साहित्य
महादेव रेड्डी अन्ना-15 पैनल के माध्यम से क्रिकेट सट्टा संचालित करते 01 अंतर्राज्यीय सहित कुल 05 आरोपी पुणे महाराष्ट्र से गिरफ्तार
अवैध रूप से शराब परिवहन करते आरोपी राजू चेलक गिरफ्तार
घर उजाड़ने वाली महिलाओं पर महिला आयोग सक्त, तीन महिलाओं को भेजा नारी निकेतन ।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्यगण श्रीमती नीता विश्वकर्मा व श्रीमती बालो बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 254 वीं सुनवाई हुई। रायपुर जिले में कुल 126 वीं जनसुनवाई।
महिलाएं शादी-शुदा पुरूष के साथ रहने से पहले हजार बार सोचे और उसकी पहली पत्नि को घर से निकलवाकर दूसरी पत्नी बनने का प्रयास ना करें और बसा-बसाया घर उजाडने का प्रयास ना करें। ऐसी महिलाओं को महिला आयोग सुधारने की दिशा में सक्त प्रयास करती है- डॉ. किरणमयी नायक
आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसका पति किसी अन्य महिला के साथ 1 साल से भाग गया था। अनावेदक पहली पत्नी के जीवित रहते बिना तलाक के दूसरी महिला से विवाह किया जो कि पूर्णतः शून्य है। आयोग की अध्यक्ष द्वारा आवेदिका को यह सलाह दिया कि यदि वह चाहे तो दस्तावेज के आधार पर अनावेदक के खिलाफ धारा 494 IPC के तहत रिपोर्ट दर्ज करा सकेगी और दूसरी महिला सुधरने का मौका देकर सुरक्षा की दृष्टि से 2 माह के लिए नारी निकेतन रायपुर भेजे जाने का आदेश आयोग द्वारा दिया गया।
इसी तरह एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपने पति के दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध से परेशान होकर आयोग में शिकायत दर्ज करायी। दूसरी महिला की वजह से आवेदिका का पति उसके साथ मारपीट करता है। दूसरी महिला का पति भी आयोग में उपस्थित हुआ वह भी अपनी पत्नी से परेशान है और यह चाहता है कि उसकी पत्नी अपनी गलती समझ कर उसके साथ ठीक से रहे। दूसरी महिला को सुधरने का मौका नारी निकेतन भेजा गया।
इसी दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आवेदिका और उसके पति के दो बच्चे 14 वर्ष और 18 वर्ष के है। वहीं दूसरी महिला एवं उसके पति के भी 14 वर्ष व 11 वर्ष के 2 बच्चे है। आवेदिका ने बताया कि आवेदिका के पति और दूसरी महिला के मध्य अवैध संबंध है। इस बात को दूसरी महिला का पति जानता है और वह चाहता है कि उसकी पत्नी को उचित समझाइश देकर सुधरने का मौका दिया जाये। आवेदिका भी अपने पति के साथ अपना रिश्ता सुधारना चाहती है इस पर आवेदिका के पति ने भी सहमति व्यक्त की। आवेदिका का पति हर माह 30 से 35 हजार रू. कमाता है। आयोग द्वारा आवेदिका के पति की आदेशित किया गया कि वह 10 जुलाई को आकर आवेदिका को 15000/- रू. देगा व अगले 6 माह तक आयोग में आकर आवेदिका को पैसे देगा और अपने संबंध सुधारने का प्रयास करेगा। दूसरी महिला को सुधरने का मौका देकर नारी निकेतन भेजा गया।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके 3 वर्ष के बच्चे को उसका पति अपने साथ ले गया था, और उसने आवेदिका को बिना तलाक लिये दूसरा विवाह कर लिया है जो कि गैर कानूनी है। आज आयोग के समक्ष आवेदिका को उसका 3 वर्ष का बच्चा दिलाया गया व दोनो पक्षों को समझाइश दिया गया कि कानूनी रूप से तलाक ले। आपसी समझौते के बाद प्रकरण को समाप्त कर दिया जायेगा।
पुलिस परिवार के बच्चों को स्कूल आने-जाने मिली बस की सुविधा
पुलिस परिवार के बच्चों को स्कूल आने-जाने मिली बस की सुविधा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर बस को किया रवाना
मुख्यमंत्री ने पुलिस कॉलोनी आवासीय समिति के सदस्यों को सौंपी बस की चाबी
पुलिस परिवार के लोगों ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का जताया आभार
सीएसआर मद से बच्चों को मिली बस की सुविधा
इस मौके पर पुलिस परिवार के लोग भी रहे मौजूद
आयोग के निर्देश पर 6 माह का का बकाया वेतन 1 लाख 85 हजार रू. आवेदिका को मिला।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्यगण श्रीमती नीता विश्वकर्मा व श्रीमती बालो बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 252 वीं सुनवाई हुई। रायपुर जिले में कुल 124 वीं जनसुनवाई।
आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में अनावेदिका को दिनांक 04/04/2024 से नारी निकेतन रायपुर में आयोग के द्वारा सुरक्षा की दृष्टिकोण से भेजी गई थी। उसके परिवार से अब तक किसी ने शपथ पत्र नही दिया था। अनावेदिका की मां ने शपथ पत्र दिया, उनके द्वारा आश्वासन दिया गया कि अनावेदिका व उसका पति कोरबा के परिवार न्यायालय में आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे और तलाक की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् उभय पक्ष आपस में विवाह के सामान का आदान प्रदान करेंगे। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
आयोग में प्रकरण प्रस्तुत होते ही उभय पक्षों के मध्य विवाद का निराकरण हो चुका है व आवेदिका को 6 माह के मातृत्व अवकाश के वेतन का 1 लाख 85. 767 रू. अनावेदक के द्वारा आवेदिका को दिया जा चुका है। ऐसी स्थिति में प्रकरण का उद्देश्य पूर्ण हो चुका है। अतः प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक के विरूध्द शिकायत प्रस्तुत किया था, लेकिन सुनवाई के दौरान अनावेदक ने यह बताया कि आवेदिका के द्वारा अनावेदक के विरूध्द धारा 376 व 506 का अपराध दर्ज कर दिया है। जिसमें अनावेदक 13 दिन जेल में रहा है और जमानत पर रिहा हुआ है। चूंकिप्रकरण न्यायालय में लंबित है अतः आयोग में सुना जाना औचित्यहीन होने से प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक अन्य प्रकरण में दोनों पक्षों को सुने जाने के दौरान यह पता चला कि अनावेदक के उपर सर्टिफिकेट कैंसल होने का प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है ऐसी दशा में प्रकरण को आगे जारी रखना संभव नहीं है। इस स्तर पर आवेदिका ने कहा कि उसे 1 महिने का वेतन नहीं मिला है। जिसे अनावेदक ने देना स्वीकार किया गया और आवेदिका का सामान देने के बाद आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाने पर प्रकरण नस्तीबध्द किया जायेगा।
अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों की काउंसलिंग के बाद दोनों पक्ष तलाक के लिए सहमत है। अनावेदक ने बताया कि उन्होंने रायपुर कोर्ट में तलाक के लिए आवेदन लगा दिया है। प्रकरण न्यायालय में होने के कारण आयोग से प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है।
बसा-बसाया घर उजाड़ने वाली दो महिलाओं को आयोग ने भेजा नारी निकेतन
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्यगण श्रीमती नीता विश्वकर्मा व श्रीमती बालो बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 253 वीं सुनवाई हुई। रायपुर जिले में कुल 125 वीं जनसुनवाई।
महिलाएं शादी-शुदा पुरूष के साथ रहने से पहले हजार बार सोचे और उसकी पहली पत्नि को घर से निकलवाकर दूसरी पत्नी बनने का प्रयास ना करें और बसा-बसाया घर उजाडने का प्रयास ना करें। ऐसी महिलाओं को महिला आयोग सुधारने की दिशा में सक्त प्रयास करती है- डॉ. किरणमयी नायक
आज की सुनवाई में आवेदिका ने बताया कि उसके पति ने आवेदिकासे बिना तलाक लिये दूसरी महिला को अपनी पत्नी बनाकर रखा है, जबकि दूसरी महिला ने भी अपने पति से तलाक नही लिया है। वर्तमान में दूसरी महिला के पास अपने रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं था, इसलिए उसे नारी निकेतन सुरक्षा की दृष्टि से भेजा गया। दूसरी महिला के पति या उसके परिवार वालों के द्वारा आवेदन या शपथ पत्र दिये जाने पर ही उसे नारी निकेतन से वापस भेजा जा सकेगा। अनावेदक को समझाईश दिया गया कि वह आवेदिका से अपना व्यवहार सही रखे, अगर आवेदिका को कोई परेशानी हो तो वह पुलिस थाना में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकेगी।
इसी तरह एक अन्य प्रकरण में भी दूसरी महिला आवेदिका के बसे- बसाये घर को उजाड़ने के लिए अवैध रूप से आवेदिका के पति के साथ रह रही थी एवं आवेदिका को घर से निकाल दिया है। दूसरी महिला ने भी यह स्वीकार किया है कि वह आवेदिका के पति के साथ अवैध रूप से रह रही है और विवाह नहीं किया है। अनावेदिका (दूसरी महिला) के पूर्व पति की मृत्यु हो चुकी है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसे सुधरने का मौका देकर 2 माह के लिए नारी निकेतन रायपुर भेजे जाने का आदेश आयोग द्वारा दिया गया।
एक प्रकरण में सुनवाई के दौरान अनावेदक ने बताया कि आवेदिका पक्ष की शिकायत पर उसके विशब्द धारा 306 आई.पी.सी. का अपराध थाना तेलीबांधा में लगा है जिसमें अनावेदक 36 दिन जेल में रहा है और रायपुर जिला सत्र न्यायालय में अगली सुनवाई है। अनावेदक के अधिवक्ता ने पुष्टि की कि अनावेदक के विरुसब्द कोर्ट में पेशी चल रही है। इस स्तर पर आवेदिका पक्ष को समझाइश दिया गया कि यह अधिवक्ता की मदद लेकर अनावेदक के खिलाफ न्यायालय में चल रहे प्रकरण की पैरवी उचित तरह से कराये। इस सलाह के बाद प्रकरण नस्तीकन्द किया गया।
अपराधियों के लिए स्वर्ग बनी राजधानी - कन्हैया अपराधी बेखौफ है ,नागरिक भयभीत है अपराध नियंत्रण के लिए एसएसपी को दिया ज्ञापन
प्रदेश की राजधानी की शांत फिजा में लगातार जहर घुल रहा है । नई सरकार आने के बाद शायद ही ऐसा कोई दिन बिता हो जिस दिन लूट, चाकूबाजी, नशा , सट्टा के मामले सामने ना आए हों । अपराधी बैकअप होकर शहर के हर हिस्से में चैन लूट रहे हैं ,चाकू मार रहे हैं, हत्या कर रहे हैं जिससे शहर की जनता में डर और आक्रोश है । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह को ज्ञापन देकर शहर में कानून व्यवस्था करने की मांग की ।
उन्होंने कहा कि भाठागांव में बस्तर से आए छात्र की बेदर्दी से हत्या की खबरों की स्याही सुखी भी नहीं थी शैलेंद्र नगर में कारोबारी के घर घुसकर हमले का मामला सामने आ गया । हर दिन मीडिया में चोरी, लूट , नकबजनी,हत्या का प्रयास, हत्या, बलात्कार की खबरें शहर की जनता को झकझोर रही है । ऐसा प्रतीत होता है अपराधियों को संगठित रूप से संरक्षण दिया जा रहा है जिसके कारण बेखौफ हो गए हैं । पुलिस का व्यवहार नागरिकों के साथ मित्र की तरह होना चाहिए पर हो इसका उल्टा रहा है ।
हमने बनाया है हम ही सवारेंगे का नारा देने वाली सरकार किसको संवारने में लगी है यह चिंतन का विषय है । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह ने विश्वास दिलाया कि अपराध की जड़ नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ अब अड्डेबाजों से सख्ती से निपटने कार्रवाई की जाएगी, किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा । ज्ञापन देने गए प्रतिनिधि मंडल में कन्हैया अग्रवाल, सुरेश बाफना, संतोष बाघमार, शरद गुप्ता, मुकुंद कागदेलवार ,मनोज पाल ,पिंटू बैद,राजेश त्रिवेदी,नागेंद्र वोरा शामिल थे ।
छत्तीसगढ़ के माननीय उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया सहसपुर लोहरा में नव निर्मित थाना भवन का लोकार्पण साथ ही मनाया गया 3 नए कानूनों के लागू होने का उत्सव
1 जुलाई, 2024 जिला कबीरधाम के थाना सहसपुर लोहरा में आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री, विजय शर्मा, ने नव निर्मित थाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव (भा पु से), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विकास कुमार (भा पु से), जिला पुलिस के अधिकारी, पुलिसकर्मी, और क्षेत्र के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे।
साथ ही आज से तीन नए आपराधिक कानून देसभर में लागू हो रहे हैं। इसमें आज से 1860 में बनी आईपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता 1898 में बनी सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और 1872 के इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम ले लेगी।
इस नए कानून की शुरुआत होते ही जिला कबीरधाम के थाना रेंगाखार में एक FIR दर्ज किया गया जिसे BNS के तहत दर्ज किया गया जो पीड़ित के आवेदन पर नए कानून के तहत दर्ज होने वाला देश का पहला FIR है .
स्वागत भाषण के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव ने नए थाना भवन के बारे में जानकारी दी कि यह भवन पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन द्वारा मानकों का पालन करते हुए बनाया गया है। उन्होंने कहा,* "नया थाना भवन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है बल्कि इससे पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।
इसके साथ ही, डॉ. पल्लव ने आज से लागू होने वाले तीन नए महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में उन्होंने कहा, "ये नए कानून हमारी न्याय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएंगे, जिससे आम नागरिकों को न्याय मिलने में और भी आसानी होगी।"
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा, "नव निर्मित थाना भवन से क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और नागरिकों को त्वरित और प्रभावी सेवा प्रदान की जा सकेगी।"
उप मुख्यमंत्री ने इन नए कानूनों के लागू होने पर खुशी जताते हुए कहा, "ये कानून भारतीय न्याय प्रणाली में एक नई क्रांति लाएंगे। इससे न केवल अपराधों की जांच में तेजी आएगी बल्कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा भी मिल सकेगी। नए कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों को न्याय पाना और भी आसान होगा।"
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा में सुधार लाना है। इसके तहत नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है, जिससे कानून का पालन करना और उसकी रक्षा करना आसान होगा।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाना है। इससे मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम होगी।
भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के तहत साक्ष्य प्रस्तुत करने के नियमों में सुधार किया गया है, जिससे न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत करना और उसका मूल्यांकन करना अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत होगा।
माननीय उपमुख्यमंत्री ने दी कानून के विशेष प्रावधानों की जानकारी
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नए कानूनों की विशेष प्रावधानों को जनता के समक्ष एक कानूनविद की भांति स्पष्ट किया। खास बात यह रही कि उन्होंने छत्तीसगढ़ी में लोगों को इस बारे में बताया, जिससे सभी उपस्थित लोगों को कानून की बारीकियों को समझने में आसानी हुई।
विजय शर्मा ने कहा, "मोर छत्तीसगढ़ के भैया-बहिनी मन ला ये कानून के विशेष प्रावधान ला समझना जरूरी हे, ताकि ओमन अपन अधिकार अउ कर्तव्य ला जान सके।" उन्होंने सरल और सुलभ भाषा में नए कानून के महत्वपूर्ण परिवर्तनों और संशोधनों को स्पष्ट किया, जिससे सभी लोगों को समझ में आ सके।
इस कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनारा मुखी सही, नगर पंचायत अध्यक्ष स लोहरा, श्रे संतोष मिश्र, जनप्रतिनिधि लोहारा के साथ साथ अन्य गणमान्य नागरिकने उपस्थित रहे व आम जनता ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और खुशी जताई। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि यहां का थाना भवन अब और भी आधुनिक और सुविधाजनक हो गया है। साथ ही, नए कानूनों से हमें न्याय मिलने में और भी आसानी होगी।"
इस कार्यक्रम ने जिला कबीरधाम और विशेष रूप से थाना सहसपुर लोहरा के निवासियों के लिए एक नई दिशा प्रदान की है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि राज्य सरकार और कबीरधाम पुलिस नागरिकों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अपराध करवाने नाबालिकों का हो रहा उपयोग : मंदिर में दिनदहाड़े चोरी
गुण्डा बदमाश, निगरानी बदमाश, संदिग्ध व्यक्ति, असमाजिक तत्वों, सहित अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध की गई छापेमार कार्यवाही।
रायपुर पुलिस की 100 सदस्यीय पुलिस टीम की बी.एस.यू.पी. कालोनी में छापेमार कार्यवाही
थाना माना क्षेत्रांतर्गत होटल में चोरी की घटना को अंजाम देने वाला होटल का पूर्व कर्मचारी टिकेश्वर जांगड़े गिरफ्तार
अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर जिला प्रशासन रायपुर का आयोजन
Crime : पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट....जानिए क्या है पूरा मामला
सरगुजा : जिले में हत्या का मामला सामने आया है, यहां विवाद के बाद पत्नी ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया है. फ़िलहाल पुलिस आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के अनुसार, यह मामला मणिपुर थाना क्षेत्र के मठपारा का है, जहां मामूली बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ. दोनों शराब पी रखे थे. विवाद के बाद आवेश में आकर पत्नी ने डंडे से पति के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. बेटे ने तत्काल अपने घायल पिता को मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने पति इंदरलाल कुजूर को मृत घोषित कर दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
