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अब UAV ड्रोन से होगी नक्सलियों की निगरानी, लाल आतंक को मिट्टी में मिलाने की तैयारी

बस्तर: साल 2024 काल बनकर नक्सलियों के लिए आया है. साल के शुरुआत से लेकर अभी तक जवानों ने नक्सिलयों को करारी चोट पहुंचाई है. साल के शुरुआती छह महीनों में ही एनकाउंटर, सरेंडर और गिरफ्तार की घटनाओं में 1000 से ज्यादा नक्सली खत्म हो चुके हैं. सबसे ज्यादा संख्या सरेंडर करने वाले माओवादियों की है. नक्सलियों के खिलाफ लोन वर्राटू से लेकर पूना नार्कोम अभियान तक रंग ला रहा है. बस्तर में जवानों की बढ़ती धमक के चलते माओवादी अब अपनी मांद भी सुरक्षित नहीं हैं.

नक्सलियों पर UAV ड्रोन से रखी जाएगी नजर: नक्सलवाद के समूल नाश के लिए अब फोर्स नई रणनीति पर काम करने जा रही है. फोर्स अब जंगल में छिपे माओवादियों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी करेगी. फोर्स अब माओवादियों के मूवमेंट पर UAV के जरिए नजर भी रखेगी और ऑपरेशन भी ऑपरेट करेगी. सैटेलाइट रडार के जरिए नक्सलियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा. हिंसक गतिविधियों में भी कमी आएगी. रडार से मिलने वाले सिग्नल सीधे सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड कंट्रोल रुम में पहुंचेंगे.

”माओवादियों के खिलाफ प्रभावी रूप से कार्रवाई करने के लिए जितने उपकरण पुलिस के पास मौजूद हैं उसका बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. सुरक्षात्मक दृष्टि से तकनीक और संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. नियमों के मुताबिक हम इस संबंध में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं. हमें माओवादियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिली है. आने वाले दिनों में हम कई और सफलता को हासिल करेंगे

नक्सलियों के खिलाफ अब ऑपरेशन होगा घातक: कंट्रोल रुम में मिले सिग्नल से फोर्स को मूव करने में आसानी होगी. समय पर आतंक के खिलाफ एक्शन चलाया जा सकेगा. UAV ड्रोन की खासियत होती है कि ये 15000 फीट की उंचाई से नीचे की चीजों को देख लेता है. इसकी एक और खासियत है कि ये 200 किमी के दायरे में अपने कैमरों की मदद से निगरानी कर सकता है. बस्तर में ऐसा पहली बार होने वाला है जब बस्तर में फोर्स की मदद के लिए UAV ड्रोन की मदद ली जा रही है. बारिश से लेकर धुंध के मौसम में भी ये आसानी से काम कर सकेगा.

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’धरती माँ का श्रृंगार और हरियाली का जतन: एक पेड़ माँ के नाम’

भारतीय संस्कृति में माँ सदैव पूजनीय रही हैं। माँ की महिमा को अलग-अलग धर्मों में विभिन्न तरीकों से वर्णित किया गया है। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों से आह्वान किया है कि आइए माँ के नाम एक पेड़ लगाइए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुधारना और धरती माँ को हरियाली से सजाना है।
 
भारत भूमि पर पेड़-पौधों का महत्व हमारे धर्मग्रंथों में व्यापक रूप से वर्णित है। जिस तरह अलग-अलग अंचलों में विभिन्न बोली-भाषाओं का चलन है, उसी प्रकार यहाँ विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे भी पाए जाते हैं। प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल को साकार करने के लिए हर व्यक्ति माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाए।
 
धरती माँ का श्रृंगार हरियाली में निहित है। हमारी धरती को माँ के रूप में माना गया है और माटी को भी माँ का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने अनुपम सौगात दी है, जहाँ लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। सरगुजा संभाग हरियाली का मुकुट धारण किए हुए है और बस्तर अंचल हरियाली के श्रृंगार से सजा हुआ है। यहाँ के मोहला और गरियाबंद के जंगल भी मन को मोह लेते हैं।
 
इस समय प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के लिए वन विभाग सहित शासकीय, अशासकीय संस्थाओं और समितियों द्वारा पौधारोपण जोर-शोर से किया जा रहा है।
 
धरती को उर्वरा, मौसम को खुशनुमा, स्वच्छ पर्यावरण, प्रदूषण रहित हवा, जलस्रोत को बढ़ावा और जल-जमीन-जंगल और जीवों के जतन की जिम्मेदारी हम सबकी सहभागिता से पूरी होगी। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को फिर से बेहतर बनाने के लिए हमें ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान में हिस्सेदारी करते हुए पौधे लगाना होगा।
 
परिवार के हर सदस्य को एक पौधा रोपण करने की आवश्यकता है इनकी देखभाल छोटे बच्चों की तरह देखभाल करनी होगी। जब यह पौधा पेड़ बनेगा, तो यह प्राणवायु के साथ फल देगा, माँ के आँचल की तरह इसके पत्ते लह-लहाएँगे, पेड़ों में चिड़ियों का वास होगा और उनकी चह-चहाहट सुनने को मिलेगी। इससे वर्तमान और नई पीढ़ी पेड़-पौधों की महत्ता को समझ सकेगी।
 
आओ, हम सब मिलकर इस पहल में भाग लें और धरती माँ को हरियाली का श्रृंगार पहनाएँ। एक पेड़ माँ के नाम लगाकर हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएँ। इससे न केवल धरती हरी-भरी होगी, बल्कि हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
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अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारा, होलसेल कारीडोर और स्मार्ट टूरिज्म से आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ चेम्बर

भारत सरकार वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. अरविंद पनगड़िया को चेम्बर
ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव सौंपे

-- चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष के सुझावों को वित्त आयोग के अध्यक्ष ने बेहतर बताया

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भारत सरकार वित्त आयोग के अध्यक्ष डाॅ. अरविंद पनगड़िया को छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव सौंपे। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि 16 वें वित्त आयोग की बैठक में व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के समग्र  विकास हेतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सुझाव को वित्त आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया। चेंबर के सुझाव पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वित्त आयोग के अध्यक्ष ने हामी भरते हुए चेम्बर के पदाधिकारियों से जानकारी ली व सुझावों को बेहतर बताया।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि वित्त आयोग के अध्यक्ष को होलसेल कारीडोर से आर्थिक गलियारा के महत्व पर हमने विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही प्रदेश में सर्विस सेक्टर के बढ़ावे के लिए निवेदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में सर्विस सेक्टर अभी भी 10-12 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। इसमें इजाफा होने से आर्थिक प्रगति तेजी से आगे बढ़ सकती है।
श्री पारवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने खनिज सम्पदा, संस्कृति, प्राकृतिक सुन्दरता तथा आर्थिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है।  छत्तीसगढ़ में अनेक संभावनाएं है जिन्हें सहायता प्रदान करने से प्रदेश के आर्थिक विकास को बल मिलेगा साथ ही देश की आर्थिक प्रगति में वृद्धि होगी एवं सरकार को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी। अतः 16 वें वित्त आयोग की बैठक में व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के समग्र विकास हेतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से विभिन्न सुझाव सौंपे गए।
सुझाव निम्नानुसार हैः-

1.छत्तीसगढ़ को राष्ट्रिय आद्योगिक गलियारा परियोजना में शामिल करने हेतु:- भारत की अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहता है, छत्तीसगढ़ प्रदेश एक भू आवेष्ठित राज्य है जिसकी सीमा सात राज्यों से जुडी हुई है तथा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र एक दूसरे पर निर्भर होते हैं। भारत सरकार ने विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए पूरे भारत में 10 से अधिक औद्योगिक गलियारे विकसित किए हैं। इनमें से कोई भी औद्योगिक गलियारा छत्तीसगढ़ से होकर नहीं गुजरता है। हम आयोग से अनुरोध करना चाहेंगे कि वह छत्तीसगढ़ में भी ऐसे गलियारों के विकास की सुविधा प्रदान करें। ऐसा ही एक गलियारा नागपुर रायपुर गलियारा हो सकता है तथा वर्तमान में रायपुर विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा विकसित किया जा रहा है जिसे औद्योगिक गलियारा घोषित किया जा सकता है।



2.होलसेल कॉरिडोरः- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन विकसित भारत 1947 के तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने ऐसे होलसेल कोरिडोर की स्थापना करना जो भारत के साथ साथ पुरे दक्षिण मध्य एशिया का सबसे बड़ा और विकसित होलसेल कोरिडोर होगा जो न केवल छत्तीसगढ़ राज्य की बल्कि भौगोलिक रूप से प्रदेश के सीमा से लगे उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, और झारखंड जैसे राज्यों की मांग की पूर्ति करें और व्यापार को नई दिशा और गति दे साथ ही साथ संपूर्ण भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ मॉडल के एक अनूठे और सबसे वृहद व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। जिसका प्रभाव यह होगा की अन्य राज्यों में भी इस तरह की परियोजनाओं को बल मिलेगा जो स्थानीय उत्पादों, कृषि उत्पादों, नविन एवं विनिर्माण इकाइयों के साथ ही आर्थिक गतिविधियों का सबसे बड़ा स्थान होगा।

(अ)प्रदेश में स्थित दक्षिण मध्य एशिया का सबसे बड़े होलसेल कॉरिडोर की पहचान संपूर्ण भारत में अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत रूप में होगी।
(ब) नए-नए रोजगार के अवसर और साथ ही लाखों  लोगों के लिए प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा।

(स)राज्य के सहयोग और व्यापारियों की प्रतिबद्धता से क्षेत्रीय स्तर के ग्रामीण जनता के विकास और जीवन स्तर में बदलाव होगा।

(द)छत्तीसगढ़ की जीडीपी में वृद्धि और साथ ही साथ जीएसटी एवं अन्य करों में भी वृद्धि होगी जो देश के आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करेगी।

3.स्वामी विवेकानंद विमानतल को अंतर्राष्ट्रीय विमानतल तथा कार्गो हब घोषित किया जाएः- रायपुर विमानतल देश के बिल्कुल मध्य में स्थित होने के कारण देश के किसी भी कोने से दो घंटे के अंदर कोई भी सामान भेजा और मंगाया जा सकता है, अतः कार्गो हब की स्थापना अत्यंत ही आवश्यक है, क्योंकि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है, रायपुर से फल, सब्जियाँ एवं फूल इत्यादि दूसरे शहरों को भेजा जाता है तथा एयर कार्गों के द्वारा रोजाना 20 से 25 टन सामान जिसमें दवाईयाँ, जड़ीबूटियां, फल, मशीनों के पाट्र्स इत्यादि बहुत सी चीजें रायपुर में आती है। कृषि उड़ान योजना को छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी लागू किए जाने से कृषि बहुल प्रदेश छत्तीसगढ़ को भी अधिक लाभ होने की संभावना है। अतः रायपुर में कार्गो हब बनाये जाने की अत्यंत आवश्यकता है।

4..स्मार्ट टूरिज्मः-स्मार्ट टूरिज्म एक महत्वपूर्ण घटक है जो आर्थिक विकास के प्रमुख घटकों में से एक हो सकता है, जो रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बन सकता है क्योंकि पर्यटन स्थल दुरान्चलों में होते हैं जहां रोजगार और अधोसंरचना का आभाव होता है, जिसके विकसित होने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। प्रदेश आर्थिक प्रगति करेगा।  विभिन्न देश जैसे सिंगापुर, दुबई, थाईलैंड आदि का आर्थिक स्त्रोत स्मार्ट टूरिज्म है, जबकि वहां कृत्रिम रूप से पर्यटन स्थल तैयार किया गया है, वरन हमारा प्रदेश प्राकृतिक सुन्दरता से परिपूर्ण है प्राचीन मंदिर, स्मारक, झरने प्रदेश की संस्कृति एवं विविधताओं से भरा हुआ है, जिसे स्मार्ट टूरिज्म के द्वारा आर्थिक स्त्रोत का एक प्रमुख माध्यम बनाया जा सकता है इससे प्रदेश के आर्थिक विकास में दूरगामी परिणाम मिलेंगे और ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।      

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छत्तीसगढ़ में मानसून ने बदली करवट, प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी, इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम....

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी से राहत के साथ-साथ खेती-किसानी में तेजी आई है। शनिवार को सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों में एक या दो इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 9 जिलों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर में भारी बारिश की उम्मीद है। मानसून ट्रैकर के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सबसे अधिक बरसात कोरबा जिले में हुई है। यहां पर 95 मिली मीटर दर्ज की गई।

इसके बाद सरगुजा जिले में 75.7 मिली मीटर, बलरामपुर जिले में 70 मिली मीटर, दंतेवाड़ा में 63.1 मिली मीटर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 47.9 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश में अब तक औसत से 31 फीसदी कम बारिश हुई है।
 

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पुलिस की तीसरी आंख बंद, देख-रेख के अभाव में CCTV कैमरे हो रहे खराब, शहर के चौक चौराहों में लगे हैं कैमरे...

 मनेन्द्रगढ़। मनेन्द्रगढ़ शहर में सुरक्षा और अपराध की रोकथाम करने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस की तीसरी आंख यानी कि C.C.T.V. कैमरा लंबे समय से बंद पड़ी है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे यह कैमरे बदहाल हालत में पड़े है। दरअसल अपराध की रोकथाम और अपराधियों को पकड़ने में सहूलियत के मकशद से  2014 में शहर के दीनदयाल चौक, भगत सिंह चौक,बस स्टैंड के साथ अन्य प्रमुख चौक चौराहों पर व्यापारियों और प्रशासन की संयुक्त प्रयास से  C.C.T.V. कैमरे लगवाए गये थे. 
 
Manendragarh News: मगर देख-रेख के अभाव में अधिकांश कैमरे बंद हो चुके है। इस संबंध में जिले के एसपी चंद्रमोहन सिंह ने कहा कि शहर में लगे सभी कैमरों की जांच कराकर जल्द ठीक कराया जाएगा. साथ ही शहर के व्यापारों से आग्रह कर अपनी-अपनी दुकानों में C.C.T.V. कैमरे लगवाने की अपील की जाएगी अब देखना होगा कि वर्तमान स्थित में सबसे अधिक जरूरत के इन C.C.T.V. कैमरों को कब तक सुधार हो पाता है।
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जयसिंह के वर्षों का घर बनाने का सपना हुआ साकार

अपने खुद के घर का सपना सभी देखते हैं। स्वयं का एक पक्का मकान हो, जिसमें वह परिवार के साथ सुख से जीवन यापन करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में इस दिशा में बेहतर कार्य करते हुए सुकमा जिले में जरुरतमंदों के लिए पीएम आवास योजना के तहत पहली प्राथमिकता के साथ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसके परिणामस्वरुप पूरे सुकमा जिले में तेजी से पीएम आवास योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। पीएम आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के तहत हजारों लाभार्थियों को बकाया किश्त जारी होने के बाद अब अधिकांश लोगों का मकान पूर्ण हो गया है।

सुकमा जिले के जनपद पंचायत छिन्दगढ़ के ग्राम पंचायत किन्दरवाड़ा निवासी लाभान्वित हितग्राही श्री जयसिंह उर्फ राजूराम ने बताया कि पहले अपने परिवार में पत्नी श्रीमती श्यामबती नाग और पुत्र अमित नाग के साथ पुराने कच्ची छत और मिट्टी की दीवार वाले झोपड़ी में रहते थे। जिसमें रहने के लिए परिवार के साथ काफी कठिनाई का सामना करना पडता था, कच्ची छत होने के कारण हमेशा बारिश के समय छत से पानी टपकने के कारण हम पूरे परिवार कई रात ठीक से सो भी नहीं पाते थे। उन्होंने बताया कि हमारी आय खेती एवं गांव में ही मजदूरी पर निर्भर है। साीमित आय होने के कारण आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम पक्का बना पाये। उन्होंने बताया कि गांव में ही ब्लॉक कोर्डिनेटर सुश्री नेहा मंडावी ने पीएम आवास के बारे में जानकारी दी।

हितग्राही श्री जयसिंह ने बताया कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास की स्वीकृति पश्चात् देखते ही देखते पूरी किश्त मिलने से हमारे बरसों का घर बनाने का सपना पूरा हुआ। अपने पक्के आवास का निर्माण कर लिया एवं अपने पक्के मकान में मनरेगा से मजदूरी भुगतान पाए साथ ही स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत एकलबत्ती कनेक्शन से बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मिली है। पक्के मकान में अपने परिवार के साथ खुशी से जीवन यापन करते हैं। श्री जयसिंह ने स्वयं के पक्के आवास में निवास कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद व्यक्त किया।

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राम मंदिर में गूंजा नारा, छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम

अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में श्री रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति  के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान श्री राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी। वही साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा आज पूरी हो गई। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सहित उनके कैबिनेट के सदस्यों ने आज अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भाँचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर तथा पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू तथा कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रभु श्री राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए आज अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब    अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं।
फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है।  हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे।
उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि  रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूँ।
रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की  है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश के बहुत से श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ ले चुके हैं। उन सबसे श्रीरामलला के भव्य मंदिर और उनकी मंजुल मूर्ति की प्रशंसा सुनकर मन बहुत प्रसन्न होता था। आज हमें भी रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के कैबिनेट के सहयोगी उपमुख्यमंत्री   अरुण साव,  विजय शर्मा, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री  टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही  किरण देव,  अजय जामवाल एवं  पवन साय भी मौजूद रहे।

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BREAKING : दिव्यांग व्यक्ति की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या, हत्यारे की तलाश जारी

जांजगीर चांपा : जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां ग्राम डोंगा डोंगाकहरौद में एक दिव्यांग की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव को तालाब किनारे फेंका गया है। वहीं घटना स्थल पर 20 मीटर घसीटने के निशान भी मिले है। सुचना पर पहुंची पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है। वहीं हत्या की वजह का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है, पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम अज्ञात आरोपी की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि मृतक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।

 
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राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रभु से करेंगे कामना-CM विष्णुदेव साय

राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम

 राम काज और राम भक्ति की इसी गहरी भावना के साथ ननिहाल का स्नेह और भक्ति लेकर अयोध्या धाम में भांचा राम के दर्शन के लिए निकले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके कैबिनेट के सहयोगी

कहा - प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रभु से करेंगे कामना

प्रभु श्री राम के लिए उपहार स्वरूप ले जा रहे माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण के मीठे बेर और पानी

 प्रभु को विष्णु भोग चावल, सीताफल और मिष्ठान्न के लिए अईरसाऔर करी लड्डू का लगाएंगे भोग

 प्रभु की वस्त्र सज्जा के लिए स्थानीय कोसे से बने वस्त्र भी

 मुख्यमंत्री ने जो उपहार की थाली तैयार की है उसे गौर करें तो पाएंगे कि इसके सभी पदार्थ राम कथा से संबंधित ही है चाहे विष्णु भोग हो चाहे सीताफल हो, सबसे प्रभु के छत्तीसगढ़ प्रवास का दिव्य स्मरण होता है

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CG - तुमसे ही शादी करूंगा कहकर साढ़े 3 साल तक लूटता रहा अस्मत,फिर जो हुआ,आरोपी गिरफ्तार…

अंबिकापुर :- युवक ने युवती से जान-पहचान बढ़ाई और उससे बातचीत करने लगा। इसी बीच युवती के किराए के मकान में पहुंचकर उसने कहा कि वह उससे प्यार करता है और उससे ही शादी करेगा। इसके बाद उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद से साढ़े 3 साल तक वह उससे बलात्कार करता रहा। फरवरी माह में उसने शादी से इनकार कर दिया। 2 दिन पूर्व युवती ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को सुभाषनगर गांधीनगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

अंबिकापुर क्षेत्र अंतर्गत किराए के मकान में रहने वाली एक युवती ने 10 जुलाई को थाने में बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि जशपुर जिले के ग्राम आस्ता निवासी मकसूद अंसारी 24 वर्ष से उसकी पूर्व में जान-पहचान हुई थी। इसके बाद से युवक उससे मोबाइल पर बात करने लगा।

युवती ने बताया कि 11 अगस्त 2020 को वह उसके रूम पर आया और कहा कि वह उसे पसंद करता है और शादी भी करेगा। झांसे में लेकर उसने उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद से उसने 14 फरवरी 2024 तक उसके साथ कई बार बलात्कार किया। युवती की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी की खोजबीन शुरु की।

युवती की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2-एन) दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरु की। इसी बीच पुलिस ने आरोपी मकसूद अंसारी को गांधीनगर थाना क्षेत्र के महावीर हॉस्पिटल के सामने स्थित मकान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, उप निरीक्षक रंभा साहू, प्रधान आरक्षक सदरक लकड़ा, शत्रुधन सिंह, आरक्षक दीपक दास, अनुराग, चित्रसेन, शिवमंगल सिंह व मोतीलाल केरकेट्टा शामिल रहे।

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CG : पिता-पुत्र के पास बोरे में भरी मिली ऐसी चीज...देखते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार,जानिए मामला…

अंबिकापुर. कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास से 110 नग नशीले कफ सिरप के साथ पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। दोनों झारखंड के गढ़वा से बोरे में प्रतिबंधित कफ सिरपलेकर पहुंचे थे और इसे खपाने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर प्रतिबंधित सिरप जब्त कर लिया। इसकी कीमत 88 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को जेल भेज दिया है।

कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास 2 व्यक्ति कफ सिरप बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी की।जब पुलिस ने दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उनके पास रखे प्लास्टिक के बोरी में 110 नग नशीला कफ सिरप मिला। इसके बाद पुलिस ने बोरे में भरा सिरप जब्त कर लिया। इसकी कीमत बाजार में 88 हजार रुपए बताई जा रही है।

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थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया

थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया रायपुर, 12 जुलाई 2024 ऊर्जा और पर्यावरण समाधान प्रदान करने और एनर्जी ट्रांजिशन के मामले में विश्वसनीय भागीदार थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में आयोजित अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया, जो इस क्षेत्र के उद्योगों को पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभों की पेशकश करता है। छत्तीसगढ़ लौह अयस्क, डोलोमाइट और कोयला जैसे खनिजों का अग्रणी उत्पादक राज्य है। यह भारत के 15% स्टील और 100% एल्युमीनियम का उत्पादन करता है। छत्तीसगढ़ 2024-29 के लिए अपनी नई औद्योगिक नीति और अपने सतत विकास लक्ष्यों को तैयार करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और थर्मेक्स के एनर्जी ट्रांजिशन समाधान इस क्षेत्र का नेतृत्व और समर्थन करना जारी रखेंगे। रिडिस्कवर के छत्तीसगढ़ संस्करण में थर्मेक्स के नवीनतम इनोवेशन और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों को प्रदर्शित करने पर ध्‍यान दिया गया है। इस कार्यक्रम में भाप और बिजली उत्पादन, वायु प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ बायो-सीएनजी, कोयला गैसिफिकेशन, सौर और पानी एवं अपशिष्‍ट पानी के लिए नवीनतम तकनीकों वाले महत्‍वपूर्ण समाधानों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इन-हाउस विकसित एमवीआर (मैकेनिकल वेपर रिकंप्रेशन) आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) सिस्टम शामिल था। इस क्षेत्र में स्‍टील और सीमेंट सेक्‍टर में महत्वपूर्ण विस्तार और विकास देखने को मिला है, जो अब भी लगातार जारी है। औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सक्रिय रूप से योगदान करते हुए, थर्मेक्स ने स्पंज आयरन एग्जॉस्ट, सीमेंट हीट रिकवरी और विभिन्‍न दूसरे एग्‍जॉस्‍ट ऐप्‍लीकेशंस के लिए अपशिष्ट हीट रिकवरी बॉयलर की कई यूनिट्स की सफलतापूर्वक आपूर्ति की है। पिछले 4-5 वर्षों में चावल मिलिंग उद्योग का काफी विस्तार हुआ है, इस क्षेत्र में 500-600 मिलें चल रही हैं। यह वृद्धि चावल की भूसी के तेल सहित चावल और चावल-आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग से प्रेरित है, जिसके लिए उन्नत हीटिंग और यूटिलिटी समाधान की आवश्यकता है। थर्मेक्स ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टर्नकी समाधान के रूप में लगभग 300 स्टीम बॉयलर की आपूर्ति की है। इसके अलावा, थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकांश लोहा और इस्पात निर्माताओं को 200 से अधिक इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ईएसपी) की सप्‍लाई की है। थर्मेक्स के वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसे ईएसपी, और बैग फिल्टर आदि कण उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही ये समाधान पर्यावरण पर प्रभाव को नियंत्रित करने और श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्यस्थल उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। इस रोड शो के माध्यम से ग्राहकों के साथ सहयोग के बारे में, थर्मेक्स के एमडी और सीईओ आशीष भंडारी ने कहा, “थर्मेक्स इनोवेशन, विशेषज्ञता और साझेदारी के माध्यम से ऊर्जा उपलब्धता और ऊर्जा स्थिरता के बीच अंतर को कम करने के लिए समर्पित है। हम ठोस और औद्योगिक अपशिष्ट, जैव(bio) और कृषि अपशिष्ट, और अपशिष्ट ताप । इसके अलावा हम हाइब्रिड नवीकरणीय और हरित हाइड्रोजन जैसे नए समाधानों का भी नेतृत्व कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य हमेशा उद्योगों को उनकी नई और बढ़ती मांगों को पूरा करने में मदद करना रहा है, साथ ही हम उन्हें और राज्य को उनके जलवायु प्रतिबद्धता लक्ष्यों में भी समर्थन दे रहे हैं।” एथेनॉल भी छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, जहां 30 से अधिक निजी कंपनियां एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निवेश करने का प्रस्ताव दे चुकी हैं। यह थर्मेक्स के लिए ईपीसी आधार पर अनाज आधारित डिस्टिलरी के लिए कोजनरेशन पावर प्‍लांट, बॉयलर्स और वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट पेश करने के लिए ध्‍यान दिए जाने वाले प्रमुख उद्योगों में से एक बनाता है। इससे उन्‍हें अपनी व्यावसायिक और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़, अपने प्रचुर कोयला भंडार के साथ, थर्मेक्स द्वारा विकसित कोयला गैसीकरण तकनीक का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह नई तकनीक कोयला गैसीकरण, पर्यावरणीय अनुपालन और ऊर्जा स्थिरता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के दिशानिर्देशों को पूरा करने की दिशा में व्यावहारिक समाधान मुहैया कराता है। थर्मेक्स अपने ग्राहकों को कई आधुनिक व्यावसायिक मॉडलों में से चुनने की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें अग्रिम पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) निवेश, परिचालन व्यय (ओपेक्स) विकल्प, या बिल्ड-ऑन-ऑपरेट (बीओओ) विकल्प शामिल है। बीओओ मॉडल में, थर्मेक्स निवेश, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लेता है, जबकि ग्राहक मीटर्ड बिलिंग के की तरह अपने यूटिलिटी उपभोग के आधार पर भुगतान करते हैं। थर्मेक्स लिमिटेड के विषय में ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी कंपनी थर्मेक्स लिमिटेड (NSE: THERMAX) एनर्जी ट्रांजिशन में एक विश्वसनीय भागीदार है। थर्मेक्स के व्यापक पोर्टफोलियो में स्वच्छ हवा, स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पानी और रासायनिक समाधान शामिल हैं। कई क्षेत्रों में अपनी दीर्घकालिक उद्योग साझेदारियों के समर्थन से, थर्मेक्स ने एकीकृत ऊर्जा-प्रबंधन अनुभव सुनिश्चित करते हुए, डिजिटल समाधानों के साथ ऑडिट, परामर्श, क्रियान्वयन और रखरखाव में मजबूत विशेषज्ञता विकसित की है। अपनी विशिष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, थर्मेक्स पर्यावरण की रक्षा करते हुए लागत को मुनाफे में बदलता है - जो बड़े पैमाने पर उद्योग और समाज के लिए फायदेमंद स्थिति है। थर्मेक्स भारत, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया में 14 फैक्ट्रियों का संचालन करता है और इसकी 42 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सहायक कंपनियां हैं। अधिक जानकारी के लिए, www.thermaxglobal.com पर जाएं।
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थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया

थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया रायपुर, 12 जुलाई 2024 ऊर्जा और पर्यावरण समाधान प्रदान करने और एनर्जी ट्रांजिशन के मामले में विश्वसनीय भागीदार थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में आयोजित अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया, जो इस क्षेत्र के उद्योगों को पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभों की पेशकश करता है। छत्तीसगढ़ लौह अयस्क, डोलोमाइट और कोयला जैसे खनिजों का अग्रणी उत्पादक राज्य है। यह भारत के 15% स्टील और 100% एल्युमीनियम का उत्पादन करता है। छत्तीसगढ़ 2024-29 के लिए अपनी नई औद्योगिक नीति और अपने सतत विकास लक्ष्यों को तैयार करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और थर्मेक्स के एनर्जी ट्रांजिशन समाधान इस क्षेत्र का नेतृत्व और समर्थन करना जारी रखेंगे। रिडिस्कवर के छत्तीसगढ़ संस्करण में थर्मेक्स के नवीनतम इनोवेशन और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों को प्रदर्शित करने पर ध्‍यान दिया गया है। इस कार्यक्रम में भाप और बिजली उत्पादन, वायु प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ बायो-सीएनजी, कोयला गैसिफिकेशन, सौर और पानी एवं अपशिष्‍ट पानी के लिए नवीनतम तकनीकों वाले महत्‍वपूर्ण समाधानों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इन-हाउस विकसित एमवीआर (मैकेनिकल वेपर रिकंप्रेशन) आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) सिस्टम शामिल था। इस क्षेत्र में स्‍टील और सीमेंट सेक्‍टर में महत्वपूर्ण विस्तार और विकास देखने को मिला है, जो अब भी लगातार जारी है। औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सक्रिय रूप से योगदान करते हुए, थर्मेक्स ने स्पंज आयरन एग्जॉस्ट, सीमेंट हीट रिकवरी और विभिन्‍न दूसरे एग्‍जॉस्‍ट ऐप्‍लीकेशंस के लिए अपशिष्ट हीट रिकवरी बॉयलर की कई यूनिट्स की सफलतापूर्वक आपूर्ति की है। पिछले 4-5 वर्षों में चावल मिलिंग उद्योग का काफी विस्तार हुआ है, इस क्षेत्र में 500-600 मिलें चल रही हैं। यह वृद्धि चावल की भूसी के तेल सहित चावल और चावल-आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग से प्रेरित है, जिसके लिए उन्नत हीटिंग और यूटिलिटी समाधान की आवश्यकता है। थर्मेक्स ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टर्नकी समाधान के रूप में लगभग 300 स्टीम बॉयलर की आपूर्ति की है। इसके अलावा, थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकांश लोहा और इस्पात निर्माताओं को 200 से अधिक इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ईएसपी) की सप्‍लाई की है। थर्मेक्स के वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसे ईएसपी, और बैग फिल्टर आदि कण उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही ये समाधान पर्यावरण पर प्रभाव को नियंत्रित करने और श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्यस्थल उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। इस रोड शो के माध्यम से ग्राहकों के साथ सहयोग के बारे में, थर्मेक्स के एमडी और सीईओ आशीष भंडारी ने कहा, “थर्मेक्स इनोवेशन, विशेषज्ञता और साझेदारी के माध्यम से ऊर्जा उपलब्धता और ऊर्जा स्थिरता के बीच अंतर को कम करने के लिए समर्पित है। हम ठोस और औद्योगिक अपशिष्ट, जैव(bio) और कृषि अपशिष्ट, और अपशिष्ट ताप । इसके अलावा हम हाइब्रिड नवीकरणीय और हरित हाइड्रोजन जैसे नए समाधानों का भी नेतृत्व कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य हमेशा उद्योगों को उनकी नई और बढ़ती मांगों को पूरा करने में मदद करना रहा है, साथ ही हम उन्हें और राज्य को उनके जलवायु प्रतिबद्धता लक्ष्यों में भी समर्थन दे रहे हैं।” एथेनॉल भी छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, जहां 30 से अधिक निजी कंपनियां एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निवेश करने का प्रस्ताव दे चुकी हैं। यह थर्मेक्स के लिए ईपीसी आधार पर अनाज आधारित डिस्टिलरी के लिए कोजनरेशन पावर प्‍लांट, बॉयलर्स और वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट पेश करने के लिए ध्‍यान दिए जाने वाले प्रमुख उद्योगों में से एक बनाता है। इससे उन्‍हें अपनी व्यावसायिक और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़, अपने प्रचुर कोयला भंडार के साथ, थर्मेक्स द्वारा विकसित कोयला गैसीकरण तकनीक का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह नई तकनीक कोयला गैसीकरण, पर्यावरणीय अनुपालन और ऊर्जा स्थिरता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के दिशानिर्देशों को पूरा करने की दिशा में व्यावहारिक समाधान मुहैया कराता है। थर्मेक्स अपने ग्राहकों को कई आधुनिक व्यावसायिक मॉडलों में से चुनने की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें अग्रिम पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) निवेश, परिचालन व्यय (ओपेक्स) विकल्प, या बिल्ड-ऑन-ऑपरेट (बीओओ) विकल्प शामिल है। बीओओ मॉडल में, थर्मेक्स निवेश, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लेता है, जबकि ग्राहक मीटर्ड बिलिंग के की तरह अपने यूटिलिटी उपभोग के आधार पर भुगतान करते हैं। थर्मेक्स लिमिटेड के विषय में ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी कंपनी थर्मेक्स लिमिटेड (NSE: THERMAX) एनर्जी ट्रांजिशन में एक विश्वसनीय भागीदार है। थर्मेक्स के व्यापक पोर्टफोलियो में स्वच्छ हवा, स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पानी और रासायनिक समाधान शामिल हैं। कई क्षेत्रों में अपनी दीर्घकालिक उद्योग साझेदारियों के समर्थन से, थर्मेक्स ने एकीकृत ऊर्जा-प्रबंधन अनुभव सुनिश्चित करते हुए, डिजिटल समाधानों के साथ ऑडिट, परामर्श, क्रियान्वयन और रखरखाव में मजबूत विशेषज्ञता विकसित की है। अपनी विशिष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, थर्मेक्स पर्यावरण की रक्षा करते हुए लागत को मुनाफे में बदलता है - जो बड़े पैमाने पर उद्योग और समाज के लिए फायदेमंद स्थिति है। थर्मेक्स भारत, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया में 14 फैक्ट्रियों का संचालन करता है और इसकी 42 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सहायक कंपनियां हैं। अधिक जानकारी के लिए, www.thermaxglobal.com पर जाएं।
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CG - प्रेमी ने प्यार में चली ऐसी चाल, साथ मरने की खाई कसम, प्रेमिका को खिलाया जहर, खुद भाग निकला, फिर जो हुआ......

बिलासपुर। एक दूसरे के प्यार में प्रेमी जोड़े ने साथ जीने-मरने की कसमे खाई। युवक की सगाई दूसरी जगह तय होने पर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद युवक ने साथ मरने की बात कहते हुए युवती को जहर का सेवन करवाया गया और आरोपी वहां से भाग निकला। वही युवती की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ये पूरा मामला मस्तूरी थाने क्षेत्र का है। 

इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा ने जानकारी दी कि, आरोपी युवक सुरेश साहू और मृतिका के बीच प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन आरोपी युवक सुरेश साहू की सगाई किसी और के साथ हो गई थी जिसके बाद दोनों के बीच रात्रि मे विवाद और बहस भी हुई थी।

सुरेश साहू ने मृतिका को गाँव के हाई स्कूल के पास बुलाया और बोला की हम दोनों साथ जी नहीं सकते लेकिन मर तो सकते है, जिसके बाद युवती साथ मरने को तैयार हो गई। युवती ने तो जहर का सेवन किया लेकिन आरोपी युवक ने नहीं की और आरोपी सुरेश युवती को छोड़कर भाग निकला। युवती को गंभीर हालत मे रायपुर मेकाहारा मे भर्ती किया गया जहाँ इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। वही फरार आरोपी सुरेश साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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मां की ममता हुई शर्मसार,नदी किनारे नवजात शिशु का शव मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

गरियाबंद :- राजिम में इंसानियत के साथ-साथ मां की ममता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नदी किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृत शिशु की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पूरा मामला गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब राजिम के मुख्य मंच के पास पैरी-महानदी किनारे एक नवजात शिशु का शव मिला है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। लोगों ने इसकी जानकारी राजिम थाने में दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। नवजात को लेकर इलाके में कई तरह की बातें हो रही हैं। नवजात के शरीर को कुत्ते आदि जानवरों द्वारा नीचे जाने की बात भी कही जा रही है।शिशु के शरीर छत-विक्षत हालत में पाई गई है। विवेचक पुरुषोत्तम यादव ने बताया कि नवजात के शव मिलने की सूचना मिली है। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आशंका जताई जा रही है कि नवजात के मृत होने पर किसी ने नदी में दफना दिया होगा, जो बाहर आ गया था। फिलहाल पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है।

 
 
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दोहरे हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा, छोटे बेटे ने ही मां और भाई को उतारा मौत के घाट, इस वजह से खौफनाक वारदात को दिया अंजाम

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है. जगदलपुर के अनुपमा चौक स्थित एक घर में मां और बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि घटना में घायल हुए छोटे बेटे नितेश गुप्ता का हाथ है. उसने ही इस खौफनाक हत्या की और पुलिस को गुमराह करने के लिए डकैती की कहानी गढ़ डाली.

हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी सलभ सिन्हा ने बताया कि घटना के बाद जब पुलिस घायल नितेश गुप्ता का बयान ले रही थी तो बार-बार उसने अलग-अलग बयान दिया, जिससे उसका बयान मैच नहीं होने से पुलिस ने उसे संदेह में रखा था. जिसके बाद पुलिस की गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर पुख्ता जानकारी हासिल की. उसके बाद फिर से पुलिस ने जब नितेश गुप्ता से पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म कबूल किया.

उसने बताया कि कुछ दिनों से दोनों भाइयों के बीच मे संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे, लगातार लड़ाई-झगड़े होते रहते थे. जिसमें शादी और प्रोपर्टी को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था. 11 जुलाई की रात भी वे घर में सो रहे थे तो दोनों भाई के बीच झड़प हुई और आवेश में आकर नितेश ने तवा उठाकर अपने बड़े भाई पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया. दोनों भाइयों के विवाद के बीच में मां भी उन्हें शांत कराने आई तो मां के ऊपर भी छोटे बेटे ने बर्तन से हमला कर घायल कर दिया. उसके बाद लहूलुहान पड़े बड़े भाई और मां की रस्सी से गला घोंटकर नितेश ने हत्या कर दी. हत्या के बाद अपने आप को बचाने के लिए उसने डकैती जैसी माहौल क्रिएट कर खुद को रस्सी से बांधा और पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी बनाई.

यह है पूरी घटना

कोतवाली थाना क्षेत्र के अनुपमा चौक निवासी गायत्री गुप्ता (50 वर्ष) अपने दो बेटों नीलेश गुप्ता (32 वर्ष) और नितेश गुप्ता (29 वर्ष) के साथ रहती थीं. वह घर के सामने छोटी सी दुकान चलाती थीं. हर रोज की तरह 11 जुलाई की सुबह जब आसपास के लोगों ने गायत्री गुप्ता को नहीं देखा तो घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला. जिसके बाद लोगों को शक हुआ और उन्होंने डायल 112 को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और इसी बीच देखा की दरवाजा अंदर से बंद था, तो दूसरे के बिल्डिंग से घर के पीछे से टीम दाखिल हुई. जिसके बाद आगे का दरवाजा खोला गया तो देखा कि घर में मां-बेटे की लाश पड़ी हुई थी. वहीं छोटा बेटा नितेश बाथरूम के पास घायल अवस्था में पड़ा था और उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे. जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया. मामले की जांच के लिए एसपी ने तुरंत चार अलग-अलग जांच टीम गठित की.

दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने गढ़ी वारदात की झूठी कहानी

गुप्ता परिवार के दोहरे हत्याकांड में घायल छोटे बेटे नितेश गुप्ता का अस्पताल में घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. घायल नितेश की स्थिति बेहतर होने पर पुलिस ने जब उसका बयान लिया तो उसने शुरूआती बयान में बताया है कि देर रात चार लोग घर में घुसे हुए थे, और उनके मकान से लगे त्रिशला ज्वेलर्स में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान घायल युवक की नींद खुली और उसके जोर से चिल्लाने पर चारों ने मिलकर उसे बांध दिया और पीटा. इस बीच घायल की अवाज से मां और बड़ा भाई नीलेश भी जाग गए और उसके कमरे में पहुंच गए. इस दौरान कमरे में खड़े हमलावरों ने दोनों को हथौड़े से हमला दर दिया. जिससे उसकी मौत और बड़े भाई की मौत हो गई.

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