षा तथा चौथे चरण में नशे के विरुद्ध जागरूक ककया जा रहा है। इसी तारतम्य में कोटा थाना अंतर्गत आयोजित चेतना विरुद्ध नशा अभियान के में आज एपेक्स स्कूल, कोटा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं उनके साथ कोटा थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक रोशन आहूजा उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई और समझाया कि नशा न केवल व्यक्तिगत जीवन को नष्ट करता है, बल्कि समाज और परिवार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने साथियों और परिवार के सदस्यों को भी नशा विरोधी संदेश दें और समाज को नशामुक्त बनाने में योगदान दें। पुलिस विभाग के इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखना और उनके स्वस्थ भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाना है। इस अवसर पर स्कूल के शिक्षकों ने भी नशे के खिलाफ इस पहल की सराहना की और कहा कि वे छात्रों को इसके प्रति जागरूक करते रहेंगे।
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रंजना साहू ने क्षेत्र वासियों को गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व की दी बधाई

गुरुनानक जयंती पर रंजना साहू ने सचखंड साहेब नांदेड में टेका मत्था,लंगर में किया प्रसादी ग्रहण चुनावी ज़िम्मेदारी निभाने एक माह से नांदेड में है तैनात

रंजना साहू ने क्षेत्र वासियों को गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व की दी बधाई

नांदेड (महाराष्ट्र) -: महाराष्ट्र चुनाव में नांदेड में धमतरी की पूर्व विधायक रंजना साहू को बतौर प्रभारी पार्टी ने चुनावी ज़िम्मेदारी देकर भेजा है,जहाँ वो लगभग एक माह से पार्टी को जिताने हर रणनीतियों और योजनाओं पर कार्य कर रही  हैं और पार्टी को जिताने रोज़ाना बैठकों से लेकर जनसंपर्क कर रही हैं,इसी बीच गुरुनानक जयंती के पूर्व सांध्य में देश के प्रसिद्ध गुरुद्वारा सचखंड साहेब गुरुद्वारा नांदेड में उन्होंने मत्था टेका और आशीर्वाद लिया जहाँ प्रबंधन कमेंटी द्वारा उनको गुरुद्वारा के सिरोप्पा ओढ़ा कर उनका सम्मान किया गया,श्रीमती साहू ने प्रबंध कमेटी से मुलाकात कर जयंती पर्व की बधाई, शुभकामनाएं दी एवं समस्त क्षेत्र वासियो को श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व की बधाई, साथ ही नगर कीर्तन में पांच प्यारे से आशीर्वाद ली व बारहों महीने चलने वाले अटूट लंगर में प्रसादी ग्रहण किये।इस महत्वपूर्ण दिन

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देशभर में बहुचर्चित झीरम हत्याकांड में शामिल इनामी महिला नक्सली ने किया सरेंडर

रायपुर :- देश में बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड में शामिल 20 लाख की इनामी महिला नक्सली ने आज आत्म समर्पण कर दिया है। इनामी महिला नक्सली का नाम मंजुला उर्फ निर्मला है। उसने तेलंगाना के वारंगल में पुलिस के पास आत्म समर्पण किया है। मंजुला ने वारंगल में पुलिस कमिश्नर के पास जाकर सरेंडर कर दिया है। मंजुला कुख्यात नक्सली लीडर कोडी कुमार स्वामी उर्फ आनंद एवं कोडी वेंकन्ना उर्फ गोपन्ना की बहन है और साथ ही दंडकरण स्पेशल जोनल कमिटी, साउथ सब डिविजन ब्यूरो की मेंबर है। वह 1994 में माओवादी संगठन में शामिल हुई थी और आज 15 नवंबर 2024 को उसने पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया है।

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राज्य की नई औद्योगिक नीति को हमने रोजगार परक बनाया है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शाम नवा रायपुर के मेफेयर रिसार्ट में छत्तीसगढ़ राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को लांच किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने इस नई नीति को रोजगार परक और विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यदि कोई उद्योग एक हजार से अधिक युवाओं को रोजगार देता है तो हम उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत और अधिक रियायतें देंगे। युवाओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर हमने इस नीति में प्रति व्यक्ति 15 हजार रूपये प्रतिमाह तक का अनुदान देने का प्रावधान भी किया है।
 
हमने पहली बार इस नीति के माध्यम से राज्य में पर्यटन एवं स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में निवेश को भी प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। हमारा राज्य देश के मध्य में स्थित है, आने वाले वर्षों में हम अपनी भौगोलिक स्थिति, आवागमन के आधुनिक साधनों और आप सबकी भागीदारी से प्रदेश को देश का ‘‘हेल्थ हब’’ बनाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर के नजदीक हम लगभग 118 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रारंभ करने जा रहे हैं। पूर्व के ‘‘न्यूनतम 20 एकड़ भूमि’’ के स्थान पर अब हमने ‘‘15 एकड़ भूमि’’ पर निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना की अनुमति देने का निर्णय लिया है। 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ संभवतः देश में पहला राज्य है, जिसने युवा अग्निवीरों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को स्वयं के रोजगार धन्धे स्थापित करने पर विशेष अनुदान एवं छूट का प्रावधान किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वयं का रोजगार उपलब्ध कराने हेतु भी कटिबद्ध हैं। इसके लिए हम इन वर्गों के उद्यमियों को मात्र 1 रूपये प्रति एकड़ की दर पर औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि दे रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि उद्योग स्थापना एवं संचालन में सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम हो एवं यथासंभव सेल्फ सर्टिफिकेशन अथवा ऑनलाइन माध्यम से हो ताकि आपके उद्योग हेतु आपको सरकार के पास आने की आवश्यकता ना हो। 

 उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमने ऐसी उद्योग नीति तैयार की है जो प्रदेश के उद्योग जगत के सभी जरूरतों को पूरा करेगा। हमारा प्रयास था कि ऐसी नीति बने जिससे  प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगे और निवेश को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि नई नीति से प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे प्रदेश को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। मंत्री श्री देवांगन ने उद्योग नीति के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और उसके क्रियान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की। 

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन श्री अमर परवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और उद्योगपति मौजूद रहे। नई औद्योगिक नीति के लांचिंग अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने नवीन औद्योगिक विकास नीति का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के विशेष प्रावधान 

छत्तीसगढ़ की औद्यौगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य में 01 नवबंर 2024 से लागू किया गया है। यह नीति उद्योगों को निवेश करने, नये रोजगार सृजन करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिये एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। 

इस नीति के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए कौशलयुक्त रोजगारों का सूजन करते हुये अगले 5 वर्षों में 5 लाख नए औपचारिक क्षेत्र के रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। इस नीति मैं स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रशिक्षण कर प्रोत्साहन का प्रावधान करते हुये 1000 से अधिक रोजगार प्रदाय करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहन के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहभागिता के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों (जिनमें पैरा मिलेट्री फोर्स भी सम्मिलित है), नक्सल प्रभावित, आत्म-समर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमों का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान किया गया है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की परिभाषा को भारत सरकार द्वारा परिभाषित एम.एस.एम.ई. के अनुरुप किया गया है। इसी के अनुसार ही इन उद्यमों को प्राप्त होने वाले प्रोत्साहनों को अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धी बनाया गया है।

 राज्य सरकार द्वारा देश में सेवा गतिविधियों के बढ़ते हुये। रुझान को दृष्टिगत रखते हुये इस नीति में पहली बार सेवा क्षेत्र अंतर्गत एमएसएमई सेवा उद्यम एवं वृहद सेवा उद्यमों के लिये पृथक-पृथक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र अंतर्गत इंजीनियरिंग सर्विसेस, रिसर्च एंड डेव्हलपमेंट, स्वास्थ्य सेक्टर, पर्यटन एवं मनोरंजन सेक्टर आदि से संबंधित गतिविधियों को सम्मिलित किया गया है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विशिष्ट श्रेणी के उद्योगों जैसे फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाईल, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा गैर काष्ठ वनोंपज प्रसंस्करण, कम्प्रेस्ड बॉयो गैस, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटीलिजेंस (ए.आई), रोबोटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग (जी.पी.यू), आई.टी., आई.टी.ई.एस./डेटा सेंटर जैसे नवीन सेक्टरों के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान है। 

इसके साथ ही थ्रस्ट सेक्टर के ऐसे उद्योग जहां राज्य का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है और जहां भविष्य के रोजगार आ रहे हैं, उन क्षेत्रों के लिये अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।

नीति में प्रोत्साहनों की दृष्टि से राज्य के विकासखण्डों को 03 समूहों में रखा गया है। समूह-1 में 10. समूह 2 में 61 एवं समूह 3 में 75 विकासखण्डों को वर्गीकृत किया गया है।

औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में विनिर्माण के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र के लिए स्थाई पूंजी निवेश का 150 प्रतिशत तक का समग्र प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। नीति के माध्यम से एक ओर जहां राज्य के युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आत्मनिर्भर बनाने के लिये उद्यम कांति योजना का प्रावधान किया गया है, वहीं दूसरी ओर देश में बन रहे बड़े इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर के अनुरुप ही राज्य में भी NICDC के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर औद्योगिक नगरी कोरबा-बिलासपुर-रायपुर की परिकल्पना की गई है। जो कि राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्तवपूर्ण कदम है।

इस नीति में प्रथम बार उद्यमों में राज्य के निवासियों को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिये स्थानीय रोजगार सृजन को लक्ष्य में रखकर 1000 अथवा इससे अधिक रोजगार सृजन के आधार पर विशेष औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान साथ ही उद्योगों में नियोजित राज्य के निवासी के प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति रूपये 15,000 रूपए की प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति एवं कर्मचारियों पर होने वाले ई.पी.एफ. व्यय की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 

पहली बार ग्रीन उद्यम की परिकल्पना को साकार करने के लिये पर्यावरण संरक्षण उपायों को अपनाने के लिये औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन इनवायरमेंट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अनुदान (पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान), जल एवं उर्जा दक्षता (एनर्जी ऑडिट) व्यय प्रतिपूर्ति, गैर काष्ठ वनोपज प्रसंस्करण एवं ग्रीन हाइड्रोजन/कम्प्रेस्ड बॉयोगैस सेक्टर के वृहद उद्यम हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

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CG : पुलिस विभाग में बड़ी सर्जरी, दो SI समेत 150 पुलिसकर्मियों का हुआ ट्रांसफर, देखिए पूरी लिस्ट..!!

 दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। एसपी जितेंद्र शुक्ला ने दो उपनिरीक्षक, 16 सहायक उपनिरीक्षक, 50 प्रधान आरक्षक व् शेष आरक्षकों समेत 150 पुलिस कर्मियों का तबादला किया है।

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BREAKING: नर कंकाल मिलने से इलाके में मचा हड़कंप, फोरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंची पुलिस

बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दहेजवार पंचायत के बंद पड़े फ्लाई ईट भट्टे के पास तीन नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है. घटनास्थल के आसपास करीब 500 मीटर के दायरे में हड्डियों के टुकड़े बिखरे हुए मिले हैं. फिलहाल पुलिस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को चारों ओर से घेराबंदी कर मामले की जांच में जुट गई है.शुरुआत में पुलिस यह आशंका जताई जा रही है कि जानवरों द्वारा हड्डियों को इधर-उधर फैलाया गया हो, लेकिन कंकाल की स्थिति को देखकर यह मामला और गंभीर प्रतीत हो रहा है. इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली है.

मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र पांडे (ऑपरेशन )ने बताया कि नर कंकाल मिलने की पुष्टि हुई है.घटनास्थल पर पुलिस बल पहुंच गई है.डॉक्टर व फॉरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है और नर कंकाल कितने दिन पुराने हैं और किसके हैं यह कहना अभी मुश्किल है.जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा की किसके नर कंकाल है. पुलिस की कार्रवाई जारी है और इस संदिग्ध मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खलबली मची हुई है.

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CG police transfer : पुलिस अधिकारियों का तबादला, कई थाना प्रभारी, SI और ASI के ट्रांसफर आदेश जारी

 अंबिकापुर: अंबिकापुर में पुलिस विभाग में तबादला किया गया है। जारी आदेश के अनुसार यहां तीन नगर निरीक्षक TI, तीन सब इंस्पेक्टर, और तीन असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर का तबादला आदेश जारी किया गया। यह आदेश सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने जारी किया है।

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मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय लोक नृत्य महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती के अवसर पर आज रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का देवगुड़ी में पूजा-अर्चना और दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत दो दिनों तक विभिन्न विषयों पर संगोष्ठी, जनजातीय चित्रकला प्रदर्शनी के साथ-साथ देश के 21 राज्यों के 28 आदिवासी नर्तक दलों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी।   

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोगों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा सहित शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह, गुण्डाधुर को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करके जनजातीय समुदाय का गौरव बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी का आभार जताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस की भव्य शुरूआत 13 नवम्बर से जशपुर से हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समुदाय की जितनी चिंता की है, उतनी किसी ने नहीं की है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने देश की 10 करोड़ जनजातीय आबादी के कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय बनाया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय के गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बिहार के जमुई से कल 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ करेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा आदिवासी गांवों के समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए 80 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान है। इससे छत्तीसगढ़ राज्य के 6,691 आदिवासी गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास और जनजातीय समुदाय के कल्याण के काम होंगे। कार्यक्रम के आरंभ में सभी 21 राज्यों के आदिवासी नर्तक दलों के आकर्षक मार्चपास्ट के दौरान लोगों ने करतल ध्वनि कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।  

आदिम जाति कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम ने स्वागत उद्बोधन दिया और कहा कि यह आयोजन कला, संस्कृति, परंपरा और देश की रक्षा के लिए प्राणों का न्यौछावर करने वाले महापुरूषों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में समाज के सभी वर्गाें के बेहतरी के काम तेजी से कराए जा रहे हैं।   

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरूण साव, वन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य  श्याम बिहारी जायसवाल, खेल मंत्री  टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद  देवेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, विधायक सर्व  पुरंदर मिश्रा, गुरू खुशवंत सिंह साहब,  मोती लाल साहू,  इंद्र कुमार साहू,  अनुज शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण विभाग  सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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बलौदाबाजार हिंसा: देवेंद्र यादव के खिलाफ 450 पन्नों का चार्ज शीट पेश

बलौदाबाजार । बलौदाबाजार हिंसा मामले में विधायक देवेंद्र यादव और ओम प्रकाश बंजारे के खिलाफ पुलिस ने 450 पन्नों का चार्ज शीट पेश किया। यादव की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में 13 नवंबर को सुनवाई होने वाली थी। वहीं अब सुनवाई की तारीख 20 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। हिंसा मामले में देवेन्द्र यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिलेगी या नहीं इस पर संशय की स्थिति बनी है।

दरअसल बिलासपुर हाईकोर्ट में विधायक देवेन्द्र यादव की जमानत याचिका पर 13 नवंबर को सुनवाई होनी थी। जिस पर देवेंद्र यादव को वहां से भी राहत नहीं मिल रही है। वहीं अब हाईकोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख 20 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। 20 नवंबर को भी देवेंद्र यादव को जमानत मिल पाएगी या नहीं इस बात का फैसला उच्च न्यायालय से होगा।

जमानत पर संशय की स्थिति
जेल में बंद भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव की जमानत को लेकर अभी संशय की स्थिति है। कानूनी जानकार बताने हैं कि,  बलौदा बाजार हिंसा मामले में कुल 13 फिर दर्ज किए गए हैं। जिसमें से सभी पर 18 गंभीर धाराएं लगाई गई है। वहीं इस मामले में पहले से ही गिरफ्तार आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है।

 

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