सियासत
MP में बदले तीन जगहों के नाम: राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना, जानें किसका क्या पड़ा नाम
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए तीन जगहों के नाम बदल दिए हैं। राज्य सरकार की तरफ से प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद राजपत्र में इसको लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।
जानें कहां-कहां बदले नाम
इसके तहत जबलपुर जिले के ग्राम कुंडम का नाम परिवर्तित कर कुण्डेश्वर धाम कर दिया गया है। वहीं सतना जिले के कूंची ग्राम का नाम बदलकर चंदनगढ़ कर दिया गया। इसके अलावा रामपुर बाघेलान तहसील के ग्राम कुड़िया का नाम बदलकर कर्णपुर कर दिया गया है। इसकी अधिसूचना राजस्व विभाग के द्वारा प्रकाशित कर दी गई है।
बता दें कि गुड़िया का नाम बदलने के लिए 1 जनवरी 2024 को राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया था। माही कुंडम ग्राम का नाम बदलने का प्रस्ताव 7 दिसंबर 2022 से लंबित था। हालांकि प्रदेश में यह पहली बार नहीं है, जब शहरों और गांव के नाम बदले गए हो। इससे पहले भी कई जगहों के नाम बदले गए हैं। जिसको लेकर सियासत भी हुई है। खासकर उर्दू नाम जब जब बदले गए हैं, तब राजनीति बयानबाजी देखने को मिली है।
राजधानी में डूबने से हुई तीन बच्चों की मौत, मृत अवस्था में लाश बरामद
भोपाल | BIG News: राजधानी के बैरसिया क्षेत्र के ग्राम ललरिया में तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। रातभर चले रेस्क्यू अभियान में तीनों बच्चों की बॉडी मृत अवस्था में मिली। प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि रात भर रेस्क्यू करते रहे। हादसा कल हुआ था, जिसमें एक बच्चे की बॉडी कल ही मिल गई थी। बाकी दो बच्चों की बॉडी सुबह 5 बजे मिली। तीनों बच्चों की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना स्थल पर रात भर कलेक्टर मौजूद रहे।
वायनाड में लैंडस्लाइड, 5 की मौत, सैकड़ों के फंसे होने की आशंका..
केरल :- केरल के वायनाड जिले में लैंडस्लाइड की कई घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा सैकड़ों लोगों के फंसे होने की भी आशंका जताई गई है। यह लैंडस्लाइड वायनाड स्थित मेपड्डी के कुछ पहाड़ी इलाकों में हुई है। केरल सरकार इस मामले को लेकर ऐक्शन में आ गई है।
मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि सभी सरकारी एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा दी गई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक हालात और खराब हो सकते हैं। वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बचाव कार्य में जुटी टीमों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद टीमें लोगों को बचाने के लिए जी-जान से जुटी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक लैंडस्लाइड की सबसे पहली घटना मेपड्डी में रात करीब दो बजे हुई। भोर में 4 बजकर 10 मिनट पर फिर से लैंडस्लाइड हुई।
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर, एक एमआई-17 और एलएच को सुलूर के लिए रवाना किया गया है। बताया जाता है कि मेपड्डी के एक अस्पताल में 16 लोगों का इलाज चल रहा है।
केरल के स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (केएसडीएमए) ने बताया कि प्रभावित इलाकों में फायरफोर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स टीमें तैनात कर दी गई हैं।
इसके अलावा लोगों को निकालने के लिए एक एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम लगाई गई है। वहीं, कन्नूर डिफेंस कोर की दो टीमों को भी निर्देश दिए गए हैं। इन टीमों से कहा गया है कि वह वायनाड की तरफ बढ़ें और बचाव कार्य में मदद करें। केएसडीएमए द्वारा इस बारे में फेसबुक पर भी पोस्ट किया गया है।
1 अगस्त से बदल रहे क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम, इस बैंक के ग्राहकों को लगेगा बड़ा झटका..
अगस्त महीने की शुरुआत होने वाली है। इस महीने के पहले दिन यानी 1 अगस्त से फाइनेंस से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने वाले हैं। इनमें से एक बदलाव का असर एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्डधारकों पर पड़ सकता है।
दरअसल, बैंक के क्रेडिट कार्डधारकों से अब थर्ड पार्टी पेमेंट ऐप्स के जरिए किए जाने वाले सभी रेंटल ट्रांजैक्शन पर रकम का 1% चार्ज वसूला जाएगा, जिसकी अधिकतम लिमिट 3,000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन है। बता दें कि PayTM, CRED, MobiKwik जैसे थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप का इस्तेमाल कर रेंटल ट्रांजैक्शन किया जा सकता है।
यूटिलिटी ट्रांजैक्शन की बात करें तो ₹50000 से कम के लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि, ₹50000 से अधिक के लेनदेन के लिए 1 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। प्रति लेनदेन ₹3000 की लिमिट है। हालांकि, बीमा लेनदेन को इन शुल्कों से छूट दी गई है।
फ्यूल ट्रांजैक्शन की बात करें तो ₹15,000 से अधिक के लेनदेन के लिए 1 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। इससे कम के लेनदेन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। ऐसे लेनदेन की अधिकतम सीमा ₹3,000 प्रति लेनदेन है।
CRED, PayTM आदि जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स द्वारा किए गए लेनदेन के लिए 1% शुल्क लिया जाएगा। प्रति लेनदेन ₹3,000 की सीमा है। हालांकि, इंटरनेशनल एजुकेशन पेमेंट को इस शुल्क से बाहर रखा गया है। वहीं, स्टेटमेंट क्रेडिट या कैशबैक पर रिवार्ड भुनाने वाले ग्राहकों से ₹50 का चार्ज लिया जाएगा।
इसी तरह, रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधाओं का उपयोग करने वाले ग्राहकों से प्रति माह 3.75 प्रतिशत चार्ज लिया जाएगा। यह ट्रांजैक्शन की तारीख से तब तक लागू रहेगा जब तक कि बकाया राशि का पूरा भुगतान नहीं हो जाता।
किसी भी ऑनलाइन या ऑफलाइन स्टोर पर ईजी-ईएमआई विकल्प का लाभ उठाने के लिए ₹299 तक ईएमआई प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक ने टाटा न्यू इन्फिनिटी और टाटा न्यू प्लस क्रेडिट कार्ड के लिए नियम बदल दिए हैं।
बड़ा फैसला : मध्यप्रदेश में तीन जगहों के बदले नाम, कुंडम अब ‘कुण्डेश्वर धाम’ कहलाएगा
मध्यप्रदेश- में तीन जगहों के नाम बदल दिए गए हैं। एक जबलपुर से तो दो सतना जिले के गांवों के नाम बदले गए हैँ। इसकी अधिसूचना प्राकाशित कर दी गई है।राज्य शासन की ओर से जबलपुर जिले के ग्राम कुंडम का नाम परिवर्तित कर कुण्डेश्वर धाम कर दिया गया है। वहीं सतना जिले के कूंची ग्राम का नाम बदलकर चंदनगढ़ कर दिया गया। वहीं रामपुर बाघेलान तहसील के ग्राम कुड़िया का नाम बदलकर कर्णपुर कर दिया गया है। इस अधिसूचना राजस्व विभाग के द्वारा प्रकाशित कर दी गई है।छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव को एमपी का 56वां जिला बनाने की पूरी तैयारी है। इसके लिए राजस्व विभाग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर प्रस्ताव मांगा है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसमें कौन- सी विधानसभा और कौन-सी तहसीलें शामिल होंगी

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ, आज जंतर-मंतर पर इंडिया गठबंधन की महारैली
दिल्ली :- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जेल में बिगड़ती सेहत को लेकर आज इंडिया गठबंधन के नेता जंतर-मंतर पर एक रैली में हिस्सा लेंगे. यह रैली दोपहर एक बजे से शाम 5 बजे तक होगी. जिसमें केजरीवाल की सेहत को लेकर चर्चा की जाएगी. साथ ही दिल्ली CM की गिरफ्तारी का भी विरोध किया जाएगा. आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्सयभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC, DMK और अन्य पार्टियों ने केजरीवाल के साथ किए गए व्यवहार और शासन पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जाहिर की.
आप ने तिहाड़ जेल में अपनी पार्टी के संयोजक के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की साजिश का आरोप लगाया है. सिंह ने कहा, ‘इस रैली का मकसद न्याय की मांग करना और केजरीवाल के नेतृत्व का समर्थन करना है.’ सूत्रों ने कहा कि विपक्षी एकता का यह लेटेस्ट प्रदर्शन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा ‘केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग’ के जरिए एक मौजूदा CM के साथ कथित दुर्व्यवहार के ‘बड़े मुद्दे’ तक सीमित रहेगा.
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने BJP पर CM अरविंद केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश रचने का आरोप लगाया था. उन्होंने ये भी कहा था कि जब BJP नेताओं को दिल्ली के CM को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बारे में पता चला तो उन्हें CBI से गिरफ्तार करवा दिया.
मालगाड़ी से हावड़ा-मुंबई मेल टकराई,18 डिब्बे पटरी से उतरे, 3 की मौत, 20 घायल, जानें डिरेल की वजह
झारखंड :- चक्रधरपुर में हावड़ा से मुंबई जा रही 12810 हावड़ा-सीएसएमट मेल के कई डिब्बे पटरी से उतर गए. हादसा राजखरस्वान वेस्ट आउटर और बाराबंबू स्टेशनों के aहुआ. रेलवे की मेडिकल टीमों ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. इस बीच बड़ी जानकारी सामने आई है कि क्यों और कैसे यह हादसा हुआ.
जिस जगह यह हादसा हुआ है वहां पहले से ही एक मालगाड़ी पहले डिरेल हुई थी, जिसके वैगन ट्रैक पर ही थे. हावड़ा-मुंबई मेल दूसरी ट्रैक से आ रही थी. तभी उन वैगन्स से टकराकर इसके कई डिब्बे भी पटरी से उतर गए.घटना मंगलवार तड़के सुबह 3.43 बजे की है. हादसे की सूचना मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय में हड़कम्प मच गया. आनन फानन में 4.15 में एआरएमई ट्रेन को रवाना किया गया है. वहीं कई यात्रियों के घायल होने की सूचना मिली है. तो कुछ की मौत हुई है. फिलहाल घायलों को रेलवे अस्ताल में भर्ती कराने की तैयारी की जा रही है.हादसे के बाद अब हावड़ा-मुम्बई मार्ग पर ट्रेन परिचालन बंद है. कई ट्रेनें इससे प्रभावित हो सकती है. रेलवे ने हादसे के बाद कुछ हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. पहला हेल्पलाइन नंबर, टाटानगर : 06572290324. चक्रधरपुर: 06587 238072. राउरकेला: 06612501072, 06612500244 और हावड़ा : 9433357920, 03326382217.
हादसे की तस्वीरें आईं सामने
रेल हादसे की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं. इसमें ट्रेन के डिब्बे अलग-थलग पड़े दिखे. कुछ चश्मदीदों ने बताया- हम सोए हुए थे. ट्रेन अपनी स्पीड से चल रही थी. तभी हमें जोर का झटका लगा. ट्रेन में चीखपुकार सी मच गई. बोगियों में यात्री यहां-वहां दौड़ने लगे. जोर से झटके के बाद ट्रेन के डिब्बे पटरी से अलग हो गए.
Aaj Ka Panchang: आज 30 जुलाई 2024 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह
पंचांग- 30 जुलाई 2024
विक्रम संवत- 2081, पिंगल
शक सम्वत- 1946, क्रोधी
पूर्णिमांत- श्रावण
अमांत- आषाढ़
तिथि
कृष्ण पक्ष दशमी- जुलाई 29 05:56 PM- जुलाई 30 04:45 PM
नक्षत्र
कृत्तिका- जुलाई 29 10:55 AM- जुलाई 30 10:23 AM
योग
वृद्धि- जुलाई 29 05:55 PM- जुलाई 30 03:55 PM
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय- 6:00 AM
सूर्यास्त- 7:06 PM
चन्द्रोदय- 01:23 ए एम, जुलाई 31
चन्द्रास्त- 03:05 पी एम
अशुभ काल
राहू- 03:50 पी एम से 05:32 पी एम
यम गण्ड- 09:04 ए एम से 10:46 ए एम
कुलिक- 12:27 पी एम से 02:09 पी एम
दुर्मुहूर्त- 08:24 ए एम से 09:18 ए एम, 11:25 पी एम से 12:07 ए एम, जुलाई 31
वर्ज्यम्- 02:16 ए एम, जुलाई 31 से 03:51 ए एम, जुलाई 31
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त- 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
अमृत काल- 08:02 ए एम से 09:36 ए एम
ब्रह्म मुहूर्त- 04:18 ए एम से 05:00 ए एम
Aaj Ka Rashifal 30 July 2024: आज इन राशियों का दिन रहेगा बेहद ही मंगलकारी, बजरंगबली दूर करेंगे सभी संकट, पूरे होंगे सारे काज
30 July 2024 Ka Rashifal: आज श्रावण कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि और मंगलवार का दिन है। दशमी तिथि आज शाम 4 बजकर 45 मिनट तक रहेगी। आज दोपहर बाद 3 बजकर 56 मिनट वृद्धि योग रहेगा। साथ ही आज सुबह 10 बजकर 23 मिनट तक कृत्तिका नक्षत्र रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र लग जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कैसा रहेगा आपके लिए 30 जुलाई 2024 का दिन और किन उपायों से आप ये दिन बेहतर बना सकते हैं। साथ ही जानते हैं कि आपके लिए लकी नंबर और लकी रंग कौन सा होगा।
भोपाल की सेन्ट्रल लाइब्रेरी होगी आधुनिकीकृत
भोपाल- में स्कूल शिक्षा विभाग के 3 पुस्तकालय संचालित हो रहे है। इन पुस्तकालायों के माध्यम से नागरिकों विशेष रूप से युवाओं को समाचार पत्रों के साथ विभिन्न अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इन पुस्तकालायों के जीर्णोंद्वार के लिये विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये गये है।
शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल जिसे मौलाना आजाद सेंट्रल लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता है। इसके जीर्णोंद्वार के लिये कलेक्टर भोपाल द्वारा 6 करोड़ 50 लाख रूपये का बजट उपलब्ध कराया है। बजट राशि से पुस्तकालय क्षेत्र का विस्तार, 3 मंजिला भवन निर्माण, पार्किंग व्यवस्था और नवीन फर्नीचर आदि का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों के हो जाने के बाद सेंट्रल लाइब्रेरी में वर्तमान व्यवस्था के अलावा 500 और नये सदस्यों को अध्ययन सुविधा उपलब्ध होगी। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के द्वारा भी पुस्तकालय का अनुरक्षण एवं विकास का कार्य किया गया है। पुस्तकालय सदस्यों की मांग पर विभागीय बजट से करीब 350 नई ज्ञानवर्धक पुस्तकें क्रय कर पाठकों को उपलब्ध कराई गई है।
60 हजार पुस्तकों का है भंडार
भोपाल के न्यू मार्केट में मल्टीलेवल स्मार्ट पार्किंग के द्वितीय तल पर भोपाल जिला पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। इस पुस्तकालय में करीब 60 हजार पुस्तकों का संग्रह उपलब्ध है। इस पुस्तकालय में भी प्रतिदिन नागरिकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये युवा अध्ययन करने पहुँचते है।
जीटीबी कॉम्प्लेक्स की लाइब्ररी में होती है विविध गतिविधियाँ
भोपाल के जीटीबी कॉम्प्लेक्स में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुदान से स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी संचालित हो रही है। पूर्व में यह पुस्तकालय ब्रिटिश लाइब्रेरी रूप में जाना जाता था। स्वामी विवेकानन्द लाइब्रेरी में पिछले वर्ष 2 दिवसीय फेस्टिवल में बच्चों के लिये स्टोरी टेलिंग, क्विज काम्प्टीशन और फन एक्टिविटीज का आयोजन किया गया। जिसमें विजेता रहे बच्चों को पुरस्कार वितरित किये गये। इसके साथ ही जवाहर बाल भवन और वर्ल्ड-वे इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा तीसरी से 8वीं तक के बच्चों को लाइब्रेरी द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी दी गयी। बच्चों को मोबाइल के स्थान पर पुस्तकों के माध्यम से पढ़ाई करने के लिये प्रोत्साहित किया गया। लाइब्रेरी के सदस्यों की मांग पर लगभग 600 नई पुस्तकों को लाइब्रेरी के कलेक्शन में शामिल किया गया। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5 केन्द्रीय पुस्तकालय और 36 जिलो में जिला पुस्तकालय संचालित हो रहे है।
बांधों से जल प्रवाह की स्थिति पर नजर रखें, गेट खुलने के बाद जो क्षेत्र जलमग्न हो सकते हैं वहां आवश्यक व्यवस्थाएं करें: मुख्यमंत्री डॉ यादव
भोपाल - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज दिल्ली से लौटने के बाद सीधे अचानक राज्य बाढ़ कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रदेश के जिलों में अति वर्षा की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे स्थान जहां भी पुल के ऊपर पानी बह रहा हो तो वहां नागरिकों को नहीं जाना चाहिए। इस संबंध में सभी सजग रहे। बांधों के गेट खुलने की स्थिति में सतर्क रहें। जो क्षेत्र जलमग्न हो सकते हैं वहां आवश्यक सावधानी रखी जाए। जनहानि न हो, यह ध्यान रखा जाए। कंट्रोल रूम में भी वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर उपस्थित रहें और जिलों में प्रशासनिक अधिकारी सभी प्रबंध सुनिश्चित करते रहें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देर रात भोपाल स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर कार्य प्रणाली की जानकारी प्राप्त की। पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा किए जा रहे कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश में वर्षा की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने ज्यादा वर्ष वाले जिलों के लिए विभिन्न प्रबंध के संबंध में चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी सभी स्थितियों पर निरंतर नजर रखें। आवश्यकता हो तो हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी ऐसे क्षेत्र के लिए रखी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करें।
अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिख समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की भेंट
भोपाल - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सलाहकार गुरदीप सिंह भाटिया के नेतृत्व में सिख समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मंत्रालय में भेंट कर शॉल, श्रीफल तथा पुष्प-गुच्छ से उनका अभिवादन किया। प्रतिनिधि मंडल ने ओंकारेश्वर में ऐतिहासिक गुरूद्वारा, सराय और लंगर हॉल आदि के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस अवसर पर सर्वश्री मन्नी सिंह भाटिया, त्रिलोचन सिंह और अमरजीत सिंह उपस्थित थे।
सौभाग्य है कि देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर बाघ प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा है कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं। भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसकी नगर निगम सीमा के आसपास बाघ निर्बाध रूप से विचरण करते हैं। गर्व का विषय है कि प्रदेश में चीता परियोजना भी गतिशील है, जबकि संपूर्ण एशिया में कहीं चीता नहीं पाया जाता। पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को दृष्टिगत कर राज्य सरकार विभिन्न वन्य जीवों के सह अस्तित्व को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रोत्साहित करती रहेगी। प्रदेश के जिन क्षेत्रों में टाइगर नहीं है वहां नए टाइगर रिजर्व विकसित किए जाएंगे। टाइगर राष्ट्रीय पशु है, सभी राज्यों में टाइगर के अस्तित्व के लिये मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को भी टाइगर उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
तीन पुस्तकों का विमोचन एवं तीन लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग की तीन पुस्तकों क्रमशः वॉलेंट्री विलेज रिलोकेशन : "द सतपुड़ा मॉडल", "पेंच टाइगर बिहेवियर एक्टिविटीज किट-3" और "कान्हा की कहानियाँ" का विमोचन किया। इस अवसर पर टाइगर वॉरियर्स, पेंच लेंड आफ टाइगर और गौर के पुनर्स्थापन पर केंद्रित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए वन कर्मियों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री रामनिवास रावत, वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर विशेष रूप से उपस्थिति थीं।
गांधी सागर क्षेत्र में चीतों को बसाने के लिए गतिविधियां जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट भी गतिशील है और गांधी सागर क्षेत्र में भी चीतों को बसाने के लिए गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों के संरक्षण और टाइगर रिजर्व के बेहतर प्रबंधन से पर्यटकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश में 7 टाइगर रिजर्व विद्यमान हैं। वन से लगभग 60 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होता है और 25 लाख से अधिक पर्यटकों का प्रदेश में आवागमन है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में वन और वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए जारी प्रयासों से पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि काल के प्रवाह में विलुप्त प्राय वन्य प्राणियों के पुनर्स्थापना और सांपों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी प्रयास आरंभ किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन तथा वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और वन कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसमें वन अपराध अन्वेषण श्रेणी में इंदौर की उप वन संरक्षक श्रीमती अनुभा त्रिवेदी, पन्ना टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्रपाल श्री हृदयेश हरि भार्गव, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन रक्षक श्री नंदकिशोर अहिरवार, सक्रिय वन्यप्राणी प्रबंधन क्षेत्र में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक महावत श्री नीलम सिंह, पन्ना टाइगर रिजर्व के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक श्री ताराचंद गौड़, पेंच टाइगर रिजर्व के वन पाल श्री मोहपत सिंह चौधरी, वन्य-प्राणी संरक्षण क्षेणी में सहायक वन संरक्षक श्री राजेश मंडावलिया, कान्हा टाइगर रिजर्व के उप वन क्षेत्रपाल श्री कुवर सिंह टेकाम और टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर के वनरक्षक श्री राजेश मेहरा को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य-प्राणी रेस्क्यू श्रेणी के अंतर्गत वनमंडल रायसेन के उप वनमंडलाधिकारी श्री सुधीर पटले तथा उनके दल के सर्वश्री प्रवेश पाटीदार, प्रभात यादव, प्रीतम सिंह जाटव, भजन शर्मा, लाल सिंह पूर्वी, सर्जन सिंह मीना, परसराम मालवीय, नीतेश यादव और शोएब खान को सम्मानित किया। इस श्रेणी में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वनरक्षक श्री जसमन सिंह रघुवंशी को भी सम्मानित किया गया। वन्य-प्राणी रहवास श्रेणी में सतपुडा टाइगर रिजर्व के श्रमिक श्री शिवजी पिता श्री सुरजु, माधव राष्ट्रीय उद्यान के वनरक्षक श्री प्राणसिंह सोहरे, पर्यटन श्रेणी में वनमंडल देवास के सुरक्षा श्रमिक श्री जोगेन्द्र सिंह, कार्यवाहक वनपाल श्री गोपाल सिंह चौहान और वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वनरक्षक श्री रूप कुमार मेहर को सम्मानित किया गया। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी छिंदवाड़ा श्री अभयदीप सिंह ठाकुर , वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट भोपाल के वन्यप्राणी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत देशमुख और पेंच टाइगर रिजर्व के सुरक्षा श्रमिक श्री मनोज सिंह धुर्वे भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सम्मानित हुए।
वन तथा वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करना जरूरी
वन मंत्री श्री रामनिवास रावत ने कहा कि वन्य-प्राणियों का संरक्षण पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने में सहायक है। यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश पूरे देश में टाइगर स्टेट के रूप में विख्यात है। वन विभाग और सुदूर वन क्षेत्रों में कार्यरत वन अमले के सहयोग से ही वन तथा वन्य- जीवों का संरक्षण और संवर्धन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मिशन लाइफ के आव्हान को सफल बनाने और जैव विविधता के संरक्षण के लिए वन्य जीवों की जीवन शैली के संबंध में शालेय स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र और वन तथा वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही गतिविधियों में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए भी वन विभाग विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री शुभरंजन सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बाघ प्रेमी उपस्थित थे।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करें, बांधों के गेट खुलने पर ग्रामीणों को करें सूचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि वर्षा काल में प्रदेश में कहीं भी जन हानि न हो, इसके लिए सभी कलेक्टर्स अपने नेतृत्व में जिलों में प्रशासनिक अमले को दायित्व सौंपे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करे। संबंधित अमला चैतन्य रहे और घटना-दुर्घटना के पूर्व आम जनता को आगाह भी किया जाए। अतिवर्षा या बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए समन्वय में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। लोगों की जीवन रक्षा के लिए कहीं सेना की जरूरत हो तो कलेक्टर्स समय पर बताएं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा है कि कल दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए एक हादसे में बेसमेंट क्षेत्र में पानी भरने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन युवाओं की असामयिक मृत्यु दु:खद और दर्दनाक है। इस घटना के प्रकाश में मध्यप्रदेश के बेसमेंट में संचालित कोचिंग केंद्रों के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्षा की स्थिति और कुछ जिलों में बाढ़ की आशंका के संबंध में समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अनेक जिलों के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स से प्रदेश में अतिवर्षा की स्थिति में आवश्यक प्रबंधों के संबंध में चर्चा कर निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग ऐसे पुल-पुलियों की जानकारी संकलित कर, जहां दुर्घटनाएं पूर्व में हुई हैं, ऐसे रपटों और पुलों पर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। पुलों पर पानी का भराव हो तो लोगों को न जाने दें। बांधों से पानी छोड़ें तो प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट करें। तैराक दल भी ऐसे स्थानों पर उपलब्ध रहें। स्थानीय स्तर पर तालमेल रहे। जिलों और तहसीलों की परस्पर जानकारी रहे। अति वर्षा की स्थिति और बाढ़ की चुनौती से प्रशासन को निपटना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई जनहानि न हो, इसके लिए सजग रहें। निरंतर मानीटरिंग होती रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कंट्रोल रूम की ड्यूटी वाले अधिकारी- कर्मचारी 24 घंटे चैतन्य रहें। जरूरत के अनुसार स्काउट- गाइड और सेवा भावी संस्थाओं की सेवाएं अति वर्षा की स्थिति में प्राप्त करें।
आवश्यक सेवाओं में बाधा न हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा के दिनों में पेयजल आपूर्ति में स्वच्छता का ध्यान रखें। आम जनता को जीवन की उपयोगी वस्तुएं बिना बाधा के मिलती रहें। आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित किया जाए। वर्षाकाल में उत्पन्न समस्याओं के कारण मवेशियों की मृत्यु भी हो जाती है। कहीं मृत मवेशी न रखे रहें, उनको उठवाने का कार्य समय पर किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन पुल-पुलियों अथवा रपटों पर जल बहाव तेज हो, वहां से नागरिकों को आवागमन न करने दिया जाए। उनकी जीवन रक्षा के लिए आवश्यक तैराक दल भी ऐसी जगह पर उपलब्ध रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र का जिले और तहसील से संपर्क रहे। जहां दुर्घटना की या जल भराव ज्यादा होने के आशंका है, आवश्यक ध्यान रखा जाए।
कटनी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से राशि मंजूर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हाल ही में जबलपुर,मंडला और कटनी जिलों में अति वर्षा से कुछ नागरिकों की असमय मृत्यु हुई है, जो पीड़ादायक है। ऐसे दुर्घटनाएं आगे न हों, यह सुनिश्चित किया जाए। जहां लोग पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं, ऐसी नदियों तालाबों पर बचाव दल की आवश्यक व्यवस्था रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ जिलों में अधिक वर्षा से हुई जन हानि को दुखद बताया। उन्होंने विशेष रूप से कटनी जिले में एक कुएं में गिरने से चार लोगों की मृत्यु पर भी दुख व्यक्त किया। इस प्रकरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के वैध वारिसों को प्रति मृत व्यक्ति 4 लाख रुपए के मान से 16 लाख रुपए की राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं नहीं होना चाहिए। खुले बोरवेल भी बंद हों। ऐसी लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। नागरिक स्वयं सजग रहें और प्रशासनिक अमला भी सक्रिय और सजग रहे।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन के महीने में मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना- जाना निरंतर होता है। इसका जिला वार आकलन किया जाए। त्यौहारों पर नागरिकों के धर्म स्थलों पर जाने के मार्ग और अथवा उन स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा आवश्यक है, जो धर्मस्थल जल स्रोतों के पास या नदियों के पास हैं। ऐसी जगहों पर जहां जल स्तर बढ़ सकता है,वहां सुरक्षा की दृष्टि से निरंतर नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमिश्नर उज्जैन, कलेक्टर शाजापुर ,कलेक्टर नर्मदा पुरम, कलेक्टर जबलपुर और कलेक्टर कटनी से वर्षा की स्थिति और बाढ़ की आशंका के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए।
बेसमेंट में चलने वाले कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण के निर्देश जारी
इस अवसर पर प्रमुख सचिव राजस्व श्री निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने प्रजेंटेशन दिया। बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री नीरज मंडलोई ने बताया किमुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के परिपालन में प्रदेश में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग के स्थानों में जल भराव होने पर जल निकासी की व्यवस्था देखने और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने बताया कि 16 नगर निगम कमिश्नर्स भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े हैं। उन्हें बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों और अन्य धर्मशालाओं और संस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा विभिन्न नगरों- कस्बों में निचली बस्तियों में भी आवश्यक सावधानियां बरतने एवं कच्चे मकानो में बिजली के करंट फैलने से वर्षा काल में उत्पन्न होने वाली समस्या के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने बताया कि प्रदेश में एक जून से 29 जुलाई तक 18.5 इंच वर्षा दर्ज हुई है। अधिक वर्षा वाले जिलों में राजगढ़, नीमच, भोपाल, सिवनी, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रायसेन एवं सीहोर शामिल हैं। प्रदेश के सिर्फ कटनी जिले में अधिक वर्षा से उत्पन्न स्थिति के कारण राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है। बरगी जलाश्य का जल स्तर बढ़ने पर गेट खोलने का निर्णय लिया जा रहा है। इसके प्रवाह से प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट किया गया है। अनेक बांधों में जल भराव 50 से 75 प्रतिशत के मध्य है। जिला कलेक्टरों को निचली बस्तियों में रहने वाले निवासियों को समय पर सतर्क करने और आवश्यकतानुसार अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ उन्मुख नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी के लिए कहा गया है। सभी विभाग निर्धारित पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें और बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए समुचित व्यवस्था करें, ऐसे निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव और बचाव दलों की व्यवस्था के लिए भी कहा गया है। प्रजेंटेशन में बताया गया कि डिसास्टर वार्निंग रिस्पॉन्स सिस्टम लागू किया गया है। इससे जलाशयों, नदियों के स्तर और गेटों के खोलने की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जल संसाधन विभाग द्वारा एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और नागरिकों को एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही राजस्व एवं राहत आयुक्त के अमले द्वारा वर्षा से क्षति पर रिपोर्ट तैयार करने, जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को भारी वर्षा की चेतावनी और एसएमएस अलर्ट देने के साथ ही एसडीआरएफ एवं राज्य आपदा केंद्र के स्टाफ द्वारा जिला प्रशासन और नागरिकों को सूचित कर सजग करने की भूमिका निभाई जा रही है।
मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा द्वारा पूर्व में प्रदेश के सभी जिलों को अति वर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।
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