प्रदेश

डे-एनयूएलएम के सामुदायिक संगठकों की मानदेय में 3 हजार रुपए की हुई वृद्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के अंतर्गत डे-एनयूएलएम के विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने वाले सामुदायिक संगठकों के मानदेय में 3 हजार रुपए की वृद्धि की गई है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के तहत डे-एनयूएलएम अंतर्गत कार्यरत 208 सामुदायिक संगठकों को पूर्व मानदेय 15 हजार रुपए में 20 प्रतिशत वृद्धि की गई है, जिससे अब उन्हें 3 हजार रुपए बढ़ कर यानी 18 हजार रुपए मानदेय दिए जाएंगे।
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छत्तीसगढ़ के इस अस्पताल से मरीज समेत 3 लोग हुए किडनैप, तमाशा देखते रहे लोग, जांच में जुटी पुलिस....

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल से मरीज और उसके परिजनों की किडनैपिंग कर पिटाई का मामल सामने आया है। इस घटना से मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जांच में जुट गई है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती मलेरिया पीड़ित मरीज भागीरथी, रजगामार निवासी और उसके परिजनों का देर रात करीब 11 बजे आधा दर्जन से अधिक लोगों ने किडनैपिंग किया। जब किडनैपर्स इस घटना को अंजाम दे रहे थे तो अस्पताल में भर्ती लोग तमाशा देखते रहे थे। किडनैपर्स सभी को अस्पताल से उठाकर स्कूल बस में ले गए। जिसके बाद मरीज समेत उसके बेटे और दोस्त की जमकर पिटाई की। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सभी को अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पीड़ित मरीज भागीरथी के बगल वाले बेड में भर्ती युवक के पत्नी से भागीरथी और उसके बेटे समेत दोस्त पर रेप करने के आरोप लगाते हुए घटना को अंजाम दिया है।
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शिक्षक दिवस पर आज 52 शिक्षकों का हुआ सम्मान, इतने हजार रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र किया गया प्रदान

रायपुर। शिक्षक दिवस पर आज राजभवन के दरबार हाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 52 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें से 48 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया। इस दौरान अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे और विशिष्ट अतिथि के तौर पर संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव मौजूद थे। समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 48 शिक्षिकों में से प्रत्येक को 21-21 हजार रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50-50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र दिया गया। सीएम भूपेश बघेल ने सभी बधाई देते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्ण के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के मनाया जाता है। आज राष्ट्रनिर्माण समाज निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका है। आज चंद्रमा अभियान सफल रहा है, इसके पीछे भी गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान है। आज आपके सामने खड़े हैं, उसके पीछे भी गुरुओं का बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। वातावरण तैयार करना है, जो हमने किया स्कूलों के हमने राशि की कमी नहीं होने दी। विभागीय अधिकारी जब जितना माँगे दिया गया। अच्छे वातावरण के लिए जो आवश्यक है, पहले शिक्षकों की भर्ती हो, दूसरा स्कूल के वातावरण सुंदर हो। दोनों कामों को प्राथमिकता से किया गया है।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जरूर लगाना चाहिए इन चीजों का भोग

श्रीकृष्ण को लगाएं इन चीजों का भोग
जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण को पंचामृत का भोग जरूर लगाना चाहिए. आप उसमें तुलसी दल भी डाल सकते हैं. आप मेवा, माखन और मिसरी का भोग भी लगा सकते हैं. कहीं-कहीं, धनिये की पंजीरी भी अर्पित की जाती है. पूर्ण सात्विक भोजन जिसमें तमाम तरह के व्यंजन हों, इस दिन श्री कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं.

 

कैसे मनाएं जन्माष्टमी का पर्व? (Janmashtami 2023 puja vidhi)
जन्माष्टमी के दिन प्रातःकाल स्नान करके व्रत या पूजा का संकल्प लें. व्रत रखने वाले दिन भर जलाहार या फलाहार ग्रहण करें और सात्विक रहें. मध्यरात्रि को भगवान कृष्ण की धातु की प्रतिमा को किसी पात्र में रखें. उस प्रतिमा को पहले दूध, दही, शहद, शर्करा और अंत में घी से स्नान कराएं. इसी को पंचामृत स्नान कहते हैं.

 

इसके बाद प्रतिमा को जल से स्नान कराएं. तत्पश्चात पीताम्बर, पुष्प और प्रसाद अर्पित करें. ध्यान रखें की अर्पित की जाने वाली चीजें शंख में डालकर ही अर्पित की जाएंगी. पूजा करने वाला व्यक्ति काले या सफेद वस्त्र धारण नहीं करेगा. इसके बाद अपनी मनोकामना के अनुसार मंत्र जाप करें. अंत में प्रसाद ग्रहण करें और वितरण करें.

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रक्षाबंधन की तरह जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भी लोगों में बड़ा कन्फ्यूजन- आखिर जन्माष्टमी का त्योहार किस दिन मनाया जाएगा.

हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है. कहते हैं कि श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. लेकिन इस साल रक्षाबंधन की तरह जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भी लोगों में बड़ा कन्फ्यूजन है. कोई 6 सितंबर तो कोई 7 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार बता रहा है. आइए जानते हैं कि आखिर जन्माष्टमी का त्योहार किस दिन मनाया जाएगा.

 
 

6 या 7 सितंबर कब है जन्माष्टमी? (Janmashtami 2023)
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि 6 सितंबर को दोपहर 03.37 बजे आरंभ होगी और  7 सितंबर शाम 04.14 बजे इसका समापन होगा. चूंकि श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में रात्रि 12 बजे हुआ था, इसलिए गृहस्थ जीवन वालों के लिए 6 सितंबर को जन्माष्टमी मनाना उचित रहेगा. जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोग 7 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार मनाएंगे. ज्योतिषियों की मानें तो इस वर्ष जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. रोहिणी नक्षत्र 6 सितंबर को सुबह 09.20 बजे से 7 सितंबर को सुबह 10.25 बजे तक रहेगा.

जन्माष्टमी पर 4 शुभ योग (Janmashtami 2023 shubh yog)
सर्वार्थ सिद्धि योग- जन्माष्टमी पर पूरे दिन रहेगा
रवि योग- 6 सितंबर को सुबह 06 बजकर 01 मिनट से सुबह 09 बजकर 20 मिनट तक
बुधादित्य योग- जन्माष्टमी पर पूरे दिन रहेगा
रोहिणी नक्षत्र- 6 सितंबर को सुबह 09 बजकर 20 मिनट से 7 सितंबर को सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक

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लग्जरी कार में लिखा था PRESS, गांजे और कफ सिरप की हो रही थी तस्करी, जब पुलिस ने पकड़ा तो…

जशपुर। कांसाबेल पुलिस ने पोंगरो गांव में नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यहां PRESS लिखी गाड़ी से गांजा और कफ सिरप की तस्करी करते हुए 2 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी क्रेटा कार से कफ सिरप लाकर छोटे वाहन में डंप करते थे। पुलिस को सूचना मिली थी, जिसके बाद दबिश दी गई और बड़ी मात्रा में कफ सिरप जब्त कर आरोपी अहमद खान और निशांत गोलू यादव को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। वहीं एक आरोपी अभी भी फरार है। नशे की सप्लाई चैन तोड़ने की मुहिम छत्तीसगढ़ का सीमावर्ती जिला जशपुर नशे की सप्लाई चेन में आता है, जिसे तोड़ने के लिए डीआईजी डी. रविशंकर,एएसपी उमेश कश्यप ने सभी पुलिस थानों,चौकी को लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दे रखे हैं। कांसाबेल थाना प्रभारी मल्लिका बनर्जी तिवारी को पुख्ता सूचना मिली कि कांसाबेल इलाके में एक छोटे वाहन में नशीली दवा रखकर बेचा जा रहा है। एसडीओपी सन्दीप मित्तल के दिशा निर्देश पर एक टीम बनाई गई और पोंगरो गांव में रेड कार्रवाई की गई। एसडीओपी सन्दीप मित्तल ने बताया कि कांसाबेल में कफ सिरप को नशे के रूप में युवाओं को बेचकर उन्हें इसका आदी बनाया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. आज की कार्रवाई में जब्त कफ सिरप ओनेरेक्स प्रतिबंधित है, जिसे पड़ोसी राज्य झारखण्ड से लाकर छत्तीसगढ़ में खपाया जाना था। पुलिस ने बताया कि कप सिरप करीब 25 हजार, गांजा की कीमत करीब 10 हजार, छोटा हाथी वाहन की कीमत करीब 75 हजार और क्रेटा कार की कीमत 13 लाख 31 हजार आंकी गई है। 14 लाख 3100 रुपये का कुल मशरूका जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ है कि सप्लाई करने वाला कुनकुरी निवासी निशांत गोलू यादव है, जो अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार में प्रेस लिखकर नशे का कारोबार करता है। पत्रकारिता की आड़ में अपराध करने वालों पर पुलिस की नजर कई दिनों से थी। फिलहाल जशपुर जिले में नशे के कारोबार का पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है। अभी और भी कई नशे के सौदागर पुलिस के हत्थे चढ़ेंगे।
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नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया जावे -- न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा

बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट बिलासपुर/ दिनांक 09 सितम्बर, 2023 को आयोजित होने वाली आगामी नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्री-लिटिगेशन एवं लंबित मामलों को अधिक से अधिक संख्या का निराकृत किये जाने पर विशेष जोर दिया जावे, इसके अलावा क्षतिपूर्ति, लेबर, स्थायी लोक अदालत के साथ साथ राजस्व के मामलो को अधिक से अधिक संख्या में निराकृत कर का प्रयास किया जावे, उक्त निर्देश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश, एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने समस्त जिलों के जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, सचिव, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीशों, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, सीजेएम, लेबर कोर्ट जज को उच्च न्यायालय से सालसा के माननीय कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित विडियो कान्फ्रेसिंग परिचर्चा बैठक में दी। उक्त विडियो कान्फ्रेसिंग परिचर्चा में सालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने न्यायाधीशों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछली लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन के मामलों में अच्छे परिणाम आये है, अतः प्रीलिटिगेशन के मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निराकरण को और बढ़ाया जाये और स्थायी लोक अदालत से संबंधित मामलों में पक्षकारों को उनके निवास स्थल पर ही मोबाईल वैन का उपयोग कर मामलों का निराकरण करने का प्रयास किया जावे। इसके अलावा लोक अदालत की नोटिस पक्षकारों को समय पर जारी करने एवं उसकी तामिली सुनिश्चित किये जाने हेतु भी विशिष्ट दिशा निर्देश दिये गये। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल ने कहा कि धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण एवं नालसा की गाईडलाईन के अनुसार संबंधित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में निराकृत करने का प्रयास किया जावे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के द्वारा वर्ष 2023 हेतु निर्धारित कैलेण्डर एवं दिये गये दिशा-निर्देशानुसार सभी स्तरों के न्यायालयों में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन के राजीनामा योग्य मामलों को नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किये जाने हेतु निर्देशित किये गये हैं, जिसमें वर्ष 2023 में प्रथम नेशनल लोक अदालत दिनांक 11-2-2023 को आयोजित की गई थी, जिसमें 39,062 लंबित मामलों तथा 2,72,545 प्री-लिटिगेशन के मामले तथा दिनांक 13-5-2023 को आयोजित द्वितीय नेशनल लोक अदालत में 39,123 लंबित एवं 3,55,450 प्री-लिटिगेशन के मामले निराकृत किये गये थे। अवगत हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन कोर्ट की परिभाषा में आने वाले सभी न्यायालयों यथा उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय, फैमिली कोर्ट, फोरम, ट्रिब्यूनल के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित किये जाते हैं तथा आागामी नेशनल लोक अदालत 09 सितम्बर 2023 को होनी है।
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शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग घोटाले में सरकार का बड़ा एक्शन : 2 हजार से ज्यादा पोस्टिंग निरस्त किए गए

रायपुर। शिक्षक पोस्टिंग घोटाले में स्कूल शिक्षा विभाग ने 2 हजार से ज्यादा शिक्षकों की पोस्टिंग निरस्त कर दिया है। मंत्रालयीन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अनुमोदन के बाद विभाग ने ये फैसला लिया है। प्रदेश में शिक्षकों की पोस्टिंग और प्रमोशन के लिए पैसे लेकर उनकी मनचाही जगह नियुक्ति का खुलासा हुआ था। जिसमें कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी इसमें तय सिस्टम को दरकिनार कर अधिकारियों ने अपनी ही नई व्यवस्था बना ली थी, जिसके बाद अब सरकार इस मामलें में कड़ी कार्रवाई करते हुए 2 हजार से ज्यादा ट्रांसफर पोस्टिंग को निरस्त कर दिया गया है। इससे पहले प्रदेश के 11 अफसरों को भी इस मामले में निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक शिक्षकों की पोस्टिंग को निरस्त करने के लिए 7 पेज का ऐसा आदेश तैयार किया गया है कि शिक्षकों को कानूनी राहत की गुंजाइश नहीं के बराबर होगी। आदेश में पूरा विवरण लिखा है कि किस तरह अधिकार न होने के बाद भी ज्वाइंट डायरेक्टरों ने ट्रांसफर प्रतिबंधित होने के बाद भी ट्रांसफर कर दिया। इसमें पांचों कमिश्ररों की जांच का हवाला दिया है, जिसमें सभी ने भ्रष्टाचार की पुष्टि की है। विभाग ने शिक्षकों से कहा है कि 10 दिन के भीतर पूर्व पोस्टिंग वाले स्कूलों में ज्वाईन करें, वरना उनका प्रमोशन निरस्त कर दिया जाएगा। इन अधिकारियों को किया जा चुका है निलंबित छत्तीसगढ़ में शिक्षक पोस्टिंग घोटाले में राज्य सरकार ने एक्शन लेते हुए पहले 10 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। जिनमें से 3 संयुक्त संचालक भी हैं। इसके बाद 1 डीईओ को भी निलंबित किया गया है। के कुमार-तत्कालीन संयुक्त संचालक (शिक्षा) रायपुर, सीएस ध्रुव, जिला शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा, सहायक संचालक डीएस ध्रुव- संभागीय शिक्षा कार्यालय रायपुर, सहायक संचालक शैल सिन्हा, सहायक संचालक उषा किरण खलखो समेत कई अधिकारी को निलंबित किया गया है। इसके बाद रायपुर संभाग के अलावा सरगुजा संभाग के हेमंत उपाध्याय- प्रभारी संयुक्त संचालक सरगुजा को भी निलंबित किया गया है और फिर गरियाबंद के प्रभारी डीईओ डीएस चौहान को भी ट्रांसफर पोस्टिंग घोटाले में सस्पेंड किया गया।
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दोस्त के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता की हत्या

बेतिया। बिहार के बेतिया में सोमवार सुबह दोस्त के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने चाकू से दोनों दोस्तों पर हमला कर दिया। इससे भाजपा नेता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोडवा टोला गांव का है। मिली जानकारी के अनुसार, घर से 200 मीटर के समीप अज्ञात बदमाशों ने मॉर्निंग वॉक के दौरान दो युवकों पर चाकू से हमला कर दिया। इसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन फानन में स्थानीय लोग दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक एक की मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान भाजपा नेता 32 वर्षीय सोनू कुमार, पिता बृज किशोर साह के रूप में हुई। वहीं गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान 28 वर्षीय सुजीत कुमार, पिता सुरेन्द्र साह गोडवा टोला निवासी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि, ये लोग रोज टहलने के लिए जाते थे। आज भी 4 बजे सुबह निकले थे, इसी बीच कुछ लोगों ने दोनों पर चाकू से हमला कर दिया। एक जो घायल है वो तो किसी तरह जान बचा कर भाग निकले, लेकिन पूर्व पार्षद के बेटे सोनू की उन लोगों ने चाकू से मारकर हत्या कर दी। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने बताया कि घायल का इलाज बेतिया जीएमसीएच में कराया जा रहा है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
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मंदिर के बाहर शराब के नशे में हंगामा करने वाला आरक्षक निलंबित

रायपुर। आरक्षक ने नशे में मंदिर के बाहर हंगामा किया। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। एसएसपी ने कार्रवाई करते आरक्षक को सस्पेंड किया है। सस्पेंड आदेश में लिखा है कि थाना सरस्वती नगर में पदस्थ प्रआर. क. 1050 कुलभूषण सिंह विडियो फूटेज में वर्दी धारण किए हुए शराब सेवन कर नशे में होना प्रतीत हो रहा है व नशे की हालत में एक मंदिर के बाहर अशोभनीय कृत्य करते हुए विडियो फुटेज में दिखाई पड़ रहा है। प्रभार. क. 1050 कुलभूषण सिंह का उक्त कृत्य पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के फलस्वरूप प्रआर.क. 1050 कुलभूषण सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केन्द्र रायपुर संबद्ध किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
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छत्तीसगढ़ में शराब पीने के बाद दो सगे भाई समेत तीन की मौत

जांजगीर-चांपा। अकलतरा के परसाही गांव में शराब पीने के बाद दो सगे भाई समेत 3 लोगों की मौत हो गई है। तीनों की शराब पीने के बाद तबियत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां तीनों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार परसाही गांव में संजय सांडे, संतकुमार सांडे और जितेंद्र सांडे ने शराब पी थी, जिसके बाद तीनों की तबियत बिगड़ गई और अकलतरा अस्पताल ले जाने पर 2 सगे भाई संजय सांडे और जितेंद्र सांडे को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, वहीं तीसरे व्यक्ति जितेंद्र सांडे को बिलासपुर रेफर किया गया था, जहां उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। अकलतरा पुलिस मौक़े पर पहुंच मामले की जांच कर रही है।
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5 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ का पारंपरिक पर्व हलषष्ठी

रायपुर। संतान की लंबी उम्र के लिए 5 सितंबर मंगलवार को माताएं हलषष्ठी का व्रत रखेंगी। माताएं संतान की लंबी आयु के साथ परिवार के सुखमय जीवन के लिए व्रत रखेंगी। वहीं पूजा करने के स्थान पर सगरी खोदकर पूजन करेंगी। कमरछठ की तैयारी को लेकर बाजार में खासी भीड़ आज से ही देखी जा रही है। छह तरह की भाजियां, पसहर चावल, काशी के फूल, महुआ के पत्ते, धान की लाई सहित पूजा की कई छोटी-बड़ी पूजन की सामाग्री भगवान शिव को अर्पित कर संतान के दीर्घायु जीवन की कामना की जाएगी । सुबह से निर्जला व्रत कर महिलाओं ने दोपहर को भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर कमरछठ की कहानी सुनेगी छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्योहारों में से एक कमरछठ को हलछठ या हलषष्ठी भी कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में कमरछठ का महत्व है जो संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए किया जाता है. शहर से लेकर गांव हर गली मोहल्लों में माताएं इस व्रत को उत्साह के साथ करती है। छत्तीसगढ़ तरह तरह की भाजियों के लिए प्रसिद्ध है. छत्तीसगढ़ में कमरछठ में भी भाजियों का अपना महत्व है. इस व्रत में छह तरह की ऐसी भाजियों का उपयोग किया जाता है. जिसमें हल का उपयोग ना किया हो. बाजार में भी लोग अलग-अलग तरह की छह भाजियां लेकर पहुंंचे. जिसमें चरोटा भाजी, खट्टा भाजी, चेंच भाजी, मुनगा भाजी, कुम्हड़ा भाजी, लाल भाजी, चौलाई भाजी शामिल है। हलषष्ठी पर्व पर माताएं पूजा करने के स्थान पर सगरी खोदकर भगवान शंकर व गौरी, गणेश को पसहर चावल, भैंस का दूध, दही, घी, बेल पत्ती, कांशी, खमार, बांटी, भौरा सहित अन्य सामग्रियां अर्पित करती हैं। पूजन पश्चात माताएं घर पर बिना हल के जुते हुए अनाज पसहर चावल, छह प्रकार की भाजी को पकाकर प्रसाद के रूप में वितरण कर अपना उपवास तोड़ेंगी । 6 अंक का होता है महत्व कमरछठ में 6 अंक का काफी महत्व है, सगरी में 6-6 बार पानी डाला जाता है। साथ ही 6 खिलौने, 6 लाई के दोने और 6 चुकिया यानि मिट्टी के छोटे घड़े भी चढ़ाए जाते हैं। 6 प्रकार के छोटे कपड़े सगरी के जल में डुबोए जाते हैं और संतान की कमर पर उन्हीं कपड़ों से 6 बार थपकी दी जाती है, जिसे पोती मारना कहते हैं ।
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5 लाख से अधिक की कीमत के गांजे की फसल के साथ किसान गिरफ्तार

जगदलपुर। बस्तर के सीमावर्ती उड़ीसा राज्य में गांजे की अच्छी खासी पैदावार होती है और इसके अवैध कारोबार का दायरा अन्य राज्यों तक भी फैला हुआ है। यहीं बात किसान मंगरु राम को जम गई और उसने गांजे की फसल लगाने का फैसला किया। इसके बाद किसान ने अपनी ही बाड़ी में गांजे की खेती कर डाली। किसान की थोड़ी सी मेहनत से ही बाड़ी में 5 लाख से अधिक की कीमत के गांजे की फसल पककर तैयार हो गई। जब इसे बेचने की कोशिश की गई तो पुलिस को भनक लगी और पुलिस ने किसान के घर पहुंच कर फसल के पौधे उखाड़ लिए और किसान को गिरफ्तार कर लिया। गांजे के बड़े पौधे किसान के साथ थाने लाए गए जहां किसान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
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महादेव एप बंद नहीं होने पर सीएम बघेल ने उठाए सवाल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश ने केंद्रीय गृह मंत्री से प्रश्न किया कि महादेव सट्टा एप वालों पर कार्रवाई हमने की, पैसे भी जब्त किए, गैजेट, मोबाइल, लैपटाप और टैबलेट भी जब्त किए और आप क्या कर रहे हैं ?, हमने लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। आप कहते हैं कि कौशल उन्नयन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सट्टा खिला रहे हैं, आप तो 28 प्रतिशत जुएं में जीएसटी लगा रहे हैं। महादेव एप को अब तक बंद क्यों नहीं किया गया ? महादेव एप बंद कौन करेगा? राज्य सरकार करेगी या केंद्र सरकार ? गृहमंत्री जवाब दें कि इस एप को बंद नहीं कर रहे हैं तो कारण क्या है ? आरोप पत्र पर कसा तंज- भाजपा के आरोप पत्र पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने आरोप पत्र जारी किया। स्थिति यह थी कि बाहर ईडी लगाई गई थी, भाजपा के नेताओं को जवाब देने का औचित्य नहीं है। मैंने सोचा थाा कि आरोप पत्र पढ़ लूंगा, फिर जवाब दूंगा। पर आरोप पत्र पर भाजपा के कार्यकर्ताओं को विश्वास नहीं है। जनता को विश्वास कैसे दिला पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. मनसुख मांडविया कार्यालय आए फिर गुजरात जाकर आए। यहां उनकी जबान भी बिगड़ रही है। रमन सिंह आरोप पत्र को घोषणा पत्र कह रहे हैं। इन्हें खुद पर विश्वास नहीं है, कार्यकर्ता भी विश्वास नहीं कर रहे हैं। जनता तो विश्वास भी नहीं करती।
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शहर में घुसा भालू, सुबह टहलने निकले लोग देख वापस भागे घर…

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के शहर में सोमवार सुबह एक भालू घूमता दिखा। भालू को देख सुबह टहलने निकले लोग डर के वापस अपने घर के अंदर जा घुसे। वहीं रिहायसी इलाके में भालू के पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल हैं। मामला कांकेर वन परिक्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, कांकेर शहर के एकता नगर वार्ड की गलियों में आज सुबह-सुबह एक भालू घूमता नजर आया है। सुबह घर से टहलने निकलने वाले लोगों की नजर जैसे ही भालू पर पड़ी, लोग वापस अपने घरों में घुस गए। इस दौरान भालू बिजली विभाग के दफ्तर सहित जनरल हॉस्टल के आसपास काफी देर तक घूमता रहा।
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हनुमान रुपी जनता को ठगने में सफल नहीं हो पायेंगें कालनेमि रुपी भूपेश -बृजमोहन

पूर्व मंत्री और रायपुर दक्षिण के वरिष्ठ भाजपा विधायक के कांग्रेस द्वारा दो दिन पहले भाजपा के खिलाफ जारी काले चिट्ठे पर जोरदार हमला बोला है। उन्होने कहा कि काले चिट्ठे के 82 और 83 बिन्दु से कांग्रेस का हिन्दू विरोधी चेहरा सामने आ गया है। काले चिट्ठे में राम मंदिर के खिलाफ कही गयी बातें और छत्तीसगढ़ में कौशल्या माता और रामवन गमन पथ की उनकी बातें कांग्रेस और भूपेश बघेल के कालनेमि रुपी चरित्र को दर्शाती हैं।
उन्होने एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार-वार्ता में कहा कि भूपेश बघेल जी के डीएनए में जिनका खून है, उसे छत्तीसगढ़ की जनता बखूबी जानती-पहचानती है कि उनके पिता ने माता सीता और भगवान प्रभु राम के लिए किन अपशब्दों का प्रयोग किया है ।अब ऐसे भूपेश बघेल जी कालनेमि के रुप में हमारे सामने आए हैं, जैसे कालनेमि ने राम-राम बोलकर हनुमान जी को भरमाने की कोशिश की थी, वैसे ही भूपेश बघेल, मां कौशल्या की धरती जहां के प्रभु राम भांजे हैं, वहां के लोगों को भरमाने के लिए कालनेमि राक्षस का रुप धारण कर भरमाने का काम कर रहे हैं।
भाजपा के खिलाफ जारी काले चिट्ठे के 82 और 83 बिन्दु में कहा गया कि क्या राममंदिर बन जाने से युवाओं को नौकरी मिल जाएगी और बेटियों की सुरक्षा हो जाएगी ।इससे ये बात साबित होती है कि छत्तीसगढ़ और केन्द्र की कांग्रेस पार्टी के इशारे पर जो प्रभु राम के वनगमन पथ की बात करते हैं, इनका लगाव ना माता कौशल्या की जन्मभूमि के प्रति है और ना ही प्रभु राम के प्रति है, एक वर्ग के वोट को हासिल करने के लिए ये राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस का ऐसे सवाल पूछना देश के बहुसंख्यक समाज, देश के जन-जन में बसे राम, गांव-गांव की आत्मा में बसे राम, जिनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा हम युवा पीढ़ी को देते हैं, उससे भूपेश बघेल जी का ताड़का रुपी दानवी चेहरा सामने आ गया है।
उन्होने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही राम के प्रति घृणा से भरा हुआ है, ये वही कांग्रेस है जिसने वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर राम, सीता, हनुमान और वाल्मीकि को काल्पनिक पात्र बताते हुए कहा था कि रामसेतु का कोई धार्मिक महत्व नहीं माना जा सकता है। कांग्रेस की नेता ने संसद पर प्रदर्शन करने जा रहे नागा साधुओं पर जनरल डायर की तरह गोलियां चलवाकर भून दिया था। सुप्रीम कोर्ट में राममंदिर के मुद्दे की सुनवाई के लिए 2019 तक टालने का काम कांग्रेस के नेता जो वकील हैं, ने किया था। कांग्रेस के नेता सुशील शिंदे ने मुस्लिम आतंकवाद से ध्यान हटाने के लिए हिन्दू आतंकवाद शब्द इजाद किया था। दिग्विजय सिंह ने मुम्बई हमले के लिए हिन्दू संगठनों को जिम्मेदार ठहराया था। आजादी के समय से चले आ रहे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दू शब्द पर कांग्रेस ने आपत्ति की थी । सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कांग्रेस ने विरोध किया था। हज पर सब्सिडी और अमरनाथ यात्रियों पर टैक्स कांग्रेस ने लगाया था। भारत माता के दो टुकड़े कांग्रेस ने किये थे, सिक्खों का कत्लेआम कांग्रेस ने कराया, कश्मीरी पंडितों को घर से निकलवाया, सेना के पराक्रम के सबूत मांगें। सेना को मासूमों का कातिल बताया। नेहरु जी ने फैजाबाद के डीएम को आदेश देकर विवादित स्थल से रामलला की मूर्तियों को हटवाया।
श्री अग्रवाल ने चुनौती दी कि अगर भूपेश बघेल औऱ कांग्रेसियों में दम है तो खुलकर क्यों सामने नहीं आते हैं, हिन्दू विरोधी बातें पर्दे के पीछे रहकर क्यों करते हैं। जब सामने भाषण देते हैं तो प्रभु राम को अपना भांजा बताते हैं और माता कौशल्या को अपनी महतारी बताते हैं, लेकिन जब काला चिट्ठा जारी करते हैं तो राममंदिर का विरोध करते हैं। अगर भूपेश बघेल राम विरोधी नहीं हैं तो छत्तीसगढ़ में धर्मान्तरण का जो खेल चल रहा है, उसे रोकने के लिए अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। अगर ये राम और हिन्दू विरोधी नहीं हैं तो  वीआईपी रोड का नाम प्रभुराम के नाम पर या राममंदिर मार्ग ना रख कर राजीव गांधी मार्ग रखना क्यों तय किया गया।
उन्होने कहा कि हम इसकी घोर निंदा करते हैं। रामचरित मानस की चौपाई ....कालनेमि कलि कपट निधानू, नाम सुमरति समरथ हनुमानू, उधरहिं अंत न होइ निबाहू, कालनेमि जिमि रावन राहू।....को उद्धृत करते हुए कहा कि कलयुग में कपटी काल कालनेमि रावण और राहु की भांति कपट से भेष बनाकर ठगने वाले बहुत होंगें, लेकिन नामरुपी हनुमान जी से उनकी पोल खुल जाने से उनका निबाह नहीं होगा। इसी प्रकार भूपेश बघेल भी कालनेमि के रुप में, राहु के रुप में छत्तीसगढ़ की हनुमानजी रुपी जनता को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। परन्तु वो उनको ठग नहीं पायेंगें और हनुमान जी रुपी जनता की विजय होगी।
उन्होने एक सवाल के जवाब में कहा कि हां हम धर्म की राजनीति करते हैं। धर्म का अर्थ है सत्य, धर्म का अर्थ है जिसे अपनाया जाए, धर्म का अर्थ है जिसे अपनाकर सुख,शांति औऱ समृद्धि आए ।धर्म का अर्थ सिर्फ हिन्दू धर्म नहीं होता है। धर्म का अर्थ होता है जिसे आप अपना सकते हैं। कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं को धर्म का अर्थ नहीं मालूम नहीं है ,तभी वो भाजपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाते हैं। इनके नेता राहुल गांधी ने 2014 में मंदिर जाने वालों पर लड़कियां छेड़ने तक का आरोप लगाया था।
बृजमोहन के कांग्रेस से सवाल ---
1.अयोध्या में भगवान प्रभु राम का मंदिर बनना चाहिए या नहीं ।अयोध्या में भव्य धाम बनने से तीर्थयात्रियों के आने से लाखों लोगों को जो रोजगार मिल रहा है ,वो मिलना चाहिए या नहीं
2. काशी विश्वनाथ के भव्य स्वरुप के बनने से तीर्थयात्रियों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है और उससे वहां के लोगों को जो रोजगार मिला है वो मिलना चाहिए या नहीं।
3.महाकाल के विकास के बाद जो रोजगार के अवसरों में कई गुना वृद्धि हुई है, वो होना चाहिए या नहीं।
उन्होने कहा कि भूपेश बघेल चाहे कितने भी चेहरे लगा लें, उनकी पार्टी और उनकी पार्टी का हिन्दू द्रोही और पाप की राजनीति का आकंठ तक डूबा स्वरुप सबके सामने आ चुका है।

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मुख्यमंत्री जी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय का चेंबर स्वागत करता है:– पारवानी

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि चेंबर द्वारा प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से नगरी निकाय क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक इकाइयों पर लगने वाले दोहरे  कराधान को समाप्त करने मांग की गई थी जिसपर मुख्यमंत्री जी ने कल मंत्रीपरिषद की बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए दोहरे कराधान को पूर्ण रूप से समाप्त करने की घोषणा की जिसका छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स स्वागत करता है।

चेंबर अध्यक्ष श्री अमर पारवानी जी ने बताया कि कल माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक आहुत हुई जिसमें नगरीय निकाय क्षेत्र में उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक इकाई एवं वे औद्योगिक इकाइयां जो अब नगरीय निकाय क्षेत्रों के अंतर्गत आते है उनपर से संपत्ति कर में छूट दिये जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया जिसका चेंबर स्वागत करता है। 

श्री पारवानी जी ने आगे कहा कि पूर्व में नगरी निकाय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक इकाइयों पर सीएसआईडीसी एवं नगरी निकाय द्वारा करारोपण किया जाता था जो औद्योगिक इकाइयों पर अतिरिक्त भार था जिसे हटाने हेतु चेंबर लगातार इसकी मांग करता आया है।
सीएसआईडीसी द्वारा उद्योगों से मेंटेनेस चार्ज के साथ ही नगर निगम के द्वारा संपत्ति कर की मांग दोहरा करारोपण के समान था जिसे मुख्यमंत्री जी के घोषणा अनुसार समाप्त कर दिया गया है।
औद्योगिक विकास हेतु लिए गए इस निर्णय से मध्य एवं सूक्ष्म उद्योगों में नई ऊर्जा का संचार होगा एवं प्रदेश में व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार में वृद्धि होगी जो प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्री पारवानी इस ऐतिहासिक निर्णय हेतु  माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के साथ समस्त मंत्रिपरिषद का प्रदेश के उद्योग एवं व्यापार जगत की ओर से आभार व्यक्त किया।

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छत्तीसगढ़ में पेंशनर्स अधिकारी-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का आदेश जारी

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स अधिकारी-कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त विभाग ने इसके लिए आज आदेश जारी कर दिया है। सातवें वेतनमान में मूल पेंशन/परिवार पेंशन के लिए महंगाई भत्ते में चार प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह लाभ इसी जुलाई महीने की पहली तारीख से मिलेगा। इस वृद्धि के पश्चात अब महंगाई राहत 42 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही छठवें वेतनमान के मूल पेंशन/ परिवार पेंशन पाने वाले पेंशनर्स के महंगाई भत्ते में 9 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह लाभ भी इसी साल के जुलाई महीने की पहली तारीख से मिलेगा। इस वृद्धि के साथ ही महंगाई राहत में कुल वृद्धि 221 प्रतिशत हो गई है। उल्लेखनीय है कि पेंशनर्स की महंगाई राहत के संबंध में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों की स्वीकृति आवश्यक होती है। इस संबंध में स्वीकृति जल्द प्रदान करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था। इसके बाद जैसे ही स्वीकृति प्राप्त हुई। महंगाई राहत में वृद्धि का लाभ पेंशनर्स को प्रदान करने का अविलंब निर्णय लिया गया।
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रायपुर समेत छग के कई जिलों में झमाझम बारिश ,मौसम विभाग ने 5 और 6 सितंबर के लिए जारी किया येलो अलर्ट

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में आज सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। रायपुर में बीते शनिवार को देर शाम बारिश हुई। इसके बाद रात में भी छीटें पड़ी। आज सुबह से ही राजधानी में बादल छाए हुए हैं। इसके साथ ही झमझाम बारिश भी हो रही है। दो दिनों की बारिश से निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सुबह से ही तेज धूप था। लोग उमस और गर्मी से परेशान थे। इसके बाद देर शाम को राजधानी में मौसम का मिजाज बदला और मौसम सुहावना हो गया है। शाम को हल्की मध्यम बारिश हुई। कल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई है। आज भी प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश, तो कहीं झमाझम बारिश होने की संभावना है। कुछ दिनों तक मौसम में कोई बदलाव की संभावना नहीं मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में कोई बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद प्रदेशभर में झमाझम बारिश हो सकती है। बीते कुछ दिनों से मानसून पर ब्रेक लग गया था। इससे तापमान बढ़ने लगा था और लोग उमस और गर्मी से परेशान थे। बीते दिनों देर शाम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इसके साथ ही तापमान में गिरावट हो सकता है। प्रदेशभर के कई इलाकों में गरज चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है।
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*भगवान के नाम का चंदा चोरी, जमीन दलाली, नफ़रत, हिंसा उन्माद भाजपाइयों का आसुरी चरित्र है - कांग्रेस

*भगवान के नाम का चंदा चोरी, जमीन दलाली, नफ़रत, हिंसा उन्माद भाजपाइयों का आसुरी चरित्र है* *रामसेतु के अस्तित्व को पहली बार अटल सरकार ने और आखिरी बार मोदी सरकार ने नकारा है, राजनैतिक लाभ के लिये झूठ बोल रहे भाजपा* *कर्नाटक में भाजपाईयों को हनुमान की गदा पड़ी, अब छत्तीसगढ़ में बारी है* रायपुर/03 सितंबर 2023। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भगवान राम के अस्तित्व को, रामसेतु के अस्तित्व को पहली बार अटल सरकार ने नकारा और आखरी बार हाल ही में दिसंबर 2022 में देश के उच्च सदन राज्यसभा के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने, अब चुनावी लाभ के लिए छत्तीसगढ़ के भाजपाई झूठ बोल रहे हैं। ऐतिहासिक तथ्य की कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार ने 1993 में नासा के माध्यम से स्पेस टेक्नोलॉजी की मदद से तमिलनाडु के पंपम द्वीप (रामेश्वरम) से श्रीलंका की मन्नारद्वीप के बीच की श्रृंखला का पुरातात्विक और धार्मिक मान्यता को रेखांकित किया। कांग्रेस की सरकार ने यह स्थापित करवाया कि रामेश्वरम से लंका तक स्थित ढांचा श्रीराम सेतु का अस्तित्व है। इतिहास गवाह है कि श्रीराम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा ने ही रामसेतु के अस्तित्व को नकारा है। सबसे पहले भाजपा की अटल बिहारी की सरकार ने ही सेतु समुद्रम परियोजना को तोड़ने मंजूरी दी और श्री राम सेतु को तोड़ने के लिए 2004 में 3500 करोड रुपए का बजट प्रावधान किया था। अटल सरकार में जहाजरानी मंत्री रही टी.आर. बालू ने भी श्रीराम सेतु को नकारा था, हलफनामा दिया था। विगत शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने संसद में भाजपा सांसद कार्तिकेय शर्मा के एक प्रश्न के जवाब में भगवान श्री रामसेतु के अस्तित्व को नकार दिया है उन्होंने कहा कि कुछ पत्थरों के अवशेष मिले हैं. लेकिन कह नहीं सकते कि वह राम सेतु है। दरअसल भाजपा का मूल चरित्र ही धर्म विरोधी है। धर्म को अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिये उपयोग करती है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 15 साल सरकार में रहने के दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को छत्तीसगढ़ में न राम वन गमन पथ याद आया ना माता कौशल्या याद आई। गाय, गोबर और गंगाजल भाजपा के लिए केवल चुनावी है। रमन राज में गौसेवा के नाम पर 1766 करोड़ का अनुदान खा गए, गाएं मार दी गई, शगुन गौशाला, मयूरी गौशाला, सेठ फूलचंद गौशाला जैसे अनेकों मामले है। राम काज तो छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार कर रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 1990 के दशक में भी विश्व हिंदू परिषद ने 1400 करोड़ के चंदा चोरी का आरोप भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर लगाया था जिस पर भाजपाई आज तक मौन है। हाल ही में अयोध्या जमीन अधिग्रहण घोटाला भी सर्वविदित है। चंपत राय के साथ मिलकर के साथ मिलकर भाजपाइयों ने अयोध्या में जमीन के घोटाले किए। छत्तीसगढ़ में भी भाजपाइयों पर चंदाचोरी के बिलासपुर और मंदिर हसौद थाने में एफआईआर दर्ज हुए। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रभु श्री राम के भाषा स्वरूप को पूरी दुनिया के सामने रेखांकित किया है। अयोध्या में राम मंदिर का ताला कांग्रेस के शासनकाल में खुला, नियमित पूजा राजीव गांधी के विशेष प्रयास से आरंभ हुआ लेकिन कभी श्रेय नहीं लिए। धर्म के नाम पर उन्माद फैलाने वाले, हिंसा और नफरत फैलाने वाले भाजपाई किस नैतिकता से कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं? आसुरी चरित्र कालनेमि चरित्र तो भाजपाइयों का उजागर हुआ है।
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*रेल रुको आंदोलन 12 सितंबर को*

*रेल रुको आंदोलन 12 सितंबर को* *यात्री ट्रेनों के लगातार निरस्तीकरण एवं रेलों के अनियमित संचालन के विरोध में नागरिक सुरक्षा मंच का एक्शन* नागरिक सुरक्षा मंच द्वारा 12 सितंबर को रेल रोको आन्दोलन किया जाएगा | बिलासपुर : बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी और जिला युवक कांग्रेस के अध्यक्ष राजू यादव ने उक्त बातें कहीं | उन्होंने कहा कि पिछले 02 वर्षों से यात्री गाडियों के बार बार निरस्त होने एवम घंटो लेट-लतीफ से परेशान होकर यह निर्णय लिया गया है तथा आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है| बिलासपुर : रेल प्रशासन द्वारा छत्तीसगढ़ के निवासियों के साथ किए जा रहे भेदभाव पूर्वक बर्ताव सेनाग्रिकों में रोष व्याप्त है, रेल प्रबंधन द्वारा पिछले 02 वर्षो से कई यात्री गाड़ियों को निरस्त कर रखा है एवं अन्य कई रेलों को कभी भी रद्द करने की घोषणा कभी भी कर दी जाती है जिससे यात्रा करने वाले महिला पुरुष एवं बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है| वही जो गाडियां चल रही है वह भी बहुत ज्यादा लेट लतीफ चल रही है। जिस पर नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी एवम जिला युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजू यादव ने आज बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित कर रेल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की जानकारी दी | पत्रकारों को जानकारी देते हुए अमित तिवारी एवं राजू यादव ने बताया कि विगत 21 सितम्बर 2022 को नागरिक सुरक्षा मंच द्वारा जनता की इन कठिनाईयों को संज्ञान में लेते हुए रेलवे महा प्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया था। इस दौरान रेल प्रशासन ने प्रतिनिधि मंडल को चर्चा के लिये आमंत्रित किया। रेल्वे के उच्चाधिकारी ने चर्चा के दौरान इन अनियमितताओं को स्वीकार किया तथा एक माह के अन्दर इन समस्याओं के निराकरण किये जाने का आश्वासन दिया गया था। परन्तु आज पूरे 01 माह बीत जाने के बाद भी रेल प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन में कोई सुधार नहीं किया। अब जबकि रेल्वे द्वारा आम जन की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। तब बिलासपुर की जनता को बड़े आन्दोलनों का निर्णय लेना पड़ सकता है। रेल आम जनता के लिए सर्वाधिक किफायती एवं सुविधा जनक यातायात माध्यम है, जिसे रेल्वे अपनी आय बढ़ाने और चंद व्यवसाईयों को लाभ पहुंचाने की नियत से माल बुलाई को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा हे, कोयला लदान वाली गाड़ियों का पटरियों पर बेखौफ दौड़ना इस बात की पुष्टि करता है। माल गाड़ी को क्लीयरेंस देने के लिये यात्री गाडियों को घंटो घंटो एक स्थान पर रोक दिया जाता है, जो कि रेल यात्रियों के लिये परेशानी का सबब बन जाता है। वर्तमान में बिलासपुर जोन की सैकड़ों गाडियाँ निरस्त हैं, और जो चल रही है वो भी अनिश्चित कालीन विलम्ब से चल रही है। लोकल गाड़ियाँ पूर्णतया निरस्त है जिसके चलते स्थानीय एवं छोटे-छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार में लोकर गाड़ियाँ स्थगित होने के कारण बहनें अपने भाई को राखी तक नहीं बांध पाई। आम जनता की इन्ही परेशानियों को महसूस करते हुए नागरिक सुरक्षा मंच एवं जिला युवक कांग्रेस ने रेल प्रशासन का विरोध करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत् दिनांक 12-09-2023 को अपरान्ह 12.00 बजे रेल रोको आन्दोलन किया जायेगा। इस आन्दोलन को सामाजिक संगठनों,राजनीतिक संगठनों, व्यापारी, छात्र संगठन सहित बिलासपुर, कोरबा, चाँपा- जांजगीर, अकलतरा, सक्ती, खरसिया, बिल्हा सहित रेल रूट के आने वाले सभी रेल्वे स्टेशनों के नागरिकों का समर्थन प्राप्त है। नागरिक सुरक्षा मंच द्वारा 12 सितंबर को अपरान्ह 12 बजे उसलापुर रेल्वे स्टेशन के निकट ट्रेन रोकी जायेगी। इसके बाद भी रेल प्रशासन के रवैये में सुधार नहीं आया तो एक साथ 12 स्टेशनों पर रेल रोको आन्दोलन किया जायेगा, जिसके लिये रेल प्रशासन पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। cg24news.in
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मुख्यमंत्री बघेल 5 को कृषि महाविद्यालय मर्रा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे

नवनिर्मित हाईटेक नर्सरी, टिश्यू कल्चर लैब, बीज भंडार गृह तथा कृषक विश्राम गृह का लोकार्पण भी होगा रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल मंगलवार 5 सितम्बर को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, मर्रा, पाटन के नवनिर्मित महाविद्यालय भवन, हाईटेक नर्सरी, टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला, इम्प्लीमेंट शेड, बीज भण्डार गृह एवं कृषक विश्राम गृह का 05 सितम्बर, 2023 को लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ताम्रध्वज साहू, मंत्री कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी, गृह, जेल, लोक निर्माण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन विभग छत्तीसगढ़ शासन करेंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मोहम्म्द अकबर, मंत्री परिवहन, वन, मौसम, आवास एवं पर्यावरण, कानून विभाग छत्तीसगढ़ शासन, श्री रविन्द्र चौबे, मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य, पशुधन विभाग, मछली पालन, जल संसाधन, आयाकट, स्कूल शिक्षा, सहकारिता विभाग छत्तीसगढ़ शासन, डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर श्रीमती रामबाई सिन्हा, अध्यक्ष, जनपद पंचायत, पाटन, श्री अशोक साहू, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत, दुर्ग, श्रीमती दुर्गा कमलेश नेताम, सभापति, जिला पंचायत, दुर्ग, श्री देवेन्द्र चन्द्रवंशी, उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत, पाटन, दुर्ग, श्री शंकर बघेल, सदस्य बीज निगम, श्री कौशल चन्द्राकर, सदस्य, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, श्री अश्वनी साहू, अध्यक्ष, कृषि उपज मण्डी, दुर्ग, श्रीमती कविता साहू, जनपद सदस्य, पाटन श्री विजय जैन, सरपंच, ग्राम पंचायत, मर्रा भी उपस्थित रहेंगे।
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मूक-बधिर बच्चों का शिविर में किया गया दांतों की जांच

रायपुर। रायपुर केपिटल राउण्ड टेबल 241 संस्था ने बजाज कालोनी, न्यू राजेन्द्र नगर स्थित अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत मूक-बधिर बच्चों के दांतों की जांच व उपचार के लिए दंत परीक्षण शिविर का आयोजन किया। सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा वाहन में एक-एक बच्चों के दांतों की जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की। बच्चों को दांतों की सुरक्षा के उपाय से संबंधित पर्चा, मेडिकेटेड टूथपेस्ट व दवाइयां दी गई। इस अवसर पर वरिष्ठ दंत चिकित्सक जितेन्द्र सराफ ने कहा कि जरूरत पडऩे पर बच्चों के दांतों का निशुल्क उपचार नर्सिंग होम ले जाकर किया जाएगा। इस अवसर पर संस्था ने स्कूल परिसर में 25 पौधे रोपे। संस्था के सचिव अक्षत टंडन ने मूक-बधिर बच्चों के लिए स्कूल संचालित करने पर अर्पण कल्याण समिति की प्रशंसा की। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा ने चिकित्सकों का स्वागत कर संस्था का आभार माना।
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8 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता; इनमें 2 इनामी भी शामिल

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा पुलिस के सामने 8 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 2 नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित है। सरेंडर करने वालों में 3 महिला नक्सली भी शामिल हैं। ये सभी पिछले कई सालों से नक्सल संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे। सड़क काटकर मार्ग बाधित करना, IED ब्लास्ट कर पुल-पुलिया उड़ाना, बैनर-पोस्टर लगाने जैसा काम किया करते थे। अब सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर हथियार डाल दिए हैं। दरअसल, सरेंडर करने वाले माओवादियों में से अधिकतर माओवादी धुर नक्सल प्रभावित इलाके मारजुम के रहने वाले हैं। सभी नक्सली मलांगेर एरिया कमेटी में सक्रिय थे। इनमें से मारजुम पंचायत मिलिशिया कमांडर मंगडू कुहड़ामी और टेटम पंचायत केएएमएस अध्यक्ष कुमारी लखमे उर्फ लक्ष्मी मुचाकी पर एक-एक लाख रुपए का इनाम है। अन्य नक्सली भी पिछले कई सालों से संगठन में सक्रिय थे। जो बड़े लीडरों के बैठक की व्यवस्था करते थे। घर वापस आइए अभियान के तहत किया सरेंडर दरअसल दंतेवाड़ा पुलिस नक्सलियों के खिलाफ जिले में लोन वर्राटू यानी घर वापस आइए अभियान चला रही है। इसी अभियान से प्रभावित होकर सभी नक्सलियों में हिंसा का रास्ता छोड़ा है। अब विकास का साथ देने की बात कही है। बताया जा रहा है कि, इस अभियान से प्रभावित होकर अब तक जिले में कुल 639 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं। इनमें से 163 पर इनाम भी घोषित है। इन्होंने किया सरेंडर 1. मंगडू कुहड़ामी, मारजुम पंचायत मिलिशिया कमांडर। 2. कुमारी लखमे उर्फ लक्ष्मी मुचाकी, टेटम पंचायत केएएमएस अध्यक्ष। 3. मंगडू सोड़ी, मारजुम पंचायत कृषि शाखा अध्यक्ष। 4.कोसा राम मंडावी, मारजुम पंचायत मिलिशिया सदस्य। 5. हड़मा मुचाकी, टेटम पंचायत मिलिशिया सदस्य। 6. बोटी मुचाकी, ग्राम कोटरूम कमेटी उपाध्यक्ष। 7. कोसी मड़काम, टेटम पंचायत केएएमएस उपाध्यक्ष। 8.देवे मड़काम, टेटम पंचायत केएएमएस सदस्य।
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6 लाख के इनामी नक्सली दंपती गिरफ्तार

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा पुलिस ने 6 लाख रुपए के इनामी नक्सली दंपती को गिरफ्तार किया है। ये दोनों नक्सली पुलिस को आता देख जंगल में छिप गए थे। जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया है। माओवादी मुन्ना बारसा नक्सलियों का PPCM कमांडर है। इस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित है। जबकि, इसकी पत्नी मंगली पुनेम LOS सदस्य है। ये एक लाख रुपए की इनामी है। दोनों कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। भांसी थाना क्षेत्र से दोनों की गिरफ्तारी हुई है। जानकारी के मुताबिक, दंतेवाड़ा DRG और CRPF के जवान भांसी के झिरका, बासनपुर और कमालूर की तरफ सर्चिंग पर निकले हुए थे। वहीं इसी इलाके में मौजूद नक्सली दंपती को पुलिस के आने की सूचना मिली। जिसके बाद दंपती बासनपुर के जंगल में छिप गए थे। सर्चिंग करते हुए पुलिस जवान भी वहां पहुंचे। इसके बाद उन्होंने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। इनके पास से करीब 54 हजार रुपए कैश, डेटोनेर समेत अन्य सामान बरामद किया गया। दंतेवाड़ा के SP गौरव राय ने बताया कि ये दोनों नक्सली पिछले कई सालों से नक्सली संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे। भांसी थाना क्षेत्र में पुलिस पार्टी पर हमला करने, कमालूर के पास रेलवे ट्रैक उखाड़ने जैसी कई घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। दोनों पर इनाम भी घोषित है। पूछताछ में इनसे कई खुलासे भी हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस लगातार उस इलाके में सर्चिंग कर रही है। 4 और माओवादी गिरफ्तार अरनपुर थाना क्षेत्र से पुलिस ने अन्य 4 और माओवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रवा मुका, मुका कमलू, हिड़मा राव, माड़वी भीमा शामिल हैं। ये सभी नक्सली मलांगेर एरिया कमेटी में स्क्रिय थे। पुलिस पार्टी की रेकी करना, सड़क काटना, IED लगाना, IED ब्लास्ट कर पुल-पुलिया को उड़ाने जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं।
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जलप्रपात में पिकनिक मनाने गए 2 युवक की मौत

कवर्धा । जिले के पर्यटन स्थल रानीदहरा जल प्रपात में पिकनिक मनाने गए दो युवकों की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक दोनों की डूबने से मौत हुई है। बताया जा रहा है कि नहाते दोनों युवक गहराई में जा समाए। 2 सितंबर शनिवार की शाम 5 बजे की घटना है. 4 घंटे की कड़ी मशक्कद के बावजूद दोनों की लाश नहीं मिली थी। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आज सुबह दोनों युवकों की डेड बॉडी को जलप्रपात से बाहर निकाला गया. दोनों युवक कवर्धा शहर के निवासी थे. मृतक युवक का नाम राहुल ठाकुर और शुभम झारिया बताया जा रहा है. 10 दोस्त एक साथ पिकनिक मनाने गए थे, जिसमें से रानी दहरा जलप्रपात से 8 दोस्त कल रात को लौट गए थे। बोडला थाना के रानीदहरा जलप्रपात का मामला है।
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हड़ताल पर बैठे 568 स्वास्थ्य कर्मचारियों को किया गया बर्खास्त , मरीजों को हो रही थी परेशानी…

कांकेर : जिले से एक बड़ी ख़बर सामने आयी है। कलेक्टर ने 568 स्वास्थ्य कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। गौरतलब हो कि , जिले के संविदा स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांगों को लेकर 21 अगस्त से हड़ताल पर थे।हड़ताल पर थे। जिसके कारण मरीजों को परेशानी हो रही थी। स्वास्थ्यकर्मीयों को दो बार नोटिस भेजने के बाद भी वे काम पर नहीं लौटे। जिसके बाद कांकेर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने यह बड़ी कार्यवाही की है। उन्होंने बताया कि ,स्वास्थ्य सेवा बेहद आवश्यक सेवा में से एक है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। जिले के बहुत से दूरस्थ अंचल है और इनमें स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही ठीक नहीं इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
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BREAKING : नहाने के दौरान कुएं में डूबने से 3 बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम

अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आ रही है। यहाँ बकना कला कुंदी गांव में 3 बच्चियों की कुएं में डूबने से मौत हो गई है। तीनों बच्चियां नहाने के लिए पहुंची थी। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई है और शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच में जुट गई है। यह मामला लुंड्रा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, आज सुबह बकना कला की तीन बच्चियां उम्र 6, 9 और 14 वर्षिय नहाने के लिए कुंदी बांध के समीप बने छोटे कुएं में नहाने के लिए पहुंची थी। इस दौरान तीनों गहरे पानी में डूबने लगी। इधर काफी देर तक तीनों घर नहीं पहुंची तो परिजन तलाश करते हुए कुएं पर पहुंचे। यहां पर तीनों बच्चियों की लाश पानी में तैर रही थी। सुचना पर लुण्ड्रा पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बालिकाओं के शव को पानी से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गांव में एक साथ तीन बच्चों की मौत के बाद से मातम पसरा हुआ है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल मामले की जांच पुलिस कर रही है।
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छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 16 ट्रेनें कैंसिल; कल से 13 सितंबर तक नहीं चलेंगी गाड़ियां

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली ट्रेनों को कैंसिल करने का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। रेलवे बोर्ड ने डेवलपमेंट और मेंटेनेंस के चलते फिर से 16 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया हैं। ये गाड़ियां तीन से 12 सितंबर तक नहीं चलेंगी। ट्रेन कैंसिलेशन की हालात यह है कि बीते एक महीने में रेलवे ने 200 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया है, जिसकी वजह से 25 हजार से ज्यादा यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। रेलवे बोर्ड के आदेश पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन सहित, जबलपुर, भुवनेश्वर, पूर्वोत्तर और दूसरे जोन में रेलवे लाइन निर्माण का काम चल रहा है। जिसके कारण वहां से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया या फि​र परिवर्ति​त मार्ग से चलाई गई। फिलहाल छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली ट्रेनों के कैंसिलेशन 2 अगस्त से शुरू हुआ है, जो अभी भी जारी है। कटनी रूट की 24 ट्रेनें थीं कैंसिल मुंबई-हावड़ा और कटनी रूट की 24 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया था। इस रूट की कई गाड़ियां अभी भी पटरी पर नहीं आ पाई है। इस दौरान 50 से अधिक ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलीं हैं और अभी भी चलाई जा रही है। ट्रेनों के कैंसिल होने की वजह से हजारों की संख्या में लोगों को अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी। ट्रेन रद्द होने से रेलवे को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है और रेलवे प्रशासन को लाखों रुपए रिफंड करना पड़ रहा है। 25 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित अगस्त महीने के पहले सप्ताह से अलग-अलग ति​थियों में ट्रेनें कैंसिल रहीं। पिछले एक महीने की बात करें तो 25 हजार से ज्यादा यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। रेलवे लोकल ट्रेनों को ज्यादा कैंसिल कर रहा है, जिसका असर दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। वहीं, लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द होने के कारण 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को अपनी यात्रा कैंसिल करनी पड़ी। इन्हें रेलवे को रिफंड लौटाना पड़ा है। जिससे रेलवे को भी आर्थिक नुकसान हुआ है। दूसरी और तीसरी लाइन के साथ मेंटेनेंस का चल रहा है काम रेलवे के अफसरों के मुताबिक बिलासपुर सहित दूसरे जोन में स्टेशनों के यार्ड की रिमॉडलिंग, दूसरी और तीसरी लाइन बिछाने के साथ ही कनेक्टिविटी के लिए नॉनइंटरलॉकिंग का काम चल रहा है। इसके साथ ही रेलवे प्रशासन ने मेंटेनेंस और सुरक्षा संबंधी रखरखाव की वजह से भी ट्रेनों को कैंसिल करने की बात कही है। अब डेलवपमेंट और मेंटेनेंस के नाम पर 16 ट्रेनें कैंसिल दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के कई सेक्शनों में गतिशीलता के उन्नयन, समय की पाबंदी और चल रहे विभिन्न सुरक्षा संबंधी रखरखाव कार्यों के लिए कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस काम के चलते रेलवे ने 16 ट्रेनों को तीन से 13 सितंबर तक कैंसिल कर दिया है। रद्द होने वाली गाड़ियां 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक रायपुर से चलने वाली 08746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 4 सितम्बर से 13 सितम्बर तक गेवरा रोड से चलने वाली 08745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 9 सितम्बर से 12 सितम्बर तक बिलासपुर एवं शहडोल से चलने वाली 08740/08739 बिलासपुर–शहडोल –बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर 2023 तक रायपुर से चलने वाली 08729 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 4 सितम्बर से 13 सितम्बर तक डोंगरगढ़ से चलने वाली 08730 डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक रायपुर एवं दुर्ग से चलने वाली 08701/08702 रायपुर-दुर्ग-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक इतवारी एवं बालाघाट से चलने वाली 08714/08715 इतवारी-बालाघाट-इतवारी मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक गोंदिया एवं कटंगी से चलने वाली 07805/07806 गोंदिया-कटंगी-गोंदिया डेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक गोंदिया से चलने वाली 07809 गोंदिया-कटंगी पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 4 सितम्बर से 13 सितम्बर तक कटंगी से चलने वाली 07810 कटंगी-गोंदिया पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक गोंदिया से चलने वाली 08806 गोंदिया-वाडसा मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 4 सितम्बर से 13 सितम्बर तक वाडसा से चलने वाली 08808 वाडसा-चांदाफ़ोर्ट मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 4 सितम्बर से 13 सितम्बर 2023 तक चांदाफ़ोर्ट से चलने वाली 08805 चांदाफ़ोर्ट-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक रायपुर से चलने वाली 08721 रायपुर-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 3 सितम्बर से 12 सितम्बर तक डोंगरगढ़ से चलने वाली 08723 डोंगरगढ़-गोंदिया मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी। 4 सितम्बर से 13 सितम्बर तक गोंदिया से चलने वाली 08724 गोंदिया-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द रहेगी।
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राहुल गांधी आज रायपुर मेंं,राजीव युवा मितान किसान सम्मेलन में होंगे शामिल

रायपुर। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के दौरे पर रहेंगे। वे यहां युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे। नवा रायपुर के मेला ग्राउंड में होने वाले राजीव युवा मितान किसान सम्मेलन में राहुल गांधी दोपहर करीब 2 बजे पहुंचेंगे। कार्यक्रम में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सैलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के साथ सीनियर ऑब्जर्वर प्रीतम सिंह, सह प्रभारी विजय जांगिड़ समेत कई नेता मौजूद रहेंगे। जानिए राहुल गांधी का मिनट टू मिनट कार्यक्रम- दोपहर 2 बजे - राहुल गांधी का कार्यक्रम स्थल में आगमन 02.00 बजे से 2:20 बजे - प्रदर्शनी का अवलोकन और युवाओं से संवाद दोपहर 2:20 बजे - सभी नेताओं के साथ मंच पर आएंगे राहुल गांधी 2:20 से 2:20 बजे तक - छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण और राजगीत 2:23 से 2:28 तक - स्वागत, राजकीय गमछा से 2:38 से 2:50 तक - गिरीश देवांगन, प्रदीप शर्मा, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और खेलमंत्री उमेश पटेल का उद्बोधन 2:50 से 2:53 तक - उत्कृष्ट काम करने वाले 5 राजीव युवा मितन क्लबों के सदस्यों का सम्मान 2:53 से 3 बजे तक - नव नियुक्त शिक्षकों को राहुल गांधी नियुक्ति पत्र देंगे। 3:00 से 3:10 बजे तक - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सम्बोधन 3:10 से 3:25 बजे तक - राहुल गांधी का सम्बोधन 3:25 से 3:27 बजे तक - अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट 3:27 से 3:30 बजे तक - डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव आभार प्रदर्शन करेंगे
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1 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों की नौकरी गई, कर रहे थे हड़ताल

रायपुर। तीन जिलों के कलेक्टरों ने कल एस्मा लगने के बाद ड्यूटी पर न लौटने वाले करीब 1200 स्वास्थ्य कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। इनमें कोरबा में 337, जगदलपुर में 269, कांकेर में 568 शामिल हैं। आज कुछ और जिलों में आदेश जारी होने के संकेत हैं । वहीं स्वास्थ्य कर्मचारी शनिवार को 13 वें दिन भी हड़ताल पर रहेंगे। दूसरी ओर कलेक्टरों के आदेशों का विरोध तेज हो रहा है । कर्मचारी नेताओं ने इसे सरकार का दमन कहते हुए चुनाव में देख लेने की चेतावनी भी दी है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांत अध्यक्ष, संरक्षक पीआर यादव ने कहा कि हड़ताली स्वास्थ्य कर्मियों की बर्खास्तगी हिटलरशाही है। इसका संघ कटु शब्दों में निंदा करते हुए राज्य शासन से मांग करता है कि बर्खास्तगी आदेश तत्काल वापस लिया जाए और हड़ताली स्वास्थ्य कर्मचारियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी मांगों पर लोकतांत्रिक तरीके से निराकरण किया जाए। यह कार्यवाही 35 वर्ष पूर्व सुश्री जयललिता तत्कालीन मुख्यमंत्री तमिलनाडु के उसे बरबर कार्यवाही की याद दिलाती है जिन्होंने तमिलनाडु के हड़ताली चार लाख कर्मचारियों को निलंबित/ बर्खास्त की थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ पूरे देश के राज्य के कर्मचारियों ने तब आंदोलन कर तमिलनाडु के बर्खास्त कर्मचारियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित किए थे और तमिलनाडु सरकार को अपने निर्णय वापस लेने के लिए बाध्य किया गया था। यादव ने कहा कि तमिलनाडु के कर्मचारियों की हड़ताल का इतना असर हुआ कि जयललिता की एआईडीएमके विधानसभा चुनाव बुरी तरह हार गई थी। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं है। हड़ताली कर्मचारी अपने ट्रेड यूनियन अधिकारों के अंतर्गत अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन कर गांधीवादी तरीके से चिरनिद्रा में सो रहे स्वास्थ्य मंत्री और राज्य शासन को जागने का प्रयास किया। कर्मचारियों पर हमला प्रदेश के कर्मचारियों को स्वीकार नहीं होना चाहिए और इसके विरुद्ध सोमवार से सभी जिला तहसील मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन कर कलेक्टरों का पुतला दहन कर हड़ताली कर्मचारियों के साथ एकजुटता का संदेश देना हमारी नैतिक दायित्व है।
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हॉस्टल अधीक्षक बच्चों को भूखा रखने के मामले में सस्पेंड, DEO ने की कार्रवाई

सूरजपुर। आपने खेलकूद के दौरान बच्चों को इनाम पाते तो कई बार देखा होगा.लेकिन क्या कभी आपने खेल में गेंद फट जाने पर सजा की तौर पर बच्चों को भूखा रखने की सजा सुनी है.बेशक नहीं सुनी होगी. लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा कारनामा हुआ है. जहां मिशनरी स्कूल के बच्चों को फादर ने फुटबॉल फाड़ने के बदले 19 घंटे तक भूखा रखा.मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और हॉस्टल अधीक्षक की लापरवाही मिलने पर उसे जिला शिक्षाधिकारी ने सस्पेंड कर दिया है. ये पूरा मामला प्रतापपुर के जगरनाथपुर मिशन स्कूल का है.जहां 28 अगस्त के दिन 45 बच्चे ग्रुप बनाकर फुटबॉल खेल रहे थे.इसी दौरान फुटबॉल फट गया.शाम को जब स्कूल के फादर को ये बात पता चली तो उन्होंने बच्चों को फटकार लगाई और सजा के तौर भूखे सोने का आदेश सुना दिया.मासूम बच्चे भी डर के मारे अपने कमरों में जाकर सो गए.29 अगस्त दोपहर को कुछ ग्रामीणों को ये बात पता चली.जिसके बाद बच्चों को केले और बिस्किट बांटे गए. एक शख्स ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. बता दें कि शिक्षा विभाग की जांच में छात्रावास में बड़े पैमाने पर अव्यवस्था उजागर हुई थी. जांच में छात्रावास अधीक्षक ने बच्चों को भोजन नहीं देना स्वीकार किया था. आपको बता दें कि दो कमरों में संचालित छात्रावास में 21 बच्चों को रखने की मंजूरी है. लेकिन छात्रावास में 64 बच्चों को रखा गया है. साथ ही साथ बच्चों के कमरे में कीटनाशक भी मिले थे.जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है.
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नक्सली स्मारक को किया ध्वस्त, सर्चिंग टीम को मिली सफलता

नारायणपुर। सुरक्षाबलों और डीआरजी के जवानों ने नक्सली स्मारक को ध्वस्त किया है. जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी,बस्तर फाइटर और आईटीबीपी के संयुक्त टीम को भटबेड़ा थाना छोटेडोंगर क्षेत्र में रवाना किया गया था. इस जगह पर सर्चिंग के दौरान टीम को एक नक्सली स्मारक दिखाई दिया. जिसे टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से नीचे गिराया इसके बाद आग लगाकर नष्ट किया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि 'थाना छोटेडोगर ग्राम भटबेड़ा में नक्सलियों ने लकड़ी का स्मारक बनाया था. जिसे सुरक्षाबलों ने आग लगाकर नष्ट किया है. डीआरजी, बस्तर फाइटर और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने इस स्मारक को ध्वस्त किया है. क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में शामिल टीम सुरक्षित और खैरियत से है.आपको बता दें कि नारायणपुर नक्सल प्रभावित जिला है.अबूझमाड़ के कई गांव आज भी नक्सलियों का दंश झेल रहे हैं.नक्सलियों के खिलाफ नारायणपुर पुलिस, जिले के क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान चलाकर शांति व्यवस्था बना रही है. इसी कड़ी में जवानों ने जंगल के अंदर बनाए गए नक्सली स्मारक को ध्वस्त कर दिया है. इस स्मारक को नक्सलियों ने जंगल के बीच में बनाया था.इसी वजह से स्मारक सुरक्षा बलों की नजर से बचा रहा.लेकिन सर्चिंग के दौरान जवानों की नजर स्मारक पर पड़ी.इसके बाद जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से लकड़ी के स्मारक को काटकर नीचे गिराया और फिर आग लगा दी.
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देश के दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री बने भूपेश बघेल, इतने प्रतिशत लोगों ने सराहा काम....

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता में और इजाफा हुआ है। वह देश के सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में दूसरे स्थान पर है। सर्वे में 59.1 प्रतिशत लोगों ने उनके कामकाज पर संतुष्टि जताई है। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट एक मीडिया ग्रुप ने हाल ही में प्रकाशित की है। इसके तहत देश भर में आम नागरिकों से मुख्यमंत्रियों के कामकाज के संबंध में किये गये सर्वे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता में और इजाफा हुआ है। इंडिया टूडे समूह द्वारा देश भर में आम नागरिकों से मुख्यमंत्रियों के कामकाज के संबंध में किये गये सर्वे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता में और इजाफा हुआ है। उनकी सरकार के कामकाज पर 59.1 प्रतिशत लोगों ने भरोसा जताया है। इंडिया टूडे द्वारा मुख्यमंत्रियों की लोकप्रियता के लिए जनवरी 2023 में कराए गए सर्वे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कामकाज पर 55.7 प्रतिशत लोगों ने संतुष्टि जताई थी। इसके पूर्व वर्ष में हुए सर्वे में 53.3 प्रतिशत ने मुख्यमंत्री बघेल के कामकाज को सराहा था। इंडिया टूडे के सर्वे में लोकप्रियता के मामले में ओडिशा के मुख्यमंत्री पहले स्थान पर, दिल्ली के मुख्यमंत्री तीसरे स्थान पर हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री चौथे, असम के मुख्यमंत्री पांचवे स्थान पर हैं।
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CG News: भूपेश कैबिनेट की बैठक आज... मुहर लग सकती है नियमितिकरण पर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शाम 6.00 बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे. भूपेश कैबिनेट की बैठक की खबर को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि संविदा कर्मियों को रेगुलर किये जाने को लेकर मुहर लग सकती है. साथ ही 15 अगस्त के मौके पर सीएम भूपेश बघेल की ओर से की गई घोषणाओं को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है. बता दें कि आज लोकसभा सांसद राहुल गांधी रायपुर आ रहे है. उनके साथ नवा रायपुर के मेला ग्राउंड आएंगे. यहां राजीव युवा मितान सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री शाम 5.10 बजे लोकसभा सांसद राहुल गांधी को बिदाई देंगे. उसके बाद मुख्यमंत्री बघेल शाम 6.00 बजे अपने निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे.
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स्कूल में छात्राओं से अमर्यादित व्यवहार करने वाले प्रधानपाठक को किया निलंबित, शराब के नशे में धूत होकर आता था स्कूल...!!

मनेद्रगढ़। गुरु और शिष्य का रिश्ता सबसे सम्मानजनक होता है। लेकिन शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खोंगापानी में पदस्थ प्रधानपाठक अशोक मंडल ने इस रिश्ते को शर्मसार किया है। स्कूल में छात्राओं से अमर्यादित व्यवहार करने वाले प्रधानपाठक को निलंबित कर दिया गया है। संयुक्त संचालक (शिक्षा) संभाग सरगुजा ने तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया है। प्रधानपाठक अशोक मंडल शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खोंगापानी में पदस्थ था। प्रधानपाठक लगातार शराब के नशे में स्कूल आता था और छात्राओं से छेड़खानी करते थे। इसकी शिकायत पर संयुक्त संचालक ने प्रधानपाठक को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय भरतपुर बीईओ कार्यालय नियत किया गया है।
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BREAKING : 1 करोड़ रुपए कैश के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी

कवर्धा। जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां चिल्फी थाना चेक पोस्ट पर एक करोड़ कैश के साथ चार‌ संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपी फरीदाबाद से कैश को ओडिशा ले जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर चिल्फी चेक पोस्ट पर आरोपी धरे गए। एक करोड़ कैश का कोई दस्तावेज संदिग्धों के पास मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जल्द खुलासा हो सकता है। मामले में निशांत वैद्य हरियाणा, राहुल रावत हरियाणा, नरेंद्र कुमार सहाय दिल्ली और विपिन सिंह दिल्ली समेत कुल 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
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बड़ी खबरः कवर्धा में नोटों से भरी गाड़ी पकड़ाई, 1 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद

कवर्धा। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कवर्धा से एक बड़ी खबर आयी है। नोटों से भरी गाड़ी पकड़ायी है। कार में 1 करोड़ रुपये मिले हैं। हालांकि इस पैसे का कहां और कैसे इस्तेमाल किया जाना था, इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस को ये कामयाबी चिल्फी पुलिस चेक पोस्ट पर जांच के दौरान मिली है। जानकारी के मुताबिक रकम ज्यादा भी हो सकती है। फिलहाल नोटों की गिनती जारी है। पुलिस इस मामले में जांच के बाद ही कुछ बताने की बात कह रही है। आईपीएस अभिषेक पल्लव ने कहा है कि… चिल्फी चेकपोस्ट में 1 करोड़ रुपए कैश पकड़ाए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा निवासी निशांत वैद्य, राहुल रावत, दिल्ली निवासी नरेंद्र कुमार सहाय, विपिन सिंह शामिल हैं। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी कैश को फरीदाबाद से ओडिशा ले जा रहे थे। मुखबिर की सूचना पर चिल्फी चेक पोस्ट पर आरोपी धरे गए। एक करोड़ कैश का कोई दस्तावेज संदिग्धों के पास मौजूद नहीं थे।फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जल्द खुलासा हो सकता है।
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3 दिन छुट्टी : स्थानीय अवकाश घोषित...जानिए किन तीन दिन रहेगी छुट्टियां... देखें आदेश....

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले के कलेक्टर संजीव कुमार झा ने तीन स्थानीय अवकाश घोषित किया है। ये तीन स्थानीय अवकाश गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली में रहेगा। पढ़ें आदेश
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राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रमोद शर्मा के कांग्रेस प्रवेश को लेकर अटकलें तेज, कई बड़े चेहरों की पार्टी में हो सकती है एंट्री

रायपुर। वायनाड सांसद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को रायपुर पहुंचे रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी नवा रायपुर में युवा संवाद को संबोधित करेंगे। इस बीच राहुल गांधी की मौजूदगी में बलौदा बाजार के जेसीसी विधायक प्रमोद शर्मा सहित जोगी कांग्रेस के कई चेहरे कांग्रेस में प्रवेश ले सकते हैं। बता दें शुक्रवार को महासमुंद जिले के सरायपाली विधानसभा से भाजपा पूर्व विधायक प्रत्याशी श्याम तांडी ने अपने सैकड़ों कार्यकताओं के साथ कांग्रेस में प्रवेश कर लिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सभी को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। बता दें कि बलौदाबाजार के विधायक प्रमोद शर्मा के कांग्रेस प्रवेश को लेकर पहले ही अटकले लगती रही हैं। हालांकि उनका ये भी कहना है कि सब मीडिया में चल रहा है। मेरे कार्यकर्ताओं के साथ तिल्दा और सुहेला में बैठक हुई है और तीसरी बैठक बलौदाबाजार में है, जिसके बाद निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि हाल ही में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने बलौदाबाजार का दौरा कर विधायक प्रमोद शर्मा के कांग्रेस प्रवेश को लेकर पार्टी के नेताओं से चर्चा की थी। जिसके बाद से ही सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि विधायक प्रमोद शर्मा रायपुर में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस प्रवेश करने का ऐलान कर सकते हैं। बताया जा रहा है​ कि उनके साथ सैकड़ों की संख्या में जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।
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भाजपा को बड़ा झटका, टिकट न मिलने से नाराज ये नेता हुए कांग्रेस में शामिल

रायपुर। विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के राजनितिक गलियारों में काफी राजनीतिक गलियारे में घमासान मचा हुआ है। इस बीच खबर आ रही है कि टिकट के न मिलने से नाराज भाजपा पूर्व विधायक प्रत्याशी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बता दें कि यह बड़ा झटका पार्टी को उस वक्त लगा है जब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए हालही में 21 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी। जिसमें सरला कोसरिया को सरायपाली विधानसभा से टिकट दिया गया है। तब से श्याम टांडी पार्टी से नाराज चल रहे हैं।गांडा समाज को टिकट नहीं मिलने पर श्याम तांडी ने अपनी नाराजगी जताई और अपने समर्थकों के साथ अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया।
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पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की धारदार हथियार से युवक की हत्या

सुकमा। जिले में नक्सलियों ने पुलिस की मुखबिरी करने के शक में युवक की हत्या कर दी है। वारदात के बाद उसके शव को जंगल में फेंक दिया। शव के पास पर्चे भी फेंके गए हैं। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम को मौके पर पहुंच गई। मामला चिंतागुफा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, युवक कोर्सा कोसा सिलगेर का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि, नक्सलियों ने उसका अपहरण कर लिया था। फिर उसे अपने साथ जंगल लेकर गए। जहां उस पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया और हत्या कर दी। जिसके बाद शव को सुकमा जिले के मिनपा गांव के जंगल में फेंक दिया था। ग्रामीणों ने शव को देखकर इसकी जानकारी पुलिस को दी।
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राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत: सरकार ने बढ़ाई ई-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख, ये है नई डेड लाइन

भारत सरकार के निर्देश पर ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्रवाई की अंतिम तारीख आज 31 अगस्त थी। इस तारीख को अब आगे बढ़ा दिया गया है। अब राशनकार्ड के सदस्यों को 30 सितंबर तक का मौका दिया गया है। इस वजह से हो रही ई-केवाईसी वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है। राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने और आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है।
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*कांग्रेस ने जारी किया भाजपा का काला चिट्ठा*

*कांग्रेस ने जारी किया भाजपा का काला चिट्ठा* *प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, ऑब्जर्वर प्रीतम सिंह की उपस्थिति में जारी हुआ भाजपा का काला चिट्ठा* *एआईसीसी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि* आज हम छत्तीसगढ़ की कांग्रेस पार्टी की ओर से भारतीय जनता पार्टी के करतूतों का कुशासन का उनकी केंद्र की मोदी सरकार की वायदा खिलाफी, भ्रष्टाचार, कुशासन और छत्तीसगढ़ में 15 साल तक भाजपा की सरकार थी, 15 साल के भाजपा के शासन का दौर छत्तीसगढ़ के लिये काला अध्याय था। भाजपा के जन विरोधी आचरण के खिलाफ भाजपा का काला चिट्ठा जारी कर रहे है  इसमें 9 साल की मोदी सरकार की वायदा खिलाफी  15 साल के रमन राज में छत्तीसगढ़ का शोषण, भ्रष्टाचार वायदा खिलाफी  भाजपा का चरित्र आदिवासी विरोधी अनुसूचित जाति विरोधी हमारे द्वारा प्रस्तुत भाजपा के काला चिट्ठा में कुल 212 बिंदु है मोदी सरकार का काला चिट्ठा-85 बिंदु मोदी के कुशासन जनविरोधी फैसले - 26 बिन्दु रमन उनके मंत्री मंडली सहयोगियों के घोटाले-34 बिंदु रमन राज के 15 साल में छत्तीसगढ़ शोषण -54 बिंदु भाजपा का आदिवासी विरोधी चरित्र-8 बिंदु भाजपा किसान विरोधी - 4 बिंदु भाजपा चरित्र आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं गरीब विरोधी-1 बिंदु देश में महंगाई चरम पर है केंद्र सरकार मुनाफाखोर बनी हुई है। पांच राज्यों के चुनाव सिर पर देख कर रसोई गैस के दामों में 200 रू. कटौती की गयी, 400 का सिलेंडर तीन गुना 1200 कर दिया, अब 200 की कटौती कर घड़ियाली आंसू बहा रहे। डीजल, पेट्रोल, राशन सामाग्री सभी के दाम बेतहाशा बढ़ गये है। आम आदमी के घर का बजट बढ़ गया। मोदी जुमलों पर सरकार चला रहे है। कल्पनाओं में और बयानों में खुद को सबसे ईमानदार बताते है न खाऊंगा न खाने दूंगा का नारा देते है लेकिन अडानी के घोटालों पर मौन साध लेते है, संसद में जवाब नहीं देते है। विपक्षी दलों के सरकारों के खिलाफ ईडी, आईटी, सीबीआई की जांच करवाते है, धमकियां दी जाती है। गलत कार्यवाहियां करवाई जाती है, केंद्र सरकार के खिलाफ अमित शाह के गृह मंत्रालय के खिलाफ 1.25 लाख शिकायतें लंबित है उसकी जांच क्यों नहीं करवाई जाती, सारी कार्यवाही गैर भाजपा शासित राज्यों के खिलाफ ही क्यों? प्रधानमंत्री जवाब दें जिन नेताओं के खिलाफ भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगाती है जब वे भाजपा प्रवेश कर लेते है तो उनके खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्यवाही बंद क्यों हो जाती है? *मोदी के कुशासन एवं जन विरोधी फैसले* 1 देश के 14 प्रधानमंत्रियों के कुल मिलाकर 67 साल में कुल 55 लाख करोड़ कर्ज लिया था। पिछले 9 साल में नरेन्द्र मोदी ने देश पर कर्जा 3 गुना कर दिया। 100 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज केवल मोदी ने लिया है। 2014 में देश पर कुल कर्ज 55 लाख करोड़ था जो अब बढ़कर 155 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। 2 डीजल पर सेंट्रल एक्साइज 2014 में 3.54 पैसा था जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर 31 रू. तक पहुंचा दिया। 410 का सिलेंडर 1100 के पार केवल पेट्रोलियम उत्पाद से 30 लाख करोड़ से अधिक अतिरिक्त मुनाफाखोरी। केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज के रूप में देश की आम जनता की जेब से 30 लाख करोड़ की डकैती की। 3 रूपये का सर्वाधिक अमूल्यन मोदी राज में हुआ। एक डॉलर की कीमत 2014 में 59 रू. थी जो आज बढ़कर 83 रू. हो गया है। अर्थात 41 प्रतिशत अमूल्यन केवल मोदी राज में। मोदी जी कहते थे रुपये का मूल्य जितना गिरता है उतना केंद्र की सरकार भ्रष्ट होती है। 4 चंद पूंजीपति मित्रों के 18 लाख करोड़ से अधिक का लोन राईट ऑफ कर दिये लेकिन किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी-2 फार्मूले पर 50 प्रतिशत लाभ का वादा करके भूल गये। 5 सेंट्रल एक्साइज जैसे केंद्रीय करो में कमी कर उसी अनुपात में सेस लगाया ताकि राज्यों को उसका हिस्सा न देना पड़े मोदी सरकार की नीतियां सहकारी संघवाद और राज्यों के आर्थिक हितों के खिलाफ। 6 अडानी की कंपनी ने लगाये गये फर्जी सेल कंपनियों के 20 हजार करोड़ किसके है? 7 किसके दबाव में कंपनी एलआईसी और एसबीआई का पैसा अडानी की डूबती कंपनी में लगाया। 8 तमाम केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश कम करके राज्यांश बढ़ाया अर्थात राज्यों में अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया। 9 छत्तीसगढ़ उत्पादक राज्य है। जीएसटी लागू होने के बाद उत्पादक राज्यों को होने वाली क्षतिपूर्ति की भरपाई 30 जून 2022 से बंद कर दी गयी। लेकिन क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिये वसूला जाने वाला जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक वसूलेगी। उत्पादक राज्यों की उपेक्षा क्यों? 10 केंद्र की मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी फिर गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) फिर कोविड मिस मैनेजमेंट से पूरे देश की अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर दिया। 11 केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिये देश के अन्नदाता किसानों पर कृषि के 3 काले कानूनों को थोपने का प्रयास किया। देश के किसान 1 साल से ज्यादा समय तक सड़कों पर आंदोलन करते रहे, कभी उन्हें अरबन नक्सली, आतंकवादी और पाकिस्तानी जैसे शब्दों से संबोधित कर अपमान किया गया। जब देश के 750 किसान परिवारों ने अपने परिवार के 1 सदस्य को खोया तब जाकर केंद्र की मोदी सरकार नींद से जागी। 12 वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों को शिथिल कर आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन से वंचित करने केंद्र की मोदी सरकार षड़यंत्र रच रही है। 13 केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण भारत देश भूखमरी इंडेक्स में पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका से भी पिछड़ चुका है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता शिखर पर पहुंच चुका है। 14 यूपीए सरकार में देश के 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये। जबकि केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण 23 करोड़ लोग मध्यम वर्ग से गरीबी रेखा के नीचे चले गये। 15 दैनिक उपभोग की वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाकर आम जनता से बेरहमी से कर वसूली करके कुल कर संग्रहण तो 3 गुना बढ़ा लिये लेकिन उसका लाभ और सुविधायें न राज्यों को, न ही आम जनता को। 16 10 दिन के भीतर अडानी की कंपनियों में निवेशकों के 15 लाख करोड़ की अधिक की राशि कैसे लूट गये? किसके संरक्षण में अडानी की कंपनियों एसेट बढ़ाकर बताये गये। 17 अपने पूंजीपतियों मित्रों के लाभ के लिये पहली बार देश में कमर्शियल माइनिंग मोदी सरकार ने प्रारंभ किया। कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल जैसे सरकारी कंपनियों और नवरत्न कंपनियों में खनन का काम अडानी को किसके दबाव में दिया गया। 18 भूपेश सरकार ने 27 जुलाई 2022 को हसदेव अरण्य के पांच कोल ब्लॉक आवंटन निरस्त करने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र की मोदी सरकार को भेजा है। विगत एक वर्ष से मोदी सरकार खामोश क्यों है? 19 यूपीए के समय तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य और तमोर पिंगला को अति जैव विविधता महत्वपूर्ण क्षेत्र मानते हुये नो गो एरिया घोषित कर खनन गतिविधियां प्रतिबंधित की गयी थी। जिसे मोदी सरकार ने संकुचित कर माइनिंग शुरू कराया। 20 कोरोना महामारी के समय अपने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने श्रम विरोधी दर्जनों कानून सदन में बिना चर्चा के ही पारित कर दिये। 21 02 दिसंबर 2022 से 76 प्रतिशत आरक्षण विधेयक विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित कर राजभवन भेजा गया है, 9 माह से आखिर किसके इशारे पर और किसके दबाव में रोका गया है? 22 सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार द्वारका एक्सप्रेसवे 18 करोड़ रुपये प्रति किमी की लागत से बनना था, लेकिन मोदी सरकार ने इसकी लागत बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये प्रति किमी कर दी। 23 भारत माला प्रोजेक्ट के तहत 75 हजार किमी सड़क बन रही है। ये सड़क 15 करोड़ प्रति किमी की लागत से बननी थी,लेकिन मोदी सरकार ने लागत 15 से 25 करोड़ रुपये प्रति किमी बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये का घोटाला किया और अधिकांश काम अडाणी की कंपनियों को दे दिया। 24 जनवरी 2015 से मार्च 2022 के बीच स्वदेश दर्शन योजना का ऑडिट किया था, जिसकी रिपोर्ट बुधवार को संसद में पेश की गई और कहा गया कि छह राज्यों की छह परियोजनाओं में ठेकेदारों को 19.73 करोड रुपये का गलत तरीके से लाभ दिया गया। अयोध्या स्वदेश दर्शन योजना के तहत रामायण सर्किट का हिस्सा है। इसके लिए 27 सितंबर 2017 को 127 करोड़ 21 लाख का बजट मंजूर हुआ था। इसमें से 115 करोड़ रुपये अभी तक जारी किए जा चुके हैं। 25 एनएमडीसी द्वारा निर्मित नगरनार स्टील प्लांट जिससे बस्तर के लोगों की सीधी भावनायें जुड़ी हुई है उसे केंद्र सरकार अपने मित्र अडानी को सौप कर निजीकरण करने की साजिश कर रही है। इसके अलावा एसईसीएल की 80 प्रतिशत से अधिक खदानों को पूंजीपति मित्र अडानी को सौपने की पूरी तैयारी कर चुकी है। 26 छत्तीसगढ़ में केंद्र की मोदी सरकार अपने मुनाफे और पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिये यात्री ट्रेनों के बजाय कोयले परिवहन को प्राथमिकता देते हुये लगातार बिना किसी पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के ट्रेनों को लगातार रद्द कर रही है। भाजपा के नौ लोकसभा सांसद केंद्र की मोदी सरकार के सामने छत्तीसगढ़ की हकों की बात करने में पूरी तरह असमर्थ है। *प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि* आज हम भाजपा की जनविरोधी सोच का काला चिट्ठा जारी कर रहे है। भाजपा ने 15 साल में छत्तीसगढ़ का शोषण किया। भाजपा के राज में प्रदेश में आम आदमी के संवैधानिक अधिकारों को बंधक बना कर रखा गया था। आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा, महिलाएं सभी असुरक्षित थी। किसानों को उनकी उपज की पूरी कीमत नहीं मिलती थी। आदिवासी असुरक्षित थे। नक्सलवादी गतिविधियां जोरों पर थी। महिलायें, बच्चियां असुरक्षित, झलियामारी और आमाडोला जैसी घटनाएं प्रदेश की पहचान बन गयी थी। नान घोटाला, चिटफंड घोटाला, ओडीएफ घोटाला, पनामा पेपर, डीकेएस जैसे घोटालों से प्रदेश की छवि खराब हुई थी। भाजपा की मोदी सरकार वादाखिलाफी का पर्याय बन गयी है। किसानों, युवाओं, गृहणियों किसी से किया वादा मोदी ने पूरा नहीं किया। *भाजपा का चरित्र आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग गरीब विरोधी* कांग्रेस सरकार ने राज्य के हर वर्ग के लोगों को उनका अधिकार देने विधानसभा में सर्वसम्मति से आरक्षण संशोधन विधेयक पारित करवा कर राजभवन भेजा है। भाजपा ने षड़यंत्रपूर्वक उस विधेयक को राजभवन में रोके रखा है। विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगो को भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 76 प्रतिशत का आरक्षण सभी वर्गो की आबादी के अनुसार निर्णय लिया है। यह विधेयक यदि कानून का रूप लेगा तो हर वर्ग के लोग संतुष्ट होंगे। सभी वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने सामाजिक न्याय को लागू करने यह विधेयक बनाया गया है। *भाजपा आदिवासी विरोधी* ऽ वन अधिकार पट्टों के लिये प्राप्त 4 लाख आवेदनों को बिना किसी परीक्षण के निरस्त कर दिया। (कांग्रेस सरकार ने 4,55,586 वन अधिकार बांटे। ) ऽ भाजपा सरकार द्वारा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार नहीं दिए गये। ( कांग्रेस सरकार ने 50 लाख से अधिक सामुदायिक वन संसाधन ) ऽ सैकड़ो निर्दोष आदिवासी को जेल लंबी अवधि तक कैद रखा। (विगत चार वर्षो में 1314 निर्दोष आदिवासी को कांग्रेस सरकार ने रिहा किया) ऽ भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों की हजारों एकड़ भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किया गया। ( कांग्रेस की सरकार में बस्तर की लोहांडीगुड़ा क्षेत्र के 10 गांव में निजी इस्पात संयंत्र के लिये अधिग्रहित की गई 1707 किसानों की 4200 एकड़ से अधिक भूमि उन्हें वापस की) ऽ भाजपा शासनकाल में केवल 7 प्रकार के वनोपज की खरीदी की जाती थी। लघु वनोपज की न्यूनतम मूल्य पर संग्रहण का कोई प्रयास नहीं किया गया। संग्राहको को बिचौलियों को वनोपज औने-पौने दामों पर बेचना पड़ता था। ( कांग्रेस राज में समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 65 की।) ऽ पेसा कानून को लागू करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। (कांग्रेस पेसा कानून के नियम बनाया) ऽ आदिवासियों को रोजगार, स्व रोजगार और उनकी आय में वृद्धि को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया। ऽ सुपोषण अभियान को लेकर प्रभावशील कार्य नहीं किया गया। वनांचल सुदूर क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगो तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया। ऽ फर्जी चिटफंड कंपनियों को आश्रय दिया गया। इन कंपनियों ने आम जनता से उनके खून पसीने की कमाई के करोड़ो रूपए ठगे। *भाजपा किसान विरोधी* 1. भाजपा ने 2013 के विधानसभा चुनाव में किसानों से एक-एक दाना धान खरीदने, 2100 रू प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने तथा 300 रू प्रति क्विंटल बोनस भी देने का वादा किया था। वह वादा छलावा मात्र सिद्ध हुआ। वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने सर्वप्रथम यह निर्णय किया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा कोई भी अतिरिक्त राशि नहीं दी जायेगी। केंद्र सरकार के दबाव का ही परिणाम था कि किसानों से एक-एक दाना धान क्रय करने का वादा करने वाली रमन सरकार ने 2014 में ही यह घोषणा की कि किसानों से प्रति एकड़ मात्र 10 क्विंटल धान मात्र का संग्रहण न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाये। कांग्रेस के उग्र विरोध एवं किसानों के आंदोलित होने से दबाव में आकर प्रति एकड़ 10 क्विंटल धान खरीदी की सीमा बढ़ाकर 15 क्विंटल की गयी। 2. मोदी सरकार ने वर्ष 2016 में घोषणा की थी कि आगामी 6 वर्षों में अर्थात वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगनी हो जायेगी। किसानों की आय में वृद्धि होने के बदले आय कम हो गयी। इस घोषणा पर भी भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली है। 3. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसा अनुसार धान के एम.एस.पी. के निर्धारण करने के वादे से पलटना। 4. मोदी सरकार ने वर्ष 2020 में 3 कृषि कानूनों को लाया गया। जिसका उद्देश्य एम.एस.पी. एवं पी.डी.एस. की व्यवस्था को समाप्त कर खेती का कार्पोरेटीकरण करना था। पूरे देश के किसानों ने मोदी सरकार के इस निर्णय का पुरजोर विरोध किया था। भाजपा के केन्द्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता पूरे देश में घूम-घूम कर यह समझाने का प्रयास करते रहे कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में लागू किये जा रहे है तथा किसान नासमझी के कारण इनका विरोध कर रहे है। तीनों काले कानूनों का विरोध करते-करते 750 किसानों को अपनी जान की कुर्बानी देनी पड़ी। उसके बाद भी हठधर्मिता के कारण भाजपा नेताओं का दिल नहीं पसीजा। कुछ राज्यों के चुनाव निकट आने पर राजनीतिक हानि से बचने के लिये तीनों कानूनों को मजबूरी में वापस लेना पड़ा। लेकिन इससे भाजपा के किसान हितैषी बनने के ढोंग का पर्दाफाश हो गया । *”कथित डबल इंजन की सरकार का विचार“, भाजपा का छत्तीसगढ़ के लोगो को फिर से ठगने का षडयंत्र मात्र* 1. केन्द्र में मई 2014 में भाजपा की सरकार बनी। वर्ष 2013 में भाजपा ने किसानों से धान खरीदी पर 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का वादा किया था किन्तु जून 2014 में मोदी सरकार ने धान खरीदी पर बोनस दिए जाने पर प्रतिबंध लगाया। 2100 रू. प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का प्रस्ताव ठुकराया। राज्य की लाचार भाजपा सरकार न चाहते हुये भी कुछ न कर सकी। राज्य की जनता से विश्वासघात किया। 2. 2013 में किसानों से धान का एक-एक दाना खरीदने का वादा करने के बाद खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा प्रति एकड़ 10 क्विंटल निर्धारित की गयी। कांग्रेस के उग्र विरोध के बाद उसे प्रति एकड़ 15 क्विंटल किया गया। 3. रमन सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में सबसे अधिक धान 2013-14 में खरीदा गया, 80 लाख टन। तब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद राज्य में 2018 तक प्रतिवर्ष मात्र 63 लाख टन, 59.29 लाख टन, 69.59 लाख टन तथा 56.89 लाख टन धान खरीदा गया। डबल इंजन सरकार में धान खरीदी इतनी कम क्यों? मोदी ने रमन सिंह को पैसे क्यों नही दिए? 4. सभी केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केन्द्रांश कम होता गया, राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ता रहा। राज्य के मुख्यमंत्री एवं अन्य भाजपा नेता कुछ न कर सके। (सूची संलग्न) वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद अनेक महत्वपूर्ण केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रान्श कम कर के राज्यांश की राशि बढ़ा दी गयी, जिससे राज्यों के वित्तीय भार में वृद्धि हुई। क्र. योजना का नाम वर्ष 2013-14 तक के केंद्रांश और राज्यांश का प्रतिशत वर्ष 2014-15 तक के केंद्रांश और राज्यांश का प्रतिशत केन्द्रांश : राज्यांश केन्द्रांश : राज्यांश 1 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 75 : 25 60 : 40 2 सर्व शिक्षा अभियान 75 : 25 60 : 40 3 मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम 65 : 35 60 : 40 4 प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 100 : 00 60 : 40 5 नरेगा 90 : 10 75 : 25 6 राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम 75 : 25 50 : 50 7 राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान 65 : 35 60 : 40 8 एकीकृत बाल विकास योजना 85 : 15 57 : 43 5. वर्ष 2017 में राज्य के हितों के विपरीत जी.एस.टी. की व्यवस्था लागू की गयी। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य को वर्ष 2022 के बाद प्रतिवर्ष हजारों करोड़ का नुकसान होना तय था। राज्य के भाजपा नेता केंद्र सरकार के दबाव के सामने लाचार थे. तथा राज्य की जनता के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय का जरा भी विरोध न कर सके। राज्य की जनता कभी भी भाजपा द्वारा किये गये अन्याय को माफ नहीं करेगी। वर्ष 2023-24 से छत्तीसगढ़ को 7,000 करोड़ से अधिक क्षति होना निश्चित हैं। 6. चिटफंड कंपनियां राज्य के लाखों गरीब परिवारों की खून पसीने की कमाई लेकर चंपत हो गयी। केंद्र एवं राज्य सरकार के संरक्षण में उन कंपनियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी। 7. कोयला रॉयल्टी की बकाया 4,400 करोड़ की राशि रमन राज में केंद्र ने रोकी। 8. सितंबर 2018 की रिजर्व बैंक ऑफ इन्डिया की रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक गरीबों का प्रतिशत छत्तीसगढ़ में मोदी और रमन ने जमकर लूटा । 9. देश के सर्वाधिक 100 पिछड़े जिलों में 10 जिले छत्तीसगढ़ में उनमें रमन सिंह का जिला राजनांदगांव भी शामिल। 10. किसानों की ऋण माफी की भाजपा एवं राज्य की केंद्र सरकार विरोधी। किसान कर्ज में भूबे। 11. रमन परिवार की संपत्ति 2008 से 2018 के बीच 15 गुना बढ़ी। 12. नक्सल समस्या चरम पर आदिवासियों की फर्जी एनकाउंटर के नाम पर हत्या। सैकड़ों निर्दोष आदिवासियों को नक्सली होने के नाम पर जेल में ठूसा गया। 13. अडानी को अनेक कोयला एवं आयरन और ब्लॉक बिना किसी लागत लगाये सौंपे गये। 14. आदिवासियों की 1 लाख एकड़ भूमि जबरन अधिग्रहित । आदिवासी दर-दर भटकने हेतु मजबूर। 15. 15 आदिवासी लघु वनोपज बिचौलियों को बेचने हेतु विवश एम.एस.पी. पर क्रय की कोई व्यवस्था नहीं। 16. राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की जन्मभूमि, रामायण मंडलियां, छत्तीसगढ़ी संस्कृति - घोर उपेक्षा। क्योंकि असली सत्ता राज्य के बाहर के लोगों के हाथ में थी। जिन्हें छत्तीसगढ़ की संस्कृति से कोई लगाव नहीं था। 17. बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करके उनसे विश्वासघात । 18. मोदी सरकार ने नंदराज पर्वत को अडानी को सौंपने का षड्यंत्र कर रही है। 19. छत्तीसगढ़ को रमन सिंह सरकार के समय ओडीएफ राज्य घोषित कर दिया गया था। लेकिन राज्य की 24 प्रतिशत आबादी खुले में शौच को जाती है। इस तरह छत्तीसगढ़ में पूर्ण ओडीएफ घोषित कर 1500 करोड़ का घोटाला किया गया। उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि 15 वर्षों के कार्यकाल में रमन सरकार ने राज्य के गरीबों, आदिवासियों, किसानों, बेरोजगारों तथा अन्य नागरिकों को सिर्फ लूटने का काम किया गया। केंद्र में 2014 में मोदी सरकार के गठन के बाद गरीबों के लूट की प्रक्रिया और तेज हो गयी थी। रमन परिवार, उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों तथा भाजपा पदाधिकारियों की संपत्तियां कई गुना बढ़ गयी। दो-पहिया वाहनों में चलने वाले तथा सामान्य रहन-सहन वाले भाजपा महंगे चार पहिया वाहनों एवं आलीशान मकानों के मालिक बन गये। साढ़े चार साल तक शर्म के मारे भाजपाई घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही मोदी एवं अमित शाह की फटकार के बाद फिर से झूठ एवं फरेब के माध्यम से सत्ता हथियाना चाहते हैं। राज्य की जनता केंद्र की भाजपा सरकार एवं राज्य भाजपा के नेताओं के विश्वासघात से बुरी तरह आहत है। वह भाजपा के किसी भी हथकंडे से प्रभावित नहीं होगी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रभारी महामंत्री प्रशासन एवं संगठन मलकीत सिंह गैंदू, वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह, धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, सुरेंद्र वर्मा, प्रवक्ता नितिन भंसाली, वंदना राजपूत, अजय गंगवानी, अजय साहू उपस्थित थे।
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सड़क दुर्घटना में मृत्यु के प्रकरण में सहायता राशि स्वीकृत

सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर प्रतीक जैन द्वारा मृतक के परिजनों के लिए 25-25 हजार रूपये की सहायता स्वीकृत किया गया है। भानुप्रतापपुर तहसील के ग्राम तरान्दुल निवासी अघन हुपेण्डी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में उनके पिता फूलसिंह हुपेण्डी के लिए 25 हजार रूपये, दुर्गूकांदल निवासी विक्रम तोप्पा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके पिता अन्नुराम तोप्पा के लिए 25 हजार रूपये तथा दुर्गूकांदल तहसील के ग्राम मेड़ो निवासी अभिषेक ठाकुर की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी माता श्रीमती भुनेश्वरी ठाकुर के लिए 25 रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किया गया है।

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गदर 2 फेम अमीषा पटेल आएंगी रायपुर, 5 सितंबर को फिल्म फेस्टिवल में होंगी शामिल

रायपुर। गदर 2 फेम 5 सितंबर को राजधानी रायपुर आ रही है। राजधानी में आयोजित आर्ट, लिट्रेचर एंड फिल्म फेस्टिवल आयोजन 3 सितंबर से 5 सिंतबर तक होना है। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ की संस्कृति विभाग और पर्यटन विभाग कर रही है। फिल्म फेस्टिवल का यह दूसरा साल माना जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर कुणाल शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम समापन के आखिरी दिन (5 सितंबर) को गदर 2 की अभिनेत्री अमीषा पटेल आएगी। इस दौरान समापन के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित रहेंगे। कुणाल शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संवारने और सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से सराहनीय पहल किया जा रहा है। सरकार के इस सराहनीय कदम से प्रदेश के स्थानीय कलाकरों को बॉलीवुड में काम मिलने में मदद मिल रहा है। शुक्ला ने बताया कि, सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में कलाकरों को फिल्म जगत में काम करने का अवसर मिलेगा।
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नॉन इंटरलोकिंग कार्य के चलते 11 सितम्बर से ये ट्रेनें रहेगी रद्द, इन ट्रेनों का किया गया मार्ग परिवर्तित

बिलासपुर। अधोसंरचना विकास हेतु उत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतर्गत वाराणसी रेलवे स्टेशन के यार्ड का आधुनिकरण का कार्य किया जायेगा । इस कार्य के लिए नॉन इंटरलोकिंग कार्य किया जाएगा । यह कार्य दिनांक 02 सितम्बर से 14 अक्टूब , 2023 तक किया जायेगा । इस कार्य होने कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली कुछ गाड़ियो का परिचालन प्रभावित रहेगा । इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा । जिसका विवरण इस प्रकार है. रद्द होने वाली गाड़ी :- दिनांक 11 सितम्बर से 15 अक्टूबर, 2023 तक बरौनी से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15231 बरौनी –गोंदिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी । दिनांक 12 सितम्बर से 16 अक्टूबर, 2023 तक गोंदिया से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15232 गोंदिया -बरौनी एक्सप्रेस रद्द रहेगी । परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाडियाँ :- दिनांक 01, 06, 08, 13, 15, 20, 22, 27, 29 सितम्बर, 04, 06, 11 एवं 13 अक्टूबर, 2023 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18201 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जंक्शन-सुल्तानपुर- अयोध्या कैंट-अयोध्या-नौतनवा होकर रवाना होगी । दिनांक 01, 03, 08, 10, 15, 17, 22, 24 एवं 29 सितम्बर, 01, 06, 08 एवं 13 अक्टूबर, 2023 को नौतनवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18202 नौतनवा-दुर्ग एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग नौतनवा-अयोध्या-अयोध्या कैंट- सुल्तानपुर- प्रयागराज जंक्शन होकर रवाना होगी । दिनांक 01, 20 सितम्बर से 15 अक्टूबर, 2023 तक छपरा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जंक्शन-प्रयागराज रामबाग-वाराणसी-वाराणसी शहर होकर रवाना होगी । दिनांक 19 सितम्बर से 14 अक्टूबर, 2023 तक दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 15160 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग प्रयागराज जंक्शन-प्रयागराज रामबाग-वाराणसी-वाराणसी शहर होकर रवाना होगी ।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने काफिला रुकवाकर बच्चों को बांटी चॉकलेट, GGU के कन्वोकेशन में हुई शामिल

बिलासपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज बिलासपुर जिले के दौरे में पहुंची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्टूडेंट्स को देखकर बीच सड़क अपना काफिला रुकवाकर बच्चों को चॉकलेट बांटी। उसके बाद उन्होंने कुछ देर तक उनसे बात की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज जीजीयू के दसवें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थी। समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। इस दौरान राष्ट्रपति ने 28 ‎शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 76 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दिए। 76 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2021-22 की कई परीक्षाओं‎ और मेरिट में आने वाले छात्र शामिल हुए।‎ 28 ‎शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और 76 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए गए। 76 में से 72 छात्रों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक दिया गया। हर साल की तरह इस बार भी स्वर्ण पदक में छात्राओं ने अपना दबदबा बरकरार रखा है। इस बार 45 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिले हैं।
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जमानत की शर्तों में मिले छूट, अमन सिंह ने हाईकोर्ट में लगाई अर्जी

रायपुर। भाजपा शासन काल में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के मुख्य सचिव रह चुके अमन सिंह ने हाई कोर्ट में अब एक नई याचिका दायर की है। उन्होंने इस याचिका के जरिए जमानत की शर्तों में छूट दिए जाने मांग की है। बता दें कि अधिवक्ता अभिषेक सिंह और विवेक शर्मा के माध्यम से दायर इस याचिका की सुनवाई 28 सितंबर को होगी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) ने समाजिक कार्यकर्ता उचित शर्मा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। मामले में उनकी पत्नी यास्मीन सिंह के खिलाफ भी अपराध दर्ज है। वर्तमान में हाई कोर्ट से अमन सिंह को जमानत मिली हुई है, जिसमें उन्हें आवश्यकता अनुसार एसीबी के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करने, राज्य से बाहर नहीं जाने और पासपोर्ट जमा करने की शर्त रखी गई है। बता दें कि प्रारंभिक सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतो दास ने पैरवी की।
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गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मू, 10वें दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल

रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर प्रवास पर हैं। वे यहां गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में आयोजित 10वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं हैं। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे पर राष्ट्रपति मुर्मू का भव्य स्वागत किया गया। दीक्षांत समारोह में शोभायात्रा के साथ राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रपति सहित अन्य अतिथियों ने माँ सरस्वती, छत्तीसगढ़ महतारी और गुरु घासीदास के छायाचित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में आयोजित दीक्षांत समारोह में सत्र 2021-22 की विभिन्न परीक्षाओं स्नातक, स्नातकोत्तर, पत्रोपाधि आदि में उत्तीर्ण 2 हजार 9 सौ 46 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि, आज उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं, उनके माता-पिता को भी मैं बहुत-बहुत बधाई। विद्यार्थियों की सफलता में योगदान देने के लिए प्राध्यापकों तथा विश्वविद्यालय टीम के सदस्यों की मैं सराहना करती हूं। मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता हुई है कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 76 प्रतिशत विद्यार्थियों में छात्रों की संख्या 45 है, जो लगभग 60% हैं। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों में भी छात्राओं की संख्या लगभग 47% है। छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन के पीछे उनकी अपनी प्रतिभा लगन के साथ-साथ उनके परिवार जनों के साथ ही विश्वविद्यालय की टीम का योगदान भी है। मैं सभी सफलता के लिए उनको बहुत-बहुत बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि, हमारे देश की कुल आबादी में महिलाओं की संख्या लगभग आधी है। मुझे बताया गया है कि, इस विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ समाज सेवा के कार्य भी किए जाते हैं। मैं आशा करती हूं कि, ऐसे कार्यों के अच्छे परिणाम सामने आए। शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में अधिक योगदान होना चाहिए। हमारे देश के कुल आबादी में महिलाओं की आबादी आधी है। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ समाज सेवा के कार्य भी किए जा रहे हैं, ये अच्छी बात है। विश्वविद्यालय के आसपास के क्षेत्र में आदिवासी समुदाय काफी है। राज्य की एक तिहाई आबादी जनजातीय है। जनजातीय समुदाय के प्रति संवेदनशीलता और महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय बहुत महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय की ओर से इस संबंध में अच्छा कार्य किया जा रहा है, जो देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी को अपनाने में आगे रहेंगे, वे ज्यादा तरक्की करेंगे। इस विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही है। मैं आशा करती हूं कि, उपयोगी अनुसंधान के माध्यम से अपनी पहचान विश्वविद्यालय दुनिया में स्थापित करें।
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