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घर पर तैयार करें कुरकुरी आलू टिक्की, जानें इसे बनाने का सरल तरीका
भारत देश अपने खान-पान की वजह से पूरे विश्व में फेमस हैं। यहां हर राज्य अपने अलग खाने की वजह से जाना जाता है। तमाम तरह के पकवानों में आलू की टिक्की भी शामिल है। आलू की टिक्की एक ऐसी डिश है, जो भारत के हर कोने में आसानी से मिल जाती है।
चाहे शादी-विवाह हो, या फिर कोई छोटे-मोटे कार्यक्रम, हर जगह दावत में आलू की टिक्की जरूर मिल जाती है। बाजार में मिलने वाली टिक्की खाने में तो काफी स्वादिष्ट होती है, लेकिन ज्यादातर लोग बाजार में मिलावट वाले खाने की वजह से खाने से डरते हैं।
अगर आपको भी बाहर का खाना खाने से डर लगता है तो शाम की छोटी भूख के लिए आप घर पर ही आलू की टिक्की बनाकर खुद भी खा सकते हैं और अपने घरवालों को भी खिला सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान है, और इसे खाकर हर कोई आपकी तारीफ करेगा।
- आलू - 4 मीडियम साइज़ के
- हरी मिर्च - 2-3
- धनिया पत्ती - 2 टेबलस्पून
- लहसुन का पेस्ट - 1 छोटा चम्मच
- अदरक का पेस्ट - 1 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर - 1 छोटा चम्मच
- जीरा पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- गरम मसाला पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- नमक - स्वाद के अनुसार
- तेल - तलने के लिए
- आलुओं की टिक्की बनाने के लिए सबसे पहले आलू को धोकर उबाल लें, फिर उनको छील लें। सही से आलू छीलने के बाद इसे कद्दूकस कर लें। कद्दूकस किए हुए आलू को सही से एक बार मैश कर लें। इसके बाद एक बड़े बाउल में कद्दूकस किए हुए आलू, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, लहसुन का पेस्ट, अदरक का पेस्ट, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, हल्दी पाउडर, गरम मसाला पाउडर और नमक डालें। सभी चीजें एक साथ डालने के बाद इसे सही तरह से मिलाएं। आलुओं में मसाला सही तरह से मिल जाना चाहिए।इसके बाद इस मिश्रण से आलू की टिक्की बनाएं और उन्हें हल्के तेल में सेक लें। दोनों तरफ से सुनहरा होने के बाद एक प्लेट पर निकाल लें। नैपकिन की मदद से इसका अतिरिक्त तेल निकाल दें। आलू टिक्की को गर्मागर्म कैचअप और धनिए की चटनी के साथ परोसें।
घर पर बनाएं बाजार जैसे चटपटे सूजी के गोलगप्पे, उंगली चाटता रह जाएगा हर कोई
पानीपुरी का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। पानीपुरी को अलग-अलग जगह अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। कहीं गोलगप्पे का जाता है, कहीं पानी पूरी, कहीं बताशे तो कहीं पुचका नाम से पुकारा जाता है। गोलगप्पे खाने से पूरा मुंह का स्वाद बदल जाता है। यह हर गली मोहल्ले गांव शहरों में मिलता है। गोलगप्पे कई फ्लेवर के पानी के साथ खाया जाता है और हर फ्लेवर का पानी मजेदार होता है। गोलगप्पे आटे और सूजी से बनाए जाते हैं। इसे घर पर बनाना भी काफी आसान है। अगर आपके घर कोई गेस्ट जाएं तो आप फटाफट इसे घर पर बना कर मेहमानों का मूड बदल सकते हैं। आप घर पर ही बाजार जैसे स्टाइल में टेस्टी गोलगप्पे बन सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में।
ऐसे तैयार करें सूजी के गोलगप्पे
सूजी के गोलगप्पे बनाने के लिए सबसे पहले सूजी को गूंथ कर तैयार कर लें। इसके लिए बारीक सूजी का उपयोग किया जाता है। सूजी को एक बड़े प्याले में निकाल लीजिए। तेल डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिए। सूजी में हल्का गुनगुना पानी थोडी़-थोड़ी मात्रा में डालते हुए आटे की तरह गूंथ लें। गूंथे हुये आटे को थोड़ी देर के लिए ढककर रख दें। थोड़ी देर में सूजी का आटा अच्छे से फूलकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद कढा़ई में तेल गर्म होने के लिए गैस पर रख दे। गूंथे आटे को थोड़ा सा लेकर रोटी की तरह छोटा बेल लें। तेल को अच्चे से गर्म हो जाने के बाद बेली हुई पूरी इसमें डाल लें। पूरी फूल जाएगी। फिर तैयार पूरीयों को प्लेट के ऊपर रखी जाली वाली डलिया में निकाल कर रख लें।
ऐसे करें चटपटा पानी तैयार
चटपाना पानी बनाने के लिए जरूरत के मुताबिक पानी लें। पुदीना और धनिया के पत्ते, हरी मिर्च और अदरक को अच्छे से पीस लें और इसे पानी में मिलाएं। भुना हुआ जीरा पाउडर, आमचूर पाउडर, नमक और लाल मिर्च पाउडर मिलाकर पानी को अच्छी तरह से मिला ले। बस आपका गोलगप्पा खाने के लिए तैयार हैं।
“द साबरमती रिपोर्ट”, छत्तीसगढ़ में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म मुख्यमंत्री साय ने किया ऐलान
रायपुर। CG BREAKING : बीते दिनों फिल्म द साबरमती रिपोर्ट सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. इस फिल्म को दर्शकों के काफी अच्छे रिव्यूज मिल रहे हैं. बता दें, फिल्म गोधरा कांड पर आधारित है. हाल ही में फिल्म की प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) और गृहमंत्री अमित शाह ने जमकर तारीफ की थी. जिसके बाद अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फिल्म को टैक्स फ्री करने का ऐलान कर दिया है।
‘पुष्पा 2’ की एडवांस बुकिंग में तहलका, रिलीज से पहले ही करोड़ों की कमाई कर रचा इतिहास !
Entertainment: सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पुष्पा 2’ ने रिलीज से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर दी है। अमेरिका में फिल्म की एडवांस बुकिंग इतनी तेजी से हो रही है कि यह सबसे तेज़ प्री-सेल करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। ‘पुष्पा 2’ की प्री-सेल कमाई ने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं और यह बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने के लिए तैयार है।
मेकर्स ने आज, 19 नवंबर को पुष्पा 2 की एडवांस बुकिंग के बारे में अपडेट साझा किया है. सोशल मीडिया पर फिल्म का नया पोस्टर जारी करते हुए मेकर्स ने कैप्शन में लिखा है, ‘पुष्पा राज का दबदबा बॉक्स ऑफिस को एक नए आयाम के साथ फिर से परिभाषित कर रहा है. एक और दिन, एक और रिकॉर्ड और एक और उपलब्धि इतिहास की पन्नों में दर्ज हो गई. यूएस बॉक्स ऑफिस पर 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा प्री-सेल तक पहुंचने वाली सबसे तेज भारतीय फिल्म बनी’. पोस्टर में ‘पुष्पा राज’ को नोटों की गड्डी पर बैठे हुए दिखाया गया है.
इससे पहले फिल्म ने एक और खिताब अपने नाम किया था. ‘पुष्पा 2 द रूल’ ने रिकॉर्ड तोड़ 750 हजार से ज्यादा यूएसए प्रीमियर प्री सेल्स और 27 हजार से ज्यादा टिकटे बेची थी. वहीं, अब 1 मिलियन डॉलर से ज्यादा प्री-सेल करने वाली सबसे तेज भारतीय फिल्म बनकर उभरी है.
17 नवंबर को मेकर्स ने पुष्पा 2 का ट्रेलर लॉन्च किया था. यह इवेंट पटना में होस्ट किया गया था. प्री-सेलिंग के साथ-साथ फिल्म के ट्रेलर ने भी इतिहास रचा और 24 घंटे में 40 मिलियन व्यूज का रिकॉर्ड अपने नाम किया.
फिल्म का रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला यहीं नहीं थमा. पुष्पा 2 के ट्रेलर 100 मिलियन से अधिक व्यूज पाने वाला सबसे तेज भारतीय फिल्म का ट्रेलर बना. वहीं, मेकर्स के नए अपडेट के मुताबिक, पुष्पा 2 द रूल का ट्रेलर 120 मिलियन प्लस व्यूज और 2.3 मिलियन लाइक्स के साथ यूट्यूब के टॉप पर है.
सुकुमार की निर्देशित फिल्म पुष्पा 2 द रूल 5 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म में अल्लू अर्जुन, रश्मिका मंदाना और फहद फासिल अहम रोल में हैं.
दहाड़ें और तेज़ होगी -भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। जहाँ मनुष्य और जानवर सद्भावनापूर्वक सहवास कर सकें।
।।दहाड़ें और तेज़ होगी।।
जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर छू रहा है, हमने छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
भारत एक ऐसे हरित भविष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। जहाँ मनुष्य और जानवर सद्भावनापूर्वक सहवास कर सकें।जैसे-जैसे भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर छू रहा है vedio
दिलजीत दोसांझ का खुला चैलेंज; क्या आपने देखा उनका ये VIDEO?
जारी नोटिस में उन गानों के नाम भी शामिल था, जिनमें 'पंज तारा' और 'पटियाला पैग' जैसे गानों का जिक्र था. इसको लेकर दिलजीत दोसांझ ने अपने गुस्सा भी जाहिर किया था और कॉन्सर्ट के दौरान अपने कई गानों के लिरिक्स में बदलाव भी किए. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इसी बीच उनका एक और वीडियो उनके फैंस का ध्यान खींच रहा है, जिनमें दिलजीत दोसांझ भारत में शराब बैन को लेकर एक खुला चैलेंज देते नजर आ रहे हैं. साथ ही वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है. दिलजीत ने सरकार पर कसा तंज वायरल हो रहे वीडियो में दिलजीत सरकार पर तंज करते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा, 'एक खुशखबरी ये है कि आज मुझे कोई नोटिस नहीं मिला है'. ये सुनकर उनके फैंस हूटिंग करने लगे. फिर दिलजीत कहते हैं, 'एक और बड़ी खुशखबरी है. वो ये कि आज भी मैं शराब पर कोई गाना नहीं गाऊंगा'. फिर उन्होंने पूछा, 'क्या तुम लोग जानते हो, क्यों नहीं गाऊंगा? इसलिए नहीं गाऊंगा क्योंकि गुजरात ड्राई स्टेट है. वैसे, मैंने डिवोशनल गाने भी कई गाए हैं. पिछले 10 दिनों में मैंने दो गाने गाए, एक शिव बाबा पर और दूसरा गुरुनानक बाबा पर'.
टीआरपी लिस्ट में पीछे हुआ टीवी शो अनुपमा, जानिये किस शो ने किया नंबर 1 की पोजिशन पर कब्ज़ा ?
‘अनुपमा’ की लीड एक्ट्रेस रुपाली गांगुली इस समय अपनी सौतेली बेटी ईशा वर्मा को लेकर कंट्रोवर्सी में हैं। वही अब रुपाली गांगुली का शो अनुपमा अब टीआरपी लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। लंबे समय से टॉप पर कायम यह शो इस बार 2.2 टीआरपी के साथ पीछे रह गया है, और इसकी जगह ये रिश्ता क्या कहलाता है ने ले ली है. ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में समृद्धि शुक्ला और रोहित पुरोहित की केमिस्ट्री छाई हुई है. शो की इमोशनल स्टोरीलाइन और इंटेंस फैमिली ड्रामा ने लोगों का ध्यान बांधे रखा है. लोगों को अभीरा और रुही की प्रेग्नेंसी स्टोरीलाइन पसंद आ रही है. तभी तो शो 2.3 मिलियन इंप्रेशंस के साथ ‘अनुपमा’ को नंबर 1 की पोजिशन से हटाने में कामयाब हुआ है.
पब्लिक रिएक्शन में देखा गया है कि लीप के बाद ‘अनुपमा’ की टीआरपी घटी है. दर्शकों को भी शो में खास इंटरेस्ट नहीं आ रहा है. बार-बार लीप के कॉन्सेप्ट से लगता है वे पक चुके हैं. पुरानी कास्ट की जगह नए सितारे आए हैं. रुपाली को छोड़कर सभी नए कलाकारों की एंट्री हुई है. 4 साल से नंबर 1 रहा ये शो पहली बार सेकंड नंबर पर खिसका है. इससे साफ है दर्शकों को अब शो में मजा नहीं आ रहा है. रुपाली के शो को 2.2 मिलियन इंप्रेशंस मिले हैं. वैसे ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ से इस फिगर को किया जाए तो दोनों के नंबर्स में ज्यादा अंतर नहीं है. लेकिन 4 साल में पहली बार नंबर 1 की बादशाहत छिनना बड़ी बात है.
कसीम हैदर कसीम और हरमन नज़ीम के गाने की हुई रिकॉर्डिंग जल्द ही होगी शूटिंग .
कहते हैं कि इंसान की हसरतों का कोई अंत नहीं होता है, और इन्हीं हसरतों के कारण कई मुश्किलें आसान भी साबित हुई हैं। इंसानों के मन मे कई बार हसरतें कुछ कर गुजरने की भी होती हैं और इन्हीं हसरतों के कारण इंसान शोहरतों की बुलंदियों पर भी पहुंच जाता है । कुछ इन्हीं प्रकार की हसरतों को पाले मॉडल अभिनेता और सॉन्ग राइटर कसीम हैदर कसीम द्वारा लिखित और गायक हरमन नज़ीम द्वारा गाये हुए गाने हसरत की रिकॉर्डिंग मुम्बई के स्टूडियो 504 में बीती शाम को की गई है । हसरत नाम के इस एल्बम के वीडियो में भी कसीम हैदर कसीम नज़र आएंगे जबकि अभी महिला कलाकार का इस गाने के लिए चुना जाना बाकी है । इस गाने की शूटिंग भी मुम्बई में ही कि जाएगी ।
बीबी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बन रहे इस हसरत नाम के वीडियो एलबम के निर्माता हैं एनके मूसवी । इस हसरत का संगीत दिया है शाहजहां शेख ने , इसकी रिकॉर्डिंग किया है राहुल शर्मा ने , जबकि इसके साउंड इंजीनियर हैं समीर धरप । हसरत के डायरेक्टर हैं शादाब सिद्दीक़ी । इस हसरत को अगले महीने ही रिलीज करने की प्लानिंग है जिसकी जानकारी भी शीघ्र ही साझा की जाएगी
कानूनी पचड़े में फंसे कपिल शर्मा, ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ नोटिस, जानिए पूरा
कॉमेडी किंग कपिल शर्मा का विवादों से पुराना नाता है. एक बार फिर कॉमेडियन कानूनी पचड़े में फंस गये हैं. कपिल शर्मा के शो ”द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो” को नोटिस जारी हुआ है. शो पर नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को धूमिल करने और सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है.
बीबीएमएफ) के अध्यक्ष डॉ मंडल ने अपने कानूनी सलाहकार नृपेंद्र कृष्ण रॉय के जरिये 1 नवंबर को ही कपिल शर्मा के शो को कानूनी नोटिस भेजा है. लेकिन इसकी जानकारी करीब 13 दिन बाद सामने आ रही है. नोटिस में कहा गया है कि द ग्रेट इंडियन कपिल शो में महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की विरासट को धूमिल करने का प्रयास किया है, जो कि काफी अपमानजनक है. शो पर सांस्कृतिक पहलुओं को गलत तरीके से पेश किया है. बता दें कि नेटफ्लिक्स पर आने से पहले ”द ग्रेट इंडियन कपिल शर्मा शो” को सलमान खान प्रोड्यूस कर रहे थे. सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस एसकेटीवी को कानूनी नोटिस मिलने की अफवाहों के बीच, कंपनी ने बयान जारी कर नेटफ्लिक्स शो के साथ किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है. जारी बयान में कहा गया है कि सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस का नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने वाले शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ से कोई संबंध नहीं है. एक प्रतिनिधि ने कहा कि मीडिया में खबर चल रही है कि सलमान खान/एसकेटीवी को भी नोटिस मिला है, यह गलत है. क्योंकि हम नेटफ्लिक्स पर “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” से जुड़े नहीं हैं. बता दें कि कपिल शर्मा द्वारा होस्ट और प्रोड्यूस “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” अपने दूसरे सीजन के साथ वापस आ गया है. इसका प्रीमियर इस साल 21 सितंबर को हुआ था
फिल्म डायरेक्टर दुष्यंत प्रताप की पुस्तक 'सात्यकि द्वापर का अजेय योद्धा' जल्द होगी रिलीज, 8लाख वर्षों पूर्व द्वापर के महान योद्धा की गाथा
हिंदू धर्म के शास्त्रों में वर्णित चार युगों में से द्वापर युग तीसरे स्थान पर है। ऐसा माना जाता है कि यह युग आज से करीब आठ लाख वर्ष पहले था, जिसमें भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया और अत्याचारियों का विनाश किया। श्री कृष्ण के इस युग के कई धर्मयुद्धों में एक प्रमुख साथी थे सात्यकि, जो हर युद्ध में उनके साये की तरह उनके साथ खड़े रहे। हालांकि, श्री कृष्ण की कई गाथाओं में सात्यकि का नाम उल्लेखनीय नहीं है, परंतु उनका योगदान अनमोल रहा है।
हाल ही में, बॉलीवुड के प्रतिष्ठित निर्देशक दुष्यंत प्रताप सिंह का एक असाधारण अनुभव हुआ। उनका साक्षात्कार स्वयं सात्यकि से हुआ, जिसमें सात्यकि ने अपने जीवन और युद्धों की पूरी कथा उन्हें सुनाई। इसके बाद, दुष्यंत प्रताप सिंह ने सात्यकि के इसी अनुभव पर आधारित पुस्तक लिखने का निर्णय लिया। इस पुस्तक का नाम है "Satyaki Dwapar Ka Ajey Yodha" जो 32 अध्यायों की महाकाव्य जैसी गाथा है, जिसमें इतिहास के अनसुने और अनजाने पहलुओं को विस्तार से दर्शाया गया है।
किताब के टीज़र का दर्शकों का अद्भुत अनुभव
हाल ही में, "सात्यकि: द्वापर का अजेय योद्धा" का टीज़र यूट्यूब और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जारी किया गया। टीज़र को अब तक डेढ़ लाख से अधिक लोगों ने देखा और इस पुस्तक की प्रतीक्षा को लेकर उत्साह जताया। प्रोजेक्ट के मीडिया प्रभारी, सागर जोशी ने कहा कि यह रोमांचक कहानी पाठकों के मन में एक गहरा प्रभाव छोड़ेगी। इसके साथ ही, इस पुस्तक का ऑडियो संस्करण भी जल्द ही लॉन्च करने की योजना है, ताकि श्रोता इसे सुनकर इस अद्भुत गाथा का अनुभव कर सकें।
जाट समुदाय से जुड़ी रोचक जानकारियाँ
दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि इस पुस्तक में जाट जाति से जुड़े कई तथ्य और सांस्कृतिक रहस्यों का भी वर्णन किया गया है। यह पुस्तक जाटों के वास्तविक परिचय और उनकी संघ संरचनाओं से संबंधित दिलचस्प जानकारी भी प्रस्तुत करेगी, जो आज तक अनछुए रहे हैं।
Satyaki Dwapar Ka Ajey Yodha की अद्वितीयता और इसका ऐतिहासिक महत्व देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सात्यकि पुस्तक के रूप में पाठकों को न केवल इतिहास का एक नया दृष्टिकोण प्रदान करेगी, बल्कि उन अनकहे किस्सों को भी उजागर करेगी जो समय की धारा में कहीं खो गए थे।
महिमा चौधरी और डॉ संजीव श्रीवास्तव ने IIT बॉम्बे में 4D ओमिक्स इनोवेशंस का अनावरण किया, कैंसर डायग्नोस्टिक्स में होगा क्रांतिकारी बदलाव
12 नवंबर, 2024 को IIT बॉम्बे में "पायनियरिंग द फ्यूचर ऑफ हेल्थकेयर एंड डायग्नोस्टिक्स यूज़िंग 4D ओमिक्स" नामक एक कॉन्फ्रेंस और इवेंट का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रोटिओमिक्स लैब, बायोसाइंसेज और बायोइंजीनियरिंग (BSBE) विभाग द्वारा किया गया, जिसमें 4D-प्रोटिओमिक्स और 4D ओमिक्स में नए विकासों को प्रस्तुत किया गया। ये क्षेत्र डायग्नोस्टिक्स और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।
इस खास मौके पर अभिनेत्री महिमा चौधरी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए, महिमा ने बताया कि कैंसर डायग्नोस्टिक्स के इस विषय से उनका गहरा जुड़ाव है। खुद एक ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर होने के नाते, उन्होंने कैंसर मरीजों के लिए इस अत्याधुनिक तकनीक के महत्व पर जोर दिया। महिमा ने कहा, "कैंसर मेरे दिल के बेहद करीब का विषय है, और यहां इस प्रभावशाली तकनीक का उद्घाटन देखना मेरे लिए गर्व की बात है। 4D ओमिक्स प्लेटफॉर्म, खासकर इसके कैंसर डायग्नोस्टिक्स में इस्तेमाल, उन अनगिनत लोगों के लिए आशा की किरण है, जिनका जीवन इस बीमारी से प्रभावित हुआ है।"
इस कार्यक्रम के संयोजक और प्रोटिओमिक्स विशेषज्ञ प्रोफेसर संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्थकेयर और डायग्नोस्टिक्स में 4D ओमिक्स टेक्नोलॉजी का महत्व खासकर कैंसर और क्रॉनिक बीमारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "4D ओमिक्स रिसर्च में एक टाइम बेस्ड डाइमेंशन जोड़ता है। इसमें जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, ट्रांसक्रिप्टोमिक्स, और मेटाबोलोमिक्स को समय-संवेदनशील एनालिसिस के साथ जोड़ा जाता है, जिससे बीमारियों की प्रगति और थेरेपी के प्रभाव का अनूठा दृष्टिकोण प्राप्त होता है। इस संगोष्ठी और इंडिया के पहले timsTOF 4D-प्रोटिओमिक्स सेटअप का लॉन्च, हेल्थकेयर के परिणामों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"
कॉन्फ्रेंस में प्रमुख अतिथियों में से एक थे डॉ. बलराम भार्गव, पूर्व महानिदेशक, ICMR, और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की डॉ. जूडिथ स्टीन। डॉ. भार्गव ने 4D ओमिक्स तकनीक की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा, "मल्टी-डाइमेंशनल ओमिक्स डेटा का इंटीग्रेशन पर्सनलाइज्ड मेडिसिन के नए रास्ते खोलता है। यह कैंसर डायग्नोस्टिक्स और मैटरनल और चाइल्ड हेल्थकेयर में क्रांतिकारी बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा।"
इसके साथ ही इस कार्यक्रम में भारत का पहला timsTOF 4D-प्रोटिओमिक्स सेटअप का आधिकारिक लॉन्च हुआ, जिसे प्रोफेसर श्रीवास्तव और IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र डॉ. अर्घ्य बनर्जी द्वारा स्थापित प्रोटिओमिका इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत किया गया। यह अत्याधुनिक इक्विपमेंट, सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SINE) के सहयोग से विकसित किया गया है, और भारत में हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स को नए आयाम देने में सक्षम होगा।
कैंसर डायग्नोस्टिक्स के अलावा, इस इवेंट ने मैटरनल और चाइल्ड हेल्थ में 4D ओमिक्स के रोल और प्रिवेंटिव वेलनेस में इसकी भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित किया। यह मल्टी-लेयर्ड अप्रोच समय के साथ मोलेक्यूलर बदलावों का ट्रैक रखकर बीमारियों के मैकेनिज्म, प्रोग्रेस और थेरेप्यूटिक रिस्पॉन्स का गहन अध्ययन प्रदान करेगी।
महिमा चौधरी ने IIT बॉम्बे और इस पहल में शामिल वैज्ञानिकों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त की, "4D ओमिक्स तकनीक की क्षमता अद्भुत है। मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि भारत में, IIT बॉम्बे में इतने महत्वपूर्ण आविष्कार हो रहे हैं। मुझे विश्वास है कि यह तकनीक हेल्थकेयर को, न केवल कैंसर पेशेंट्स के लिए बल्कि सभी के लिए, पूरी तरह से बदलने की शक्ति रखती है।"
इस इवेंट में शोधकर्ताओं, क्लिनिशियंस, और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स का एक विविध समूह उपस्थित था, जो व्यक्तिगत दवा और लक्षित उपचार के भविष्य के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहां आए थे। अधिक जानकारी के लिए, कृपया 4D ओमिक्स संगोष्ठी की वेबसाइट www.4domics.in पर जाएं।
तुलसी विवाह और पूजा के बाद बांटे पंचामृत प्रसाद पंचामृत प्रसाद बनाने की विधि
पंचामृत प्रसाद बनाने के लिए सामग्री
आधा कप दूध
आधा कप दही
1 चम्मच शहद
1 चम्मच चीनी या बूरा
1 चम्मच घी
1 तुलसी पत्ता
ड्राई फ्रूट्स
पंचामृत प्रसाद बनाने की विधि
पंचामृत प्रसाद (Panchamrit Prasad) बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में दही लें और उसे अच्छे से फेंट लें. इसके बाद इसमें दूध डालें. अब इसमें शहद, बूरा और देसी घी मिला दें. आप चाहें तो इसमें गुलाब जल और बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स भी डाल सकते हैं. तैयार हो चुके पंचामृत प्रसाद में तुलसी का एक पत्ता डाल दें और सबसे पहले इसे पूजा में शामिल कर इससे पहले भगवान जी को भोग लगाएं और पूजा के समापन के बाद प्रसाद के रूप में खुद भी ग्रहण करें और बाकि लोगों को भी बांटें.
तुलसी विवाह के दिन क्या करें.. आइए जानते हैं इस दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए.
तुलसी विवाह के दिन पालन करने योग्य नियम
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तुलसी का पौधा
- तुलसी के पौधे को अच्छी तरह से साफ करें और उसकी पूजा करें.
- तुलसी के पौधे को गंगाजल से स्नान कराएं.
- तुलसी के पौधे को फूलों और रोली से सजाएं.
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शालिग्राम शिला
- शालिग्राम शिला को भी अच्छी तरह से साफ करें और उसकी पूजा करें.
- शालिग्राम शिला को भी गंगाजल से स्नान कराएं.
- शालिग्राम शिला को फूलों और रोली से सजाएं.
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विवाह मंडप
- तुलसी और शालिग्राम के विवाह के लिए एक छोटा सा मंडप सजाएं.
- मंडप को फूलों और रंगोली से सजाएं.
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पूजा विधि
- विधि-विधान से तुलसी और शालिग्राम का विवाह संपन्न करें.
- विवाह के दौरान मंत्रों का जाप करें.
- विवाह के बाद तुलसी और शालिग्राम को प्रसाद चढ़ाएं.
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व्रत
- तुलसी विवाह के दिन व्रत रखना शुभ माना जाता है.
- व्रत रखने से मन शुद्ध होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
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दान
- तुलसी विवाह के दिन दान करना बहुत पुण्यदायी होता है.
- आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी भी चीज का दान कर सकते हैं.
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कथा सुनें
- तुलसी विवाह की कथा सुनने से मन शांत होता है और आत्मिक शक्ति मिलती है.
विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपाय
- तुलसी का पत्ता: तुलसी के पत्ते को गंगाजल में मिलाकर पीने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.
- तुलसी का तेल: तुलसी के तेल की एक बूंद माथे पर लगाने से भी लाभ होता है.
- तुलसी का माला: तुलसी की माला को धारण करने से भी लाभ होता है.
तुलसी विवाह के दिन क्या करें?
- तुलसी विवाह के दिन पूजा से पहले तुलसी के पौधे को अच्छे से धोना चाहिए. तुलसी के पत्तों को निकालकर साफ पानी से धो लें.
- फिर तुलसी को हल्दी, केसर और चंदन से सजाएं.
- शालिग्राम पत्थर को गंगा जल से धोकर साफ करें और तुलसी के पत्तों से सजाएं.
- तुलसी विवाह के लिए एक छोटा मंडप तैयार करें और सजाएं. मंडप को फूलों से सजाएं और तुलसी के पौधे के पास सुंदर मग से सजाएं.
- पूजा के लिए जरूरी सभी चीजें जैसे दीपक, अगरबत्ती, धूपबत्ती, चावल, फूल, फल आदि इकट्ठा कर लें.
- विवाह के दौरान मंत्रों का जाप करें. पूजा की विधि और कथा पढ़ने के लिए पंडितों को बुलाया जा सकता है.
- विवाह के बाद तुलसी का दान शुभ माना जाता है. गरीबों को भोजन या कपड़े का दान करना शुभ होता है.
तुलसी विवाह के दिन क्या न करें?
- तुलसी विवाह के दिन तुलसी दल नहीं ले जाना चाहिए.
- तुलसी के पौधे के विवाह के दिन मांस, मछली, अंडा और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए.
- इस दिन शुद्ध सात्विक भोजन करना चाहिए.
- किसी से झगड़ा न करें. किसी से भी बहस करने से बचें.
- शादी के दिन नकारात्मक विचारों से बचें. पूरी श्रद्धा से पूजा करें.
तुलसी विवाह का महत्व
तुलसी को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है. वह धन, समृद्धि, सुख और शांति की देवी हैं. घर में तुलसी का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. शालिग्राम शिला को विष्णु का अवतार माना जाता है. विष्णु सभी देवताओं के मुखिया हैं. तुलसी विवाह के दिन इन दोनों की पूजा करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है. मान्यता के अनुसार तुलसी के पौधे का विवाह करने से घर में धन की वृद्धि होती है.
अक्षय नवमी के दिन पूर्व की ओर मुख करके ॐ धात्र्ये नमः मंत्र का जप करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अक्षय नवमी के दिन आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना करने का विधान है. इस दिन आंवला के वृक्ष पर दूध अर्पित करें और और पूर्व की ओर मुख करके ॐ धात्र्ये नमः मंत्र का जप करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है.इसके अलावा कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें करके हमें श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त होगी और हमारे जीवन से हर तरह की समस्या का समापन होगा, आइये ऐसे कुछ उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
अक्षय नवमी की पूजा के समय शुभ मुहूर्त में आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करें.
अक्षय नवमी का पावन पर्व हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाते हैं. इस साल अक्षय नवमी के दिन रवि योग बन रहा है, पूरे दिन पंचक रहेगा. अक्षय नवमी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं. अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं, इसलिए इसे आंवला नवमी भी कहा जाता है. इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करने और भोजन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं कि अक्षय नवमी कब है? अक्षय नवमी की पूजा का मुहूर्त, रवि योग और महत्व क्या है?
अक्षय नवमी 2024 तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि का शुभारंभ 9 नवंबर शनिवार को रात 10 बजकर 45 मिनट से हो रहा है. यह तिथि अगले दिन 10 नवंबर रविवार को रात 9 बजकर 01 मिनट पर खत्म होगी. उदयातिथि के आधार पर अक्षय नवमी यानी आंवला नवमी का पर्व 10 नवंबर रविवार को मनाया जाएगा.
अक्षय नवमी पूजा नियम
अक्षय नवमी की पूजा के समय शुभ मुहूर्त में आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की पूजा करें. भगवान विष्णु को आंवले का भोग लगाते हैं. उसके बाद आंवले के पेड़ की जड़ में जल और कच्चा दूध चढ़ाएं. उसके बाद पेड़ पर अक्षत्, चंदन, फूल, फल आदि अर्पित करें. फिर रक्षा सूत्र या कच्चा सूत पेड़ में लपेटें. इसे कम से कम 8 बार और अधिक से अधिक 108 बार लपेटना है. पूजा खत्म होने के बाद परिवार के साथ आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाना चाहिए.
अक्षय नवमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ से अमृत की बूंदें टपकती हैं, जो सेहत के लिए उत्तम मानी जाती हैं. इस वजह से लोग उस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठते हैं और पूजा करते हैं. भगवान विष्णु की पूजा करने से कष्ट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी.
अक्षय नवमी 2024 मुहूर्त
इस साल अक्षय नवमी की पूजा के लिए आपको 5 घंटे 25 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा. अक्षय नवमी की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक है. अक्षय नवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:55 ए एम से 05:47 ए एम तक है. उस दिन का शुभ मुहूर्त यानी अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक है.
आदिमजाति विभाग की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रशंसा
अटल नगर नवा रायपुर स्थित पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर में आयोजित 24 वां राज्योत्सव में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा है। राज्योत्सव प्रारंभ होने के साथ ही लोगों की भारी भीड़ आदिम जाति विकास विभाग की स्टॉल पर देखने को मिला। वहीं दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी विभागीय स्टॉल का अवलोकन कर प्रशंसा की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल में बनाए गए सेल्फी जोन में परिवार संग एक फोटो भी खिचवाई। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने उनका अभिवादन करते हुए उन्हें प्रदर्शनी के थीम के बारे में विस्तार से बताया।
उल्लेखनीय है कि विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश के अनुसार इस बार की झांकी ’’जनजातीय गौरव शौर्य और संस्कृति का बखान’’ थीम पर बनाई गई थी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा स्वयं पूरे स्टॉल की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। स्टॉल की खूबसूरती, जनजातीय शौर्य एवं जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे थें।
स्टॉल में स्वतंत्रता काल के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए जनजातीय विद्रोहों की एक झलक दिखाई गई है, जो कि जनजातीय शौर्य को दर्शाती है। साथ ही जनजातीय समृद्ध संस्कृति को भी झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जनजातियों के परंपरागत आभूषणों एवं विभागीय योजनाओं को भी फ्लैक्स के माध्यम से बखूबी प्रदर्शित किया गया। साथ ही आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय क्षेत्र में किए गए शोध प्रकाशन को भी अवलोकन हेतु प्रदर्शित किया गया। आमजन को आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की जानकारी देने के लिए विभागीय योजनाओं का ब्रोशर भी स्टॉल से उपलब्ध कराया गया। स्टॉल पर जनजातीय गौरव दिवस तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सेल्फी जोन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। स्टॉल में आने वाले लोग उक्त सेल्फी जोन अंतर्गत लिखी हुई जानकारी से जहां उक्त अभियान की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेल्फी जोन में जाकर फोटो खिंचवाकर इस पल को यादगार बना रहे हैं।
