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CG- भाई ने अपने ही भाई और मां पर एसिड फेंककर किया घातक हमला, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम, पूरा मामला जान रह जाएंगे दंग
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से आशा को मिला नया जीवन
जब जीवन में हर तरफ अंधेरा दिखाई देने लगे तब उम्मीद के एक छोटी सी रोशनी भी पूरे जीवन को प्रकाशवान कर जाती है। ऐसी ही कहानी है कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत रेमते में रहने वाली 15 साल की आशा चक्रेश की। सिकलसेल से पीड़ित आशा के जीवन में कई उतार चढ़ाव आये पर कहीं भी उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दे रही थी। यहां पर आशा के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना एक नई उम्मीद बन कर आई।
आशा को जन्म से ही सिकलीन की बीमारी है। यह जानकारी मजदूर माता पिता के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। चिकित्सकों ने बताया था कि आशा को सिकलसेल की बीमारी का वह प्रकार है जो 10 लाख लोगों में एक व्यक्ति को होने वाली बीमारी है। इस संबंध में आशा की माता बिमला बाई चक्रेश ने बताया कि आशा के पिता स्व. मंगलराम चक्रेश उसके स्वास्थ्य और इलाज के लिए हमेशा चिंतित रहा करते थे। आशा के ईलाज के लिए दंपत्ति ने अपनी छोटी सी बचत और आयुष्मान भारत योजना की सहायता से कई अस्पतालों का चक्कर लगाया। रायपुर से लेकर इंदौर, मुंबई सभी जगह आशा की जांच कराने के बाद भी निराशा ही हाथ लगी थी।
बचपन से हर महीने आशा को खून चढ़ाने अस्पताल का चक्कर लगाना ही पड़ता था और इसका खर्च भी वहन करना पड़ता था। ऐसे में एक दिन एक दुखद दुर्घटना में पिता मंगलराम का भी निधन हो गया। इस हालात में आशा का आगे का इलाज असंभव लगने लगा था। एक दिन जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल कैम्प आयोजित किया गया था जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। हमारे लिए इसका खर्च उठा पाना संभव नहीं था तब जिला प्रशासन से जांच हेतु 01 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई, जिससे रायपुर जाकर जांच संभव हो सका। परन्तु महंगे ईलाज की समस्या अभी भी बनी हुई थी।
चिकित्सकों ने उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी दी। जहां से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवेदन को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कार्यालय भेजा गया। त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकृति प्रदान करते हुए ईलाज के लिए 20 लाख रुपये प्रदान किया गया। जिसके बाद रायपुर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए दाता की पहचान की गई। दाता का सैम्पल मैच होने पर आशा का बोन मैरो ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन किया गया। जिसके बाद आशा को नया जीवन प्राप्त हुआ। इस नए जीवन के लिए आशा और उनकी माता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि यदि मुख्यमंत्री जी से सहायता ना मिलती तो शायद आशा का जीवन बचा पाना उनके लिए संभव नहीं होता।
अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगे 21 लाख रुपए, जानिए कैसे शातिर ने फंसाया जाल में…
बिलासपुर। ठगी करने वाले अब सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बिलासपुर से सामने आया है, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर व्यक्ति से अश्लील वीडियो मंगाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर 21 लाख रुपए ठग लिए. पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस अपराध कायम कर जांच में जुट गई है.
दरअसल, शहर के एक व्यक्ति ने साइबर थाना में शिकायत की. एक फेसबुक आईडी से उनके मोबाइल में फ्रेंड रिक्वेस्ट आया. उन्होंने फेसबुक आईडी वाले से दोस्ती कर ली. दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत चलती रही. इसी दौरान फेसबुक दोस्त ने बातों में फंसाकर उनका अश्लील वीडियो मंगा लिया.
उसके बाद अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने का धमकी देकर ब्लेकमैलिंग करने लगा. कई किश्तों में उक्त व्यक्ति ने 21 लाख रुपए उसके बताए बैंक खाते में ट्रांसफर भी किए. लेकिन लगातार पैसों की मांग से तंग आकर साइबर थाना में फेसबुक दोस्त के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. मामले में अब पुलिस फेसबुक फ्रेंड के खिलाफ जुर्म दर्ज कर जांच में जुट गई है.
CG : सरकारी कर्मचारी पर गैंगरेप मामले में कार्रवाई शुरू, प्रिंसिपल समेत दो आरोपी सस्पेंड
मनेंद्रगढ़ : मनेंद्रगढ़ जिले के जनकपुर में नाबालिग छात्रा से हुए गैंगरेप मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद चारों आरोपी सरकारी नौकरी में जिस-जिस विभाग में पदस्थ थे उनपर विभागीय कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया है। वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब एक और कार्रवाई की गई है। लोक शिक्षण संचनालय ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपी प्रिंसिपल अशोक कुमार कुशवाहा और लेक्चरर कुशल सिंह परिहार को सस्पेंड किया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के पत्र के आधार पर की गई है।
छत्तीसगढ़ में लागू होगी इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी: मुख्यमंत्री की पहल पर तैयार हुई पॉलिसी, लागू करने वाला छत्तीसगढ़ होगा देश का दूसरा राज्य
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में जल्द इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू की जाएगी। वन विभाग द्वारा इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा, जहां इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी लागू होगी। अभी तक देश के एक मात्र राज्य केरल में यह पॉलिसी लागू है। इस पॉलिसी के लागू होने से राज्य में वनों का संवर्धन, जल स्त्रोतों का संरक्षण, मिट्टी का कटाव रोकने के साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
यह जानकारी वनमंत्री केदार कश्यप एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज नया रायपुर के मेफेयर में ‘क्लाइमेट रेसिलिएंट छत्तीसगढ़ हरित और सशक्त भविष्य की ओर’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए दी। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र एवं सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी राज्यों में जलवायु अनुकूलता और लो कार्बन आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करना और विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद स्थापित करना था।
कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और उससे निपटने के महत्व पर चर्चा की। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘जनजाति समुदाय सदैव जल, जंगल, और जमीन का संरक्षक रहा है। उन्होंने 1910 के भूमकाल आंदोलन का उल्लेख करते हुए जनजातीय समाज ने अंग्रेजों से अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। श्री कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी सरकार के सतत विकास लक्ष्यों का अभिन्न हिस्सा है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को पर्यावरण संरक्षण के आदर्श उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कैलाश पर्वत और भगवान शिव-पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के साथ उनके वाहन नंदी, बाघ, मूषक और मोर सबके एक साथ रहने के उदाहरण देते हुए सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन केवल चर्चा का विषय नहीं है; यह हमारे राज्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का माध्यम है।’ उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौधरी ने ग्रीन इकॉनमी, बायोफ्यूल, और सोलर एनर्जी पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को पर्यावरण नवाचारों और हरित निवेश में भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने क्लाइमेट स्टूडियो की स्थापना को स्वीकृति दी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नेटिव स्पीशीज के पौधों के रोपण, वन क्षेत्रों के विकास और वेटलैंड संरक्षण की योजनाओं पर जोर दिया। कार्यक्रम में राज्य और राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, शिक्षाविद और नीति-निर्माताओं ने व्यापक चर्चा की।
इस कार्यशाला में पर्यावरण और सामाजिक कार्यकर्ता प्रभात मिश्रा, सीड के डायरेक्टर डॉ. मनीष राम, क्रेडा के अभिषेक शुक्ला, झारखंड वन विभाग के रवि रंजन, पश्चिम बंगाल सरकार के चीफ एनवायरनमेंट ऑफिसर धर्मदेव राय, ठाकुर प्यारेलाल इंस्टीट्यूट निमोरा के डायरेक्टर पी. सी. मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अनिल श्रीवास्तव, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रदीप टंडन, आईआईएम रायपुर के डॉ. राहुल बी. हीरेमथ, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निनाद बोधनकर, सीजी कास्ट के साइंटिस्ट और कलिंगा विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज सिंह सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित थे।
शिक्षा विभाग बड़ी कार्रवाई: BEO, बीआरसी सहित इन अधिकारियों के वेतन पर लगी रोक...जानिये क्या है वजह
बस्तर : लापरवाही मामले में शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई । APAAR ID बनाने की लापरवाही मामले में सभी BEO, बीआरसी और सीआरसी के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया गयाहै। मामला बस्तर का है, जहां APAAR ID बनाने की जिले काफी सुस्त रफ्तार थी। पिछले दिनों हुई जिला स्तरीय आकलन में भी इसे लेकर चिंता जतायी गयी है। बैठक में APAAR ID के कामों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया था।
बावजूद एक माह में किसी तरह की प्रगति नजर नहीं आयी। बस्तर जिला पूरे प्रदेश में 28वें स्थान पर है। कामों में उल्लेखनीय प्रगति नहीं होने के बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मिशन समन्वयक के नवंबर माह के वेतन पर रोक लगा दी। जिसके अब जिला परियोजना कार्यालय की तरफ बीईओ, बीआरसी और सीआरसी के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए सभी के नवंबर माह के वेतन पर रोक लगा दी है।
आदेश में ये भी कहा गया है कि अगर एक सप्ताह के अंदर कामों में प्रगति नहीं देखी गयी, तो और भी कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

CG-ठंड की वजह से स्कूल के समय में हुआ बदलाव, जानिये अब कितने बजे से कितने बजे तक होगी संचालित
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी : छत्तीसगढ़ में अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। कई जगहों पर शीत लहरी और कड़ाके की ठंड का भी अलर्ट जारी किया जा रहा है। ठंड का प्रकोप देखते हुए कलेक्टर ने स्कूल की टाइमिंग में बदलाव किया है। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर कलेक्टर ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिया है।
जारी आदेश के मुताबिक दो पाली मं चलने वाली कक्षाओं की पहली पाली अब सुबह 9 बजे से 12.30 बजे तक संचालित होगी। वहीं दो पाली में संचालित होने वाली कक्षाओं की दूसरी पाली 12.45 से 4.15 तक चलेगी। वहीं एक पाली में संचालित होने वाली कक्षाएं 10.30 बजे 3.30 बजे तक संचालित होगी।

BREAKING : हाईकोर्ट ने पुलिस बल आरक्षक संवर्ग भर्ती 2023-24 पर लगाई रोक...जानिए क्या है पूरा मामला
बिलासपुर : पुलिस बल आरक्षक संवर्ग 2023-24 के पदों पर होने वाली भर्तियों पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। भर्ती प्रक्रिया के तहत राज्य के जिलों में आरक्षकों के अलग-अलग पदों पर भर्तियां होने वाली थीं। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच में हुई।
बता दें कि हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता बेदराम टंडन द्वारा दाखिल याचिका के मुताबिक यह आरक्षक संवर्ग 2023-24 भर्ती प्रक्रिया का पूरा मामला है, जिसके तहत राज्य के सभी जिलों में अलग-अलग पदों पर भर्ती होनी थी। इसमें याचिकाकर्ता के पुत्र ने राजनांदगांव में होने वाले कांस्टेबल जनरल ड्यूटी के लिए आवेदन दिया था। राजनांदगांव जिले में इस श्रेणी के तहत 143 पद जारी किए गए थे, लेकिन विज्ञापन जारी होने और फॉर्म भरने के बाद डीजी पुलिस ने सचिव को इस नियुक्ति प्रक्रिया में पुलिस विभाग में कार्यरत/EX SERVICEMEN कर्मचारियों के बच्चों को छूट देने संबंधी पत्र लिखा था।
पत्र में सुझाव देते हुए लिखा गया था कि भर्ती नियम 2007 की कंडिका 9(5) के तहत भर्ती प्रक्रिया के मापदंडों को शिथिल किया जा सकता है, जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान सीने की चौड़ाई और ऊंचाई जैसे कुल 9 बिंदुओं में शामिल थे। अवर सचिव ने इस सुझाव को स्वीकार भी कर लिया। इससे आहत होकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि केवल अपने विभाग के कर्मचारियों को छूट देना आम नागरिकों के साथ भेदभाव है, इसलिए इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। मामले में वकील द्वारा पेश की गई दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरक्षक संवर्ग 2023-24 के अलग-अलग पदों पर होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि क्योंकि नियमों को शिथिल करने का लाभ सभी पदों पर मिलता है, इसलिए सभी पदों पर होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी गई है।
CG : छत्तीसगढ़ में ट्रेन हादसा ! एकाएक 22 डिब्बे पटरी से उतरे, कई ट्रेनें रद्द, देखें लिस्ट
बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर मंगलवार को एक मालगाड़ी बेटपरी हो गई। हादसा खोंगसरा एवं भनवारटंक स्टेशनों के बीच मंगलवार सुबह करीब 11.11 बजे हुआ, जब एक लांग हाल मालगाड़ी के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए। नीचे देखिए हादसे की तस्वीरें।

कुछ डिब्बे पटरियों पर पलट गए। अप लाइन की इस घटना के चलते इस मार्ग पर अप एवं डाउन दोनों लाइनों पर परिचालन बाधित हुआ है। रेस्टोरेशन का कार्य शुरू किया गया है। इस मार्ग में परिचालन बाधित होने की वजह से कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से गंतव्य के लिए रवाना किया जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे बिलासपुर, रायगढ़, अनुपपुर, शहडोल, उसलापुर, दुर्ग, रायपुर एवं गोंदिया स्टेशन में हेल्प डेस्क बनाया है। इसके बिलासपुर में कुछ हेल्प लाइन नंबर 9752441105 एवं 1072 भी जारी किया है।
रेलवे ने इन घटना के कारण चार ट्रेनों को रद कर दिया है। वहीं दो के पहिए बीच रास्ते मे ही थम गए। इसके अलावा नौ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है।

इन ट्रेनों को किया रद्द
- 18258 चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस
- 18257 बिलासपुर- चिरमिरी एक्सप्रेस
- 18242 अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस
- 18241 दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस
गंतव्य से पहले रद्द ट्रेन
- 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू को पेंड्रारोड स्टेशन में समाप्त किया गया है।
- 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू को शहडोल स्टेशन में समाप्त किया गया है।
परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें
- 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्स्प्रेस परिवर्तित मार्ग बिलासपुर-गोंदिया-जबलपुर-कटनी मुड़वारा होकर योग नगरी ऋषिकेश पहुंचेगी।
- 12549 दुर्ग-मेजर कप्तान तुषार महाजन ऊधमपुर एक्सप्रेस दुर्ग-गोंदिया-जबलपुर होकर मेजर कप्तान तुषार महाजन ऊधमपुर पहुंचेगी।
- 12854 भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस जबलपुर-गोंदिया होकर दुर्ग पहुंचेगी।
- 12853 दुर्ग- भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस गोंदिया-जबलपुर होकर भोपाल जाएगी।
- 15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस जबलपुर-गोंदिया होकर दुर्ग पहुंचेगी।
- 15160 दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्सप्रेस गोंदिया-जबलपुर होकर भोपाल जाएगी।
- 20807 विशाखापत्तनम-अमृतसर हीराकुंड एक्स्प्रेस भी गोंदिया-जबलपुर- कटनी मुड़वारा होकर अमृतसर जाएगी।
- योग नगरी ऋषिकेश से रवाना हुई 18478 योग नगरी ऋषिकेश- पुरी कलिंग उत्कल एक्स्प्रेस परिवर्तित झांसी-भोपाल-इटासी-नागपुर-दुर्ग-बिलासपुर होकर पुरी जाएगी।
- मंगलवार को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली 12824 निज़ामुद्दीन-दुर्ग संपर्क क्रांति एक्स्प्रेस परिवर्तित मार्ग झांसी-भोपाल-इटासी-नागपुर-दुर्ग होकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेगी।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने किया अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में छत्तीसगढ़ पवेलियन का भ्रमण
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित 43वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन का भ्रमण कर प्रदर्शित वस्तुओं और उत्पादों की जानकारी ली। राज्यपाल ने पवेलियन में उपस्थित शिल्पकारों और उद्यमियों से बातचीत की एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। राज्यपाल ने कहा कि व्यापार मेला छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का एक बेहतरीन मंच है। उन्होंने राज्य की कला और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और विकास की झलक इस पवेलियन में देखने को मिलती है।
छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, और औद्योगिक विकास को प्रदर्शित किया गया है। छत्तीसगढ़ के शिल्पकार एवं कलाकारों द्वारा बेलमेटल शिल्प, कोसा सिल्क व जैविक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। पवेलियन में राज्य की नई औद्योगिक योजनाओं और निवेश की संभावनाओं को भी यहां दिखाया गया। इस दौरान नई दिल्ली में पदस्थ छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
CG : अनोखी सगाई : अंगूठी के साथ एक दूसरे को पहनाए हेलमेट, सड़क हादसे में गई थी पिता की जान
राजनांदगांव : जिले में एक अनोखा सगाई समारोह संपन्न हुआ है। इस सगाई में अंगूठी पहने की रश्म के साथ ही युवक और युवती ने एक दूसरे को हेलमेट पहनाया है और सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। दरअसल युवक के पिता की मृत्यु सड़क हादसे में हुई थी।
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम जारवाही निवासी ग्राम पंचायत भानपुरी में पदस्थ पंचायत सचिव बीरेन्द्र साहू की सगाई करियाटोला निवासी ज्योति साहू के साथ संपन्न हुई। इस दौरान युवक और युवती ने एक दूसरे को सगाई की अंगूठी के साथ ही हेलमेट पहनाकर सगाई की रश्म पूरी की। वहीं उपस्थित लोगों से बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की। बीरेन्द्र साहू साहू ने बताया कि उनके पिता का निधन सड़क हादसे में सिर पर चोट लगने की वजह से हुई थी। जब यह हादसा हुआ था तब उसके पिता हेलमेट नहीं पहने थे। इसके बाद से उनका पूरा परिवार हेलमेट के प्रति लोगों को जागरूक करता आ रहा है।
बीरेन्द्र और उनके भाई गांव में हेलमेट संगवारी के रूप में जाने जाते हैं। लोगों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करने के साथ ही इनके द्वारा हेलमेट दान किया जाता है और अब तक लगभग 11 हजार से अधिक हेलमेट बांट चुके हैं। इस सगाई समारोह के दौरान भी हेलमेट जागरूक का संदेश देने युवक और युवती ने एक दूसरे को हेलमेट पहनाया है।
CG - जेल प्रहरी को चकमा देकर कैदी हुआ फरार, जेल प्रहरी पर गिरी निलंबन की गाज...!!
धमतरी। जेल प्रहरी को चकमा देकर कैदी जिला अस्पताल से फरार हो गया। इस घटना के बाद पुलिस जेल प्रहरी को सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि पंचराम निषाद उर्फ पंचू चोरी के आरोप में जिला जेल में विचाराधीन बंदी था। उसके खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज है।
जानकारी के मुताबिक, चोरी और धोखाधड़ी के मामले में पंचू 15 सितंबर 2024 को गिरफ्तार हुआ था। पेट दर्द होने पर एम्बुलेंस से कैदी पंचू को प्रहरी जिला अस्पताल लेकर गया था। यहां अस्पताल के शौचालय में बैठकर हथकड़ी खोलकर कैदी फरार हो गया।
CG : युवक ने लिवइन में रह रही गर्लफ्रेंड की हत्या कर नाले के किनारे लाश को दफनाया, ऐसे खुला अंधे कत्ल का राज, आरोपी गिरफ्तार......
सूरजपुर। 10 महीने बाद अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ गई है। दरअसल युवक अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिवइन में रह रहा था, लेकिन उसकी पार्टनर की बेवफाई उसे रास नही आई। इस बात से नाराज युवक ने पहले तो अपनी गर्लफ्रेंड को मौत के घाट उतार दिया, फिर उसके बाद पुलिस से बचने के लिए उसने लाश को जंगल में ले जाकर दफना दिया। करीब 10 महीने बाद हुए इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को अरेस्ट कर लिया है।
ये पूरा मामला सूरजपुर जिला के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के खड़गवां चौकी का है। बताया जा रहा है कि गांव में रहने वाली सीमा पंडो शादीशुदा थी और उसके बच्चे भी थे। शादीशुदा होने के बाद भी सीमा पंडो ने पति को छोड़कर अपने मायके में रहने लगी थी। इसी दौरान सीमा का चंद्रिका राजवाड़े से नजदीकी बढ़ने लगी। दोनों के बीच प्रेम संबंध हुआ। साल 2017 से सीमा पंडा के साथ चंद्रिका राजवाड़े लिवइन में रह रहा था। इसी बीच 21 जनवरी 2024 से ही सीमा पंडो रहस्यमय ढंग से लापता हो गयी थी। परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करायी थी।
लगातार जांच के बाद भी सीमा का कोई सुराग नही मिलने पर पुलिस ने शक के आधार पर उसके लिवइन पार्टनर से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने जांच के बाद प्रेमी चंद्रिका राजवाड़े को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल लिया। आरोपी ने बताया कि 21 जनवरी 2024 को उसने सीमा की हत्या कर 2 किलोमीटर दूर सोनगरा के जंगल में शव गाड़ दिया था। इस खुलास के बाद रविवार को पुलिस ने तहसीलदार की मौजूदगी में आरोपी की निशानदेही पर कंकाल बरामद किया। मृतिका की मां इंद्रमणि ने कंकाल के गले में मिले माला से सीमा की पहचान की।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने हत्या की वजह बतायी। उसने बताया कि सीमा का उसके अलावा अन्य युवकों से भी अवैध था। इसे लेकर दोनों के बीच 21 जनवरी को विवाद हुआ था। विवाद के बाद उसने लाठी से सिर पर जानलेवा हमला कर सीमा की हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए उसने झांपी नाले के किनारे गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। इसके साथ ही सुराग मिटाने के लिए उसने सीमा के कपड़ों को भी जला दिया था। पुलिस ने इस खुलासे के बाद आरोपी चंद्रिका को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सेंट्रल जेल बनेगी देश की पहली ईको-फ्रेंडली जेल: कैदियों को दिया जा रहा रिसाइक्लिंग का प्रशिक्षण
बिलासपुर। ईको-फ्रेंडली (ग्रीन जेल) बनाने के लिए लघु, मध्यम तथा दीर्घकालिक अवधि लक्ष्यों को निर्धारित कर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू कर दिया गया है। इसके पहले चरण में जल संरक्षण, जल संवर्धन, ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक और पॉलिथीन मुक्त तथा रीसाइक्लिंग का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
बता दें कि रीसाइक्लिंग के लिए जेल स्टाफ और जेल में निरुद्ध बंदियों को प्रशिक्षण दिया गया है। बिलासपुर केंद्रीय जेल की सप्लाई में प्लास्टिक एवं पॉलिथीन के उपयोग को न्यूनतम किया गया है। साथ ही, प्लास्टिक एवं पॉलिथीन रीसाइक्लिंग के लिए जेल में ही प्लास्टिक ब्रिक्स बनाने का कार्य किया जा रहा है। पानी के युक्ततम उपयोग हेतु बंदियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे पानी की बर्बादी न हो। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी स्थानीय स्तर पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बिजली के दुरुपयोग को रोकने हेतु ऊर्जा ऑडिट कराया गया है। साथ ही, जेल स्टाफ को प्रशिक्षण देकर जागरूक किया गया है
जेल परिसर बनेगा शहर के लिए “ऑक्सीजन जनरेटर”
गौरतलब है कि केंद्रीय जेल बिलासपुर में पर्याप्त हरियाली है। एनजीओ के माध्यम से जेल परिसर में उपलब्ध वनस्पति तथा जीव (फ्लोरा और फौना) के सर्वे का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। सर्वे के आधार पर वनस्पति तथा जीवों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु रोडमैप बनाकर कार्यान्वित किया जाएगा। इसका मूल उद्देश्य यह है कि आगामी वर्षों में जेल परिसर बिलासपुर शहर के लिए “ऑक्सीजन जनरेटर” का कार्य करे। इसी तरह, कचरे (वेस्ट) प्रबंधन हेतु जेल में पहले से व्यवस्था है। इस व्यवस्था में सुधार कर गीले एवं सूखे कचरे का संग्रहण, पृथक्करण और डिस्पोजल के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु तथा पर्यावरण देने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल, बिलासपुर को “ईको-फ्रेंडली ग्रीन जेल” बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह जेल विभाग की ओर से समाज को एक सकारात्मक उपहार है।
ब्रेकिंग : हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को लगाई फटकार, सामने आई ये बड़ी वजह.....
बिलासपुर। बिलासपुर समेत प्रदेश के बड़े सरकारी अस्पतालों में पिछले कई महीनों से थायराइड, खून-पेशाब जैसी जरूरी जांच भी नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से मरीजों को प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था पर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में मामले की सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग को फटकार लगाई है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश अमितेंद्र किशोर प्रसाद की युगलपीठ में याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। शासन की तरफ से मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने व्यक्तिगत शपथपत्र पेश किया है। उपमहाधिवक्ता यशवंत कुमार ठाकुर ने शासन का पक्ष रखते हुए कहा रीजेंट की कमी दूर करने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं जिला अस्पताल में सेमी ऑटोमेटिक मशीन से जांच की जारी है, और सिम्स में भी जांच शुरू है।
मामले में हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि स्वास्थ्य विभाग में खरीदी गई लाखों की मशीनें सिर्फ रखने के लिए नहीं होनी चाहिए। इससे जांच हो और नियमित समय पर रिपोर्ट मिले, इसकी व्यवस्था सरकार और स्वास्थ्य विभाग को करनी होगी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नरों ने बताया कि अस्पतालों में जांच के लिए बायोकेमेस्ट्री मशीन और हार्मोनल एनालाइजर मशीन के लिए रीजेंट की कमी है।
CG - इस लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने 4 मिलर्स को जारी किया नोटिस, दी ये चेतावनी, जानिए क्या है पूरा मामला.....
बिलासपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के तहत समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान का उठाव जिले के मिलर्स द्वारा किया गया है। उपार्जित धान के अनुसार मिलर्स को नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन द्वारा समस्त मिलर्स द्वारा अनुबंध अनुसार शत्-प्रतिशत चावल जमा कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं। बावजूद इसके जिले के चार मिलर्स अब तक चावल जमा नहीं कर सके हैं।
जिले के कलेक्टर अवनीश शरण ने इस लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए चारों मिलर्स को नोटिस जारी किया है। इन मिलर्स को 30 नवंबर 2024 तक चावल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उनके द्वारा शासकीय धान उठाव के लिए जमा की गई प्रतिभूति राशि (बैंक गारंटी) को जब्त करते हुए वसूली की कार्रवाई की जाएगी। जिन मिलर्स को नोटिस जारी किया गया है, उनमें श्याम जी राइस इंडस्ट्रीज मोहतराई, सरदार एग्रो इंडस्ट्रीज, एस.डी. एग्रो फूड प्रोडक्ट और जेठू बाबा इंडस्ट्रीज बहतराई शामिल हैं।
