प्रदेश
बलौदाबाजार हिंसा : कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को पुलिस का नोटिस, विरोध प्रदर्शन में थे शामिल
पेट्रोल पंप में लगी आग, चार वाहन जलकर खाक, एक घंटे लेट पहुंची फायर ब्रिगेड
रिश्ते हुए शर्मसार : कलयुगी ससुर की काली करतूत, बहु पर रखता था गंदी नजर, शादी के बाद से डरा धमकाकर लगातार बहू से करता रहा दुष्कर्म, फिर जो हुआ
कोरबा। जिले से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जहां एक कलयुगी ससुर ने रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना को अंजाम दिया है। बहू ने ससुर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत उरगा थाना क्षेत्र में की है। यह मामला बरबसपुर गांव की है। पुलिस मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बहू ने अपनी मां के साथ थाना पहुंचकर आपबीती बताई। पीड़िता के मुताबिक, ससुर शादी के बाद कई सालों तक डरा धमकाकर लगातार दुष्कर्म कर रहा था। विरोध करने पर जान से मारने और बदनाम करने की धमकी देता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी 39 वर्षीय लक्षमण दास महंत पर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बिजली के दामों में 8 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी को वापस ले भाजपा सरकार- विक्रम मंडावी
दीपक बैज द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सत्ता भोगी बोलने पर बोली भाजपा
कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की इज्जत नहीं कभी उन्हे स्लीपर सेल ,कभी सत्ता भोगी बोला जा रहा है
जिन नेताओ की वजह से कांग्रेस हारी ,वही रोज अपने कार्यकर्ताओं को गाली दे रहे है:संजय श्रीवास्तव
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से अब पार्टी संगठन सम्हाले नहीं सम्हल रहा है और इसी बौखलाहट में अब वह भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भाषा बोलकर अपने कार्यकर्ताओं को सत्ता-भोगी और न जाने क्या-क्या कहकर अपनी हताशा जगजाहिर कर रहे हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी संगठन की रीढ़ होते हैं लेकिन कांग्रेस में कदम-कदम पर अपने ही कार्यकर्ताओं को अपमानित करने मानो होड़ लगी हुई है। छत्तीसगढ़ में इसीलिए कांग्रेस रसातल में जा पहुँची है और कांग्रेस के नेता फिर भी जुबानी तौर पर बेलगाम होते जा रहे हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि बैज अपने कार्यकर्ताओं को सत्ता-भोगी बताकर काग्रेस छोड़ने की नसीहत दे रहे हैं और इस खुशफहमी में हैं कि संघर्ष के साथी उनके साथ हैं। कांग्रेस के जितने बड़े नेता, जो खुद भी हार गए हैं और जिनकी वजह से कांग्रेस हारी, अब वह रोज कार्यकर्ताओं को कोस रहे हैं, उनको धमकी दे रहे हैं! पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिनके कारण विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हारी, लोकसभा चुनाव में 10 सीटें हारी, जिनके खिलाफ कार्यकर्ता लगातार चिठ्ठियाँ लिख रहे हैं, हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय कार्यकर्ताओं को 'स्लीपर सेल' बता रहे हैं और उन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि दीपक बैज, जो खुद स्वयं विधानसभा का चुनाव हार गए, उसके बाद उनके नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष रहते लोकसभा में कांग्रेस की करारी हार हुई है, अपनी खुद की लोकसभा भी वे बचा नहीं पाए और उसके बाद अब कार्यकर्ताओं को धमकी दे रहे हैं, सत्ता भोगी और न जाने क्या-क्या कह रहे हैं!
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता बार-बार कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, उन्हें अपमानित कर रहे हैं, उन्हें अपशब्द कह रहे हैं, यही कांग्रेस की सच्चाई है। कांग्रेस में कार्यकर्ताओं का कोई मान नहीं है। राहुल गांधी से लेकर के भूपेश बघेल और दीपक बैज तक यह सब एक ही प्रकार के लोग हैं। राहुल गांधी को कुत्तों को बिस्किट खिलाते का समय होता है लेकिन कार्यकर्ताओं के साथ मिलना पसंद नहीं करते हैं, वैसा ही भूपेश बघेल और दीपक बैज का हाल है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिनकी खुद की वजह से कांग्रेस को विधानसभा और लोकसभा के दो-दो चुनावों में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, उनको हार स्वीकार करके अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन वे यह न करते हुए अपने कार्यकर्ताओं को गाली दे रहे हैं। अनर्गल प्रलाप और कार्यकर्ताओं का सरेआम अपमान ही कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति और नियति बनती जा रही है।
प्रदेश के सभी 307 संगठन ब्लॉकों में दिया गया धरना बिजली कटौती और दाम बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस का प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन
बिजली कटौती और बिजली के दामों की बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा। राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है बिजली की कटौती से जनता परेशान है। बिजली कटौती और महंगी बिजली के कारण परेशान जनता की आवाज को उठाने कांग्रेस ने जनआंदोलन छेड़ा है।
कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता गण अपने-अपने क्षेत्रों के ब्लॉकों में आयोजित धरनों में शामिल हुये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के धरने में शामिल हुये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजधानी के राजीव गांधी चौक के धरने में तथा पूर्व मुख्यमंत्री कुशालपुर रिंग रोड, सिद्धार्थ चौक, राजीव गांधी चौक के धरने में शामिल हुये। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत जांजगीर-चांपा सक्ती के धरने में शामिल हुये।
राजधानी रायपुर के धरने को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले 6 माह में विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बिजली दो-चार घंटे के लिये बंद न हो, रात में तो बिजली की स्थिति तो और भयावह हो जाती है, घंटो बिजली गोल हो जाती है। भाजपा से न सरकार संभल पा रहा और न ही व्यवस्थायें। सरकार एक तो पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही, ऊपर से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ डाल रही है। प्रदेश के अनेक जिलों में तो पूरी रात बिजली कटौती हो रही है। भाजपा सरकार में आम जनता को मांग के अनुसार बिजली नहीं मिल रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रहे हैं। कांग्रेस की सरकार के दौरान 24 घंटा बिजली की आपूर्ति होती थी। गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने पर दूसरे राज्यों से भी बिजली की खरीदी किया जाता था और आम जनता को 24 घंटा बिजली की आपूर्ति की जाती थी। रवि फसल लगाने वाले किसानों को भी बोरवेल चलाने के लिए बिजली निःशुल्क मिलता था। कांग्रेस की सरकार ने 5 वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों में भी बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली बिल हाफ योजना शुरू किया था जिसका लाभ प्रदेश के 44 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को मिलता था जिसे 5 साल में प्रत्येक उपभोक्ता का 40 से 50 हजार रु. तक की बचत हुई है। 1000 रू. महीना महिलाओं को देकर भाजपा सरकार बिजली बिल के रूप में दुगुना वसूल रही है।
धरने को संबोधित करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय पूरे 5 साल सरप्लस बिजली छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को मिलता रहा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद तेलंगाना, गोवा, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यो को पवार एक्सचेंज एग्रीमेंट के तहत छत्तीसगढ़ से बिजली सप्लाई की जाती थी। अब भाजपा की डबल इंजन की सरकार में अघोषित तौर पर बिजली की कटौती जारी है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में मांग से अधिक मेगावाट बिजली का उत्पादन करने की क्षमता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार आने के बाद से विद्युत का उत्पादन और आपूर्ती दुर्भावना पूर्वक बाधित किया जा रहा है। सर्वे के आधार पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हर साल लगभग साढ़े 7 प्रतिशत की दर से बिजली के डिमांड बढ़ने का अनुमान लगाते हुए कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावाट संयंत्र की स्थापन के लिए आधारशिला रखी थी जिसे भाजपा की सरकार आने के बाद से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ की जनता बिजली, पानी जैसे मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार निजी कंपनियों पर निर्भरता बढ़ाकर जनता को लूटने का षड्यंत्र कर रही है। केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा लाये गए ‘‘विद्युत संशोधन 2020 विधेयक’’ को रोकना होगा अन्यथा बिजली की दरें आसमान छूने लगेगी।
2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार हर साल बिजली की दरों में वृद्धि की एवं 15 वर्षो में लगभग 300 प्रतिशत अर्थात् बिजली की दर में तीन गुना वृद्धि की गयी थी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को विभाजित कर पांच कंपनी बनाकर उसका आर्थिक बोझ जनता के ऊपर डाला था, अब वही दौर फिर से शुरु हो गया है। छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पिछली सरकार के घाटों को पाटते हुये बिजली बिल हॉफ योजना के अंतर्गत 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड़ रू. सब्सिडी देकर बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत दी है। वहीं किसानों को 5 एचपी निःशुल्क बिजली, बीपीएल के उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली, अस्पतालों, उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाई है। भाजपा की सरकार आने के बाद बिजली कटौती शुरू हो गई और बिल दुगुना आने लगे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ब्लॉक स्तरीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती हुई बिजली बिल की दरों एवं बिजली कटौती को लेकर यह प्रदर्शन किया गया,डॉक्टर खूबचंद बघेल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में भी यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था जिसमें मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के भाजपा सरकार के गलत नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ में सरप्लस विद्युत आपूर्ति होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली बिल की दरों में वृद्धि की गई, प्रदेश में बार-बार अघोषित रूप से बार-बार बिजली कटौती से आम जनता एवं किसान परेशान है, भूपेश बघेल ने मांग की है कि बढ़ी हुई बिजली की दरों को तत्काल रोका जाए और लगातार हो रही बिजली कटौती को भी विराम लगाया जाए। जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी प्रदेश प्रभारी महामंत्री मलकीत गेंदु जी शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गिरीश दुबे जी ब्लॉक के प्रभारी सुशील सन्नी अग्रवाल जी नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे जी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रशांत ठेगडी महेंद्र छाबड़ा सुशील आनंद शुक्ला पार्षद उत्तम साहू कमलेश नथवानी हसन आपदी वार्ड अध्यक्ष डॉ विष्णु राजपूत डोमेश शर्मा संदीप तिवारी नरेंद्र ठाकुर शेख सलीम नियाज जोहरी ब्रह्मा सोनकर भारती शर्मा ममता राय प्रीति सोनी लीला वैष्णो रोहित साहू एवं आदि हजारों की संख्या में उपस्थित थे
आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत
कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 के तहत् प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए सर्प काटने और नदी में डूबने से मृत्यु होने के 02 प्रकरणों में उनके आश्रितों के लिए चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार अंतागढ़ तहसील के ग्राम हिमोड़ा निवासी 43 वर्षीय श्रीमती देवबती नाग की सर्प काटने से मृत्यु हो जाने पर उनके निकटतम वारिस सुरेन्द्र कुमार नाग को चार लाख रूपये तथा इसी तहसील के ग्राम लामकन्हार निवासी 29 वर्षीय भुनेश्वर की नदी में डूबने से मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रित रामप्रसाद और श्रीमती कुमिता को चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि कलेक्टर द्वारा स्वीकृत की गई है।
बाजार में रौनक,महिलाओं में उत्साह और घर परिवार में खुशियां बिखेर रही है महतारी वन्दन:रुपया हजार,खुशियां अपार
यह महतारी वंदन योजना है। एक ऐसी योजना ,जिसमें सुनहरे भविष्य की उम्मीद और बेबस, लाचार महिलाओं के साथ-साथ अपने जरूरी खर्चों के लिए पैसों की मोहताज महिलाओं की खुशियां ही नहीं छिपी है, इन खुशियों के पीछे आर्थिक सशक्तिकरण का वह आधार भी है, जो कि महतारी वंदन जैसी योजना के बलबूते छत्तीसगढ़ की गरीब महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नींव को शनैः-शनैः मजबूत करती जा रही है। महज चार महीनों में ही विष्णु सरकार की इस महतारी वंदन योजना ने छत्तीसगढ़ की न सिर्फ महिलाओं में अपितु घर-परिवार में भी खुशियों की वह मिठास घोल दी है, जिसका परिवर्तन उनके जीवनशैली में भी बखूबी नजर आने लगा है। आर्थिक रूप से सशक्तिकरण ने परिवार के बीच रिश्तों की गाँठ को और भी मजबूती से बाँधना शुरू कर दिया है। इस योजना से महिलाओं का सम्मान भी बढ़ा है।
छत्तीसगढ़ में इस साल के 10 मार्च से महिलाओं के खाते में भेजी गई पहली किश्त एक हजार रुपए से आरंभ हुई छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदेश की लगभग 70 लाख 12 हजार से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। साल में 12 हजार रुपये कोई छोटी रकम नहीं है..यह जरूरतमंद गरीब महिलाओं के लिए आर्थिक आधार भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत चार महीनों से लगातार हर महीने के पहले सप्ताह में महिलाओं के बैंक खाते में इस योजना अंतर्गत एक हजार की राशि ऑनलाइन माध्यम से अंतरित करते हैं। मुख्यमंत्री के बटन दबाते ही महिलाओं के खाते में पहुँचने वाली यह राशि प्रदेश की लाखों महिलाओं की खुशियों का पर्याय बन जाती है। पहले कुछ रुपयों के लिए मोहताज महिलाओं को एक हजार की राशि मिलने पर उनकी अपनी छोटी-छोटी जरूरतों का सपना भी पूरा होता है। इस राशि का उपयोग वह सिर्फ अपने ही लिए नहीं करती...घर के राशन से लेकर अचानक से पति को कुछ रुपयों की पड़ी आवश्यकता, बच्चों के लिए कुछ जरूरी सामान, नाती-नतनी की खुशियों के ख़ातिर स्नेहपूर्वक उन्हें उनकी जरूरतों का उपहार देने में भी करती हैं। महिलाओं को हर महीने इस राशि का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसी ही इस योजना की हितग्राही मीरा बाई हैं। पति शारिरिक रूप से असमर्थ है। किसी तरह मजदूरी कर घर के खर्चों को पूरा करती है। तीन बच्चे हैं और वे स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। स्कूल खुलते ही अपने बच्चों के लिए आई जरूरतों को पूरा करने के साथ घर की जरूरतों में भी महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग करती हैं। उन्होंने बताया कि घर के प्रति उनकी जिम्मेदारी है और हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि उनके लिए एक बहुत बड़ा योगदान है। इस राशि से ऐन वक्त पर बच्चों और पति को आई जरूरतों को भी पूरा कर पाती हैं। गाँव में रहने वाली सविता बाई के पति खेतों में काम करते हैं। बारिश में चाय की चुस्कियां लेती सविता बाई ने महतारी वंदन न्याय योजना का नाम आते ही चेहरे पर मुस्कान लाकर इस योजना से मिल रही खुशियों को प्रकट किया। उन्होंने कहा कि गाँव की महिलाओं के लिए एक हजार की राशि एक बड़ी राशि होती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं की आदत होती है कि दो-चार-पाँच रुपए बचा कर सौ-दो सौ जोड़ लें। यहां तो एक हजार रुपए मिल रहे हैं ऐसे में उनकी जरूरतों के लिए यह रकम कठिन समय में संजीवनी की तरह साबित हो रही है। बच्चों के लिए भी वह इस राशि को खर्च कर पाती है। उन्होंने बताया कि पैसा खाते में आने के बाद छोटी जरूरतों के लिए पति से अनावश्यक पैसा मांगना भी नहीं पड़ता।
वनांचल में रहने वाली श्रीमती बुधवारों बाई राठिया गाँव के हाट बाजार पहुँची थीं। अपने नाती आशीष को लेकर आईं बुधवारो बाई ने बाजार में नाती को न सिर्फ उनके पसंद का मिष्ठान खिलाया अपितु अन्य नाती-नतनिनों के लिए बाजार से मिष्ठान लिया और उनका नाती आशीष बारिश में नंगे पैर न घूमे इसे ध्यान रखते हुए महतारी वंदन योजना की राशि से स्नेहपूर्वक चप्पलें भी खरीदी। उन्होंने बताया कि उनका जो कुछ है उनके बेटे और नाती-नतनी ही हैं और बहुत ही खुशी मिलती है कि वृद्धावस्था में वह अपने नाती-नतनियों की कुछ जरूरतों को पूरा कर पाती हैं। यह सब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार की बदौलत ही हो पाया है। उन्होंने हमारे संघर्षमय जीवन में खुशियों की मिठास घोल दी है।।।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र को दी सौगात
बिलासपुर, 8 जुलाई 2024/ उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरूण साव ने आज बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में शामिल वार्डों के विकास के लिए 14 करोड़ 73 लाख रूपये के 94 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं भूमिपूजन किया। जिला खेल परिसर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता विधायक सुशांत शुक्ला ने की। शुक्ला के विशेष प्रयासों से पन्द्रहवें वित्त आयोग, अधोसंरचना मद एवं निकाय मद के अंतर्गत ये तमाम विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं। अधिकांश स्वीकृत कार्य सीसी रोड एवं नाली निर्माण तथा स्ट्रीट लाईट से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री साव एवं विधायक सुशांत ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत खेल परिसर में नीम के पौधे भी लगाये।
मुख्य अतिथि की आसंदी से उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में पहली बार विकास कार्यों के लिए लगभग 15 करोड़ की एकमुश्त राशि मिली है। हमारी सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए संकल्पबद्ध है। शहरों के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। जनभावना के अनुरूप तमाम विकास कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री से गत दिनों मुलाकात हुई। जल्द ही और आवंटन मिलने की संभावना है ताकि हर जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्ति को रहने के लिए पक्का छत मिल सके। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सभी को पेड़ लगाने का आह्वान किया। इसे बड़े होते तक सहेजने की भी अपेक्षा की है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि 15 करोड़ के विकास कार्यों की शुरूआत तो एक ट्रेलर है। पूरी तस्वीर आना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी शहर की समस्याओं से अवगत हैं। धीरे-धीरे पूरी समस्याओं का समाधान होगा। इससे शहर की दशा एवं दिशा जरूर बदलेगी। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष राजेश सिंह, जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत, जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान, प्रभारी डीएफओ अभिनव कुमार सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन मीडिया प्रभारी प्रणव शर्मा ने किया। बिलासपुर से मन्नू मानिकपुरी की रिपोर्ट
CG - नाले में बोरे में मिली लाश, 19 दिन से लापता था युवक, क्षत-विक्षत हालत में मिला शव, कपड़े से भाई ने की पहचान
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पुलगांव नाले में एक युवक की लाश बोर में मिली है। बताया जा रहा है कि राजनांदगांव के सोमनी थाना क्षेत्र से 17 जून से लापता संदीप आडिल की लाश की पहचान उसके भाई ने कपड़ों से की है। मामला सोमनी थाना क्षेत्र का है। क्षत-विक्षत लाश का पंचनामा कर पीएम और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है।
सोमनी थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र के नाला से एक बॉडी मिली है। सोमनी थाना में 17 जून को एक युवक का गुम इंसान कायम हुआ था। घटना की जांच के दौरान कुछ संदेहियों को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि शराब के नशे में उनके बीच विवाद हुआ, जिसके चलते उन्होंने संदीप को हाथ मुक्के से पिटाई कर दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
नशे की हालत में आरोपियों ने उसके शरीर से पत्थर बांध उसे पुलगांव नाला में फेंक दिया था। आरोपी विष्णु देशमुख और पिंटू को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद उनकी निशानदेही पर आज नाला में लाश की तलाश की गई। लाश लगभग डिकंपोज हो चुकी है। दरअसल, संदीप आडिल 16 जून से जब घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी ने थाना पहुंच गुम इंसान दर्ज कराया था।
सीमांकन के बदले RI ने मांगे तीन लाख, कहा- 3 लाख दो, बिना सीमांकन के जमीन तुम्हारा
रायगढ़ :- धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र से एक मामला सामने आया हैं जहां आर आई फूलकुमारी कुजूर द्वारा पतरापारा निवासी गीता महंत से जमीन सीमांकन किए बिना उनके नाम करने 3 लाख रुपए घूस के तौर पर रकम की मांग की है।
आपको बतादे की गीता महंत का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था जिसमे हितग्राही द्वारा आवास निर्माण के लिए नीव का गड्ढा खुदाई करवाया गया था। जिसमे पड़ोसी रोशन तिर्की द्वारा स्टे लगवाया गया था। जिसके बाद गीता महंत द्वारा दुबारा गड्ढा खुदवाया गया जिसपर एकबार फिर रोशन तिर्की द्वारा स्टे लगवाया गया। जिससे परेशान होकर गीता महंत द्वारा अपने जमीन का सीमांकन के लिए आवेदन लगवाया गया
सीमांकन करने पहुंची आर आई फूलकुमारी कुजूर द्वारा आवेदक गीता महंत को बोली की मुझे 3 लाख दो सीमांकन की जरूरत नहीं जितने भी आप गड्ढे खुदाई करवाए हो वो जमीन तुम्हारे नाम चढ़ा दूंगी, नहीं तो तुम्हारा आवास ऐसे ही कभी बन नही पाएगा बोलकारी चले गई।
वही लगातार हो रहे बारिश से हितग्राही गीता महंत का गिर गया है, वो बेघर हो गई है जिससे वो अपने दो छोटे छोटे बच्चों को लेकर काफी परेशान जिससे आज गीता मंहत द्वारा धरमजयगढ़ एसडीएम डिगेस पटेल से आर आई फूलकुमारी कुजूर का शिकायत किया गया अब देखना है की जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा 3 लाख घुस मांगने वाली आर आई फूलकुमारी के खिलाफ क्या कार्यवाही किया जाता है।
CG - घर की खुशियां मातम में बदली, डिलवरी के दौरान मां और बच्चे दोनों की मौत, सदमें में परिजन
रायगढ़ : आठ माह के गर्भवती महिला को चार दिन पहले मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया है। परिजनों का कहना था कि मोनी कुर्रे की मौत होने के 24 घंटे बाद तक मृतिका के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस ने भी उन्हें खूब छकाया। कई बार थाना के चक्कर लगवाए और फिर नायब तहसीलदार और पुलिस पहुंची।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर निवासी मोनी कुर्रे पति चंदन कुर्रे उम्र 19 वर्ष की अभी एक साल पहले ही शादी हुई थी। जिससे वह आठ माह से गर्भवती थी। ऐसे में दो जुलाई को उसे लेबर पेन हुआ तो परिजनों ने उपचार के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार चल रहा था। इस दौरान महिला बच्चे को जन्म नहीं दे पाई, जिससे उसकी तबीयत गंभीर होने लगी और दोपहर करीब 2 बजे जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।
ऐसे में जब परिजनों ने मौत के कारण जानने का प्रयास किया तो उन्हें बताया गया कि महिला को झटका आने लगा था, जिससे उसकी मौत हो गई। लेकिन परिजनों का कहना था कि मोनी को किसी प्रकार की झटका नहीं आया था, उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में अगर समय रहते उसे आईसीयू में भर्ती किया गया होता तो उसकी जान बच जाती। वहीं शनिवार की शाम नायब तहसीलदार गिरीश निंबलकर की उपस्थिति में चक्रधरनगर पुलिस ने पीएम उपरांत शव परिजनेां को सौंप दिया है। आगे पुलिस का कहना है कि अब पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
समर्थन मे न्यायिक कर्मचारियों ने किया प्रार्थना सभा
शेट्टी कमीशन की अनुशंसाएं पूर्ण रूपेण लागू नहीं होने व उच्चतर वेतनमान प्राप्त नहीं होने प्रार्थना सभा
छत्तीसगढ़ में 5वीं, 8वीं और 10वीं पास के लिए सरकारी नौकरी, नगर सैनिक के 2215 पदों पर निकली भर्ती, जानिए पूरी डिटेल
CG Govt Job Vacancy 2024 : छत्तीसगढ़ के नगर सेना अग्निशमन एवं आपातलकालीन सेवाएं विभाग ने होम गार्ड के 2215 रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है. इसके लिए ऑलाइन आवेदन 10 जुलाई को शुरू होगा. होमगार्ड पद के लिए छत्तीसगढ़ के 10वीं/12वीं पास पुरुष व महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. छत्तसगढ़ के संबंधित जिले के मूल निवासी उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट firenoc.cg.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा. आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त है।
डिटेल में वैकेंसी की बात करें तो इसमें नगर सैनिक स्वयं सेवी पुरुष व महिला (जनरल ड्यूटी) के लिए 500 और महिला नगर सैनिकों के 1715 रिक्त पद हैं. नोटिफिकेशन के अनुसार महिला नगर सैनिकों की नियुक्ति महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण संबंधी समेकित कार्य योजना के तहत छात्राओं के आवासीय संस्थाओं में की जाएगी.
शैक्षिक योग्यता और उम्र सीमा
नगर सैनिक पदों पर भर्ती होने के लिए सामान्य वर्ग, ओबीसी और एससी वर्ग के उम्मीदवारों को 10वीं पास होना चाहिए. जबकि एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए योग्यता आठवीं पास है. सेरेंडर करने वाले पूर्व नक्सली या नक्सल पीड़ित सामान्य, ओबीसी व एससी वर्ग के उम्मीदवारों या उनके परिवार के सदस्यों के लिए भी योग्यता आठवीं पास व एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए पांचवीं पास है. इस भर्ती के लिए उम्र सीमा 19 से 40 साल है. सेरेंडर करने वाले पूर्व नक्सली या नक्सल पीड़ित उम्मीदवारों या उनके परिवार के सदस्यों के लिए उम्र सीमा 45 साल है.
महत्वपूर्ण तिथियां
- ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरूः 10 जुलाई 2024 से
- ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीखः 10 अगस्त 2024 तक
- त्रुटि सुधार हेतुः 17 अगस्त 2024 तक
शारीरिक मापदंड
ऊंचाई- 168 सेमी या इससे अधिक सामान्य वर्ग, एससी और ओबीसी के लिए. राजस्व जिले दक्षिण बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर, उत्तर बस्तर, कांकेर, कोरिया, सरगुजा और जशपुर के उम्मीदवारों के लिए 153 सेमी. शेष राजस्व जिलों के एसटी वर्ग के पुरुष व महिला उम्मीदवारों के लिए 158 सेमी है.
सीना बिना फुलाए- 81 सेमी (एसटी के लिए 76 सेमी ) और फुलाने के बाद 86 सेमी (एसटी के लिए 81 सेमी) है. महिला अभ्यर्थियों का सीना नहीं मापा जाएगा.
चयन प्रक्रिया
फिजिकल टेस्ट के 100 अंक, लिखित परीक्षा के 100 अंक व बोनस 20 अंक यानी कुल 220 अंक के आधार पर चयन सूची तैयार की जाएगी. फिजिकल टेस्ट में पुरुषों को 100 मीटर की दौड़, 800 मीटर की दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद पास करनी होगी. सभी 25-25 अंक के होंगे. महिलाओं को 800 मीटर दौड़, लंबी व ऊंची कूद पास करनी होगी. इसमें 800 मीटर दौड़ 50 अंक और शेष 25-25 अंक का होगा.
पात्रता और शर्ते
उम्मीदवार को संबंधित जिले का मूल निवासी होना चाहिए. इसके लिए उम्मीदवारों को मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा. उम्मीदवार का छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी जिला रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन होना आवश्यक है.
जरूरी योग्यता
- सामान्य वर्ग या अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति के लिए बारहवीं के तहत 10वीं कक्षा अथवा हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है.
- अनुसूचित जनजाति के लिए 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है.
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आत्मसमर्पित अथवा नक्सल पीड़ित व्यक्तियों या उनके परिवार के सदस्यों को सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए 5वीं पास होना आवश्यक है.
उम्र सीमा
किसी भी वर्ग के उम्मीदवार की आयु भर्ती प्रक्रिया शुरू के दिन 1 जुलाई 2024 को 19 वर्ष से कम और 40 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए.आत्मसमर्पित अथवा नक्सल पीड़ित व्यक्तियों या उनके परिवार के सदस्यों को नगर सैनिक के पद पर नियुक्ति हेतु समस्त वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए.
आवेदन शुल्क
