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द्वितीय नेशनल लोक अदालत की सफलता में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय-
स्कूल में बड़ा हादसा : भरभराकर गिरा छत का प्लास्टर, घायल हुए प्रिंसिपल, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही मरम्मत
कोरबा। जिले में बड़ा हुआ है। एक बार फिर स्कूल भवन का छत गिरने का मामला सामने आया है। इस बार स्कूल भवन की किचन की छत का प्लास्टर अचानक प्राचार्य के ऊपर गिर गया, जिससे वो घायल हो गए। मामला गेवरा के शक्ति नगर बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल का है। स्कूल भवन के जर्जर हालत की शिकायत प्रबंधन से की जा चुकी है पर संबंधित विभाग उदासीन है।
दरअसल स्कूल में सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू किया जाना था। इसके निरीक्षण के लिए प्राचार्य नूर मसीह किचन पहुंचे, जहां किचन की रूफ का प्लास्टर अचानक भरभरा कर उनके ऊपर गिर गया। रूफ का मलबा गिरने से प्राचार्य घायल हो गए, जिन्हें उपचार के अस्पताल ले जाया गया।
एसईसीएल कॉलोनी गेवरा में रखरखाव के अभाव में छत से मलवा गिरने की घटनाएं लगातार घटित हो रही है। उसके बावजूद भी गेवरा सिविल विभाग उदासीन बना हुआ है। विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राकेश शुक्ला ने बताया एसईसीएल गेवरा के सिविल विभाग को विद्यालय में मरम्मत कराए जाने की लिखित शिकायत दी गई थी। इसके लिए वेलफेयर समिति के सदस्यों ने भी विद्यालय में मरम्मत के लिए अनुशंसा की थी। इसके बावजूद भी सिविल विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
बंद कमरे में पति-पत्नी बना रहे थे शारीरिक संबंध,युवकों ने चुपके से बनाया VIDEO,फिर जो हुआ…
राजिम :- राजिम के सुंदरकेरा गांव में एक दंपती इतना परेशान है कि कभी भी गलत कदम उठा सकता है। गांव के कुछ लोगों ने उन्हें दोनों पति-पत्नी के बीच बने संबंधों का वीडियो देखने की बात कही है। इसके पीछे 3 लोगों का हाथ होने की बात भी बताई है। पीड़ित दंपती की शिकायत पर पुलिस ने तीनों संदिग्धों को थाने बुलाकर पूछताछ की। पर्याप्त सबूतों के अभाव में उन्हें छोड़ दिया गया
बताते हैं कि कुछ दिन पहले दंपती अपने घर में थे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिड़की के जरिए दोनों के बीच बने संबंध का वीडियो रेकॉर्ड कर लिया। दंपती का कहना है कि इस वीडियो को उन तीनों ने ही गांव के कुछ लोगों को दिखाया था। लोगों के बताने पर ही उन्हें भी इसकी जानकारी हुई। इसके (Sex Video) बाद पीड़ित पति ने गोबरा-नवापारा थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने तीनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया। कोई ठोस सबूत न मिलने की बात कहते हुए आरोपियों को छोड़ दिया। मामले में फिलहाल जांच जारी होने की बात कही जा रही है।
ब्रेकिंग : हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, जजों को अब नौकरी छोड़ने के पहले करना होगा ये काम, तत्काल प्रभाव से लागू हुआ नियम
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न न्यायालयों में कार्यरत जजों के लिए विधि विधायी विभाग ने नया नियम लागू कर दिया है। त्यागपत्र देने के तीन पहले विधि विधायी विभाग को इस संबंध में सूचना देनी होगी। किसी कारणवश तय समयावधि में सूचना नहीं दे पाए तो ऐसी स्थिति में तीन महीने का वेतन सरेंडर करना होगा। नए नियम को तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया है।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 व 309 में दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए विधि विधायी विभाग ने छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में दी गई पूर्व की व्यवस्था में जरूरी संशोधन कर दिया है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में पदस्थ जज अगर इस्तीफा देने का मन बनाते हैं तो उनको तीन महीने पहले इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। सूचना देना जरूरी नहीं समझते हैं तो इस्तीफा स्वीकार होने से पहले तीन महीने का वेतन जमा करना होगा। पूर्व में यह व्यवस्था एक महीने पहले सूचना या फिर एक महीने का वेतन सरेंडर करने की शर्त रखी गई थी। संविधान के अनुच्छेद 233 व 309 के नियम 12 उप नियम (पांच) में कुछ इस तरह की व्यवस्था थी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट व राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श और दी गई सलाह के आधार पर विधि विधायी ने जरूरी संशोधन किया है। विधि विधायी विभाग ने एक और संशोधन कर सिविल जज परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए विधि में स्नातक की डिग्री के साथ ही राज्य अधिवक्ता परिषद में पंजीयन को अनिवार्य कर दिया है। संशोधन के साथ ही राज्यपाल के अनुमोदन व आदेश के बाद विधि विधायी विभाग के अतिरिक्त सचिव सहाबुद्दीन कुरैशी ने छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है।
एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी
विधि विधायी विभाग ने विधि के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान को शामिल किया है। इसे शामिल करने का लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। प्रदेश से संबंधित सवालों के जवाब स्थानीय युवा जो सिविल जज की परीक्षा दिलाने की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए फायदेमंद होगा। विधि विधायी विभाग के इस बदलाव को स्थानीय युवाओं के लिए बोनस अंक के रूप में देखा जा रहा है।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 व अनुच्छेद 309 के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, हाई कोर्ट व राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा भर्ती शर्तें) नियम 2006 में जरुरी संशोधन किया गया है। राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है।
शहाबुद्दीन कुरैशी- अतिरिक्त सचिव विधि एवं विधायी विभाग छग
Crime : शर्मसार; खाना नहीं देने पर मां की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ : जिले में पुलिस ने अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार, खाना नहीं देने के उपजे विवाद पर बेटे ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। उक्त मामला सारंगढ़ थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार आरोपी भोजराम सिदार अपनी माता मृतिका सावित्री बाई पति फिरतु सिदार के साथ खाना नही देने की बात को लेकर गंदी गंदी गलौज कर हाथ मुक्का डण्डा से सिर चेहरा में चोंट पहुंचाया। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। जिसका प्राथमिक इलाज कर उच्च इलाज हेतु हायर सेंटर रिफर किया गया था जिसके कुछ दिन बाद मृतिका की मृत्यु हो गई। जिस पर आरोपी को उसके घर घेराबंदी कर आरोपी भोजराम सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
Chhattisgarh : कर्मचारियों को बड़ा झटका....अवकाश पर लगा प्रतिबंध,आदेश जारी…
गौरेला पेंड्रा मरवाही :- कर्मचारी और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। छुट्टी पर प्रतिबंध लग गया है। इस संबंध में जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी किया गया है दरअसल विधानसभा सत्र के मद्देनजर की आदेश जारी किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को छुट्टी नहीं दी जाएगी।छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कर्मचारियों को विशेष परिस्थिति में ही अवकाश का लाभ मिलेगा। इसके अलावा उनके अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 30 जुलाई तक उनके अवकाश पर प्रतिबंध रहेगा।
छुट्टी लेने के लिए कलेक्टर से विशेष इजाजत लेनी होगी। इसके अलावा कलेक्टर के निर्देश पर कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में ही उपस्थित रहना होगा। किसी भी स्थिति में वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय
बता दे की 22 जुलाई से 26 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र है। जिसके कारण अधिकारी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई गई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही के कर्मचारी अधिकारी विशेष परिस्थिति में ही कलेक्टर की अनुमति से अपने अवकाश को स्वीकृत कर सकेंगे
CG : इंस्टाग्राम में दोस्ती,शादी का झांसा देकर युवक ने किया दुष्कर्म, महिला ने उठाया ये कदम, फिर जो हुआ…
फरसगांव :- छत्तीसगढ़ के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक मामला सामने आया है जिसमे आरोपी ने इंस्टाग्राम में युवती से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर बलात्कार किया और फरार हो गया, आरोपी को फरसगावं पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से गिरफ्तार कर न्यायिक जांच के लिए जेल भेज दिया है।
फरसगांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थिया पीड़िता ने दिनांक 16 जून को थाना आकर लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि जुलाई 2023 में इस्ट्राग्राम के माध्यम से एक लड़का का परिचय हुआ जो अपना नाम अजय समरथ बताया था। फिर थोड़ी दिन के बाद मोबाईल नम्बर शेयर किये था। दोनों एक दुसरे से बात करते थे। पीड़िता को शादी करूंगा कहकर माह अक्टूबर 2023 में पीड़िता के घर आया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती कई बार बलात्कार किया है। कि प्रार्थिया के रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 63/2024 धारा 376, 417 भादवि. कायम कर विवेचना में लिया गया।
वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय।
प्रेमी निकला प्रेमिका का हत्यारा, पहचान छिपाने पेट्रोल से जलाया चेहरा, पुलिस ने सुलझाई बोरी में मिली लाश की गुत्थी
अब UAV ड्रोन से होगी नक्सलियों की निगरानी, लाल आतंक को मिट्टी में मिलाने की तैयारी
बस्तर: साल 2024 काल बनकर नक्सलियों के लिए आया है. साल के शुरुआत से लेकर अभी तक जवानों ने नक्सिलयों को करारी चोट पहुंचाई है. साल के शुरुआती छह महीनों में ही एनकाउंटर, सरेंडर और गिरफ्तार की घटनाओं में 1000 से ज्यादा नक्सली खत्म हो चुके हैं. सबसे ज्यादा संख्या सरेंडर करने वाले माओवादियों की है. नक्सलियों के खिलाफ लोन वर्राटू से लेकर पूना नार्कोम अभियान तक रंग ला रहा है. बस्तर में जवानों की बढ़ती धमक के चलते माओवादी अब अपनी मांद भी सुरक्षित नहीं हैं.
नक्सलियों पर UAV ड्रोन से रखी जाएगी नजर: नक्सलवाद के समूल नाश के लिए अब फोर्स नई रणनीति पर काम करने जा रही है. फोर्स अब जंगल में छिपे माओवादियों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी करेगी. फोर्स अब माओवादियों के मूवमेंट पर UAV के जरिए नजर भी रखेगी और ऑपरेशन भी ऑपरेट करेगी. सैटेलाइट रडार के जरिए नक्सलियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा. हिंसक गतिविधियों में भी कमी आएगी. रडार से मिलने वाले सिग्नल सीधे सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड कंट्रोल रुम में पहुंचेंगे.
”माओवादियों के खिलाफ प्रभावी रूप से कार्रवाई करने के लिए जितने उपकरण पुलिस के पास मौजूद हैं उसका बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. सुरक्षात्मक दृष्टि से तकनीक और संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. नियमों के मुताबिक हम इस संबंध में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं. हमें माओवादियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिली है. आने वाले दिनों में हम कई और सफलता को हासिल करेंगे
नक्सलियों के खिलाफ अब ऑपरेशन होगा घातक: कंट्रोल रुम में मिले सिग्नल से फोर्स को मूव करने में आसानी होगी. समय पर आतंक के खिलाफ एक्शन चलाया जा सकेगा. UAV ड्रोन की खासियत होती है कि ये 15000 फीट की उंचाई से नीचे की चीजों को देख लेता है. इसकी एक और खासियत है कि ये 200 किमी के दायरे में अपने कैमरों की मदद से निगरानी कर सकता है. बस्तर में ऐसा पहली बार होने वाला है जब बस्तर में फोर्स की मदद के लिए UAV ड्रोन की मदद ली जा रही है. बारिश से लेकर धुंध के मौसम में भी ये आसानी से काम कर सकेगा.
’धरती माँ का श्रृंगार और हरियाली का जतन: एक पेड़ माँ के नाम’
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारा, होलसेल कारीडोर और स्मार्ट टूरिज्म से आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ चेम्बर
भारत सरकार वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. अरविंद पनगड़िया को चेम्बर
ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव सौंपे
-- चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष के सुझावों को वित्त आयोग के अध्यक्ष ने बेहतर बताया
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भारत सरकार वित्त आयोग के अध्यक्ष डाॅ. अरविंद पनगड़िया को छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव सौंपे। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि 16 वें वित्त आयोग की बैठक में व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के समग्र विकास हेतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सुझाव को वित्त आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया। चेंबर के सुझाव पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वित्त आयोग के अध्यक्ष ने हामी भरते हुए चेम्बर के पदाधिकारियों से जानकारी ली व सुझावों को बेहतर बताया।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि वित्त आयोग के अध्यक्ष को होलसेल कारीडोर से आर्थिक गलियारा के महत्व पर हमने विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही प्रदेश में सर्विस सेक्टर के बढ़ावे के लिए निवेदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में सर्विस सेक्टर अभी भी 10-12 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। इसमें इजाफा होने से आर्थिक प्रगति तेजी से आगे बढ़ सकती है।
श्री पारवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने खनिज सम्पदा, संस्कृति, प्राकृतिक सुन्दरता तथा आर्थिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में अनेक संभावनाएं है जिन्हें सहायता प्रदान करने से प्रदेश के आर्थिक विकास को बल मिलेगा साथ ही देश की आर्थिक प्रगति में वृद्धि होगी एवं सरकार को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी। अतः 16 वें वित्त आयोग की बैठक में व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के समग्र विकास हेतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से विभिन्न सुझाव सौंपे गए।
सुझाव निम्नानुसार हैः-
1.छत्तीसगढ़ को राष्ट्रिय आद्योगिक गलियारा परियोजना में शामिल करने हेतु:- भारत की अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहता है, छत्तीसगढ़ प्रदेश एक भू आवेष्ठित राज्य है जिसकी सीमा सात राज्यों से जुडी हुई है तथा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र एक दूसरे पर निर्भर होते हैं। भारत सरकार ने विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए पूरे भारत में 10 से अधिक औद्योगिक गलियारे विकसित किए हैं। इनमें से कोई भी औद्योगिक गलियारा छत्तीसगढ़ से होकर नहीं गुजरता है। हम आयोग से अनुरोध करना चाहेंगे कि वह छत्तीसगढ़ में भी ऐसे गलियारों के विकास की सुविधा प्रदान करें। ऐसा ही एक गलियारा नागपुर रायपुर गलियारा हो सकता है तथा वर्तमान में रायपुर विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा विकसित किया जा रहा है जिसे औद्योगिक गलियारा घोषित किया जा सकता है।
2.होलसेल कॉरिडोरः- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन विकसित भारत 1947 के तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने ऐसे होलसेल कोरिडोर की स्थापना करना जो भारत के साथ साथ पुरे दक्षिण मध्य एशिया का सबसे बड़ा और विकसित होलसेल कोरिडोर होगा जो न केवल छत्तीसगढ़ राज्य की बल्कि भौगोलिक रूप से प्रदेश के सीमा से लगे उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, और झारखंड जैसे राज्यों की मांग की पूर्ति करें और व्यापार को नई दिशा और गति दे साथ ही साथ संपूर्ण भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ मॉडल के एक अनूठे और सबसे वृहद व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। जिसका प्रभाव यह होगा की अन्य राज्यों में भी इस तरह की परियोजनाओं को बल मिलेगा जो स्थानीय उत्पादों, कृषि उत्पादों, नविन एवं विनिर्माण इकाइयों के साथ ही आर्थिक गतिविधियों का सबसे बड़ा स्थान होगा।
(अ)प्रदेश में स्थित दक्षिण मध्य एशिया का सबसे बड़े होलसेल कॉरिडोर की पहचान संपूर्ण भारत में अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत रूप में होगी।
(ब) नए-नए रोजगार के अवसर और साथ ही लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा।
(स)राज्य के सहयोग और व्यापारियों की प्रतिबद्धता से क्षेत्रीय स्तर के ग्रामीण जनता के विकास और जीवन स्तर में बदलाव होगा।
(द)छत्तीसगढ़ की जीडीपी में वृद्धि और साथ ही साथ जीएसटी एवं अन्य करों में भी वृद्धि होगी जो देश के आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करेगी।
3.स्वामी विवेकानंद विमानतल को अंतर्राष्ट्रीय विमानतल तथा कार्गो हब घोषित किया जाएः- रायपुर विमानतल देश के बिल्कुल मध्य में स्थित होने के कारण देश के किसी भी कोने से दो घंटे के अंदर कोई भी सामान भेजा और मंगाया जा सकता है, अतः कार्गो हब की स्थापना अत्यंत ही आवश्यक है, क्योंकि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है, रायपुर से फल, सब्जियाँ एवं फूल इत्यादि दूसरे शहरों को भेजा जाता है तथा एयर कार्गों के द्वारा रोजाना 20 से 25 टन सामान जिसमें दवाईयाँ, जड़ीबूटियां, फल, मशीनों के पाट्र्स इत्यादि बहुत सी चीजें रायपुर में आती है। कृषि उड़ान योजना को छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी लागू किए जाने से कृषि बहुल प्रदेश छत्तीसगढ़ को भी अधिक लाभ होने की संभावना है। अतः रायपुर में कार्गो हब बनाये जाने की अत्यंत आवश्यकता है।
4..स्मार्ट टूरिज्मः-स्मार्ट टूरिज्म एक महत्वपूर्ण घटक है जो आर्थिक विकास के प्रमुख घटकों में से एक हो सकता है, जो रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बन सकता है क्योंकि पर्यटन स्थल दुरान्चलों में होते हैं जहां रोजगार और अधोसंरचना का आभाव होता है, जिसके विकसित होने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। प्रदेश आर्थिक प्रगति करेगा। विभिन्न देश जैसे सिंगापुर, दुबई, थाईलैंड आदि का आर्थिक स्त्रोत स्मार्ट टूरिज्म है, जबकि वहां कृत्रिम रूप से पर्यटन स्थल तैयार किया गया है, वरन हमारा प्रदेश प्राकृतिक सुन्दरता से परिपूर्ण है प्राचीन मंदिर, स्मारक, झरने प्रदेश की संस्कृति एवं विविधताओं से भरा हुआ है, जिसे स्मार्ट टूरिज्म के द्वारा आर्थिक स्त्रोत का एक प्रमुख माध्यम बनाया जा सकता है इससे प्रदेश के आर्थिक विकास में दूरगामी परिणाम मिलेंगे और ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।
छत्तीसगढ़ में मानसून ने बदली करवट, प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी, इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम....
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी से राहत के साथ-साथ खेती-किसानी में तेजी आई है। शनिवार को सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों में एक या दो इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 9 जिलों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर में भारी बारिश की उम्मीद है। मानसून ट्रैकर के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सबसे अधिक बरसात कोरबा जिले में हुई है। यहां पर 95 मिली मीटर दर्ज की गई।
इसके बाद सरगुजा जिले में 75.7 मिली मीटर, बलरामपुर जिले में 70 मिली मीटर, दंतेवाड़ा में 63.1 मिली मीटर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 47.9 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश में अब तक औसत से 31 फीसदी कम बारिश हुई है।
पुलिस की तीसरी आंख बंद, देख-रेख के अभाव में CCTV कैमरे हो रहे खराब, शहर के चौक चौराहों में लगे हैं कैमरे...
जयसिंह के वर्षों का घर बनाने का सपना हुआ साकार
अपने खुद के घर का सपना सभी देखते हैं। स्वयं का एक पक्का मकान हो, जिसमें वह परिवार के साथ सुख से जीवन यापन करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में इस दिशा में बेहतर कार्य करते हुए सुकमा जिले में जरुरतमंदों के लिए पीएम आवास योजना के तहत पहली प्राथमिकता के साथ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसके परिणामस्वरुप पूरे सुकमा जिले में तेजी से पीएम आवास योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। पीएम आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के तहत हजारों लाभार्थियों को बकाया किश्त जारी होने के बाद अब अधिकांश लोगों का मकान पूर्ण हो गया है।
सुकमा जिले के जनपद पंचायत छिन्दगढ़ के ग्राम पंचायत किन्दरवाड़ा निवासी लाभान्वित हितग्राही श्री जयसिंह उर्फ राजूराम ने बताया कि पहले अपने परिवार में पत्नी श्रीमती श्यामबती नाग और पुत्र अमित नाग के साथ पुराने कच्ची छत और मिट्टी की दीवार वाले झोपड़ी में रहते थे। जिसमें रहने के लिए परिवार के साथ काफी कठिनाई का सामना करना पडता था, कच्ची छत होने के कारण हमेशा बारिश के समय छत से पानी टपकने के कारण हम पूरे परिवार कई रात ठीक से सो भी नहीं पाते थे। उन्होंने बताया कि हमारी आय खेती एवं गांव में ही मजदूरी पर निर्भर है। साीमित आय होने के कारण आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम पक्का बना पाये। उन्होंने बताया कि गांव में ही ब्लॉक कोर्डिनेटर सुश्री नेहा मंडावी ने पीएम आवास के बारे में जानकारी दी।
हितग्राही श्री जयसिंह ने बताया कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास की स्वीकृति पश्चात् देखते ही देखते पूरी किश्त मिलने से हमारे बरसों का घर बनाने का सपना पूरा हुआ। अपने पक्के आवास का निर्माण कर लिया एवं अपने पक्के मकान में मनरेगा से मजदूरी भुगतान पाए साथ ही स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत एकलबत्ती कनेक्शन से बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मिली है। पक्के मकान में अपने परिवार के साथ खुशी से जीवन यापन करते हैं। श्री जयसिंह ने स्वयं के पक्के आवास में निवास कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद व्यक्त किया।
राम मंदिर में गूंजा नारा, छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम
अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में श्री रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान श्री राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी। वही साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा आज पूरी हो गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित उनके कैबिनेट के सदस्यों ने आज अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भाँचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर तथा पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू तथा कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रभु श्री राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए आज अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं।
फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है। हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे।
उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूँ।
रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश के बहुत से श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ ले चुके हैं। उन सबसे श्रीरामलला के भव्य मंदिर और उनकी मंजुल मूर्ति की प्रशंसा सुनकर मन बहुत प्रसन्न होता था। आज हमें भी रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के कैबिनेट के सहयोगी उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही किरण देव, अजय जामवाल एवं पवन साय भी मौजूद रहे।
