साहित्य
शिक्षित बच्चे ही गढ़ेंगे देश का भविष्य – रायमुनी भगत आदर्श विद्यालय में हुआ पालक-शिक्षक सम्मेलन व प्रवेशोत्सव
शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुरनगर में 07 अगस्त को पालक-शिक्षक सम्मेलन एवं प्रवेशोत्सव का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पण कर किया। मां सरस्वती की वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी गई।
अपने संबोधन में श्रीमती भगत ने कहा कि देश का भविष्य शिक्षित समाज से ही संवरेगा और उज्ज्वल बनेगा। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार आवास, भोजन, किताबें व ड्रेस जैसी सभी सुविधाएं दे रही है, छात्रों को केवल पूरी लगन से पढ़ाई करनी है। “आपका भविष्य उज्ज्वल होगा तो परिवार और राष्ट्र मजबूत बनेगा,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. अमरेंद्र (प्राध्यापक, शासकीय रामभजन राय इन ईएस महाविद्यालय) ने अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को सूचित करने का आग्रह किया। विद्यालय प्राचार्य खान वक्कारुज्जमां खां ने सम्मेलन की आवश्यकता व अन्य विषयों पर चर्चा की। विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कल्पना टोप्पो ने अभिभावकों से बच्चों की भावनाएं समझकर समस्याओं के समाधान में सहयोग देने की अपील की। एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती संझौती बाई ने शिक्षा को अभाव दूर करने का सबसे सरल उपाय बताया। व्याख्याता श्रीमती सुनीता केरकेट्टा ने नशामुक्ति पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य कृपा शंकर भगत, युवा समाजसेवी आशुतोष राय, सेवानिवृत्त प्रधानपाठक एल. डी. चौहान, श्री टी. गोसाई, सहायक बीईओ श्री अमित अंबष्ट, सीएसी, शिक्षक-कर्मचारी व बड़ी संख्या में पालक उपस्थित रहे।
प्रवेशोत्सव एवं अन्य आयोजन
मुख्य अतिथि ने नवप्रवेशित बच्चों का तिलक कर पुस्तक व गणवेश वितरित किए तथा हस्तछाप लिए। विशेष सेल्फी जोन में बच्चों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इको क्लब फॉर लाइफ के अंतर्गत गठित बाल कैबिनेट के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। वार्षिक परीक्षा 2025 में कक्षा में प्रथम स्थान पाने वाले छात्रों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आरोग्य रक्षा के तीन अचूक नियम
आरोग्य रक्षा के चिकित्सा का क्षेत्र बहुत तेजी से बढ़ रहा है। किन्तु जन स्वास्थ्य की दिशा में कोई प्रगति नहीं दिखाई दे रही । तरह-तरह की औषधियों का निर्माण चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन तथा वैद्य, हकीमों, की जितनी बढ़ोत्तरी इन दिनों हुई है, आरोग्य की समस्या जटिल होती दिखाई दे रही है । पड़े हुए साधनों से लाभ न हो तो यही समझना चाहिए कि हमारी जीवन पद्धति में कुछ दोष है । उसका स्वास्थ्य वाला पहलू कुछ अबूझ-सा है या उधर मनुष्य का ध्यान कम है। कुछ भी हो आरोग्य के जो मूलभूत प्राकृतिक सिद्धान्त हैं उन्हें मिटाया या भुलाया नहीं जा सकता। जीवन पद्धति में दोष हो तो औषधियों का कुछ महत्व नहीं, कोई उपयोगिता नहीं।
आरोग्य मनुष्य की साधारण समस्या है। थोड़े नियमों के पालन, साधारण-सी देख-रेख से वह पूरी हो जाती है किन्तु उतना भी जब मनुष्य भार समझकर पूरा नहीं करता तो उसे कडुआ फल भुगतना पड़ता है। थोड़ी-सी असावधानी से बीमारी तथा दुर्बलता को निमन्त्रण दे गैठता है। रहन-सहन में यदि पर्याप्त संयम रखा जाय तो कुछ थोड़े-से नियम है, जिसका पालन करने से मनुष्य आयु पर्यन्त उत्तम स्वास्थ्य का मुखोपभोग प्राप्त कर सकता है। उनमें से तीन प्रमुख हैं । (१) प्रातः जागरण (२) उषा पान (३) वायु सेवन । यह तीनों ही नियम सर्वसुलभ और पनिकर हैं, उनमें किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं जीनका पालन न हो सके, या जिसके लिए विशेष साधन जुटाने की आवश्यकता पड़े। प्रातः जागरण को संसार के सभी लोगों ने स्वाम्य के लिए अतिशय हितकर माना है। अग्रेजी कहावत है “जल्दी सोना और जल्दी उठना मनुष्यकोम्वस्थ, धनवान और बुद्धिमान बनाता है।”
‘ब्राह्म मुहूर्ते उत्तिष्ठेत्स्वस्थेअरक्षार्थ मायुषः ।’
प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में जाग उठने से तन्दुरुस्ती और उम्र बढ़ती है।
वेद का प्रवचन है –
उदय सूर उदिताअनामा मित्रो अर्थमा।
सुवाति सविता भगः ।। साम ।३।५॥
अर्थात्-प्रातःकालीन प्राण-वायु सूर्योदय के पूर्व तक निर्दोष बनी रहती है अतः प्रातःकाल जल्दी उठना चाहिए । इससे स्वास्थ्य और आरोग्य स्थिर रहता हैं तथा धन की प्राप्ति होती है।”
सिक्खों के धर्म ग्रन्थों में आया है-“अमृत बेला सचनाऊ”
अर्थात् प्रातःकाल जल्दी न उठने से बुद्धि मन्द पड़ जाती है, मेधा नहीं बनती और स्वास्थ्य गिर जाता है। आरोग्य रक्षा के नियमों में प्रातःकाल जागने में विश्व का एक मत है।
खतरनाक सांप, बचाव और उपचार के उपाय
भारत जैव विविधता वाला देश है और यहां विभिन्न प्रकार के सांप पाए जाते हैं और विशेष कर वर्षा ऋतु में यह मानव जन समुदाय के लिए अज्ञानता वश खतरनाक हो सकते हैं अतः इसके बारे में इस लेख में जानेंगे कि सांपों के बाईट से हम सुरक्षा कैसे पा सकते हैं।
हर साल 40 लाख सर्पदंश की घटनाएं, 50 हजार मौतें
जानिए खतरनाक सांप, बचाव और उपचार के उपाय
भारत जैसे देश में जहां खेती, जंगल और ग्रामीण आबादी का बड़ा हिस्सा जमीन से जुड़ा हुआ है, वहां सांप काटने (सर्पदंश) की घटनाएं आम हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि हर साल लगभग 40 लाख लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं, जिनमें से करीब 50 हजार की मौत हो जाती है। यह संख्या केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐसा गंभीर विषय है जिसे समझना और उस पर कार्य करना जरूरी है।
भारत में पाए जाने वाले खतरनाक साँप
भारत में 300 से अधिक प्रकार के साँप पाए जाते हैं, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही जानलेवा विषैले साँप (Venomous snakes) होते हैं। भारत में "Big Four" नाम से चार सबसे खतरनाक साँपों को जाना जाता है, जो अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार होते हैं।
1. इंडियन कोबरा (Indian Cobra)
पहचान: फन फैलाने वाला सांप, गर्दन पर 'ग्लास के आकार' का निशान होता है।
जहर का प्रकार: न्यूरोटॉक्सिक (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है)
काटने पर लक्षण: सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, मांसपेशियों में लकवा
2. रसेल वाइपर (Russell's Viper)
पहचान: शरीर पर 'V' या 'X' जैसे पैटर्न; मोटा और भारी शरीरजहर का प्रकार: हेमोटॉक्सिक (खून को जमाता है)काटने पर लक्षण: अत्यधिक सूजन, रक्तस्राव, किडनी फेलियर
3. सॉ स्केल्ड वाइपर (Saw-scaled Viper)
पहचान: छोटा लेकिन आक्रामक, शरीर पर आरी के दाँत जैसे निशान
लक्षण: तेजी से दर्द, सूजन, खून का बहाव, शरीर में जलन
4. कॉमन क्रेट (Common Krait)
पहचान: रात में सक्रिय, चमकदार काला शरीर और पतली सफेद धारियाँ
जहर का प्रकार: न्यूरोटॉक्सिक
काटने पर लक्षण: साँस रुकना, शरीर का सुन्न होना, बोलने या निगलने में कठिनाई
सर्पदंश की घटनाओं के पीछे के कारण
भारत में सर्पदंश की घटनाएँ अधिकतर गांवों, खेतों, जंगल क्षेत्रों और कच्चे मकानों में होती हैं। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं:
खेतों में नंगे पाँव काम करना
रात में बिना रोशनी के चलना
घर में दरवाज़े-खिड़की ठीक से बंद न होना
जंगल या बाड़ी में खुले में सोना
जानवरों के चारा लाते समय घास या लकड़ी में छिपे साँपों से संपर्क
सांप काटने पर प्राथमिक पहचान और लक्षण
सांप के काटने पर लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह विषैला था या नहीं। लेकिन सामान्य रूप से कुछ लक्षण दिखाई देते हैं:
विषैले सांप का लक्षण सामान्य सांप का लक्षण
दो गहरे दांत के निशान सिर्फ खरोंच या हल्के निशान
तेजी से सूजन और दर्द हल्की जलन या दर्द
उल्टी, साँस लेने में तकलीफ आमतौर पर कोई गंभीर असर नहीं
खून बहना, मूर्छा आना साधारण सूजन
सांप के काटने पर क्या करें? (प्राथमिक उपचार)
तुरंत करें:
1. शांत रहें और घबराएं नहीं
घबराहट से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।
2. व्यक्ति को लेटाएं और हिलने न दें
जितनी कम हरकत होगी, जहर का प्रसार उतना कम होगा।
3. काटे गए हिस्से को दिल से नीचे रखें
इससे जहर का प्रवाह धीमा होता है।
4. साफ पट्टी से ढीला बंधन करें
बहुत कसकर नहीं बाँधें, इससे रक्त संचार रुक सकता है।
5. जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचें
सरकारी या बड़े स्वास्थ्य केंद्र में एंटीवेनम (Antivenom) उपलब्ध होता है।
क्या न करें:
कभी भी जहर चूसने की कोशिश न करें
किसी तांत्रिक, झाड़-फूंक वाले या देसी इलाज पर समय न गवाएँ
पट्टी को बहुत कसकर न बाँधें
शराब या दवा खुद से न दें।
एंटीवेनम क्या है?
एंटीवेनम (Anti-venom) एक तरह की दवा होती है जो साँप के जहर को निष्क्रिय करती है। यह रक्त में जाकर विष के असर को कम या समाप्त कर देती है।
कैसे काम करता है?
विष के खिलाफ बने एंटीबॉडी शरीर में डाले जाते हैं।
इससे शरीर में मौजूद जहर निष्क्रिय हो जाता है।
यह सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में उपलब्ध है।
ध्यान दें: केवल योग्य डॉक्टर ही इसका निर्णय कर सकते हैं कि एंटीवेनम देना है या नहीं।
जागरूकता ही बचाव है भारत में सर्पदंश से बचाव के लिए सबसे जरूरी है जन-जागरूकता। यदि लोग सही जानकारी रखें और उचित समय पर उपचार लें, तो अधिकांश मौतें रोकी जा सकती हैं।
आर.डी.ए. बिल्डिंग के पीछे दोपहिया वाहन में प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बिक्री करते रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपियों को।
अलग- अलग थाना क्षेत्रों में निवासरत 50 से अधिक चाकूबाजों, हिस्ट्रीशीटरों एवं अपराधिक तत्वों को किया गया क्राईम ब्रांच हाजिर।
CG CRIME : नशे में धूत, भाई – भाई में विवाद… बीच बचाव करने आई बहु को जेठ ने उतारा मौत के घाट
चांपा। चांपा नगर के बेरियाल चौक से लगे खिरसाली पारा में जेठ ने बहु को उतारा मौत के घाट। आरोपी सूरज ठाकुर ने अपने छोटे भाई की पत्नी मतलब अपनी बहु सीमा ठाकुर 23 वर्ष को लड़ाई करते हुए मौत के घाट उतार दिया । जिसमे बीच बचाव करते हुए मृतक की मां के सर पर गंभीर चोटें आई है जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है जहा उनका उपचार जारी है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी कही भाग गया है बहरहाल पुलिस को घटना की सूचना मिलने पर घटना स्थल में आकर जांच तलाश में जुटी हुई है।
आपको बता दे की आरोपी सूरज नशा करने का आदि है आज भी नशे में धूत होकर घर आया उसके बाद अपने घर में भाई भाई में विवाद हो गया जिसमे बीच बचाव में आई अपनी बहु को राड से पीट कर मौत के घाट उतार दिया है जिसमे इसी बीच बीच बचाव में आरोपी की मां के सर पर भी गंभीर चोट आई है जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आपको जान कर हैरानी होगी कि मृतिका की 1 साल एवं 4 साल की दो बच्चियां है जिनके सर पर से मां का साया उठ गया है।
मंदिर में कार्य करने वाले कर्मचारी ही निकले मंदिर में चोरी के आरोपी
अपराधों की रोकथाम, तस्दीकी अभियान सहित अपराधियों पर नकेल कसने छापेमार कार्यवाही।
CG - दरिंदगी की सारी हदें पार! सिगरेट पीने बदमाश पहुंचे थे दुकान, अकेली पाकर बिगड़ी नीयत, दरिंदों ने घर में घुसकर महिला से किया गैंगरेप.....
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में बदमाशों ने एक महिला के घर में घुसकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया है। दो बदमाशों ने घर में घुसकर महिला को डरा-धमका कर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की धमकियों के कारण महिला ने 10 दिन बाद परिजनों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गैंग रेप की घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना कोनी थाना क्षेत्र की है।
पुलिस के मुताबिक जरहाभाठा ओमनगर निवासी धरमलाल सूर्यवंशी और देवराज वर्मा ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात से तीन दिन पहले दुकान जाकर धरमलाल ने महिला से उसका मोबाइल नंबर मांगा था, लेकिन महिला ने नंबर नहीं दिया। इसके बाद आरोपी ने दुकान के बाहर लिखा नंबर देखा और फोन करने लगा। दो दिन तक वो गांव में रहा। फिर वापस लौट गया। तीन दिन बाद दोस्त के साथ आया।
महिला ने पुलिस को बताया कि तीसरे दिन दोपहर धरमलाल उर्फ निहाल सूर्यवंशी और सरकंडा के मुक्तिधाम के पास रहने वाला देवराज वर्मा उसके घर से लगे दुकान आए थे। फिर सिगरेट खरीद कर बाहर पीने लगे। इस दौरान महिला दुकान बंद कर पानी लेने अपने घर गई। तभी महिला को अकेली पाकर दोनों उसके घर में घुस गए। दोनों ने महिला को डरा-धमका कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर दोनों ने धमकाते हुए कहा कि किसी को बताई तो तुझे जान से मार देंगे। आरोपियों की धमकियों से डरी-सहमी महिला 10 दिन बाद महिला ने परिजनों को घटना की जानकारी दी, इसके बाद कोनी थाने पहुंचकर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने सरकंडा और जरहाभाठा में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पति मानसिक रूप से पीड़ित था आयोग के निर्देश पर सेंदरी अस्पताल में हुआ स्वस्थ
धमतरी 17.12.2024 छ.ग. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक सदस्यगण श्रीमति सरला कोसरिया, सुश्री दीपिका सोरी एवं श्रीमति ओजस्वी मंडावी ने आज जिला धमतरी के कलेक्ट्रेट सभा कक्ष धमतरी में महिला उत्पीड़न की सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 298 वी. सुनवाई हुई। धमतरी जिला में आज 11 वीं सुनवाई हुई जिसमें कुल 11 प्रकरणों पर सुनवाई की गई।
आज के सुनवाई के दौरान आवेदिका ने महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक को फोन के माध्यम से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। मामला पूर्व में आवेदिका द्वारा शिकायत किया गया था कि उसके पति की मानसिक स्थिति बीमार होने की वजह से बिखर गया है उसके दो बच्चें भी है। पिछली सुनवाई में महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने पुलिस अधीक्षक धमतरी से टेलीफोनिक चर्चा कर आवेदिका के पति के ईलाज संबंधित निर्देशित किया था, जिसमें महिला सेल धमतरी के सहयोग से आवेदिका के पति को सेंदरी अस्पताल में ईलाज कराने हेतु भर्ती कराया गया था जिसमें वह आज पूर्णतः स्वस्थ होकर परिवार की जिम्मेदारी उठा रहा है। महिला आयोग के सहयोग की वजह से आज एक परिवार फिर से जुड़कर एक नया जीवन जीने की ओर तत्पर है।
उभय पक्ष उपस्थित छ.ग. झेरिया गढरिया (धनकर) समाज के अध्यक्ष उपस्थित हुए है। आवेदिका ने बताया कि उन्होने 35 वर्ष पूर्व अंर्तजातिय विवाह किया गया, जिस पर पिछली सुनवाई में अनावेदकगणों ने सामाजिक बैठक की सहमति दिया था जिसमें दिनांक 14.05.2024 को ग्राम-आहिवारा में समाज की बैठक में आवेदिका और उसके समाज के लोग भी पहुंचे थे किन्तु वहां अनावेदक क्र. 01 एवं 02 के द्वारा सार्वजनिक द्वारा माईक पर आवेदिका के परिवार का मजाक बनाया गया "सरकार इन लोगो को 02 लाख देती है मैं 30,000/-रू. दूंगा, जो सतनामी जाति से शादी करेगा तुम लोगो मे से कौन शादी करेगा" आवेदिका का कथन का समर्थन समाज के अध्यक्ष ने भी किया कि वह सामाजिक नियम के तहत् 2018 के पूर्व विवाह करने वाले को मिलाने के ही बैठक रखे थे जिसमें 30,000/- रू. देने की बात कही थी और आवेदिका को भरे समाज में लगातार अपमान किया था जो कि जिसके लिए आवेदिका इन दोनो के खिलाफ मान हानि एवं आपराधिक मामला प्रस्तुत कर सकती है समाज के अध्यक्ष एवं दोनो अनावेदकगणों को माफ करने का प्रस्ताव दिया गया जिस पर अनावेदक क्र. 01 एवं 02 ने दोनों ने हाथ जोड़कर माफी मांगाकि भरे समाज में जो कि आवेदिका का अपमान किया था उसके लिए वह माफी चाहते है और भविष्य में ऐसा कृत्य दोबारा नहीं करेंगे। अध्यक्ष ने आयोग से निवेदन किया गया है कि फरवरी में वार्षिक सभा में इस प्रकरण का अंतिम निराकरण कर दिया जायेगा और इस हेतु इस प्रकरण को आयोग के फरवरी माह में सुनवाई हेतु रखा गया है। आज की आर्डरशीट एवं आवेदन की कॉपी आवेदिका को निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है।
अन्य 07 लोगो ने 40 लाख का जेवर हड़प लिया था जिसके, शिकायत के पश्चात् एस. पी. धमतरी को कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया जिसमें आवेदिका का त्वरित निर्णय करने के लिए अपराधिक मामला दर्ज किया गया क्योंकि प्रकरण न्यायालय में विचारधीन होने के कारण नस्तीबद्ध किया गया।
आज के सुनवाई में उभय पक्ष को विस्तार से सुना गया जिसमें आवेदिका का कथन था कि जिसमें मितानिन पद से हटाया गया है क्योंकि वह अपना गुरू बनाई है. जिस हेतु उसने समाज में चंदा नहीं दिया है, इस कारण गांव वाले साजिस करके मितानिन पद से हटा दिये। अंत में आवेदिका ने बताया कि उसने प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है जिसके वजह से प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
उभय पक्ष उपस्थित आवेदिका ने अनावेदक से 22000/- रू. उधार लिया था जिसमें से 12000/- रू. वापस कर चुका है। 10,000/- रू में आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया है। पर आवेदिका 10,000/- रू. देना बाकी है. जिसे देने के देना शेष है। थाना अर्जुनी पुलिस के समझाईस करने लिए अनावेदक तैयार है। आयोग की समझाईस पर आगामी सुनवाई रायपुर में दिनांक 17.01.2025 को अनावेदक 10000/- रू. आवेदिका को देगा।
CG Crime : घर में ही पुष्पा बना नाबालिग, बंदूक से दादी पर की फायरिंग, फिर बोला- फ्लावर नहीं फायर है मैं...
छत्तीसगढ़। इन दिनों पुष्पा फिल्म का खुमार पूरे देश में छाया हुआ है। इस बिच खबर है कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक 16 साल के नाबालिग लड़के ने अपनी दादी पर ही गोली चला दी और उसने गोली चलाने के बाद पुष्पा मूवी का डायलॉग भी बोला - फ्लावर नहीं फायर हूं मैं..... ये घटना बिलासपुर के सीपत पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आनेवाले मटियारी ग्राम पंचायत की है।
जहां पर एक परिवार के आपस में विवाद के चलते अपने चाचा के परिवार से हुए विवाद में पुष्पा का डायलॉग मारते हुए अपने दादा की 37 साल पुरानी बंदूक से दादी पर ही गोली चला दी। इस फायरिंग में दादी समेत और एक शख्स घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। इस घटना के बाद नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
सीपत पुलिस स्टेशन के इंचार्ज गोपाल सतपथी ने जानकारी देते हुए बताया की दो परिवार के बीच पहले से ही पारिवारिक विवाद चल रहा था। इस बीच नाबालिग और उसके चाचा के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद देर तक दोनों के बीच विवाद होते रहा और गुस्से में आकर नाबालिग घर से बंदूक लेकर आया और फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में दादी और पड़ोस का एक शख्स घायल हो गए है। बताया जा रहा है की दोनों को गोली के छर्रे लगे है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाबालिग को हिरासत में लिया है और इसके साथ ही उसके पास से बंदूक भी जब्त की गई है। नबालिग पर 110 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
मृतक की पत्नी अकेले अपना नाम सम्पत्ति में नहीं चढ़ा सकती।
‘फ्लावर नहीं, फायर है मैं’, पुष्पा फिल्म का डॉयलाग बोलते हुए नाबालिग ने किया फायर
बिलासपुर। परिवारिक विवाद के बीच गुस्साए नाबालिग ने पुष्पा फिल्म के डॉयलाग “पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या, फ्लॉवर नहीं ,फायर है मैं” बोलकर अपने दादा की लाइसेंसी बंदूक से फायर कर दिया, जिससे उसकी दादी और एक युवक घायल हो गए. घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची सीपत पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेकर बंदूक को जब्त कर लिया है.
सीपत थाना टीआई गोपाल सतपथी के मुताबिक, 13 दिसंबर की रात 16 वर्षीय बालक और उसके चाचा के बीच परिवारिक बातों को लेकर विवाद हो रहा था, जिससे आसपास पड़ोसी व रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी. करीब आधा घंटे से दोनों एक दूसरे के साथ गाली-गलौज कर रहे थे. इसी बीच गुस्से में आकर नाबालिग दौड़ते हुए अपने घर गया, जहां से भरमार बंदूक लेकर बाहर निकला, और जोर से पुष्पा फिल्म का डॉयलाग “पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या, फ्लॉवर नहीं, फायर है मैं” बोलते हुए जमीन पर फायर कर दिया.
भरमार बंदूक की फायरिंग से निकला छर्रा जमीन से उछलकर पास खड़ी दादी और आशीष शिकारी नामक युवक के दाएं हाथ पर लगा, जिससे दोनों घायल हो गया. फायरिंग की सूचना पाकर सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर नाबालिग को हिरासत में लेकर लाइसेंसी बंदूक जब्त की गई. वहीं घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है. पीड़ित आशीष की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नबालिग के खिलाफ 110 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

जनकारी के मुताबिक, बंदूक का लाइसेंस आरोपी नाबालिग के दादा के नाम पर है, जो 1987 को शासन के द्वारा जारी किया गया था. तब से बंदूक घर पर थी. इससे पहले कभी भी बंदूक का उपयोग नहीं किया गया. घटना के बाद टीआई ने बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने प्रशासन को पत्र भेजा है.
’साईबर युद्ध एवं साईबर योद्धा’’ नाम से आयोजित किया गया साईबर जन-जागरूकता कार्यशाला
रायपुर में जमीनी विवाद का नया मोड़: युवा कांग्रेस नेता का विवादित वीडियो वायरल
*लाइसेंसी बंदूक का उपयोग क्या आत्मरक्षार्थ भी नहीं किया जा सकता ?*
*लाइसेंसी बंदूक का उपयोग क्या आत्मरक्षार्थ भी नहीं किया जा सकता ?*
*लायसेंसी हथियार से हवाई फायरिंग करने वाला आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार*
लायसेंसी हथियार से हवाई फायरिंग करने वाला आरोपी हरदयाल सिंह गिरफ्तार : संपत्ति को लेकर दोनो पक्षों के मध्य हुआ विवाद *
आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 619/24 दर्ज कर धारा 296,115(2),351(2) बी.एन.एस. एवं 25, 30 आर्म्स एक्ट के तहत् की गई कार्यवाही* पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 11.12.2024 को मोह. तबरेज ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि इसके द्वारा अपने पत्नी के नाम से ग्राम पंडरीतराई, प.ह.नं. 109, वार्ड क्रमांक 24 रविशंकर शुक्ल वार्ड रायपुर स्थित 2242 वर्गफुट भूमि को वर्ष 2011 में वीरेन्द्र सिंग से खरीदकर रजिस्ट्री कराया है। जिसका सीमांकन कराने हेतु दिनांक 11.12.2024 को मौके पर जमीन विक्रेता वीरेन्द्र सिंह, प्रदीप मुखर्जी एवं मजदूर के साथ उपस्थित होकर जमीन का साफ सफाई करवा रहे थे, साथ ही राजस्व विभाग से सीमांकन हेतु आने वाले अधिकारियों का इंतजार कर रहे थे तभी सरदार हरदयाल सिंग वहां आकर मां बहन की गाली गलौच, जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट किया और अपने पास रखे 22 बोर बन्दूक से हवा में फायरिंग कर दिया।
यहां सवाल यह उठता है कि जब सीमांकन के लिए आर आई, पटवारी और अन्य अधिकारी आने वाले थे तो उससे पहले उसे भूमि पर साफ सफाई का प्रयोजन क्या था ? शिकायतकर्ता आर ए पटवारी और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति के पहले प्लॉट की साफ सफाई करने क्यों पहुंचे ? सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता के खिलाफ हाई कोर्ट ने आदेश भी जारी किया था जिसके अनुसार उक्त भूमि आरोपी हरदयाल सिंह की ही थी | ऐसे में पुलिस द्वारा हाई कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर आत्मरक्षार्थ लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायर करने वाले आरोपी बनाए गए हरदयाल सिंह के खिलाफ कार्यवाही समस्या परे है| अपनी लाइसेंसी बंदूक से भूमि विवाद पर शिकायत कर्ता द्वारा जबरन कब्जा करने वालों के खिलाफ हवाई फायर करने के मामले में शिकायत कर्ता की रिपोर्ट पर थाना सिविल लाईन रायपुर में अपराध क्रमांक 619/2024 धारा 296,115(2),351(2) बी.एन.एस. एवं 25, 30 आर्म्स एक्ट दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हूए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये। जिस पर थाना सिविल लाईन पुलिस की टीम द्वारा आरोपी हरदयाल सिंग को पकड़कर पूछताछ करने पर उसके द्वारा घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। जिस पर आरोपी के कब्जे से 01 नग 22 बोर बन्दूक जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही किया गया है। गिरफ्तार आरोपी हरदयाल सिंग पिता थम्मन सिंग उम्र 68 साल पता रविनगर, शुक्ला कालोनी, थाना सिविल लाईन रायपुर।
