सियासत
10 साल बाद भी कांग्रेस 100 सीटों का आंकड़ा नहीं छू पाई…”
एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हम न हारे थे, न हारे हैं. लेकिन 4 तारीख के बाद हमारा व्यवहार हमारी पहचान बताता है कि हम जीत को पचाना जानते हैं. हमारे संस्कार ऐसे हैं कि हम जीत की गोद में उन्माद नहीं पालते और न ही हारे हुए का मजाक उड़ाने के संस्कार हमारे अंदर हैं. हम विजयी की रक्षा करते हैं और पराजित का मजाक उड़ाने की विकृति हमारे अंदर नहीं है. ये हमारे संस्कार हैं. आप किसी भी बच्चे से पूछिए कि लोकसभा चुनाव से पहले किसकी सरकार थी? वो कहेगा एनडीए. फिर उससे पूछिए कि 2024 के बाद किसकी सरकार बनी, तो वो कहेगा एनडीए…पहले भी एनडीए थी, आज भी एनडीए है, और कल भी एनडीए है…10 साल बाद भी कांग्रेस 100 सीटों का आंकड़ा नहीं छू पाई…”
''मैंने पीएम मोदी से कहा कि आप में है दम, इसलिए साथ हैं हम.
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के नेता और राज्यसभा सांसद रामदास अठावले ने शुक्रवार को एनडीए की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया. अठावले ने इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ''मैंने पीएम मोदी से कहा कि आप में है दम, इसलिए साथ हैं हम. इसलिए हमें विश्वास है कि मोदी हमारे करीबी हैं. हमने पूरे देश में लोकसभा चुनाव में काम किा है. एनडीए के घटक दल बड़ गए हैं. इसका कोई असर नहीं होगा.''
नई सरकार में मंत्री बनाने के सवाल पर रामदास अठावले ने कहा, '' दलित और आदिवासियों का मैं नेतृत्व करता हूं तो मुझपर कोई अन्याय नहीं होगा. अगर मुझे मंत्री पद नहीं दिया जाता है तो भी हम एनडीए का साथ काम करेंगे. हम मोदी के साथ रहेंगे.'' रामदास अठावले पिछली सरकार में सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री रहे हैं.
मंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर यह बोली पीएम मोदी
उधर, एनडीए के घटक दलों में किसे कौन सा मंत्रालय दिया जाएगा इसको लेकर खूब अटकलें चल रही हैं. इस पर एलजेपी नेता चिराग पासवान ने कहा था कि मंत्रालय को लेकर कोई बात नहीं हुई है और केवल अफवाहें फैलाई जा रही हैं. वहीं, आज जब संसद भवन में एनडीए की बैठक हुई तो खुद पीएम मोदी ने कहा, ''आजकल कई लोग सरकार बनाने में लगे हुए हैं. मंत्री पद बांट रहे हैं. मैं सांसदों से आग्रह करता हूं जो लोग मोदी को जानते हैं. ये सारे प्रयास निरर्थक हैं.''
NDA संसदीय दल की बैठक शुरू, गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता हुए शामिल
नई दिल्ली : नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस NDA की संसदीय दल की बैठक संसद के सेंट्रल हॉल में शुरू हो गई है। इसमें सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। साथ ही NDA सांसदों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर भी सहमति बनाने की कोशिश होगी। जिसमें एमपी के सभी 29 सांसद बैठक में मौजूद रहेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में शामिल हुए।18वीं लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए एक बार फिर सरकार बनाने के लिए आज अपना दावा पेश करेगा। इसके पहले भाजपा और एनडीए संसदीय दल की बैठक में नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए नेता चुना जाएगा। वहीं, गुरुवार को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्र में नई सरकार के गठन को लेकर दिनभर कई दौर की बैठकें की। इनमें आरएसएस के पदाधिकारी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
नई सरकार के रविवार को शपथ लेने की संभावना है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। बुधवार को एनडीए नेताओं की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार गठन का फैसला किया गया था। गुरुवार को चुनाव आयोग ने नवनिर्वाचित सांसदों की सूची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपी। इसके साथ ही 18वीं लोकसभा के गठन का रास्ता साफ हो गया।
जस की तस रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार,लोन महंगे नहीं होंगे, आपकी EMI भी नहीं बढ़ेगी
दिल्ली :- भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार आठवीं बार रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है. महंगाई को टिकाऊ स्तर यानी चार प्रतिशत पर लाने और वैश्विक अनिश्चितता के बीच आर्थिक वृद्धि को गति देने के मकसद से नीतिगत दर को यथावत रखा गया है.
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बुधवार को शुरू हुई तीन दिन की बैठक में लिए गए निर्णय की शुक्रवार को जानकारी दी।शक्तिकांत दास ने कहा कि इसके साथ एमपीसी सदस्यों ने लक्ष्य के अनुरूप खुदरा महंगाई को लाने के लिए उदार रुख को वापस लेने के अपने निर्णय को भी कायम रखने का फैसला किया है.रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखने का मतलब है कि मकान, वाहन समेत विभिन्न कर्जों पर मासिक किस्त (ईएमआई) में बदलाव की संभावना कम है. केंद्रीय रिजर्व बैंक ने आखिरी बार फरवरी, 2023 में रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी. इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट 6.5 प्रतिशत कर दी गई. इसके बाद लगातार 8 बार केंद्रीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक हो चुकी है.शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 के लिए वास्तविक जीडीपी 7.2 फीसदी रह सकती है. पहली तिमाही में जीडीपी 7.3 फीसदी, दूसरी में 7.2 फीसदी, तीसरी तिमाही में 7.3 फीसदी तो चौथी तिमाही में 7.2 फीसदी की से रफ्तार से बढ़ सकती है.
6 में से 4 सदस्यों ने किया बदलाव नहीं करने का फैसला
एमपीसी के कुल छह सदस्य है. इन 6 सदस्यों में से 4 ने रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला लिया. शक्तिकांत दास ने कहा कि इसके साथ एमपीसी सदस्यों ने लक्ष्य के अनुरूप खुदरा महंगाई को लाने के लिए उदार रुख को वापस लेने के अपने निर्णय को भी कायम रखने का फैसला किया है.
सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू, आज 11 बजे संसद में NDA की बैठक, मंत्रालयों के बंटवारे पर होगी चर्चा
दिल्ली :- केंद्र में सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसी क्रम में सात जून को एनडीए संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई है. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसदीय दल का नेता चुना जाएगा. संसदीय दल की बैठक सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हाॅल में आयोजित की जाएगी.
इस बैठक में जेडीयू नेता नीतीश कुमार, ललन सिंह, टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू और हम के नेता जीतन राम मांझी भी उपस्थित थे और सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना समर्थन दिया और जल्दी सरकार बनाने की बात कही.एनडीए गठबंधन को केंद्र में बहुमत मिला है. लोकसभा चुनाव में एनडीए को 292 सीटों पर जीत हासिल हुई है. वहीं इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली हैं. चूंकि बीजेपी को अकेले बहुमत प्राप्त नहीं है, इसलिए सरकार गठन में जेडीयू और टीडीपी की भूमिका अहम हो गई है
नड्डा के आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक
दिल्ली में गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर को अहम बैठक हुई थी। इसमें अमित शाह और राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे थे। बैठक में नई सरकार बनाने, भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में जगह देने और शपथ ग्रहण की तैयारियों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की खबर है।
सरकार गठन पर चर्चा
बुधवार को एनडीए की बड़ी बैठक हुई, जिसमें सरकार गठन पर चर्चा हुई. सहयोगी दलों की सरकार में क्या भूमिका होगी इसपर भी गंभीर मंत्रणा हुई. जेडीयू और टीडीपी पहले भी सरकार का हिस्सा रह चुकी है और नीतीश कुमार वाजपेयी मंत्रिमंडल में रेल मंत्री रह चुके हैं.
Aaj Ka Panchang: आज 7 जून 2024 का शुभ मुहूर्त, राहु काल, आज की तिथि और ग्रह
पंचांग- 7 जून 2024
विक्रम संवत - 2081 पिङ्गल
शक सम्वत - 1946 क्रोधी
ज्येष्ठ - पूर्णिमान्त
वैशाख - अमान्त
तिथि
प्रतिपदा - 04:44 पी एम तक
नक्षत्र
मृगशिरा - 07:43 पी एम तक
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय - 06:00 ए एम
सूर्यास्त -07:14 पी एम
चन्द्रोदय - 7.22 ए एम
चंद्रास्त- 08:21 पी एम
शुभ काल
अभिजीत मुहूर्त - 12:11 पी एम से 01:04 पी एम
अमृत काल - 11:07 ए एम से 12:41 पी एम
बह्म मुहूर्त -04:34 ए एम से 05:17 ए एम
अशुभ काल
राहूकाल- 10:58 ए एम से 12:38 पी एम
यम गण्ड - 07:07 ए एम से 08:51 ए एम
गुलिक -10:36 ए एम से 12:20 पी एम
दुर्मुहूर्त -11:52 ए एम से 12:48 पी एम
वर्ज्य- 09:55 ए एम से 11:26 ए एम
Aaj Ka Rashifal 7 June 2024: कैसा रहेगा आपका आज का दिन? जानें राशिफल और उपाय
Aaj Ka Rashifal 7 June 2024: कोई भी व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में कुंडली के माध्यम से जान सकता है। किस दिन कौन सा उपाय करना चाहिए या कौन सा दिन अच्छा या फिर बुरा हो सकता है? इसका पता भी राशिफल के माध्याम से किया जा सकता है। दैनिक राशिफल के जरिए 12 राशियां अपने आज के बारे में जान सकते हैं। आज हम आपको ज्योतिर्विद डॉ. संजीव शर्मा द्वारा बताए गए राशिफल के तहत ये जानकारी देने जा रहे हैं कि 7 जून को 12 राशियों का दिन कैसा रहेगा और उन्हें कौन से उपाय अपनाने चाहिए? आइए 7 जून बृहस्पतिवार का राशिफल और उपाय जानते हैं।
मेष राशि
किया गया प्रयास सार्थक सिद्ध होगा। परिवार का साथ मिलेगा।आपका मन प्रसन्न रहेगा । नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं व मान सम्मान की वृद्धि होगी। घर परिवार में माहौल ठीक रहेगा।सुबह हनुमान चालीसा पड़े और मंगल के बीज मंत्र का जाप करें और गाय को रोटी खिला दें।
वृषभ राशि
आर्थिक मामलों में प्रगति होगी ।कोई पुराना दुश्मन आपका पीछा कर सकता है। स्थान परिवर्तन के योग हैं। सुबह किसी छोटी बच्ची को भोजन करा दें और शुक्र के बीजमंत्र क़ा जाप करें।
मिथुन राशि
स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। किसी बड़े व्यक्ति से भेंट हो सकती है जिससे लाभ हो सकता है। शिक्षण के कार्यों में सफलता मिलेगी। गाय को हरा चारा खिला दें और घायल गोवंश का उपचार करा दें। बुद्ध के बीज मंत्र का जाप करें।
कर्क राशि
पिता या किसी अधिकारी के कृपा पात्र होंगे। गाड़ी धीमे चलाएं। जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाकर रखें ताकि बिना वजह के उलझन से मुक्ति मिले। सुबह बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप करें। घायल गोवंश का उपचार करा दें और उसको भोजन भी करा दें।
सिंह राशि
माता पिता का साथ मिलेगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। परिवार में कोई धार्मिक आयोजन हो सकता है। सुबह हल्दी व चावल डालकर सूर्य को जल दें और बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप करें। गाय को चार रोटी हल्दी लगाकर दें।
कन्या राशि
पिता या धर्मगुरु का सहयोग प्राप्त होगा । कोई भी फैसला लेने से पहले एक बार विचार करना । भावनाओं पर नियंत्रण रखें वह बिना वजह किसी की गवाही न दें। लंबी यात्रा के योग बन सकते हैं। माता-पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। सुबह गाय को हरा चारा खिला दें और बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप करें।
तुला राशि
स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। धन या अचल संपत्ति में वृद्धि होगी। सुबह किसी छोटी बच्ची को भोजन कर दें और किसी गरीब को सफेद वस्त्र दान करें।
वृश्चिक राशि
आत्मविश्वास बहुत रहेगी परंतु मन में उतार-चढ़ाव भी रहेंगे। अध्यात्म के प्रति रुझान रहेगा। संपत्ति में वृद्धि हो सकती है। सुबह मंगल के बीज मंत्र का जाप करें और बंदर को केला अथवा गुड़ चना खिला दें।
धनु राशि
संपत्ति के मामलों में सफलता मिलेगी। निर्माण कार्य सफल होगा। तरक्की का अवसर मिल सकता है । परिवार में शांति का परिचय दें और वाद विवाद में न फंसे। आय से अधिक खर्च हो सकते हैं अतः मन व्यथित न करें। सुबह गाय को भोजन करा दें और घायल गोवंश का उपचार करा दें। बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप करें।
मकर राशि
पारिवारिक जीवन सुख में रहेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिश्रम अधिक रहेगा। अपनी बुद्धि को ज्यादा तार्किक ना करें अन्यथा बिना वजह कई मामलों में दुख होगा। खर्चों में वृद्धि हो सकती है और रहन-सहन से संबंधित सामग्री खरीद सकते हैं। सुबह कुत्ते को भोजन करा दें। घायल कुत्ते का उपचार करा दें। शनि के बीज मंत्र का जाप करें।
कुंभ राशि
बुद्धि कौशल से किया गया कार्य संपन्न होगा। लक्ष्य की प्राप्ति भी होगी। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है और मुलाकात बहुत आत्मीयता से भारी रहेगी। सुबह घायल कुत्ते का उपचार करा दें और भोजन करा दें।
मीन राशि
आर्थिक प्रयास फलीभूत होगा। जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। जीवनसाथी के साथ एक लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। खर्चों में अधिकता रहेगी। कुटुंब में परिवार के लोगों के साथ कोई धार्मिक आयोजन कर सकते हैं। माता-पिता का साथ बना रहेगा। सुबह गाय को भोजन करा दें। बृहस्पति के बीज मंत्र का जाप करें।
गुरु अर्जुन देव जी शहादत दिवस या 'शहीदी दिवस' इस साल 10 जून को है।
गुरु अर्जन देव पांचवें सिख गुरु थे और 16 जून 1606 को उनकी मृत्यु हो गई थी। गुरु अर्जन देव शहीदी दिवस हर साल जेठ सुदी 4 को मनाया जाता है। नीचे दिए गए लेख में दिन के महत्व और इतिहास पर एक नज़र डालें।
गुरु अर्जुन देव जी शहादत दिवस या 'शहीदी दिवस' इस साल 10 जून को है। यह हर साल सिख कैलेंडर के तीसरे महीने - जेठ के 24वें दिन मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में सिखों के लिए बहुत धार्मिक महत्व रखता है। गुरु अर्जुन देव जी सिख धर्म के पहले शहीद थे और अपने महान कार्यों के लिए जाने जाते हैं।
गुरु अर्जन देव दिवस कैसे मनाया जाता है?
इस दिन दुनिया भर में लोग लंगर (सामुदायिक भोजन की सिख परंपरा), धार्मिक आयोजन और गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का आयोजन करते हैं। इसके अलावा हर साल सिख तीर्थयात्रियों का एक जत्था पाकिस्तान के लाहौर में देहरा साहिब के गुरुद्वारे में जाता है। इस समूह को जत्था कहा जाता है। इस साल जत्था 6 जून को तय किया गया था।
इस वर्ष 417वीं शहादत वर्षगांठ मनाई जा रही है, जो दुनिया भर के सिखों के लिए बहुत बड़ा धार्मिक महत्व रखती है। यह दिन सभी धर्मों के लिए जीवन और सभी की स्वीकृति का उत्सव है। यह शांति और सद्भाव का जश्न मनाता है। यह श्री गुरु अर्जुन देव जी और उनके महान जीवन को याद करता है, जिसने समाज में शांति और सद्भाव पर जोर दिया।
इसलिए आज पांचवें सिख गुरु के जीवन का जश्न मनाते हुए, जागरण जोश सभी पाठकों के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करता है।
कौन होगा ओडिशा का अगला मुख्यमंत्री? चर्चा में सबसे आगे इन नेताओं के नाम
नई दिल्ली: ओडिशा में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। नतीजे सामने आने के बाद नवीन पटनायक ने बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्यपाल रघुबर दास को अपना इस्तीफा सौंपा। बीजेपी ने प्रदेश में 147 सीटों में से 78 सीटें जीती हैं। पटनायक की बीजू जनता दल (बीजेडी) को 51 सीटें मिली हैं। अब सवाल यह है कि ओडिशा का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा?
कौन बनेगा अगला CM?
बीजेडी की चुनावी हार के बाद अब सबकी निगाहें ओडिशा के अगले मुख्यमंत्री पर टिकी हैं। अटकलों के बीच राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल ने बुधवार को कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड एक-दो दिन में इस पर फैसला कर लेगा।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सामल ने कहा, “मुख्यमंत्री का चयन प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया जाएगा एक ओडिया व्यक्ति जो राज्य की संस्कृति और परंपरा को कायम रखेगा, वह ओडिशा का अगला मुख्यमंत्री होगा।
किन नामों की है चर्चा?
1. धर्मेंद्र प्रधान
मुख्यमंत्री पद के नामों में धर्मेंद्र प्रधान का नाम काफी ऊपर चल रहा है। प्रधान ने बीजद के प्रणब प्रकाश दास के खिलाफ 1 लाख से अधिक मतों के अंतर से संबलपुर लोकसभा सीट जीती है।
2. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा
बैजयंत पांडा ने ओडिशा में केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट जीती है। वह बीजेडी से एक बार राज्यसभा सांसद और दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, वह छह साल पहले भाजपा में शामिल हुए और 2019 में केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था जहां वह हार गए थे।
3. भुवनेश्वर सांसद अपराजिता सारंगी
अपराजिता सारंगी ने कांग्रेस नेता यासिर नवाज और बीजू जनता दल नेता मन्मथ राउत्रे के खिलाफ भुवनेश्वर सीट जीती है। वह भी मुख्यमंत्री पद के लिए एक अहम नाम मानी जा रही हैं।
4. बालासोर के सांसद प्रताप सारंगी
प्रताप सारंगी बालासोर के मौजूदा सांसद हैं। उनका भी नाम इस फेहरिस्त में है।
5. पूर्व केंद्रीय आदिवासी मंत्री जुएल ओरांव
63 वर्षीय ओराम पांच बार सांसद और एक बार विधायक हैं। वह ओडिशा में भाजपा के शुरुआती सदस्यों में से एक रहे हैं। ओराम को अक्टूबर 1999 में पहला केंद्रीय जनजातीय मामलों का मंत्री बनाया गया था। उन्होंने लोकसभा के चुनावों में सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है।
6. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा
संबित पात्रा ने बीजद नेता अरूप पटनायक और कांग्रेस उम्मीदवार जय नारायण पटनायक के खिलाफ पुरी लोकसभा सीट जीती है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने पात्रा को हराकर जीत हासिल की थी।
दिल्ली में हार के बाद आम आदमी पार्टी में हलचल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर आज विधायकों की बैठक
नई दिल्ली : दिल्ली में लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। लोकसभा नतीजों में मिली निराशा के बाद ‘आप’ में हलचल तेज हो गई है।
गुरुवार शाम 5 बजे दिल्ली के सभी विधायकों को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर बुलाया गया है। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी ने यह बैठक बुलाई है। बैठक में पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहेंगे। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि बैठक किस मकसद से बुलाई गई है।
बता दें कि कथित शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरिवंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और फिर 21 दिनों की जमानत के बाद हुए चुनाव में पार्टी खाता तो नहीं खोल पाई, लेकिन लोकसभा चुनाव में अपना समर्थन बढ़ाने में कामयाब रही है। पार्टी के वोटशेयर में 6 पर्सेंट का बड़ा इजाफा देखने को मिला है।
अंतरिम जमानत के दौरान दिल्ली में अपने आक्रामक प्रचार अभियान से केजरीवाल ‘आप’ को दूसरे स्थान पर लाने में कामयाब रहे। 10 साल बाद पार्टी को भाजपा से कम पर कांग्रेस से ज्यादा वोट मिले हैं। बैठक में पार्टी के वोटशेयर बढ़ने और पार्टी के प्रदर्शन को लेकर चर्चा हो सकती है।
लोकसभा चुनाव: कितनी होती है सांसदों की सैलरी, क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं, पढ़िए पूरी खबर
नई दिल्ली। संसद में एनडीए सरकार का सामना एक मजबूत विपक्ष से होगा। 4 जून को आए नतीजों में भाजपा के 240, कांग्रेस के 99, सपा के 37, टीएमसी के 29, डीएमके के 22, टीडीपी के 16, जेडीयू के समेत कुल 542 सांसद संसद पहुंचे हैं, जनता को इन प्रतिनिधियों से बहुत सी उम्मीदें हैं।
बता दें कि 18वीं लोकसभा के लिए सांसदों का चयन हो चुका है। प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी तीसरी बार शपथ लेने जा रहे हैं। इस बार की लोकसभा बेहद दिलचस्प होने जा रही हैं, क्योंकि पिछले एक दशक में यह पहला मौका होगा जब बीजेपी अपने दम पर सरकार नहीं बनाने जा रही है।
जनता को उम्मीद है कि उनके प्रतिनिधी बेहतर से बेहतर योजनाएं लाएंगे, अच्छे कानून बनाएंगे, जिससे आम लोगों का जीवन और आसान बने। लेकिन इसके साथ ही लोगों को इस बात की भी उत्सुक है कि इन सांसदों को अगले पांच साल क्या-क्या लाभ मिलेंगे और बतौर सांसद इन नेताओं की कितनी सैलरी होगी?
कितनी होती है सांसदों की सैलरी
सांसदों को 1 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है। साथ ही, दैनिक भत्ते के रूप में हर पांच साल में उनका वेतन बढ़ता है वेतन में वेतन, भत्ते और पेंशन के अनुसार 50,000 रुपये प्रति माह का मूल वेतन शामिल है।
सांसदों को मिलते हैं ये भत्ते
उन्हें संसद सत्र में भाग लेने के लिए दैनिक भत्ता के रूप में 2,000 रुपये भी मिलते हैं। यदि सांसद सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो वे 16 रुपये प्रति किमी की दर से यात्रा भत्ता के भी हकदार हैं। उन्हें प्रति माह 45,000 रुपये का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता भी मिलता है। उन्हें आॅफिस कैंपस के रूप में प्रति माह 45,000 रुपये भी मिलते हैं, जिसमें स्टेशनरी और डाक व्यय के लिए 15,000 रुपये शामिल हैं।
भत्ते का उपयोग सचिवीय सहायकों के वेतन का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है। हर महीने, सदस्य अपने और अपने परिवार के लिए मुफ्त चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने के लिए 500 रुपये का भुगतान करते हैं। सांसदों को बैठकों में जाने सहित अपने कर्तव्यों के पालन में किए गए खर्चों के लिए यात्रा प्रतिपूर्ति दी जाती है।
8 नहीं, अब 9 जून को PM पद की शपथ ले सकते हैं नरेंद्र मोदी
लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण की कवायद तेज हो गई है. शपथ ग्रहण की तारीख को लेकर नया अपडेट आया है. सूत्रों के मुताबिक, 8 जून की... जगह अब 9 जून को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है
क्या फिर से पलटी मारेंगे पलटू चाचा! सभी की नीतीश पर निगाहें
मोदी सरकार अब नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के भरोसे चलेगी। ऐसे में अब ये दोनों नेता पीएम मोदी से भी अधिक पावरफुल नजर आएंगे। नीतीश कुमार की 3 पुरानी मांग भी पीएम मोदी को माननी पड़ेगी, नहीं तो दिल्ली का सिंहासन कभी भी हिल सकता है।
शपथ ग्रहण की तैयारी में जुटे पीएम मोदी, इस बार ये देश होंगे मेहमान, जानें किन-किन को मिला न्योता?
दिल्ली :- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को लोकसभा चुनाव में 293 सीटें मिलीं। नरेंद्र मोदी को एनडीए का नेता चुना गया। सभी घटक दलों ने अपने समर्थन का पत्र सौंप दिया है। अब मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में 8 जून को शपथ ले सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसमें विदेशी मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।
बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और मॉरीशस के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। औपचारिक निमंत्रण गुरुवार को भेजे जाने की तैयारी है। इससे पहले 75 देशों ने मोदी को बधाई दी और उन्हें वैश्विक नेता करार दिया। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की। मोदी ने हसीना को अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया और उन्होंने भी इसे स्वीकार कर लिया। वहीं, पीएम ने नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ से भी फोन पर बातचीत की। सूत्रों ने बताया कि भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ को भी आमंत्रित किया जाना तय है। वहीं, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के कार्यालय के मीडिया प्रभाग ने कहा कि विक्रमसिंघे ने फोन करके नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई दी। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया, जिसे विक्रमसिंघे ने स्वीकार कर लिया है।
बाइडन, सुनक, पुतिन समेत कई नेताओं की मोदी को बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बधाई दी है। पुतिन ने मोदी को फोन पर बधाई देते हुए वैश्विक नेता बताया।उधर, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेजामिन नेतन्याहू, यूक्रेन के राष्ट्रपति बोलोदिमीर जेलेंस्की, इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी, श्रीलंकाई राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे व नेपाली पीएम पुष्य कमल दहल ‘प्रचंड’ समेत विश्व के कई नेताओं ने मोदी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई। अमेरिका ने सफल चुनाव के लिए भारत सरकार और देश की जनता की प्रशंसा की।
अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत याचिका हुई खारिज, न्यायिक हिरासत 19 जून तक बढ़ी,
दिल्ली :- राउज एवेन्यू कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फिर बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सात दिनों की जमानत की मांग करने वाली अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को सीएम केजरीवाल के लिए सभी जरूरी चिकित्सा परीक्षण करने और उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ी
इस बीच, अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत भी 19 जून तक बढ़ा दी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अदालत के समक्ष वर्चुअल मोड के माध्यम से पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने 2 जून को सरेंडर कर दिया था। अदालत ने 1 जून को सीएम केजरीवाल द्वारा दायर जमानत याचिका का आदेश सुरक्षित रख लिया था।
अरविंद केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा
बहस के दौरान अरविंद केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि अंतरिम जमानत पार्टी के लिए प्रचार करने के उद्देश्य से थी। प्रचार के कारण बहुत तनाव था। इस कारण सीएम केजरीवाल का शुगर बढ़ गया। हरिहरन के अदालत के सामने केजरीवाल के खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया।
वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करके पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद मांगती है
हिंदू धर्म में विवाहित महिलाएं ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री व्रत रखती है. इसे कई जगहों पर बड़मावस का त्योहार भी कहा जाता है. महिलाएं इस दिन व्रत करती है और वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करके पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद मांगती है.शास्त्रों में कहा गया है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवता निवास करते हैं. इस व्रत को करके महिलाएं तीनों देवों से अपने पति की लंबी उम्र का वरदान मांगती है. चलिए जानते हैं कि इस साल वट सावित्री व्रत किस दिन रखा जाएगा और वट सावित्री की पूजा के समय आपको किन किन चीजों की जरूरत पड़ेगी.
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या को रखा जाता है. इस साल ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पांच जून की शाम सात बजकर 54 मिनट पर शुरू हो रही है और अगले दिन 6 जून की शाम 06 बजकर 07 मिनट पर इसका समापन होगा. उदया तिथि को देखते हुए इस साल वट सावित्री का व्रत छह जून गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन महिलाएं वट वृक्ष के पास बैठकर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनती है और कच्चे सूत से सात बार वट वृक्ष की परिक्रमा करती है.
अगर आप भी पहली बार वट सावित्री व्रत करने जा रही है तो आपको पूजा के लिए सारी सामग्री एक दिन पहले ही एकत्र कर लेनी चाहिए. आपको बता दें कि वट सावित्री व्रत में बरगद की पूजा की जाती है और अगर आपके घर के आस पास बरगद का पेड़ नहीं है तो आप उसकी टहनी कहीं से मंगवा कर उसकी भी पूजा कर सकती है. इस व्रत की पूजा के लिए आपको कुछ खास सामग्री की जरूरत पड़ेगी और इसका इंतजाम आपको पहले से ही कर लेना चाहिए.
- साबुत चावल (अक्षत)
- बांस का पंखा
- हल्दी में रंगा हुआ कलावा या सफेद सूत
- मौसम में आने वाले फल जैसे आम, लीची,तरबूज
- लाल या पीले फूलों की माला
- भीगे हुए काले चने
- धूप बत्ती
- पान और सुपारी
- गंगाजल
- केले के पत्ते
- कुछ नए कपड़े जिनका रंग लाल या पीला हो
- मिट्टी का एक घड़ा
- देसी घी
- तांबे या पीतल का लोटा
- सिंदूर और रोली
- थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी
- प्रसाद के तौर पर मिठाई
