प्रदेश

BREAKING : दिव्यांग व्यक्ति की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या, हत्यारे की तलाश जारी

जांजगीर चांपा : जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां ग्राम डोंगा डोंगाकहरौद में एक दिव्यांग की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई और शव को तालाब किनारे फेंका गया है। वहीं घटना स्थल पर 20 मीटर घसीटने के निशान भी मिले है। सुचना पर पहुंची पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है। वहीं हत्या की वजह का खुलासा अब तक नहीं हो पाया है, पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम अज्ञात आरोपी की तलाश में जुट गई है। बताया जा रहा है कि मृतक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र का है।

 
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राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रभु से करेंगे कामना-CM विष्णुदेव साय

राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम

 राम काज और राम भक्ति की इसी गहरी भावना के साथ ननिहाल का स्नेह और भक्ति लेकर अयोध्या धाम में भांचा राम के दर्शन के लिए निकले मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके कैबिनेट के सहयोगी

कहा - प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रभु से करेंगे कामना

प्रभु श्री राम के लिए उपहार स्वरूप ले जा रहे माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण के मीठे बेर और पानी

 प्रभु को विष्णु भोग चावल, सीताफल और मिष्ठान्न के लिए अईरसाऔर करी लड्डू का लगाएंगे भोग

 प्रभु की वस्त्र सज्जा के लिए स्थानीय कोसे से बने वस्त्र भी

 मुख्यमंत्री ने जो उपहार की थाली तैयार की है उसे गौर करें तो पाएंगे कि इसके सभी पदार्थ राम कथा से संबंधित ही है चाहे विष्णु भोग हो चाहे सीताफल हो, सबसे प्रभु के छत्तीसगढ़ प्रवास का दिव्य स्मरण होता है

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CG - तुमसे ही शादी करूंगा कहकर साढ़े 3 साल तक लूटता रहा अस्मत,फिर जो हुआ,आरोपी गिरफ्तार…

अंबिकापुर :- युवक ने युवती से जान-पहचान बढ़ाई और उससे बातचीत करने लगा। इसी बीच युवती के किराए के मकान में पहुंचकर उसने कहा कि वह उससे प्यार करता है और उससे ही शादी करेगा। इसके बाद उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद से साढ़े 3 साल तक वह उससे बलात्कार करता रहा। फरवरी माह में उसने शादी से इनकार कर दिया। 2 दिन पूर्व युवती ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को सुभाषनगर गांधीनगर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

अंबिकापुर क्षेत्र अंतर्गत किराए के मकान में रहने वाली एक युवती ने 10 जुलाई को थाने में बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि जशपुर जिले के ग्राम आस्ता निवासी मकसूद अंसारी 24 वर्ष से उसकी पूर्व में जान-पहचान हुई थी। इसके बाद से युवक उससे मोबाइल पर बात करने लगा।

युवती ने बताया कि 11 अगस्त 2020 को वह उसके रूम पर आया और कहा कि वह उसे पसंद करता है और शादी भी करेगा। झांसे में लेकर उसने उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद से उसने 14 फरवरी 2024 तक उसके साथ कई बार बलात्कार किया। युवती की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी की खोजबीन शुरु की।

युवती की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2-एन) दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरु की। इसी बीच पुलिस ने आरोपी मकसूद अंसारी को गांधीनगर थाना क्षेत्र के महावीर हॉस्पिटल के सामने स्थित मकान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, उप निरीक्षक रंभा साहू, प्रधान आरक्षक सदरक लकड़ा, शत्रुधन सिंह, आरक्षक दीपक दास, अनुराग, चित्रसेन, शिवमंगल सिंह व मोतीलाल केरकेट्टा शामिल रहे।

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CG : पिता-पुत्र के पास बोरे में भरी मिली ऐसी चीज...देखते ही पुलिस ने किया गिरफ्तार,जानिए मामला…

अंबिकापुर. कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास से 110 नग नशीले कफ सिरप के साथ पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। दोनों झारखंड के गढ़वा से बोरे में प्रतिबंधित कफ सिरपलेकर पहुंचे थे और इसे खपाने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर प्रतिबंधित सिरप जब्त कर लिया। इसकी कीमत 88 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को जेल भेज दिया है।

कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास 2 व्यक्ति कफ सिरप बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी की।जब पुलिस ने दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर तलाशी ली तो उनके पास रखे प्लास्टिक के बोरी में 110 नग नशीला कफ सिरप मिला। इसके बाद पुलिस ने बोरे में भरा सिरप जब्त कर लिया। इसकी कीमत बाजार में 88 हजार रुपए बताई जा रही है।

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थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया

थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया रायपुर, 12 जुलाई 2024 ऊर्जा और पर्यावरण समाधान प्रदान करने और एनर्जी ट्रांजिशन के मामले में विश्वसनीय भागीदार थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में आयोजित अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया, जो इस क्षेत्र के उद्योगों को पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभों की पेशकश करता है। छत्तीसगढ़ लौह अयस्क, डोलोमाइट और कोयला जैसे खनिजों का अग्रणी उत्पादक राज्य है। यह भारत के 15% स्टील और 100% एल्युमीनियम का उत्पादन करता है। छत्तीसगढ़ 2024-29 के लिए अपनी नई औद्योगिक नीति और अपने सतत विकास लक्ष्यों को तैयार करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और थर्मेक्स के एनर्जी ट्रांजिशन समाधान इस क्षेत्र का नेतृत्व और समर्थन करना जारी रखेंगे। रिडिस्कवर के छत्तीसगढ़ संस्करण में थर्मेक्स के नवीनतम इनोवेशन और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों को प्रदर्शित करने पर ध्‍यान दिया गया है। इस कार्यक्रम में भाप और बिजली उत्पादन, वायु प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ बायो-सीएनजी, कोयला गैसिफिकेशन, सौर और पानी एवं अपशिष्‍ट पानी के लिए नवीनतम तकनीकों वाले महत्‍वपूर्ण समाधानों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इन-हाउस विकसित एमवीआर (मैकेनिकल वेपर रिकंप्रेशन) आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) सिस्टम शामिल था। इस क्षेत्र में स्‍टील और सीमेंट सेक्‍टर में महत्वपूर्ण विस्तार और विकास देखने को मिला है, जो अब भी लगातार जारी है। औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सक्रिय रूप से योगदान करते हुए, थर्मेक्स ने स्पंज आयरन एग्जॉस्ट, सीमेंट हीट रिकवरी और विभिन्‍न दूसरे एग्‍जॉस्‍ट ऐप्‍लीकेशंस के लिए अपशिष्ट हीट रिकवरी बॉयलर की कई यूनिट्स की सफलतापूर्वक आपूर्ति की है। पिछले 4-5 वर्षों में चावल मिलिंग उद्योग का काफी विस्तार हुआ है, इस क्षेत्र में 500-600 मिलें चल रही हैं। यह वृद्धि चावल की भूसी के तेल सहित चावल और चावल-आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग से प्रेरित है, जिसके लिए उन्नत हीटिंग और यूटिलिटी समाधान की आवश्यकता है। थर्मेक्स ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टर्नकी समाधान के रूप में लगभग 300 स्टीम बॉयलर की आपूर्ति की है। इसके अलावा, थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकांश लोहा और इस्पात निर्माताओं को 200 से अधिक इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ईएसपी) की सप्‍लाई की है। थर्मेक्स के वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसे ईएसपी, और बैग फिल्टर आदि कण उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही ये समाधान पर्यावरण पर प्रभाव को नियंत्रित करने और श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्यस्थल उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। इस रोड शो के माध्यम से ग्राहकों के साथ सहयोग के बारे में, थर्मेक्स के एमडी और सीईओ आशीष भंडारी ने कहा, “थर्मेक्स इनोवेशन, विशेषज्ञता और साझेदारी के माध्यम से ऊर्जा उपलब्धता और ऊर्जा स्थिरता के बीच अंतर को कम करने के लिए समर्पित है। हम ठोस और औद्योगिक अपशिष्ट, जैव(bio) और कृषि अपशिष्ट, और अपशिष्ट ताप । इसके अलावा हम हाइब्रिड नवीकरणीय और हरित हाइड्रोजन जैसे नए समाधानों का भी नेतृत्व कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य हमेशा उद्योगों को उनकी नई और बढ़ती मांगों को पूरा करने में मदद करना रहा है, साथ ही हम उन्हें और राज्य को उनके जलवायु प्रतिबद्धता लक्ष्यों में भी समर्थन दे रहे हैं।” एथेनॉल भी छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, जहां 30 से अधिक निजी कंपनियां एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निवेश करने का प्रस्ताव दे चुकी हैं। यह थर्मेक्स के लिए ईपीसी आधार पर अनाज आधारित डिस्टिलरी के लिए कोजनरेशन पावर प्‍लांट, बॉयलर्स और वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट पेश करने के लिए ध्‍यान दिए जाने वाले प्रमुख उद्योगों में से एक बनाता है। इससे उन्‍हें अपनी व्यावसायिक और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़, अपने प्रचुर कोयला भंडार के साथ, थर्मेक्स द्वारा विकसित कोयला गैसीकरण तकनीक का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह नई तकनीक कोयला गैसीकरण, पर्यावरणीय अनुपालन और ऊर्जा स्थिरता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के दिशानिर्देशों को पूरा करने की दिशा में व्यावहारिक समाधान मुहैया कराता है। थर्मेक्स अपने ग्राहकों को कई आधुनिक व्यावसायिक मॉडलों में से चुनने की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें अग्रिम पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) निवेश, परिचालन व्यय (ओपेक्स) विकल्प, या बिल्ड-ऑन-ऑपरेट (बीओओ) विकल्प शामिल है। बीओओ मॉडल में, थर्मेक्स निवेश, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लेता है, जबकि ग्राहक मीटर्ड बिलिंग के की तरह अपने यूटिलिटी उपभोग के आधार पर भुगतान करते हैं। थर्मेक्स लिमिटेड के विषय में ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी कंपनी थर्मेक्स लिमिटेड (NSE: THERMAX) एनर्जी ट्रांजिशन में एक विश्वसनीय भागीदार है। थर्मेक्स के व्यापक पोर्टफोलियो में स्वच्छ हवा, स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पानी और रासायनिक समाधान शामिल हैं। कई क्षेत्रों में अपनी दीर्घकालिक उद्योग साझेदारियों के समर्थन से, थर्मेक्स ने एकीकृत ऊर्जा-प्रबंधन अनुभव सुनिश्चित करते हुए, डिजिटल समाधानों के साथ ऑडिट, परामर्श, क्रियान्वयन और रखरखाव में मजबूत विशेषज्ञता विकसित की है। अपनी विशिष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, थर्मेक्स पर्यावरण की रक्षा करते हुए लागत को मुनाफे में बदलता है - जो बड़े पैमाने पर उद्योग और समाज के लिए फायदेमंद स्थिति है। थर्मेक्स भारत, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया में 14 फैक्ट्रियों का संचालन करता है और इसकी 42 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सहायक कंपनियां हैं। अधिक जानकारी के लिए, www.thermaxglobal.com पर जाएं।
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थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया

थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभ पहुंचाने वाले पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया रायपुर, 12 जुलाई 2024 ऊर्जा और पर्यावरण समाधान प्रदान करने और एनर्जी ट्रांजिशन के मामले में विश्वसनीय भागीदार थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ में आयोजित अपने रिडिस्कवर रोडशो में पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधानों का प्रदर्शन किया, जो इस क्षेत्र के उद्योगों को पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक लाभों की पेशकश करता है। छत्तीसगढ़ लौह अयस्क, डोलोमाइट और कोयला जैसे खनिजों का अग्रणी उत्पादक राज्य है। यह भारत के 15% स्टील और 100% एल्युमीनियम का उत्पादन करता है। छत्तीसगढ़ 2024-29 के लिए अपनी नई औद्योगिक नीति और अपने सतत विकास लक्ष्यों को तैयार करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, और थर्मेक्स के एनर्जी ट्रांजिशन समाधान इस क्षेत्र का नेतृत्व और समर्थन करना जारी रखेंगे। रिडिस्कवर के छत्तीसगढ़ संस्करण में थर्मेक्स के नवीनतम इनोवेशन और पर्यावरण के अनुकूल समाधानों को प्रदर्शित करने पर ध्‍यान दिया गया है। इस कार्यक्रम में भाप और बिजली उत्पादन, वायु प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ बायो-सीएनजी, कोयला गैसिफिकेशन, सौर और पानी एवं अपशिष्‍ट पानी के लिए नवीनतम तकनीकों वाले महत्‍वपूर्ण समाधानों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इन-हाउस विकसित एमवीआर (मैकेनिकल वेपर रिकंप्रेशन) आधारित जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) सिस्टम शामिल था। इस क्षेत्र में स्‍टील और सीमेंट सेक्‍टर में महत्वपूर्ण विस्तार और विकास देखने को मिला है, जो अब भी लगातार जारी है। औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में सक्रिय रूप से योगदान करते हुए, थर्मेक्स ने स्पंज आयरन एग्जॉस्ट, सीमेंट हीट रिकवरी और विभिन्‍न दूसरे एग्‍जॉस्‍ट ऐप्‍लीकेशंस के लिए अपशिष्ट हीट रिकवरी बॉयलर की कई यूनिट्स की सफलतापूर्वक आपूर्ति की है। पिछले 4-5 वर्षों में चावल मिलिंग उद्योग का काफी विस्तार हुआ है, इस क्षेत्र में 500-600 मिलें चल रही हैं। यह वृद्धि चावल की भूसी के तेल सहित चावल और चावल-आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग से प्रेरित है, जिसके लिए उन्नत हीटिंग और यूटिलिटी समाधान की आवश्यकता है। थर्मेक्स ने इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टर्नकी समाधान के रूप में लगभग 300 स्टीम बॉयलर की आपूर्ति की है। इसके अलावा, थर्मेक्स ने छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकांश लोहा और इस्पात निर्माताओं को 200 से अधिक इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ईएसपी) की सप्‍लाई की है। थर्मेक्स के वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसे ईएसपी, और बैग फिल्टर आदि कण उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही ये समाधान पर्यावरण पर प्रभाव को नियंत्रित करने और श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्यस्थल उत्सर्जन को कम करने में मदद करते हैं। इस रोड शो के माध्यम से ग्राहकों के साथ सहयोग के बारे में, थर्मेक्स के एमडी और सीईओ आशीष भंडारी ने कहा, “थर्मेक्स इनोवेशन, विशेषज्ञता और साझेदारी के माध्यम से ऊर्जा उपलब्धता और ऊर्जा स्थिरता के बीच अंतर को कम करने के लिए समर्पित है। हम ठोस और औद्योगिक अपशिष्ट, जैव(bio) और कृषि अपशिष्ट, और अपशिष्ट ताप । इसके अलावा हम हाइब्रिड नवीकरणीय और हरित हाइड्रोजन जैसे नए समाधानों का भी नेतृत्व कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य हमेशा उद्योगों को उनकी नई और बढ़ती मांगों को पूरा करने में मदद करना रहा है, साथ ही हम उन्हें और राज्य को उनके जलवायु प्रतिबद्धता लक्ष्यों में भी समर्थन दे रहे हैं।” एथेनॉल भी छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बन गया है, जहां 30 से अधिक निजी कंपनियां एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में निवेश करने का प्रस्ताव दे चुकी हैं। यह थर्मेक्स के लिए ईपीसी आधार पर अनाज आधारित डिस्टिलरी के लिए कोजनरेशन पावर प्‍लांट, बॉयलर्स और वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट पेश करने के लिए ध्‍यान दिए जाने वाले प्रमुख उद्योगों में से एक बनाता है। इससे उन्‍हें अपनी व्यावसायिक और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़, अपने प्रचुर कोयला भंडार के साथ, थर्मेक्स द्वारा विकसित कोयला गैसीकरण तकनीक का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह नई तकनीक कोयला गैसीकरण, पर्यावरणीय अनुपालन और ऊर्जा स्थिरता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के दिशानिर्देशों को पूरा करने की दिशा में व्यावहारिक समाधान मुहैया कराता है। थर्मेक्स अपने ग्राहकों को कई आधुनिक व्यावसायिक मॉडलों में से चुनने की सुविधा प्रदान करता है, जिसमें अग्रिम पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) निवेश, परिचालन व्यय (ओपेक्स) विकल्प, या बिल्ड-ऑन-ऑपरेट (बीओओ) विकल्प शामिल है। बीओओ मॉडल में, थर्मेक्स निवेश, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लेता है, जबकि ग्राहक मीटर्ड बिलिंग के की तरह अपने यूटिलिटी उपभोग के आधार पर भुगतान करते हैं। थर्मेक्स लिमिटेड के विषय में ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में अग्रणी कंपनी थर्मेक्स लिमिटेड (NSE: THERMAX) एनर्जी ट्रांजिशन में एक विश्वसनीय भागीदार है। थर्मेक्स के व्यापक पोर्टफोलियो में स्वच्छ हवा, स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पानी और रासायनिक समाधान शामिल हैं। कई क्षेत्रों में अपनी दीर्घकालिक उद्योग साझेदारियों के समर्थन से, थर्मेक्स ने एकीकृत ऊर्जा-प्रबंधन अनुभव सुनिश्चित करते हुए, डिजिटल समाधानों के साथ ऑडिट, परामर्श, क्रियान्वयन और रखरखाव में मजबूत विशेषज्ञता विकसित की है। अपनी विशिष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं का लाभ उठाते हुए, थर्मेक्स पर्यावरण की रक्षा करते हुए लागत को मुनाफे में बदलता है - जो बड़े पैमाने पर उद्योग और समाज के लिए फायदेमंद स्थिति है। थर्मेक्स भारत, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया में 14 फैक्ट्रियों का संचालन करता है और इसकी 42 भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय सहायक कंपनियां हैं। अधिक जानकारी के लिए, www.thermaxglobal.com पर जाएं।
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CG - प्रेमी ने प्यार में चली ऐसी चाल, साथ मरने की खाई कसम, प्रेमिका को खिलाया जहर, खुद भाग निकला, फिर जो हुआ......

बिलासपुर। एक दूसरे के प्यार में प्रेमी जोड़े ने साथ जीने-मरने की कसमे खाई। युवक की सगाई दूसरी जगह तय होने पर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद युवक ने साथ मरने की बात कहते हुए युवती को जहर का सेवन करवाया गया और आरोपी वहां से भाग निकला। वही युवती की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ये पूरा मामला मस्तूरी थाने क्षेत्र का है। 

इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा ने जानकारी दी कि, आरोपी युवक सुरेश साहू और मृतिका के बीच प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन आरोपी युवक सुरेश साहू की सगाई किसी और के साथ हो गई थी जिसके बाद दोनों के बीच रात्रि मे विवाद और बहस भी हुई थी।

सुरेश साहू ने मृतिका को गाँव के हाई स्कूल के पास बुलाया और बोला की हम दोनों साथ जी नहीं सकते लेकिन मर तो सकते है, जिसके बाद युवती साथ मरने को तैयार हो गई। युवती ने तो जहर का सेवन किया लेकिन आरोपी युवक ने नहीं की और आरोपी सुरेश युवती को छोड़कर भाग निकला। युवती को गंभीर हालत मे रायपुर मेकाहारा मे भर्ती किया गया जहाँ इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। वही फरार आरोपी सुरेश साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

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मां की ममता हुई शर्मसार,नदी किनारे नवजात शिशु का शव मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

गरियाबंद :- राजिम में इंसानियत के साथ-साथ मां की ममता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नदी किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृत शिशु की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पूरा मामला गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब राजिम के मुख्य मंच के पास पैरी-महानदी किनारे एक नवजात शिशु का शव मिला है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। लोगों ने इसकी जानकारी राजिम थाने में दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। नवजात को लेकर इलाके में कई तरह की बातें हो रही हैं। नवजात के शरीर को कुत्ते आदि जानवरों द्वारा नीचे जाने की बात भी कही जा रही है।शिशु के शरीर छत-विक्षत हालत में पाई गई है। विवेचक पुरुषोत्तम यादव ने बताया कि नवजात के शव मिलने की सूचना मिली है। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आशंका जताई जा रही है कि नवजात के मृत होने पर किसी ने नदी में दफना दिया होगा, जो बाहर आ गया था। फिलहाल पुलिस अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है।

 
 
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दोहरे हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा, छोटे बेटे ने ही मां और भाई को उतारा मौत के घाट, इस वजह से खौफनाक वारदात को दिया अंजाम

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है. जगदलपुर के अनुपमा चौक स्थित एक घर में मां और बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं बल्कि घटना में घायल हुए छोटे बेटे नितेश गुप्ता का हाथ है. उसने ही इस खौफनाक हत्या की और पुलिस को गुमराह करने के लिए डकैती की कहानी गढ़ डाली.

हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसपी सलभ सिन्हा ने बताया कि घटना के बाद जब पुलिस घायल नितेश गुप्ता का बयान ले रही थी तो बार-बार उसने अलग-अलग बयान दिया, जिससे उसका बयान मैच नहीं होने से पुलिस ने उसे संदेह में रखा था. जिसके बाद पुलिस की गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर पुख्ता जानकारी हासिल की. उसके बाद फिर से पुलिस ने जब नितेश गुप्ता से पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म कबूल किया.

उसने बताया कि कुछ दिनों से दोनों भाइयों के बीच मे संबंध अच्छे नहीं चल रहे थे, लगातार लड़ाई-झगड़े होते रहते थे. जिसमें शादी और प्रोपर्टी को लेकर दोनों के बीच विवाद होता रहता था. 11 जुलाई की रात भी वे घर में सो रहे थे तो दोनों भाई के बीच झड़प हुई और आवेश में आकर नितेश ने तवा उठाकर अपने बड़े भाई पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया. दोनों भाइयों के विवाद के बीच में मां भी उन्हें शांत कराने आई तो मां के ऊपर भी छोटे बेटे ने बर्तन से हमला कर घायल कर दिया. उसके बाद लहूलुहान पड़े बड़े भाई और मां की रस्सी से गला घोंटकर नितेश ने हत्या कर दी. हत्या के बाद अपने आप को बचाने के लिए उसने डकैती जैसी माहौल क्रिएट कर खुद को रस्सी से बांधा और पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी बनाई.

यह है पूरी घटना

कोतवाली थाना क्षेत्र के अनुपमा चौक निवासी गायत्री गुप्ता (50 वर्ष) अपने दो बेटों नीलेश गुप्ता (32 वर्ष) और नितेश गुप्ता (29 वर्ष) के साथ रहती थीं. वह घर के सामने छोटी सी दुकान चलाती थीं. हर रोज की तरह 11 जुलाई की सुबह जब आसपास के लोगों ने गायत्री गुप्ता को नहीं देखा तो घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिला. जिसके बाद लोगों को शक हुआ और उन्होंने डायल 112 को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और इसी बीच देखा की दरवाजा अंदर से बंद था, तो दूसरे के बिल्डिंग से घर के पीछे से टीम दाखिल हुई. जिसके बाद आगे का दरवाजा खोला गया तो देखा कि घर में मां-बेटे की लाश पड़ी हुई थी. वहीं छोटा बेटा नितेश बाथरूम के पास घायल अवस्था में पड़ा था और उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे. जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया. मामले की जांच के लिए एसपी ने तुरंत चार अलग-अलग जांच टीम गठित की.

दोहरे हत्याकांड के आरोपी ने गढ़ी वारदात की झूठी कहानी

गुप्ता परिवार के दोहरे हत्याकांड में घायल छोटे बेटे नितेश गुप्ता का अस्पताल में घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. घायल नितेश की स्थिति बेहतर होने पर पुलिस ने जब उसका बयान लिया तो उसने शुरूआती बयान में बताया है कि देर रात चार लोग घर में घुसे हुए थे, और उनके मकान से लगे त्रिशला ज्वेलर्स में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान घायल युवक की नींद खुली और उसके जोर से चिल्लाने पर चारों ने मिलकर उसे बांध दिया और पीटा. इस बीच घायल की अवाज से मां और बड़ा भाई नीलेश भी जाग गए और उसके कमरे में पहुंच गए. इस दौरान कमरे में खड़े हमलावरों ने दोनों को हथौड़े से हमला दर दिया. जिससे उसकी मौत और बड़े भाई की मौत हो गई.

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व्यापम ने लिया बड़ा फैसला, इस परीक्षा केंद्र के परीक्षार्थियों के लिए व्यापम दोबारा आयोजित करेगा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा, जानिए वजह..!!

धमतरी। छत्तीसगढ़ में बीते 23 जून को शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी। धमतरी जिले के शासकीय कॉलेज भखारा में परीक्षार्थीयों को एक घंटा लेट उत्तर पुस्तिका मिली थी। जिसको लेकर परीक्षार्थीयों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर कलेक्टर से शिकायत किया था। और मांग किया था कि उन्हें बोनस अंक दिया जाये या फिर परीक्षा रद्द कर फिर से परीक्षा कराया जाए।  

जिसको लेकर व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर ने भखारा के शासकीय कॉलेज में फिर से परीक्षा आयोजित कराने का फैसला लिया है। वहीं परीक्षा 20 जुलाई को होगी। बता दें भखारा कॉलेज में 23 जून को टीईटी की परीक्षा में 288 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वहीं दूसरे पॉली की परीक्षा में परीक्षार्थीयों को एक घंटा लेट उत्तर पुस्तिका वितरण किया गया था। जिसको लेकर परीक्षार्थीयों ने नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी शिकायत की थी। 

बताया जा रहा है कि परीक्षार्थी जो 20 जुलाई को आयोजित परीक्षा में शामिल होंगे उनकी पूर्व की उत्तर पुस्तिका को निरस्त माना जाएगा। और उनका परिणाम 20 जुलाई को आयोजित होने वाली उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जाएगा। जबकि जो परीक्षार्थी दुबारा परीक्षा में शामिल नहीं होंगे उनका परिणाम 23 जून की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया जाएगा। 

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CG- ​​​​​​13 साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म...नाबालिग दोस्त ने नशीली दवा खिलाकर अपने साथी के साथ वारदात को दिया अंजाम, फिर जो हुआ.....

बिलासपुर। 13 साल की नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। बालिका को नशीली दवा खिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया है। बच्ची को परिजन बदहवास हालत में लेकर घर आए। पूछताछ के बाद परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कया है। यह मामला सरकंडा क्षेत्र का है। 

अपनी शिकायत में महिला ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की दोस्ती विवेकानंद रेसीडेंसी में रहने वाले एक नाबालिग से थी। देर रात नाबालिग ने उनकी बेटी के मोबाइल पर मैसेज किया, जिसमें उसने बेटी की अश्लील फोटो होने की बात कही थी। उसने बेटी को काॅलोनी स्थित मंदिर के पास मिलने के लिए बुलाया। अश्लील फोटो होने के डर से बच्ची रात करीब दो बजे नाबालिग से मिलने के लिए चली गई। वहां नाबालिग अपने एक दोस्त के साथ खड़ा था। दोनों ने मिलकर नाबालिग को नशीली दवा खिला दी। इसके बाद दोनों ने बच्ची से दुष्कर्म किया। 

इधर बेटी को घर में न पाकर महिला उसकी तलाश करने लगी। रात को महिला अपनी बेटी को खोजते हुए मंदिर के पास पहुंची। उसे देखते ही नाबालिग और उसका साथी भाग निकले। वहीं घटना स्थल पर बदहवास बेटी को मां अपने साथ लेकर घर आई। सुबह बेटी के होश में आने के बाद उसे पूरे मामले की जानकारी हुई। महिला ने घटना की शिकायत सरकंडा थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर आरोपी नाबालिग और उसके बालिग दोस्त को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है। 

 
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ब्रेकिंग : शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश को हाईकोर्ट ने किया निरस्‍त...जानिए कब हुआ था तबादला आदेश जारी...!!

बिलासपुर। लोकसभा चुनाव के दौरान जारी आदर्श आचरण संहिता के बीच में राज्य शासन ने दो शिक्षकों का तबादला कर दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए शिक्षकों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सिंगल बेंच ने शासन के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका को खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के फैसले को शिक्षकों ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी। डिवीजन बेंच ने राज्य शासन, डीईओ रायपुर व जगदलपुर के 14 मार्च 2024 और 15 मार्च 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने शासन से कहा कि आदेश की कापी मिलने के दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता शिक्षकों के प्रकरण का निराकरण करें।

शिक्षक मिरी राम देवांगन व दयानाथ कश्यप ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से राज्य शासन व जिला शिक्षाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं ने 14 और 15 मार्च.2024 के स्थानांतरण आदेशों को चुनौती देते हुए रिट याचिका दायर की थी। आचार संहिता के दौरान द्वेषपूर्ण स्थानांतरण का आदेश याचिकाकर्ताओं ने लगाया है। याचिका के अनुसार जिला शिक्षाधिकारी और ब्लाक शिक्षाधिकारी, जिन्होंने उपरोक्त स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं, उनके पास कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।

स्थानांतरण नीति 12 अगस्त 2022 के अनुसार, स्थानांतरण आदेश प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद कलेक्टर द्वारा पारित किया जाना चाहिए था। याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि चुनाव के दौरान जारी आदर्श आचरण संहिता के बीच यह आदेश जारी किया गया है। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल के डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने राज्य शासन व जिला शिक्षाधिकारी द्वारा जारी आदेश पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने राज्य शासन से कहा कि फैसले की कापी मिलने के दो सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ताओं के दावे पर दोबारा विचार कर निर्णय लें।

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CG ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में फेरबदल, TI, ASI समेत कई पुलिसकर्मी किये गए इधर से उधर...देखें लिस्ट...!!

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर :- जिले के एसपी चंद्रमोहन सिंह ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए कई पुलिसकर्मियों का तबादला किया है, जारी आदेश में जिसमें 2 निरीक्षक और 7 सहायक उप निरीक्षक समेत 29 पुलिसकर्मियों का नाम शमिल है, जिसका तबादला किया गया है.

देखें लिस्ट-

CG POLICE TRANSFER BREAKING : SP ने TI, ASI समेत 29 पुलिसकर्मियों का किया तबादला, देखें लिस्ट 

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नक्सलियों की जन अदालत: नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों का किया अपहरण, फिर जन अदालत लगाकर दी ऐसी खौफनाक सजा..

सुकमा। नक्सलियों के खिलाफ चल रहे जवानों के आपरेशंस के बीच सुकमा से बड़ी खबर आ रही है। नक्सलियों ने तीन ग्रामीणों का अपहरण कर लिया। बाद में दो लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि एक ग्रामीण को जन अदालत में मार दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप है।
 
जानकारी के मुताबिक सुकमा जिले के किस्टाराम में नक्सलियों ने 2 दिन पहले 3 ग्रामीणों को अगवा कर लिया था। बुधवार को जंगल में जनअदालत लगायी गयी, जिसमें एक ग्रामीण माड़वी राजाराव (20 वर्ष) की पीट-पीट कर नक्सलियों ने जन अदालत में मार डाला, वहीं दो ग्रामीमों को रिहा कर दिया। नक्सलियों ने शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया है।
 
जानतारी के मुताबिक किस्टाराम थाना क्षेत्र का है। वहीं, मारपीट में घायल दो ग्रामीणों को नक्सलियों बुधवार रात रिहा कर दिया है। सभी ग्रामीण नक्सल प्रभावित गांव साकलेर के रहने वाले हैं। 2 दिन पहले नक्सलियों ने इन्हें गांव से ही अगवा कर लिया था। इसके बाद जंगल में नक्सलियों ने जन अदालत लगाई थी और इन लोगों पर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाया। फिर सभी को मारा-पीटा गया।
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चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी जी के नेतृत्व में चेम्बर का प्रतिनिधि मंडल श्रीमती नीलिमा तिग्गा अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर से मिला

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज चेंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी जी के नेतृत्व में चेम्बर प्रतिनिधि मंडल ने श्रीमती नीलिमा तिग्गा अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर, छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये।
 
इस अवसर पर वाण्ज्यििक कर विभाग के अधिकारीगण सुनील चैधरी जी संयुक्त आयुक्त, श्री सी आर महलांगे संयुक्त आयुक्त, अजय देवांगन संयुक्त आयुक्त और दुर्गेश पांडे उप आयुक्त प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी जी ने पत्र के माध्यम से बताया कि आज माननीय वाण्ज्यििक कर आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये एवं पूर्व अधिनियम दिनांक 04.05.2023 एवं नियम दिनांक 15.09.2023 आवश्यक संशोधनों के साथ जारी रखने हेतु निवेदन किया गया साथ ही अन्य सुझाव नीचे दिए गए जो निम्नानुसार हैंः-

ऽ सभी सर्किलों के लिए बकाया राशि की वसूली सूची विभाग द्वारा जारी की जाए।

ऽ बहुत बड़ी संख्या में छोटी राशि के बकाया लंबित हैं, जिनमें डीलर उपलब्ध नहीं हैं। 1 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा वाले ऐसे बकाया को छूट के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। आयकर कानूनों के तहत भी इसी तरह की स्थिति अपनाई गई है।

ऽ नियम 5 में आवेदक को मांग नोटिस के साथ मूल्यांकन आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसमें शपथ पत्र के साथ चालान की प्रमाणित प्रति भी आवश्यक है।


ऽ मूल्यांकन आदेश और डिमांड नोट की मूल प्रति अपील/संशोधन या उच्च न्यायालय में दायर की जाती है। ऐसे मामले में, प्रमाणित प्रति संलग्न करना संभव नहीं है। डीलर द्वारा स्वयं प्रमाणित आदेश प्रति/चालान स्वीकार किया जा सकता है।


ऽ शपथ पत्र के प्रारूप में एक खंड जोड़ा जाना चाहिए कि “मैं/हम आगे यह घोषणा करते हैं कि मैंने/हमने कर विवाद को समाप्त करने के लिए ही कर निपटान की इस योजना के तहत आवेदन किया है।

“ वाणिज्यिक कर अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर की शर्त को वापस लेने की आवश्यकता है क्योंकि शपथ पत्र आवेदक द्वारा शपथ के तहत दायर किया गया है।

ऽ निर्धारित तिथि को उस तिथि के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए जिस दिन से पहले निपटान अधिनियम प्रभावी हुआ है। इससे उन व्यापारियों को निपटान योजना का लाभ लेने की अनुमति मिलेगी जो पहले लाभ नहीं उठा सके थे।

ऽ धारा 11(1)(ए) में, निर्धारित तिथि शब्द को हटाया जाना चाहिए या उसके स्थान पर आवेदन की तिथि रखी जानी चाहिए।

ऽ आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित करने के लिए अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। (दिनांक 15.09.2023 के क्रमांक 35 के समान)।

धारा 11 में संशोधनः- वर्तमान अधिनियम के तहत, धारा 11 अपील में किए गए किसी भी भुगतान या सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी भी अंतरिम आदेश के संबंध में किसी भी भुगतान को उक्त तिथि को या उससे पहले समायोजित करने का प्रावधान करती है।

नियमों में संशोधनः-

नियमों के तहत निर्धारित आवेदन पत्र तैयार करते समय, हम पाते हैं कि कुछ विसंगतियाँ हैं, जिसके कारण अधिनियम और नियमों का उद्देश्य आवेदक डीलर तक नहीं पहुँचाया जा सकता है। यह आवेदन पत्र ( ब्ै। -1) और निपटान आदेश ( ब्ै।-1) में कुछ स्तंभों में अंतर के कारण हैः
फॉर्म ब्ै।-1 (आवेदन पत्र) और फॉर्म ब्ै।-1 (निपटान आदेश)ः

आवेदन पत्र ब्ै।-1 और निपटान आदेश फॉर्म ब्ै।-3 अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।
सीएसए-1 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः-

“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि“
जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः

“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि, यदि मामले में अंतिम आदेश पारित किया गया है“

जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 13 इस प्रकार हैः




“किसी न्यायालय या अपील के अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि,

“अंतिम आदेश“ शब्द को भी परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन धारा 48(7) के अनुसार यदि कोई अपील ट्रिब्यूनल के समक्ष संदर्भ के लिए लंबित है या उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संदर्भ स्वीकार किए जाने पर है, तो उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा (धारा 55(6))।

जिन डीलरों के मामलों में अंतिम आदेश लंबित नहीं है, उन्हें अनुसूची-ए का लाभ नहीं दिया जाएगा।

इसलिए, सीएसए-1 का कॉलम नंबर 6 सीएसए-3 के कॉलम नंबर 6 के समान होना चाहिए।

सीएसए-3 में अनुसूची के कॉलम नंबर 11 से 13 को सीएसए-1 में जोड़ा जाना चाहिए।

ऽ ब्याज में अतिरिक्त भुगतान को कर की देयता के विरुद्ध समायोजित किया जाना चाहिए और शेष राशि को “नामित समिति द्वारा स्वीकृत राशि“ के रूप में प्रमाणित किया जाना चाहिए।

श्री पारवानी ने अतिरिक्त आयुक्त,वाण्ज्यििक कर से निवेदन किया कि फॉर्म सीएसए-1 और फॉर्म सीएसए-3 को नियमों की आवश्यकता के अनुसार संशोधित किया जाए ।

इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, टेक्नीकल टीम के सदस्य सी.ए. मुकेश मोटवानी, अधिवक्ता दयाल राजपाल, अधिवक्ता महेश शर्मा, युवा चेम्बर महामंत्री कांति पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज चेंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी जी के नेतृत्व में चेम्बर प्रतिनिधि मंडल ने श्रीमती नीलिमा तिग्गा अतिरिक्त आयुक्त, वाणिज्यिक कर, छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये।
 
इस अवसर पर वाण्ज्यििक कर विभाग के अधिकारीगण सुनील चैधरी जी संयुक्त आयुक्त, श्री सी आर महलांगे संयुक्त आयुक्त, अजय देवांगन संयुक्त आयुक्त और दुर्गेश पांडे उप आयुक्त प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी जी ने पत्र के माध्यम से बताया कि आज माननीय वाण्ज्यििक कर आयुक्त छत्तीसगढ़ शासन से मुलाकात कर “छत्तीसगढ़ कर, ब्याज और दंड बकाया निपटान नियम, 2023“ के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए सुझाव दिये एवं पूर्व अधिनियम दिनांक 04.05.2023 एवं नियम दिनांक 15.09.2023 आवश्यक संशोधनों के साथ जारी रखने हेतु निवेदन किया गया साथ ही अन्य सुझाव नीचे दिए गए जो निम्नानुसार हैंः-

ऽ सभी सर्किलों के लिए बकाया राशि की वसूली सूची विभाग द्वारा जारी की जाए।

ऽ बहुत बड़ी संख्या में छोटी राशि के बकाया लंबित हैं, जिनमें डीलर उपलब्ध नहीं हैं। 1 लाख रुपये की मौद्रिक सीमा वाले ऐसे बकाया को छूट के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। आयकर कानूनों के तहत भी इसी तरह की स्थिति अपनाई गई है।

ऽ नियम 5 में आवेदक को मांग नोटिस के साथ मूल्यांकन आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करना आवश्यक है। इसमें शपथ पत्र के साथ चालान की प्रमाणित प्रति भी आवश्यक है।


ऽ मूल्यांकन आदेश और डिमांड नोट की मूल प्रति अपील/संशोधन या उच्च न्यायालय में दायर की जाती है। ऐसे मामले में, प्रमाणित प्रति संलग्न करना संभव नहीं है। डीलर द्वारा स्वयं प्रमाणित आदेश प्रति/चालान स्वीकार किया जा सकता है।


ऽ शपथ पत्र के प्रारूप में एक खंड जोड़ा जाना चाहिए कि “मैं/हम आगे यह घोषणा करते हैं कि मैंने/हमने कर विवाद को समाप्त करने के लिए ही कर निपटान की इस योजना के तहत आवेदन किया है।

“ वाणिज्यिक कर अधिकारी के प्रति हस्ताक्षर की शर्त को वापस लेने की आवश्यकता है क्योंकि शपथ पत्र आवेदक द्वारा शपथ के तहत दायर किया गया है।

ऽ निर्धारित तिथि को उस तिथि के रूप में अधिसूचित किया जाना चाहिए जिस दिन से पहले निपटान अधिनियम प्रभावी हुआ है। इससे उन व्यापारियों को निपटान योजना का लाभ लेने की अनुमति मिलेगी जो पहले लाभ नहीं उठा सके थे।

ऽ धारा 11(1)(ए) में, निर्धारित तिथि शब्द को हटाया जाना चाहिए या उसके स्थान पर आवेदन की तिथि रखी जानी चाहिए।

ऽ आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित करने के लिए अधिसूचना जारी की जानी चाहिए। (दिनांक 15.09.2023 के क्रमांक 35 के समान)।

धारा 11 में संशोधनः- वर्तमान अधिनियम के तहत, धारा 11 अपील में किए गए किसी भी भुगतान या सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी भी अंतरिम आदेश के संबंध में किसी भी भुगतान को उक्त तिथि को या उससे पहले समायोजित करने का प्रावधान करती है।

नियमों में संशोधनः-

नियमों के तहत निर्धारित आवेदन पत्र तैयार करते समय, हम पाते हैं कि कुछ विसंगतियाँ हैं, जिसके कारण अधिनियम और नियमों का उद्देश्य आवेदक डीलर तक नहीं पहुँचाया जा सकता है। यह आवेदन पत्र ( ब्ै। -1) और निपटान आदेश ( ब्ै।-1) में कुछ स्तंभों में अंतर के कारण हैः
फॉर्म ब्ै।-1 (आवेदन पत्र) और फॉर्म ब्ै।-1 (निपटान आदेश)ः

आवेदन पत्र ब्ै।-1 और निपटान आदेश फॉर्म ब्ै।-3 अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के अनुरूप नहीं हैं।
सीएसए-1 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः-

“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि“
जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 6 इस प्रकार हैः

“किसी न्यायालय या अपील या पुनरीक्षण के किसी अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि, यदि मामले में अंतिम आदेश पारित किया गया है“

जबकि, सीएसए-3 की अनुसूची का कॉलम 13 इस प्रकार हैः




“किसी न्यायालय या अपील के अंतरिम आदेश के तहत आंशिक रूप से भुगतान की गई राशि,

“अंतिम आदेश“ शब्द को भी परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन धारा 48(7) के अनुसार यदि कोई अपील ट्रिब्यूनल के समक्ष संदर्भ के लिए लंबित है या उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संदर्भ स्वीकार किए जाने पर है, तो उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा (धारा 55(6))।

जिन डीलरों के मामलों में अंतिम आदेश लंबित नहीं है, उन्हें अनुसूची-ए का लाभ नहीं दिया जाएगा।

इसलिए, सीएसए-1 का कॉलम नंबर 6 सीएसए-3 के कॉलम नंबर 6 के समान होना चाहिए।

सीएसए-3 में अनुसूची के कॉलम नंबर 11 से 13 को सीएसए-1 में जोड़ा जाना चाहिए।

ऽ ब्याज में अतिरिक्त भुगतान को कर की देयता के विरुद्ध समायोजित किया जाना चाहिए और शेष राशि को “नामित समिति द्वारा स्वीकृत राशि“ के रूप में प्रमाणित किया जाना चाहिए।

श्री पारवानी ने अतिरिक्त आयुक्त,वाण्ज्यििक कर से निवेदन किया कि फॉर्म सीएसए-1 और फॉर्म सीएसए-3 को नियमों की आवश्यकता के अनुसार संशोधित किया जाए ।

इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, टेक्नीकल टीम के सदस्य सी.ए. मुकेश मोटवानी, अधिवक्ता दयाल राजपाल, अधिवक्ता महेश शर्मा, युवा चेम्बर महामंत्री कांति पटेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमांशु वर्मा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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महासमुंद : वन महोत्सव कार्यक्रम में सांसद एवं विधायक ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों से एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्नान किया था। देश के नागरिकों से इस वर्ष वर्षा ऋतु में अपनी मां के सम्मान के लिए सम्मान स्वरूप एक पौधा लगाने का आह्वान किया है। जिसके तहत सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने आज एक पेड़ मां के नाम अभियान में ग्राम खैरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयोजित वन महोत्सव में विभिन्न फलदार पौधा रोपण किया गया और आम जनों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ छत्तीसगढ़ महतारी की छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि आज हम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के आह्वान पर यहां एक जगह एकत्र हुए हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने बहुत ही भावनात्मक अपील की है। पेड़ से हमें ऑक्सीजन मिलता है। पेड़ जरूर लगाना चाहिए लेकिन सुरक्षा भी करना चाहिए। पेड़ लगाकर भूले नहीं, पेड़ को पानी दे और उसका रखरखाव करें। उन्होंने कहा कि यहां के बच्चे और ग्रामीण अपने घर या खेतों में अवश्य पेड़ लगाएं और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। पेड़ लगाने के नाम से महासमुंद जिला का अलग से पहचान बनाएं। इस अवसर पर उन्हांने अपनी माता श्रीमती हीरावती पटेल के नाम पर बरगद वृक्ष का रोपण किया।
वन महोत्सव कार्यक्रम में विधायक महासमुंद  योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि मां शब्द से सुनकर एक अलग भावना मन में जागृत हो जाता है। हमारी यशस्वी प्रधानमंत्री के अपील पर अवश्य पेड़ लगाएं। यह पेड़ जब तक रहेगा तब तक मां का नाम रहेगा। आने वाले समय में यही पेड़ पर्यावरण के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के साथ जाली लगाकर पेड़ की सुरक्षा करें। उन्होंने अपनी मां श्रीमती चुमकेश्वरी सिन्हा के नाम पर बेल पेड़ का पौध रोपण किया। उन्होंने कहा कि यहां स्कूल की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल भी बनाया जाएगा।
वनमंडलाधिकारी  पंकज राजपूत ने बताया कि पेड़ की असली महत्ता को कोरोना काल ने सिखाया है। आज हर व्यक्ति को अच्छी सेहत के लिए 20 पेड़ की आवश्यकता है। इसलिए हमें कम से कम 20 पेड़ लगाना ही चाहिए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में निःशुल्क वाहन के माध्यम से ही फलदार और छायादार पेड़ों का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। सभी ग्रामीण इसका अवश्य लाभ उठाएं। कलेक्टर श्री प्रभात मलिक, वनमंडलाधिकारी  पंकज राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने भी एक पेड़ मां के नाम पर पौधरोपण कर जिलेवासियों से पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
महोत्सव में लोगों को निःशुल्क पौध का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष  यतेंद्र साहू, पार्षद श्रीमती मीना वर्मा,  महेंद्र जैन,  मुन्ना देवार,  मंगेश टकसाले, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, सरपंच खैरा श्रीमती नीलम कोसरे,  चंद्रहास चंद्राकर,  संदीप दीवान, श्रीमती सुधा साहू,  मनीष शर्मा,  प्रकाश शर्मा, प्रदीप चंद्राकर,  रमेश साहू,  देवेंद्र चंद्राकर,  हनीश बग्गा,  श्याम साकरकर उपस्थित थे तथा उप वनमंडलाधिकारी श्री अब्दुल वहीद खान एवं परिक्षेत्र अधिकारी  करमाकर एवं वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

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