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मद्रासी पारा आमाबेड़ा चौक में रानी दुर्गावती, वीर गैंद सिंह और गुंडाधुर की मूर्ति का मंत्री लखमा ने किया अनावरण विधायक नाग ने कहा-एक ही स्थान पर तीनों महान वीरों की मूर्ति स्थापित होने से बढ़ी चौक की गरिमा
गुरुवार को अंतागढ़ स्थित मद्रासी पारा आमाबेड़ा चौक पर प्रदेश के उद्योग एवं आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा के मुख्य आतिथ्य एवं अंतागढ़ विधायक श्री अनूप नाग की अध्यक्षता में वीरांगना रानी दुर्गावती, शहीद वीर गैंद सिंह एवं शहीद गुंडाधुर की मूर्ति का अनावरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री कवासी लखमा, अध्यक्षता कर रहे विधायक अनूप नाग और विशिष्ठ अतिथि कांति नाग समेत अन्य अतिथियों ने वीरांगना रानी दुर्गावती, शहीद वीर गैंद सिंह एवं शहीद गुंडाधुर को याद करते हुए उनके अमर कहानी पर प्रकाश डाला।
मंत्री श्री लखमा ने इस दौरान कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती सरीखे महान देशभक्तों का स्मरण करते ही जीवन में रोमांच भर जाता है। रानी दुर्गावती के रास्ते पर चलकर जीवन में देश की मिट्टी के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने का जज्बा लेकर कार्य करने का प्रण हम सभी लोगों को अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती न सिर्फ आदिवासी समाज का बल्कि पूरे राष्ट्र का गौरव है। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगां में देश की मिट्टी के प्रति प्रेम एवं समर्पण के भाव के साथ जीवन में अपने कर्तव्यों का सहज निर्वहन करने के कार्यों की जमकर सराहना भी की।
विधायक अनूप नाग ने छत्तीसगढ़ में आजादी का बिगुल फूंकने वाले अमर शहीद गैंद सिंह को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सन् 1857 में हुए देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से काफी पहले ही अंग्रेजों की गुलामी और शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई थी। बस्तर के अबूझमाड़िया भाई-बहनों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले नेतृत्वकर्ता जमींदार गैंदसिंह को 20 जनवरी सन् 1825 को परलकोट के महल के सामने फांसी दी गई थी। विधायक ने कहा कि बस्तर के अबूझमाड़ में क्रांति की मशाल जलाने वाले शहीद गैंदसिंह को हमेशा गर्व और सम्मान के साथ याद किया जाता है। ऐसे वीर सपूत को छत्तीसगढ़ और पूरा देश नमन करता है, उनका बलिदान युगों तक याद किया जाएगा।
मूर्ति अनावरण कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राज्य योजना आयोग की सदस्य कांति नाग ने भी तीनों शहीदों को नमन किया और उनकी अमर कहानी को लोगों के संग साझा किए। उन्होंने शहीद गुंडाधूर को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव में पले-बढ़े गुंडाधुर ने अंग्रेजों को इस कदर परेशान किया था कि कुछ समय के लिए अंग्रेजों को गुफाओं में छिपना पड़ा था। अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाला ये क्रांतिकारी हमेशा बस्तर के लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा। देश के लिए अपना सब-कुछ न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों के साथ ही कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने आजादी के सफर में अपना एक अलग योगदान दिया है, जिन्हें इतिहास कभी भुला नहीं सकता, ऐसे ही वीर क्रांतिकारी “शहीद गुंडाधुर” है। मंत्री लखमा और विधायक नाग ने इसके पश्चात कहा की ऐसे वीर एवं वीरांगना की मूर्ति इस चौक में स्थापित होने से आज से इस चौक की शोभा और भी बढ़ गई है। ऐसे महान विभूतियों का एक ही स्थान पर मूर्ति स्थापित होना चौक की गरिमा के लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।
रायपुर : चेंदरू मंडावी ‘‘द टाइगर बॉय‘‘ की प्रतिमा का उद्योग मंत्री श्री लखमा ने किया अनावरण
उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने नारायणपुर जिले के प्रवास के दौरान टाइगर बॉय के नाम से प्रसिद्ध चेंदरू मंडावी की प्रतिमा का अनावरण जिला मुख्यालय नारायणपुर के नया बस स्टैण्ड चौक एवं ग्राम पंचायत गढ़बेंगाल में किया। उन्होंने इस मौके पर गढ़बेंगाल स्थित पार्क का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि यहां बच्चो के खेलने के लिए सुविधाएं उपलब्ध करायी गई है।
उल्लेखनीय है कि टाइगर बॉय के नाम से प्रसिद्ध चेंदरू मंडावी का जन्म नारायणपुर जिले के ग्राम गढ़बेंगाल में हुआ था। उनकी दोस्ती बाघ (टेंबु) से होने के कारण टाइगर बॉय के नाम से प्रसिद्ध था। चेंदरू और बाघ की दोस्ती पर बनी फिल्म ‘‘द जंगल सागा‘‘ को 1997 में ऑस्कर अवार्ड प्राप्त हुआ। स्वीडन के फिल्म निर्देशक अरने सक्सहार्फ द्वारा बनाई गई इस फिल्म से चेंदरू मंडावी की ख्याति पूरे विश्व में फैल गई। चेंदरू स्वीडन में भी एक वर्ष रहे। अपने जीवन के अंतिम समय में वे अपने गांव में ही रहे, जहां 78 वर्ष की आयु में 18 सितंबर 2013 को उनका निधन हुआ।
चेंदरू मंडावी की प्रतिमा का अनावरण के अवसर पर छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं नारायणपुर विधानसभा के विधायक चंदन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्यामबती नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक पुष्कर शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवेश कुमार धु्रव सहित अधिकारी, कर्मचारी और चेंदरू के परिवारजन एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
Crime : नहाने गई महिला से सामूहिक दुष्कर्म...महिला की मौत..!!
दंतेवाड़ा| दंतेवाड़ा जिले की गीदम पुलिस ने एक शादीशुदा महिला की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। कुंए पर नहाने गई महिला से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 28 मई 2023 को पीड़िता के पति ने थाना गीदम में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में बताया था कि उसकी पत्नी दिनांक 28 मई 2023 को शाम 6 बजे नहाने गई थी। जो एक घंटे बाद भी घर नहीं पहुंची। गांव वालों के साथ मिलकर आसपास ढूंढ़ा लेकिन पत्नी नहीं मिली। कुएं से कुछ दूर कुसुम झाड़ के नीचे बाल्टी और कपडे पड़े थे। रिंग कुआं के बाएं तरफ महुंआ झाड़ के नीचे पीड़िता अर्धनग्न अवस्था में पड़ी थी। जिसे तत्काल गीदम सरकारी अस्पताल में भर्ती किया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीड़िता/मृतिका के साथ दुष्कर्म करने के पश्चात गला घोंटकर हत्या करने की पुष्टि हुई। जिस पर थाना गीदम में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 302, 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन के मार्गदर्शन और सुश्री आशारानी एसडीओपी के पर्यवेक्षण में प्रकरण की समुचित विवेचना कार्रवाई सहित अज्ञात आरोपियों की तत्काल पतासाजी कर गिरफ्तार किये जाने के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है।
जांच हेतू गठित विशेष जांच दल द्वारा अज्ञात आरोपियों की लगातार पजासाजी की जाती रही। टेक्नीकल टीम द्वारा भी लगातार कार्य किया गया। विवेचना के दौरान, मुखबीर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि घटनास्थल के आसपास घटना समय पर गांव के दो व्यक्तियों को वहां देखा गया था। मुखबीर की सूचना के आधार पर विस्तृत पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई कि दशाराम भास्कर और मुन्नाराम भास्कर साप्ताहिक बाजार गीदम आये थे। जो शाम लगभग 7 बजे गांव वापस लौट रहे थे।
दोनों व्यक्तियों की पृथक-पृथक पूछताछ करने पर आरोपी दशाराम भास्कर स्व. सुक्को भास्कर उम्र 25 वर्ष जाति-मुरिया, साकिन-हाउरनार, कानूपारा एवं मुन्नाराम भास्कर पिता स्व. चैतूराम भास्कर उम्र 19 वर्ष जाति-मुरिया, साकिन-हाउरनार, कानूपारा थाना- गीदम जिला- दन्तेवाड़ा द्वारा गीदम बाजार से वापसी के दौरान पीड़िता को खेत में स्थित कुएं में नहाकर वापस आते समय अकेले देखकर दोनों की नियत खराब होने पर दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
8वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर की आत्महत्या...सोकर उठा भाई तो फंदे पर लटकी मिली बहन
दुर्ग। जिले में एक 14 साल की नाबालिग लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पीएम के लिए भेज दिया है। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है।
सुपेला नेहरू भवन के पास रहने वाली संतोषी निर्मलकर 8वीं की छात्रा थी। बुधवार दोपहर वो अपने छोटे भाई बिट्टू के साथ सोई हुई थी। माता पिता काम पर बाहर गए हुए थे। शाम को जब भाई की नींद टूटी तो उसने देखा संतोषी फंदे पर झूल रही है। जिसके बाद वह घबराया हुआ अपनी मां के पास पहुंचा और घटना के बारे में जानकरी दी।
परिजन जब घर पहुंचे तो देखा उनकी बेटी फंदे पर झूल रही थी। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची शव को फंदे से नीचे उतारा। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पीएम के लिए भेजा गया है। पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि संतोषी मानसिक रूप से बीमार भी थी। उसका इलाज चल रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कांग्रेसी नेता की सड़क हादसे में मौत...तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
महासमुंद। जिले में सड़क हादसे में कांग्रेस नेता सुरेश द्विवेदी की मौत हो गई। जिला कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष की बाइक को अज्ञात स्कॉर्पियो चालक ने जोरदार टक्कर मारी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता सुरेश द्विवेदी रात साढ़े 12 बजे बरोंडा चौक की ओर से क्लब पारा स्थित घर लौट रहे थे। सुविधा एसटीडी के पास जैसे ही वे राइट टर्न करते हुए सड़क पर पहुंचे, नेहरू चौक की ओर से बरोंडा चौक जा रहे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कांग्रेस नेता अपनी गाड़ी से उछलकर 20 मीटर दूर जा गिरे। हादसे में सुरेश द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और कांग्रेस नेता को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची, यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
धमतरी : हरदिहा साहू समाज भवन धमतरी में आयोजित कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम में युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता हेतु स्वीप गतिविधियों का हुआ संचालन
छत्तीसगढ़ नवयुवक हरदिहा साहू समाज धमतरी के द्वारा बीते 7 जून को कैरियर गाइडेंस एवं मोटिवेशन कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें स्वीप की गतिविधि भी जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत धमतरी और स्वीप जिला नोडल अधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव भी उपस्थित थी। स्वीप नोडल द्वारा विशेष रूप से बताया गया कि स्वीप गतिविधि के मुख्य रूप से दो उद्देश्य होते हैं। पहला उद्देश्य होता है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र का हर व्यक्ति मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। अभी जिले में विशेष रूप से पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। अगस्त 2023 की स्थिति में जो भी व्यक्ति 18 वर्ष पूर्ण कर लेगा वो मतदाता के रूप में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकता है। कार्यक्रम में युवाओं को प्रोत्साहित किया गया कि वो मतदाता के रूप में अपना जोड़े बताया गया कि स्वीप का दूसरा उद्देश्य नैतिक मतदान का होता है जब भी हम एक मतदाता के रूप में मतदान करने जाते हैं तो हमें नैतिकता के आधार अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नोटा का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, अगर कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आता है तो उस विकल्प को भी चुना जा सकता है अवगत कराया गया।
स्वीप नोडल द्वारा कार्यक्रम में युवा वर्ग से अधिक से अधिक मतदान हेतु जुड़ें कुछ विश्लेषण में यह भी देखने को मिलता है कि, युवाओं का रूझान मतदान एवं मताधिकार के प्रति कम हो गया है तथा कुछ चिन्हांकित बूथ स्थलों पर रूझान कम होता है। इस प्रकार स्वीप गतिविधियों का भी कार्यक्रम में संचालन किया गया, ताकि युवाओं को मतदान एवं अपने मताधिकार के प्रयोग के संबंध में जागरूक किया जा सके।
अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को रौंदा, युवक की मौके पर मौत, हादसा देख कांप गई लोगों रूह
बालोद। जिले में भीषण सड़क हादसा होने की खबर आई है. नेशनल हाइवे 30 में अज्ञात वाहन की ठोकर से मोटर साइकिल सवार की मौत हो गई है. घटना इतनी भयानक था कि युवक के शरीर के चिथड़े-चिथड़े हो गए.जानकारी के अनुसार पूरी घटना पुरुर थाना क्षेत्र के चिटौद गांव के पास बरडिया राइस मिल के पास घटी है. हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुरुर पुलिस जांच में जुट गई है. वहीं अब तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है.
रायपुर : उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट का किया निरीक्षण
उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ने आज कोण्डागांव जिले के ग्राम कोकोडी में निर्माणाधाीन इथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा की। चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी प्लांट के निर्माण के प्रति उत्साहित हैं। प्लांट की निर्माण तेज गति को देखते हुए सभी आश्वश्त है कि अब उनके मक्के की फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा और उन्हें लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि लगभग 140 करोड़ रूपए की लागत से कोकोड़ी में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
उद्योग मंत्री ने इस मौके पर उन्होंने कलेक्टर श्री दीपक सोनी के साथ प्लांट का भ्रमण करते हुए प्लांट निर्माण से जुड़े अधिकारियों से चर्चा कर प्रगति के संबंध में जानकारी ली, अधिकारियों ने बताया कि प्लांट का कार्य निर्माण का कार्य द्रुत गति से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सोनी ने बताया कि प्लांट शुरू होने पर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर प्लांट में उनकी क्षमतानुसार कार्य प्रदान किया जाएगा और आस पास के ग्रामीणों को रोजगारमूलक गतिविधियों से लाभान्वित किया जायेगा।
उद्योग मंत्री ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि इस प्लांट के खुल जाने से क्षेत्र के लोगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सुलभ होगा। उन्होंने प्लांट में कार्यरत श्रमिकों से नियमित मजदूरी भुगतान एवं कार्य की परिस्थितियों की जानकारी दी। श्रमिकों ने बताया कि प्लांट में नियमित रूप से भुगतान हो रहा है, साथ ही अधिकारियों द्वारा कार्य में पूर्ण सहयोग दिया जाता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रेम प्रकाश शर्मा, प्लांट प्रबंध निर्देशक केएल उइके सहित प्लांट निर्माण से जुड़े एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
ब्रेकिंग न्यूज़: ग्राम पंचायतों में धारा 144 लागू...चुनाव इसी महीने
50 लाख का सोना और 20 लाख कैश आईटी ने किया जब्त, रायपुर-रायगढ़ में कल की थी छापेमारी
सीएम भूपेश बघेल: आज दुर्ग दौरे पर कांग्रेस के संभागीय... सम्मलेन में होंगे शामिल
आज से शराब बंद है…इतना कहने में कितना समय लगता है, शराब बंदी की जगह नशाबंदी होना चाहिए
हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग
छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथियों के मूवमेंट की हाईटेक मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। इसके लिए एआई आधारित ‘छत्तीसगढ़ एलीफेंट ट्रैकिंग एंड अलर्ट एप’ विकसित किया गया है। पिछले 3 महिनों से उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में इस ऐप का उपयोग किया जा रहा है। 10 किलोमीटर के इलाके में हाथियों के रियल टाईम मूवमेंट का अलर्ट ग्रामीणों केे मोबाइल पर सफलतापूर्वक भेजा रहा है। इस एप में ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन का पंजीयन किया जाता है। जब एलीफैंट ट्रैकर्स द्वारा हाथियों के मूवमेंट का इनपुट एप पर दर्ज किया जाता है, तो एप द्वारा स्वचालित रूप से ग्रामीणों के मोबाइल पर अलर्ट जाता है।
छत्तीसगढ़ के हाथी प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए वन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) और वन्यजीव विंग द्वारा संयुक्त रूप से इस एप को विकसित किया गया है। यह एप एलीफैंट ट्रैकर्स (हाथी मित्र दल) से प्राप्त इनपुट के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई पर काम करता है। इस एप का उद्देश्य हाथी ट्रैकर्स द्वारा की जाने वाली ‘मुनादी’ के अलावा प्रभावित गांव के प्रत्येक व्यक्ति को मोबाइल पर कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप अलर्ट के भेजकर हाथियों की उपस्थिति के बारे में सूचना पहुंचाना है।
अलर्ट एप उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में 3 माह से एक्टिव
वर्तमान में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (गरियाबंद, धमतरी) के लगभग 400 ग्रामीणों को इस अलर्ट सिस्टम में पंजीकृत किया गया है और पिछले 3 महीनों से यह काम कर रहा है। अन्य वन प्रभाग भी एप का उपयोग कर सकते हैं और अपने संबंधित ग्रामीणों को पंजीकृत कर सकते हैं। एप को वन प्रबंधन सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) और वन्यजीव विंग द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव द्वारा इकोपार्क मेचका, यूएसटीआर में एप को लॉन्च किया जाएगा।
अलर्ट एप इस तरह करता है काम - हाथी मित्र दल के सदस्य हाथियों के स्थान, झुंड के नाम, व्यवहार और अन्य विशेषताओं को फीड करने के लिए व्क्ज्ञ एप (ओपन सोर्स) का उपयोग करते हैं। यह व्क्ज्ञ एप ऑनलाइन मोड (रियल टाइम) और ऑफलाइन मोड (करीब-रीयल टाइम जब ट्रैकर मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र से बाहर होते हैं) दोनों में काम करता है।
ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन एप पर की जाती है रजिस्टर
हाथी प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों के मोबाइल नंबर और जीपीएस लोकेशन को अलर्ट और ट्रैकिंग एप पर पंजीकृत किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि जब भी हाथी ग्रामीणों से 10 किलोमीटर के करीब होगा, तो उन्हें एआई अलर्ट के माध्यम से कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप अलर्ट वास्तविक समय पर और हाथी ट्रैकर्स के मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता के आधार पर वास्तविक समय के आधार पर भेजे जाएंगे। एप क्रेडेंशियल्स केवल वन विभाग के अधिकारियों और स्वयंसेवकों (वन्यजीव विंग से अनुमोदन के बाद) को प्रदान किए जाएंगे ताकि एप का दुरुपयोग न हो सके। ग्रामीणों को एप इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें बस अपने मोबाइल नंबरों को संबंधित बीट गार्ड्स या रेंज कार्यालय के माध्यम से जीपीएस लोकेशन के साथ पंजीकृत करना होगा।
हाथी के अलावा तेन्दुआ, भालू, जंगली भैंसों की उपस्थिति का अलर्ट भेजने में भी सक्षम
अलर्ट एवं ट्रैकिंग एप द्वारा समय अवधि फ़िल्टर का उपयोग करके हाथी मार्ग को ट्रैक कर, हाथियों के झुंड को फ़िल्टर किया जा सकता है और अलग-अलग मार्गों को ट्रैक किया जा सकता है (जैसे-सिकासार दल, चंदा दल आदि)।
इस एप का केवल हाथी ही नहीं, अन्य मांसाहारी, सर्वाहारी जानवर (तेंदुआ, सुस्त भालू), मैना, जंगली भैंसों की उपिस्थति का भी अलर्ट भेजने, अनुसंधान हेतु, आवास विकास, आवश्यकता के अनुसार योजना बनाने, ट्रैक करने में उपयोग किया जा सकता है।
ईसाई धर्म अपना चुके लोगों का शव दफनाने नहीं दिया जाएगा
छत्तीसगढ़ के बस्तर में धर्मांतरण मामले ने तूल पकड़ लिया है. आदिवासियों ने ईसाई बने लोगों के लिए मरघट की जमीन नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया है. उन्होंने कलेक्टर से प्रस्ताव को लागू कराने की मांग की है. मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे कोयलीबेड़ा पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित कर फैसला लिया गया है. फैसले के मुताबिक गांव में ईसाई धर्म अपना चुके लोगों को मरघट बनाने के लिए जमीन नहीं दी जाएगी. ग्रामीणों का कहना है कि धर्मांतरण से बस्तर की वर्षों पुरानी आदिवासी परंपरा खतरे में है. प्रशासन की अनदेखी के कारण आदिवासी दूसरे धर्म को अपना रहे हैं और गांव-गांव में गिरिजा घर खोले जा रहे हैं.
मरघट के लिए जमीन नहीं देने का प्रस्ताव पारित
धर्मांतरण के विरोध में ग्रामीण लामबंद हुए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ईसाई धर्म अपना चुके परिवारों में मौत होने पर शव को गांव में दफनाने नहीं दिया जाएगा. ग्रामीणों ने जगदलपुर में बस्तर कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों के साथ आदिवासी नेता महेश कश्यप भी पहुंचे थे. उन्होंने आबकारी मंत्री कवासी लखमा के बयान पर पलटवार किया. मंत्री ने बस्तर में ग्रामीणों की मौत पर राजनीति करने का आरोप लगाया था. महेश कश्यप ने कहा कि अधिकारी जिले में बढ़ते धर्मांतरण के मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चिट्ठी लिखते हैं.
कलेक्टर के नाम मंजूरी देने की लोगों ने की मांग
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उन्होंने कहा कि धर्मांतरण की वजह से गांव में तनाव की स्थिति है. ऐसे में मंत्री कवासी लखमा को और क्या सबूत चाहिए. उन्होंने धर्मांतरण मुद्दे को राजनीति से जोड़ने पर मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. कवासी लखमा खुद एक आदिवासी नेता हैं और जानते हैं कि बस्तर में धर्मान्तरण की वजह से आदिवासियों की संस्कृति, परंपरा को खतरा है. बावजूद इसके विरोध करने की बजाय कवासी लखमा धर्मांतरण को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं. महेश कश्यप ने कहा कि कोयलीबेड़ा पंचायत के ग्रामीण ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर कलेक्ट्रेट पहुंचे. उनकी मांग की कि ग्राम सभा में लिए गए फैसले को कानूनी तौर पर मान्यता मिले.
चुनावी राजनीति में अपनी दाल गलाने में मस्त रहे कांगेसी नेता...सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान नही रहा मरीजो से कोई सरोकार
कांग्रेस का संभागीय सम्मेलन आज, सिम्स अस्पताल में इलाज हेतु मरीज हुए परेशान पुलिस बल द्वारा गेट से पहले ही रोका गया मरीजो की गाड़ियों को।।
कार्यक्रम के दौरान नही हुआ प्रोटोकॉल का पालन
इलाज के लिए मरीज इधर उधर भटकते आये नजर
बिलासपुर- कांग्रेस संभागीय सम्मेलन के जरिए बस्तर के बाद अब बुधवार को बिलासपुर में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस चुनावी आगाज करने की तैयारी में हैं। इस सम्मेलन में संभाग के सभी जिलों के साथ ही ब्लॉक पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों समेत एक हजार लोगों को बुलाया गया है। वहीं, प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड़ समेत सभी दिग्गज नेता भी इस सम्मेलन का हिस्सा बनने बिलासपुर सिम्स आडोटोरियम पहुंचे लेकिन कांग्रेस के इस सम्मेलन से होने वाले नुकसान की ओर नजर शायद किसी की नही पड़ी । बड़े बड़े नेताओं के आने से पुलिस बल द्वारा सिम्स अस्पताल आने वालों लोगो की गाड़ियां अस्पताल से बहुत दूर पहले ही रोक दी जा रही है सामान्य मरीज व लोगो को रोका जाना कोई विशेष वार्तालाप का विषय नही है लेकिन गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति तक कि गाड़ियों को सिम्स अस्पताल में जाने की अनुमति नही है दी गई जो सोचनीय व निंदनीय है। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है वे जहां चाहते वहाँ सम्मेलन का कार्यक्रम कर सकते थे लेकिन उनके द्वारा एक अस्पताल का आडोटोरियम निजी कार्यक्रम के लिए चुनना कही न कहीं अपनी मनमानी की ओर इशारा करता है सिम्स छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है और यहां संभाग भर के गरीब मरीज अपना इलाज करवाने आते है लेकिन आज पूरे कार्यक्रम के दौरान उनका इलाज होना संभव न हो सका आखिकार इस बीच किसी प्रकार की अनहोनी का जबाबदार कौन होगा।? सम्मेलन के दौरान प्रोटोकॉल बनाया गया था कि गाड़ियों की पार्किंग निश्चित स्थान पर ही की जाएगी लेकिन वास्तविकता में ऐसा होना संभव नही दिखा आज कार्यक्रम के दौरान पूरे सिम्स प्रांगण में सिर्फ कांग्रेसियों की गाड़ियां ही नजर आ रही है । अस्पताल में इस तरह के बड़े कार्यक्रम की अनुमति किस विचारों को सोचते हुए ली गई समझ के परे है। जबकि बिलासपुर में अन्य भी कई स्थान है जहाँ कार्यक्रम आसानी से करवाया जा सकता था । लेकिन कांग्रेसियों को चुनाव जीतने की होड़ में कुछ और नजर ही नही आया।

