प्रदेश
बस-बाइक की जबरदस्त टक्कर, जानें पूरा मामला
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर-बनारस मुख्य मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसे का मामला सामने आया है। बस और बाइक की जबरदस्त टक्कर हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बता दें कि यह घटना भटगांव थाना क्षेत्र का है।मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात सूरजपुर बनारस मुख्य मार्ग पर बस और बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल पुलिस ने शवों को भटगांव के मचुर्री में रखवाया गया है। इस खबर की आगे की जांच जारी है।
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सिम्स की बदहाली और गंदगी देख भड़के चीफ जस्टिस, छुट्टी के दिन हाईकोर्ट में सुनवाई, निरीक्षण करने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) की बदहाली और अव्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में दशहरा पर्व पर छुट्टी के दिन भी सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने कलेक्टर की रिपोर्ट और तस्वीरों को देखकर नाराजगी जताई। अधीक्षक डॉ. नीरज शेंडे को भी हटा दिया गया है।
कोर्ट ने सिम्स में स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल जानने के लिए तीन वकील सूर्या कवलकर डांगी, संघर्ष पांडेय और अपूर्वा त्रिपाठी को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्हें स्वास्थ्य संचालक पी दयानंद के साथ 26 और 27 अक्टूबर को सिम्स का निरीक्षण कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। केस की सुनवाई एक नवंबर को होगी।
दरअसल, सिम्स की बदहाली को लेकर समाचार पत्रों में लगातार खबरें प्रकाशित हो रही है। जिसे स्वत: संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पहले स्वास्थ्य सचिव, कलेक्टर और कमिश्नर बिलासपुर समेत अन्य जवाबदार अफसरों से जवाब तलब किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट ने यह सुनवाई की।
कलेक्टर ने सिम्स का किया निरीक्षण
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स का निरीक्षण किया। मरीजों से उनकी समस्याओं को जाना और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सिम्स के अफसरों को निर्देश भी दिए। आनन-फानन में सिम्स में रविवार को डॉक्टरों की ड्यूटी चार्ट जरूर लगाई गई। लेकिन अब तक कॉरिडोर से कचरा नहीं हटाया गया है। जिसे सिम्स प्रबंधन की लापरवाही के रूप में देखा गया।
कलेक्टर के बाद दूसरे दिन एसडीएम को भी भेजा गया। लेकिन साफ-सफाई नहीं की गई। सिम्स में सादे पानी से पोंछा लगाया जा रहा था। जगह-जगह गुटखा के दाग थे। सोमवार को सुबह से ही पूरा अमला सफाई करने के लिए जुटा। हर वार्ड के कोने-कोने की सफाई की गई। जिसकी वीडियो और फोटोग्राफी भी कराई गई। जिसे मंगलवार को हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जिसे देखकर चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दो दिन में दिखाने के लिए यह सब व्यवस्था की गई है। जबकि जमीनी हालात कुछ और हैं।
अधीक्षक नीरज को हटाया, सुजीत को मिली जिम्मेदारी
सिम्स हॉस्पिटल में अव्यवस्था और हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद अधीक्षक डॉ. नीरज शेंडे को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर मनोरोज विशेषज्ञ डॉ. सुजीत नायक को अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। नायक ने तत्काल चार्ज भी ले लिया है।
भाजपा कांग्रेस के प्रत्याशी एक एक से बराबरी पर : इस बार कांटे की टक्कर
। दोनों प्रत्याशी 1-1 बार विजयी हुए है। लेकिन तीसरी हो रहे मुकाबले में काँग्रेस एवं भाजपा के बीच की निर्णायक है।
2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के केदार कश्यप ने काँग्रेस के चंदन कश्यप को 12 हजार 800 मतों मात दी थी। वही 2018 के चुनाव में काँग्रेस चंदन कश्यप ने भाजपा के केदार कश्यप को 2 हजार 647 मतों हराया था। इससे 2023 का विधानसभा चुनाव दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। इन दोनों का भविष्य नारायणपुर विधानसभा के 1 लाख 59 हजार 991 मतदाता तय करेंगे।
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अपने राजनैतिक वजूद को बचाने भाजपा ईडी का दुरुपयोग कर राज्य सरकार की छवि खराब करने में लगी है : कांग्रेस
Breaking : माओवादियों ने फेंके पर्चे, ली बीजेपी नेता बिरझु तारम की हत्या की जिम्मेदारी…
मोहला-मानपुर। भाजपा नेता बिरझु तारम की हत्या का आखिरकार खुलासा हो गया है. माओवादियों ने हत्या पर्चा जारी कर मारने की पुष्टि कर दी है. पर्चे में “बीजेपी-आरएसएस बिरझु तारम को मौत का सजा दिए” लिखा हुआ है.
मानपुर-मदनवाड़ा मेन रोड पर मालहर, बसेली गाँव के इर्द-गिर्द बड़ी संख्या में पर्चे फेंके गए हैं. इसके साथ पेड़ों में पर्चे चस्पा किए गए हैं. आरकेबी डिवीजन के हवाले से जारी किए गए पर्चों में चुनाव बहिष्कार के फरमान के साथ वोट मांगने वालों को मार भगाने की बात कही गई है. जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मौके पर टीम जाएगी., जांच कर पर्चों को उठवा लिया जाएगा.
@ घोषणावीर भूपेश ने पिछला कर्ज माफ नहीं किया और दूसरा झूठा वादा उछाल दिया-- बृजमोहन अग्रवाल
5 साल तक घोटालेबाजी, अब हर रोज घोषणाबाजी
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि वर्मी खाद के नाम पर जबरिया मिट्टी बेचने वाली सरकार को चुनाव के वक्त किसान याद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी भाजपा का घोषणा पत्र तो आने दीजिए, किसान को भाजपा से जितनी उम्मीद हैं, सभी पूरी होंगी। गांव, गरीब और किसान का विकास होगा। किसान का पूरा धान खरीदने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को वचन दिया है कि उनकी और अधिक बेहतरी के लिए काम करेंगे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि किसानों को कांग्रेस राज के 16 प्रतिशत ब्याज पर कर्ज को ब्याज मुक्त ऋण में बदलने वाली भाजपा के घोषणा पत्र में ऐसी ऐसी योजनायें हैं जिनसे किसानों को कर्ज के जाल में फँसना ही नहीं पड़ेगा। भाजपा सरकार ने ही धान खरीदी की चाक चौबंद व्यवस्था कर खरीद को 15 गुना तक बढ़ाया। कांग्रेस ने पचास वर्ष तक अन्नदाताओं को गरीबी और कर्ज में डुबोकर रखा। कांग्रेस से इसका हिसाब छत्तीसगढ़ की जनता अवश्य लेगी। भूपेश बघेल ने आज एक बार फिर साबित कर दिया कि 5 साल में उन्होंने जनता के हित के कोई कार्य नहीं किए हैं। अब हार के डर से नित्यप्रति घोषणाबाजी कर रहे हैं।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ की जनता पूछ रही है कि किसान हर साल कर्ज लेता है। आखिर कर्ज माफी चुनाव के समय ही क्यों याद आई है? भूपेश बघेल अगर जरा सी भी संवेदना किसानों के साथ दिखा कर कर्ज माफ कर देते तो छत्तीसगढ़ में 1000 किसान आत्महत्या नहीं करते। भूपेश बघेल ने आत्महत्या करने वाले किसी किसान के घर तक जाना मुनासिब नहीं समझा।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि कांग्रेस की चालबाजी के कारण ही किसान कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या कर रहे हैं। यदि भूपेश बघेल सरकार किसानों के प्रति इतने ही संवेदनशील है तो कोरोनाकाल में किसानों का कर्जा माफ़ क्यों नहीं किया? किसानों को सिंचाई हेतु बिजली कनेक्शन के लिए तरसाने वाली कांग्रेस को किसानों की चुनावी सुध आ रही है। भाजपा किसानों को कर्ज में फंसने से बचाने के उपाय करने प्रतिबद्ध है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि जब भूपेश बघेल घोषणा वीर बन गए हैं तो कांग्रेस को अपनी घोषणा पत्र समिति को भंग कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उन्हीं बातों को दोहरा रहे हैं, जिनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही छत्तीसगढ़ में घोषणा कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के सभी आवासहीनों को आवास देंगे। घोटालेबाजी करने वाले जेल में होंगे।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- “पैसा देने वाला मांगने का हकदार, उधार दी रकम मांगना खुदकुशी के लिए उकसाना नहीं”
बिलासपुर। Bilaspur High Court decision: उधार दी रकम वापस मांगने को आत्महत्या के लिए उकसाना बताने वाले मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने उधारी में किसी को पैसा दिया है तो उसे वापस पाने का हकदार भी है। उधार दिए पैसे वापस मांगना आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं है। हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया है।
Bilaspur High Court decision: दरअसल, पेशे से शिक्षक नरेश यादव ने शैला सिंह को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जुड़ी एक सरकारी योजना पेश की और उसमें राशि निवेश करने की बात कही। शैला सिंह ने तकरीबन 10 लाख रुपए नरेश को दिए। राशि लेने के बाद नरेश यादव ने याचिकाकर्ता की संस्था सहित संबंधित संस्था को उसके हिस्से की राशि नहीं लौटाई। जब उसने राशि वापस पाने के लिए फोन किया तब नरेश ने फोन उठाना बंद कर दिया।
Bilaspur High Court decision: नाराज याचिकाकर्ता ने नरेश को राशि वापस नहीं लौटाने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इससे परेशान नरेश की पत्नी ने डर के कारण जहर खाकर जान दे दी। नरेश की शिकायत पर पुलिस ने याचिकाकर्ता के खिलाफ धारा 306 के तहत खुदकुशी के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। याचिकाकर्ता ने एफआईआर और आरोप पत्र को रद्द करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और विचारण न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया है।
एफआईआर को दी गई थी चुनौती
Bilaspur High Court decision: शैला सिंह ने पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें बताया कि उसने कर्जदार की पत्नी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित नहीं किया है। शिकायतकर्ता के पास इस संबंध में कोई साक्ष्य भी नहीं है। पुलिस ने झूठी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है।
CG Politics: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने पर होगी कर्जमाफी, CM भूपेश बघेल ने सक्ती में की घोषणा
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर अभी तक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने घोषणा पत्र जारी नहीं किया है । लेकिन, एक बार फिर से कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में कर्ज माफी का वादा जोड़ने वाली है । दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सक्ति पहुंचे हुए थे जहां विधानसभा के अध्यक्ष महंत ने अपना नामांकन भरा ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणाओं पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया एक्स (पूर्व में ट्वीटर) पर पोस्ट कर इस बार भी किसानों के कर्जमाफी साथ ही 20 क्विंटल/एकड़ धान खरीदने और 17.5 लाख परिवार को आवास देने की घोषणा की जिसका करारा जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी में पोस्ट करते हुए लिखा कि पूर्ण कर्जमाफी के धोखे से 2018 में सरकार बनाई और 5 साल तक लाखों किसानों का कर्ज बरक़रार रखा।
अब आप सोचिये कि इस किसान विरोधी सरकार ने फिर ऐसा क्या किया कि किसान फिर कर्जदार हो गए?
5 साल के विकास पर तो इन्हें कोई भरोसा रहा नहीं अब बस घोषणाओं का सहारा बचा है क्योंकि शायद दाऊ भूपेश बघेल ने सर्वे की रिपोर्ट पढ़ ली है।
साथ ही उन्होंने अपने दूसरे पोस्ट में आवास को लेकर लिखा कि
जरा सोचिये
5 साल बाद कांग्रेस जिन 17 लाख आवास की घोषणा कर रही है वो आंकड़ा कहाँ से आया?
याद कीजिये विधानसभा का वो घेराव जहाँ भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता पर लाठी बरसाई गई थीं, वो 16 लाख आवास जो इस सरकार ने रोक दिए थे अब उन्हें दिखाकर यह एक बार फिर आपका वोट हथियाना चाहते हैं।
बाकी मेरे प्रदेशवासी चिंता न करें 40 दिन और कुशासन के काले बादल हैं फिर भाजपा की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में ही हर गरीब को पक्की छत देने का निर्णय ले लिया जायेगा।
चुनाव के पहले सीएम भूपेश बघेल ने की बड़ी घोषणा
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने 87 और कांग्रेस ने सभी 90 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। वहीँ सभी राजनीती पार्टियां चुनाव को लेकर पूरा जोर लगा रही है, इसी चुनावी लहर के बीच सीएम भूपेश बघेल ने बड़ी घोषणा करते हुए मास्टरस्ट्रोक खेला है, उनहोने घोषणा की है कि – कांग्रेस सरकार आते ही पूर्व की तरह इस बार भी हम किसानों का कर्ज माफ़ी करेंगे।
बता दे की 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कर्ज माफी का ऐलान किया था। सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने किसानों का कर्ज़ माफ किया था। इस बार भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने तेजी से हो रही प्रतिबंधात्मक कार्यवाही
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने विधानसभा निर्वाचन 2023 में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। उक्त जारी निर्देशों के परिपालन में राज्य में विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर कड़ी नजर रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन 2023 अंतर्गत प्रदेश में निगरानी दलों की सघन जाँच की कार्रवाई लगातार जारी है। राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने से 21 अक्टूबर तक की स्थिति में 14 करोड़ 33 लाख 25 हजार रूपए की अवैध धन राशि तथा वस्तुएं जब्त की गई है, जिसमें 4 करोड़ 56 लाख 78 हजार रूपए की नगद राशि शामिल हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवर्तन एजेंसियों (इन्फोर्समेंट एजेंसीज) द्वारा निगरानी के दौरान 21 अक्टूबर तक 20 हजार 261 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 61 लाख 37 हजार 984 रूपए है। साथ ही 2638 किलोग्राम अन्य नशीली वस्तुएं जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 7 लाख 83 हजार 537 रुपए है भी जब्त किया गया है। सघन जाँच अभियान के दौरान 2 करोड़ 29 लाख 26 हजार रूपए कीमत के 132 किलोग्राम से अधिक कीमती आभूषण तथा रत्न भी तलाशी के दौरान जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य सामग्रियां जिनकी कीमत 4 करोड़ 77 लाख 98 हजार 361 रूपए है, भी जब्त की गई हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के परिपालन में 12495 लाइसेंसी हथियारों में 10524 हथियार जमा किये गये हैं, 3 जब्त किये गये हैं और 12 कैंसल किये गये हैं। आर्म्स एक्ट के अंतर्गत 1354 प्रकरण बनाये गये हैं और इसके अंतर्गत 1411 हथियार जब्त किये गये हैं। 54 लोगों को जिलाबदर किया गया है। एमवी एक्ट के अंतर्गत 3 लाख 89 हजार 94 प्रकरणों में 19 करोड़ 35 लाख 72 हजार 457 रुपए की कार्रवाई की गई है। प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अंतर्गत 1 लाख 43 हजार 736 प्रकरणों में 1 लाख 91 हजार 57 व्यक्तियों पर कार्यवाही की गई है तथा 1 लाख 10 हजार 735 बाउंड ओवर किये गये हैं।
त्रिलोकचंद श्रीवास ने कहा कि पांचवीं बार कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है,
विधानसभा निर्वाचन - 2023 के मद्देनजर रायपुर जिले में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे के दिशा-निर्देशन में चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले में आबकारी विभाग की टीम द्वारा शराब के अवैध परिवहन, संग्रहण एवं विक्रय पर कड़ी निगरानी रख रही है। राज्य में विधानसभा निर्वाचन की आचार संहिता लागू होने से लेकर अब तक रायपुर जिले में शराब के अवैध परिवहन एवं विक्रय के मामले में विभिन्न स्थानों एवं व्यक्तियों से 468 लीटर मदिरा तथा 10 दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं। उक्त मामले में आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 62 प्रकरण पंजीबद्ध कर 63 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कीमत 2.86 लाख रूपए तथा जब्त किए गए दोपहिया वाहन का मूल्य 4.24 लाख रूपए है। जिले में शराब एवं मादक पदार्थों के अवैध विक्रय, परिवहन एवं धारण पर रोकथाम हेतु शिकायत दर्ज कराए जाने हेतु टेलीफोन नंबर 0771-2428201 जारी किया गया है एवं इसके अतिरिक्त आबकारी विभाग के द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 14405 पर कोई भी आम नागरिक शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायतकर्ता के नाम को पूर्ण रूप से गुप्त रखा जाकर प्राप्त शिकायतों पर जिला रायपुर के आबकारी विभाग टीम के द्वारा त्वरित रूप से कार्यवाही की जाएगी।
