सियासत
8 नहीं, अब 9 जून को PM पद की शपथ ले सकते हैं नरेंद्र मोदी
लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण की कवायद तेज हो गई है. शपथ ग्रहण की तारीख को लेकर नया अपडेट आया है. सूत्रों के मुताबिक, 8 जून की... जगह अब 9 जून को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है
क्या फिर से पलटी मारेंगे पलटू चाचा! सभी की नीतीश पर निगाहें
मोदी सरकार अब नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के भरोसे चलेगी। ऐसे में अब ये दोनों नेता पीएम मोदी से भी अधिक पावरफुल नजर आएंगे। नीतीश कुमार की 3 पुरानी मांग भी पीएम मोदी को माननी पड़ेगी, नहीं तो दिल्ली का सिंहासन कभी भी हिल सकता है।
शपथ ग्रहण की तैयारी में जुटे पीएम मोदी, इस बार ये देश होंगे मेहमान, जानें किन-किन को मिला न्योता?
दिल्ली :- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को लोकसभा चुनाव में 293 सीटें मिलीं। नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना गया। सभी घटक दलों ने अपने समर्थन का पत्र सौंप दिया है। अब मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में 8 जून को शपथ ले सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसमें विदेशी मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।
बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और मॉरीशस के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। औपचारिक निमंत्रण गुरुवार को भेजे जाने की तैयारी है। इससे पहले 75 देशों ने मोदी को बधाई दी और उन्हें वैश्विक नेता करार दिया। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की। मोदी ने हसीना को अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और उन्होंने भी इसे स्वीकार कर लिया। वहीं, पीएम ने नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ से भी फोन पर बातचीत की। सूत्रों ने बताया कि भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ को भी आमंत्रित किया जाना तय है। वहीं, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के कार्यालय के मीडिया प्रभाग ने कहा कि विक्रमसिंघे ने फोन करके नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई दी। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया, जिसे विक्रमसिंघे ने स्वीकार कर लिया है।
बाइडन, सुनक, पुतिन समेत कई नेताओं की मोदी को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बधाई दी है। पुतिन ने मोदी को फोन पर बधाई देते हुए वैश्विक नेता बताया।उधर, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेजामिन नेतन्याहू, यूक्रेन के राष्ट्रपति बोलोदिमीर जेलेंस्की, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे व नेपाली पीएम पुष्य कमल दहल ‘प्रचंड’ समेत विश्व के कई नेताओं ने मोदी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई। अमेरिका ने सफल चुनाव के लिए भारत सरकार और देश की जनता की प्रशंसा की।
अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका हुई खारिज, न्यायिक हिरासत 19 जून तक बढ़ी,
दिल्ली :- राउज एवेन्यू कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फिर बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सात दिनों की जमानत की मांग करने वाली अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को सीएम केजरीवाल के लिए सभी जरूरी चिकित्सा परीक्षण करने और उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ी
इस बीच, अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत भी 19 जून तक बढ़ा दी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अदालत के समक्ष वर्चुअल मोड के माध्यम से पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने 2 जून को सरेंडर कर दिया था। अदालत ने 1 जून को सीएम केजरीवाल द्वारा दायर जमानत याचिका का आदेश सुरक्षित रख लिया था।
अरविंद केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा
बहस के दौरान अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि अंतरिम जमानत पार्टी के लिए प्रचार करने के उद्देश्य से थी। प्रचार के कारण बहुत तनाव था। इस कारण सीएम केजरीवाल का शुगर बढ़ गया। हरिहरन के अदालत के सामने केजरीवाल के खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया।
वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करके पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद मांगती है
हिंदू धर्म में विवाहित महिलाएं ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखती है. इसे कई जगहों पर बड़मावस का त्योहार भी कहा जाता है. महिलाएं इस दिन व्रत करती है और वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करके पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद मांगती है.शास्त्रों में कहा गया है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवता निवास करते हैं. इस व्रत को करके महिलाएं तीनों देवों से अपने पति की लंबी उम्र का वरदान मांगती है. चलिए जानते हैं कि इस साल वट सावित्री व्रत किस दिन रखा जाएगा और वट सावित्री की पूजा के समय आपको किन किन चीजों की जरूरत पड़ेगी.
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या को रखा जाता है. इस साल ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पांच जून की शाम सात बजकर 54 मिनट पर शुरू हो रही है और अगले दिन 6 जून की शाम 06 बजकर 07 मिनट पर इसका समापन होगा. उदया तिथि को देखते हुए इस साल वट सावित्री का व्रत छह जून गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन महिलाएं वट वृक्ष के पास बैठकर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती है और कच्चे सूत से सात बार वट वृक्ष की परिक्रमा करती है.
अगर आप भी पहली बार वट सावित्री व्रत करने जा रही है तो आपको पूजा के लिए सारी सामग्री एक दिन पहले ही एकत्र कर लेनी चाहिए. आपको बता दें कि वट सावित्री व्रत में बरगद की पूजा की जाती है और अगर आपके घर के आस पास बरगद का पेड़ नहीं है तो आप उसकी टहनी कहीं से मंगवा कर उसकी भी पूजा कर सकती है. इस व्रत की पूजा के लिए आपको कुछ खास सामग्री की जरूरत पड़ेगी और इसका इंतजाम आपको पहले से ही कर लेना चाहिए.
- साबुत चावल (अक्षत)
- बांस का पंखा
- हल्दी में रंगा हुआ कलावा या सफेद सूत
- मौसम में आने वाले फल जैसे आम, लीची,तरबूज
- लाल या पीले फूलों की माला
- भीगे हुए काले चने
- धूप बत्ती
- पान और सुपारी
- गंगाजल
- केले के पत्ते
- कुछ नए कपड़े जिनका रंग लाल या पीला हो
- मिट्टी का एक घड़ा
- देसी घी
- तांबे या पीतल का लोटा
- सिंदूर और रोली
- थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी
- प्रसाद के तौर पर मिठाई
Aaj Ka Panchang: आज 6 जून 2024 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह
पंचांग- 6 जून 2024
विक्रम संवत - 2081 पिङ्गल
शक सम्वत - 1946 क्रोधी
ज्येष्ठ - पूर्णिमान्त
वैशाख - अमान्त
तिथि
अमावस्या - 06:07 पी एम तक
नक्षत्र
भरणी - कृत्तिका - 09:16 पी एम तक
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय - 06:00 ए एम
सूर्यास्त -07:14 पी एम
चन्द्रोदय - नहीं
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं
अमृत काल -05:12 पी एम से 06:44 पी एम
बह्म मुहूर्त -04:34 ए एम से 05:17 ए एम
अशुभ काल
राहूकाल- 12:20 पी एम से 02:04 पी एम
यम गण्ड - 07:07 ए एम से 08:51 ए एम
गुलिक -10:36 ए एम से 12:20 पी एम
दुर्मुहूर्त -11:52 ए एम से 12:48 पी एम
वर्ज्य- 09:55 ए एम से 11:26 ए एम
Horoscope 6 June 2024 : सूर्य की तरह चमकेगा इन राशि वालों का भाग्य, जानें क्या कहते है आपके सितारें
पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल…
मेष राशि- कुछ समय के लिए आपको अपनी सेहत पर खास ध्यान रखने की सलह दी जाती है। अच्छे रिटर्न का वादा करने वाले निवेश को अपना ऑप्शन बनाएं। जैसे-जैसे आप अपने प्रदर्शन में सुधार करते हैं, पेशेवर मोर्चे पर चीजें आपके पक्ष में होती जाती हैं। कोई पारिवारिक कार्यक्रम आपका शेड्यूल चेंज कर सकता है। कुछ लोगों को प्रमोशन मिलने की संभावना है। किसी संपत्ति सौदे को लेकर घबराहट महसूस करना अच्छा नहीं है, इसलिए सतर्क रहें। स्टूडेंट्स के लिए समय मुश्किल नजर आ रहा है।
वृषभ राशि- इस समय धन की बचत करना एक समझदारी भरा विकल्प होगा। कुछ लोगों के लिए वेतन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। घरेलू मामले सही से निपट जाएंगे क्योंकि आप उनकी पूरी जिम्मेदारी लेंगे। यात्रा का योग बन रहा है। पढ़ाई के मामले में समय की कमी के बावजूद आप किसी परीक्षा की तैयारी करने में सफल रहेंगे। नियमित वर्कआउट से आप अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेंगे। किसी ऐसे दोस्त से मिलना जिससे आप सालों से नहीं मिले हैं, आपके लिए सबसे आनंददायक रहेगा।
मिथुन राशि- आप में से कुछ लोग व्यायाम को बीच में ही छोड़ सकते हैं, जिससे फैट बढ़ सकता है। संपत्ति के मुद्दे पर बात करते समय सावधानी से डीसीजन लें। बकाया धन मिलने में कुछ समय लग सकता है। कार्यक्षेत्र में आज आपको कोई महत्वपूर्ण काम सौंपा जा सकता है। उन मुद्दों से दूर रहना ही बेहतर है, जो घरेलू माहौल को खराब करने का खतरा पैदा करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वालों का समय अच्छा रहने वाला है। भाग्य उन लोगों का साथ देगा, जो प्यार की तलाश में हैं।
कर्क राशि- कामकाज के मोर्चे पर प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में आपको कुछ समय लग सकता है। वजन पर नजर रखने वालों को अपनी डाइट पर टाइट कंट्रोल रखने की आवश्यकता होगी। आज संपत्ति से जुड़ा कोई सौदा न करें। कुछ लोगों के लिए घर पर कुछ स्पेशल प्लान किया जा सकता है। आपको सेविंग्स मोड पर रहना होगा। आप किसी आधिकारिक यात्रा को पारिवारिक यात्रा में बदल सकते हैं। आप में से कुछ लोगों को शिक्षा के मामले में अच्छी खबर मिलेगी।
सिंह राशि- कुछ लोगों के लिए विदेश यात्रा के संकेत हैं। पेशेवर मोर्चे पर आप वहां से आगे बढ़ने में सफल रहेंगे, जहां से आपने क्विट किया था। किसी बीमारी से पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लग सकता है। फाइनेंशियल सिचूऐशन को देखते हुए आपके लिए थोड़ा कंजूस हो जाना ही बेहतर रहेगा। आपको अपने काम को अपने तरीके से करने के लिए परिवार के किसी सदस्य पर दबाव बनाना होगा। किसी ऐसे व्यक्ति से मनमुटाव दूर करना, जो आपको पसंद नहीं है, आज आपका एजेंडा रहेगा। कुछ लोग संपत्ति को लेकर गंभीर हो सकते हैं।
कन्या राशि- आपको अपनी लाइफस्टाइल के अनुसार, अपनी फिटनेस प्लान तैयार करने की आवश्यकता हो सकती है। पैसोंके मामले में सेविंग्स मोड पर स्विच करें। पेशेवर मोर्चे पर आपके ज्वार के साथ तैरने की संभावना है। बच्चों या छोटे भाई-बहनों के साथ समय बिताने से प्यार भरे रिश्ते मजबूत होंगे। छोटी यात्रा करने से बदला हुआ एनवायरनमेंट लाभकारी रहेगा। संपत्ति के मामले में समझौता करना जल्द ही कुछ लोगों के लिए रियल्टी बन सकता है।
तुला राशि- आज आर्थिक मोर्चे पर कुछ उतार-चढ़ाव के संकेत हैं। शिक्षा के मामले में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव हो सकता है। रोमांचक समय बिताने की आपकी इच्छा आज पूरी होने की संभावना है। परिवार के किसी सदस्य की जीत आपके जीवन में उत्साह भर देगी। ट्रिप आपके मन से नेगेटिव विचारों से दूर रखने में मदद करेगी। आप में से कुछ लोग संपत्ति खरीदने के लिए होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। काम के मोर्चे पर बहुत सारी एक्टिविटी होने की उम्मीद है और आप इसके मुख्य पात्र होंगे।
वृश्चिक राशि- सकारात्मक सोच ही कुछ लोगों को डिप्रेशन से मुक्ति दिलाएगी। हो सकता है कि पैसों की कोई समस्या न हो, लेकिन आपको अपने खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत होगी। किसी कार्य को पूरा करने में आपको रूल्स का पालन करना जरूरी होगा। घरेलू मोर्चे पर कुछ लोगों के लिए रोमांचक समय आने की उम्मीद है। जो लोग लॉंग ड्राइव की योजना बना रहे हैं, वे रोमांचक समय की उम्मीद कर सकते हैं। आप अपने विचारों से दिन को रोमांस के लिए परफेक्ट बना देंगे।
धनु राशि- कुछ लोगों को पेशेवर मोर्चे पर अपनी प्रतिष्ठा को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता होगी। स्टूडेंट्स के लिए पर सुधार समय की मांग है। हेल्थ के मामले में थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। खर्च पर लगाम लगाने के लिए प्लान बनाने की जरूरत ज्यादा है। दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप न करने से घरेलू शांति बनी रहेगी। आप में से कुछ लोग प्रॉपर्टी की खरीदारी को लेकर गंभीर हो सकते हैं। विदेश जाने वालों को यात्रा में आनंद आएगा।
मकर राशि- शेयर मार्केट में पैसा लगाने से पहले किसी एक्सपर्ट से बात करें। प्रेम आपके जीवन में खुशियां फैलाने का सोर्स है। बीमार लोगों को पूरी तरह ठीक होने में कुछ समय लग सकता है। यह समय पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने का है। संपत्ति का कोई मुद्दा आपको कानूनी मदद लेने के लिए मजबूर कर सकता है। किसी विदेशी स्थान की यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए समय बहुत शुभ है। आप जिससे प्यार करते हैं, उसके साथ अपने फ्यूचर पर बात करने की पहल कर सकते हैं।
कुंभ राशि- संपत्ति से जुड़े मामलों में कुछ दिक्कतें आने की संभावना है। आपको अपने फ्यूचर के लिए बचत करने की आवश्यकता होगी। इसलिए अपने पैसों को अच्छी तरह से संभालें। पारिवारिक उत्सव या परिवार और दोस्तों के साथ सैर पर जाना रोमांचक साबित होगा। सेहत हेल्दी बनी हुई है, लेकिन आपका लक्ष्य संपूर्ण फिटनेस होना चाहिए। किसी विशेष मौके की इच्छा रखने वालों को अपना ध्यान केंद्रित रखने की आवश्यकता होगी। आज दोस्तों के साथ यात्रा करना मजेदार रहेगा।
मीन राशि- आप किसी योजना में बड़े पैमाने पर निवेश करने में डाउट महसूस कर सकते हैं। आपको महसूस हो सकता है कि शिक्षा के मामलें में आप बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी डाइट पर कंट्रोल रखें और जंक फूड से भी दूर रहें।कार्यस्थल पर किसी नए विचार को इम्प्लीमेंट करना सौ पर्सेन्ट सफल नहीं हो सकता है। आपके प्रयास घरेलू मोर्चे पर शांति लाएंगे। यात्रा करने वालों को सेहत का ध्यान रखने की सलह दी जाती है। संपत्ति के किसी सौदे को जीतने के लिए कुछ समय लग सकता है।
BREAKING : नरेंद्र मोदी ही होंगे भारत के प्रधानमंत्री, NDA नेताओं ने सर्वसम्मति से अपना नेता चुना
दिल्ली : दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर NDA के नेताओं की बैठक के बाद, एक प्रस्ताव पास किया गया। इस प्रस्ताव में NDA नेताओं ने सर्वसम्मति से नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना। नरेंद्र मोदी 8 जून को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।


फिर बन सकती है NDA की सरकार....पीएम मोदी इस दिन लेंगे प्रधानमंत्री की शपथ !
नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सबसे ज्यादा 240 सीटों पर जीत दर्ज की है तो वहीं कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत हासिल की है. नतीजों के मुताबिक, एनडीए को लगभग 292 सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं इंडिया गठबंधन को इस चुनाव में 234 सीटें मिलती नजर आ रही हैं.
चुनावी नतीजों के साफ होते ही अब सरकार बनाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. जिसको लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर से बयान जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि अगली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर राष्ट्रपति भवन 5 से 9 जून तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा.
राष्ट्रपति भवन भवन की ओर से जारी बयान की अगर मानें तो जल्द ही नई सरकार शपथ ग्रहण कर सकती है. तो वहीं आज राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू मोदी कैबिनेट को आज फेयरवेल डिनर भी देंगी. इस भोज का आयोजन राष्ट्रपति भवन में रात 8 बजे से होगा. गौरतलब है कि 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून, 2024 को पूरा हो रहा है. यानी 16 जून से पहले नई सरकार का गठन हो जाएगा.
BREAKING: नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा...राष्ट्रपति मुर्मू ने किया स्वीकार
Lok Sabha Election 2024 :-नरेंद्र मोदी बुधवार (5 जून) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वह राष्ट्रपति भवन पहुंचे और उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा. राष्ट्रपति ने इसे स्वीकार कर लिया है और उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने को कहा है. पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें वह इस्तीफा सौंपते हुए नजर आ रहे हैं. पीएम मोदी दिल्ली में एनडीए की होने वाली बैठक से पहले राष्ट्रपति मुर्मू को इस्तीफा सौंपा है.
राष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल से ट्वीट कर कहा गया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ अपना इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया और प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से नई सरकार बनने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया.”
पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति ने किया स्वीकार,
PM नरेंद्र मोदी ने अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
PM नरेंद्र मोदी ने अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।
PM नरेंद्र मोदी ने अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
दिल्ली में पावर गेम शुरु, PM मोदी ने बुलाई कैबिनेट मीटिंग, NDA और INDIA ब्लॉक में भी सरकार गठन की जोर आजमाइश
नई दिल्ली। चुनाव आयोग की लोकसभा चुनाव-2024 के परिणाम की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक बीजेपी को 240, कांग्रेस को 99 समाजवादी पार्टी को 37 टीएमसी को 29 डीएमके को 22 TDP को 16 JDU को 12 शिवेसना (UBT) को 9 NCP (पवार ग्रुप) को 8 सीटें मिली हैं। इसी के साथ आज दिल्ली में बैठकों का दौर जारी रहेगा, जहां NDA शाम 4 बजे मीटिंग करने वाला है वहीं INDIA के दल शाम 6 बजे मंथन करेंगे।
नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू पहुंचेंगे आज दिल्ली
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख चंद्रबाबू नायडू दोनों NDA की बैठक के लिए आज दिल्ली पहुंचने वाले हैं। NDA के दल आज राष्ट्रपति से मिलकर सरकार बनाने का दावा कर सकते हैं। जबकि इंडिया गठबंधन भी आज दिल्ली में एक बड़ी बैठक करने वाला है। लोकसभा चुनाव के परिणामों पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू से संपर्क में है इंडिया ब्लाक
कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन आज अपनी अगली रणनीति तय करने के लिए एक बैठक करेगा। ऐसा माना जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू दोनों से संपर्क कर सकता है। जहां नीतीश कुमार बार-बार पाला बदलने के लिए लिए जाने जाते हैं।
वहीं नायडू जिनकी टीडीपी ने आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव जीता है, 2018 में एनडीए से बाहर हो गए थे, लेकिन हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने फिर से भाजपा से हाथ मिला लिया थे। चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने 16 और नीतीश कुमार की JDU ने 12 सीटें जीती थीं, वह एनडीए का हिस्सा हैं।
लोकसभा चुनाव में मप्र में भाजपा ने बनाया रिकाॅर्ड, कांग्रेस साफ, कांग्रेस का टूट गया था मनोबल, देखिये विजेताओं की पूरी सूची
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के झाबुआ में हर बूथ पर 370 वोट शेयर बढ़ाने का जो मंत्र दिया था, वही यहां भाजपा की जीत का मजबूत आधार बना। पीएम मोदी ने कहा था कि हर बूथ पर पिछले तीन चुनाव में मिले परिणाम निकालिए, जब भी सबसे ज्यादा वोट मिले हों, उसमें 370 वोट और जोड़ लीजिए।
इसी मंत्र पर भाजपा संगठन ने बूथ प्रबंधन का माडल खड़ा किया और सभी 29 सीटों पर जीत का लक्ष्य पा लिया। बेहतर बूथ प्रबंधन के कारण ही भाजपा के आठ नवनिर्वाचित सांसद ऐसे हैं, जिन्होंने चार लाख से लेकर पौने 12 लाख वोटों के अंतर से जीत प्राप्त की। भाजपा के आक्रामक चुनाव प्रचार और रणनीति का ही परिणाम है कि 44 वर्ष बाद आम चुनाव में छिंदवाड़ा सीट को भी उसने कांग्रेस से छीन लिया।
पिछले लोकसभा चुनाव (वर्ष 2019) में भाजपा ने 58 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 28 सीटें जीती थी, इस बार यही वोट शेयर बढ़कर 59.27 प्रतिशत हो गया और कांग्रेस का वोट शेयर 34.5 से घटकर 32.44 प्रतिशत पर आ गया। इधर, मध्य प्रदेश में भाजपा के क्लीन स्वीप के कारण कांग्रेस के दिग्गज नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमल नाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया की चुनावी राजनीति का सूर्य भी अस्त हो गया।
29 में दो सीटों से पहले ही बाहर हो गई थी कांग्रेस
प्रदेश में कांग्रेस 29 में से 27 सीटों पर ही चुनाव लड़ी थी। दरअसल, कांग्रेस का चुनाव प्रबंधन शुरू से ही गड़बड़ा गया था। कांग्रेस ने आइएनडीआइ गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी को खजुराहो सीट दी लेकिन वहां नाटकीय घटनाक्रम के बाद सपा प्रत्याशी मीरा यादव का नामांकन पत्र निरस्त हो गया था। मीरा यादव ने जानबूझकर नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर ही नहीं किए थे। फिर इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम भी आखिरी दिन नामांकन वापस लेकर भाजपा में शामिल हो गए। कांग्रेस के कमजोर संगठन का ही नतीजा रहा कि मतदान से पहले ही कांग्रेस दो सीटों से बाहर हो गई थी। यह भी भाजपा का आक्रामक रणनीति का ही नतीजा था कि वह कांग्रेस को मनोवैज्ञानिक दबाव में ले आई।
पहली बार आम चुनाव में छिंदवाड़ा सीट जीती भाजपा
स्वतंत्रता के बाद से अब तक का यह पहला आम चुनाव है, जब कांग्रेस छिंदवाड़ा सीट भी हार गई। इससे पहले वर्ष 1977 में आपातकाल के दौरान जनता पार्टी की लहर में भी कांग्रेस यहां से चुनाव जीती थी। वर्ष 1980 के बाद से कमल नाथ यहां नौ बार सांसद रहे और पिछला चुनाव उनके बेटे नकुल नाथ ने जीता था। वर्ष 1997 के उपचुनाव में यहां से कांग्रेस प्रत्याशी कमल नाथ चुनाव हारे थे।
इसके बाद यह दूसरा अवसर है, जब यहां से भाजपा जीती है। भाजपा को आदिवासियों का भी मिला साथ छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में जिस आदिवासी वर्ग ने पूरे मनोयोग से भाजपा का साथ नहीं दिया था, वह इस लोकसभा चुनाव में पूरी तरह भाजपा के साथ लौट आया। प्रदेश में भाजपा को मिले क्लीन स्वीप में आदिवासी वर्ग के साथ का बड़ा योगदान है। सभी छह आदिवासी सीटों पर भाजपा ने विजय पाई। जबकि 2023 के विधानसभा चुनाव में कुल 47 सीटों में भाजपा को 22, कांग्रेस को 24 और एक पर अन्य को जीत मिली थी।
सत्ता- संगठन में तालमेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही
लोकसभा चुनाव से पहले ही भाजपा ने मध्य प्रदेश में नेतृत्व की कमान नई पीढ़ी को सौंपते हुए डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था। इससे पहले पार्टी ने संगठन में भी पीढ़ी परिवर्तन करते हुए विष्णु दत्त शर्मा को अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद को बनाया था। इसी सत्ता-संगठन के तालमेल ने भाजपा का रिकार्ड बनाने में अहम भूमिका निभाई। इन तीनों पर ही बूथ प्रबंधन से लेकर मतदान बढ़ाने की जिम्मेदारी थी।
कांग्रेस का मनोबल टूट गया था
कांग्रेस की पराजय के पीछे संगठनात्मक कमजोरी तो थी ही, उसका मनोबल भी टूट गया था। कांग्रेस नेता कमल नाथ और सांसद नकुल नाथ के भाजपा में जाने की अटकलों ने कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ दिया था। कांग्रेस ने जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया लेकिन पीढ़ी परिवर्तन का यह प्रयास भी बेकार रहा। जिन सीटों पर कांग्रेस मजबूत दिखाई पड़ रही थी, वहां भी हार गई। कांग्रेस के सुरेश पचौरी सहित तीन लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने की घटना ने आग में घी का काम किया।
पीएम मोदी ने किया आक्रामक प्रचार वैसे तो मध्य प्रदेश जनसंघ के जमाने से ही भाजपा का गढ़ रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आक्रामक प्रचार ने इस चुनाव में नया रिकार्ड बनवा दिया। उन्होंने आठ जनसभाएं और दो रोड-शो किए। पीएम चार चरणों में जबलपुर (रोड-शो), बालाघाट, पिपरिया (होशंगाबाद), दमोह, सागर, हरदा, भोपाल (रोड-शो), मुरैना, धार और खरगोन आए। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मंडला, खजुराहो (कटनी), छिंदवाड़ा, इंदौर, गुना (अशोकनगर) और राजगढ़ में सभाएं कीं। इधर, राहुल गांधी ने मंडला, शहडोल, भिंड, खरगोन और रतलाम में जनसभा की। प्रियंका गांधी वाड्रा मुरैना और मल्लिकार्जुन खरगे ने सतना में चुनाव प्रचार किया लेकिन सभी जगह कांग्रेस हार गई।


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने लोकसभा निर्वाचन में सहभागिता देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, संगठनों और मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया*
बीजेपी के जीते 240 प्रत्याशियों की पूरी लिस्ट यहां देखिए, कई सालों बाद फिर गठबंधन का दौर लौट आया, कैसे हुआ बहुमत कमजोर
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में इस बार मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। सरकार तो फिर उनकी बन रही है, लेकिन बहुमत काफी कमजोर मिला है। 10 सालों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि बीजेपी को अपने दम बहुमत नहीं मिला है। यूपी से लेकर महाराष्ट्र, बंगाल से लेकर राजस्थान तक, हरियाणा से लेकर कर्नाटक तक, कई राज्यों में उसकी टैली काफी गिरी है, उसे कई सीटों का नुकसान हुआ है। फिर भी बीजेपी के जितने भी प्रत्याशी जीतकर आए हैं, हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है।
यहां पर आपको एक ही जगह वो पूरी लिस्ट दिखा रहे हैं जिसमें बताया गया है कि कौन से राज्य में बीजेपी का कौन सा प्रत्याशी जीता है-
राज्य सीटें बीजेपी प्रत्याशी
बिहार पश्चिम चंपारन संजय जैसवाल
पूर्वी चंपारन राधा मोहन सिंह
मधुबनी अशोक कुमार यादव
अररिया प्रदीप कुमार सिंह
दरभंगा गोपाल जी ठाकुर
महाराजंगज जनार्दन सिंह सिग्रिवाल
उजिरारपुर नित्यानंद राय
बेगुसराय गिरिराज सिंह
पटना साहिब रवि शंकर प्रसाद
नवादा विवेक ठाकुर
उत्तर प्रदेश अमरोहा कंवर सिंह तंवर
मेरठ अरुण गोविल
गाजियाबाद अतुल गर्ग
गौतम बुद्ध नगर महेश शर्मा
बुलंदशहर भोला सिंह
हाथरस अनूप प्रधान बाल्मीकि
मथुरा हेमा मालिनी
आगरा एसपी सिंह बघेल
फतेहपुर सीकरी राजकुमार चहर
बरेली छत्रा पल सिंह गंगवार
पीलीभीत जितिन प्रसाद
हरदोई जय प्रकाश
मिसरिख अशोक कुमार रावत
उनाव स्वामि सचिदानंद साक्षी
लखनऊ राजनाथ सिंह
फरूकाबाद मुकेश राजपूत
कानपुर रमेश अवस्थी
अकबरपुर देवेंद्र सिंह
झांसी अनुराग शर्मा
फूलपुर -प्रवीन पटेल
बहराइच -आनंद कुमार
कैसरगंज -करन भूषण सिंह
गोंडा -कीर्तिवर्धन सिंह
दोमरियागंज- जगदंबिका पाल
महाराजगंज- पंकज चौधरी
गोरखपुर -रविंद्र शुक्ला
कुशीनगर -विजय कुमार दुबे
डिओरिया -शशांक मणि
बंसगाव -कमलेश पासवान
वाराणसी -नरेंद्र मोदी
भदोही -विनोद कुमार बिंद
गुजरात कच्छ -चावड़ा विनोद लखमशी
पतन डाभी -भरतसिंहजी शंकरजी
मेहसाना -हरिभाई पटेल
सबरकांठा- शोभाबेन महेंद्र सिंह बरिया
गांधीनगर- अमित शाह
अहमदाबाद -ईस्ट हसमुख पटेल
अहमदाबाद -वेस्ट दिनेश भाई मकवाना
सुरेंद्र नगर -चंदूभाई छगनभाई शिहोरा
राजकोट -परशोत्तम मिश्रा
पोरबंदर परशोत्तम मिश्रा
पोरबंदर मनसुख मंडाविया
जामनगर पूनमबेन हेमंत भाई
जूनागढ़ चुडासमा राजेशभाई नाराणभाई
अमरेली भारत भाई मुन्ना भाई सुतारिया
भावननगर नुबीन जयंतभाई बमभानिया
आनंद मितेश पटेल
खेदा देवू सिंह
पांचमहल राजपाल सिंह सुमनभाई
दहोड जसवंत सिंह
वडोदरा हेमांग जोशी
चोटा उदयपुर जशुभाई भिलूभाई रथ्वा
भरूच मनसुख भाई धानजिबभाई वसावा
बरदोली परभुभाई नागरभाई वसावा
सूरत मुकेश भाई चंद्रकांत दलाल
नवासी सी आर पाटिल
वलसाल धवल लक्ष्मण भाई पटेल
हरियाणा कुरुक्षेत्र नवीन जिंदल
गुड़गाव राउ इंद्रजीत सिंह
फरीदाबाद कृष्ण पाल
करनाल मनोहर लाल
भिवानी धर्मबीर सिंह
छत्तीसगढ़ सरगुजा चिंतामणि महाराज
रायगढ़ राधेश्याम राठिया
जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े
राजनांदगांव संतोष पांडे
दुर्ग विजय बघेल
रायपुर बृजमोहन अग्रवाल
महासमुंद रूप कुमारी चौधरी
बस्तर महेश कश्यप
कांकेर भोजराजनाग
बिलासपुर तोखन साहू
हिमाचल कांगड़ा डॉ राजीव भारद्वाज
मंडी कंगना रनौत
हमीरपुर अनुराग सिंह ठाकुर
शिमला सुरेश कुमार कश्यप
जम्मू-कश्मीर उधमपुर डॉ.जितेंद्र सिंह
जम्मू जुगल किशोर
झारखंड गोड्डा निशिकांत दुबे
चतरा कालीचरण सिंह
रांची संजय सेठ
जमशेदपुर बिज्युत बरन महतो
पलामू विष्णु दयाल राम
हज़ारीबाग मनीष जायसवाल
कोडरमा अन्नपूर्णा देवी
धनबाद डुलू महतो
मध्य प्रदेश मुरैना शिवमंगल सिंह तोमर
भिंड संध्या राय
ग्वालियर भरत सिंह कुशवाह
गुना ज्योतिरादित्य एम.सिंधिया
सागर डॉ.लता वानखेड़े
टीकमगढ़ डॉ. वीरेन्द्र कुमार
दमोह राहुल सिंह लोधी
खजुराहो विष्णु दत्त शर्मा (वी.डी.शर्मा)
सतना गणेश सिंह
रीवा जनार्दन मिश्रा
सीधी डॉ. राजेश मिश्रा
शहडोल श्रीमती। हिमाद्रि सिंह
जबलपुर आशीष दुबे
मंडला फग्गन सिंह कुलस्ते
बालाघाट भारती पारधी
छिंदवाड़ा बंटी विवेक साहू
होशंगाबाद दर्शन सिंह चौधरी
विदिशा शिवराज सिंह चौहान
भोपाल आलोक शर्मा
राजगढ़ रोडमल नगर
देवास महेंद्र सिंह सोलंकी
उज्जैन अनिल फिरोजिया
मंदसौर सुधीर गुप्ता
रतलाम अनीता नागरसिंह चौहान
धार सावित्री ठाकुर
इंदौर शंकर लालवानी
खरगोन गजेंद्र सिंह पटेल
खंडवा ज्ञानेश्वर पाटिल
बैतूल दुर्गादास (डी.डी.)उइके
पश्चिम बंगाल अलीपुरद्वार मनोज तिग्गा
जलपाईगुड़ी डॉ.जयंत कुमार रॉय
दार्जिलिंग राजू बिस्ता
रायगंज कार्तिक चंद्र पॉल
मालदाहा उत्तर खगेन मुर्मू
राणाघाट जगन्नाथ सरकार
बनगांव शांतनु ठाकुर
तमलुक अभिजीत गंगोपाध्याय
कांथी अधिकारी सौमेंदु
पुरुलिया ज्योतिर्मय सिंह महतो
बिष्णुपुर खान सौमित्र
बालुरघाट सुकांत मजूमदार
महाराष्ट्र जलगांव स्मिता उदय वाघ
रावेर खडसे रक्षा निखिल
अकोला अनूप संजय धोत्रे
नागपुर नितिन जयराम गडकरी
पालघर डॉ. हेमन्त विष्णु सवारा
मुंबई उत्तर पीयूष गोयल
पुणे मुरलीधर मोहोल
सतारा श्रीमंत सीएच उदयन राजे प्रताप सिंह महाराज भोंस
रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग नारायण तातु राणे
ओडिशा बरगढ़ प्रदीप पुरोहित
सुंदरगढ़ जुएल ओराम
संबलपुर धर्मेंद्र प्रधान
क्योंझर अनंत नायक
मयूरभंज नाबा चरण माझी
बालासोर प्रताप चंद्र सारंगी
भद्रक अविमन्यु सेठी
ढेंकनाल रुद्र नारायण पैनी
कालाहांडी मालविका देवी
नबरंगपुर बलभद्र माझी
कंधमाल सुकांत कुमार पाणिग्रही
कटक भर्तृहरि महताब
केंद्रपाड़ा बैजयंत पांडा
जगतसिंहपुर बिभू प्रसाद तराई
भुवनेश्वर रवीन्द्र नारायण बेहरा
बोलांगीर संगीता कुमारी सिंह देव
पुरी संबित पात्रा
अस्का अनिता सुभद्रशिनी
बेरहामपुर डॉ. प्रदीप कुमार पाणिग्रही
असम दरांग-उदलगुरी दिलीप सैकिया
गुवाहाटी बिजुली कलिता मेढ़ी
दीफू अमरसिंग टिस्सो
करीमगंज कृपानाथ मल्लाह
सिलचर परिमल शुक्लाबैद्य
काजीरंगा कामाख्या प्रसाद तासा
सोनितपुर रंजीत दत्ता
लखीमपुर प्रदान बरुआ
डिब्रूगढ़ सर्बानंद सोनोवाल
कर्नाटक बेलगाम जगदीश शेट्टर
बागलकोट गद्दीगौदर
बीजापुर रमेश जिगाजिनागी
हावेरी बसवराज बोम्मई
धारवाड़ प्रल्हाद जोशी
उत्तर कन्नड़ विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी
शिमोगा बी.वाई.राघवेंद्र
उडुपी चिकमंगलूर कोटा श्रीनिवास पुजारी
दक्षिण कन्नड़ कप्तान ब्रिजेश चौटा
चित्रदुर्ग गोविंद मकथप्पा करजोल
तुमकुर वी. सोमन्ना
मैसूर यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार
बेंगलुरु ग्रामीण डॉ सी एन मंजूनाथ
बैंगलोर उत्तर शोभा करंदलाजे
बेंगलुरु सेंट्रल पी सी मोहन
बेंगलुरु साउथ तेजस्वी सूर्या
चिक्कबल्लापुर डॉ.के.सुधाकर
आंध्र प्रदेश अनाकापल्ले सी.एम.रमेश
राजमुंदरी दग्गुबाती पुरंधेश्वरी
नरसापुरम भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा (बी.जे.पी.वर्मा)
तेलंगाना आदिलाबाद गोदाम नागेश
करीमनगर बंदी संजय कुमार
निज़ामाबाद अरविंद धर्मपुरी
मेडक माधवनेनी रघुनंदन राव
मल्काजगिरि एटला राजेंदर
सिकंदराबाद जी किशन रेड्डी
चेवेल्ला कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी
महबूबनगर अरुणा। डी. के
अरुणाचल प्रदेश अरुणाचल पश्चिम किरेन रिजिजू
अरुणाचल पूर्व तापिर गाओ
केरल त्रिशूर सुरेश गोपी
उत्तराखंड टेहरी गढ़वाल माला राज्य लक्ष्मी शाह
गढ़वाल अनिल बलूनी
अल्मोडा अजय टम्टा
नैनीताल अजय भट्ट
हरिद्वार त्रिवेंद्र सिंह रावत
दिल्ली चांदनी चौक प्रवीण खंडेलवाल
उत्तर-पूर्वी दिल्ली मनोज तिवारी
पूर्वी दिल्ली हर्ष मल्होत्रा
नई दिल्ली बांसुरी स्वराज
उत्तर-पश्चिम दिल्ली योगेंद्र चंदोलिया
पश्चिमी दिल्ली कमलजीत सहरावत
दक्षिणी दिल्ली रामवीर सिंह बिधूड़ी
अंडमान अंडमान और निकोबार बिष्णु पाडा रे
दादर और नगर हवेली डेलकर कलाबेन मोहनभा
गोवा उत्तरी गोवा- श्रीपाद येसो नाइक
त्रिपुरा त्रिपुरा पश्चिम – बिप्लब कुमार देब
त्रिपुरा पूर्व – कृति देवी देबबर्मन
: अब बीजेपी को इस बार जो यह जनादेश मिला है, इसमें पूर्ण बहुमत की कमी है। 2014 और 2019 में बीजेपी ने अपने दम पर सरकार बनाई थी, अगर सहयोगी साथ ना भी देते, फिर भी सरकार उनकी रहती। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है, कई सालों बाद फिर गठबंधन का दौर लौट आया है, एक बार फिर क्षेत्रीय दल ताकतवर हुए हैं और अब किस तरह से तालमेल बैठाया जाता है, सारा खेल इसी बात पर निर्भर करने वाला है।
