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CG NEWS: जंगलों में बने नक्सली स्मारक को पुलिस टीम ने किया ध्वस्त

सुकमा : नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नक्सलियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है. वहीं दूसरी ओर अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में नक्सलियों के भय व हिंसा के प्रतीक के रूप में बने वृहद स्मारकों को हटाकर स्थानीय ग्रामीणों में भी नक्सलियों के विरुद्ध जागरूकता व क्षेत्र के माहौल को भय मुक्त बनाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.

इसी तारतम्य में थाना किष्टाराम के जिला पुलिस बल व डीआरजी की टीम के द्वारा ग्राम पालोडी के कासाराम के जंगलों में विगत कई वर्षों से स्थापित वृहद नक्सली स्मारक को ग्रामीणों के समक्ष ध्वस्त किया गया. उक्त ग्राम में नक्सलियों के रक्तपात, भय और हिंसा का प्रतीक बन चुके उक्त स्मारक को पुलिस व DRG की टीम के द्वारा ग्रामीणों के समक्ष ध्वस्त किया गया तथा ग्रामीणों को नक्सलियों के विरुद्ध जागरूक किया गया।

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BREAKING: सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, भारी मात्रा में नक्सलियों के विस्फोटक और घरेलू सामान बरामद

कोण्डागांव : पुलिस और सुरक्षा बलों ने धनोरा क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर कार्रवाई करते हुए डीआरजी बस्तर फाइटर्स की टीम ने नक्सलियों के डेरा पर छापा मारा। पुलिस को देख नक्सली अपना डेरा छोड़कर भाग निकले।

बता दें कि जिला कोणडागांव में सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर (७०१०), पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तर बस्तर रेंज, कांकेर कन्हैया लाल ध्रुव (भा.पु.से.) के कुशल मार्गदर्शन एवं बाय अक्षय कुमार (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक कोण्डागांप के निर्देशन तथा रूपेश कुमार बाण्डे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ऑप्स जिल्ला कोण्डागांव के पर्यवेक्षण में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है।

इसी तारतम्य में सूचना प्राप्त हुई कि सराणादी ग्राम उसेली, जबस्सा, अहेगा, दुवाल व आसपास क्षेत्र में नक्सलियों की उपस्थिति बनी हुई है उक्त सूचना पर थाना ईरागांव से अनिल विश्वकर्मा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी फारसगांव के नेतृत्व में जिला बार डीआरजी. बस्तर पयुटर्स व चीडीएस की संयुक्त टीम ग्राम उसेली, तबकसा, अहेंगा, हुल उसके आसपास क्षेत्र की और रवाना हुये थे कि जबकसा पहाड़ी पहुंचने से पूर्व ही नक्सलियों को पुलिस की आने की सूबना प्राप्त हुई जिससे नक्सली पुलिस को आता देख आनन-फानन में अपना डेरा छोड़ कर भाग गये। बाद पुलिस पार्टी द्वारा जयकसा पहाड़ी का घेराचंदी कर सुरक्षा पूर्वक सर्चिग करने पर उनके डेरा से भारी मात्रा में विस्फोटक । दैनिक उपभोगी सामग्री बरामद किया गया जी निम्नानुसार है

01

सामग्री

प्रेशर कुकर आईईडी मय होनेटर 03 (प्रत्येक

लगभग 04 कि.ग्रा.) अमुनियम नाइट्रेट (पैरोटेकनिक) 02 07 कि.ग्रा.

03 मेल

04 आईईडी स्वीय 02 नग

05 06 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 03 नग आईईडी फ्लैश स्वीच 02 नग

07 तीर बम 09 मेल 10 11 रिमोट रिमोट

किमेल इलेक्ट्रानिक प्लग 52 नग

08 इलेक्ट्रिक वावर वण्डल 10 नग

05 नग

बड़ा 118 नग बैटरी 25 नग

बटन बैटरी 20 नग

12 टाईगर बम 22 पैकेट

13 सेली टेप 21 नग 14 फेविकोल 02 नग

40

सामग्री

16 मल्टीमीटर

17

15 प्लायर 01 नग

02 नग

19 लाल कपड़ा 03 नग

20 पेट बॉटल 02 नग 01 पैकेट

एम चील 01 লগ 18 वेल्को प‌ट्टी 01 बण्डल

21 डिस्टेन्पर 22 सध्या 02 नग 23 पॉलिथिन 03 नग 24 सेफ्टी 25 प्रेगनेंसी

फयूज (कर्मशियल)

किट 01 নগ मलेरिया किट 01 नग 26

27 टिफिन सेट 05 नग।

28 दैनिक उपयोगी सामग्रिया

बाईट -वाय अक्षय कुमार (पुलिस अधीक्षक कोंडागांव )

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CG TRANSFER : एसआई, एएसआई समेत 80 पुलिसकर्मी किये गए इधर से उधर,देखें लिस्ट

बिलासपुर। एक स्थान पर जमे एसआई, एएसआई और प्रधान आरक्षक सहित 80 पुलिस कर्मियों का फेरबदल किया गया है,इस बाबत एसपी बिलासपुर रजनेश सिंह ने आदेश जारी किया है.

देखें लिस्ट

 
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कार्य में लापरवाही बरतने वाली अधीक्षिका निलंबित, कलेक्टर ने लिया सख्त एक्शन

उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने गंभीर प्रवृत्ति के शिकायत की खबर पर संज्ञान लेते हुए विनिता कुजूर, मूल पद व्याख्याता एल.बी., शासकीय उमावि छोटेबेठिया एवं अधीक्षक, कन्या आवासीय विद्यालय छोटेबेठिया विकासखंड कोयलीबेड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार सरपंच एवं ग्रामवासी छोटेबेठिया की शिकायत और खबर पर संज्ञान लेते हुए प्रथम दृष्टया शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर यह कार्यवाही की गई है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। निलंबन के दौरान व्याख्याता कुजूर का मुख्यालय खंड शिक्षा अधिकारी विकासखंड दुर्गुकोंदल नियत किया गया है।

साथ ही कलेक्टर  नीलेश कुमार क्षीरसागर ने आदेश जारी कर उक्त कन्या आवासीय विद्यालय छोटेबेठिया के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छोटेबेठिया की व्याख्याता नेहा सहाडे को आगामी आदेश पर्यन्त तक अधीक्षिका नियुक्त किया है।

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तीन लाख के इनामी महिला और पुरुष समेत सात नाक्साली गिरफ्तार, छुटवाई कैम्प के हमला में थे शामिल

बीजापुर : जिले में तर्रेम थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों की संयुक्त पार्टी ने एरिया डॉमिनेशन के दौरान तीन लाख के इनामी महिला और पुरुष समेत सात नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं। पकड़े गए नक्सली छुटवाई कैम्प में हमला करने की घटना में शामिल रहे थे।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान तर्रेम थाना, एसटीएफ, कोबरा व सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी छुटवाई कैम्प से अभियान पर निकली हुई थी।

इस दौरान नदी किनारे से प्लाटून नम्बर 9 का सदस्य 2 लाख रुपये के ईनामी नक्सली तामो भीमा पिता मंगड़ू उम्र 26 निवासी कोंडापल्ली, आरपीसी कोंडापल्ली केएएमएस अध्यक्ष 1 लाख की ईनामी नक्सली ज्योति उर्फ उईका मंगरी पति मुड़मा हुर्रा उम्र 32 निवासी कोंडापल्ली, आरपीसी कोंडापल्ली डीएकेएमएस सदस्य मुड़मा हुर्रा उर्फ सुनील पिता धुरवा उम्र 35 निवासी कुम्हारपारा कोंडापल्ली, आरपीसी कोंडापल्ली डीएकेएमएस सदस्य पुनेम हड़मा पिता मासा उम्र 42 निवासी बाजारपारा कोंडापल्ली, आरपीसी कोंडापल्ली डीएकेएमएस सदस्य सोढ़ी भीमा मंगड़ू पिता मासा उम्र 35 निवासी कोंडापल्ली, आरपीसी कोंडापल्ली डीएकेएमएस सदस्य वेट्टी भीमा पिता जोगा उम्र 35 निवासी कुम्हारपारा कोंडापल्ली व भूमकाल मिलिशिया सदस्य सोढ़ी जोगा पिता सोढ़ी मंगड़ू उम्र 30 निवासी सिंगारपारा कोंडापल्ली थाना तर्रेंम शामिल हैं। पकड़े गए नक्सलियों के विरुद्ध तर्रेंम थाना में वैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया हैं। 
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ढेबर-त्रिपाठी के बाद अब IAS अनिल टुटेजा को भी ले गई यूपी STF...आज होगी पेशी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले मामले में यूपी पुलिस ने आईएएस अनिल टुटेजा को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। उन्हें कल मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें यूपी पुलिस ने अनिल टुटेजा के प्रोडक्शन वारंट का आवेदन लगाया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। नकली होलोग्राम मामले में अनिल टूटेजा के खिलाफ भी यूपी में केस दर्ज है। इससे पहले मामले में यूपी पुलिस ने अनवर ढेबर और पूर्व विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी की गई है। वे दोनों फ़िलहाल जेल में बंद हैं।

सोमवार को होगी पेशी

बताया जाता है कि, यूपी एसटीएफ सोमवार को टुटेजा को मेरठ कोर्ट में पेश करेगी। उनके साथ अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी को भी पेश किया जाएगा। इससे पहले यूपी एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को 3 दिन की रिमांड पूरी होने के बाद 1 जुलाई को मेरठ कोर्ट में पेश किया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों को 15 जुलाई तक जेल भेजा था। नकली होलोग्राम मामले में 15 जुलाई को तीनों आरोपियों को एक साथ कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। जानकारों की मानें तो कोर्ट में सुनवाई के बाद टुटेजा को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा सकता है। वहीं एपी और अनवर की भी ज्यूडिशियल रिमांड बढ़ सकती है।

तीनों से एक साथ होगी पूछताछ

बीते दिनों यूपी एसटीएफ ने अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी से पूछताछ की थी। जिसमें एपी त्रिपाठी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए थे। अब यूपी एसटीएफ की टीम तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड में लेने की कोशिश करेगी।

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मानवता हुई शर्मसार, कलयुगी बेटे ने फावड़े से ताबड़तोड़ वार कर दी पिता की हत्या, इधर माँ को पीट-पीट कर उतारा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार

जशपुर/रायगढ़। प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अलग- अलग जिलों से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां के जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के अंर्तगत कुररोग गांव में एक कलयुगी पुत्र ने अपने वृध्द पिता की फावड़े के वार से हत्या कर दी। हत्या की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है को भेज दिया है। वहीं आरोपी पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

बगीचा थाना पुलिस के मुताबिक, मृतक के पड़ोस में रहने वाले उसके भतीजे फागुना राम सिंह नागवंशी ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया की उसने बड़े पिता ठाकुर राम सिंह नागवंशी के आंगन में लड़ाई-झगड़ा करने का आवाज सुनाई दी, जब उसने उनके घर जाकर देखा तो ठाकुर राम का शव खून से लथपथ हालत में घर के आंगन में पड़ा हुआ था। जब उसने ठाकुर राम के बेटे और उसके भाई संजय से घटना के बारे में पूछा तो उसने खूद पिता की हत्या की बात कबूल की, इस दौरान वह पूरी तरह से नशे में चूर था। इसके बाद फागुना राम ने पुलिस को घटना के बारे में सूचना दी। 

दूसरी ओर रायगढ़ जिले में पुलिस ने अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, खाना नहीं देने के उपजे विवाद पर बेटे ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। उक्त मामला सारंगढ़ थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार आरोपी भोजराम सिदार अपनी माता मृतिका सावित्री बाई पति फिरतु सिदार के साथ खाना नही देने की बात को लेकर गंदी गंदी गलौज कर हाथ मुक्का डण्डा से सिर चेहरा में चोंट पहुंचाया। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। जिसका प्राथमिक इलाज कर उच्च इलाज हेतु हायर सेंटर रिफर किया गया था जिसके कुछ दिन बाद मृतिका की मृत्यु हो गई। जिस पर आरोपी को उसके घर घेराबंदी कर आरोपी भोजराम सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

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द्वितीय नेशनल लोक अदालत की सफलता में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय-

जिला रायगढ़ के जिला न्यायालय में आयोजित द्वितीय नेशनल लोक अदालत की सफलता में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं संरक्षक रमेश सिन्हा महोदय ने वर्जुअल माध्यम से लोक अदालत की सफलता हेतु दी बधाईयां। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 13.07.2024 दिन शनिवार को सम्पूर्ण जिला रायगढ़ में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, उक्त आयोजन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं संरक्षक रमेश सिन्हा महोदय के दिशा-निर्देश एवं माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के न्यायमूर्ति एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर गौतम भादुड़ी के मार्गदर्शन में आयोजन किया गया है। जिले में पहली बार नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया न्यायमूर्ति द्वारा- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियों जज रविन्द्र कुमार अग्रवाल के करकमलों से उनकी उपस्थिति में उनके द्वारा किया गया शुभारंभ आज दिनांक 13 जुलाई 2024 को नेशनल लोक अदालत, जो वर्चुअल एवं फिजिकल दोनों माध्यमों से जिला न्यायालय रायगढ़ सहित तहसील न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया तथा बिलाईगढ़ में आयोजित किया गया। आयोजित उक्त नेशनल लोक अदालत के अवसर पर माननीय छ0ग0 उच्च न्यायालय बिलासपुर से माननीय पोर्टफोलियो जज/न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल का आगमन हुआ। सर्वप्रथम माननीय न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल के द्वारा जिला मुख्यालय रायगढ़ के न्यायालयीन परिसर में माॅ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। उक्त कार्यक्रम में, माननीय श्री जितेन्द्र कुमार जैन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री प्रबोध टोप्पो, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सहित समस्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा समस्त मजिस्ट्रेट, सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला अधिवक्ता संघ से अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा सहित अन्य अधिवक्तागण तथा राजीनामा हेतु उपस्थित पक्षकारगण, न्यायालयीन कर्मचारीगण एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला रायगढ़ के पोर्टफोलियों जज माननीय श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा न्यायालय भ्रमण कर प्रत्येक खण्डपीठ में जाकर पक्षकारों का तथा पीठासीन अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला रायगढ़ के पोर्टफोलियों जज माननीय श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा न्यायालय भ्रमण किया गया भ्रमण के दौरान उनके साथ जिला न्यायालय रायगढ़ के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री जितेन्द्र कुमार जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री देवेन्द्र साहू, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अंकित मुदलियार, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र प्रधान एवं सचिव श्री शरद पाण्डेय उपस्थित रहें। माननीय न्यायमूर्ति न्यायालय में गठित प्रत्येक खण्डपीठ में गये वहां पर पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकृत करने हेतु प्रेरित किया, प्रत्येक खण्डपीठ में जाकर पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों को बताया गया, कि उनके माध्यम से आज जो राजीनामा होगें उनसे लोगों के बीच न्याय का संबंध और मजबूत होगा, उन्होंने पक्षकारों से बातचीत कर यह बताया, कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल यह है, कि न किसी की जीत और न किसी की हार और जीत केवल न्याय की हो। माननीय न्यायमूर्ति द्वारा अधिवक्ता संघ के कार्यालय में जाकर अधिवक्ता बंधुओं से बातचीत कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकरण करने हेतु सहयोग प्रदान करने के लिये प्रेरित किया गया। जिला रायगढ़ की खण्डपीठ 11 में निराकृत हुुआ ऐतिहासिक प्रकरण जिसमें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति ने पक्षकारों को आगामी जीवन प्रेम और स्नेह के साथ व्यतीत करने की शुभकामनाओं के साथ, साथ-साथ घर जाने के लिए किया प्रेरित। जिला- रायगढ़ के लिए नेशनल लोक अदालत का सफर उस समय यादगार बन गया, जब श्री प्रवीण मिश्रा खण्डपीठ क्रमांक 11 में माननीय न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल पहुंचे तब उक्त खंडपीठ में 02 वरिष्ठजन को खंडपीठ के न्यायाधीश समझा रहे थे, प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार था, कि वर्ष 2021 में लगभग 65 वर्षीय वरिष्ठ महिला ने अपने पति एवं संतानों के विरुद्ध घरेलू हिंसा का मामला पेश किया था, जिसमें पति एवं बच्चों द्वारा प्रताड़ना की शिकायत उन्होंने की थी समझाईश देने के दौरान माननीय न्यायमूर्ति उक्त खण्डपीठ में उपस्थित हुए और उन्होंने सारे प्रकरण की जानकारी ली, वरिष्ठ महिला ने माननीय न्यायमूर्ति को सारी घटना की जानकारी दी तब माननीय न्यायमूर्ति द्वारा उपस्थित पक्षकार के पति और बच्चों को समझाया गया, और कहां गया, कि दामपत्य जीवन में प्रेम ही सम्पूर्ण जीवन की मूल धारा है, जिसमे ंक्रुरता का कोई स्थान नहीं है और बच्चों के लिए माता-पिता ईश्वर है, जिनकी पूजा मात्र से संतानों के भूत वर्तमान एवं भविष्य के कर्मों का फल प्राप्त होता है, इसपर वरिष्ठ महिला के पति एवं संतानों ने अपनी गलती को मानते हुए पत्नि एवं मां से क्षमा मागीं इसी दौरान ऐतिहासिक पल तब आया, जब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं संरक्षक श्री रमेश सिन्हा महोदय जी वर्चुअल माध्यम से उक्त खण्डपीठ से जुड़े और उनके द्वारा भी बुर्जुग दंपत्ति को विवाद छोड़कर प्रेम और स्नेह का रास्ता अपनाने को कहां गया, जिस पर पूरा परिवार राजी हो गया, उक्त प्रकरण में खण्डपीठ में उपस्थित समस्त व्यक्ति भावुक हो गये, और माननीय न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल महोदय जी द्वारा उन्हें फलदार वृक्ष देकर राजीखुशी दामपत्य जीवन निर्वहन करने की शुभकामना देकर घर भेजा। पुत्र की परिभाषा जन्म लेते ही सृष्टि में उन्हें लाने वाले देव तुल्य माता-पिता के लिए श्रवण कुमार की तरह होती है, और हर संतान को अपने दायित्यों एवं कर्तव्यों का अपने माता-पिता के प्रति श्रवण कुमार की तरह करना चाहिए इस नेशनल लोक अदालत में यह भी विशेष रही कि परिवार न्यायालय रायगढ खण्डपीठ क्र0-2 में रखे गये भरण-पोषण का मामला विविध आपराधिक प्रकरण क्र0-एफ 11/2024 में माननीय न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा उभयपक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकरण के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही सन्तान का दायित्व केवल पुत्र रहने मात्र से पूर्ण नहीं होता, उसे श्रवण कुमार की तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होता है, की समझाईश दी गई। माननीय महोदय द्वारा दी गई उक्त समझाईश से दोनों पक्षकार के द्वारा खण्डपीठ के समक्ष राजी-खुशी से समझौता कर अनावेदक पुत्र द्वारा आवेदकगण माता-पिता को 10,000- 10,000/- रूपये प्रतिमाह भरण पोषण की राशि अदा करने हेतु सहमति देते हुए अपना प्रकरण समाप्त किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला रायगढ़ के पोर्टफोलियों जज माननीय श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। नेशनल लोक अदालत का सार ऐतिहासिक रुप से रिकार्ड प्रकरणों का हुआ निराकरण और राज्य में प्रकरणों के निराकरण में रायगढ़ जिला पहुंचा चैथे पायदान पर नेशनल लोक अदालत का माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ श्री जितेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता एवं कुशल नेतृत्व में जिला रायगढ़ एवं सारंगढ़ एवं बिलाईगढ में सफलता पूर्वक आयोजन संपन्न हुुआ। जिला एवं तहसील न्यायालयों तथा राजस्व न्यायालयों में विभिन्न प्रकृति के राजीनामा योग्य मामले जैसे- मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बंैक वसूली के प्रकरण, आपराधिक मामले, विद्युत मामले, श्रम विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण, सिविल मामले, राजस्व मामले के साथ-साथ आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 एवं अन्य छोटे अपराधों के मामले, जिसमें यातायात उल्लंघन के मामलों को भी शामिल करते हुए खण्डपीठों में लंबित प्रकरण 4716 एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण 21338 को राजीनामा के आधार पर निराकरण हेतु लोक अदालत में रखा गया। इस प्रकार रखे गये कुल 26054 प्रकरणों में से लंबित 3966 एवं प्रीलिटिगेशन 12110 प्रकरण निराकृत हुये। इस प्रकार कुल 16076 प्रकरणों का निराकरण, जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय, किशोर न्याय बोर्ड, उपभोक्ता फोरम रायगढ़ एवं तहसील स्थित ब्यवहार न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया, बिलाईगढ़ व राजस्व न्यायालय में राजीनामा के आधार पर किया गया और उन प्रकरणा़ें के अंतर्गत कुल 66922714/- रूपये (अक्षरांक छः करोड़ उन्हत्तर लाख बाईस हजार सात सौ चैदह रूपये) का सेटलमेंट हुआ। राजीनामा के आधार पर न्यायालयों में लम्बित 05 वर्ष से अधिक अवधि के 39 प्रकरण तथा वरिष्ठ नागरिकों के 05 एवं महिलाओं के लंबित 33 प्रकरणों का निराकरण हुआ। राजस्व न्यायालयों में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे के मामले, वारिसों के मध्य बंटवारे के मामले, कब्जे के आधार पर बंटवारा के मामले, दण्ड प्रक्रिया संहिता 145 के कार्यवाही के मामले, विक्रयपत्र/दानपत्र/वसीयतनामा के आधार पर नामान्तरण के मामले एवं शेष अन्य प्रकृति के कुल 12302 मामले रखे गये जिनमें से 12006 मामलांे का निराकरण आज की लोक अदालत में राजस्व न्यायालयों की गठित खण्डपीठ द्वारा किया गया।
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स्कूल में बड़ा हादसा : भरभराकर गिरा छत का प्लास्टर, घायल हुए प्रिंसिपल, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही मरम्मत

कोरबा। जिले में बड़ा हुआ है। एक बार फिर स्कूल भवन का छत गिरने का मामला सामने आया है। इस बार स्कूल भवन की किचन की छत का प्लास्टर अचानक प्राचार्य के ऊपर गिर गया, जिससे वो घायल हो गए। मामला गेवरा के शक्ति नगर बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल का है। स्कूल भवन के जर्जर हालत की शिकायत प्रबंधन से की जा चुकी है पर संबंधित वि​भाग उदासीन है। 

दरअसल स्कूल में सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू किया जाना था। इसके निरीक्षण के लिए प्राचार्य नूर मसीह किचन पहुंचे, जहां किचन की रूफ का प्लास्टर अचानक भरभरा कर उनके ऊपर गिर गया। रूफ का मलबा गिरने से प्राचार्य घायल हो गए, जिन्हें उपचार के अस्पताल ले जाया गया। 

एसईसीएल कॉलोनी गेवरा में रखरखाव के अभाव में छत से मलवा गिरने की घटनाएं लगातार घटित हो रही है। उसके बावजूद भी गेवरा सिविल विभाग उदासीन बना हुआ है। विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राकेश शुक्ला ने बताया एसईसीएल गेवरा के सिविल विभाग को विद्यालय में मरम्मत कराए जाने की लिखित शिकायत दी गई थी। इसके लिए वेलफेयर समिति के सदस्यों ने भी विद्यालय में मरम्मत के लिए अनुशंसा की थी। इसके बावजूद भी सिविल विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। 

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बंद कमरे में पति-पत्नी बना रहे थे शारीरिक संबंध,युवकों ने चुपके से बनाया VIDEO,फिर जो हुआ…

राजिम :- राजिम के सुंदरकेरा गांव में एक दंपती इतना परेशान है कि कभी भी गलत कदम उठा सकता है। गांव के कुछ लोगों ने उन्हें दोनों पति-पत्नी के बीच बने संबंधों का वीडियो देखने की बात कही है। इसके पीछे 3 लोगों का हाथ होने की बात भी बताई है। पीड़ित दंपती की शिकायत पर पुलिस ने तीनों संदिग्धों को थाने बुलाकर पूछताछ की। पर्याप्त सबूतों के अभाव में उन्हें छोड़ दिया गया

बताते हैं कि कुछ दिन पहले दंपती अपने घर में थे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिड़की के जरिए दोनों के बीच बने संबंध का वीडियो रेकॉर्ड कर लिया। दंपती का कहना है कि इस वीडियो को उन तीनों ने ही गांव के कुछ लोगों को दिखाया था। लोगों के बताने पर ही उन्हें भी इसकी जानकारी हुई। इसके (Sex Video) बाद पीड़ित पति ने गोबरा-नवापारा थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने तीनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया। कोई ठोस सबूत न मिलने की बात कहते हुए आरोपियों को छोड़ दिया। मामले में फिलहाल जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

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ब्रेकिंग : हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, जजों को अब नौकरी छोड़ने के पहले करना होगा ये काम, तत्काल प्रभाव से लागू हुआ नियम

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न न्यायालयों में कार्यरत जजों के लिए विधि विधायी विभाग ने नया नियम लागू कर दिया है। त्यागपत्र देने के तीन पहले विधि विधायी विभाग को इस संबंध में सूचना देनी होगी। किसी कारणवश तय समयावधि में सूचना नहीं दे पाए तो ऐसी स्थिति में तीन महीने का वेतन सरेंडर करना होगा। नए नियम को तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 व 309 में दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए विधि विधायी विभाग ने छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में दी गई पूर्व की व्यवस्था में जरूरी संशोधन कर दिया है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में पदस्थ जज अगर इस्तीफा देने का मन बनाते हैं तो उनको तीन महीने पहले इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। सूचना देना जरूरी नहीं समझते हैं तो इस्तीफा स्वीकार होने से पहले तीन महीने का वेतन जमा करना होगा। पूर्व में यह व्यवस्था एक महीने पहले सूचना या फिर एक महीने का वेतन सरेंडर करने की शर्त रखी गई थी। संविधान के अनुच्छेद 233 व 309 के नियम 12 उप नियम (पांच) में कुछ इस तरह की व्यवस्था थी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट व राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श और दी गई सलाह के आधार पर विधि विधायी ने जरूरी संशोधन किया है। विधि विधायी विभाग ने एक और संशोधन कर सिविल जज परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए विधि में स्नातक की डिग्री के साथ ही राज्य अधिवक्ता परिषद में पंजीयन को अनिवार्य कर दिया है। संशोधन के साथ ही राज्यपाल के अनुमोदन व आदेश के बाद विधि विधायी विभाग के अतिरिक्त सचिव सहाबुद्दीन कुरैशी ने छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है।

एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी

विधि विधायी विभाग ने विधि के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान को शामिल किया है। इसे शामिल करने का लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। प्रदेश से संबंधित सवालों के जवाब स्थानीय युवा जो सिविल जज की परीक्षा दिलाने की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए फायदेमंद होगा। विधि विधायी विभाग के इस बदलाव को स्थानीय युवाओं के लिए बोनस अंक के रूप में देखा जा रहा है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 व अनुच्छेद 309 के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, हाई कोर्ट व राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा भर्ती शर्तें) नियम 2006 में जरुरी संशोधन किया गया है। राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है।

शहाबुद्दीन कुरैशी- अतिरिक्त सचिव विधि एवं विधायी विभाग छग

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Crime : शर्मसार; खाना नहीं देने पर मां की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ : जिले में पुलिस ने अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार, खाना नहीं देने के उपजे विवाद पर बेटे ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। उक्त मामला सारंगढ़ थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार आरोपी भोजराम सिदार अपनी माता मृतिका सावित्री बाई पति फिरतु सिदार के साथ खाना नही देने की बात को लेकर गंदी गंदी गलौज कर हाथ मुक्का डण्डा से सिर चेहरा में चोंट पहुंचाया। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। जिसका प्राथमिक इलाज कर उच्च इलाज हेतु हायर सेंटर रिफर किया गया था जिसके कुछ दिन बाद मृतिका की मृत्यु हो गई। जिस पर आरोपी को उसके घर घेराबंदी कर आरोपी भोजराम सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

 
 
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Chhattisgarh : कर्मचारियों को बड़ा झटका....अवकाश पर लगा प्रतिबंध,आदेश जारी…

गौरेला पेंड्रा मरवाही :- कर्मचारी और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। छुट्टी पर प्रतिबंध लग गया है। इस संबंध में जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी किया गया है दरअसल विधानसभा सत्र के मद्देनजर की आदेश जारी किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को छुट्टी नहीं दी जाएगी।छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कर्मचारियों को विशेष परिस्थिति में ही अवकाश का लाभ मिलेगा। इसके अलावा उनके अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 30 जुलाई तक उनके अवकाश पर प्रतिबंध रहेगा।

छुट्टी लेने के लिए कलेक्टर से विशेष इजाजत लेनी होगी। इसके अलावा कलेक्टर के निर्देश पर कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में ही उपस्थित रहना होगा। किसी भी स्थिति में वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय 

बता दे की 22 जुलाई से 26 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र है। जिसके कारण अधिकारी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई गई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही के कर्मचारी अधिकारी विशेष परिस्थिति में ही कलेक्टर की अनुमति से अपने अवकाश को स्वीकृत कर सकेंगे

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CG : इंस्टाग्राम में दोस्ती,शादी का झांसा देकर युवक ने किया दुष्कर्म, महिला ने उठाया ये कदम, फिर जो हुआ…

फरसगांव :- छत्तीसगढ़ के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक मामला सामने आया है जिसमे आरोपी ने इंस्टाग्राम में युवती से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर बलात्कार किया और फरार हो गया, आरोपी को फरसगावं पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से गिरफ्तार कर न्यायिक जांच के लिए जेल भेज दिया है।

फरसगांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार  प्रार्थिया पीड़िता ने दिनांक 16 जून को थाना आकर लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि जुलाई 2023 में इस्ट्राग्राम के माध्यम से एक लड़का का परिचय हुआ जो अपना नाम अजय समरथ बताया था। फिर थोड़ी दिन के बाद मोबाईल नम्बर शेयर किये था। दोनों एक दुसरे से बात करते थे। पीड़िता को शादी करूंगा कहकर माह अक्टूबर 2023 में पीड़िता के घर आया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती कई बार बलात्कार किया है। कि प्रार्थिया के रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 63/2024 धारा 376, 417 भादवि. कायम कर विवेचना में लिया गया।

 

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वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय।

वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 13/07/2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किये गये है। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये गये। माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर विडियो कान्फ्रेसिंग से जुड़े तथा पोटपोलियों जज माननीय न्यायमूर्ति श्री पार्थप्रीतम साहू, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर जिला न्यायाललय रायपुर में उपस्थित होकर समस्त न्यायाधीश एवं पकक्षकारों को प्रोत्साहित किये । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / जिला न्यायाधीश महोदय श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान हेमंत सराफ, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण, द्वारा जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, पक्षकारगण, अधिवक्तागण, बैंक के अधिकारीगण, राजस्व अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालिगल वालिंटियर, विधि छात्र छात्रायें उपस्थित रहे। इस बार की नेशनल लोक अदालत भी हाईब्रिड तरीके से आयोजित की गयी, जिसमें पक्षकार भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल या ऑनलाईन के माध्यम से भी राजीनामा किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, श्रीमान अब्दुल जाहिद कुरैशी सर ने कहा कि, नालसा एवं सालसा के माध्यम से पुरे देश भर में इस वर्ष का द्वितीय नेशनल लोक अदालत //02// का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हम सभी के बहुत महत्वपूर्ण सहभागिता है और हम सभी संयुक्त प्रयासो से ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक सरल व सहज तरीके से न्याय पहुंचेगा। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के प्रकरण पारिवारिक प्रकरण दाण्डिक प्रकरण, सिविल वाद एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ ही पेंशन लोक अदालत के माध्यम से पेंशन प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं के प्रकरणों के निराकरण किया जायेगा साथ ही साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणो (जो अदालत तक पहुँचने के पूर्व) का भी निराकरण किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरूद्वारा धन धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ो किलोमीटर से आये पक्षकारो को न्याय के साथ साथ निःशुल्क भोजन प्राप्त हुआ जिससे उनके चेहरों पर संतोष दिखा कि, न्याय पालिका के माध्यम से उन्हे हर प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन पर पक्षकारो ने की फूलों की वर्षा । उक्त छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन के द्वारा त्वरित निर्णय करते हुए राहत पहुँचायी गयी। उक्त लोक अदालत का आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत किया गया। मोहल्ला लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन सभापति/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्थायी लोक अदालत द्वारा घटना स्थल पर जाकर ही जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निराकरण किया मोहल्ले वासियों द्वारा उनका स्वांगत किया गया। उनके द्वारा 65 से अधिक प्रकरण घटना स्थल पर जाकर न्यायाधीश द्वारा निराकृत किया गया स्थलो का नाम कैलाशपुरी, भगत सिग, डबरी तालाब, पारा, भोई पारा, वार्ड नम्बर 45 के सदर वार्ड नम्बर 64 के वीरभद्र नगर दुलारी नगर, वार्ड नं. 44 के धोबी मोहल्ला, आमापारा, ब्राम्हण बाजार, गोल बाजार, रहमानिया चौक, खमासीपारा, बुढ़ापारा के साथ साथ अन्य स्थलो पर जाकर प्रकरणों का निराकरण किया गया । राजस्व न्यायालय 95152 प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय- 148 //03// छ०ग० राज्य परिवहन अधिकरण 01 प्रकरण छ०ग० राज्य वाणिज्यिक न्यायालय - 02 प्रकरण । न्यायालय में लम्बित लगभग 11,8,32 प्रकरण । प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से मामले 1,68.8.77 प्रकरण का निराकरण जनोउपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण 611 प्रकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मिली कुल राशि 30,60,84,942 मोहल्ला लोक अदालत 65 खबर लिखे जाने से सभी प्रकार के राजीनामा योग्य 1,80,709 लगभग प्रकरण का निराकरण हुआ। सफल कहानी बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति पत्नि ने किया वैचारिक मदभेदों को दूर (माननीय मानवेन्द्र सिंह, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर) पत्नि द्वारा पति के विरूद्ध भरण पोषण का प्रकरण वैचारिक मदभेद के कारण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय द्वारा कौन्सिलिंग के माध्यम से पति पत्नि के विचार सुनने के बाद उन्हे उनके अधिकारों एवं बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के उदेशय से किया गया एक। आपसी राजीनामा के अनुसार पति पत्नि अपने बच्चों के साथ सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करेंगें। 04 वर्ष के बाद पति पत्नि साथ रहेगें। न्यायालय के समझाईश के बाद बिखरा परिवार हुआ एक (न्यायालय श्री हर्षवर्धन जायसवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर) आवेश में आकर अपने ही रिश्तेदारों से लड़ाई झगड़ा कर न्यायालय में प्रकरण पेश किया। उक्त प्रकरण में परिवार के सभी सदस्यों की न्यायालय द्वारा प्री-सिटिंग आयोजित की गई दोनों पक्षकारों को परिवारजनों के साथ राजीनामा कर सुखद परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करने हेतु प्रेरित किया उसके बाद दोनों पक्षकार लम्बित प्रकरण को राजीनामा करते हुए खुशी-खुशी एक होकर घर वापस गये । सिविल मामले में आपसी समझौता करते हुए पक्ष‌कारों ने किया राजीनामा (न्यायालय- श्रीमान दिलेश कुमार यादव तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर) वरिष्ठजन के परिवार के सदस्यों के बीच में विवाद के कारण न्यायालय में प्रकरण लम्बित था माननीय न्यायाधीश श्रीमान दिलेश कुमार यादव तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर ने //04// केवल इन शब्दों को कहकर प्रकरण में राजीनामा कराया कि, इस संसार से परिजनों का प्रेम ही देवलोक के समतुल्य है। अतः स्नेह, प्रेम को अमर करें द्वेष को नहीं। वर्ष 2015 से लम्बित विवाद धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम मामले में माननीय न्यायालय के समझाईस पर पक्षकारों ने किया राजीनामा (न्यायालय- श्रीमती वंदना दीपक देवांगन तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर) 15 वर्षों से लम्बित विवाद धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम मामले में माननीय न्यायालय के समझाईस पर उत्तरवादी 76 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति विल चेयर पर उपस्थित होकर अपील प्रकरण में अपीलार्थी/ अभियुक्त से आपसी समझौता किया गया ।
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प्रेमी निकला प्रेमिका का हत्यारा, पहचान छिपाने पेट्रोल से जलाया चेहरा, पुलिस ने सुलझाई बोरी में मिली लाश की गुत्थी

बालोद :- अमलीडीह के हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रेमी ने ही अपनी शादीशुदा प्रेमिका की हत्या कर उसके चेहरे और शरीर को पेट्रोल से जलाया था। शव के टुकड़े कर बोरियों में भरकर जंगल और नहर किनारे फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
 
दरअसल 13 अप्रैल 2024 को बालोद क्षेत्र के ग्राम अमलीडीह के नहर किनारे एक जली-कटी लाश मिली थी, जिसका सिर, हाथ, पैर एक बोरी में मिला था। दूसरे दिन अमलीडीह के जंगल में जली-कटी लाश का धड़ मिला। चेहरा जलने के कारण पहचान मुश्किल हो गई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू की और जल्द ही हत्या का मामला दर्ज कर जांच में लिया।
 
मामले की गंभीरता को देखेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। थाना प्रभारी बालोद और साइबर सेल प्रभारी को अज्ञात महिला के शव की पहचान एवं आरोपी की पतासाजी के लिए विशेष टीम बनाकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। 
 
जांच टीम ने आसपास के जिलों दुर्ग, धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव, मानपुर मोहला के पुलिस से संपर्क कर महिला गुम इंसान की जानकारी प्राप्त की गई। पीएम रिपोर्ट में मृतिका का नसबंदी होना पाया गया था, जिसके आधार पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में मितानीन के माध्यम से मृतिका की पहचान के प्रयास किए गए।
 
ऐसे हुई मृतका की पहचान
 
घटना स्थल का तकनीकी डाटा लेकर एनालिसिस किया गया। टीम ने लगातार आसपास के गांव जाकर और कोटवार की मीटिंग लेकर गुम महिला की जानकारी प्राप्त की। मुखबिर से सूचना मिली कि डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बकलीटोला में एक महिला कई दिनों से लापता है। पुलिस ने बकलीटोला जाकर लापता महिला के संबंध में जांच की। 
 
स्वरूप धुर्वे ने बताया कि उसकी पत्नी प्रमिला ध्रुर्वे 10 अप्रैल से लापता है और मायके में भी नहीं है। प्रमिला के मां से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि प्रमिला ने अपनी बेटियों के लिए दो जोड़ी पायल ली थी। पुलिस ने घटना के फोटोग्राफ दिखाए तो बुधनतीन बाई ने नाक की फूली, अंगूठी, पायल और नेलपालिश के आधार पर अपनी बेटी की पहचान की।
 
 ऐसे मिला क्लू, पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी
 
मृतिका की पहचान प्रमिला ध्रुर्वे के रूप में होने पर उसके कॉल डिटेल के आधार पर लगभग 15-20 लोगों से पूछताछ की गई। इससे पता चला कि प्रमिला 10 अप्रैल से डारागांव निवासी दीपक साहू के साथ थी। पुलिस ने दीपक साहू का तकनीकी डाटा और घटना स्थल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उससे पूछताछ की। प्रारंभ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार किया।
 
कड़ाई से पूछताछ होने पर दीपक साहू ने बताया कि 10 अप्रैल को उसने प्रमिला को अपने घर लाकर संबंध बनाया, फिर शाम को उसे घर छोड़ दिया। वापस आते समय उसे फिर अपने घर बुलाया। रात में दोनों शराब पीकर सोए थे, तभी दीपक की नींद खुली और उसने सुना कि प्रमिला किसी से मोबाइल पर बात कर रही है। इसे लेकर दोनों में विवाद हुआ और दीपक ने गुस्से में आकर प्रमिला को मारा, फिर हत्या करने की नीयत से सिर को पकड़कर चौखट में पटक दिया, जिससे प्रमिला बेहोश हो गई। इसके बाद दीपक ने प्रमिला की साड़ी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
 
फिर पहचान मिटाने के लिए दीपक ने प्रमिला के चेहरे और शरीर को पेट्रोल से जलाया। फिर हसिया से सिर, पैर, और हाथ को काटकर दो अलग-अलग बोरियों में भरकर अमलीडीह नहर के पास फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी दीपक साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त बाइक, रस्सी, बोरी और हसिया को गवाहों के समक्ष जब्त कर लिया गया है।
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