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भाजपा ने मान लिया कि वो राजनांदगांव सीट हार रही है इसीलिए राजनीति से प्रेरित एफ़आईआर दर्ज की गई - भूपेश बघेल
अपराधियों के जिन बयानों को ईडी ने आधार बनाया है उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है
जो भाजपा छापे डलवा कर चंदा लेती है वह भ्रष्टाचार की बात किस मुंह से कर रही है ?
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि :-
रायपुर : आज भारतीय जनता पार्टी ने स्वीकार कर लिया कि वो राजनांदगांव संसदीय सीट हार रही है इसीलिए ईओडब्लू ने मेरे ख़लिफ़ महादेव ऐप मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
भाजपा मान रही है कि मेरी वजह से छत्तीसगढ़ की बाक़ी सीटों पर भी चुनाव परिणामों पर असर पड़ेगा इसीलिए मुझे बेवजह बदनाम करने का षडयंत्र रच रही है।
इसके लिए भाजपा अपने चरित्र के अनुरूप केंद्रीय एजेंसी ईडी और राज्य की एजेंसी ईओडब्लू का हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
एफ़आईआर में मेरा नाम जिस तरह से शामिल किया गया है वह क़ानूनी रूप से ग़लत है और यह दर्शाता है कि मेरा नाम सिर्फ़ राजनीतिक कारणों से शामिल किया गया है।
मेरे मुख्यमंत्रित्व काल में ही महादेव ऐप की जांच शुरु हुई थी और गिरफ़्तारियों का सिलसिला शुरु हुआ था।
महादेव ऐप की तरह की सट्टेबाज़ी को रोकने के लिए 2022 में हमने जुआ और सट्टा अधिनियम में परिवर्तन भी किया था।
हमने ही महादेव ऐप के संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के ख़लिफ़ एलओसी यानी लुक आउट सर्कुलर जारी किया था।
हमने ही गूगल को पत्र लिखकर महादेव ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाया था।
कांग्रेस की सरकार ने कार्रवाई शुरु की और हम पर ही इसे संरक्षण देने का आरोप लगाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि यह भाजपा के चरित्र को भी दिखाता है।
यह आरोप वह भाजपा लगा रही है जिसने ‘चंदा दो धंधा लो’ और ‘हफ़्ता वसूली अभियान’ के तहत हज़ारों करोड़ का चुनावी बॉण्ड अपने खाते में जमा करवाए।
यह वही भाजपा है कि जिसमें देश के सबसे बड़े लॉटरी का धंधा करने वाली कंपनी फ़्यूचर गेमिंग से 1368 करोड़ रुपए चुनावी चंदे के रूप में लिए हैं।
एक बड़ा सवाल यह है कि पहले को मेरी सरकार पर महादेव ऐप को संरक्षण देने का आरोप था. पर महादेव ऐप तो अभी भी चल रहा है तो सवाल यह है कि हमारी सरकार हटने के बाद इसे कौन संरक्षण देता रहा, नरेंद्र मोदी की सरकार या विष्णुदेव साय की सरकार ?
एफ़आईआर में जबरन नाम डाला गया :
एफ़आईआर की जो कॉपी मुझे मिली है उसके अनुसार यह एफ़आईआर चार मार्च को रायपुर में दर्ज की गई है।
लेकिन इसे जारी किया गया दिल्ली में आज यानी 17 मार्च को।
आमतौर पर एफ़आईआर तुरंत ही सार्वजनिक कर दी जाती है तो क्यों इसे छिपा कर रखा गया और क्यों इसे दिल्ली से जारी किया गया ?
एक इससे स्पष्ट होता है कि राजनीतिक उद्देश्य से ही यह एफ़आईआर की गई है।
जिस समय एफ़आईआर दर्ज की गई वह वही समय था जब मेरा नाम राजनांदगांव से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के रूप में अख़बारों और टेलीविज़न चैनलों में आ रहा था।
ज़ाहिर है कि इसी से डरकर भाजपा ने आनन फ़ानन में एफ़आईआर में मेरा नाम डालने की साज़िश रची।
मैं कह रहा हूं कि मेरा नाम एफ़आईआर में जबरन डाला गया क्योंकि एफ़आईआर के साथ जो विवरण दिए गए हैं, उसमें मेरा नाम कहीं नहीं है।
ऐसा कोई विवरण एफ़आईआर में नहीं है जिससे यह साबित हो कि महादेव ऐप के संचालकों को संरक्षण देने में मेरी कोई भूमिका थी।
इस एफ़आईआर में कहा गया है कि ‘वैधानिक कार्रवाई को रोकने के लिए विभिन्न पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त किया गया’. अब सवाल यह है कि जब इन विभिन्न लोगों में किसी का नाम नहीं है तो छत्तीसगढ़ पुलिस को मेरा ही नाम दर्ज करने की क्यों सूझी ?
अगर ईओडब्लू के पास इन विभिन्न लोगों के नाम थे तो उनके नाम एफ़आईआर में क्यों नहीं हैं ?
और अगर मेरा नाम है तो विभिन्न लोगों के नाम क्यों नहीं हैं ?
बयानों से खुली ईडी की पोल :
विधानसभा चुनाव के दौरान दो बयानों के आधार पर ईडी ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की थी और मेरा नाम उसमें घसीट लिया था।
इसमें एक नाम असीम दास नाम के व्यक्ति का था और दूसरा नाम शुभम सोनी नाम के किसी व्यक्ति का है।
असीम दास के पास से कथित रुप से करोड़ों रुपए बरामद हुए थे और ईडी के अनुसार उसने यह बयान दिया था कि वह पैसा किसी राजनीतिक व्यक्ति के पास जाना था।
बाद में इसी असीम दास ने अदालत में ईडी को दिया अपना बयान वापस ले लिया और विवरण दिया कि उसे इस जाल में किस तरह से फंसाया गया।
यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि पैसों के साथ जो कार पकड़ी गई वह भाजपा नेता अमर अग्रवाल के भाई की थी और उसकी फ़ोटो रमन सिंह और प्रेम प्रकाश पांडे के साथ मिली हैं।
दूसरा बयान शुभम सोनी नाम के व्यक्ति का है, जो अपने आपको महादेव ऐप का असली संचालक बताता है।
इस शुभम सोनी का एक वीडियो बयान अज्ञात सूत्रों के हवाले से जारी किया गया था. यह बयान किसने दिया यह अब तक स्पष्ट नहीं है पर इसे भाजपा के कार्यालय में चलाकर मीडिया को दिखाया गया था।
शुभम सोनी ने कथित तौर पर दुबई के काउंसलेट जनरल के सामने अपना बयान दिया था. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सामने प्रस्तुत एक दस्तावेज़ में काउंसलेट जनरल ने लिख दिया है कि वह इस बयान की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।
सवाल यह है कि जब दोनों ही बयान प्रामाणिक नहीं हैं तो किस आधार पर ईडी मेरा नाम इस मामले से जोड़ने की कोशिश कर रही है ?
सूप बोले तो बोले छन्नी क्या बोले जिसमें छप्पन छेद :
सुप्रीम कोर्ट की फ़टकार के बाद एसबीआई को चुनावी बॉण्ड के विवरण जारी करने पड़े।
इस विवरण से पता चलता है कि देश की कम से कम 14 कंपनियां ऐसी हैं जिन पर ईडी, आईटी या सीबीआई के छापे पड़े और इसके बाद कार्रवाई को रोकने के लिए भाजपा ने सैकड़ों करोड़ की राशि चुनावी बॉण्ड के माध्यम से ली।
ईडी, आईटी और सीबीआई का डर दिखाकर कितने ही लोगों को भाजपा में शामिल कर लिया गया और भ्रष्टाचार के मामलों को भाजपा ने रफ़ा दफ़ा कर दिया।
यह वही भाजपा है जिसने ऑन लाइन सट्टे को क़ानूनी रुप दे दिया है और उस पर बाक़ायदा 28 प्रतिशत जीएसटी और चार प्रतिशत सरचार्ज वसूल रही है।
केंद्र में भाजपा की सरकार है और महादेव ऐप के संचालकों को दुबई से गिरफ़्तार करके लाने का काम केंद्र की सरकार ही कर सकती है. तो क्यों वह संचालकों को गिरफ़्तार नहीं कर रही है ?
यदि शुभम सोनी दुबई के काउंसलेट जनरल के सामने बयान देने हाज़िर हुआ था तो उसे गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया।
कहीं भाजपा महादेव ऐप के संचालकों से चुनावी चंदा वसूल करके संचालकों को क्लीन चिट देने के फ़िराक में तो नहीं है
भूपेश बघेल डरने वाला नहीं है :
अगर भाजपा को लगता है कि मेरा नाम एफ़आईआर में डालकर वह मुझे डरा लेगी या मेरी राजनीति को प्रभावित कर लेगी तो उसे भ्रम में नहीं रहना चाहिए।
पहले भी भाजपा ऐसा करके देख चुकी है. अगर उसका हश्र भाजपा को याद नहीं है तो कांग्रेस के हमारे सिपाही फिर से याद दिलाने को तैयार हैं।
न मैं डरने वाला हूं और न मैदान से हटने वाला हूं।
इसके लिए जो भी राजनीतिक और क़ानूनी क़दम उठाने हैं वो मैं उठाउंगा।
शोकॉज नोटिस जारी: कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण,नदारद मिले 14 में 10 कर्मचारी,फिर जो हुआ...
बिलासपुर/ शासकीय कार्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय का निरीक्षण किया। करीब साढ़े 10 बजे कलेक्टर ने ओल्ड कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी कार्यालय में दबिश दी। उपस्थिति पंजी में दर्ज कुल 14 कर्मचारियों में से 10 कर्मचारी नदारद पाये गये।
परियोजना अधिकारी दीप्ति पटेल स्वयं इस समय तक कार्यालय नहीं पहंुची थी। किसी का अवकाश आवेदन भी नहीं था। कलेक्टर ने अनुपस्थित 10 कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होने के लिए शो कॉज नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।अनुपस्थित अधिकारी कर्मचारियों में परियोजना अधिकारी श्रीमती दीप्ति पटेल, कार्यालय अधीक्षक आरपी परिहार, सहायक ग्रेड दो अनिल मिश्रा, सहायक ग्रेड दो जीआर साहू, सुपरवाईजर श्रीमती पूर्णिमा उपाध्याय, सुपरवाईजर श्रीमती स्वधा पाण्डे, सहायक ग्रेड तीन श्रीमती अंजना वासिंग, भृत्य दुर्गेश सिंह एवं ज्वाला सिंह शामिल हैं। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी तारकेश्वर सिन्हा को कार्यालय की व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं।
BREAKING : हैवानियत की सारी हदें पार; नाबालिग ने तीन साल की मासूम को बाथरूम में ले जाकर किया दुष्कर्म..अस्पताल में हुई मौत
बिलासपुर : सिरगिट्टी थाना इलाके में शर्मसार कर देने वाली घटना समाने आई है। वहशी दरिंदे ने 3 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया है। वहीं मासूम को गंभीर हालत में सिम्स में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।शर्मसार करने वाली यह वारदात रविवार को सिरगिट्टी थाना इलाके में हुई है, जहां एक अज्ञात आरोपी ने 3 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया है। दिल को झकझोर देने वाली इस घटना से क्षेत्र के लोगों में खासा आक्रोश है, बताया जा रहा है कि आरोपी भी नाबालिग है जिसकी उम्र 15-16 साल की है।
बच्ची का परिवार आरोपी के घर किराए से रहता है। मकान मालिक के बेटे ने करीब 6 बजे बच्ची को बाथरूम में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया है। बाथरूम से जब बच्ची खून से लथपथ रोते हुए निकली तो उसकी मां ने देखा। घबराई मां बच्ची को तुरंत सिम्स अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में डॉक्टर्स ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बच्ची के परिजन ने अस्पताल के बाहर ही जमकर हंगामा किया।
शिक्षक की शर्मसार कर देने वाली करतूत...शादी का झांसा देकर महिला के साथ किया ये गंदा काम...कारनामे जान रह जाएंगे हैरान..!!
पत्थलगांव। एक बार फिर शिक्षक की शर्मसार कर देने वाली करतूत सामने आई है। शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शिक्षक महिला को पहले अपने जाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और फिर उनसे लगातार दुष्कर्म कर रहा था। मामला जशपुर जिले के कोतबा थाना इलाके का है।
मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय खुटसेरा में पदस्थ शिक्षक रामकुमार कश्यप शादी का झांसा देकर महिला से लगातार दुष्कर्म कर रहा था। महिला ने जब शादी की बात कही तो वह मुकर गया। इसके बाद महिला ने कोतबा थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते पुलिस ने आरोपी शिक्षक रामकुमार कश्यप को उसके स्कूल से गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
बता दें कि कुछ दिन पहले ही पेंड्रा से ऐसा ही मामला सामने आया था। यहां एक शिक्षक ने अपनी ही रिश्तेदार महिला को हवस का शिकार बना लिया। पीड़ित महिला ने पहले घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म का अपराध दर्ज कराया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी तेरसु राम चौधरी को गिरफ्तार किया था।
CRIME NEWS : गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की हत्या...युवक की पेड़ पर लटकती मिली लाश...जानिए क्या है पूरा ममला
सूरजपुर। जिले में प्रेमी जोड़े की गला रेतकर हत्या का मामला सामने आया है, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की मदद से मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल आज दोपहर विश्रामपुर पुलिस को यह जानकारी मिली कि कुंदा बस्ती के जंगल में एक युवती और युवक का शव पड़ा हुआ है, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जंगल में युवती का शव जमीन पर पड़ा हुआ था, जबकि युवक का शव पेड़ में लटका हुआ था, शव को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों की हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है, मृतक युवक का नाम शिवम देवांगन बताया जा रहा है जो कोतवाली थाना क्षेत्र के गोपीपुरा गांव का रहने वाला है, जबकि मृतका का नाम पूजा देवांगन है और वही कुंदा बस्ती की निवासी थी, शिवम के परिजनों के अनुसार पिछले एक साल से दोनों में प्रेम प्रसंग था। फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है, पुलिस, डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक की टीम गंभीरता से मामले की जांच कर रही है, वही शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
BREAKING : पटवारी पर गिरी गाज...कलेक्टर ने पटवारी को किया निलंबित...जानिए क्या है पूरा मामला....!!
पलारी। छत्तीसगढ़ के पलारी में रिश्वतखोर पटवारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। रिश्वत लेने की शिकायत के बाद कलेक्टर के एल चौहान ने ग्राम सरखोर में पदस्थ पटवारी बृहस्पत प्रधान को निलंबित कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सरखोर निवासी चंदराम वर्मा पिता शिवकुमार वर्मा थाना पहुंचे। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि, उन्होंने अपनी सरखोर स्थित भूमि लगभग 19 डिसमिल को बेच दिया। जमीन बेचने की रजिस्ट्री 13 फरवरी 2024 को हुई। रजिस्ट्री के बाद जमीन नामांतरण कराने और ऋण पुस्तिका में दर्ज कराने के लिए पटवारी बृहस्पत प्रधान ने उनसे 5 हजार रुपये की मांग की। शिकायत के बाद कलेक्टर ने पटवारी बृहस्पत प्रधान को निलंबित कर दिया है।
इस जिले को मिली एयरपोर्ट की सौगात : डीजीसीए ने जारी किया लाइसेंस...जल्द शुरू होगी हवाई सेवा
सरगुजा। सरगुजा वासियों के लिए खुशखबरी है। सरगुजा वासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। सरगुजा से हवाई सफर का रास्ता अब साफ हो गया है। सरगुजा में जल्द हवाई सेवा शुरू होगी। DGCA ने मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) की दो सदस्यीय टीम ने लाइसेंस जारी करने से पहले गुरुवार को अंतिम चरण में नवनिर्मित मां महामाया एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। शुक्रवार को BCAS के क्लीयरेंस के बाद DGCA ने दरिमा एयरपोर्ट का लाइसेंस जारी किया है।
बता दें कि अंबिकापुर के दरिमा एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान उड़ सकेंगे। 364 एकड़ में नए सिरे से करीब 47 करोड़ की लागत से 1920 मीटर लंबे एयरस्ट्रिप बनाया गया है। जिसमें 1800 मीटर का मुख्य रनवे शामिल है। रनवे की लंबाई और क्षमता को बढ़ाने के अलावा टर्मिनल भवन की क्षमता भी बढ़ा दी गई है।
टर्मिनल भवन की क्षमता 72 यात्रियों के लिए बढ़ाई गई है। साथ ही अप्रोन, अराइवरल और डिपार्चर सेक्शन, पेरिमीटर रोड, एटीसी टावर, मौसम विभाग के कार्यालय, ऑपरेशनल बाउंड्री, एंटी हाइजेक रूम, इलेक्ट्रिक पैनल रूम, फायर स्टोर, ट्रेनिंग सेंटर सहित अन्य निर्माण किए गए हैं।
BCAS की दो सदस्यीय टीम ने गुरुवार को दरिमा स्थित एयरपोर्ट का अंतिम निरीक्षण किया था। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की टीम अक्टूबर माह में सरगुजा आई थी। पहले भी एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम की मान्यता मिल चुकी है। बीसीएएस ने टर्मिनल बिल्डिंग, रनवे और अन्य स्थानों पर सुरक्षा मानकों का जायजा लेने के बाद क्लीयरेंस दे दिया है। डीजीसीए की टीम ने सितंबर 2023 में मां महामाया एयरपोर्ट के लाइसेंस के लिए एयरपोर्ट का फाइनल निरीक्षण किया था। निरीक्षण में बताई गई कमियों को सितंबर 2023 तक दूर कर लिया गया था।
उड़ान योजना 4.2 के तहत अंबिकापुर-बिलासपुर-अंबिकापुर और अंबिकापुर-रायपुर-अंबिकापुर मार्ग को हवाई सेवा शुरू करने के लिए फ्लाई बिग एयरलाइन को अवॉर्ड कर दिया गया है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को पत्र भेजकर बताया था कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास अंबिकापुर हवाई अड्डे का स्वामित्व है। इसके साथ ही राउरकेला रूट के फ्लाइट को अंबिकापुर डायवर्ट करने की योजना है। अंबिकापुर-बनारस की सेवाएं भी भविष्य में शुरू हो सकती हैं।

CG BREAKING : पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर
कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलियों के कोर इलाक़े चिलपरस के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच जमकर मुठभेड़ चल रही है। यह मुठभेड़ बीते 3 घंटे से चल रही है जो अब भी जारी है। पुलिस पार्टी से पुलिस अधिकारीयों से अभी भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। अतिरिक्त बल को तैयार किया गया है। वहीं एक नक्सली के मारे जाने की खबर, पुलिस पार्टी ने नक्सली का शव बरामद कर लिया है। एसपी ने घटना की पुष्टि कर दी है।
CG: इस दिन बंद रहेंगी सभी शराब दुकानें...इस वजह से लिया बड़ा फैसला
कोरिया। रंगो का त्योहार होली आने वाला हैं ऐसे में किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों से निपटने कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार लंगेह ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 25 मार्च 2024 को होली पर्व के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया है।इस दिन जिले की समस्त देशी,विदेशी, कम्पोजिट मंदिरा की फुटकर दुकाने पूर्णतः बंद रहेगी। कलेक्टर ने 25 मार्च को घोषित शुष्क दिवस का पूर्णतः पालन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये है।
BREAKING : नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 131 पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन...पीएचक्यू ने जारी किया आदेश
रायपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा-दंतेवाड़ा-बीजापुर के पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों का पुलिस ने प्रमोशन किया है. पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.जारी आदेश में कुल 131 अधिकारी-कर्मचारी का नाम शामिल हैं. जिसमें सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, पीसी, एपीसी प्रमोट किए गए हैं.
देखें पूरी लिस्ट-
CG Police Transfer: SP ने 14 निरीक्षक और 5 उप निरीक्षकों का किया तबादला...देखें लिस्ट
कांकेर : कांकेर के पुलिस विभाग में 14 निरीक्षक और 5 उप निरीक्षक का तबादला किया गया है, जिसका आदेश एसपी इंदिरा कल्याण अलिसेला ने जारी किया है, आदेश के मुताबिक कोतवाली टी आई होंगे मनीष चंद्र नागर तों भानुप्रतापपुर की कमान अमित पद्मशाली को मिली है।
देखें लिस्ट

कांग्रेस की गारंटी गरीब महिलाओ को मिलेगा 1 लाख सालाना। महिलाओ ने अतिशबाजियां कर एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर मनाई खुशियां।
लोकसभा चुनाव को लेकर काग्रेस ने बडी घोषणा की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पांच नारी न्याय गारंटी का एलान किया है। केंद्र मे सरकार बनते ही इन पांचो गारंटियो को लागु किया जायेगा।
महालक्ष्मी गारंटी योजना के तहत देश के सभी गरीब परिवार की महिलाओ को सालाना 1 लाख रूपये की गारंटी दी जायेगी।
आधी अबादी पूरा हक इस गारंटी के तहत केंद्र सरकार की नई नियुक्तियो मे आधा हक महिलाओ को मिलेगा।
शक्ति का सम्मान योजना के तहत आंगनबाडी आशा और मिड डे मील के कार्यकर्ताओ के मासिक वेतन मे केंद्र सरकार का योगदान दोगुना होगा।
अधिकार मैत्री गारंटी के तहत हर पंचायत मे एक अधिकार मैत्री को तैनात किया जायेगा। इनका काम महिलाओ को उनके हको के लिये जागरूक करना और उनको कानूनी सहायता दिलाना होगा।
सावित्री बाई फूले हास्टल योजना के तहत देश के सभी मुख्यालयो मे कम से कम 1 कामकाजी महिलाओ का हास्टल बनाया जायेगा।
कांग्रेस द्वारा इसकी घोषणा होते ही महिलाओ मे खुशी की लहर दौड़ पड़ी। महिलाओ ने इस अवसर पर अतिशबाजियां की साथ ही एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली खेली। कांग्रेस भवन गांधी मैदान मे नारी न्याय गारंटी का पोस्टर का विमोचन भी किया तत्पश्चात पोस्टर को हाथो मे लेकर महिलाएं कांग्रेस भवन गांधी मैदान से पैदल चलकर कोतवाली चौक पहुची। महिलाओ ने स्वयं फटाखे फोड़कर खुशियां मनाई। एक दूसरे को रंग गुलाल लगाती महिलाओ मे काफी उत्साह था।
इस कार्यक्रम मे पहुचे रायपुर लोकसभा के प्रत्याशी विकास उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस ने महिला बहनो के लिये बडी घोषणा की है। केंद्र मे कांग्रेस पार्टी की सरकार बनते ही महिलाओं को साल का एक लाख याने प्रतिमाह 8333 रुपए उनके खाते में डालेंगी। एक तरफ भाजपा महिलाओं के घर में महंगाई के नाम से डाका डालने का काम कर रही है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी इस योजना के माध्यम से उनके खाते में सीधे रकम डाल कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारेगी।काँग्रेस की गारंटी मतलब पक्का वादा पक्का इरादा।
विकास उपाध्याय ने कहा कि आज देश मे सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वह घर मे रहने वाली हमारी माताएं बहने है। उनको पता है कि इस बढ़ती महंगाई मे घर की गृहस्थी और किचन चलाने मे कितनी तकलीफ होती है। महंगाई मे आज हर घर मे कलह पैदा कर दिया है। महिने का इंकम 5 स 7 हजार होता है और खर्चा उससे अधिक। उनको अपनी जमा पूंजी निकालनी पडती है तब जाकर घर मे तेल आटा शक्कर चावल सब्जियां आती है। आज उन महिलाओ की मदद करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने महिला बहनो को के लिए बड़ी गारंटी दी। आज इस गारंटी की घोषणा होते ही महिलाओ मे खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। महिलाएं फटाखे फोड़कर नाच गाकर एक दूसरे को रंग लगाकर होली खेल रही है और खुशियां मना रही है।
इस अवसर पर अनिता शर्मा गंगा यादव शहर महिला अध्यक्ष ममता राय आशा चौहान शोभा यादव बबीता नत्थानी उषा रंजन श्रीवास्तव अनुशा प्रगति खारून बानो पूनम पांडेय पूनम यादव भुनेश्वरी तबस्सुम नुरजंहा हमीदा राहत परवीन सुधा कसार सुनीता शर्मा नीलिमा मिश्रा सुषमा धु्रव संध्या चक्रधर मंजु सोनी प्रीति सोनी पदमा कहार सुधा सुचिता सिंह राधिका सेटठी सायरा बानो कुमुदनी चंद्रवंशी सुषमा यादव सरस्वती वर्मा सीमा बघेल बबीता सेन अनिता फुटान कविता सेन रूखमणि कश्यप् सहित सैकड़ो महिलाये उपस्थित थी।
पत्रकारों के खिलाफ किये गये कथित झूठे मुकदमों एवं उत्पीड़न के मामलों में न्याय दिलाने गृह सचिव की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिये पांच अहम फैसले
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अधिकारी-कर्मचारियों तथा मीडियाबंधुओं के हित में पांच अहम फैसले लिये। इनमें अधिकारी-कर्मचारियों को सातवें वेतनमान पर चार प्रतिशत का महंगाई भत्ता देना भी शामिल है। इसका लाभ पेंशनरों को भी मिलेगा। महंगाई भत्ते की यह राशि एक मार्च 2024 की तिथि से मिलेगी। राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के एरियर्स की अंतिम किश्त की राशि का भुगतान भी होगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती निहारिका बारिक की अध्यक्षता में एक समिति भी बनाई है जो कर्मचारियों की समस्याओं के संबंध में समीक्षा करेगी और इनके निराकरण से संबंधी सुझाव शासन को प्रस्तुत करेगी। ग्राम पंचायत सचिवों को भी राहत देते हुए उनके 55 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। अर्जित अवकाश में यह हड़ताल अवधि समायोजित होगी। इन निर्णयों से होली के त्यौहार में कर्मचारियों के परिवारों में खुशियों के और भी रंग भर जाएंगे।
अब महंगाई भत्ता हुआ 46 प्रतिशत
महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान में 04 प्रतिशत महंगाई भत्ते में एवं पेंशनरों के महंगाई राहत में 04 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत 1 मार्च 2024 से दिया जाएगा। इसके फलस्वरूप महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर सातवें वेतनमान में 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान में यह 230 प्रतिशत हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य के 3 लाख 90 हजार कर्मचारी तथा 1 लाख 20 हजार पेंशनर लाभान्वित होंगे। इस निर्णय से राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को प्रतिमाह 68 करोड़ रुपए तथा साल में 816 करोड़ रुपए का लाभ प्राप्त होगा।
सातवें वेतनमान के एरियर्स की अंतिम किश्त भी मिलेगी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की सातवें वेतनमान के एरियर्स की अंतिम किश्त प्रदान करने की घोषणा भी की।
हड़ताल अवधि का वेतन पंचायत सचिवों को मिलेगा
मुख्यमंत्री ने आज संवेदनशील निर्णय लेते हुए ग्राम पंचायत सचिवों को भी राहत दी। ग्राम पंचायत सचिव पिछले साल 16 मार्च 2023 से 9 मई 2023 तक कुल 55 दिन हड़ताल पर थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिवों की हड़ताल अवधि को उनके अर्जित अवकाश में समायोजित करते हुए उन्हें 55 दिनों का वेतन भुगतान किया जाएगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 70 करोड़ रुपए का व्यय-भार आएगा।
कर्मचारियों की समस्याओं पर बनी समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी भाईयों ने बहुत सी मांगों और समस्याओं के संबंध में अपनी बातें हमसे साझा की हैं। हम उनकी समस्याओं का पूरी संवेदनशीलता से समाधान करेंगे। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं के हल के लिए प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती निहारिका बारीक की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई है। समिति विभिन्न कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर शासन को कर्मचारी हित में उचित सुझाव देगी। इस समिति में अध्यक्ष के अलावा प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, सचिव वित्त सदस्य होंगे और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग (शासकीय कर्मचारी कल्याण शाखा) सदस्य सचिव होंगे।
पत्रकारों को न्याय दिलाने गृह सचिव की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों एवं मीडियाजगत से जुड़े बंधुओं के खिलाफ उत्पीड़न की अनेक शिकायतें सामने आईं थीं। इस संबंध में हम गृह सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की घोषणा करते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इस कमेटी में पत्रकारों समेत अन्य सदस्यों को भी नियुक्त किया जाएगा।
ब्रेकिंग : प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के खिलाफ बड़ा एक्शन, 215 अधिकारियों के ट्रांसफर को हाईकोर्ट ने किया रद्द...सामने आई ये बड़ी वजह..!!
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा किये गये प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। राज्य सरकार की तरफ से जारी 215 तबादला आदेश हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। राज्य सरकार ने पिछले दिनों राज्य में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू अभिलेख और जनपद पंचायत सीईओ के 200 से ज्यादा तबादला किये थे, जिसमें नायब तहसीलदार के 79, तहसीलदार के 49, अधीक्षक भू अभिलेख के 5, सहायक अधीक्षक भू अभिलेख के 59 और जनपद पंचायत सीईओ के 23 अधिकारी शामिल थे। दरअसल राज्य सरकार ने केंद्रीय चुनाव आयोग के 23 फ़रवरी के पत्र को आधार बनाकर ये तबादले किये थे। हाईकोर्ट में इस तबादले के विरुद्ध 50 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गयी थी।
दरअसल भारत निर्वाचन आयोग ने 23 फरवरी को कर्मचारियों के तबादले को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसमें तबादले के संदर्भ में उल्लेख था कि वैसे अधिकारी या कर्मचारी जो एक ही संसदीय क्षेत्र में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से पदस्थ हैं, उनका तबादला किया जाना है। इ आधार बनाकर राज्य सरकार ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू अभिलेख और सहायक अधीक्षक भू अभिलेख,ट्रायबल विभाग के सीईओ के तबादले किये। लेकिन भारत निर्वाचन आयोग ने कर्मचारियों व अधिकारियों के तबादले को लेकर 27 फरवरी को एक और निर्देश जारी किया।
लिहाजा याचिका में इस बात को आधार बनाया गया कि जब भारत निर्वाचन आयोग ने अपने पूर्व के निर्देश के बाद ट्रांसफर को लेकर नया निर्देश जारी किया है, लिहाजा पिछले निर्देश को आधार बनाकर किये गये तबादले अवैध हैं। जस्टिस एनके व्यास ने इस मामले की सुनवाई की। हालांकि सुनवाई के दौरान राज्य शासन की तरफ से जानकारी दी गयी, कि वो तबादला रद्द करने पर विचार कर रही है, लेकिन जब शासन की तरफ से इस आदेश को निरस्त नहीं किया गया, तो फिर हाईकोर्ट ने तबादला आदेश को निरस्त करने का आदेश दिया।
दिल को दहला देने वाला मामला : बेटे ने की बूढी माँ की हत्या...शव को तालाब में फेंका...जाने क्या है पूरा मामला
मनेन्द्रगढ़। भरतपुर जिले के खड़गंवा क्षेत्र के ग्राम धनपुर बैगापारा में एक दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां बूढी मां का इलाज नहीं करने को लेकर सौतेले बेटे ने अपनी बूढी मां को टोपी से नाक और मुंह दबाकर हत्या कर दी। और उसकी लाश को एक गमछे में पत्थर से बांधकर गहरे पानी में फेंक दिया और पुलिस थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि आठ मार्च की शाम 5 बजे घर से गई थी जिस का शव घर के पीछे वाले तालाब में मिला है।
दरअसल यह मामला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के खड़गंवा क्षेत्र के धनपुर बैगापारा के रहने वाले लाल साय बैगा उम्र 60 वर्ष ने दिनांक नव मार्च को थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि इसकी मौसी माँ सुमरिया आठ मार्च को शाम 05 बजे घर से चली गई थी जिसका शव नव मार्च को घर के पीछे तालाब में मिली है।
खड़गंवा पुलिस के द्वारा मौके पर पहुंच कर शव को पानी से निकाला और मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा इस दौरान मृतिका के शव को जब तालाब से निकालने पर पाया गया कि मृतिका का हत्या कर चेहरा सिर, गला को साल गमछा में बांध कर गमछा में पत्थर से बांधकर और दोनो पैर को गमछा से बांध कर किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा तालाब में फेंक दिया गया है। जब पुलिस के द्वारा मृतिका का पोस्टमार्टम कराया गया तब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर डॉक्टर द्वारा मृतिका की मृत्यु को होमोसाईडल (हत्या) बताया गया जिस पुलिस ने मर्ग पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच में जुटी।
और पूछताछ किया, तब प्रार्थी लाल साय जो मृतिका का सौतेला लड़का था जो सौतेली मां मृतिका सुमरिया बाई जो 70 वर्ष की बुजुर्ग महिला थी जो डण्डा लेकर घूमती रहती थी और पूर्व में गिरने से हाथ पैर में चोट आने से इलाज कराने में पैसा खर्च हो जाता है यह बोलकर विवाद करता था और 08 मार्च को अपने भतीजा नईहर के साथ शराब पीकर घर जाते वक्त उसी समय लाल साय की सौतेली मां सुमरिया रास्ते में गिरी पड़ी थी, जो अपने सौतेली बेटे को आवाज़ दे रही थी। शराब के नशे में धुत लालसाय द्वारा बार-बार यह बोलकर गिर जाती है कहकर भतीजे नईहर से मिलकर अपने पहने टोपी से नाक मुंह को और पैर को दबा कर अपनी मौसी मां का हत्या कर दिया। और फिर उसके बाद मृतिका सुमरिया को उठा कर घर के पीछे तालाब के पास ले जाकर मृतिका का शव पानी से बाहर न निकल पाये यह सोचकर मृतिका का साल और गमछा को चेहरा, गले, सिर में बांधकर और गमछा में पत्थर बाधकर और दोनो पैर को मृतिका के गमछे से ही बांधकर सच छुपाने के उद्देश्य से तालाब के गहरे पानी में फेंक दिया।
CG ब्रेकिंग : पति ने गला दबाकर पत्नी को उतारा मौत के घाट...जानिए क्या है पूरा मामल
जांजगीर :जिले में हत्या का मामला सामने आया है, यहां ग्राम लखाली में पति ने अपनी पत्नी की चरित्र संदेह के शक में गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। वहीं इस मामले पुलिस ने आरोपित पति को गिरफ्तार कर जेल कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, लखाली निवासी संतोष साहू की पत्नी बिंदिया (30)) का शव गुरुवार को सुबह खाट में मिला। जब पड़ोसियों ने देखा तब उनके होश उड़ गए, इसके बाद घटना की तत्काल सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके पति संतोष साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की ,जिसमे उसने बताया कि उसकी पत्नी बिंदिया साहू का किसी और के साथ अवैध संबंध था। जिसे लेकर वह अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका रखता था।
वहीं बुधवार की रात्रि करीबन 8 बजे पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। जिसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार पति को गिरफ्तार कर लिया है।




