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द्वितीय नेशनल लोक अदालत की सफलता में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय-

जिला रायगढ़ के जिला न्यायालय में आयोजित द्वितीय नेशनल लोक अदालत की सफलता में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं संरक्षक रमेश सिन्हा महोदय ने वर्जुअल माध्यम से लोक अदालत की सफलता हेतु दी बधाईयां। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 13.07.2024 दिन शनिवार को सम्पूर्ण जिला रायगढ़ में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, उक्त आयोजन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं संरक्षक रमेश सिन्हा महोदय के दिशा-निर्देश एवं माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के न्यायमूर्ति एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर गौतम भादुड़ी के मार्गदर्शन में आयोजन किया गया है। जिले में पहली बार नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया न्यायमूर्ति द्वारा- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं रायगढ़ जिले के पोर्टफोलियों जज रविन्द्र कुमार अग्रवाल के करकमलों से उनकी उपस्थिति में उनके द्वारा किया गया शुभारंभ आज दिनांक 13 जुलाई 2024 को नेशनल लोक अदालत, जो वर्चुअल एवं फिजिकल दोनों माध्यमों से जिला न्यायालय रायगढ़ सहित तहसील न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया तथा बिलाईगढ़ में आयोजित किया गया। आयोजित उक्त नेशनल लोक अदालत के अवसर पर माननीय छ0ग0 उच्च न्यायालय बिलासपुर से माननीय पोर्टफोलियो जज/न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल का आगमन हुआ। सर्वप्रथम माननीय न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल के द्वारा जिला मुख्यालय रायगढ़ के न्यायालयीन परिसर में माॅ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। उक्त कार्यक्रम में, माननीय श्री जितेन्द्र कुमार जैन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री प्रबोध टोप्पो, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सहित समस्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा समस्त मजिस्ट्रेट, सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला अधिवक्ता संघ से अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा सहित अन्य अधिवक्तागण तथा राजीनामा हेतु उपस्थित पक्षकारगण, न्यायालयीन कर्मचारीगण एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला रायगढ़ के पोर्टफोलियों जज माननीय श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा न्यायालय भ्रमण कर प्रत्येक खण्डपीठ में जाकर पक्षकारों का तथा पीठासीन अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला रायगढ़ के पोर्टफोलियों जज माननीय श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा न्यायालय भ्रमण किया गया भ्रमण के दौरान उनके साथ जिला न्यायालय रायगढ़ के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री जितेन्द्र कुमार जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री देवेन्द्र साहू, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती अंकित मुदलियार, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष श्री नरेन्द्र प्रधान एवं सचिव श्री शरद पाण्डेय उपस्थित रहें। माननीय न्यायमूर्ति न्यायालय में गठित प्रत्येक खण्डपीठ में गये वहां पर पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकृत करने हेतु प्रेरित किया, प्रत्येक खण्डपीठ में जाकर पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों को बताया गया, कि उनके माध्यम से आज जो राजीनामा होगें उनसे लोगों के बीच न्याय का संबंध और मजबूत होगा, उन्होंने पक्षकारों से बातचीत कर यह बताया, कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल यह है, कि न किसी की जीत और न किसी की हार और जीत केवल न्याय की हो। माननीय न्यायमूर्ति द्वारा अधिवक्ता संघ के कार्यालय में जाकर अधिवक्ता बंधुओं से बातचीत कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकरण करने हेतु सहयोग प्रदान करने के लिये प्रेरित किया गया। जिला रायगढ़ की खण्डपीठ 11 में निराकृत हुुआ ऐतिहासिक प्रकरण जिसमें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति ने पक्षकारों को आगामी जीवन प्रेम और स्नेह के साथ व्यतीत करने की शुभकामनाओं के साथ, साथ-साथ घर जाने के लिए किया प्रेरित। जिला- रायगढ़ के लिए नेशनल लोक अदालत का सफर उस समय यादगार बन गया, जब श्री प्रवीण मिश्रा खण्डपीठ क्रमांक 11 में माननीय न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल पहुंचे तब उक्त खंडपीठ में 02 वरिष्ठजन को खंडपीठ के न्यायाधीश समझा रहे थे, प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार था, कि वर्ष 2021 में लगभग 65 वर्षीय वरिष्ठ महिला ने अपने पति एवं संतानों के विरुद्ध घरेलू हिंसा का मामला पेश किया था, जिसमें पति एवं बच्चों द्वारा प्रताड़ना की शिकायत उन्होंने की थी समझाईश देने के दौरान माननीय न्यायमूर्ति उक्त खण्डपीठ में उपस्थित हुए और उन्होंने सारे प्रकरण की जानकारी ली, वरिष्ठ महिला ने माननीय न्यायमूर्ति को सारी घटना की जानकारी दी तब माननीय न्यायमूर्ति द्वारा उपस्थित पक्षकार के पति और बच्चों को समझाया गया, और कहां गया, कि दामपत्य जीवन में प्रेम ही सम्पूर्ण जीवन की मूल धारा है, जिसमे ंक्रुरता का कोई स्थान नहीं है और बच्चों के लिए माता-पिता ईश्वर है, जिनकी पूजा मात्र से संतानों के भूत वर्तमान एवं भविष्य के कर्मों का फल प्राप्त होता है, इसपर वरिष्ठ महिला के पति एवं संतानों ने अपनी गलती को मानते हुए पत्नि एवं मां से क्षमा मागीं इसी दौरान ऐतिहासिक पल तब आया, जब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के माननीय मुख्य न्यायमूर्ति एवं संरक्षक श्री रमेश सिन्हा महोदय जी वर्चुअल माध्यम से उक्त खण्डपीठ से जुड़े और उनके द्वारा भी बुर्जुग दंपत्ति को विवाद छोड़कर प्रेम और स्नेह का रास्ता अपनाने को कहां गया, जिस पर पूरा परिवार राजी हो गया, उक्त प्रकरण में खण्डपीठ में उपस्थित समस्त व्यक्ति भावुक हो गये, और माननीय न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल महोदय जी द्वारा उन्हें फलदार वृक्ष देकर राजीखुशी दामपत्य जीवन निर्वहन करने की शुभकामना देकर घर भेजा। पुत्र की परिभाषा जन्म लेते ही सृष्टि में उन्हें लाने वाले देव तुल्य माता-पिता के लिए श्रवण कुमार की तरह होती है, और हर संतान को अपने दायित्यों एवं कर्तव्यों का अपने माता-पिता के प्रति श्रवण कुमार की तरह करना चाहिए इस नेशनल लोक अदालत में यह भी विशेष रही कि परिवार न्यायालय रायगढ खण्डपीठ क्र0-2 में रखे गये भरण-पोषण का मामला विविध आपराधिक प्रकरण क्र0-एफ 11/2024 में माननीय न्यायमूर्ति श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा उभयपक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरण निराकरण के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही सन्तान का दायित्व केवल पुत्र रहने मात्र से पूर्ण नहीं होता, उसे श्रवण कुमार की तरह अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होता है, की समझाईश दी गई। माननीय महोदय द्वारा दी गई उक्त समझाईश से दोनों पक्षकार के द्वारा खण्डपीठ के समक्ष राजी-खुशी से समझौता कर अनावेदक पुत्र द्वारा आवेदकगण माता-पिता को 10,000- 10,000/- रूपये प्रतिमाह भरण पोषण की राशि अदा करने हेतु सहमति देते हुए अपना प्रकरण समाप्त किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जिला रायगढ़ के पोर्टफोलियों जज माननीय श्री रविन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। नेशनल लोक अदालत का सार ऐतिहासिक रुप से रिकार्ड प्रकरणों का हुआ निराकरण और राज्य में प्रकरणों के निराकरण में रायगढ़ जिला पहुंचा चैथे पायदान पर नेशनल लोक अदालत का माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ श्री जितेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता एवं कुशल नेतृत्व में जिला रायगढ़ एवं सारंगढ़ एवं बिलाईगढ में सफलता पूर्वक आयोजन संपन्न हुुआ। जिला एवं तहसील न्यायालयों तथा राजस्व न्यायालयों में विभिन्न प्रकृति के राजीनामा योग्य मामले जैसे- मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बंैक वसूली के प्रकरण, आपराधिक मामले, विद्युत मामले, श्रम विवाद, पारिवारिक विवाद, चेक अनादरण, सिविल मामले, राजस्व मामले के साथ-साथ आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 एवं अन्य छोटे अपराधों के मामले, जिसमें यातायात उल्लंघन के मामलों को भी शामिल करते हुए खण्डपीठों में लंबित प्रकरण 4716 एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण 21338 को राजीनामा के आधार पर निराकरण हेतु लोक अदालत में रखा गया। इस प्रकार रखे गये कुल 26054 प्रकरणों में से लंबित 3966 एवं प्रीलिटिगेशन 12110 प्रकरण निराकृत हुये। इस प्रकार कुल 16076 प्रकरणों का निराकरण, जिला न्यायालय, परिवार न्यायालय, श्रम न्यायालय, किशोर न्याय बोर्ड, उपभोक्ता फोरम रायगढ़ एवं तहसील स्थित ब्यवहार न्यायालय सारंगढ़, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, खरसिया, बिलाईगढ़ व राजस्व न्यायालय में राजीनामा के आधार पर किया गया और उन प्रकरणा़ें के अंतर्गत कुल 66922714/- रूपये (अक्षरांक छः करोड़ उन्हत्तर लाख बाईस हजार सात सौ चैदह रूपये) का सेटलमेंट हुआ। राजीनामा के आधार पर न्यायालयों में लम्बित 05 वर्ष से अधिक अवधि के 39 प्रकरण तथा वरिष्ठ नागरिकों के 05 एवं महिलाओं के लंबित 33 प्रकरणों का निराकरण हुआ। राजस्व न्यायालयों में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे के मामले, वारिसों के मध्य बंटवारे के मामले, कब्जे के आधार पर बंटवारा के मामले, दण्ड प्रक्रिया संहिता 145 के कार्यवाही के मामले, विक्रयपत्र/दानपत्र/वसीयतनामा के आधार पर नामान्तरण के मामले एवं शेष अन्य प्रकृति के कुल 12302 मामले रखे गये जिनमें से 12006 मामलांे का निराकरण आज की लोक अदालत में राजस्व न्यायालयों की गठित खण्डपीठ द्वारा किया गया।
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स्कूल में बड़ा हादसा : भरभराकर गिरा छत का प्लास्टर, घायल हुए प्रिंसिपल, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही मरम्मत

कोरबा। जिले में बड़ा हुआ है। एक बार फिर स्कूल भवन का छत गिरने का मामला सामने आया है। इस बार स्कूल भवन की किचन की छत का प्लास्टर अचानक प्राचार्य के ऊपर गिर गया, जिससे वो घायल हो गए। मामला गेवरा के शक्ति नगर बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल का है। स्कूल भवन के जर्जर हालत की शिकायत प्रबंधन से की जा चुकी है पर संबंधित वि​भाग उदासीन है। 

दरअसल स्कूल में सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू किया जाना था। इसके निरीक्षण के लिए प्राचार्य नूर मसीह किचन पहुंचे, जहां किचन की रूफ का प्लास्टर अचानक भरभरा कर उनके ऊपर गिर गया। रूफ का मलबा गिरने से प्राचार्य घायल हो गए, जिन्हें उपचार के अस्पताल ले जाया गया। 

एसईसीएल कॉलोनी गेवरा में रखरखाव के अभाव में छत से मलवा गिरने की घटनाएं लगातार घटित हो रही है। उसके बावजूद भी गेवरा सिविल विभाग उदासीन बना हुआ है। विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक राकेश शुक्ला ने बताया एसईसीएल गेवरा के सिविल विभाग को विद्यालय में मरम्मत कराए जाने की लिखित शिकायत दी गई थी। इसके लिए वेलफेयर समिति के सदस्यों ने भी विद्यालय में मरम्मत के लिए अनुशंसा की थी। इसके बावजूद भी सिविल विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। 

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बंद कमरे में पति-पत्नी बना रहे थे शारीरिक संबंध,युवकों ने चुपके से बनाया VIDEO,फिर जो हुआ…

राजिम :- राजिम के सुंदरकेरा गांव में एक दंपती इतना परेशान है कि कभी भी गलत कदम उठा सकता है। गांव के कुछ लोगों ने उन्हें दोनों पति-पत्नी के बीच बने संबंधों का वीडियो देखने की बात कही है। इसके पीछे 3 लोगों का हाथ होने की बात भी बताई है। पीड़ित दंपती की शिकायत पर पुलिस ने तीनों संदिग्धों को थाने बुलाकर पूछताछ की। पर्याप्त सबूतों के अभाव में उन्हें छोड़ दिया गया

बताते हैं कि कुछ दिन पहले दंपती अपने घर में थे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिड़की के जरिए दोनों के बीच बने संबंध का वीडियो रेकॉर्ड कर लिया। दंपती का कहना है कि इस वीडियो को उन तीनों ने ही गांव के कुछ लोगों को दिखाया था। लोगों के बताने पर ही उन्हें भी इसकी जानकारी हुई। इसके (Sex Video) बाद पीड़ित पति ने गोबरा-नवापारा थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने तीनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया। कोई ठोस सबूत न मिलने की बात कहते हुए आरोपियों को छोड़ दिया। मामले में फिलहाल जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

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ब्रेकिंग : हाई कोर्ट ने जारी किया आदेश, जजों को अब नौकरी छोड़ने के पहले करना होगा ये काम, तत्काल प्रभाव से लागू हुआ नियम

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के विभिन्न न्यायालयों में कार्यरत जजों के लिए विधि विधायी विभाग ने नया नियम लागू कर दिया है। त्यागपत्र देने के तीन पहले विधि विधायी विभाग को इस संबंध में सूचना देनी होगी। किसी कारणवश तय समयावधि में सूचना नहीं दे पाए तो ऐसी स्थिति में तीन महीने का वेतन सरेंडर करना होगा। नए नियम को तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ में लागू कर दिया है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 व 309 में दी गई शक्तियों का उपयोग करते हुए विधि विधायी विभाग ने छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में दी गई पूर्व की व्यवस्था में जरूरी संशोधन कर दिया है। इसमें कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में पदस्थ जज अगर इस्तीफा देने का मन बनाते हैं तो उनको तीन महीने पहले इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। सूचना देना जरूरी नहीं समझते हैं तो इस्तीफा स्वीकार होने से पहले तीन महीने का वेतन जमा करना होगा। पूर्व में यह व्यवस्था एक महीने पहले सूचना या फिर एक महीने का वेतन सरेंडर करने की शर्त रखी गई थी। संविधान के अनुच्छेद 233 व 309 के नियम 12 उप नियम (पांच) में कुछ इस तरह की व्यवस्था थी। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट व राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श और दी गई सलाह के आधार पर विधि विधायी ने जरूरी संशोधन किया है। विधि विधायी विभाग ने एक और संशोधन कर सिविल जज परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए विधि में स्नातक की डिग्री के साथ ही राज्य अधिवक्ता परिषद में पंजीयन को अनिवार्य कर दिया है। संशोधन के साथ ही राज्यपाल के अनुमोदन व आदेश के बाद विधि विधायी विभाग के अतिरिक्त सचिव सहाबुद्दीन कुरैशी ने छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है।

एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी

विधि विधायी विभाग ने विधि के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सिविल जज प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान को शामिल किया है। इसे शामिल करने का लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। प्रदेश से संबंधित सवालों के जवाब स्थानीय युवा जो सिविल जज की परीक्षा दिलाने की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए फायदेमंद होगा। विधि विधायी विभाग के इस बदलाव को स्थानीय युवाओं के लिए बोनस अंक के रूप में देखा जा रहा है।

भारत के संविधान के अनुच्छेद 233 व अनुच्छेद 309 के द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, हाई कोर्ट व राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से छत्तीसगढ़ उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती तथा सेवा भर्ती शर्तें) नियम 2006 में जरुरी संशोधन किया गया है। राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है।

शहाबुद्दीन कुरैशी- अतिरिक्त सचिव विधि एवं विधायी विभाग छग

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Crime : शर्मसार; खाना नहीं देने पर मां की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ : जिले में पुलिस ने अपनी मां की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है. जानकारी के अनुसार, खाना नहीं देने के उपजे विवाद पर बेटे ने अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया। उक्त मामला सारंगढ़ थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार आरोपी भोजराम सिदार अपनी माता मृतिका सावित्री बाई पति फिरतु सिदार के साथ खाना नही देने की बात को लेकर गंदी गंदी गलौज कर हाथ मुक्का डण्डा से सिर चेहरा में चोंट पहुंचाया। रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्व कर विवेचना में लिया गया। जिसका प्राथमिक इलाज कर उच्च इलाज हेतु हायर सेंटर रिफर किया गया था जिसके कुछ दिन बाद मृतिका की मृत्यु हो गई। जिस पर आरोपी को उसके घर घेराबंदी कर आरोपी भोजराम सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।

 
 
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Chhattisgarh : कर्मचारियों को बड़ा झटका....अवकाश पर लगा प्रतिबंध,आदेश जारी…

गौरेला पेंड्रा मरवाही :- कर्मचारी और अधिकारियों के लिए बड़ी खबर है। छुट्टी पर प्रतिबंध लग गया है। इस संबंध में जिला प्रशासन की तरफ से आदेश जारी किया गया है दरअसल विधानसभा सत्र के मद्देनजर की आदेश जारी किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को छुट्टी नहीं दी जाएगी।छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कर्मचारियों को विशेष परिस्थिति में ही अवकाश का लाभ मिलेगा। इसके अलावा उनके अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 30 जुलाई तक उनके अवकाश पर प्रतिबंध रहेगा।

छुट्टी लेने के लिए कलेक्टर से विशेष इजाजत लेनी होगी। इसके अलावा कलेक्टर के निर्देश पर कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में ही उपस्थित रहना होगा। किसी भी स्थिति में वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय 

बता दे की 22 जुलाई से 26 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में मानसून सत्र है। जिसके कारण अधिकारी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई गई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही के कर्मचारी अधिकारी विशेष परिस्थिति में ही कलेक्टर की अनुमति से अपने अवकाश को स्वीकृत कर सकेंगे

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CG : इंस्टाग्राम में दोस्ती,शादी का झांसा देकर युवक ने किया दुष्कर्म, महिला ने उठाया ये कदम, फिर जो हुआ…

फरसगांव :- छत्तीसगढ़ के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक मामला सामने आया है जिसमे आरोपी ने इंस्टाग्राम में युवती से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर बलात्कार किया और फरार हो गया, आरोपी को फरसगावं पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से गिरफ्तार कर न्यायिक जांच के लिए जेल भेज दिया है।

फरसगांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार  प्रार्थिया पीड़िता ने दिनांक 16 जून को थाना आकर लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि जुलाई 2023 में इस्ट्राग्राम के माध्यम से एक लड़का का परिचय हुआ जो अपना नाम अजय समरथ बताया था। फिर थोड़ी दिन के बाद मोबाईल नम्बर शेयर किये था। दोनों एक दुसरे से बात करते थे। पीड़िता को शादी करूंगा कहकर माह अक्टूबर 2023 में पीड़िता के घर आया और पीड़िता के साथ जबरदस्ती कई बार बलात्कार किया है। कि प्रार्थिया के रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 63/2024 धारा 376, 417 भादवि. कायम कर विवेचना में लिया गया।

 

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वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय।

वर्ष के द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय रायपुर में लाखो लोगों को मिला त्वरित न्याय। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 13/07/2024 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सुलह समझौता से निराकृत किये गये है। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों के पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये गये। माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर विडियो कान्फ्रेसिंग से जुड़े तथा पोटपोलियों जज माननीय न्यायमूर्ति श्री पार्थप्रीतम साहू, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर जिला न्यायाललय रायपुर में उपस्थित होकर समस्त न्यायाधीश एवं पकक्षकारों को प्रोत्साहित किये । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष / जिला न्यायाधीश महोदय श्री अब्दुल जाहिद कुरैशी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमान हेमंत सराफ, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशगण, द्वारा जिला रायपुर में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिसमें समस्त न्यायाधीशगण, पक्षकारगण, अधिवक्तागण, बैंक के अधिकारीगण, राजस्व अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, पैरालिगल वालिंटियर, विधि छात्र छात्रायें उपस्थित रहे। इस बार की नेशनल लोक अदालत भी हाईब्रिड तरीके से आयोजित की गयी, जिसमें पक्षकार भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल या ऑनलाईन के माध्यम से भी राजीनामा किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय, श्रीमान अब्दुल जाहिद कुरैशी सर ने कहा कि, नालसा एवं सालसा के माध्यम से पुरे देश भर में इस वर्ष का द्वितीय नेशनल लोक अदालत //02// का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें हम सभी के बहुत महत्वपूर्ण सहभागिता है और हम सभी संयुक्त प्रयासो से ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जनता तक सरल व सहज तरीके से न्याय पहुंचेगा। इस लोक अदालत में सभी प्रकार के प्रकरण पारिवारिक प्रकरण दाण्डिक प्रकरण, सिविल वाद एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण के साथ ही पेंशन लोक अदालत के माध्यम से पेंशन प्रकरण तथा मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से जनोपयोगी सेवाओं के प्रकरणों के निराकरण किया जायेगा साथ ही साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणो (जो अदालत तक पहुँचने के पूर्व) का भी निराकरण किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर एवं गुरूद्वारा धन धन बाबा साहिब जी तेलीबांधा रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में सैकड़ो किलोमीटर से आये पक्षकारो को न्याय के साथ साथ निःशुल्क भोजन प्राप्त हुआ जिससे उनके चेहरों पर संतोष दिखा कि, न्याय पालिका के माध्यम से उन्हे हर प्रकार का सहयोग प्राप्त हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन पर पक्षकारो ने की फूलों की वर्षा । उक्त छ०ग० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा दिये गये नये संकल्प मोहल्ला लोक अदालत में पहुँचे न्यायाधीश / सभापति जनोपयोगी लोक अदालत माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन के द्वारा त्वरित निर्णय करते हुए राहत पहुँचायी गयी। उक्त लोक अदालत का आयोजन न्याय तुहर द्वार योजना के तहत किया गया। मोहल्ला लोक अदालत के पीठासीन अधिकारी माननीय श्री ऋषी कुमार बर्मन सभापति/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्थायी लोक अदालत द्वारा घटना स्थल पर जाकर ही जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का निराकरण किया मोहल्ले वासियों द्वारा उनका स्वांगत किया गया। उनके द्वारा 65 से अधिक प्रकरण घटना स्थल पर जाकर न्यायाधीश द्वारा निराकृत किया गया स्थलो का नाम कैलाशपुरी, भगत सिग, डबरी तालाब, पारा, भोई पारा, वार्ड नम्बर 45 के सदर वार्ड नम्बर 64 के वीरभद्र नगर दुलारी नगर, वार्ड नं. 44 के धोबी मोहल्ला, आमापारा, ब्राम्हण बाजार, गोल बाजार, रहमानिया चौक, खमासीपारा, बुढ़ापारा के साथ साथ अन्य स्थलो पर जाकर प्रकरणों का निराकरण किया गया । राजस्व न्यायालय 95152 प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय- 148 //03// छ०ग० राज्य परिवहन अधिकरण 01 प्रकरण छ०ग० राज्य वाणिज्यिक न्यायालय - 02 प्रकरण । न्यायालय में लम्बित लगभग 11,8,32 प्रकरण । प्री-लिटिगेशन एवं नगर निगम से मामले 1,68.8.77 प्रकरण का निराकरण जनोउपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण 611 प्रकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को मिली कुल राशि 30,60,84,942 मोहल्ला लोक अदालत 65 खबर लिखे जाने से सभी प्रकार के राजीनामा योग्य 1,80,709 लगभग प्रकरण का निराकरण हुआ। सफल कहानी बच्चों के भविष्य को देखते हुए पति पत्नि ने किया वैचारिक मदभेदों को दूर (माननीय मानवेन्द्र सिंह, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रायपुर) पत्नि द्वारा पति के विरूद्ध भरण पोषण का प्रकरण वैचारिक मदभेद के कारण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें न्यायालय द्वारा कौन्सिलिंग के माध्यम से पति पत्नि के विचार सुनने के बाद उन्हे उनके अधिकारों एवं बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के उदेशय से किया गया एक। आपसी राजीनामा के अनुसार पति पत्नि अपने बच्चों के साथ सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करेंगें। 04 वर्ष के बाद पति पत्नि साथ रहेगें। न्यायालय के समझाईश के बाद बिखरा परिवार हुआ एक (न्यायालय श्री हर्षवर्धन जायसवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायपुर) आवेश में आकर अपने ही रिश्तेदारों से लड़ाई झगड़ा कर न्यायालय में प्रकरण पेश किया। उक्त प्रकरण में परिवार के सभी सदस्यों की न्यायालय द्वारा प्री-सिटिंग आयोजित की गई दोनों पक्षकारों को परिवारजनों के साथ राजीनामा कर सुखद परिवार का उदाहरण प्रस्तुत करने हेतु प्रेरित किया उसके बाद दोनों पक्षकार लम्बित प्रकरण को राजीनामा करते हुए खुशी-खुशी एक होकर घर वापस गये । सिविल मामले में आपसी समझौता करते हुए पक्ष‌कारों ने किया राजीनामा (न्यायालय- श्रीमान दिलेश कुमार यादव तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर) वरिष्ठजन के परिवार के सदस्यों के बीच में विवाद के कारण न्यायालय में प्रकरण लम्बित था माननीय न्यायाधीश श्रीमान दिलेश कुमार यादव तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर ने //04// केवल इन शब्दों को कहकर प्रकरण में राजीनामा कराया कि, इस संसार से परिजनों का प्रेम ही देवलोक के समतुल्य है। अतः स्नेह, प्रेम को अमर करें द्वेष को नहीं। वर्ष 2015 से लम्बित विवाद धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम मामले में माननीय न्यायालय के समझाईस पर पक्षकारों ने किया राजीनामा (न्यायालय- श्रीमती वंदना दीपक देवांगन तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर) 15 वर्षों से लम्बित विवाद धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम मामले में माननीय न्यायालय के समझाईस पर उत्तरवादी 76 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति विल चेयर पर उपस्थित होकर अपील प्रकरण में अपीलार्थी/ अभियुक्त से आपसी समझौता किया गया ।
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प्रेमी निकला प्रेमिका का हत्यारा, पहचान छिपाने पेट्रोल से जलाया चेहरा, पुलिस ने सुलझाई बोरी में मिली लाश की गुत्थी

बालोद :- अमलीडीह के हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रेमी ने ही अपनी शादीशुदा प्रेमिका की हत्या कर उसके चेहरे और शरीर को पेट्रोल से जलाया था। शव के टुकड़े कर बोरियों में भरकर जंगल और नहर किनारे फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
 
दरअसल 13 अप्रैल 2024 को बालोद क्षेत्र के ग्राम अमलीडीह के नहर किनारे एक जली-कटी लाश मिली थी, जिसका सिर, हाथ, पैर एक बोरी में मिला था। दूसरे दिन अमलीडीह के जंगल में जली-कटी लाश का धड़ मिला। चेहरा जलने के कारण पहचान मुश्किल हो गई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू की और जल्द ही हत्या का मामला दर्ज कर जांच में लिया।
 
मामले की गंभीरता को देखेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। थाना प्रभारी बालोद और साइबर सेल प्रभारी को अज्ञात महिला के शव की पहचान एवं आरोपी की पतासाजी के लिए विशेष टीम बनाकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। 
 
जांच टीम ने आसपास के जिलों दुर्ग, धमतरी, कांकेर, राजनांदगांव, मानपुर मोहला के पुलिस से संपर्क कर महिला गुम इंसान की जानकारी प्राप्त की गई। पीएम रिपोर्ट में मृतिका का नसबंदी होना पाया गया था, जिसके आधार पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में मितानीन के माध्यम से मृतिका की पहचान के प्रयास किए गए।
 
ऐसे हुई मृतका की पहचान
 
घटना स्थल का तकनीकी डाटा लेकर एनालिसिस किया गया। टीम ने लगातार आसपास के गांव जाकर और कोटवार की मीटिंग लेकर गुम महिला की जानकारी प्राप्त की। मुखबिर से सूचना मिली कि डौण्डीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बकलीटोला में एक महिला कई दिनों से लापता है। पुलिस ने बकलीटोला जाकर लापता महिला के संबंध में जांच की। 
 
स्वरूप धुर्वे ने बताया कि उसकी पत्नी प्रमिला ध्रुर्वे 10 अप्रैल से लापता है और मायके में भी नहीं है। प्रमिला के मां से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि प्रमिला ने अपनी बेटियों के लिए दो जोड़ी पायल ली थी। पुलिस ने घटना के फोटोग्राफ दिखाए तो बुधनतीन बाई ने नाक की फूली, अंगूठी, पायल और नेलपालिश के आधार पर अपनी बेटी की पहचान की।
 
 ऐसे मिला क्लू, पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी
 
मृतिका की पहचान प्रमिला ध्रुर्वे के रूप में होने पर उसके कॉल डिटेल के आधार पर लगभग 15-20 लोगों से पूछताछ की गई। इससे पता चला कि प्रमिला 10 अप्रैल से डारागांव निवासी दीपक साहू के साथ थी। पुलिस ने दीपक साहू का तकनीकी डाटा और घटना स्थल से प्राप्त तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उससे पूछताछ की। प्रारंभ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार किया।
 
कड़ाई से पूछताछ होने पर दीपक साहू ने बताया कि 10 अप्रैल को उसने प्रमिला को अपने घर लाकर संबंध बनाया, फिर शाम को उसे घर छोड़ दिया। वापस आते समय उसे फिर अपने घर बुलाया। रात में दोनों शराब पीकर सोए थे, तभी दीपक की नींद खुली और उसने सुना कि प्रमिला किसी से मोबाइल पर बात कर रही है। इसे लेकर दोनों में विवाद हुआ और दीपक ने गुस्से में आकर प्रमिला को मारा, फिर हत्या करने की नीयत से सिर को पकड़कर चौखट में पटक दिया, जिससे प्रमिला बेहोश हो गई। इसके बाद दीपक ने प्रमिला की साड़ी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
 
फिर पहचान मिटाने के लिए दीपक ने प्रमिला के चेहरे और शरीर को पेट्रोल से जलाया। फिर हसिया से सिर, पैर, और हाथ को काटकर दो अलग-अलग बोरियों में भरकर अमलीडीह नहर के पास फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी दीपक साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। घटना में प्रयुक्त बाइक, रस्सी, बोरी और हसिया को गवाहों के समक्ष जब्त कर लिया गया है।
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अब UAV ड्रोन से होगी नक्सलियों की निगरानी, लाल आतंक को मिट्टी में मिलाने की तैयारी

बस्तर: साल 2024 काल बनकर नक्सलियों के लिए आया है. साल के शुरुआत से लेकर अभी तक जवानों ने नक्सिलयों को करारी चोट पहुंचाई है. साल के शुरुआती छह महीनों में ही एनकाउंटर, सरेंडर और गिरफ्तार की घटनाओं में 1000 से ज्यादा नक्सली खत्म हो चुके हैं. सबसे ज्यादा संख्या सरेंडर करने वाले माओवादियों की है. नक्सलियों के खिलाफ लोन वर्राटू से लेकर पूना नार्कोम अभियान तक रंग ला रहा है. बस्तर में जवानों की बढ़ती धमक के चलते माओवादी अब अपनी मांद भी सुरक्षित नहीं हैं.

नक्सलियों पर UAV ड्रोन से रखी जाएगी नजर: नक्सलवाद के समूल नाश के लिए अब फोर्स नई रणनीति पर काम करने जा रही है. फोर्स अब जंगल में छिपे माओवादियों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी करेगी. फोर्स अब माओवादियों के मूवमेंट पर UAV के जरिए नजर भी रखेगी और ऑपरेशन भी ऑपरेट करेगी. सैटेलाइट रडार के जरिए नक्सलियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा. हिंसक गतिविधियों में भी कमी आएगी. रडार से मिलने वाले सिग्नल सीधे सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड कंट्रोल रुम में पहुंचेंगे.

”माओवादियों के खिलाफ प्रभावी रूप से कार्रवाई करने के लिए जितने उपकरण पुलिस के पास मौजूद हैं उसका बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. सुरक्षात्मक दृष्टि से तकनीक और संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. नियमों के मुताबिक हम इस संबंध में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं. हमें माओवादियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त मिली है. आने वाले दिनों में हम कई और सफलता को हासिल करेंगे

नक्सलियों के खिलाफ अब ऑपरेशन होगा घातक: कंट्रोल रुम में मिले सिग्नल से फोर्स को मूव करने में आसानी होगी. समय पर आतंक के खिलाफ एक्शन चलाया जा सकेगा. UAV ड्रोन की खासियत होती है कि ये 15000 फीट की उंचाई से नीचे की चीजों को देख लेता है. इसकी एक और खासियत है कि ये 200 किमी के दायरे में अपने कैमरों की मदद से निगरानी कर सकता है. बस्तर में ऐसा पहली बार होने वाला है जब बस्तर में फोर्स की मदद के लिए UAV ड्रोन की मदद ली जा रही है. बारिश से लेकर धुंध के मौसम में भी ये आसानी से काम कर सकेगा.

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’धरती माँ का श्रृंगार और हरियाली का जतन: एक पेड़ माँ के नाम’

भारतीय संस्कृति में माँ सदैव पूजनीय रही हैं। माँ की महिमा को अलग-अलग धर्मों में विभिन्न तरीकों से वर्णित किया गया है। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों से आह्वान किया है कि आइए माँ के नाम एक पेड़ लगाइए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुधारना और धरती माँ को हरियाली से सजाना है।
 
भारत भूमि पर पेड़-पौधों का महत्व हमारे धर्मग्रंथों में व्यापक रूप से वर्णित है। जिस तरह अलग-अलग अंचलों में विभिन्न बोली-भाषाओं का चलन है, उसी प्रकार यहाँ विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे भी पाए जाते हैं। प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस पहल को साकार करने के लिए हर व्यक्ति माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाए।
 
धरती माँ का श्रृंगार हरियाली में निहित है। हमारी धरती को माँ के रूप में माना गया है और माटी को भी माँ का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने अनुपम सौगात दी है, जहाँ लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। सरगुजा संभाग हरियाली का मुकुट धारण किए हुए है और बस्तर अंचल हरियाली के श्रृंगार से सजा हुआ है। यहाँ के मोहला और गरियाबंद के जंगल भी मन को मोह लेते हैं।
 
इस समय प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के लिए वन विभाग सहित शासकीय, अशासकीय संस्थाओं और समितियों द्वारा पौधारोपण जोर-शोर से किया जा रहा है।
 
धरती को उर्वरा, मौसम को खुशनुमा, स्वच्छ पर्यावरण, प्रदूषण रहित हवा, जलस्रोत को बढ़ावा और जल-जमीन-जंगल और जीवों के जतन की जिम्मेदारी हम सबकी सहभागिता से पूरी होगी। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने और धरती को फिर से बेहतर बनाने के लिए हमें ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान में हिस्सेदारी करते हुए पौधे लगाना होगा।
 
परिवार के हर सदस्य को एक पौधा रोपण करने की आवश्यकता है इनकी देखभाल छोटे बच्चों की तरह देखभाल करनी होगी। जब यह पौधा पेड़ बनेगा, तो यह प्राणवायु के साथ फल देगा, माँ के आँचल की तरह इसके पत्ते लह-लहाएँगे, पेड़ों में चिड़ियों का वास होगा और उनकी चह-चहाहट सुनने को मिलेगी। इससे वर्तमान और नई पीढ़ी पेड़-पौधों की महत्ता को समझ सकेगी।
 
आओ, हम सब मिलकर इस पहल में भाग लें और धरती माँ को हरियाली का श्रृंगार पहनाएँ। एक पेड़ माँ के नाम लगाकर हम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाएँ। इससे न केवल धरती हरी-भरी होगी, बल्कि हमारा भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
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अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, औद्योगिक गलियारा, होलसेल कारीडोर और स्मार्ट टूरिज्म से आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ चेम्बर

भारत सरकार वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. अरविंद पनगड़िया को चेम्बर
ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव सौंपे

-- चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष के सुझावों को वित्त आयोग के अध्यक्ष ने बेहतर बताया

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने भारत सरकार वित्त आयोग के अध्यक्ष डाॅ. अरविंद पनगड़िया को छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के लिए कई सुझाव सौंपे। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि 16 वें वित्त आयोग की बैठक में व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के समग्र  विकास हेतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सुझाव को वित्त आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया। चेंबर के सुझाव पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर वित्त आयोग के अध्यक्ष ने हामी भरते हुए चेम्बर के पदाधिकारियों से जानकारी ली व सुझावों को बेहतर बताया।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि वित्त आयोग के अध्यक्ष को होलसेल कारीडोर से आर्थिक गलियारा के महत्व पर हमने विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही प्रदेश में सर्विस सेक्टर के बढ़ावे के लिए निवेदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में सर्विस सेक्टर अभी भी 10-12 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। इसमें इजाफा होने से आर्थिक प्रगति तेजी से आगे बढ़ सकती है।
श्री पारवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश अपने खनिज सम्पदा, संस्कृति, प्राकृतिक सुन्दरता तथा आर्थिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है।  छत्तीसगढ़ में अनेक संभावनाएं है जिन्हें सहायता प्रदान करने से प्रदेश के आर्थिक विकास को बल मिलेगा साथ ही देश की आर्थिक प्रगति में वृद्धि होगी एवं सरकार को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी। अतः 16 वें वित्त आयोग की बैठक में व्यापार एवं उद्योग क्षेत्र के समग्र विकास हेतु छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से विभिन्न सुझाव सौंपे गए।
सुझाव निम्नानुसार हैः-

1.छत्तीसगढ़ को राष्ट्रिय आद्योगिक गलियारा परियोजना में शामिल करने हेतु:- भारत की अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहता है, छत्तीसगढ़ प्रदेश एक भू आवेष्ठित राज्य है जिसकी सीमा सात राज्यों से जुडी हुई है तथा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्र एक दूसरे पर निर्भर होते हैं। भारत सरकार ने विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए पूरे भारत में 10 से अधिक औद्योगिक गलियारे विकसित किए हैं। इनमें से कोई भी औद्योगिक गलियारा छत्तीसगढ़ से होकर नहीं गुजरता है। हम आयोग से अनुरोध करना चाहेंगे कि वह छत्तीसगढ़ में भी ऐसे गलियारों के विकास की सुविधा प्रदान करें। ऐसा ही एक गलियारा नागपुर रायपुर गलियारा हो सकता है तथा वर्तमान में रायपुर विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारा विकसित किया जा रहा है जिसे औद्योगिक गलियारा घोषित किया जा सकता है।



2.होलसेल कॉरिडोरः- देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन विकसित भारत 1947 के तर्ज पर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने ऐसे होलसेल कोरिडोर की स्थापना करना जो भारत के साथ साथ पुरे दक्षिण मध्य एशिया का सबसे बड़ा और विकसित होलसेल कोरिडोर होगा जो न केवल छत्तीसगढ़ राज्य की बल्कि भौगोलिक रूप से प्रदेश के सीमा से लगे उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, और झारखंड जैसे राज्यों की मांग की पूर्ति करें और व्यापार को नई दिशा और गति दे साथ ही साथ संपूर्ण भारतवर्ष में छत्तीसगढ़ मॉडल के एक अनूठे और सबसे वृहद व्यावसायिक क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। जिसका प्रभाव यह होगा की अन्य राज्यों में भी इस तरह की परियोजनाओं को बल मिलेगा जो स्थानीय उत्पादों, कृषि उत्पादों, नविन एवं विनिर्माण इकाइयों के साथ ही आर्थिक गतिविधियों का सबसे बड़ा स्थान होगा।

(अ)प्रदेश में स्थित दक्षिण मध्य एशिया का सबसे बड़े होलसेल कॉरिडोर की पहचान संपूर्ण भारत में अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत रूप में होगी।
(ब) नए-नए रोजगार के अवसर और साथ ही लाखों  लोगों के लिए प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा।

(स)राज्य के सहयोग और व्यापारियों की प्रतिबद्धता से क्षेत्रीय स्तर के ग्रामीण जनता के विकास और जीवन स्तर में बदलाव होगा।

(द)छत्तीसगढ़ की जीडीपी में वृद्धि और साथ ही साथ जीएसटी एवं अन्य करों में भी वृद्धि होगी जो देश के आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करेगी।

3.स्वामी विवेकानंद विमानतल को अंतर्राष्ट्रीय विमानतल तथा कार्गो हब घोषित किया जाएः- रायपुर विमानतल देश के बिल्कुल मध्य में स्थित होने के कारण देश के किसी भी कोने से दो घंटे के अंदर कोई भी सामान भेजा और मंगाया जा सकता है, अतः कार्गो हब की स्थापना अत्यंत ही आवश्यक है, क्योंकि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है, रायपुर से फल, सब्जियाँ एवं फूल इत्यादि दूसरे शहरों को भेजा जाता है तथा एयर कार्गों के द्वारा रोजाना 20 से 25 टन सामान जिसमें दवाईयाँ, जड़ीबूटियां, फल, मशीनों के पाट्र्स इत्यादि बहुत सी चीजें रायपुर में आती है। कृषि उड़ान योजना को छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी लागू किए जाने से कृषि बहुल प्रदेश छत्तीसगढ़ को भी अधिक लाभ होने की संभावना है। अतः रायपुर में कार्गो हब बनाये जाने की अत्यंत आवश्यकता है।

4..स्मार्ट टूरिज्मः-स्मार्ट टूरिज्म एक महत्वपूर्ण घटक है जो आर्थिक विकास के प्रमुख घटकों में से एक हो सकता है, जो रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बन सकता है क्योंकि पर्यटन स्थल दुरान्चलों में होते हैं जहां रोजगार और अधोसंरचना का आभाव होता है, जिसके विकसित होने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। प्रदेश आर्थिक प्रगति करेगा।  विभिन्न देश जैसे सिंगापुर, दुबई, थाईलैंड आदि का आर्थिक स्त्रोत स्मार्ट टूरिज्म है, जबकि वहां कृत्रिम रूप से पर्यटन स्थल तैयार किया गया है, वरन हमारा प्रदेश प्राकृतिक सुन्दरता से परिपूर्ण है प्राचीन मंदिर, स्मारक, झरने प्रदेश की संस्कृति एवं विविधताओं से भरा हुआ है, जिसे स्मार्ट टूरिज्म के द्वारा आर्थिक स्त्रोत का एक प्रमुख माध्यम बनाया जा सकता है इससे प्रदेश के आर्थिक विकास में दूरगामी परिणाम मिलेंगे और ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा।      

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छत्तीसगढ़ में मानसून ने बदली करवट, प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी, इन जिलों में होगी झमाझम बारिश, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम....

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भीषण गर्मी से राहत के साथ-साथ खेती-किसानी में तेजी आई है। शनिवार को सरगुजा और बस्तर संभाग के जिलों में एक या दो इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 9 जिलों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कांकेर, बीजापुर और नारायणपुर में भारी बारिश की उम्मीद है। मानसून ट्रैकर के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में सबसे अधिक बरसात कोरबा जिले में हुई है। यहां पर 95 मिली मीटर दर्ज की गई।

इसके बाद सरगुजा जिले में 75.7 मिली मीटर, बलरामपुर जिले में 70 मिली मीटर, दंतेवाड़ा में 63.1 मिली मीटर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 47.9 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश में अब तक औसत से 31 फीसदी कम बारिश हुई है।
 

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पुलिस की तीसरी आंख बंद, देख-रेख के अभाव में CCTV कैमरे हो रहे खराब, शहर के चौक चौराहों में लगे हैं कैमरे...

 मनेन्द्रगढ़। मनेन्द्रगढ़ शहर में सुरक्षा और अपराध की रोकथाम करने में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिस की तीसरी आंख यानी कि C.C.T.V. कैमरा लंबे समय से बंद पड़ी है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे यह कैमरे बदहाल हालत में पड़े है। दरअसल अपराध की रोकथाम और अपराधियों को पकड़ने में सहूलियत के मकशद से  2014 में शहर के दीनदयाल चौक, भगत सिंह चौक,बस स्टैंड के साथ अन्य प्रमुख चौक चौराहों पर व्यापारियों और प्रशासन की संयुक्त प्रयास से  C.C.T.V. कैमरे लगवाए गये थे. 
 
Manendragarh News: मगर देख-रेख के अभाव में अधिकांश कैमरे बंद हो चुके है। इस संबंध में जिले के एसपी चंद्रमोहन सिंह ने कहा कि शहर में लगे सभी कैमरों की जांच कराकर जल्द ठीक कराया जाएगा. साथ ही शहर के व्यापारों से आग्रह कर अपनी-अपनी दुकानों में C.C.T.V. कैमरे लगवाने की अपील की जाएगी अब देखना होगा कि वर्तमान स्थित में सबसे अधिक जरूरत के इन C.C.T.V. कैमरों को कब तक सुधार हो पाता है।
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जयसिंह के वर्षों का घर बनाने का सपना हुआ साकार

अपने खुद के घर का सपना सभी देखते हैं। स्वयं का एक पक्का मकान हो, जिसमें वह परिवार के साथ सुख से जीवन यापन करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में इस दिशा में बेहतर कार्य करते हुए सुकमा जिले में जरुरतमंदों के लिए पीएम आवास योजना के तहत पहली प्राथमिकता के साथ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। इसके परिणामस्वरुप पूरे सुकमा जिले में तेजी से पीएम आवास योजना के तहत निर्माण कार्य जारी है। पीएम आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के तहत हजारों लाभार्थियों को बकाया किश्त जारी होने के बाद अब अधिकांश लोगों का मकान पूर्ण हो गया है।

सुकमा जिले के जनपद पंचायत छिन्दगढ़ के ग्राम पंचायत किन्दरवाड़ा निवासी लाभान्वित हितग्राही श्री जयसिंह उर्फ राजूराम ने बताया कि पहले अपने परिवार में पत्नी श्रीमती श्यामबती नाग और पुत्र अमित नाग के साथ पुराने कच्ची छत और मिट्टी की दीवार वाले झोपड़ी में रहते थे। जिसमें रहने के लिए परिवार के साथ काफी कठिनाई का सामना करना पडता था, कच्ची छत होने के कारण हमेशा बारिश के समय छत से पानी टपकने के कारण हम पूरे परिवार कई रात ठीक से सो भी नहीं पाते थे। उन्होंने बताया कि हमारी आय खेती एवं गांव में ही मजदूरी पर निर्भर है। साीमित आय होने के कारण आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम पक्का बना पाये। उन्होंने बताया कि गांव में ही ब्लॉक कोर्डिनेटर सुश्री नेहा मंडावी ने पीएम आवास के बारे में जानकारी दी।

हितग्राही श्री जयसिंह ने बताया कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास की स्वीकृति पश्चात् देखते ही देखते पूरी किश्त मिलने से हमारे बरसों का घर बनाने का सपना पूरा हुआ। अपने पक्के आवास का निर्माण कर लिया एवं अपने पक्के मकान में मनरेगा से मजदूरी भुगतान पाए साथ ही स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण एवं दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत एकलबत्ती कनेक्शन से बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मिली है। पक्के मकान में अपने परिवार के साथ खुशी से जीवन यापन करते हैं। श्री जयसिंह ने स्वयं के पक्के आवास में निवास कर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद व्यक्त किया।

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राम मंदिर में गूंजा नारा, छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम

अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में श्री रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति  के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान श्री राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी। वही साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा आज पूरी हो गई। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सहित उनके कैबिनेट के सदस्यों ने आज अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भाँचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर तथा पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू तथा कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रभु श्री राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए आज अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब    अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं।
फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है।  हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे।
उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि  रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूँ।
रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की  है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश के बहुत से श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ ले चुके हैं। उन सबसे श्रीरामलला के भव्य मंदिर और उनकी मंजुल मूर्ति की प्रशंसा सुनकर मन बहुत प्रसन्न होता था। आज हमें भी रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के कैबिनेट के सहयोगी उपमुख्यमंत्री   अरुण साव,  विजय शर्मा, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री  टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही  किरण देव,  अजय जामवाल एवं  पवन साय भी मौजूद रहे।

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