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मोहन मरकाम के बंगले में तैनात आरक्षक ने की आत्महत्या...नदी किनारे मिला शव
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के बंगले में तैनात कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली। आरक्षक ड्यूटी खत्म कर अपने घर जाने के लिए निकला था। रास्ते में नदी किनारे उसका शव पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, आरक्षक का नाम संपत मंडावी भानपुरी का रहने वाला था और उसकी तैनाती पूर्व विधायक मोहन मरकाम के कोंडागांव बंगले में थी। बीते बुधवार 12 जून को संपत मंडावी ड्यूटी खत्म होने के बाद घर जाने के लिए अपनी मोटरसाइकिल में निकला था। इसी दौरान उसका शव ग्राम लंजोड़ा बुकापारा के नदी किनारे एक पेड़ पर फांसी में लटका मिला। आरक्षक के शव को गांव के ही एक चरवाहे ने देखा था।चरवाहे ने ही इसकी सूचना गांव के सरपंच को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से निकाला गया। फिलहाल आरक्षक ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसकी जांच की जा रही है। आरक्षक के पास से पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मृत कांस्टेबल के परिजनों को इसकी सूचना दे दी है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने की नगरीय निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा जलभराव से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने के दिए निर्देश
दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों एवं कर्मचारियों हेतु मासिक एवं दैनिक न्यूनतम वेतन निर्धारित
श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा मासिक वेतनभोगी एवं अंशकालीन कर्मचारियों हेतु देय महगाई भत्ते में 01 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक के लिए प्रभावशील मजदूरी दरों की संशोधित न्यूनतम मंहगाई दर में वृद्धि करने के फलस्वरूप कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के लिए अनुसूची ‘ग‘ में दर्शित शासकीय विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभागी श्रमिकों एवं कर्मचारियों के मासिक एवं दैनिक न्यूनतम वेतन तथा परिवर्तनशील मंहगाई भत्ता को सम्मिलित करते हुए 1 अप्रैल 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक वेतन का निर्धारण किया गया है। जिसके तहत उच्च कुशल श्रेणी अ हेतु मासिक 13 हजार 110 रूपए तथा 437 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन नियत है। इसी तरह उच्च कुशल श्रेणी ब हेतु 12 हजार 850 रूपए मासिक तथा 428 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, उच्च कुशल श्रेणी स हेतु 12 हजार 590 रूपए मासिक तथा 420 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, कुशल श्रेणी अ हेतु 12 हजार 330 रूपए मासिक तथा 411 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, कुशल श्रेणी ब हेतु 12 हजार 70 रूपए मासिक तथा 402 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, कुशल श्रेणी स हेतु 11 हजार 810 रूपए मासिक तथा 394 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन तथा अर्द्ध कुशल श्रेणी अ के लिए 11 हजार 550 रूपए मासिक तथा 385 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, अर्द्ध अकुशल श्रेणी ब हेतु 11 हजार 290 रूपए मासिक एवं 376 दैनिक न्यूनतम वेतन, अर्द्ध अकुशल श्रेणी स हेतु 11 हजार 30 रूपए मासिक एवं 368 दैनिक न्यूनतम वेतन एवं अकुशल कृषि श्रमिक श्रेणी अ हेतु 10 हजार 900 रूपए मासिक एवं 363 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, अकुशल कृषि श्रमिक श्रेणी ब हेतु 10 हजार 640 रूपए मासिक एवं 355 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, अकुशल कृषि श्रमिक श्रेणी स हेतु 10 हजार 380 रूपए मासिक एवं 346 रूपए दैनिक न्यूनतम वेतन, निर्धारित किया गया है। श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ द्वारा प्रभावशील न्यूनतम वेतन एवं मंहगाई भत्ते की दरें निर्धारित करते हुए परिशिष्ट ‘ब‘ में कर्मचारियों को अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल तथा उच्च कुशल श्रेणी में विभक्त किया गया है। जारी अधिसूचना में न्यूनतम वेतन निर्धारित करते हुए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र को अ, ब तथा स श्रेणी में विभक्त किया गया है। ‘अ‘ श्रेणी में राज्य के समस्त औद्योगिक विकास केन्द्र और प्रदेश में स्थित ऐसे सभी कारखाने जिनके द्वारा कारखाना अधिनियम 1948 के तहत 300 या अधिक श्रमिकों के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त की गयी है उन्हे रखा गया है। ‘ब‘ श्रेणी में नगर निगम सीमा के भीतर तथा नगर निगम सीमा के 8 किलोमीटर परिधि क्षेत्र को शामिल किया गया है। ‘स‘ श्रेणी में कोण्डागांव जिले के संपूर्ण क्षेत्र के लिए न्यूनतम मजदूरी दर का निर्धारण किया गया है। जिसके आधार पर गणना कर न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जायेगा।
Sai सरकार ने किया सुशासन और समग्र विकास के छह माह पूरे हुए
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार के छह महीने पूरे होने पर #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (एक्स) पर राष्ट्रपटल पर ट्रेंड कर रहा है। इस हैशटैग के तहत लोग सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की तारीफ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने 6 महीनों में ही छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, माओवादी समस्या का निदान और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर जनता के सकारात्मक प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट है कि श्री साय के त्वरित निर्णय-सख्त प्रशासन को सराहा जा रहा है और संवरते छत्तीसगढ़ के प्रति लोग आश्वस्त हैं।
छत्तीसगढ़ : अब मछली मारते पकड़ाये, तो जाना पड़ेगा जेल, 10 हजार रुपया जुर्माना भी लगेगा, इस वजह से लगा बैन
कांकेर। बारिश में मछली मारने पर जिला प्रशासन ने बैन लगा दिया है। बरसात में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को दृष्टिगत रखते हुये उन्हें संरक्षण देने हेतु जिले में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम-1972 के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को “बंद ऋतु (क्लोज सीजन) के रूप में घोषित किया गया है।
इस दौरान जिले के समस्त नदी-नालों तथा छोटी नदियों, सहायक नदियों में जिन पर सिंचाई के बड़े या छोटे तालाब, जलाशय में सभी प्रकार का मत्स्याखेट 16 जून से 15 अगस्त 2024 तक पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
इन नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र संशोधित अधिनियम के नियम-3 (5) के अन्तर्गत अपराध सिद्ध होने पर एक वर्ष का कारावास अथवा 10 हजार रूपये का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ होने का प्रावधान है। उक्त नियम छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं है, उसमें लागू नहीं होगा।
नियद नेल्लनार के क्रियान्वयन वाले क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने मिशन मोड पर कार्य करने जोर
महिला बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने आज इंद्रावती भवन में नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन वाले जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर धरातल पर हो रही प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मिशन मोड पर कार्य करके क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि माताओं बहनों को शासन की सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ मिले यह सुनिश्चित करें।
सुश्री आबिदी ने नियद नेल्लानार योजना के क्रियान्वयन के बारे में कहा कि निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार बस्तर संभाग के कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिलों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से लाभ पहुंचाया जाना है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना,रेडी टू ईट, नोनी सुरक्षा योजना का लाभ सभी हितग्राहियों को मिले। गर्भवती, शिशुवती माताओं, बच्चों, किशोरी बालिकाओं का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण करने और वजन लेने कहा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा बस्तर अंचल के सुदूर वनांचल विशेषकर नक्सल प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाएं और वनवासियों को सरकार की योजनाओं का बिना किसी व्यवधान के लाभ पहुंचाने के प्रयास सफल होने लगे हैं। शासन की नियद नेल्लानार से सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित गांवों में अब यह सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी है।
बैठक में महिला बाल विकास विभाग की संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति और महिला बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे भुवनेश्वर, ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओडिशा के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुंचे।
इस दौरान भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा से आत्मीय मुलाकात हुई।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरूण साव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मंडला के नव निर्वाचित सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी मौजूद रहे।
Breaking : कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने दिया DA में बढ़ोतरी का तोहफा, इन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
रायपुर : केंद्र में नई सरकार के कामकाज संभालने के 24 घंटों के अंदर कोल इंडिया Coal India के कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी के आदेश जारी हो गए। कोल इंडिया के महाप्रबंधक गौतम बेनर्जी के हस्ताक्षर से जारी आदेश के मुताबिक नॉन एक्जीक्यूटिव कैडर के कर्मचारी वर्ग के वीडीए (वेरिएबल डियरनेस एलाउंस) को बढ़ाकर 16.9 फीसदी कर दिया गया है। कोल इंडिया के इस आदेश से एसईसीएल SECL के अंतर्गत कार्यरत 35 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा।
इन कर्मियों की सैलरी में बढ़ोतरी – एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.सनीश चंद्रा के मुताबिक कोल इंडिया द्वारा जिन कर्मचारियों के वीडीए में बढ़ोतरी की गई है। उनमें सुपरवाइजर श्रेणी, क्लर्क, आपरेटर, माइनिंग सरदार और श्रमिक वर्ग शामिल है। उन्होंने बताया कि वीडीए में बढ़ोतरी का लाभ कोल इंडिया में कार्यरत 2 लाख कर्मियों को प्राप्त होगा। हरेक कर्मचारी की सैलरी में प्रति माह 2 से 3 हजार रुपए की बढ़ोतरी होगी।
बलौदाबाजार आगजनी मामले की जांच के लिए 22 सदस्यीय टीम गठित, इन अफसरों को मिला जिम्मा, देखें लिस्ट…
बलौदाबाजार। जिले में हिंसा के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने आगजनी मामले में जांच को 22 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें बलौदाबाजार जिले के विभिन्न थाना प्रभारी शामिल है।
देखें लिस्ट-

नक्सलियों को सामान सप्लाई करने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे, भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त…
सुकमा। जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत दोरनापाल से जगरगुण्डा की ओर नक्सलियों का सामान ले जाते एक संदिग्ध व्यक्ति को जवानों ने धरदबोचा है। मुखबिर की सूचना पर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, थाना प्रभारी दोरनापाल के टीम देवरपल्ली की ओर रवाना होकर देवरपल्ली जंगल के पास एमसीपी की कार्यवाही कर रहे थे। तभी एक संदिग्ध व्यक्ति को घेराबंदी कर पकड़ा गया। संदिग्ध व्यक्ति से नाम-पता पूछने पर अपना नाम कृष्ण कुमार कड़ती उर्फ जोगा 23 वर्ष जाति मुरिया निवासी बोमेड़ थाना पामेड़ जिला बीजापुर बताया।
आरोपी के पास रखे प्लास्टिक बोरी को चेक करने पर 2 बंडल बिजली वायर, 5 नग इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 5 मीटर कोर्डेक्स वायर, 20 नग जिलेटीन रॉड, पोलिबियान इंजेक्शन 10 नग, न्यूरोबियान इंजेक्शन 7 नग, कॉटन पट्टी 1 पैकेट, ग्लूकोज बॉटल 5 नग, ड्रीप 5 नग, सीरिंज 10 नग, सिटरीजिन टेबलेट 10 पत्ता, नक्सली साहित्य 4 नग व पर्चा पॉम्प्लेट, 1 नग लाल कपड़े में बना नक्सली बैनर बरामद किया गया
उक्त सामान रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत ना करने तथा कड़ाई से पूछने पर नक्सलियों के लिए कमीशन के आधार पर शहरी सप्लायर का काम करना बताया और प्रतिबंधित माओवादी संगठन के बड़े कमांडरों के बताए अनुसार दोरनापाल के मरघट के पास जंगल में एक निश्चित स्थान पर एक व्यक्ति आकर लिस्ट के अनुसार नक्सलियों का सामान देकर जाता है। उस व्यक्ति को सिर्फ चेहरे से पहचानना नाम-पता नहीं मालूम होना बताया गया।
सतनामी समाज के प्रमुखों ने कहा शांति और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण के लिए मिलकर करेंगे कार्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले की घटना के संबंध में सतनामी समाज के प्रमुखों से कहा है कि बाबा गुरू घासीदास का संदेश समाज में शांति और सद्भाव का रहा है। आप सबकी भी जिम्मेदारी है कि समाज भ्रमित न हो और शांति स्थापित करने की दिशा में साथ मिलकर आगे बढ़े।
सतनामी समाज प्रमुखों ने कहा कि समाज के सभी लोग घटना से आहत हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की कार्रवाई की है, वे असामाजिक तत्व थे और हमारे प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं थे। शांति और सौहार्द्र स्थापित करने के लिए हम सब दृढ़संकल्पित है।
गौरतलब है कि सतनामी समाज के राज्यभर से आए प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री श्री साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की और बलौदाबाजार जिले में हुई घटना के संबंध में शांति और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण चर्चा की और एक बार फिर शांति स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतनामी समाज परम पूज्य गुरू बाबा घासीदास के अनुयायी है। बाबा ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का रास्ता दिखाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों असामाजिक तत्वों द्वारा जैतखाम का अपमान किया गया। शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच की घोषणा भी की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा शांति के टापू छत्तीसगढ़ में इस घटना का होना अत्यंत निंदनीय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सतनामी समाज के प्रमुखों से कहा कि आप सभी प्रदेश के विभिन्न इलाकों से आए हैं। आप सबकी भी जिम्मेदारी है कि भ्रम की स्थिति न निर्मित हो और शांति स्थापित करने की दिशा में सब साथ मिलकर आगे बढ़े। मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से कहा कि किसी भी निर्दाेष को सजा नहीं होगी। आप सभी ने शासन को धन्यवाद ज्ञापित करने के उद्देश्य से यह शांतिपूर्ण आयोजन किया था, जिसमें कुछ असामाजिक तत्वों के हस्तक्षेप से यह घटना घटी।
चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पवित्र अमरगुफा में जैतखाम को क्षति पहुंचाने की घटना के संबंध में शासन द्वारा अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी।
इस दौरान प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद भतपहरी ने कहा कि हमारा समाज परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास जी का अनुयायी है। हम सत्य, अहिंसा और सद्भाव को मानने वाले लोग है। हम मनखे-मनखे एक समान को मानते हैं। बलौदाबाजार जिले की इस घटना ने हम सभी को आहत किया है। हम सब चाहते हैं कि समाज में शांति स्थापित हो और हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए शासन के साथ मिलकर इस दिशा में काम करने के उत्सुक है।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, दयाल दास बघेल, टंक राम वर्मा, विधायक अजय चंद्राकर, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के उपाध्यक्ष सरजु प्रसाद धृतलहरे, संरक्षक विनोद भारती, सतनामी कल्याण समिति, सतनामी सेवा समिति, सतनामी उत्थान समिति के जिला अध्यक्ष, कार्याकारिणी सदस्य सहित समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कांग्रेस ने गठित की 7 सदस्यीय जांच समिति,इनके इनके नाम है शामिल..
रायपुर : बाबा गुरु घासी दास के तपोभूमि गिरौदपुरीधाम, बलौदाबाजार के समीपस्थ ग्राम-महकोनी के जैतखाम में हुई तोड़फोड़ व अपमान के बाद हो रही अप्रिय घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के संयोजकत्व में सात सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है

इसमें पूर्व मंत्री गुरु रूद्र कुमार, विधायक संदीप साहू, विधायक जनकराम ध्रुव, पूर्व विधायक पद्मा मनहर, शैलेश नितिन त्रिवेदी, हितेन्द्र ठाकुर को शामिल किया गया है
जांच समिति के सदस्य प्रभावित स्थल का दौरा कर स्थानीय ग्रामवासियों से भेंट और चर्चा कर घटना की वस्तुस्थिति से अवगत होकर अपना प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित करेंगे.
सतनामी समाज के बाद अब पटेल समाज हुआ उग्र, एसपी कार्यालय का किया घेराव, जानिए क्या है मामला
महासमुंद। बलौदाबाजार जिले में सोमवार को सतनामी समाज के प्रदर्शन में हुए हिंसा के बाद आज महासमुंद जिले में भी पटेल समाज के लोग उग्र हो गए और एसपी कार्यालय का घेराव किया. पटेल समाज का आरोप है कि 4 महीने पहले हुई हत्या के मामले में पुलिस ने निष्पक्ष जांच नहीं की है, जिसको लेकर समाज में आक्रोश है. इसको लेकर ही आज समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा है
जानकारी के अनुसार, महासमुंद के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नांदगांव में बीते 18 मार्च 2024 को एक युवक पूनम पटेल की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 19 मार्च को एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. हत्या के मामले में पुलिस की इस कार्रवाई से मरार पटेल समाज के लोग असंतुष्ट थे. जिसके चलते आज 4 महीने बाद समाज के लोग और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होकर एसपी कार्यालय घेराव करने पहुंचे.
समाज का आरोप है कि पूनम पटेल की हत्या किसी एक व्यक्ति ने नहीं की है, बल्कि इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं. समाज के पदाधिकारियों ने एसपी से मिलकर पूनम पटेल की हत्या की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है. पदाधिकारियों को एसपी ने हत्या की जांच पूरी पारदर्शिता से करने का आश्वासन दिया. जिसके बाद समाज के लोगों ने प्रदर्शन को समाप्त किया.
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने संभाला पदभार, प्रदेशवासियों को जल्द मिल सकती है बड़ी सौगात
लोरमी. बिलासपुर लोकसभा के सांसद तोखन साहू को पीएम मोदी मंत्रिमंडल में नई जिम्मेदारी मिली है. उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया है. बता दें कि तोखन साहू पीएम मोदी सहित तमाम मंत्रिमंडल के साथ शपथ ग्रहण में शामिल हुए थे. वहीं आज उन्होंने अपने विभाग में पदभार ग्रहण किया.
पदभार ग्रहण के दौरान तोखन साहू आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ अधिकारियों की बैठक में शामिल हुए. उन्होंने बैठक में कार्य योजनाओं की समीक्षा भी की.
बता दें कि बिलासपुर सांसद तोखन साहू के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने से क्षेत्र सहित प्रदेश में खुशी की लहर है. साथ ही बिलासपुर से डोंगरगढ़ नई रेल परियोजना जल्द ही शुरू हो सकती है.
बलौदाबाजार हिंसा पर एक्शन में सरकार, अब तक 200 गिरफ्तार, कई नेताओं ने नाम भी आये सामने
बलौदाबाजार : जिला मुख्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले विभिन्न संगठनों के लगभग 200 लोगों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। कलेक्टर केएल चौहान ने बताया कि, लगातार पूछताछ की जा रही है और गिरफ्तारियां भी हो रही हैं। नुकसान का आकलन पीडब्ल्यूडी विभाग कर रहा है। दस्तावेजों के लिए लिस्टिंग की जा रही है। आरोपियों की पहचान सीसी टीवी वीडियो फुटेज के माध्यम से की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि, सोमवार की दोपहर उग्र भीड़ ने शहर में जमकर उत्पात मचाया था। कलेक्ट्रेट कार्यालय को आग के हवाले करने के अलावा बड़ी संख्या में गाड़ियों को फूंक दिया गया। कलेक्टर केएल चौहान ने बताया कि, प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
कई जिला पंचायत, जनपद पंचायत सदस्यों के भी नाम
कलेक्टर केएल चौहान ने यह भी कहा कि, पंचायत विभाग के जनप्रतिनिधियों के भी नाम सामने आ रहे हैं। इनमें जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और कई गांवों के सरपंचों की भी गिरफ्तारियां होनी बाकी है। पुलिस की टीम लगातार इनकी तलाशी कर रही है। उन्होंने बताया कि, अधिकतर लोग गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए हैं। सारंगढ़ लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के पुत्र का नाम भी सामने आ रहा है।
उद्योग विभाग में कसावट लाने की कवायद शुरू, मंत्री श्री देवांगन ने ली मैराथन बैठक
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने मंगलवार को उद्योग विभाग की एक-एक योजना की विस्तार से समीक्षा की।बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योग स्थापना के नाम पर जमीन लेने के बाद भी उद्योग नहीं लगाने वाले उद्योगपतियों को नोटिस जारी कर जमीन आबंटन की प्रक्रिया निरस्त करने की कार्रवाई करे। आज मंगलवार को सर्किट हाऊस रायपुर में प्रदेश के सभी जिलों के उद्योग और व्यापार केन्द्र के प्रबंधकों, सीएसआईडीसी के अधिकारीयों व उद्योग संचालनालय के उच्च अधिकारियों की बैठक लेकर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस आशय के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, संचालक उद्योग श्री पी. अरूण प्रसाद सहित जिलों से आए अधिकारी एवं उद्योग संचालनालय के अधिकारी उपस्थित थे।
उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने निर्देश देते हुए कहा कि चुनाव के आदर्श आरचण संहिता के दौरान जो कार्य लंबित थे, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने की कार्यवाही करें।
मंत्री ने औद्योगिक दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए वाष्पयंत्र निरीक्षकालय की समीक्षा के दौरान कहा कि अधिकारीगण समय-समय पर बायलर का निरीक्षण करते रहें।
विभाग के योजनाओ में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत 2023दृ24 में 1024 लक्ष्य की तुलना में अब तक 1252 प्रकरणों को स्वीकृत किया गया।मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 600 लक्ष्य की तुलना में 1129 आवेदन स्वीकृत किए गए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल योजना के तहत अब तक एमएसएमई रायपुर द्वारा अब तक 10798 लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस कार्य में मंत्री श्री देवांगन ने तेजी लाने के निर्देश दिए गए।भू आबंटन के 758 प्रकरणों को स्वीकृत किया गया, 30 पेंडिंग मामलों को भी जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए गए। मंत्री श्री देवांगन ने कहा की देश के प्रधानमंत्री जिन्होंने हॉल ही में तीसरी बार प्रधानमंत्री का पदभार ग्रहण किया है। वे भी चाहते है कि युवाओं को अधिक से अधिक काम मिले जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आ सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की भी मंशा है की अलग अलग सेक्टर में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगें ताकि रोजगार के अवसर सृजित हों सके।
उद्योग मंत्री ने इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री फॉर्मलाईजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राईजेस (पी.एम.एफ.एम.ई.) योजना, विभिन्न अनुदान, छुट एवं रियायतों के प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा भूमि आवंटन संबंधी प्रकरणों की समीक्षा की और फ्री-होल्ड संबंधी प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण, उद्योंगों के लिए किए गए एम.ओ.यू. की प्रगति, अधोसंरचना विकास कार्य, राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड के कार्यों, वाष्पयंत्र निरीक्षणालय कार्यों, पंजीयक फॉर्म एवं संस्थाएं की समीक्षा की गई। राज्य में उद्योग निवेश बढ़ाए जाने के संबंध में राज्य प्रोत्साहन बोर्ड को सक्रिय भूमिका निभाने और निवेश आकर्षित करने का निर्देश दिया गया । नई सरकार में उद्योग विभाग को अपनी सक्रिय भूमिका निभाने में प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए सभी अधिकारियों को उद्योग संचालन में आवश्यक सहयोग करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया।
