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गुरू का स्थान सर्वोपरि : मंत्री टंक राम वर्मा

राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने नारायणपुर जिले में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक गौरव अलंकरण कार्यक्रम में 21 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान किया। भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एजी सिनेमा ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन प्रेरणा दायी है। शिक्षक हमारे जीवन को ढालने और संवारने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राचीन समय में गुरू का स्थान सर्वोपरि था, भविष्य में भी गुरू के गरिमा और सम्मान को बनाए रखना है।

मंत्री श्री वर्मा ने ऑडिटोरियम में महिला एवं बाल विकास, वन, उद्यान, मछलीपालन, स्कूल शिक्षा, कृषि, ग्रामोद्योग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत 10 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत चेक प्रदान किया और राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत गर्भवती माताओं की गोद भराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन किया।

मंत्री श्री वर्मा ने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह 2024 कार्यक्रम अंतर्गत 12 सेवानिवृत्त शिक्षक, विकासखण्ड स्तरीय शिक्षादूत पुरस्कार और जिला स्तरीय ज्ञानदीप पुरस्कार से चयनित शिक्षकों का सम्मान किया। तत्पश्चात पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बिहान महिला स्व सहायता समूह बोरण्ड, बागडोंगरी, फरसगांव, गरांजी, पालकी और भरण्डा को 01 लाख 95 हजार रुपए चक्रिय निधि अनुदान राशि का चेक प्रदान किया और सामुदायिक निवेश कोष अंतर्गत कापसी, करलखा, सरगीपाल, बम्हनी, भरण्डा, बिंजली, खड़कागांव, देवगांव और बेनूर को 10 लाख 80 हजार रूपए का चेक प्रदान किया।

इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, बृजमोहन देवांगन, जिला पंचायत सदस्य प्रताप मण्डावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कलेक्टर श्री बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, वनमण्डलाधिकारी सचिकानन्दन, एसडीएम नारायणपुर वासु जैन, जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक और विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

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प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती जिले में ली समीक्षा बैठक

महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय सभाकक्ष में जिले के विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सक्ती जिले के सभी विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक के साथ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाने के निर्देश दिए हैं।

       समीक्षा बैठक में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्री टिकेश्वर गबेल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

       मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी प्रमुख योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने महतारी वंदन योजना अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा महिलाओं का फॉर्म भरवाकर उन्हें लाभान्वित कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद को मिले।

      मंत्री श्री राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ईई से जल जीवन मिशन के कार्यों की जानकारी लेते हुए फील्ड में जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों का निरीक्षण करते हुए निर्धारित ग्राम पंचायतों में गुणवत्तापूर्ण ढंग से नल-जल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत ऐसे कार्य जिनका प्रथम किस्त स्वीकृत हो चुके हैं उनका निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। मंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा जैसे कार्यों के लिए आमजन को भटकना न पड़े इसका ध्यान रखते हुए सुव्यस्थित और तेजी से कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए।

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मंत्री श्रीमती राजवाड़े एवं सांसद श्रीमती जांगड़े ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ के तहत किया पौधरोपण

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े और जांजगीर सांसद श्रीमती कमलेश जागड़े ने सक्ती जिले के कलेक्टोरेट कार्यालय परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’’ के तहत बादाम का पौधा भी लगाया। उन्होंने जिले में संचालित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत साफ-सफाई किया और स्वच्छता का भी संदेश दिया।

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उच्च न्यायालय तथा राज्य के सभी जिला न्यायालयों के लिए आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल का शुभारंभ

*उच्च न्यायालय तथा राज्य के सभी जिला न्यायालयों के लिए आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल का शुभारंभ* *पारदर्शिता व नागरिक सशक्तिकरण के दिशा में एक नया अध्याय : न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा* रायपुर, 05 सितम्बर 2024/ पारदर्शिता व नागरिकों तथा वादकारियों को सुविधा प्रदान करने व सशक्त बनाने की दिशा में एक नए अध्याय की शुरूवात करते हुए छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने आज गुरूवार 05 सितम्बर 2024 को उच्च न्यायालय तथा राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के लिए ‘आनलाईन आर.टी.आई वेब पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् आवेदनों को प्रस्तुत किया जा सकता है और उन्हें रियल टाईम ट्रैक किया जा सकता है और इसके माध्यम से सूचना के अधिकार के तहत् लगने वाले शुल्क का भुगतान भी किया जा सकता है। इस आर.टी.आई. वेबपोर्टल के माध्यम से दुनिया के किसी भी स्थान से सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया जा सकेगा । इस वेब पोर्टल के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने व्यवत किया कि यह आनलाईन पोर्टल पारदर्शिता, जवाबदेही व नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्य न्यायाधिपति ने यह भी व्यवत किया कि इस वेबपोर्टल का उद्देश्य है कि नागरिकों को सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी व सुलभ बनाना है। यह वेबपोर्टल एक केन्द्रीय प्लेटफार्म की तरह कार्य करेगा जहां नागरिक सूचना के अधिकार के तहत् आवेदन को प्रस्तुत कर सकेंगे और उसके प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे और सूचना प्रदान करने वाले अधिकारी की प्रतिक्रियाओं को तत्काल जान सकेंगे और यदि असंतुष्ट हैं तो अपील कर सकेंगे। मुख्य न्यायाधिपति ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह वेब पोर्टल नागरिकों को सूचना प्रदाता अधिकारियों से सूचना प्राप्त करने के संबंध में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाला होगा और यह नागरिकों को सूचना प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाएगा और लोक प्राधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाते हुए एक पारदर्शी व उत्तरदायी प्रशासन को सुनिश्चित करेगा। मुख्य न्यायाधिपति द्वारा न्यायालयीन कर्मचारियों को उचित कार्य वातावरण प्रदान करने तथा उन्हें सुविधाएं प्रदान करने व उनके कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक कड़ी जोड़ते हुए एक साथ 300 से अधिक न्यायिक कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया जिसमें जिला न्यायालयों में पदस्थ 11 डिप्टी क्लर्क आफ कोर्ट को प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया और 2008 से बहुप्रतीक्षित स्टेनोग्राफरों की पदोन्नती हुई जिसमें 168 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-1, 98 स्टेनोग्राफर को स्टेनोग्राफर वर्ग-2 तथा 23 स्टेनो टायपिस्ट को स्टेनोग्राफर के रूप में पदोन्नत किया गया। बहुप्रतीक्षित कर्मचारियों की पदोन्नति किए जाने को मुख्य न्यायाधिपति द्वारा संवेदनशीलता के साथ लिया गया और एक साथ इतने कर्मचारियों को उनके जायज हक को प्रदान किया गया जिससे सभी कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है। यह पदोन्नति निश्चित तौर पर कर्मचारियों के मनोबल को बढाने वाला है और यह उन्हें पूरे मनोयोग से अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित वाला साबित होगा साथ-ही-साथ एक उचित कार्य वातावरण निर्मित होगा।
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मुख्यमंत्री साय की पहल पर जशपुर एवं पत्थलगांव क्षेत्र में सड़कों के निर्माण की मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर :-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में एक मजबूत अधोसंरचना निर्माण के लिए सड़कें, पुल-पुलिया के साथ ही स्कूल, छात्रावास सहित अन्य शासकीय भवनों के निर्माण आदि के लिए राज्य शासन द्वारा लगातार स्वीकृति दी जा रही है। किसी भी क्षेत्र में अगर एक बेहतर अधोसंरचना हैं। गांवों में अच्छी सड़क होने के साथ ही मुख्य मार्ग से जुड़ा हुआ हो तो वहां की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ती है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री  साय की पहल पर ही जशपुर एवं पत्थलगांव क्षेत्र में सड़क निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जशपुर क्षेत्र में चांदीडांड हात्ता हल्काटोली पहुंच मार्ग निर्माण लंबाई 2.36 किलोमीटर के लिए 3 करोड़ 39 लाख 79 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी तरह पत्थलगांव क्षेत्र में बगिया-सूजीबहार मार्ग लंबाई 8.70 किमी में मजबूतीकरण निर्माण कार्य के लिए 7 करोड़ 98 लाख 86 हजार रूपए, बाबूसाजबहार से गोलीडीह नदी तक मार्ग निर्माण कार्य लंबाई 4 किमी तक के लिए 4 करोड़ 3 लाख 45 हजार रूपए और विकासखंड कांसाबेल के ग्राम करंजटोली रजौटी मार्ग लंबाई 1.20 किमी के लिए 3 करोड़ 36 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

राज्य सरकार ने विकास की एक रूपरेखा बना कर उस पर काम करना शुरू कर दिया

मुख्यमंत्री  विष्णु देव की सरकार के बने अभी 9 महीने ही हुए हैं। इतने कम समय में ही जिले में राज्य सरकार ने विकास की एक रूपरेखा बना कर उस पर काम करना शुरू कर दिया है। स्कूल व छात्रावास भवनों के निर्माण, सिंचाई व्यवस्था के लिए एनीकट, व्यपवर्तन, जीर्णाेद्धार एवं लाईनिंग कार्य, जलाशय, सी.सी.लाईनिंग कार्य, मुख्य एवं शाखा नहर के मरम्मत, पुराने पक्के कार्याे का सुधार, तालाब निर्माण, सड़कों का निर्माण, अस्पतालों के निर्माण सहित डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति आदि कार्य प्राथमिकता के साथ किए जा रहे हैं।

 
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छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का कहर जारी! चपेट में आने से इस अस्पताल में एक मरीज की मौत

बिलासपुर। बिलासपुर में स्वाइन फ्लू से एक और मरीज की मौत हो गई है, जिससे क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के मामलों की गंभीरता बढ़ती जा रही है। 59 वर्षीय महिला, जो सरकंडा की निवासी थी, सर्दी, खांसी, और बुखार की समस्या से जूझ रही थीं। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसके बाद उन्हें 2 सितंबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने पर इलाज चल रहा था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने बीते रात को दम तोड़ दिया

इसके पहले भी राज्य में स्वाइन फ्लू से कई मौतें हो चुकी हैं। बिलासपुर, दुर्ग, और अन्य हिस्सों से लगातार स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू से कुल 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 44 लोग अब भी इससे संक्रमित हैं और उनका इलाज चल रहा है।

 
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प्रदेश के सभी 11 हजार से अधिक पंचायतों में बिछेगा सहकारी समितियों का जाल…

रायपुर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी 11 हजार 600 से अधिक ग्राम पंचायतों में सहकारी समितियों का जाल बिछाया जाएगा। बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अधिकारियों को सहकार के मजबूती के लिए निर्देश दिए थे। आज इस संबंध में सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने इस संबंध में विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर ‘सहकार से समृद्धि’ पर बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में सचिव डॉ. प्रसन्ना और आयुक्त कुलदीप शर्मा ने पंचायतवार, पेक्स, मत्स्य समिति और दुग्ध समितियों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही क्रियाशील और अक्रियाशील समितियों के चिन्हांकन कर सक्रिय करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्राम पंचायत जहां एक भी समिति नहीं है, वहां नवीन समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी छह-छह माह इस तरह डेढ़ वर्ष का लक्ष्य बनाकर पेक्स को मबजूत करने तथा इन पेक्सों में मल्टी एक्टिविटी की सुविधाएं बढ़ाने के दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि पेक्स को मल्टी परपस पेक्स के रूप में विकसित करने से लोगों के लिए घर के द्वार पर ही अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे किसानों, गरीबों और मजदूरों के समय और पैसे की बचत होगी।

सचिव डॉ. प्रसन्ना ने कहा कि आगामी खरीफ फसल की खरीदी का समय नजदीक आ रहा है। अतः सभी समितियों के पुराने कार्यों का ऑडिट अनिवार्य रूप से कर ली जाए। वर्तमान में 2058 सहकारी समितियों और 2739 धान उपार्जन केन्द्र हैं। ऐसे ग्राम पंचायत अथवा ऐसे स्थान जहां दूरी अधिक है, वहां नवीन समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड एवं रूपे क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा की और राज्य के ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस की समीक्षा करते हुए सभी समितियों के डेटाबेस को अपडेट करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में सचिव डॉ. प्रसन्ना और आयुक्त कुलदीप शर्मा ने इसी प्रकार उन्होंने विश्व अन्न भंडारण योजना, भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र, कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-डिस्ट्रिक्स सर्विस की स्थिति सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। यथा संभव समस्त सहकारी संस्थाओं के खाते जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में अनिवार्यता खोले जाना चाहिए, जिससे सहकारिता का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

 
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CG: अतिक्रमण पर चला शासन का बुलडोजर...हटाएं गए अवैध कब्जे

जांजगीर चाँम्पा : जिले के पामगढ क्षेत्र के कोसला गांव मे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं. खाली पड़ी शासकीय भूमि पर अवैधानिक रूप से कब्जा कर रहे हैं. वहीं ग्राम के सरपंच द्वारा मना करने के बावजूद भी बेजा कब्जा रूकने का नाम नहीं ले रहा है. जिससे परेशान होकर सरपंच ने गांव में बेजा कब्जा हटाने प्रस्ताव पारित कर कलेक्टर महोदय को आवेदन दिया जिस पर कार्यवाही करते हुए आज तहसीलदार और पुलिस बल की मौजूदगी में बेजा कब्जा हटाने का कार्य किया गया.

तहसीलदार महोदय के द्वारा बताया गया कि शासकीय भूमि पर कब्जा किया गया है. जिसे हटाने सरपंच के द्वारा समझाईस दीं गई थी लेकिन बेजा कब्जा धारियों के नहीं मानने पर प्रस्ताव पारित कर आवेदन दिया गया था जिस कलेक्टर महोदय के द्वारा कब्जा हटाने आदेश दिया गया है जो मकान में निवास कर रहे हैं उनका मकान नहीं तोड़ा गया है जो अवैध तरीके से निर्माण है उसे ही तोड़ा गया है और व्यक्ति ने अपना कब्जा हटाने चार दिनों का समय मांगा है.

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CG - आसमान से आई आफत, काल बनकर गिरी आकाशीय बिजली, गश्त कर रहे जवान की हुई मौत, मवेशी चरा रहे सरपंच की भी गई जान…..

 बीजापुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ के दो अलग-अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने की घटना सामने आई है। इसमें बीजापुर में जहां गाज की चपेट में आने से बस्तर बटालियन का जवान तो दूसरी ओर जशपुर में गाज की चपेट में आने से सरपंच की मौत हो गई। घटना में सरपंच की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई है।  

बीजापुर में गाज गिरने से सीआरपीएफ मुदवेंडी कैम्प में तैनात बस्तर बटालियन का जवान संतोषपुर निवासी कमलेश हेमला की गश्त पर निकलने के दौरान मौत हो गई। जवान के पार्थिव शरीर को बीजापुर जिला अस्पताल लाया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद जवानों द्वारा अंतिम सलामी दी जाएगी। 

वहीं जशपुर में मवेशी को चराने के दौरान गाज की चपेट में आने से बगीचा विकासखंड के रौनी ग्राम पंचायत के सरपंच रामवृक्ष राम की मौत हो गई। वहीं साथ मौजूद उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे बगीचा अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल किया गया है। 

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स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर CMHO ने कड़ी कार्रवाई, चार चिकित्सकों को थमाया नोटिस, जाने पूरा मामला...!!

बिलासपुर। रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) से नदारद चार डॉक्टरों को CMHO ने नोटिस जारी किया है। जांच के दौरान बीते 31 अगस्त को रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार डॉक्टर अनुपस्थित थे। जबकि रतनपुर क्षेत्र में इन दिनों मलेरिया, डायरिया का प्रकोप फैला है। बताया जा रहा है कि मामले की शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंच गई है। 

रतनपुर क्षेत्र में मलेरिया और डायरिया का प्रकोप है। बड़ी संख्या में पीड़ित इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। शिकायत पर जांच करने टीम पहुंची तब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चार डॉक्टर अपनी ड्यूटी से नदारत थे। सीएमएचओ ने उन्हें बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉक्टर शीला शाहा, डॉ नेहल झा, नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ एम एल कोराम, एनेस्थीसिया निधि कोराम शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर कड़ा एतराज जताया है। लोगों को कहना है कि रतनपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला सही तरह से काम नहीं कर रहा, जिसके चलते यहां लगातार मलेरिया और डायरिया से मौतें हो रही हैं। 

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हाथी ने बुजुर्ग को उतारा मौत के घाट, ग्रामीण दहशत में...

कोरबा। जिले के पाली वन मंडल में हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात धारपखना-घुईचुआ सर्किल में 60 वर्षीय ग्रामीण मेवा राम धनवार की हाथी के हमले से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब हाथी अचानक सड़क पर आ गया और उसने ग्रामीण पर हमला कर दिया। हाथी ने मेवा राम को अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हमले से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई है।
  जानकारी के मुताबिक, इस हाथी ने पहले कोरबा के जंगलों में तीन लोगों की जान ली थी और अब यह पंतोरा और बिलासपुर के जंगलों से होते हुए पाली क्षेत्र में आ गया है। घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा वन मंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा। डीएफओ ने बताया कि घटना स्थल पर पहुंचकर आस-पास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल हाथी बिंझरा की ओर बढ़ रहा है, और वन विभाग उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को हाथी से बचाव के लिए वन विभाग द्वारा सावधानी बरतने और जंगलों में अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी गई है।
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हेडमास्टर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में मिला बड़े नेताओं का नाम

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक हेडमास्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. हेडमास्टर ने खुदकुशी अपने घर में की है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है. वहीं मौके से पुलिस को सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें आत्महत्या के कारणों का जिक्र मृतक हेडमास्टर ने किया है. यह मामला डौंडी थाना क्षेत्र के घोठिया गांव का है.

जानकारी के अनुसार, डौंडी विकासखंड के ओड़गांव स्कूल के हेडमास्टर देवेंद्र कुमेटी जो घोठिया गांव में रहने वाले थे, उन्होंने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब मृतक के आसपास खोजबीन शुरू किया तो एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी आत्महत्या के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि नौकरी के नाम पर ठगे गए पैसे को अब तुम दिलाओगे, ऐसा एक व्यक्ति के नाम के साथ उल्लेखित है. नोट में कुछ बड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं. पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतक की पत्नी भी टीचर के पद पर है.

हेडमास्टर देवेंद्र कुमेटी ने अपने आत्महत्या के कदम को नौकरी लगाने के नाम पर हुए करोड़ों रुपयों के लेनदेन से जुड़ा बताया है. पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतक के सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जा रही है.

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वनमंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री  केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य को गढ़ने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनका सम्मान और योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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छत्तीसगढ़ को मिली 8 लाख 46 हजार 931 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति : मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में प्रेस से बात करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार द्वारा 8 लाख 46 हजार 931 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे लाखों गरीब परिवारों को अपने सिर पर छत का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ के 18 लाख से अधिक गरीब परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए थे क्योंकि तत्कालीन सरकार ने इस योजना के लिए आवश्यक राज्यांश 40 प्रतिशत जमा नहीं किया था। इस वजह से इन गरीब परिवारों का हक छीना गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ ली और अगले ही दिन 14 दिसंबर को हमारे पहले कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। राज्यांश की व्यवस्था भी तुरंत की गई।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि नए वित्तीय वर्ष के बजट में छत्तीसगढ़ को 8 लाख 46 हजार 931 प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति भारत सरकार से मिली है, जिसमें एसईसीसी 2011 के अंतर्गत 6 लाख 99 हजार 331 आवास और 1 लाख 47 हजार 600 आवास प्लस शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि “मैं छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ जनता और विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों की तरफ से प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और दुर्ग विधायक श्री गजेंद्र यादव उपस्थित थे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री जनमन योजना का भी जिक्र किया करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति जिन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी कहते हैं उनके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 24 हजार 64 आवास की स्वीकृति की गई है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक 1 लाख 99 हजार प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा चुका है और मोदी जी की गारंटी के अनुसार 18 लाख आवासों का निर्माण समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निय्यद नेलानार योजना “आपका अच्छा गांव” के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10,000 से अधिक अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति के लिए ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की गई है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

 
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लाखों गरीब परिवारों को अपने सिर पर छत का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में प्रेस से बात करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार द्वारा 8 लाख 46 हजार 931 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे लाखों गरीब परिवारों को अपने सिर पर छत का सपना साकार करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में छत्तीसगढ़ के 18 लाख से अधिक गरीब परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए थे क्योंकि तत्कालीन सरकार ने इस योजना के लिए आवश्यक राज्यांश 40 प्रतिशत जमा नहीं किया था। इस वजह से इन गरीब परिवारों का हक छीना गया था। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि "हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ ली और अगले ही दिन 14 दिसंबर को हमारे पहले कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई। राज्यांश की व्यवस्था भी तुरंत की गई।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि नए वित्तीय वर्ष के बजट में छत्तीसगढ़ को 8 लाख 46 हजार 931 प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति भारत सरकार से मिली है, जिसमें एसईसीसी 2011 के अंतर्गत 6 लाख 99 हजार 331 आवास और 1 लाख 47 हजार 600 आवास प्लस शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि "मैं छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ जनता और विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों की तरफ से प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और दुर्ग विधायक  गजेंद्र यादव उपस्थित थे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री जनमन योजना का भी जिक्र किया करते हुए कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति जिन्हें राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र भी कहते हैं उनके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा  24 हजार 64 आवास की स्वीकृति की गई है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी से लेकर अब तक 1 लाख 99 हजार प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण किया जा चुका है और मोदी जी की गारंटी के अनुसार 18 लाख आवासों का निर्माण समयबद्ध रूप से पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निय्यद नेलानार योजना "आपका अच्छा गांव" के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10,000 से अधिक अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति के लिए ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की गई है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

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श्री रामलला दर्शन योजना : सारंगढ़ के 30 श्रद्धालु अयोध्या के लिए रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के पहल पर शुरू की गई श्री रामलला दर्शन योजना के तहत सारंगढ़ से 30 व्यक्तियों का दल कल रवाना हुआ। कलेक्टर  धर्मेश साहू ने जिले के चौथे जत्था को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विगत तीन माह से प्रत्येक माह 30 व्यक्तियों का दल प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए अयोध्या जा रहे हैं। यह दल सारंगढ जिला मुख्यालय से बस से बिलासपुर रेल्वे स्टेशन पहुँचेंगी, फिर वहां से अयोध्या तक का सफर रेल से पूरा होगा।
     इस यात्रा से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। श्रद्धालुगण भगवान राम का जय-जयकार करते हुए अयोध्या धाम के लिए निकल चुके हैं। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भक्तिमय माहौल में श्री रामलला के दर्शन को जा रहे हैैं। यात्रा के प्रारंभ से अंत तक भोजन, बस, रेल आदि की सेवा छत्तीसगढ़ सरकार की योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। सभी श्रद्धालुओं के रवानगी के पूर्व मेडिकल चेकअप किया गया था।
    रामलला दर्शन के लिए जाने वाले दर्शनार्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामलला दर्शन के लिए योजना की शुरूआत की है। इसके लिए श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। अयोध्या दर्शन हम जैसे लोगों के लिए असंभव था, लेकिन मुख्यमंत्री की पहल पर आज हमें अयोध्या में श्री रामलला का दर्शन संभव हुआ है। आज अयोध्या के लिए रवाना हो रहे हैं और हमें बहुत खुशी हो रही है।

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