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अयोध्या दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अपने सभी मंत्रियों के साथ 14 जुलाई को होंगे रवाना

अयोध्या में नव निर्मित राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से लेकर अभी तक प्रदेश के मंत्रियों ने भगवान श्री राम के दर्शन नहीं किए थे| मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 जुलाई को अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों के साथ विशेष विमान से सुबह 9:30 बजे रवाना होंगे | अयोध्या दर्शन के लिए जाने वालों में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजय जमवाल प्रदेश संगठन महामंत्री पवन सहाय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव भी जा रहे हैं यह पहला मौका होगा की प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री गण अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद एक साथ दर्शन करने जा रहे हो | मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सभी सहयोगी विशेष विमान से सुबह 9:30 बजे राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से रवाना होकर शाम 7:00 बजे तक रायपुर वापस पहुंच जाएंगे | छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने अयोध्या दर्शन के लिए सीनियर सिटीजन बुजुर्गों के लिए एक योजना भी चला रखी है जिसमें बुजुर्ग महिलाओं पुरुषों को शासन की तरफ से निशुल्क दर्शन करवाने का सिलसिला जारी है |
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सिक्ख युवक की पगड़ी और बाल का अपमान करने वाले सिपाहियों ने गुरुद्वारे में मत्था टेक कर सिक्ख समाज से मांगी माफी

सिक्ख समाज ने 7 दिन तक गुरुद्वारों में संगत के झूठे बर्तन साफ करने और जूतों की सेवा करने का दिया दंड

भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न करने का लिया प्रण

सिक्ख युवक की पगड़ी और बाल का अपमान करने वाले सिपाहियों ने गुरुद्वारे में मत्था टेक कर सिक्ख समाज से मांगी माफी

पुलिस कर्मियों को माफ करने से पहले सिख समाज द्वारा ली गई थी गुप्त परीक्षा - 
सिक्ख समाज की परीक्षा से अनजान थे सिपाही

रायपुर -
         राजधानी रायपुर के थाना टिकरापारा के अंतर्गत आने वाले अंतर राज्यीय बस स्टैंड में विगत 8 जून को थाने के चार सिपाहियों द्वारा एक सिक्ख युवक की पगड़ी गिराकर, उसके बाल खींचकर मारपीट करने के मामले में पीड़ित महिंद्रा ट्रेवल्स के सिक्ख ड्राइवर बहादुर सिंह ने सिक्ख समाज को अपने साथ हुए धार्मिक अपमान के बारे में लिखित जानकारी देकर सहयोग की अपील की थी।


         घटना के सीसीटीवी फुटेज में टिकरापारा थाने के सिपाहियों चंद्रभान सिंह भदोरिया, सुरेंद्र सिंह सेंगर, रविंद्र सिंह राजपूत और दानेश्वर साहू द्वारा बहादुर सिंह के साथ किए गए धार्मिक अपमान को देखकर समाज ने इसकी निंदा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं गृह मंत्री को ज्ञापन सौंप कर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने के लिए चारों सिपाहियों पर धारा 295 ए के तहत जुर्म दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी, सिक्ख समाज की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया था परंतु इस कार्रवाई से सिख समाज संतुष्ट नहीं था। 

 

       सस्पेंड होने पर और समाज के बढ़ते आक्रोश को ध्यान में रखकर सिक्ख समाज के युवक बहादुर सिंह का धार्मिक अपमान करने वाले सिपाहियों ने गुरुद्वारा धन धन बाबा बुड्ढा जी साहिब तेलीबांधा पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मात्था टेक कर अपनी गलती स्वीकार की और सिक्ख समाज से अपनी गलती की क्षमा मांगते हुए माफ करने की अपील की।
       बैठक में सरदार दिलेर सिंह रंधावा ने सिक्ख इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया की सिक्ख कौम में पगड़ी और अपने बालों के लिए सर कटवाने की परंपरा रही है, हमारे गुरुओं ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों को बलिदान कर दिया परंतु धर्म पर आंच नहीं आने दी। प्राण जाए पर धर्म न जाए का पालन आज भी सिख समाज करता है। टिकरापारा थाने के इन सिपाहियों द्वारा सिख समाज के धार्मिक अपमान से समाज आहत है, यह कार्य माफी योग्य नहीं है परंतु इन सिपाहियों द्वारा स्वयं होकर गुरुद्वारा आकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सामने अपनी गलती स्वीकार कर सिक्ख समाज के सामने बार बार माफी मांग कर माफ करने की प्रार्थना पर समाज उदार हुआ।  


जो आवे तिस कंठ लावे - पिछले अवगुण बक्श लै, तब आगे मारग पावै
      श्री गुरु ग्रंथ साहिब में उल्लेखित इन पावन शब्दों को आधार मानकर सिक्ख समाज ने इन सिपाहियों को माफ कर अपना भविष्य सुधारने का अवसर दिया है।
       स्टेशन रोड गुरुद्वारे के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह छाबड़ा ने सिपाहियों के आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि समाज इन्हें पूरी तरह से माफ नहीं करेगा, समाज ने इन्हें दोबारा किसी सिक्ख का धार्मिक अपमान न करने की चेतावनी देते हुए 7 दिनों तक गुरुद्वारे में बर्तन साफ करने और जोड़ा घर में गुरुद्वारा आने वाली संगत के जूतों की सेवा करने की सजा तय की है। 


      धर्म का अपमान करने वाले सिपाहियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सामने शीश नवा कर माथा टेक कर तथा समाज के सामने हाथ जोड़कर अपनी गलती की लिखित एवं मौखिक माफी मांगते हुए समाज द्वारा दिए गए दंड को स्वीकार कर 7 दिनों तक गुरुद्वारों में सेवा करने को अपना प्रायश्चित माना।

        महिंद्रा ट्रेवल्स के सिक्ख ड्राइवर बहादुर सिंह को अपमानित करने वाले पुलिस कर्मियों ने कहा कि वे सिक्ख गुरुओं के संदेशों - उपदेशों पर चलने का प्रयास करेंगे क्योंकि सिक्ख समाज ने उन्हें माफ कर उन्हें तथा उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया ह,ै समाज द्वारा क्षमा करने के निर्णय को हम चारों कभी नहीं भूलेंगे और यह निर्णय हमें प्रेरणा देता रहेगा कि सिक्ख समाज के लिए पगड़ी और बालों का जो महत्व है हम सारी जिंदगी उसे पूरा मान सम्मान देते रहेंगे और भविष्य में कभी भी किसी भी धर्म का अपमान नहीं करेंगे।
        थाना टिकरापारा के टी आई दुर्गेश रावटे इन सिपाहियों के साथ समाज के सामने उपस्थित हुए, उनकी गलती को स्वीकार किया और समाज को आष्वस्त किया कि वह इस बात का खास ध्यान रखेंगे कि भविष्य में किसी का भी धार्मिक अपमान ना हो, थानेदार दुर्गेश रावटे ने सिख समाज के निर्णय पर आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर की उन्होने कहा कि इस तरह का फैसला उनके लिए अप्रत्याशित था, सिख समाज की इस उदारता को मैं सदैव याद रखूंगा। 


       बहरहाल अब देखने वाली बात यह है कि गुरुघर में सीस झुका कर, माथा टेक कर माफी मांगने आए पुलिस कर्मियों को सिक्ख समाज ने सामाजिक दंड देकर माफ तो कर दिया अब पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं पुलिस कर्मचारियों को भी चाहिए कि वे भी सिक्ख समाज सहित अन्य सभी समाज के लोगों को आश्वस्त करें कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होने देंगे और ऐसा मामला संज्ञान में आने पर बिना किसी की लिखित शिकायत के संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारी पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेंगे। 

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       सिक्ख समाज द्वारा पुलिस कर्मियों को दी गई माफी के दौरान गुरुद्वारा धन-धन बाबा बुड्ढा जी साहब के प्रधान सरदार हरकिशन सिंह राजपूत, सरदार दिलेर सिंह रंधावा, सरदार मनमोहन सिंह सैलानी, सरदार गुरमुख सिंह रंधावा, सरदार सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, गुरुद्वारा स्टेशन रोड के अध्यक्ष सरदार सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, सरदार इंदरजीत सिंह, सरदार मंजीत सिंह, सरदार नवनीत सिंह, सरदार हरविंदर सिंह, सरदार देवेंदर सिंह, सरदार हरजीत सिंह, सरदार कुलवंत सिंह, सरदार करम सिंह, सरदार नरेंदर सिंह, सरदार लवली अरोरा, बाबा वीर सिंह, सरदार रजिंदर सिंह, सरदार जसवंत सिंह, सरदार पिंदर जीत सिंह, सरदार कुलविंदर सिंह, सरदार सुखध्यान सिंह, सरदार मलूक सिंह,  सरदार राजेन्द्र सिंह, चंचल सिंह, सरदार भूपिंदर सिंह, सरदार सुरिंदर सिंह सहित समाज के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। 

                                         

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नारायण साकार हरि ऊर्फ सूरजपाल जैसे सभी बाबाओं की संपत्ति की जांच करे सरकार

सूरज पाल उर्फ नारायण साकार हरि जो अपने आप को भगवान कहता था, जो प्रलय लाने की बात करता था, जो कहता था कि उसके आश्रम के बोरिंग का पानी पीने से असाध्य रोग ठीक हो जाते हैं, बीमारियां छूमंतर हो जाती है, जो कहता था सिर्फ उसे ही मानो, उसकी फोटो की पूजा करो, उसकी दिव्य चाय पियो और सुख प्राप्त करो, सभी भगवान को मानना छोड़ दो, उसके दरबार में मोबाइल प्रतिबंध, फोटो खींचना मना, वीडियो बनाना मना क्यों ? क्या छिपा रहा था दुनिया से ? बाबा भोले के नाम से अपने आप को भगवान मनवाने वाला यह तथाकथित सूरज पाल हाथरस हादसे के बाद कहां गायब हो गया ? कहां गई उसकी शक्ति ? क्यों नहीं उसे पता चला कि ऐसा हादसा होने वाला है ? क्यों नहीं उसने हादसे को रोका ? और क्यों नहीं हादसे के बाद मृत महिला पुरुष बच्चों को जिंदा किया और क्यों नहीं अपनी शक्ति से अपने घायल भक्तों का इलाज किया ? यह तो हुई बाबा की बात, अब बात करते हैं भक्तों की | भक्तों को भी सोचना चाहिए कि कहासुनी पर विश्वास न करें, क्योंकि इस तरह के ठग बाबा अपने ही लोगों को भीड़ के बीच में, गांव में और सोशल मीडिया में भ्रम फैलाने का ठेका देते हैं कि बाबा का आशीर्वाद मिलने से मुझे धन प्राप्त हुआ, बाबा के आश्रम का पानी पीने से मेरी बीमारी ठीक हुई और बाबा की चरण रज लेने से मेरी असाध्य रोग ठीक हो गए, और बाबा लॉकेट पहनने से मुझे कारोबार में फायदा हुआ और ऐसे ठेके पर काम करने वाले ठेकेदारों द्वारा फैलाए गए ब्रह्म के जाल में लोग जब फस जाते हैं तो फिर शुरू होता है बाबा का व्यापार| गंडा, ताबीज, लॉकेट, फोटो, आरती, पुस्तक बेचने का बड़ा व्यापार VIP मुलाकात के लिए जरूरतमंद की हैसियत देखकर 50 हजार, 1 लाख, 2 लाख, 5 लाख, 10 लाख इसके अलावा फ्रेंचाइजी बांटकर आश्रम खोलने के लिए चंदा इकट्ठा करने का बड़ा व्यापार, फर्जी बाबा के बड़े-बड़े आश्रम कैसे बने पैसा कहां से आता था कौन लोग थे जो बाबा को सहयोग करते थे किन-किन राजनीतिक दलों से बाबा का संपर्क था कौन-कौन राजनेता और अधिकारी बाबा को सहयोग करते थे बाबा के बैंक खातों की पड़ताल अगर यह सब किया जाए तो बाबाओं के गोरख धंधे का बड़ा पर्दाफाश होगा और सूरजपाल ही नहीं देश में जितने भी इस तरह के फर्जी बाबा जो अपने आप को भगवान समझते हैं और लोगों से धन इकट्ठा करते हैं बड़े-बड़े आश्रम बनाकर विलासिता वाला जीवन जीते हैं उन सब के बारे में पता कर उनकी भी चल अचल संपत्ति के साथ बैंक खातों का इतिहास सरकार को निकालना चाहिए | तब कहीं जाकर लोगों को पता चलेगा कि कोई भी बाबा भगवान नहीं होता उनके पास कोई दिव्य शक्ति नहीं होती अगर होती तो वह दान के रूप में राशि ना मांगते और अपनी ही दिव्य शक्तियों से अपना राज स्थापित करते |
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बाबाओं के दरबार में क्यों जाते हैं मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि और अधिकारी?

*बाबाओं का तंत्र जाल : हादसे के बाद जागने के पीछे क्या है शासन की ताल ?* *हाथरस में प्रवचन के दौरान हुए हादसे में 121 लोगों की मृत्यु और सैकड़ो लोगों के घायल होने के बाद शासन प्रशासन हुआ सक्रिय* *क्यों जाते हैं मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि इन फर्जी दरबारों में ?* क्या कोई भी अपने आप को भगवान घोषित कर सकता है ? अगर हां तो यह सब चलता रहेगा और वह लोग कानून के दायरे से बाहर रहेंगे और अगर जवाब नहीं में है तो फिर केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की सरकारें इन पर राष्ट्रद्रोह की धारा के अंदर कार्यवाही क्यों नहीं की जाती ? इनकी आय की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को क्यों नहीं होती ? नारायण साकार हरि नामक भोले बाबा का दरबार पिछले कई वर्षों से चल रहा है, बाबा अपने आप को भगवान कहता है, प्रलय लाने के दावे करता है, जमीन फाड़ने की बातें करता है, दुनिया के सब भगवानों को नकार कर सिर्फ उसे ही मानने की बातें करता है, वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाता है, उसके बोरिंग के पानी की करामात की बात करता है, बोरिंग के पानी को अमृत बताता है, चमत्कारिक बताता है और पानी पीने से सब दुखों का नाश होगा ऐसा लोगों में भ्रम जाल फैलाता है | बरसों से यह सब कुछ चल रहा है और उत्तर प्रदेश शासन - प्रशासन सब कुछ आंखें मूंदे बैठा है, उत्तर प्रदेश की इंटेलिजेंस, सूचना तंत्र को यह पता ही नहीं चलता | लाखों लोगों की भीड़ का एकत्रित होना और अनेक जगह आश्रम बनाना, अपने लिए महल बनवाना, महंगी गाड़ियों का काफिला, अपनी खुद की सिक्योरिटी सर्विस वह भी तीन तीन लेयर में रखना, इतना सब कुछ शासन - प्रशासन चाहे वह प्रदेश सरकार हो या केंद्र की सरकार हो, आंखें मूंदे सब कुछ देखता रहे ? देश में प्रलय लाने की धमकी, धरती को फाड़ देने का चैलेंज, सिर्फ उसे ही भगवान मानने की बाध्यता, यह सब देशद्रोह की श्रेणी में आता है और सरकार और सरकारी तंत्र को यह सब पता ही नहीं चलता तो किस काम की इंटेलिजेंस, गुप्त सूचना देने वाला विभाग ? इतने सारे प्रमाण मिलने के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा इस फर्जी बाबा, फर्जी भगवान पर जुर्म दर्ज ना होना इस बात को साबित करता है कि इन सब के पीछे जनप्रतिनिधि, अधिकारी के साथ- साथ आर्थिक संपन्नता, आर्थिक लेनदेन हो सकता है | बहरहाल इतने बड़े हादसे के बाद भी अगर शासन प्रशासन पूरे देश के इस तरह के बाबाओं पर जो अपने आप को भगवान, सिद्ध तांत्रिक मानते हैं उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो ऐसे फर्जी ठग बाबाओं की संख्या में और वृद्धि होगी | यह एक ऐसा व्यवसाय है जहां लागत कुछ नहीं और कमाई अरबों खरबों की | Sukhbir Singhotra 9301094242
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बाबाओं का तंत्र जाल : हादसे के बाद जागने के पीछे क्या है शासन की ताल ?

हाथरस में प्रवचन के दौरान हुए हादसे में 121 लोगों की मृत्यु और सैकड़ो लोगों के घायल होने के बाद शासन प्रशासन सक्रिय हुआ नारायण साकार हरि नामक भोले बाबा का दरबार पिछले कई वर्षों से चल रहा है बाबा अपने आप को भगवान कहता है प्रलय लाने के दावे करता है जमीन फाड़ने की बातें करता है, दुनिया के सब भगवानों को नकार कर सिर्फ उसे ही मानने की बातें करता है वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाता है उसके बोरिंग के पानी की करामात की बात करता है, बोरिंग के पानी को अमृत बताता है चमत्कारिक बताता है और पानी पीने से सब दुखों का नाश होगा ऐसा लोगों में भ्रम जाल फैलता है | बरसों से यह सब कुछ चल रहा है और उत्तर प्रदेश शासन प्रशासन सब कुछ आंखें मूंदे देखा है उत्तर प्रदेश की इंटेलिजेंस सूचना तंत्र को यह पता ही नहीं चलता लाखों लोगों की भीड़ का एकत्रित होना और उनसे अरबो रुपए कम कर अनेक जगह आश्रम बनाना अपने लिए महल बनवाना महंगी गाड़ियों का काफिला अपनी खुद की सिक्योरिटी सर्विस वह भी तीन लेयर में रखना इतना सब कुछ शासन प्रशासन चाहे वह प्रदेश सरकार हो चेक केंद्र की सरकार हो आंखें मूंदे सब कुछ देखता रहे यह तो समस्या पार है| देश में प्रलय लाने की धमकी धरती को पढ़ने का चैलेंज सिर्फ उसे ही भगवान मां ने की बाध्यता यह सब देशद्रोह की श्रेणी में आता है और सरकार और सरकारी तंत्र को यह सब पता ही नहीं चलता तो किस काम की इंटेलिजेंस, गुप्त सूचना देने वाला विभाग ? इतने सारे प्रमाण मिलने के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा इस फर्जी बाबा फर्जी भगवान पर फिर ना होना इस बात को साबित करता है कि इन सब के पीछे जनप्रतिनिधि अधिकारी के साथ-सा द आर्थिक संपन्नता आर्थिक लेनदेन हो सकता है | बैरल इतने बड़े हादसे के बाद भी अगर शासन प्रशासन पूरे देश के इस तरह के बाबो पर जो अपने आप को भगवान सिद्ध तांत्रिक मानते हैं उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो ऐसे फर्जी ठग बाबो की संख्या में और वृद्धि होगी क्योंकि यह एक ऐसा व्यवसाय है जहां लागत कुछ नहीं और कमाई अरबों खरबों की |
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मेरा हौसला भी मजबूत, मेरी आवाज भी मजबूत, मेरे इरादे भी मजबूत

आज प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभी भाषण पर आभार व्यक्त करते हुए लगभग सवा दो घंटे अपनी बात रखी प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में हिंदुस्तान के हर विषय को गंभीरता पूर्वक रखा इस दौरान लगातार विपक्ष के सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे और व्यवधान उत्पन्न करते रहे परंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 मिनट भी नहीं रुके उन्होंने नारेबाजी को नजर अंदाज करते हुए अपना भाषण जारी रखा अपनी बात दुनिया के सामने रखी देश के नागरिकों को संबोधित किया उन्हें अपने विकास कार्यों सरकार के कार्यों के बारे में संपूर्ण जानकारी दी और अपने आगामी उद्देश्यों के बारे में योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी उद्बोधन के अंत में उन्होंने कहा कि मेरा हौसला भी मजबूत मेरी आवाज भी मजबूत मेरे इरादे भी मजबूत हैं ऐसे किसी रूकावटों से मोदी डरने वाला नहीं | प्रधानमंत्री ने विपक्ष के हो हल्ला और नारेबाजी से रुकावट पैदा करने के व्यवधान उत्पन्न करने के उनके इरादों को नाकाम कर दिया | पूरे सवा दो घंटे तक विपक्षी नारेबाजी करते रहे व्यवधान उत्पन्न करते रहे परंतु उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तरफ बिना ध्यान दिए अपनी बात को पूरा किया और राष्ट्रपति के अभी भाषण के प्रति आभार व्यक्त किया साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का भी आभार माना |
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नए कानून नागरिकों, पुलिस और न्यायालय के लिए कितने सहायक ? जाने विस्तार से

1. नये कानूनों से एक आधुनिक न्याय प्रणाली स्थापित होगी जिसमें ‘जीरो एफआईआर’, पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराना, ‘एसएमएस’ (मोबाइल फोन पर संदेश) के जरिये समन भेजने जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और सभी जघन्य अपराधों के वारदात स्थल की अनिवार्य वीडियोग्राफी जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसके अलावा महिलाओं, पंद्रह वर्ष की आयु से कम उम्र के लोगों, 60 वर्ष की आयु से अधिक के लोगों तथा दिव्यांग या गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को पुलिस थाने आने से छूट दी जाएगी और वे अपने निवास स्थान पर ही पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते हैं। नये कानूनों के तहत अब कोई भी व्यक्ति पुलिस थाना गये बिना इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यम से घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। इससे मामला दर्ज कराना आसान और तेज हो जाएगा तथा पुलिस द्वारात्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। 2. नये कानूनों के तहत आपराधिक मामलों में फैसला मुकदमा पूरा होने के 45 दिन के भीतर आएगा और पहली सुनवाई के 60 दिन के भीतर आरोप तय किए जाएंगे। दुष्कर्म पीड़िताओं का बयान कोई महिला पुलिस अधिकारी उसके अभिभावक या रिश्तेदार की मौजूदगी में दर्ज करेगी और मेडिकल रिपोर्ट सात दिन के भीतर देनी होगी। 3. नये कानूनों में संगठित अपराधों और आतंकवाद के कृत्यों को परिभाषित किया गया है, राजद्रोह की जगह देशद्रोह लाया गया है और सभी तलाशी तथा जब्ती की कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। 4. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर एक नया अध्याय जोड़ा गया है, किसी बच्चे को खरीदना और बेचना जघन्य अपराध बनाया गया है और किसी नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के लिए मृत्युदंड या उम्रकैद का प्रावधान जोड़ा गया है। नये कानूनों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच को प्राथमिकता दी गयी है जिससे मामले दर्ज किए जाने के दो महीने के भीतर जांच पूरी की जाएगी। नये कानूनों के तहत पीड़ितों को 90 दिन के भीतर अपने मामले की प्रगति पर नियमित रूप से जानकारी पाने का अधिकार होगा। इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले अपराध पीड़ितों को सभी अस्पतालों में निशुल्क प्राथमिक उपचार या इलाज मुहैया कराया जाएगा। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि पीड़ित को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल तुरंत मिले। 5. शादी का झूठा वादा करने, नाबालिग से दुष्कर्म, भीड़ द्वारा पीटकर हत्या करने, झपटमारी आदि मामले दर्ज किए जाते हैं लेकिन मौजूदा भारतीय दंड संहिता में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं थे। 6. ‘जीरो एफआईआर’ से अब कोई भी व्यक्ति किसी भी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करा सकता है, भले ही अपराध उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हुआ हो। इससे कानूनी कार्यवाही शुरू करने में होने वाली देरी खत्म होगी और मामला तुरंत दर्ज किया जा सकेगा। 7. नये कानून में जुड़ा एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि गिरफ्तारी की सूरत में व्यक्ति को अपनी पसंद के किसी व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे में सूचित करने का अधिकार दिया गया है। इससे गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत सहयोग मिल सकेगा। 8. इसके अलावा, गिरफ्तारी विवरण पुलिस थानों और जिला मुख्यालयों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा जिससे कि गिरफ्तार व्यक्ति के परिवार और मित्र महत्वपूर्ण सूचना आसानी से पा सकेंगे। आरोपी और पीड़ित दोनों को अब प्राथमिकी, पुलिस रिपोर्ट, आरोपपत्र, बयान, स्वीकारोक्ति और अन्य दस्तावेज 14 दिन के भीतर पाने का अधिकार होगा। अदालतें समय रहते न्याय देने के लिए मामले की सुनवाई में अनावश्यक विलंब से बचने के वास्ते अधिकतम दो बार मुकदमे की सुनवाई स्थगित कर सकती हैं। 9. नये कानूनों में सभी राज्य सरकारों के लिए गवाह सुरक्षा योजना लागू करना अनिवार्य है ताकि गवाहों की सुरक्षा व सहयोग सुनिश्चित किया जाए और कानूनी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता व प्रभाव बढ़ाया जाए। 10. अब ‘लैंगिकता’ की परिभाषा में ट्रांसजेंडर भी शामिल हैं जिससे समावेशिता और समानता को बढ़ावा मिलता है। पीड़ित को अधिक सुरक्षा देने तथा दुष्कर्म के किसी अपराध के संबंध में जांच में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए पीड़िता का बयान पुलिस द्वारा ऑडियो-वीडियो माध्यम के जरिए दर्ज किया जाएगा।
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गुरुनानक देव जी की फोटो का राहुल गांधी द्वारा संसद में प्रदर्शन : सिख समाज की आपत्ति

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा अपने उद्बोधन के दौरान गुरु नानक देव जी की फोटो का प्रदर्शन करने पर छत्तीसगढ़ सिख समाज ने विरोध किया है | आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने उद्बोधन के दौरान भगवान शिव, गुरु नानक देव जी, ईसा मसीह, बौद्ध धर्म और जैन धर्म की फोटो दिखाकर सत्ता पक्ष पर धर्म विरोधी होने के आरोप लगाए | छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी की फोटो को राहुल गांधी द्वारा संसद के अंदर अपने राजनीतिक उपयोग के लिए प्रस्तुत कर प्रदर्शन करने का विरोध किया है | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने कहा कि अपने राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी धर्म के गुरु की फोटो का उपयोग करना किसी भी रूप में स्वीकार करने योग्य नहीं है | सांसद हो या बाहर किसी भी चर्चा - परिचर्चा या भाषण में गुरुओं के उपदेशों उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं, उनके बलिदानों के लिए उनके नाम का उपयोग करने पर सिख समाज को कोई आपत्ति नहीं है परंतु उनकी फोटो का धार्मिक कार्यक्रमों के बाहर उपयोग कतई मान्य नहीं है | सत्ता पक्ष और विपक्ष की अपनी आपसी खींचतान, आपसी विवाद और राजनीतिक लड़ाई में श्री गुरु नानक देव जी की फोटो का संसद में प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी सिख समाज से माफी मांगे और यह भी घोषणा करें कि भविष्य में सिखों के किसी भी गुरु की फोटो का उपयोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करेंगे |
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पंडित प्रदीप मिश्रा ने नाक रगड़कर माफी मांगी : राधा रानी पर दिया था विवादित बयान

राधारानी पर दिए बयान के विवाद मामले में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने नाक रगड़कर माफी मांगी है।

 

आपको बता दें कि आज पं. प्रदीप मिश्रा अचानक बरसाना पहुंचे, जहां उन्होंने राधा रानी के सामने नाक रगड़कर माफी मांगी। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि राधा-रानी के दर्शन करने के लिए आज मैं यहां आया हूं। मैं ब्रजवासियों के प्रेम के कारण यहां आया हूं।

पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ हुई थी महापंचायत

पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ मथुरा में महापंचायत में बड़ा फैसला हुआ था। राधा रानी पर दिए बयान को लेकर नाराज संत-महंतों ने बरसाना मानमंदिर में महापंचायत लगाई थी। इसमें फैसला लिया गया था कि पंडित प्रदीप मिश्रा को ब्रज के किसी मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। पंडित प्रदीप मिश्रा अगर माफी मांगने आएंगे तो बिना संत-महंतों की अनुमति के उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा।

राधा रानी पर दिए बयान पर नाराजगी

पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधा रानी को लेकर बयान दिया था। इसे लेकर ब्रज के संत और राधा रानी के भक्त खफा हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा को दंड देने के लिए महापंचायत बुलाई गई थी। इसमें ब्रज के संत-महंत और दूसरे प्रदेशों से आए धर्माचार्य भी शामिल हुए थे। चर्चा के बाद पंडित प्रदीप मिश्रा को ब्रज के मंदिरों में प्रवेश नहीं देने का फैसला लिया गया।

बरसाना आकर माफी मांगने तक जारी रहेगा विरोध

पंडित प्रदीप मिश्रा के राधा रानी को लेकर दिए बयान के बाद वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ने विरोध जताया था। संत रितेश्वर और ज्ञानानंद महाराज ने भी पंडित मिश्रा के बयान का विरोध किया था। बरसाना आकर माफी मांगने तक संत विरोध करते रहेंगे।

पंडित प्रदीप मिश्रा का राधा रानी पर बयान

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि राधा जी बरसाना की नहीं, रावल की रहने वाली थीं। बरसाना में राधा रानी के पिता की कचहरी थी, जहां वे वर्ष में एक बार आती थी। इसलिए उसे बरसाना कहा गया। श्रीकृष्ण की रानियों में कहीं भी राधा का नाम नहीं है। राधा के पति के रूप में कहीं भी श्री कृष्ण के नाम नहीं है। राधा के पति का नाम अनय घोष, उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था।

पंडित प्रदीप मिश्रा पर भड़के थे प्रेमानंद महाराज

पंडित प्रदीप मिश्रा के बयान पर वृंदावन के प्रेमानंद महाराज भड़क गए थे। उन्होंने कहा था कि कभी बरसाना गए हो, कभी देखे हो। तुम क्या जानते हो, तुम कितने ग्रंथ पढ़े हो, सिर्फ चापलूसी संसार वाले को रिझा सकते हो। राधा रानी जी के बारे में ऐसा मत बोलो उनकी शक्ति नहीं जानते हो। तुझे नरक से कोई नहीं बचा सकता। हमें गाली दो तो चलेगा। लेकिन तुम हमारे इष्ट, हमारे गुरु, हमारे धर्म के खिलाफ बोलेगे, उनका अपमान करोगे, तो हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम स्वयं को न्योछावर कर देंगे, तुम्हें बोलने लायक नहीं छोड़ेंगे। जैसा वेद कहते हैं, राधा और श्रीकृष्ण अलग नहीं हैं। तुझे तो शर्म आनी चाहिए।

 

पंडित प्रदीप मिश्रा ने मांगी थी माफी

पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि उन्होंने जो भी कहा शास्त्रों के मुताबिक कहा था। उनके वीडियो को गलत तरीके से काट-छांटकर वायरल किया गया है। प्रेमानंद महाराज को लेकर प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि वे उनके चरणों के दास हैं। अगर वे बुलाते तो प्रदीप मिश्रा दंडवत करते हुए पहुंच जाते और जवाब देकर आते। इसके साथ ही पंडित मिश्रा ने कहा था कि उनके कथन से किसी ही भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो वे क्षमा मांगते हैं।

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प्रधानमंत्री ने जवाबदेही नाम के शब्द से अपने आप को परे कर लिया है : TS Singhdev

*छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री TS Singhdev ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री को जवाब दे ही याद दिलाई* आज दिल्ली हवाई अड्डे पर टर्मिनल 1 की छत गिरने के दर्दनाक हादसे में कई लोगों की मृत्यु हो गई। सभी शोकसंतप्त परिवारों को मेरी संवेदनाएं। जबलपुर से दिल्ली राम मंदिर से प्रगति मैदान टनल हर ओर इंफ्रास्ट्रक्चर या तो leak हो रहा है, या ढह रहा है। हर उद्घाटन को राष्ट्रीय खबर बनाना और दुर्घटना के वक्त छुप जाना - प्रधानमंत्री ने जवाबदेही नाम के शब्द से अपने आप को परे कर लिया है। कब तक भारत की जनता ऐसी गैरजिम्मेदार सरकार की गलतियों का भुगतान करती रहेगी?

 

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लोकसभा के पहले निर्वाचित स्पीकर बने ओम बिड़ला

एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच लोकसभा अध्यक्ष को लेकर आपसी तालमेल न होने के कारण देश के इतिहास में पहली बार लोकसभा स्पीकर का चयन मतदान द्वारा हुआ अभी तक की परंपरा रही थी कि लोकसभा अध्यक्ष आम सहमति से नियुक्त होता रहा है परंतु उक्त परंपरा आज टूट गई 18वीं लोकसभा के लोकसभा अध्यक्ष पहली बार ओम बिरला निर्वचित अध्यक्ष बने हैं | यह भारत के संसदीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है की लोकसभा के स्पीकर मतदान द्वारा निर्वाचित हुए हैं | उल्लेखनीय है कि पिछले कार्यकाल में भी ओम बिरला स्पीकर थे और यह वह लगातार दोबारा स्पीकर बने हैं परंतु इस बार वह निर्वाचित स्पीकर है पिछली बार नॉमिनेट स्पीकर थे | अब बात करते हैं यहां पर विपक्ष की तो विपक्ष को यह मालूम था कि उनके पास लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है और यह बात भी नहीं थी कि एक दो सदस्यों का हेर फेर हो कि अंतरात्मा की आवाज से दो-चार सांसद इधर से उधर हो जाएं और विपक्ष का लोकसभा स्पीकर बन जाए , 57 सदस्यों का अंतर जो स्पष्ट प्रमाण था कि सत्ता पक्ष अर्थात एनडीए का प्रत्याशी ही लोकसभा स्पीकर बनेगा परंतु न जाने क्या सोच कर इंडिया गठबंधन अर्थात विपक्ष ने के सुरेश को विपक्ष की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष के प्रत्याशी के रूप में खड़ा किया? लोकसभा स्पीकर चुनाव में विपक्ष की हर तो हुई ही साथ ही संसदीय इतिहास में विपक्ष पर बिना वजह चुनाव कराकर संसदीय इतिहास में लोकसभा के स्पीकर का चुनाव सर्वसम्मति से होने के इतिहास को ब्रेक करने का आप भी लग गया |

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गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल में क्या है खासियत ?

गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल, नंदनवन रोड, रुंगटा कॉलेज के पास, हाथबंध रायपुर छत्तीसगढ़ गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल जो 8 एकड़ के विशाल क्षेत्र में निर्मित है, स्कूल की भव्य तीन मंजिला इमारत में नर्सरी से दसवीं तक की शिक्षा सीबीएसई पैटर्न पर दी जा रही है | इस स्कूल में 400 के करीब छात्र-छात्राएं इंग्लिश मध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें 28 जरूरतमंद निर्धन छात्र-छात्राओं को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है | पॉल्यूशन फ्री माहौल में आधुनिक तरीके से यहां छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है तथा फीस की बात करें तो बहुत ही कम फीस पर शिक्षा प्रदान कर यह स्कूल देश के विकास में सहभागी बन भागीरथी प्रयास कर रहा है | गुरु गोविंद सिंह खालसा पब्लिक स्कूल में अनुभवी शिक्षकों की एक बड़ी टीम है जो यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के भविष्य को उत्कृष्ट तरीके से ज्ञान उपलब्ध कराती है | इस स्कूल में क्लास वन से ही छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाती है, व्यक्तित्व विकास एवं अंग्रेजी भाषा पर विशेष फोकस किया जाता है, पढ़ने के कौशल में सुधार के लिए पुस्तकालय सुविधा के साथ-साथ विज्ञान के लिए विशेष प्रयोगशालाओं की व्यवस्था बच्चों का ज्ञानवर्धन करने में काफी सहयोगी होती हैं | विशाल हवादार क्लासरूम, बड़ा खेल मैदान, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए आउटडोर खेल मैदान और बगीचा की भी व्यवस्था है, स्मार्ट क्लास यहां की खासियत है बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत एवं उत्कृष्ट परिणाम के कारण यह स्कूल पलकों को हर्ष प्रदान करता है| स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमति योगिता दुबे ने बताया कि स्कूल में एडमिशन लेने वाले बच्चों को फिलहाल इस वर्ष एडमिशन फीस में छूट दी जा रही है | साथ ही मंथली ट्यूशन फीस भी काफी कम है स्कूल में सभी क्लासों के लिए एडमिशन चालू है स्कूल केंपस का निरीक्षण कर अपने बच्चों के भविष्य एवं उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता, उनकी योग्यता को सामने लाने एवं मानसिक विकास के लिए एक बार अवश्य करें |
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बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा मंत्री के पद से भी दिया इस्तीफा

बृजमोहन अग्रवाल ने आज मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया। कैबिनेट बैठक के बाद सीएम विष्णु देव साय को सौंपा त्यागपत्र।

उल्लेखनीय की बृजमोहन अग्रवाल ने 17 जून को विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के निवास में जाकर विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था परंतु उसे समय उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया था शायद वह सोच रहे थे कि वह रायपुर दक्षिण के उपचुनाव तक मंत्री पद पर बने रहेंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ और दो दिनों बाद ही आज कैबिनेट की बैठक के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय को मंत्री पद से इस्तीफा देकर संभावनाओं पर विराम लगा दिया |

विधानसभा सदस्यता और आज मंत्री पद से इस्तीफा के बाद बृजमोहन अग्रवाल पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक कहलाएंगे तथा आज के बाद वह पूरी तरह से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के संसद के रूप में कार्य करेंगे रायपुर लोकसभा की समस्याओं को दिल्ली में रखकर उनके निराकरण के लिए आवाज उठाएंगे |

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सिख ड्राइवर की पगड़ी गिराकर, बाल खींचकर पुलिस द्वारा मारपीट से सिख समाज में रोष

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित अंतरराज्यीय नया बस स्टैंड में विगत 9 जून को रात के समय महिंद्रा ट्रेवल्स के ड्राइवर को पुलिस वालों ने बिना कारण जमकर पीटा, उसकी पगड़ी को फेंक दिया और बाल पकड़कर मारा, सामाजिक गालियां दी और डंडों से उसके हाथ पैर, जांघों और कमर में डंडों से पिटाई की और उठाकर थाने ले गए और लॉकअप में बंद कर दिया | इतने पर भी पुलिस वालों का मन नहीं भरा तो रात को लॉकअप से निकाल कर उक्त ड्राइवर को कैमरे की नजर से बाहर ले जाकर थाने की सीढ़ियों के नीचे बेल्ट मार मार कर उसका पिछवाड़ा लाल कर दिया | पीड़ित सिख व्यक्ति बहादुर सिंह महिंद्रा ट्रेवल्स में ड्राइवर है जो अपनी ड्यूटी के बाद भाटागांव के अंतर राज्य बस अड्डे पर स्थित महिंद्रा ट्रेवल्स के ऑफिस के बाहर सोने की तैयारी कर रहा था तभी वहां तैनात टिकरापारा थाने के दो सिपाही आए और लोगों को पिछवाड़े में डंडा मार मार कर परेशान कर रहे थे | वही दोनों सिपाही जब महिंद्रा ट्रेवल्स के ड्राइवर बहादुर सिंह के पास आए तो उसने उनकी इस अश्लील और बेहूदा हरकत के लिए टोका, बस उसका टोकना ही उसके लिए भारी पड़ गया, दोनों सिपाही उसे पर पिल पड़े, उसकी पगड़ी उतार कर फेंक दी, एक सिपाही ने बहादुर सिंह का जुड़ा पड़कर बाल खींचना शुरू कर दिया और दूसरे ने उसके गले में हाथों का शिकंजा कसकर उसकी गर्दन दबा दी, जब बहादुर सिंह नामक ड्राइवर ने सिपाहियों द्वारा पगड़ी गिराने और बाल पकड़ कर खींचने को लेकर आपत्ति व्यक्त की तो दोनों सिपाहियों ने सामाजिक गालियां देते हुए उसे धमकियां देते हुए डंडों से जमकर मारपीट की | टिकरापारा थाने के दोनों सिपाहियों ने महिंद्रा ट्रेवल्स के ऑफिस के सामने और ऑफिस के अंदर बहादुर सिंह के साथ जबरदस्त मारपीट की और उसे घसीटते हुए मारपीट करते हुए पुलिस गाड़ी में डालकर टिकरापारा थाने ले गए और थाने में भी लाकअप में बंद कर दिया उसका मोबाइल भी छीन लिया, कुछ देर बाद पुन लॉकअप से निकलकर जो कृत्य इन दोनों सिपाहियों ने किया वह गंभीर आपराधिक मामले की श्रेणी में आता है | दोनों सिपाहियों ने बहादुर सिंह के हिप अर्थात पिछवाड़े में बेल्ट और डंडों से जो मारपीट की उसके पिछवाड़े ( hip) को लाल कर दिया जिसके निशान अभी नजर आ रहे हैं भयानक मारपीट के कारण उसे बैठने उठने और पैखाना जाने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ा, इस दौरान दोनों सिपाहियों ने बहादुर सिंह नामक महिंद्रा ट्रेवल्स के सिख ड्राइवर को यह भी धमकी दी की 10 - 15 लड़कों को बुलवाकर तेरे साथ अप्राकृतिक कृत्य करवा देंगे जिसे कानून की धारा में 377 का कृत्य कहा जाता है | पीड़ित बहादुर सिंह के अनुसार उसे बुरी तरह से मारपीट और प्रताड़ित करने के बाद थाना टिकरापारा पुलिस द्वारा धारा 151 के तहत कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया | जेल से छूटने के बाद महिंद्रा ट्रेवल्स के ड्राइवर बहादुर सिंह ने ड्राइवर यूनियन के सामने अपनी फरियाद रखी और ड्राइवर यूनियन ने मिलकर एक लिखित शिकायत जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक को देकर पुलिस सिपाहियों पर कार्यवाही की मांग की | बहादुर सिंह ने सिख समाज को भी पत्र लिखकर पगड़ी गिरकर जुड़ा पड़कर बाल खींच कर धार्मिक - सामाजिक गलियां देने, बिना वजह मारपीट करने के लिए थाना टिकरापारा के दोनों सिपाहियों के खिलाफ जानकारी देकर न्याय की मांग की | बहादुर सिंह की शिकायत प्राप्त होने के बाद समाज ने एक बैठक बुलाकर बहादुर सिंह के साथ टिकरापारा थाने के सिपाहियों द्वारा सिख समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने अर्थात पगड़ी गिरने और केस अर्थात बाल खींचकर अपमानित करने को गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर दोनों सिपाहियों पर धार्मिक भावनाओं के साथ छेड़छाड़ एवं खिलवाड़ करने की धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की जाएगी | सिख समाज के सभी गुरुद्वारों के प्रधान सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में 14 जून को शाम 5:00 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे |
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बलौदा बाजार अग्निकांड में कांग्रेस का हाथ - मंत्रियों ने किया खुलासा

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के कलेक्टर कार्यालय को आग के हवाले करने के मामले में छत्तीसगढ़ शासन के तीन मंत्रियों ने आज पत्रकार वार्ता लेकर मीडिया के सामने खुलासा किया है कि इस अग्निकांड में कांग्रेस का हाथ है | रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री टंक राम वर्मा, मंत्री दयाल दास बघेल एवं मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में खुलासा किया कि बलोदा बाजार शासकीय कार्यालय में हुए अग्निकांड में कांग्रेस के विधायकों का हाथ है | मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा की विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रमाणों में स्पष्ट नजर आ रहा है कि विधायक देवेंद्र यादव एवं एक महिला विधायक मंच पर विराजमान है, मंत्री दयाल दास बघेल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि एक षड्यंत्र के तहत कांग्रेस ने सतनामी समाज को उकसाने का काम किया है, मंत्री दयाल दास बघेल ने यह भी कहा कि 15 हजार लोगों के लिए खाने की व्यवस्था वहां की गई थी और इसमें अधिकांश लोग बाहरी व्यक्ति थे | इस घटना में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की संख्या के बारे में मंत्री ने स्पष्ट तौर पर तो नहीं बताया परंतु यह जरूर कहा कि किसी को बक्शा नहीं जाएगा न्यायिक जांच के आदेश मुख्यमंत्री द्वारा दे दिए गए हैं और इस आगजनी में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आरोपियों से की जाएगी | अब देखने वाली बात यह है कि इस बड़े अग्निकांड के लिए कब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और मंत्रियों द्वारा जो आरोप कांग्रेसी विधायकों पर लगाए गए हैं उनकी गिरफ्तारी कब तक हो पाती है ? पत्रकार वार्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के भाजपाई मंत्रियों ने कांग्रेस के विधायकों के नाम के साथ उन पर इस अग्निकांड और तोड़फोड़ के आरोप लगाकर कांग्रेस को घेरे में लिया है| यहां यह बताना भी जरूरी है कि छत्तीसगढ़ शासन के तीन-तीन मंत्रियों ने पत्रकार वार्ता में यह कबूल किया है कि 15000 की संख्या से ज्यादा आंदोलनकारी वहां एकत्रित हो गए थे, वहां एक बहुत बड़ा पंडाल लगाकर 15 हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की गई थी | अब सवाल यह उठता है कि जब वहां आंदोलन होना था और 15000 लोगों के खाने की व्यवस्था आयोजनों द्वारा की गई थी और यह आयोजक कौन थे यह तो शासन को पहले से पता होना चाहिए था ? साथ ही 15000 की संख्या से ज्यादा आंदोलनकारी वहां क्या करने वाले थे इस मामले में मंत्रियों के पास कोई जवाब नहीं था | जब उनसे पूछा गया कि राज्य सरकार का सूचना तंत्र इस बात को जान क्यों नहीं पाया ? समय रहते राज्य सरकार के सूचना तंत्र ने अधिकारियों और मंत्रियों सहित मुख्यमंत्री को कुछ अनहोनी होने की घटना का अंदेशा क्यों नहीं व्यक्त किया ? तो मंत्री दयाल दास बघेल ने गोलमोल जवाब देकर सवाल को टाल दिया | अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह न्यायिक जांच कब तक पूरी होती है ? और तब तक सतनामी समाज को शासन प्रशासन किस तरह संतुष्ट कर पाएगा ? साथ ही इस घटना में लिप्त गिरफ्तार आरोपियों पर किस प्रकार की धाराएं लगाई जाएगी ? और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी ?
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बिलासपुर के सांसद तोखन साहू बनेंगे केंद्रीय मंत्री

*बिग ब्रेकिंग* बिलासपुर सांसद तोखन साहू बनेंगे छत्तीसगढ़ से मंत्री पहली बार बने सांसद -  बनेंगे केंद्रीय मंत्री

पंच से तय किया संसद तक का सफर बिलासपुर से भाजपा के सांसद चुने गए हैं तोखन साहू

रायपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में छत्तीसगढ़ से बिलासपुर के सांसद तोखन साहू को स्थान मिला है. शपथ ग्रहण से पहले तोखन साहू को पीएमओ से फोन आने की बात की जानकारी मिलते ही दिल्ली में भाजपा नेताओं ने तोखन साहू को बधाइयां देनी शुरू कर दी है,

 

लोकसभा चुनाव 2024 में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद एनडीए गठबंधन सरकार बनाने के लिए तैयार है। नरेंद्र मोदी को गठबंधन का नेता चुन लिया गया है और वह आज रविवार शाम 7:15 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे और उनके साथ 41 अन्य सांसद भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। संभावना है कि तोखन साहू स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

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