देश विदेश

गोल्डन टेंपल के पहले हेड ग्रंथि बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव कार्यक्रम

*गोल्डन टेंपल के पहले हेड ग्रंथि बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया |*

रायपुर, 23 अक्टूबर 2024 : तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब में बाबा बुड्ढा जी साहिब का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह अमृत वेले से हुई, जिसमें गुरबाणी का पाठ और कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में गुरुद्वारे में उपस्थिति दर्ज कराई और अरदास में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया जिसमें दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी जत्था भाई जुझार सिंह जी, कथा वाचक भाई जसवंत सिंह जी परवाना, टाडी जत्था भाई मनवीर सिंह जी ने अपनी टीम के साथ और गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब तेलीबांधा के भाई बाज सिंह जी ने अपनी प्रस्तुतियों से संगत को निहाल (भाव-विभोर) किया।

मुख्य ग्रंथी द्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब के जीवन और उनके योगदान पर प्रवचन दिए गए, जिसमें उन्होंने बताया कि बाबा बुड्ढा जी सिख इतिहास के महान संतों में से एक थे, जिन्होंने गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु हरगोबिंद साहिब जी तक की सेवा की, उनका सिख धर्म में महत्वपूर्ण स्थान है।

धन धन बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस के अवसर पर तीन दिन तक महान कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ जिसमें रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से संगत (श्रद्धालुओं ) ने बढ़-चढ़ का हिस्सा लिया |

 

*बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्म दिवस समारोह के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम एवं ईसाई समाज के आर्च बिशप हेनरी - छ.ग. हैड, शफीक अहमद खान - जमाते इस्लामी छग हैड, मोबिन खान - जमाते इस्लामी, सेबेस्टियन - सचिव सर्व आस्था मंच, हसैनी हसन - सर्व आस्था मंच, जान राजेश पाल - अध्यक्ष चर्च कोर्ट सेंटपाल कैथ्रेडल, एड‌वोकेट आदित्य झा, शैलेन्द्र सिंह कौशल, प्रेम शंकर गौंठिया, एडवोकेट फैजल रिजवी, मोहम्मद सिराज - आल इंडिया मुस्लिम फाउंडेशन ने उपस्थित होकर कौमी एकता का परिचय देते हुए, सर्वधर्म एकता की बात करते हुए गुरुद्वारा में माथा टेक कर अरदास में शामिल हुए, सभी ने एक साथ गुरु का लंगर भी ग्रहण किया |

* बाबा बुड्ढा जी साहब के जन्मदिवस अवसर पर आयोजित महान कीर्तन दरबार के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर रूपी प्रसाद ग्रहण किया। लंगर सेवा में सेवादारों ने पूरे समर्पण के साथ सेवा की जो गुरुद्वारों की पुरानी परंपरा है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार हरकिशन सिंह राजपूत एवं सदस्य दिलेर सिंह रंधावा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बाबा बुड्ढा जी साहब के उपदेशों और शिक्षाओं को जनमानस तक पहुँचाना है, ताकि लोग उनकी आध्यात्मिकता और सेवाभाव से प्रेरणा ले सकें। *इस अवसर गुरुद्वारा साहिब के लिए समर्पित निष्काम भाव से सेवा करने वाले सभी समाज के लोगों को शॉल और मोमेंटो, स्मृति चिन्ह देकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से सम्मानित किया गया |* श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाबा बुड्ढा जी साहिब के आशीर्वाद से अपनी आध्यात्मिक यात्रा को और भी मजबूत किया।

और पढ़ें ...

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT का 14वां दीक्षांत समारोह - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होगी मुख्य अतिथि

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में 25 अक्टूबर, 2024 को आयोजित किया जाएगा 14वां दीक्षांत समारोह, भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होगी मुख्य अतिथि

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3:00 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में अपना 14वां दीक्षांत समारोह आयोजित करने जा रहा है। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रामेन डेका और छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सम्माननीय अतिथि के रूप में कार्यक्रम में मौजूद होंगे।

समारोह की अध्यक्षता एनआईटी रायपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे करेंगे। एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स सदस्य सीनेट सदस्य, रजिस्ट्रार, डीन, विभागाध्यक्ष और संस्थान के संकाय सदस्य भी इस शुभ अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

समारोह के दौरान, बी.टेक और बी.आर्क प्रोग्राम के 1044 छात्रों, एमसीए और एम.टेक प्रोग्राम के 225 छात्रों और 170 पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। बी.आर्क और बी.टेक के टॉपर्स को कुल 13 स्वर्ण पदक और 12 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे, जबकि एमसीए और एम.टेक के टॉपर्स को 11 स्वर्ण और 11 रजत पदक प्रदान किए जाएंगे।

एनआईटी रायपुर ने 1956 में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में अपनी यात्रा शुरू की और एक अद्वितीय और प्रतिष्ठित इतिहास से भरे 68 वर्षों में संस्थान ने कई उल्लेखनीय कार्य किये। संस्थान को एनआईटी का दर्जा 2005 में प्राप्त हुआ था, और 2007 में इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया।

दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक वर्ग के 11 लड़कियां और 13 लड़के पदक प्राप्त करेंगे। संस्थान के ओवरऑल टॉपर यश बंसल (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक) हैं। दिशा जैन (सूचना प्रौद्योगिकी) और प्रियांशु कुमार (खनन अभियांत्रिकी) क्रमशः सेकंड ओवरऑल टॉपर और थर्ड ओवरऑल टॉपर हैं।

इस साल एनआईटी रायपुर ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में bm शानदार पर्दापण किया और, #1001-1200 रेंज में स्थान हासिल कर संस्थान का परचम विश्व स्तर पर लहराया है। संस्थान 48.88 के अब तक के सर्वोच्च स्कोर के साथ इंजीनियरिंग श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर की एनआईआरएफ रैंकिंग में 71वें स्थान पर है। 2024-25 के सत्र में, आई. सी. एस. एस. आर. से 32.9 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इस वर्ष वास्तुकला और योजना विभाग ने अर्बन प्लानिंग में एक नया पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। वर्ष 2022-2023 के दौरान हुए 29 एमओयू को जोड़कर एनआईटी रायपुर द्वारा विभिन्न संस्थाओं जैसे सिपेट, बी एस पी इत्यादि संस्थानों के साथ अभी तक कुल 43 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, संस्थान के 15 संकाय सदस्यों को वर्ष 2024 के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए द्वारा जारी शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग की सूची में नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान एनआईटी रायपुर के संकाय सदस्यों और छात्रों को 14 पेटेंट और डिजाइन प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, साथ ही, अंतःविषय अनुसंधान, उद्यमशीलता और नवाचार के जीवंत और लचीले वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 'विज़न 2030' तैयार किया |

रायपुर को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि संस्थान के विगत वर्ष के 2023 बैच के छात्रों ने 823 प्लेसमेंट ऑफर हासिल किए हैं, जिसमें 728 यूजी और 95 पीजी छात्रों का चयन शामिल है, जिनकी औसत सीटीसी क्रमशः 14.36 लाख और 6.61 लाख प्रति वर्ष है। प्लेसमेंट देने वाली कम्पनियों में देश विदेश की नामी कम्पनियों जेन लिंक्डइन, एडोबी माइक्रोसॉफ्ट के नाम शामिल है। लिंक्डइन इंडिया द्वारा एक छात्र को 62 लाख रुपये प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज मिला है, जबकि पांच यूजी छात्रों को माइक्रोसॉफ्ट से 55 लाख रुपये प्रति वर्ष का पैकेज मिला है। 

संस्थान ने लगातार अकादमिक उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित किया है। शैक्षणिक वर्ष 2024- 25 तक, एनआईटी रायपुर में 4135 बी.टेक., 195 बी. आर्क, 323 एमसीए, 295 एम.टेक, 99 एम.एससी. और 618 पीएचडी छात्र नामांकित हैं, जिससे कुल छात्र संख्या 5665 हो जाती है। संस्थान अपने छात्रों की सफलता में योगदान देने के लिए प्रयत्नशील है। छात्रों को लगभग सभी क्षेत्रों से प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं, फिर चाहे वह कोर इंजीनियरिंग (पीएसयू सहित), सॉफ्टवेयर (आईटी उद्योग) सेवाएं हो या एनालिटिक्स और परामर्श सेवा हों।

इस बीच 42 नए शामिल हुए संकाय सदस्यों को संस्था की ओर से 2.05 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट अनुसंधान परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा, संस्थान बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देता है और नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ अद्यतन रहता है। हाल ही में, बोर्ड ने यूनिट ऑपरेशन प्रयोगशाला के स्थान पर जी +6 भवन के निर्माण को मंजूरी दी है। शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक नया स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स भी बनाया जा रहा है, इसके साथ ही भरेंगा भांटा में एक नए परिसर के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है।

एनआईटी रायपुर को प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित एजेंसियों जैसे डी.बी. टी., डी. एस. टी. और आई. सी. एस. एस. आर. से 32.9 करोड़ रुपये की 95 प्रायोजित शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं। इस वर्ष वास्तुकला और योजना विभाग ने अर्बन प्लानिंग में एक नया पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किया है। वर्ष 2022-2023 के दौरान हुए 29 एमओयू को जोड़कर एनआईटी रायपुर द्वारा विभिन्न संस्थाओं जैसे सिपेट, बी एस पी इत्यादि संस्थानों के साथ अभी तक कुल 43 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, संस्थान के 15 संकाय सदस्यों को वर्ष 2024 के लिए स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, यूएसए द्वारा जारी शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित विश्व रैंकिंग की सूची में नामित किया गया है। वर्ष 2023-24 के दौरान एनआईटी रायपुर के संकाय सदस्यों और छात्रों को 14 पेटेंट और डिजाइन प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, साथ ही, अंतःविषय अनुसंधान, उद्यमशीलता और नवाचार के जीवंत और लचीले वातावरण को बढ़ावा देने के लिए 'विज़न 2030' तैयार किया


एनआईटी रायपुर के छात्र हर क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। मेधा कुमारी और अर्शी खान, इस सत्र में टाटा स्टील वीमेन ऑफ मेटल सीजन 7 में राष्ट्रीय फाइनलिस्ट के रूप में उभरीं। साथ ही, संस्थान के पूर्व छात्र भी लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। अनुषा पिल्ले (धातुकर्म-2021) ने AIR 202, मयंक दुबे (सिविल-2016) ने AIR 313, प्राची राठी (मैकेनिकल-2020) ने AIR 443 और अभिषेक डांगे (मैकेनिकल-2016) ने UPSC 2023 परीक्षाओं में AIR 452 हासिल की है।

एनआईटी रायपुर विद्यार्थियों के समग्र विकास में विश्वास करता है, जो किसी व्यक्ति के शारीरिक, बौद्धिक, नैतिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों पर जोर देता है। संस्थान, संस्थान के सदस्यों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित करता है। संस्थान द्वारा विभिन्न सामजिक जागरूकता कार्यक्रम जैसे स्वछता ही सेवा एवं उन्नत भारत अभियान के तहत गोद ग्रामों के विकास के लिए कार्य किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ मौजूद विभिन्न छात्र क्लब भी शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाए रखने में भाग ले रहे हैं। यह क्लब हर वर्ष आयोजित कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमः सांस्कृतिक उत्सव इक्लेक्टिका, श्रुति, समर इत्यादि कार्यक्रमों के द्वारा छात्रों में एक नयी उर्जा का संचार करते है।

एनआईटी रायपुर देश की बेहतरी के लिए युवाओं को शिक्षित करने और उनके कौशल को बढ़ाने पर पूरी तरह से केंद्रित है, जिससे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हुई है। संस्थान का यह 14वां दीक्षांत समारोह पूरे देश के विकास में योगदान देने की दिशा में एनआईटी रायपुर की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

और पढ़ें ...

जानें भारतीय जनता पार्टी की अदला बदली वाले प्रत्याशियों के बारे में

बृजमोहन अग्रवाल और सुनील सोनी: रायपुर के दो प्रभावशाली नेताओं का तुलनात्मक अध्ययन छत्तीसगढ़ की राजनीति में बृजमोहन अग्रवाल और सुनील सोनी दोनों ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेता हैं, जिनका रायपुर की राजनीति में गहरा प्रभाव है। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी भूमिकाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, लेकिन उनके व्यक्तित्व, राजनीतिक अनुभव, और काम करने के तरीके में कई भिन्नताएं भी हैं। इस रिपोर्ट में इन दोनों नेताओं का तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। 1. व्यक्तिगत परिचय और राजनीतिक करियर बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल का जन्म 1 मई 1959 को हुआ। वे छत्तीसगढ़ में भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं। उनका राजनीतिक सफर 1980 के दशक में प्रारंभ हुआ, जब वे छात्र राजनीति से जुड़े और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य बने। बृजमोहन अग्रवाल 1990 से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है, जिनमें कृषि, जल संसाधन, धर्मस्व एवं पर्यटन विभाग शामिल हैं। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से वे छह बार विधायक चुने गए हैं। सुनील सोनी: सुनील सोनी का जन्म 6 नवंबर 1960 को हुआ। वे रायपुर के प्रमुख राजनीतिज्ञ हैं और वर्तमान में रायपुर के सांसद हैं। उनका राजनीतिक करियर 1999 में रायपुर नगर निगम के महापौर बनने से शुरू हुआ, जहां उन्होंने जनता के बीच अपनी पहचान बनाई। सुनील सोनी ने 2019 में रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। वे भी भाजपा के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं, लेकिन उनकी सक्रियता विधानसभा से अधिक संसदीय राजनीति में रही है। 2. राजनीतिक अनुभव और जनाधार बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल का राजनीतिक अनुभव लगभग चार दशकों का है। वे छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से ही राज्य की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनके पास मजबूत जनाधार है, विशेषकर रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में। वे ग्रामीण और शहरी दोनों मतदाताओं के बीच समान रूप से लोकप्रिय हैं। मंत्री रहते हुए उन्होंने कृषि, जल संसाधन और पर्यटन क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया। उनके कुशल नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताओं के कारण उन्हें छत्तीसगढ़ में विकास पुरुष के रूप में भी जाना जाता है। सुनील सोनी: सुनील सोनी का जनाधार मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों, विशेषकर रायपुर में है। महापौर रहते हुए उन्होंने नगर निगम के कार्यों में जनता के प्रति उत्तरदायित्व और विकास कार्यों में पारदर्शिता के साथ प्रशासन चलाया। सांसद बनने के बाद वे राष्ट्रीय स्तर पर रायपुर की आवाज बने और लोकसभा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। हालांकि विधानसभा चुनावों का अनुभव उनके पास सीमित है, लेकिन संसदीय राजनीति में उनकी सक्रियता और जनता से सीधे संवाद की क्षमता उनकी एक बड़ी ताकत है। 3. विकास कार्य और योगदान बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल ने अपने लंबे राजनीतिक करियर में रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके कार्यकाल में रायपुर दक्षिण में बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क निर्माण, जल आपूर्ति, और शहरी सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य किए गए। उन्होंने कृषि और जल संसाधन मंत्रालय में रहते हुए किसानों के हित में कई योजनाओं की शुरुआत की, जैसे कि सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार और नई कृषि नीतियों का कार्यान्वयन। बृजमोहन को जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का प्रणेता माना जाता है। सुनील सोनी: महापौर और सांसद के रूप में सुनील सोनी ने रायपुर शहर के विकास में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उनके कार्यकाल में शहर में स्वच्छता अभियान, सड़क निर्माण, और शहरी योजनाओं को गति मिली। सांसद रहते हुए उन्होंने रायपुर में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका ध्यान शहरी विकास और बुनियादी सेवाओं को सुधारने पर रहा है, जिसमें नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता रही है। 4. राजनीतिक दृष्टिकोण और शैली बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल की राजनीतिक शैली बहुत ही सुलझी हुई और दूरदर्शी मानी जाती है। वे अपने अनुभव का उपयोग कर दूरगामी निर्णय लेने में सक्षम हैं। उनकी छवि एक जननेता की है, जो जनता के मुद्दों को लेकर हमेशा सजग रहते हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी ने रायपुर दक्षिण में एक मजबूत आधार बनाया है। वे सामुदायिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी ध्यान देते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न समाजों का समर्थन प्राप्त है। सुनील सोनी: सुनील सोनी की राजनीति जनता के साथ सीधे संवाद और सक्रियता पर केंद्रित है। वे जनहित के मुद्दों को उठाने और जनता की समस्याओं को हल करने के लिए त्वरित निर्णय लेने में विश्वास करते हैं। उनकी छवि एक सहज, विनम्र, और जनता के बीच लोकप्रिय नेता की है। संसदीय राजनीति में रहते हुए उन्होंने कई बार राष्ट्रीय मंच पर रायपुर की समस्याओं को उजागर किया है, जो उनकी रणनीतिक सोच को दर्शाता है। 5. लोकप्रियता और चुनौतियां बृजमोहन अग्रवाल: बृजमोहन अग्रवाल की लोकप्रियता रायपुर दक्षिण क्षेत्र में व्यापक है, और वे लगातार कई बार इस सीट से जीतते आ रहे हैं। हालांकि, लंबे समय से इस सीट पर होने के कारण उनके सामने विरोधियों द्वारा सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इन्कम्बेंसी) का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद, उनका मजबूत संगठनात्मक ढांचा और जनता के बीच गहरी पैठ उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाते हैं। सुनील सोनी: सुनील सोनी की लोकप्रियता शहरी क्षेत्रों में अधिक है, और रायपुर शहर के मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। हालांकि, विधानसभा चुनावों में उनका अनुभव सीमित है, जो उनके सामने एक चुनौती हो सकती है। लेकिन उनकी सरल और सीधे संवाद की शैली और सांसद के रूप में किया गया कार्य उनकी ताकत है, जो उन्हें मतदाताओं के बीच पसंदीदा बना सकता है। निष्कर्ष: बृजमोहन अग्रवाल और सुनील सोनी दोनों ही भाजपा के प्रमुख नेता हैं, लेकिन उनके राजनीतिक करियर, कार्यशैली, और जनाधार में भिन्नताएं हैं। जहां बृजमोहन अग्रवाल का अनुभव और प्रशासनिक कौशल उन्हें राज्यस्तरीय राजनीति में एक सशक्त नेता बनाता है, वहीं सुनील सोनी की शहरी क्षेत्रों में लोकप्रियता और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी सक्रियता उन्हें एक युवा, ऊर्जावान नेता के रूप में स्थापित करती है। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों नेता किस प्रकार अपने अनुभव और कार्यशैली से भाजपा को आगे बढ़ाते हैं।
और पढ़ें ...

रायपुर दक्षिण विधानसभा से सुनील सोनी भाजपा के प्रत्याशी घोषित: चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प

रायपुर दक्षिण विधानसभा से सुनील सोनी भाजपा के प्रत्याशी घोषित: चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से सुनील सोनी को प्रत्याशी घोषित कर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। सुनील सोनी, जो वर्तमान में रायपुर के सांसद हैं, लंबे समय से पार्टी के एक सशक्त और जनप्रिय नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके नाम की घोषणा के बाद, रायपुर दक्षिण का चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। सुनील सोनी की राजनीतिक पकड़ और उनके अनुभव को देखते हुए भाजपा ने उन पर विश्वास जताते हुए इस महत्वपूर्ण सीट से उन्हें उतारा है। रायपुर दक्षिण भाजपा का पारंपरिक गढ़ रहा है, और पार्टी को उम्मीद है कि सुनील सोनी के नाम से यहां की जनता का व्यापक समर्थन मिलेगा। उनका नामांकन भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी अनुभवी नेताओं को चुनावी मैदान में उतारकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है। भाजपा द्वारा सोनी को प्रत्याशी घोषित किए जाने पर पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। सुनील सोनी ने अपनी उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पार्टी के भरोसे पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेंगे और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। रायपुर दक्षिण सीट पर हमेशा से ही कड़ा मुकाबला देखा गया है, और इस बार भी कांग्रेस और भाजपा के बीच संघर्ष रोचक होने की संभावना है। कांग्रेस भी इस क्षेत्र में मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है, जिससे यह सीट चुनावी अखाड़े में चर्चा का केंद्र बन गई है। सुनील सोनी की उम्मीदवारी के बाद अब भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक उन्हें विजयी बनाने के लिए कमर कस चुके हैं। आगामी चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि रायपुर दक्षिण की जनता किसे अपना जनप्रतिनिधि चुनती है।
और पढ़ें ...

रेलवे के टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव

रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे के टिकट बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव किया है। रेलवे ने एक आधिकारिक आदेश में कहा है कि 1 नवंबर, 2024 से टिकटों के एडवांस आरक्षण की समय सीमा 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दी गई है। इसमें यात्रा की तिथि को शामिल नहीं किया गया है। रेलवे ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिनों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। टिकटों के एडवांस आरक्षण की अवधि में कमी का असर 31 अक्टूबर 2024 से पहले की गई बुकिंग पर भी नहीं पड़ेगा।

 

 

 जानिए कब लागू हो रहे नए नियम भारतीय रेलवे के आदेश के मुताबिक, 120 दिनों के एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (एआरपी) के तहत 31 अक्टूबर तक की सभी बुकिंग बरकरार रहेगी। नया नियम 1 नवंबर से होने वाली बुकिंग पर ही लागू होगा।

रेलवे ने कहा कि एडवांस आरक्षण के लिए समय सीमा में कमी के बावजूद 60 दिनों के एआरपी से अधिक बुकिंग रद्द करने की अनुमति दी जाएगी।

इन ट्रेनों की एडवांस बुकिंग में नहीं होगा बदलाव मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ताज एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस जैसी कुछ दिन की एक्सप्रेस ट्रेनों के मामले में एडवांस आरक्षण की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं होगा।

 टिकटिंग सिस्टम में ‘माई ट्रांजेक्शन’ एक नई सुविधा टिकटिंग सिस्टम में ‘माई ट्रांजेक्शन’ नामक एक नई सुविधा भी आई है, जिसमें यूजर यात्रा की तारीख, बुकिंग की तारीख, आगामी यात्रा और पूरी यात्रा के आधार पर टिकट बुक को देख सकता है। नए यूजर इंटरफेस ने मोबाइल, डेस्कटॉप, लैपटॉप और टैबलेट में आसानी से टिकट बुकिंग करने की सुविधा प्रदान की है। 

और पढ़ें ...

दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। महसी इलाके में यह विवाद तब शुरू हुआ जब मूर्ति विसर्जन के जुलूस में बज रहे संगीत को लेकर दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिसमें 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की गोली लगने से मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद बहराइच में हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें अस्पताल, मोटरसाइकिल शोरूम और मेडिकल स्टोर को आग के हवाले कर दिया गया। इसके चलते प्रशासन ने जिले में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसमें पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स भी शामिल थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने मृतक का अंतिम संस्कार रोक दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अब तक लगभग 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है, और हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के दोषियों को कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया है। हिंसा से प्रभावित इलाकों में प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है और इलाके की शांति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुरू हुए सांप्रदायिक विवाद ने आसपास के कई इलाकों में तनाव बढ़ा दिया। इस हिंसा का केंद्र बहराइच का महसी तहसील था, लेकिन हिंसा की घटनाएं बहराइच के अन्य ग्रामीण इलाकों जैसे चंदपैया और कबाड़ीपुरवा गांवों में भी फैल गईं। इन इलाकों में आगजनी और झड़पें हुईं, जिसके कारण पुलिस को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा। वर्तमान में हिंसा सिर्फ बहराइच जिले के कुछ क्षेत्रों तक सीमित रही है, और आसपास के जिलों में दंगे या फसाद की जानकारी नहीं मिली है।
और पढ़ें ...

निगम आयुक्त का कितना प्रभाव ?

निगम आयुक्त का कितना प्रभाव ? - निगम आयुक्त की अधिकारियों पर कितनी ?

राजधानी में जो कुछ हो रहा है वह निगम कमिश्नर के कंट्रोल में नहीं!

नगर निगम रायपुर के आयुक्त अबिनाश मिश्रा के आदेशों पर जोन कमिश्नर कितना ध्यान देते हैं इसके बारे में शहर की नाली - नाला निर्माण, शहर की सड़को की दुर्दशा, स्ट्रीट लाइट की दुर्दशा, शहर के सार्वजनिक शौचलयों की हालत, थोड़ी सी बारिश में जय स्तंभ - भाजपा कार्यालय सहित अनेक बस्तियों का जल मग्न होना, सब्जी बाजारों की अस्त व्यस्त व्यवस्था, सड़कों पर कब्जा, दुकानों के बाहर सड़कों पर समान से यातायात अवरुद्ध होना, शहर की सड़कों - गलियों में अवैध वाहनों पर अवैध स्थाई दुकानों के कारण सड़कों की चौड़ाई का कम होना, नागरिकों को सड़कों पर चलने में परेशानी, यातायात अवरुद्ध होना, अवैध दुकानों - मकान का निर्माण,  बिना पार्किंग के व्यावसायिक भवनों - कंपलेक्सों का अवैध निर्माण, शहर में धड़ल्ले से जारी है और इन सबके लिए राजधानी रायपुर के निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा अनेकों बार अपने अधीनस्थ अधिकारियों सहित सभी जोन कमिश्नरों को सख्त हिदायतें दे चुके हैं | निगम आयुक्त ने बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश पर राजधानी की सड़कों पर लावारिस गोवंश एवं पशुओं की धमा चौकड़ी रोकने के भी निर्देश सभी जोन आयुक्त को दिए हैं परंतु अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी और व्यवस्था जस की तस है | पूरी राजधानी में अवैध कार्य और समस्याओं में कोई कमी नहीं आ रही है, जोन कमिश्नर और निगम के अन्य अधिकारी - कर्मचारी कमिश्नर अबिनाश मिश्रा के आदेशों निर्देशों को एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं और अपनी सफाई में झूठे आंकड़े पेश कर अपने आप को बहुत ही जिम्मेदार अफसर साबित कर देते हैं | और यह सब कुछ पूरी राजधानी में खुली आंखों से दिन की रोशनी में तो क्या रात के अंधेरे में भी साफ नजर आता है कि नगर निगम की कार्य प्रणाली किस तरह की है |

30 जुलाई 2021 को लिखित शिकायत - धारा 307(2) अ के तहत अंतिम नोटिस 16 जुलाई 2022 को

फिर 22.5.23 को नियमितिकरण कैसे ?

ऐसा ही एक मामला है 2021 का जिसमें शिकायतकर्ता ने 30 जुलाई 2021 को नगर निगम जोन क्रमांक 10 के कमिश्नर को लिखित शिकायत कर  पंडित राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के पवन विहार कॉलोनी के कविराज सुंदरानी द्वारा अवैध निर्माण और भूमि कब्जा पर कार्यवाही करने की मांग की थी, शिकायत सही पाई जाने पर जोन क्रमांक 10 के कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माण कर्ता  कविराज सुंदरानी को नोटिस देकर भूमि स्वामी दस्तावेज भवन अनुज्ञा पत्र एवं स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे |

परंतु आदेश की अवहेलना के बाद नगर निगम जोन क्रमांक 10 द्वारा लगातार तीन नोटिस भेज कर नगर निगम के नियमों का पालन करते हुए अंतिम नोटिस धारा 307(2) अ के तहत 16 जुलाई 2022 को भेजा गया और निर्माण को तोड़ने की चेतावनी दी गई परंतु अवैध भवन निर्माण कर्ता ने इस अंतिम आदेश को भी कचरे के डब्बे में डाल दिया | अब सवाल यह उठता है कि जब शिकायत कर्ता लगातार प्रमाण सहित शिकायत पर कार्यवाही की मांग कर रहा है तो जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन जोन कमिश्नर दिनेश कुमार कोसरिया ने किस आधार पर बिना भूमि नापे, बैनामा की जांच किए, शिकायतों को नजर अंदाज कर, बिना भवन अनुज्ञा और दूसरे की निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले कविराज सुंदरानी से राजी नामा शुल्क लेकर भवन के अवैध निर्माण का नियमितीकरण कैसे कर दिया ? इस तरह अवैध भवन निर्माण का शिकायतों के बावजूद नियमितीकरण करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भ्रष्टाचार हुआ है और ऊपरी लेनदेन के आधार पर कार्यवाही की गई है जिसकी जांच होना जरूरी है ताकि अवैध सहयोग करने वाले अधिकारी पर जुर्म दर्ज हो|

 शिकायतकर्ता ने जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन कमिश्नर दिनेश कुमार कोरिया के खिलाफ लिखित शिकायत निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा को सौंप कर कार्यवाही की मांग की तो निगम आयुक्त ने जोन 10 के वर्तमान कमिश्नर को उचित जांच कर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया |

नगर निगम की धारा 307(2) अ के तहत अंतिम नोटिस 16 जुलाई 2022 को

25 अप्रैल 2024 के आवेदन पर कोई कार्यवाही न होने पर शिकायत कर्ता प्रमाण सहित पुनः निगम आयुक्त से मिला, दोबारा उनके कहने पर  जोन क्रमांक  10 के वर्तमान कमिश्नर द्वारा अवैध निर्माण करता कविराज सुंदरानी को 12 सितंबर 2024 को लिखित नोटिस भेज कर भवन अनुज्ञा पत्र, स्वीकृत मानचित्र सहित बैनामा की प्रति परीक्षण हेतु लाने नोटिस जारी किया परंतु नोटिस के बाद भी कविराज सुंदरानी ने स्वीकृत मानचित्र, भवन अनुज्ञा पत्र नगर निगम को नहीं दिया | अवैध निर्माण कर्ता कविराज सुंदरानी द्वारा नोटिस के जवाब में सिर्फ यही बताया गया कि मेरे भवन का नियमितीकरण हो चुका है परंतु उसने भवन अनुज्ञा पत्र और स्वीकृत मानचित्र नगर निगम को नहीं दिया |

अब सवाल यह उठता है कि नगर निगम द्वारा भेजे गए नोटिस का सही जवाब यदि नहीं मिला है तो नगर निगम कार्यवाही करने से पीछे क्यों हट रहा है, जाहिर सी बात है कि लेनदेन तो हुआ ही है और शायद वर्तमान जोन कमिश्नर को भी कुछ देकर संतुष्ट कर दिया गया होगा | अर्थात निगम आयुक्त के आदेश के बावजूद जोन कमिश्नर द्वारा कोई कार्यवाही ना करना और आदेश का जवाब ना देना इस बात की ओर इशारा करता है कि निगम आयुक्त की अधिकारियों पर कोई पकड़ नहीं है, जोन कमिश्नर उनके आदेशों को कोई महत्व नहीं देते हैं, उन्हें जो करना है वह अपनी मर्जी से करते हैं, और निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा भी उनके इस व्यवहार के बावजूद कोई सख्ती नहीं बरत रहे | ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी में जो कुछ हो रहा है वह निगम कमिश्नर के कंट्रोल में नहीं है | राजधानी में जितने भी कार्य हो रहे हैं वह चाहे वैध हों या अवैध अधिकारी अपने हिसाब से अपनी सुविधा अनुसार कर रहे हैं उन पर भारतीय जनता पार्टी हो या कांग्रेस नेता किसी का कोई कंट्रोल नहीं है | अगर यही हाल रहा तो नागरिकों को हर कार्य के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है अब देखते हैं कि राजधानी का भविष्य कैसा होगा |

और पढ़ें ...

महादेव सट्टा ऐप: मामला अभी भी अधूरा है

देर आए, दुरुस्त आए! हालांकि मामला अभी भी अधूरा है. मीडिया से पता चला है कि महादेव सट्टा एप्प के संचालकों में से एक सौरभ चंद्राकर को दुबई में गिरफ़्तार कर लिया गया है और उसे भारत लाया जाएगा. तो रवि उप्पल कब पकड़ा जाएगा? और शुभम सोनी का क्या जो अपने आपको महादेव सट्टा ऐप का असली मालिक बताता है? हमारी सरकार ने ही महादेव सट्टा ऐप पर कार्रवाई शुरु की थी. हमने ही महादेव ऐप को गूगल के प्ले स्टोर से हटावाया था। हमारी सरकार में ही रायपुर पुलिस के आवेदन पर ही सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था. पर बड़ा सवाल यह है कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ़्तारी में इतना समय क्यों लग गया? कौन बचाना चाहता है उनको? और उससे भी बड़ा सवाल यह है कि महादेव सट्टा ऐप अब तक क्यों और कैसे चल रहा है? डबल इंजन का कौन सा इंजन उसे प्रश्रय दे रहा है?
और पढ़ें ...

राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू का दो दिवसीय रायपुर दौरा

भारत की राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू 26 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का दो दिवसीय दौरा करेंगी। इस दौरे के तहत, राष्ट्रपति विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी और राज्य की सरकार के साथ बैठकें करेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य की विकास योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस दौरान, वे राज्य के नागरिकों के साथ संवाद भी करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण विकास संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
और पढ़ें ...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात* राज्य की विकास योजनाओं और नक्सल उन्मूलन पर की चर्चा आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2024- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर श्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।
और पढ़ें ...

आया त्यौहार चलो बाजार - स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन

आया त्यौहार चलो बाजार : छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें - छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन - अमर पारवानी

चेम्बर ने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत आमजनों से स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने निवेदन किया
ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदारी करने से बचें तथा स्थानीय व्यापारियों एवं
छोटे दुकानदारों से सामान खरीदें:- अमर पारवानी

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए चेम्बर ने पारंपरिक बाजारों की रौनक लौटाने तथा ऑनलाइन प्लेटफार्म से खरीदारी नहीं करने हेतु लोगों में जागरूकता लाने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत चेंबर ने आमजनों से लोकल बाजार के स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने निवेदन किया है ।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने बताया कि त्योहारी सीजन में व्यवसाय में ऑनलाइन दखल रोकने, स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहित करने एवं बाजार की रौनक लौटाने हेतु छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वावधान में ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान की शुरुआत की गई जो देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी के विजन ”वोकल फॉर लोकल” अभियान को समर्थन देना है।
श्री पारवानी जी ने आगे कहा कि चेम्बर व्यवसाय और उद्योग के उत्थान के लिए सदैव प्रयासरत है। ऑनलाइन व्यापार से परंपरागत व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोग आकर्षक छूट के लालच में घर बैठे सामान खरीद रहे हैं एवं बाजार से भी विमुख हो रहे हैं, परंपरागत व्यवसाय विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहा है जिसे रोकने ”आया त्यौहार चलो बाजार” अभियान के तहत चेंबर द्वारा आमजनों से स्थानीय बाजार के व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने निवेदन किया जा रहा है ।
स्थानीय व्यापारी अर्थव्यवस्था की जान हैं और बाजार की शान हैं। स्थानीय बाजार में खरीदारी से न सिर्फ व्यापार में वृद्धि होगी, अपितु त्योहारों की सार्थकता भी सिद्ध होगी। यह अभियान लोगों को आपस में भावनात्मक रूप से जोड़ने का माध्यम भी बनेगा।
श्री पारवानी जी ने आम नागरिकों के साथ ही चेम्बर के सदस्यों से भी अपील करते हुए सपरिवार बाजार जाकर स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों से खरीदारी करने हेतु निवेदन किया।

और पढ़ें ...

छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा कितनी सफल ? एक रिपोर्ट

*राजधानी में छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में संख्या कम*

 

कांग्रेस द्वारा अन्याय के विरुद्ध न्याय की मांग को लेकर गिरोधपुरी धाम से 27 सितंबर को निकली छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा का समापन 2 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में हुआ 6 दिनों तक चली 125 किलोमीटर लंबी छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज लगातार पदयात्रा कर रायपुर पहुंचे उनके साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग दिन पद यात्रा में शामिल होकर सरकार के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया,

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के तीसरे दिन शामिल हुए परंतु वे अपने हरियाणा दौरे के कारण ज्यादा देर तक अपना समय नहीं दे पाए | पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के अलावा प्रदेश के सभी पूर्व मंत्री एवं विधायकों सहित संगठन के सभी बड़े नेता इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में शामिल हुए|

*राजधानी में छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में संख्या कम*

अब हम आपको कुछ खास बात बताने जा रहे हैं की गिरोधपुरी से चली  छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा अपने पूरे सफर के दौरान जिस संख्या के साथ चली उसमें तो उंगली नहीं उठाई जा सकती क्योंकि लंबा सफर, गर्मी के अलावा गांवों के बीच की दूरी, खेतों की लंबी श्रृंखला के कारण भीड़ न होना कोई बड़ी बात नहीं, बड़ी बात यह है कि दीपक बैज का हौसला, उनका जोश, पार्टी के प्रति उनकी जिम्मेदारी और अन्याय के विरुद्ध न्याय का झंडा उठाकर उन्होंने तो अपना सफर पूरा कर लिया परंतु जब राजधानी रायपुर की सीमा में न्याय यात्रा शामिल हुई तो अपेक्षा से बहुत कम संख्या में कांग्रेसी इस छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा में नजर आए,

यह हम नहीं कह रहे हैं, ना ही हम अनुमान लगा रहे हैं, हम सच्चाई बता रहे हैं और यह सच्चाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से स्वयं लाइव वीडियो के माध्यम से जारी की गई है | छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी द्वारा ड्रोन के माध्यम से जो वीडियो जारी किया गया है उसमें साफ नजर आ रहा है कि सड्डू से शुरू होने के बाद इस न्याय यात्रा में गिनती के नेता और कार्यकर्ता ही शामिल थे जिनको उंगलियों में गिना जा सकता है और यह कांग्रेस की इस न्याय यात्रा के असफल होने का बड़ा प्रमाण है, राजधानी में ही अगर समापन के दिन कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं जुट पाए तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस न्याय यात्रा को कितना सफल माना जा सकता है | इस वीडियो को देखने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारी और संगठन को छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के दौरान उपस्थित को लेकर गंभीर चिंतन करना चाहिए | छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा की इस असफलता के लिए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, संगठन प्रभारी मलकीत सिंह गैदू के साथ-साथ संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों, सभी पूर्व मंत्रियों एवं वर्तमान विधायकों को भी आत्म चिंतन करना पड़ेगा कि उन्होंने पार्टी के इस बड़े अभियान के साथ कितना न्याय किया है |

और पढ़ें ...

सशस्त्र सैन्य समारोह - युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन की प्रदर्शनी

रायपुर, 01 अक्टूबर 2024। साइंस काॅलेज मैदान में आयोजित सशस्त्र सैन्य समारोह के पूर्व आज पंडित दीनदयाल आॅडिटोरियम में बिग्रेडियर श्री अमन आनंद (विशिष्ट सेवा मेडल) एवं कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने प्रेसवार्ता लेकर आयोजन की तैयारियों के बारे में जानकारी साझा की। बिग्रेडियर श्री अमन आनंद ने कहा कि रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 5 और 6 अक्टूबर को भारतीय सेना की ताकत और कौशल को करीब से देखने को मिलेगा। युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने और देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करने सशस्त्र सैन्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। श्री आनंद ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से भारतीय सेना के कौशल एवं ताकत का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करने एवं भारतीय सेना की शक्ति और क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे लोगों के बीच राष्ट्रवाद और देशभक्ति को बढ़ावा मिलेगा और नागरिक-सैन्य संबंध मजबूत के बारे में भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना से जुड़ने के लिए स्टाॅल लगाए जाएंगे। इस आयोजन में बड़े-बड़े आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी लगेगी। प्रमुख रूप से युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन की प्रदर्शनी के माध्यम से देखने को मिलेगी। श्री आनंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है और आयोजन को सफल बनाया जाएगा।
 
            कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि भारतीय सेना की देश भक्ति जज्बा, शक्ति और क्षमताओं की ताकत सशस्त्र सैन्य समारोह में देखने को मिलेगा। भीष्म टैंक समेत अनेक उपकरणों का रोमांच देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में दंतेवाड़ा के प्रतिभावान युवा घुड़सवारी के माध्यम से के कौशल दिखाई देंगे। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों के लिए साइंस काॅलेज मैदान तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्थानों से बस चलाए जाएंगे। अधिक से अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में ऐसे आयोजन होने के बाद सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और भारतीय सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित होंगे। इस अवसर पर कर्नल श्री सुदीप बोस, श्री सुमीत शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप भी उपस्थित थे।
 
          दो दिवसीय सशस्त्र सैन्य समारोह में शानदार प्रदर्शन और रोमांचकारी प्रदर्शनों की श्रृंखला देखी जाएगी। जिसमें विशेष बल कमांडो द्वारा स्लिदरिंग प्रदर्शन, बाइक शो और घुडसवारी प्रदर्शन शामिल है। टी-90 भीष्म टैंक, बीएमपी टू, पैदल सेना लड़ाकू वाहन, स्ट्रेला 10 एम सेना वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली, जेडयू 23 गन और आर्टिलरी की 105 एमएम लाइट फील्ड गन समेत आधुनिक हथियार और उपकरण भी सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक जनता के देखने के लिए प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा गे्रनेडियर्स, सिग्नल और गोरखा प्रशिक्षण केंद्रों के सैन्य पाइप और ब्रास बैंड और विशिष्ट गोरखा रेजिमेंट के सांस्कृतिक दल द्वारा खुखरी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां भी होगी। आयोजन के दौरान सेना भर्ती कार्यालय रायपुर और एनसीसी ग्रुप मुख्यालय छत्तीसगढ़ द्वारा सशस्त्र बलों में शामिल होने युवाओं के लिए सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
और पढ़ें ...

गुरमीत राम रहीम सिंह: जेल में बंद होने की कहानी और पैरोल-फरलो का खेल

गुरमीत राम रहीम सिंह: जेल में बंद होने की कहानी और पैरोल-फरलो का खेल गुरमीत राम रहीम सिंह, जो डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख हैं, 25 अगस्त 2017 से जेल में बंद हैं। उन्हें विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दो साध्वियों के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद, उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, 2019 में उन्हें एक और मामले में दोषी ठहराया गया, जिसमें उन्होंने 16 साल पहले डेरा सच्चा सौदा के एक पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या करवाई थी। साथ ही, 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। ये सभी मामले डेरा सच्चा सौदा से जुड़े विवादों और अपराधों का हिस्सा थे। जेल में बंद होने के कारण 1. दो साध्वियों से बलात्कार: 2002 में दो साध्वियों ने सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख, गुरमीत राम रहीम सिंह, ने उनके साथ बलात्कार किया है। इस मामले की जांच के बाद, उन्हें 25 अगस्त 2017 को दोषी करार दिया गया और 28 अगस्त 2017 को 20 साल की सजा सुनाई गई। हर मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई, जो एक साथ चलने वाली थीं। 2. रंजीत सिंह हत्याकांड: 2019 में गुरमीत राम रहीम को एक और मामले में दोषी पाया गया, जिसमें रंजीत सिंह, जो डेरा सच्चा सौदा के एक पूर्व प्रबंधक थे, की 2002 में हत्या करवा दी गई थी। रंजीत सिंह की हत्या का मुख्य कारण यह था कि उन्होंने डेरा की कुरीतियों का खुलासा किया था। 3. पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या: 2002 में, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी गुरमीत राम रहीम दोषी ठहराए गए। छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा के भीतर हो रहे अन्याय और अपराधों का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। पैरोल और फरलो: कितनी बार जेल से रिहाई गुरमीत राम रहीम को जेल में रहते हुए कई बार पैरोल और फरलो दी गई है, जिसके कारण वह अक्सर चर्चा में रहे हैं। हर बार जब उन्हें पैरोल या फरलो मिलती है, तो राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसका विरोध भी होता है, खासकर पीड़ितों और उनके परिवारों द्वारा। 1. पहली बार फरलो: अक्टूबर 2020 में गुरमीत राम रहीम को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए 40 दिनों की फरलो दी गई थी। इसे उनके समर्थकों द्वारा स्वागत किया गया, लेकिन इस फैसले की काफी आलोचना भी हुई। 2. दूसरी बार पैरोल: जून 2022 में उन्हें एक और पैरोल दी गई, जिसमें वह 30 दिनों तक जेल से बाहर रहे। इस दौरान उन्होंने कुछ धार्मिक कार्यक्रमों में ऑनलाइन भाग लिया, जिससे उनके समर्थकों में उत्साह बढ़ा। हालांकि, उनके विरोधियों ने इसे न्याय प्रणाली का दुरुपयोग माना। 3. तीसरी बार पैरोल: 2023 में, राम रहीम को फिर से 30 दिनों की पैरोल मिली। इस बार भी वह अपने अनुयायियों के साथ ऑनलाइन सत्संग आयोजित करते रहे, और सोशल मीडिया पर उनकी वीडियो भी खूब वायरल हुईं। उनके इन सत्संगों में कई बड़े राजनीतिक नेता भी शामिल हुए, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना। 4. चौथी बार फरलो: 2024 में गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर फरलो दी गई। इस फरलो के दौरान उन्होंने फिर से कई ऑनलाइन कार्यक्रम किए और यह समय उनके अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण बना। पैरोल और फरलो पर विवाद गुरमीत राम रहीम को बार-बार दी गई पैरोल और फरलो पर काफी विवाद हुआ। पीड़ितों के परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय का मजाक बताया। हर बार जब उन्हें जेल से बाहर आने का मौका मिलता है, तब उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनका समर्थन करते हैं, जबकि पीड़ित और उनके परिजन न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। कई लोगों का मानना है कि गुरमीत राम रहीम को बार-बार पैरोल और फरलो मिलना उनके राजनीतिक संबंधों के कारण है। कई राजनीतिक दलों के नेता उनके समर्थन में खड़े होते हैं, खासकर चुनावों के दौरान, क्योंकि उनके पास लाखों अनुयायियों का समर्थन है। यह समर्थन चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है, और यही कारण है कि कई बार उनके प्रति उदारता दिखाई जाती है। निष्कर्ष गुरमीत राम रहीम सिंह, जो गंभीर अपराधों के लिए जेल में सजा काट रहे हैं, को कई बार पैरोल और फरलो मिली है, जिससे विवाद उत्पन्न हुए हैं। उनका राजनीतिक प्रभाव और अनुयायियों की बड़ी संख्या उन्हें बार-बार रिहाई दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन यह न्याय प्रणाली और पीड़ितों के अधिकारों के लिए एक गंभीर चुनौती भी प्रस्तुत करता है।
और पढ़ें ...

*सैनिकों के बीच पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी, कलेक्टर के आग्रह पर किया कविता पाठ*

*सैनिकों के बीच पहुंचे सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी, कलेक्टर के आग्रह पर किया कविता पाठ* *भारतीय सैनिकों का बढ़ाया उत्साह, गूंजा देश भक्ति कविता* *देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में भारतीय सेना का महत्वपूर्ण योगदानः कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह* *भारतीय सेना सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत: कुलपति श्री शुक्ला* रायपुर 30 सिंतबर 24। सुप्रसिद्ध कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी आज रायपुर पहुंचे भारतीय सेनिकों के बीच पहुंचे और सैनिकों का उत्साह बढ़ाने के लिए हास्य कवि पद्मश्री श्री सुनील जोगी ने कविता सुनाई। रविशंकर विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी शामिल हुए और देशभक्ति रंग में रंगने के लिए अंबर पर रहकर भी धरती पर नजर रहे... हम रहे न रहें हमारा तिरंगा अमर रहे... मुश्किल है अपना मेल प्रिय...जैसे कई कविता से शुरूआत की। इसके अलावा उन्होंने कई देशभक्ति कविता सुनाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विद्यालय के कुलपति श्री सचिदानंद शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पहला सम्मान सेना का देश में हो, और हमारे समाज में सैनिकों को वह स्थान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि भारतीय सेना न केवल देश की सुरक्षा करती है, बल्कि यह समाज के सभी वर्गों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत भी है। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने विशेष रूप से सैनिकों की महत्ता पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि देश में सैनिकों से बड़ा कोई हीरो नहीं होता। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सेना के जवानों की बलिदानी भूमिका को स्वीकार करते हुए कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और हमारे जीवन को सुरक्षित बनाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे सेना के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करें और समाज में सैनिकों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित सैकडो की संख्या में सेना के जवान उपस्थित थे।

और पढ़ें ...

Chhattisgarh : कांग्रेस की न्याय यात्रा का आज 5वां दिन...अंतिम दिन प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट होंगे शामिल, यहां होगा समापन...!!

रायपुर। कांग्रेस की न्याय पदयात्रा की 27 सितंबर से बलौदाबाजार से शुरू हुई। बलौदबाजार के गिरौदपुरी से शुरू हुई यह यात्रा 6 दिन बाद 2अक्‍टूबर को राजधानी रायपुर में खत्‍म होगी। कांग्रेस की न्‍याय यात्रा आज शाम को राजधानी की सीमा में पहुंच जाएगी। इस यात्रा का कल (2 अक्‍टूबर) को अंतिम दिन है। आज पांचवें दिन की यात्रा रायपुर से करीब 20 किलो मीटर दूर स्थित सारागांव से शुरू हुई। पीसीसी चीफ दीपक बैज की यह पद यात्रा आज शाम को राजधानी की सीमा पर स्थित सड्डू पहुंच जाएगी। बैज सहित यात्रा में शामिल पूरी टीम रात्रि विश्राम सड्डू में करेगी। इसके बाद कल शहर में प्रवेश होगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि हमारे कार्यकताओं में भी यात्रा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की बिगड चुकी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को जगाना है। जनता के बीच में बढ़ते अपराधों के कारण भय का माहौल है। महिलाएं बहने असुरक्षित है। किसी समाज का आदमी सुरक्षित नहीं है। प्रदेश की सरकार दिशाहीन हो चुकी है। सरकार का ड्राइवर कौन है किसी को पता नहीं है, सरकार के मंत्रियों में आपस में विरोधाभास है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुये कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की 5 साल सरकार थी जो किसानों, युवाओं, माता, बहनों और प्रदेश के हर वर्ग के लिये काम किया। ईडी, आईटी, सीबीआई कांग्रेस सरकार को बदनाम करने का काम किया। महादेव ऐप के नाम से प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री तक बहुत से प्रचार किये। मैं पूछना चाहता हूं कि महादेव एप आज बंद हुआ है क्या? महादेव ऐप का मोटी कमाई आज कौन खा रहा है? आज देश में भाजपा की डबल इंजन की सरकार है प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है और केन्द्र में भी भाजपा की सरकार है तो महादेव ऐप बंद होना चाहिये।

और पढ़ें ...