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बस्तर के विकास की दिशा में एक और अहम कदम,मुख्यमंत्री साय की केंद्रीय जलशक्ति मंत्री से मुलाकात
नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ की जल संसाधन परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर अंचल की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।
इससे 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बस्तर की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि बस्तर अब नक्सल प्रभाव से काफी हद तक मुक्त हो चुका है, और वहां विकास के लिए अनुकूल वातावरण बन चुका है।
वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है कि यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में आए। उन्होंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की दिशा में आवश्यक पहल करे। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए परियोजना के प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र मूर्त रूप लेगी और बस्तर की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का सशक्त आधार बनेगी।
विद्यार्थियों के जीवन में एक नई दिशा और चेतना का आरंभ है ज्ञानदीक्षा संस्कार - डॉ चिन्मय पण्ड्या
कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को किया दीक्षित
हरिद्वार 22 जुलाई
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुज में मंगलवार को 45वां ज्ञान दीक्षा संस्कार समारोह अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ यूपीईएस के कुलाधिपति डॉ सुनील राय, कुलपति श्री शरद पारधी एवं प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। ज्ञानदीक्षा समारोह में बिहार, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, गुजरात, केरल, उप्र, उत्तराखण्ड, राजस्थान आदि राज्यों तथा नेपाल सहित कई देशों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
समारोह के मुख्य अतिथि बाबा मस्तनाथ विवि रोहतक के कुलाधिपति महंत बालकनाथ योगी ने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और अध्यात्म को समान रूप से महत्व दिया जाता है। यहाँ का वातावरण विद्यार्थियों को समग्र विकास की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि यह समय नये युग के लिए कदम बढ़ाने का अवसर है। यहाँ प्राप्त सद्ज्ञान के प्रकाश तथा भारत के वैभव, संस्कृति को विश्व भर में फैलायेंगे, ऐसा विश्वास है। श्री योगी व्यक्ति के जीवन का मूल मंत्र को जानने, समझने के लिए विविध उपाय सुझाया।
युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि ज्ञान दीक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में एक नई दिशा और चेतना का आरंभ है। यह संस्कार उन्हें विश्वविद्यालय के आदर्शों, अनुशासन और सेवा परंपरा से जोड़ता है। युवा आइकॉन ने कहा कि जीवन में जब भगवान आते हैं, तो सौभाग्य का अवतरण होता है और जो भगवान के सहयोगी बनते हैं, उनका नाम ही अमर होता है। कबीर, सुरदास, पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी आदि इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है। पेट्रोलियम एवं उर्जा अध्ययन विवि के कुलाधिपति डॉ सुनील राय ने श्रद्धा, प्रसन्नता और रूपरेखा को मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया। इससे पूर्व कुलपति श्री शरद पारधी ने समारोह में उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगीगण का स्वागत किया।
इस अवसर पर देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या स्नातक, परास्तानक एवं पीएचडी के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं से वर्चुअल जुड़े और वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधिपूर्वक ज्ञान दीक्षा प्रदान की।
समारोह की शुरुआत वैदिक मंगलाचरण के साथ प्रज्ञागीत से हुआ, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया। दीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों, सेवा-भावना एवं भारतीय संस्कृति के आदर्शों का बोध कराया गया। इस दौरान युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या ने अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर, युगसाहित्य एवं विवि के प्रतीक चिह्न आदि भेंटकर सम्मानित किया। अतिथियों ने रेनांसा, अनाहद पत्रिका का विमोचन किया। इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री योगेन्द्र गिरि, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, अभिभावक तथा छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरी मानवता के लिए नवचेतना का सूर्योदय : डॉ. चिन्मय पण्ड्या,शांतिकुंज की टीम भारत सहित 25 देशों में चलाएगी सघन जनसंपर्क अभियान
हरिद्वार, 20 जुलाई।
देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति एवं युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय पूरी मानवता के लिए आध्यात्मिक नवचेतना के सूर्योदय का संकेत दे रहा है। जैसे मुर्गा भोर की सूचना देता है, वैसे ही हमें समाज में आशा, प्रेरणा और जागरूकता का संदेश फैलाना है।
वे माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा अखण्ड दीपक प्रकाट्य के शताब्दी वर्ष (2026) के अंतर्गत योजनाओं की जानकारी हेतु आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। इस ऑनलाइन बैठक में भारत सहित इटली, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, फिजी, मॉरिशस समेत 25 देशों के गायत्री परिजनों ने भाग लिया।
डॉ. पण्ड्या ने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष का प्रथम आयोजन जनवरी 2026 में तथा द्वितीय आयोजन नवंबर 2026 में शांतिकुंज, हरिद्वार में होगा। इसके साथ-साथ वर्ष 2030 तक प्रतिवर्ष आयोजन किए जाएंगे।
इस उपलक्ष्य में देश-विदेश में जन्मशताब्दी ज्योति कलश यात्राएँ निकाली जा रही हैं। भारत के अलावा दुबई, सिंगापुर, इंग्लैंड, कनाडा, लिथुआनिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से ये कलश यात्राएँ जनवरी 2026 में हरिद्वार लौटेंगी। इसके बाद वियतनाम, हांगकांग जैसे देशों में भी यात्राएँ भेजी जाएंगी, जहाँ अब तक यह संदेश नहीं पहुँच सका है।
डॉ. पण्ड्या ने अखण्ड ज्योति के प्रतिनिधियों के रूप में प्रत्येक गायत्री परिजन से समाज में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान समय की माँग के अनुसार व्यवस्थित, संगठित और समर्पित प्रयास करने होंगे।
कार्यक्रम विभाग के समन्वयक श्री श्याम बिहारी दुबे ने जानकारी दी कि शांतिकुंज से जल्द ही 52 जनसंपर्क टोलियाँ भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जाएंगी। प्रत्येक टोली में 3-4 प्रतिनिधि होंगे, जो घर-घर जाकर जन्मशताब्दी वर्ष के संदेश को पहुँचाएँगे।
विदेशों के लिए कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, जापान, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात सहित 25 देशों हेतु अलग टीमें गठित की गई हैं, जो भारतीय संस्कृति एवं अध्यात्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ जन्मशताब्दी वर्ष की ज्योति वहाँ तक पहुँचाएँगी।
*पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने किया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन*
साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे जागरूकता कैंप
पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने किया साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं को सभी तरह के साइबर क्राइम से बचाने, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की जानकारी के माध्यम से जागरूक कर ठगी से बचने और साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने कैंप लगाकर इस अभियान की शुरुआत कर रहा है |
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा साइबर क्राइम जागरूकता अभियान का एक पोस्टर जारी किया गया है जिसका विमोचन रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरीश कुमार मिश्रा ने किया | इस जन जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्र- छात्राओं को साइबर क्राइम से बचने की जानकारी देकर उन्हें अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ-साथ अपने जान पहचान वालों, मोहल्ले के दुकानदारों, सब्जी वालों तक ठगों की जानकारी पहुंचाकर उन्हें साइबर ठगी से बचाने में सहयोगी बनने की भूमिका के लिए तैयार करना है। । छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने बताया कि हर सप्ताह शहर के प्रमुख स्कूलों में साइबर क्राइम जागरूकता कैंप लगाया जाएगा, जिसके तहत 3 जनवरी को खालसा स्कूल में इस साइबर क्राइम जागरूकता कैंप की शुरुआत की जा रही है| *इस साइबर क्राइम जागरूकता अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस का भी रहेगा योगदान |* छत्तीसगढ़ सिख समाज के साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन करते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का यह अभियान सराहनीय है, छत्तीसगढ़ पुलिस आपके इस अभियान में आपके साथ है | साइबर क्राइम जागरूकता अभियान के पोस्टर विमोचन के दौरान छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम सिंह मक्कड़ और सुरजीत सिंह छाबड़ा उपस्थित रहे | सुखबीर सिंह सिंघोत्रा प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज मो. 9301094242
पनीर ना खरीदे - सेहत खराब हो जाएगी
कृष्णा पब्लिक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ 420 सहित अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज
पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह के निधन पर छत्तीसगढ़ सिख समाज की श्रद्धांजलि , की अरदास
श्री गुरु गोविंद सिंह के वीर साहिबजादों के अमर बलिदान की कहानी छत्तीसगढ़ के स्कूली पाठ्यक्रम में होगी शामिल
वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा - साहिबजादों के बलिदान की कहानी युवा पीढ़ी को साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी
मुख्यमंत्री वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल
रायपुर, 26 दिसम्बर 2024

गुरु गोविंद सिंह जी के वीर साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अमर बलिदान की कहानी अब छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाएगी। वीर साहिबजादों के वीरता की यह कहानी देश के युवाओं को साहस के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वीर बाल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित बौद्धिक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह और वीर साहिबजादों का पुण्य स्मरण कर कहा कि हमें उनकी शिक्षाओं को अपनाना चाहिए और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीर साहिबजादों के जीवनी पर आधारित एनिमेटेड फिल्म भी देखी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की रक्षा के लिए सिख गुरुओं के त्याग की महान सिख परंपरा की याद दिलाता है। हमें ऐसे महान वीर सपूतों की प्रेरक कहानियां अपने बच्चों और समाज को बतानी चाहिए। उन्होंने श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह जी की शहादत को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। श्री साय ने कहा कि भारत की प्रत्येक पीढ़ी गुरु गोविंद सिंह जी एवं उनके साहेबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगी। देश के लिए जीना और देश के लिए जरुरत पड़ने पर अपने प्राणों की आहुति देने की प्रेरणा हमें वीर बाल दिवस से मिलती है। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता का भी स्मरण कराता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समाज को तोड़ने वाली ताकतें हर दौर में सक्रिय रहती हैं। लेकिन श्री गुरुगोविंद सिंह और उनके साहेबजादों बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जैसे वीर जिस धरती पर जन्म लेंगे उसकी ओर कोई आंख उठाकर भी नहीं देख सकता। उन्होंने कहा कि बाबा जोरावार सिंह जी और बाबा फतेह सिंह किसी एक धर्म या पंथ के लिए प्रेरणास्रोत नहीं हैं। वह संपूर्ण भारत के लिए अनुकरणीय हैं। श्री साय ने कहा कि भारत का चरित्र मूल रूप से सामाजिक समरसता का रहा है। हमारे देश में कट्टरता और उन्माद को कभी जगह नहीं मिली। हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ उसका सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। हमने विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया है। यह संकल्प सामाजिक समरसता से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तो देशभर में अपनी सामाजिक समरसता, शांति और सौहार्द्र के लिए जाना जाता है। इसकी जड़ों को और गहरा करना होगा।
वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता श्री प्रेम शंकर सिदार ने कहा कि भारत एक धर्म प्राण देश है। जब देश मे अन्याय बढ़ता है तो यहां के महापुरुष रक्षा के लिए खड़े हो जाते हैं। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी दुनिया के सबसे कम उम्र के बलिदानी हैं। वे मृत्यु के सामने भी धर्म पर अडिग रहे। उन्होंने कहा कि भारत की जीवनी शक्ति इसकी आत्मा है। देश के महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है कि हमें देश को संभाल के रखना है। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी को उनकी माता ने उनके बुजुर्गों के बलिदान की कहानी सुनाई थी। मृत्यु भी जीत है ये सन्देश इन बच्चों ने अपने बलिदान से दिया। श्री सिदार ने कहा कि भारत के घर-घर में इन प्रसंगों की चर्चा होनी चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी को इनसे प्रेरणा मिले।
इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री किरण देव, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री पवन साय, श्री परमिन्दर सिंह भाटिया, ज्ञानी बाज सिंह जी, श्री भूपेश सवन्नी, सिख समाज के अनुयायी, प्रबुद्ध नागरिकगण और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ की पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगा चार साहेबजादो के बलिदान का इतिहास
कौन है चार साहबजादे? क्यों मनाया जाता है वीर बाल दिवस ? सभी का जानना आवश्यक
प्रधानमंत्री 26 दिसंबर को नई दिल्ली में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे
प्रधानमंत्री 26 दिसंबर को नई दिल्ली में वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे
प्रधानमंत्री 'सुपोषित पंचायत अभियान' का शुभारंभ करेंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 26 दिसंबर 2024 को दोपहर करीब 12 बजे को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बच्चों को देश के भविष्य की नींव के रूप में सम्मानित करने वाले एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम, ‘वीर बाल दिवस’ में शामिल होंगे। इस मौके पर, वो उपस्थित लोगो को संबोधित भी करेंगे।
प्रधानमंत्री 'सुपोषित पंचायत अभियान' का शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य पोषण संबंधी सेवाओं के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करके और सक्रिय सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करके पोषण संबंधी परिणामों और कल्याण में सुधार करना है।
युवा लोगो को जोड़ने, इस दिन के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और राष्ट्र के प्रति साहस और समर्पण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए देशभर में कई पहलें भी शुरू की जाएंगी। माईगव और माई भारत पोर्टल के जरीये इंटरैक्टिव क्विज़ सहित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। विद्यालयों, बाल देखभाल संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कहानी सुनाना, रचनात्मक लेखन, पोस्टर बनाना जैसी दिलचस्प गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (पीएमआरबीपी) के पुरस्कार विजेता भी मौजूद रहेंगे।
चार साहेबजादों की शहीदी को समर्पित समाज की साइकिल यात्रा
तेरा सेवादल द्वारा हर साल चार साहेब जादों की शहादत कि याद में श्री गुरुद्वारा स्टेशन रोङ रायपुर से दुर्ग श्री गुरुद्वारा धन धन बाबा दिप सिंग जी गुरुद्वारा साहेब तक सायकल यात्रा निकाली गई

सुबह 8•30 हेङग्रंथी दया सिंग द्वारा अरदास कर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंग छाबङा व तेरा तेरा सेवादल के अध्यक्ष बलविंदर सिंग कलसी तेजिंदर सिंग होरा इंदरजीत सिंग छाबङा ने झंङी दिखा कर यात्रा को रवाना किया जिसमें 8 साल के बच्चों से लेकर बङे लोग भी सामिल थे यात्रा के आगे ट्रक में ङिजे में चार साहेब जादों कि याद में शहीदी के शबद के सांथ लगभग 250 बच्चों ने हिस्सा लिया यात्रा 4•30 को दुर्ग शिवनाथ नदी गुरुद्वारा श्री बाबा दिप सिंग पहुंचकर समाप्त हुई व वापसी ट्रकों से हुई
साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे कैंप
युवक - युवतियों सहित परिवारों को स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यापार, नौकरी के साथ-साथ निशुल्क कानूनी हेल्प साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे जागरुकता कैंप छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की एक आवश्यक बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में सिक्ख समाज के सभी जरूरतमंद युवक -यूतियों, बच्चों - बुजुर्गों सहित जरूरतमंद परिवारों को जिन्हें जिस तरह की भी सहायता की आवश्यकता है वह छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज से संपर्क करें । छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज जरूरतमंद सभी सिक्खों की आवश्यकताओं जरूरतों को पूरा करेगा, उन्हें पग - पग पर हर तरह की मदद करेगा, समाज के युवक - युवतियों सहित परिवारों को स्वास्थ्य, पढ़ाई, व्यापार, नौकरी के साथ-साथ कानूनी हेल्प भी करेगा। बच्चों को सिक्ख इतिहास, गुरुओं के बलिदान की भी जानकारी देकर देश धर्म सहित देश प्रेम के प्रति जागरूक करेगा। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने प्रदेश के सभी जरूरतमंद परिवारों से आग्रह किया है कि उनके दुख परेशानियों और बच्चों के भविष्य के लिए समाज हमेशा तत्पर रहेगा, किसी भी परेशानी, आवश्यकता के लिए जरूरतमंद 9301094242 - Email : sukhbir94242@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने राजधानी के सभी स्कूलों में लगाए जाएंगे कैंप छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा साइबर क्राइम पर नियंत्रण पाने के लिए राजधानी के सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाने, मोबाइल के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देकर जागरूक करने कैंप लगाए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राएं इसकी जानकारी अपने माता-पिता, रिश्तेदारों, पड़ोसियों के साथ-साथ अपने जान पहचान वालों, मोहल्ले के दुकानदारों, सब्जी वालों को भी देकर उन्हें साइबर ठगी से बचाने में सहयोगी बनने की भूमिका के लिए तैयार करेगा। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज की इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंघोत्रा, इंदरवीर सिंह कोहली, कुलदीप सिंह मोंगा, आतम सिंह मक्कड़, बलविंदर सिंह सैनी, सुखदेव सिंह मेहरा, जसपाल सिंह नागर, सनी नागर के अलावा समाज के महान कीर्तनकार बाज सिंह, ज्ञानी बलविंदर सिंह उपस्थित रहे।
आईपीएस जीपी सिंह ने दी ज्वाइनिंग : सिनियारिटी का मिलेगा लाभ
डीजीपी की रेस हो गई रोमांचक
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपनी सेवा पुनः प्रारंभ की
केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी होने के बाद उन्होंने यह ज्वाइनिंग दी है।
IPS जीपी सिंह का बहाली आदेश केंद्र सरकार के बाद अब एडीजी जीपी सिंह को राज्य सरकार ने भी बहाल कर दिया है
रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाद राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी करने के बाद एक दिन बाद आईपीएस जीपी सिंह ने ज्वाइनिंग दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश में डीजीपी की रेस भी रोमांचक हो गई है। तमाम बाधाओं के बावजूद इस रेस में एक बार फिर से जीपी सिंह शामिल हो गए हैं। हालांकि, आखिरी निर्णय राज्य सरकार का होगा। कल जारी हुआ था IPS जीपी सिंह का बहाली आदेश केंद्र सरकार के बाद अब एडीजी जीपी सिंह को राज्य सरकार ने भी बहाल कर दिया है। गुरुवार को गृह विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया। जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग केस में कार्रवाई की गई थी। नौकरी मिलते ही जीपी सिंह डीजी की रेस में भी शामिल हो गए हैं। इससे पहले 12 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आदेश केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के निर्णय के आधार पर दिया था। 20 जुलाई 2023 को जारी निलंबन आदेश को रद्द करते हुए उन्हें उसी दिनांक से फिर से उनके पद पर बहाल किया था।
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अपनी सेवा पुनः प्रारंभ की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह मंत्रालय द्वारा बहाली आदेश जारी होने के बाद, उन्होंने यह ज्वाइनिंग दी है। उनकी पुनः नियुक्ति के साथ ही, प्रदेश में पुलिस महानिदेशक (DGP) पद की दौड़ में एक नया मोड़ आ गया है, और जीपी सिंह इस पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल हो गए हैं। हालांकि अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया जाएगा। इस घटनाक्रम से प्रदेश की पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं, और उच्च पदों पर नियुक्तियों में अनेक बदलाव होने की संभावनाएं है |
बूढ़ा तालाब में तीन एजेंसियों ने किया घोटाला : सदन में मंत्री जवाब नहीं दे पाए
अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से नक्सलियों में खलबली, 25 लाख के इनामी 5 सरेंडर, बस्तर में 9 गिरफ्तार
रायपुर :- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड मैदान में पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ सम्मान प्रदान किया गया। अमित शाह कल जगदलपुर में नक्सल प्रभावित इलाको में जाएंगे और जवानों का हौंसला बढ़ाएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर है। इस बीच, सुकमा से बड़ी खबर है। अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले 9 नक्सली गिरफ्तार किए गए हैं। विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है।
जानकारी के मुताबिक, जवान जब सर्चिंग पर निकले थे, तभी इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। एसपी किरण चव्हाण ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, एक नक्सली दम्पति समेत 5 हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें एक महिला व एक पुरुष नक्सली पर 8-8 लाख का इनाम घोषित है। कुल 25 लाख के इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति का निशान
इस बीच, अपने दौरे के पहले दिन रविवार को अमित शाह ने रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड मैदान में ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ प्रदान किया। सशस्त्र बलों और पुलिस संगठनों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और अनुकरणीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए मिलने वाला ‘राष्ट्रपति का निशान (प्रेसिडेंट्स कलर्स)’ देश का सर्वोच्च सम्मान है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस को यह गौरव प्रदान किया गया है। यह सम्मान राज्य पुलिस के उन अद्वितीय प्रयासों और उपलब्धियों को मान्यता देता है, जो उन्होंने नक्सलवाद और अन्य चुनौतियों से निपटने में हासिल की हैं।
