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Entertainment News: पुष्पा 2′ की एडवांस बुकिंग ने मचाई धूम, 48 घंटे में इतने करोड़ की कमाई!
Entertainment News: The much-awaited ‘पुष्पा 2: द रूल’ बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने के लिए तैयार है। रिलीज़ से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग के जरिए तहलका मचा दिया है। मात्र 48 घंटों में फिल्म ने 30 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है, जो इसे ब्लॉकबस्टर ओपनिंग की ओर इशारा करता है।
एडवांस बुकिंग में शानदार शुरुआत
30 नवंबर को शुरू हुई एडवांस बुकिंग में ‘पुष्पा 2 ने भारत में 7 लाख से ज्यादा टिकट बेच दिए हैं। इनमें 2डी, 3डी, आईमैक्स और 4डी एक्स वर्जन शामिल हैं। पहले दिन के लिए अब तक फिल्म ने 31.91 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की है।
हिंदी दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज
तेलुगू वर्जन में अब तक 2,77,542 टिकट बिक चुके हैं, जिससे 10.87 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। हिंदी पट्टी में भी फिल्म ने धमाल मचाते हुए 2,66,083 टिकट बेचकर 7.6 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि फिल्म हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करेगी।
केरल में रिकॉर्ड तोड़ा
तमिल और कन्नड़ भाषाओं में फिल्म की बुकिंग तेज़ी पकड़ रही है, जबकि केरल में महज 12 घंटे में 1 करोड़ रुपये* की प्री-सेल्स दर्ज हुई है
बड़े पैमाने पर रिलीज़
5 दिसंबर को रिलीज़ होने वाली यह फिल्म दुनियाभर में 12 हजार स्क्रीन्स पर प्रदर्शित की जाएगी, जो इंडियन सिनेमा के लिए पहली बार है। फिल्म का बजट 400-500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, और मेकर्स को उम्मीद है कि यह अपने बजट का दोगुना कमा लेगी।
क्या ‘पुष्पा 2’ तोड़ेगी 1000 करोड़ का रिकॉर्ड?
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘पुष्पा 2′ पहले दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर सकती है। यह फिल्म प्रभास स्टारर कल्कि 2898 एडी’ के 1000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकती है।
‘पुष्पा 2: द रूल’में दर्शकों के लिए जबरदस्त मनोरंजन का वादा है। क्या यह फिल्म नए बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बनाएगी? यह जानने के लिए बस कुछ दिन और इंतजार!
मराठी फिल्म जगत के वरिष्ठ अभिनेता अशोक सराफ को 'नटसम्राट बालगंधर्व जीवन गौरव' पुरस्कार घोषित
साईदिशा प्रतिष्ठान एवं आईटीएसएफ के विभिन्न पुरस्कारों का वितरण आज
मुंबई : साईदिशा फाउंडेशन और इंडियाज टैलेंट सम्मान फाउंडेशन (आईटीएसएफ) की ओर से इस साल का 'नटसम्राट बालगंधर्व जिवन गौरव' पुरस्कार दिग्गज अभिनेता अशोक सराफ को देने की घोषणा की गई है। साथही अभिनेता सयाजी शिंदे, गायक शंकर महादेवन, गायिका वैशाली सामंत को 'नटसम्राट बालगंधर्व गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा, जबकि गायिका पीहू शर्मा और गायक अंगद राज को 'नटसम्राट बालगंधर्व राइजिंग स्टार' पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
बालगंधर्व स्मारक समिति के संस्थापक-कोषाध्यक्ष तथा साईदिशा प्रतिष्ठान के संस्थापक अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता दत्तात्रय बालकृष्ण माने आईटीएसएफ के माध्यम से वर्ष 2000 से सामाजिक, कला, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इस संगठन के माध्यम से सामाजिक, कला-खेल, सांस्कृतिक, चिकित्सा, औद्योगिक, शैक्षणिक, सहकारी, राजनीतिक जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले व्यक्ति एवं संस्थाओं को उनकी सर्वोत्तम उपलब्धियों के लिए विभिन्न पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। इस संगठन के माध्यम से नारायण श्रीपाद राजहंस अर्थात बालगंधर्व के नाम से नाट्य और फिल्म उद्योग में उल्लेखनीय काम करने वाले वरिष्ठ और महत्वाकांक्षी युवा अभिनेताओं को पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
वर्ष 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह आज शुक्रवार 29 नवंबर को शाम 5 बजे मुकेश पटेल ऑडिटोरियम, एनएमएसआईएस यूनिवर्सिटी, मीठीबाई कॉलेज, विलेपार्ले वेस्ट, मुंबई में
संपन्न होने जा रहा है।
इस समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, गायक सुरेश वाडकर विशेष उपस्थित रहेंगे।
इसी समारोह में स्वप्निल बंदोडकर, सतीश प्रजापति, संतोष लिम्बोरे, रविकुमार सोलापुरे, श्रावणी किरण खोत को 'कला रत्न' पुरस्कार से सन्मानित किया जायेगा।
साथही ठाणे पुलिस आयुक्त आईपीएस आशुतोष डुंबरे को 'रणझुंजार' पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
श्रम एवं प्रशासन प्रधान सचिव आईएएस विनीता वैद्य सिंघल, सारथी इंस्टीट्यूट, पुणे के प्रबंध निदेशक आईएएस अशोक काकड़े, अतिरिक्त आयकर आयुक्त आईआरएस सुधाकर शिंदे, नवी मुंबई नगर निगम के सहायक आयुक्त सतीश जाधव को 'सेवारत्न' पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य टेबल टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण एस. लुंकड को 'क्रीड़ा रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
श्री एसोसिएट्स इन्फ्रावेंचर्स प्रा. लिमिटेड, डी.जी. बेल्हेकर इंफ्रा प्रा. लिमिटेड के मंगेश येंधे, आनंद डुंबरे, सोपान बेल्हेकर, डिनेरो डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के तुषार शिंदे, फॉरएव्हर केयर इंडिया प्रा.ली. के श्री. गुरु महराणा, एम. आर. मनीष सोनी को 'उद्योग रत्न' पुरस्कार, शार्प इंडस्ट्रीज के नीलेश गोसालिया, प्रशांत चिवडशेट्टी को 'शिक्षा महर्षि' पुरस्कार साथही आचार्य-राजकुमार सिंह को 'वास्तु महर्षी' पुरस्कार और डॉ. आशा होम्योपैथी के संचालक बी.एस. भोसले को 'धन्वंतरि रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार समारोह में गायक स्वप्निल बांदोडकर तथा सुपरस्टार सिंगर - 3 फेम गायिका पीहू शर्मा द्वारा सेलिब्रिटी गेस्ट परफॉर्मेंस पेश किया जाएगा।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:
- शनिवार को स्नान-ध्यान के बाद गंगाजल में काले तिल मिलाकर पीपल के पेड़ में अर्घ्य दें.
- पीपल के पेड़ की तीन बार परिक्रमा करें और कम से कम पांच बार उठक-बैठक करें.
- शनिदेव को तिल और सरसों के तेल से अभिषेक करें.
- शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें तीन लौंग डालें.
- अगर आपके घर के पास पीपल का पेड़ नहीं है, तो बाती को पूरी तरह जलने के बाद दीपक को अगले दिन पीपल के पेड़ के पास रख दें.
- शनिवार के दिन बजरंगबली की पूजा करें और उनपर सिंदूर चढ़ाएं.
- हनुमान जी पर चमेली का तेल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- शनिवार के दिन श्वान यानी काले कुत्ते की सेवा करें.
- शनिवार के दिन गरीबों और असहाय लोगों की सेवा करें और भोजन कराएं.
- शनिवार के दिन दान करें.
- शनिवार के दिन शनि यंत्र की पूजा करें.
- शनिवार के दिन जीवन की विघ्न-बाधाओं को दूर करने के लिए
पौष्टिकता से भरपूर बाजरा खिचड़ी स्वाद में भी लाजवाब होती है.
सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजरा खिचड़ी खाने की चाहत बढ़ जाती है. पौष्टिकता से भरपूर बाजरा खिचड़ी स्वाद में भी लाजवाब होती है. दही या रायते के साथ परोसने पर बाजरा खिचड़ी एक तरह से संपूर्ण आहार भी बन जाती है. विंटर में शरीर की गर्माहट बरकरार रखने में भी बाजरा खिचड़ी काफी मददगार होती है. राजस्थान में खासतौर पर बाजरा खिचड़ी बनाने का चलन है और यहां बनने वाली खिचड़ी का स्वाद भी लाजवाब होता है. आप भी अगर बाजरा खिचड़ी पसंद करते हैं और राजस्थानी स्वाद चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी आपके काफी काम आ सकती है.
बाजरा खिचड़ी बनाने के लिए बाजरा के साथ ही पीली मूंग दाल, देसी घी और मसालों का उपयोग किया जाता है. आपने अगर अब तक बाजरा खिचड़ी को घर पर नहीं बनाया है तो हमारी बताई रेसिपी आपके लिए मददगार हो सकती है.
बाजरा खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
बाजरा – 1/2 कप
मूंग दाल पीली – 1/2 कप
देसी घी – 1 टेबलस्पून
हींग – 1 चुटकी
जीरा – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/4 टी स्पून
नमक – स्वादानुसार
बाजरा खिचड़ी बनाने की विधि
स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर बाजरे की खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहले बाजरा को साफ कर उसे पानी में 8-9 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. तय समय के बाद बाजरा का अतिरिक्त पानी छन्नी की मदद से निकाल दें. अब एक प्रेशर कुकर में भिगोया बाजरा, मूंग दाल और थोड़ा सा नमक डालें. इसके बाद कुकर में 2 कप पानी डालकर 4 सीटियां आने तक इन्हें पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप रिलीज होने दें.
अब एक गहरे तले वाला नॉनस्टिक पैन लें और उसमें घी डालकर मीडियम आंच पर गर्म करें. जब घी गर्म होकर पिघल जाए तो उसमें जीरा डालें और कुछ सेकंड तक भूनें. जब जीरा चटकने लगे तो उसमें एक चुटकी हींग और हल्दी डालकर करछी की मदद से अच्छे से मिलाएं और भूनें. मसाले जब भुन जाएं तो उसमें उबला हुआ बाजरा मूंग दाल का मिश्रण डालें और अच्छी तरह से मिक्स कर दें. इसके बाद खिचड़ी में स्वादानुसार नमक डालकर अच्छे से मिक्स करें. खिचड़ी को 2-3 मिनट तक और पकने दें, इसके बाद गैस बंद कर दें. स्वाद से भरपूर बाजार खिचड़ी बनकर तैयार है. इसे गर्मागर्म ही सर्व करें.
क्या है ब्लैक फ्राइडे? ब्लैक फ्राइडे कहां मनाया जाता है?
क्या है ब्लैक फ्राइडे?| What Is Black Friday?
ब्लैक फ्राइडे का दिन मनाने की शुरुआत अमेरिका से ही हुई. यहां ये दिन हर साल मनाया जाता था. इस दिन क थैंक्स गिविंग के बाद आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है. इस लिहाज से इस बार ब्लैक फ्राइडे 29 नवंबर को मनाया जा रहा है.
माना जाता है कि इसी दिन से क्रिसमस की शॉपिंग की शुरुआत होती है. इसी मौके को ज्यादा से ज्यादा फायदे वाला अवसर बनाने के लिए शॉपिंग साइट्स भारी डिस्काउंट ऑफर करती हैं. पहले ये दिन केवल अमेरिका में ही मनाया जाता था लेकिन बीते कुछ सालों में दूसरे देशों में भी इसका क्रेज बढ़ा है. और, ई कॉमर्स वेबसाइट इस क्रेज का पूरा पूरा फायदा उठा रही हैं. जिसकी वजह से ये दिन बाकी देशों में भी मनाया जाने लगा है.
ब्लैक फ्राइडे से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
बात करें ब्लैक फ्राइडे से जुड़े कुछ और रोचक तथ्यों की. तो, ये तो हम आपको बता ही चुके हैं कि ये दिन थैंक्स गिविंग डे के बाद आने वाले शुक्रवार को मनाया जाता है.
इस दिन की शुरुआत का इतिहास काफी पुराना है. बताया जाता है कि साल 1960 से 1970 के बीच ब्लैक फ्राइडे मनाने का सिलसिला शुरू हो गया था.
इस दिन को फिलाडेल्फिया की पुलिस ने ब्लैक फ्राइडे नाम दिया था.
इस दिन के साथ अमेरिका और कुछ अन्य देशों में क्रिसमस की शॉपिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है.
क्यों पड़ा नाम ब्लैक फ्राइडे?
ब्लैक फ्राइडे नाम सुनकर लगता है कि ये कोई बुरा या मनहूस दिन होगा. लेकिन इस दिन ऑफर्स और भारी डिस्काउंट को देखकर ऐसा लगता नहीं है. लेकिन जब ये नाम रखा गया था. तब वाकई इसे ब्लैक दिवस मानकर ही इसका नामकरण हुआ था. असल में इस दिन के साथ क्रिसमस का जश्न शुरू हो जाता है और लोग जमकर खरीदारी करते हैं औऱ जश्न मनाते हैं. पूरे देश में फेस्टिवल का माहौल होता है. लेकिन लोगों की भीड़ को संभालने के लिए और शहर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को जिम्मेदार और मुस्तैद रहना पड़ता है. जिसे देखते हुए साठ से सत्तर के दशक के बीच फिलाडेल्फिया पुलिस ने इसे ब्लैक फ्राइडे कहना शुरू कर दिया. असल में इस दिन सब अपने परिवार के साथ होते थे और उन्हें परिवार को छोड़ कर क्रिसमस की व्यवस्था में जुटना पड़ता था. इसलिए उन्होंने इसे ब्लैक फ्राइडे कहना शुरू कर दिया.
नाम बदलने की कोशिश
इसे निगेटिव मानकर कई बार ब्लैक फ्राइडे को बिग फ्राइडे का नाम देने की कोशिश भी की गई. लेकिन ब्लैक फ्राइडे नाम इतना प्रचलन में आ गया कि अब दुनिया भर में इसे ब्लैक फ्राइडे ही कहा जाता है. और, पुराने इतिहास को कायम रखने के लिए इस दिन अमेरिका के बाजारों में खूब ऑफर्स और डिस्काउंट देखने को मिलते हैं. जिसे फॉलो करते हुए कई अन्य देशों में ऑन लाइन शॉपिंग कराने वाली वेबसाइट्स इसे ब्लैक फ्राइडे सेल के नाम से प्रचलित करने लगी हैं और भारी डिस्काउंट पर शॉपिंग कराने लगी हैं.
घर पर रेस्टोरेंट स्टाइल वेजिटेबल पुलाव किस तरह बना सकते हैं, जो खाने में तो स्वादिष्ट हो ही, सेहत के लिए भी काफी अच्छा हो.
कभी कभी मन होता है कि नॉर्मल भोजन से हटकर किचन में कुछ नया ट्राई किया जाए. खासतौर पर लंच टाइम में एक ही तरह का खाना बनाते बनाते उकताहट हो जाती है. ऐसे में अगर आप चावल की कुछ नई रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं तो वेज पुलाव एक अच्छा विकल्प है. आप इसमें अपने पसंद की हर तरह की सब्जी को इस्तेमाल कर सकते हैं और इसे पोषण से भरपूर बना सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि आप घर पर रेस्टोरेंट स्टाइल वेजिटेबल पुलाव किस तरह बना सकते हैं, जो खाने में तो स्वादिष्ट हो ही, सेहत के लिए भी काफी अच्छा हो.
पुलाव बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
2 कप बासमती चावल
¼ गाजर
¼ शिमला मिर्च
⅛ गोभी
½ कप मटर
2 बड़ा चम्म्च देसी घी
½ चम्मच जीरा
2 तेजपत्ता
2 हरी इलायची
2 काली इलायची
4 लौंग
8 काजू
नमक स्वादानुसार
½ चम्मच चीनी
1 चम्मच घी
चुटकी भर इलायची का पाउडर
हरी धनिया पत्ती
पुलाव बनाने की विधि
सबसे पहले 2 कप बासमती चावल लें और उसे अच्छी तरह धो लें. इसे पानी में डालकर 10 मिनट के लिए रख दें. अब एक कढ़ाई लें और उसे गैस पर चढ़ाकर मीडियम आंच पर बर्नर ऑन करें. अब इसमें एक चम्मच देसी घी डालें.जब घी गर्म हो जाए तो गैस को कम करें और इसमें जीरा, तेजपत्ता, हरी इलायची, काली इलायची, लौंग और काजू डालें और भूनें. जब तड़का अच्छे से चटक जाए तब इसमें चार कप पानी डाल दें. अब इसमें आधा चम्मच नमक और आधा चम्मच चीनी डालें और उबलने के लिए छोड़ दें. अब इसमें धुली चावल डालें और 10 मिनट के लिए धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दें. बीच-बीच में चलाते रहें जिससे चावल जले नहीं. अगर पानी कम हो जाए तो आप इसमें थोड़ा सा पानी डाल सकते हैं. जब चावल 80% पर्सेंट पक जाए तो चावल को छान लें और इसे पंखें के नीचे ठंडा होने के लिए छोड़ दें.धर एक अन्य कढ़ाही में घी डालें और उसमें जीरा का तड़का लगाएं. अब इसमें सभी सब्जियों को डालें और मिलाएं. जल्दी पकने वाली सब्जियों को अंत में डालें. उधर चावल में रंग देने के लिए आप केसर डाल सकते हैं. अब चावल को सब्जियों के साथ डालें और इसमें इलाइची पाउडर मिलाएं. ढंककर 5 मिनट छोड़ दें. पुलाव तैयार है. आप इसे दही पुदीने की चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें.
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सुबह नाश्ते के लिए आलू का पराठा सबसे बेहतरीन ऑप्शन है. ये एक ऐसी डिश है, जिसे हर कोई पसंद करता है.
सुबह नाश्ते के लिए आलू का पराठा सबसे बेहतरीन ऑप्शन है. ये एक ऐसी डिश है, जिसे हर कोई पसंद करता है. खासतौर पर बच्चे. आलू का पराठा आसानी से और जल्दी बनने वाली रेसिपी है. यही वजह है कि इसे कभी भी बनाकर खाया जा सकता है. कई लोग आलू पराठा का स्वाद लेने होटल या ढावे पर जाते हैं. लेकिन यहां बताई गई विधि से आप घर पर ही आसानी से आलू का पराठा बना सकते हैं. आइए जानते हैं आलू पराठा को बनाने का आसान तरीका-
आलू पराठा बनाने के लिए सामग्री
आलू- 500 ग्राम
आटा- 250 ग्राम
प्याज- 100 ग्राम
घी-ऑयल- 100 ग्राम
नमक- स्वादानुसार
हरी मिर्च- 5-6
धनिया पाउडर- 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच
गरम मसाला- 1/2 चम्मच
हरा धनिया- 50 ग्राम
आलू का पराठा बनाने के लिए सबसे पहले आप आलू अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में उबाल लें. इसके बाद आलू निकालकर छीलें और बर्तन में रख लें. फिर आलू मैश करके कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें. अब प्याज और हरी मिर्च को बारीक काट लें. इसके बाद फ्रिज से आलू निकालकर इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और गरम मसाला डालकर मिक्स कर लें. आप हरा धनिया काटकर इस मिक्सचर में मिलाएं और इसे कुछ देर के लिए रख दें.
इतनी देर में आप आटा गूंथकर तैयार कर लें. आटा थोड़ा सॉफ्ट होना चाहिए, ताकि उसमें आलू का मिक्सचर भरा जा सके. इसके बाद आप तवे को गैस पर रखकर गर्म कर लें. अब आटे की लोई बनाएं और उसे बेलकर गोलाकार बना लें. अब इसके साइज के हिसाब से आलू का मिक्सचर डालें और फिर इसे चारों तरफ से कवर कर लोई जैसा बना लें. अब इसे धीरे-धीरे बेलकर तैयार कर लें. बेलन पर ज्यादा प्रेशर न डालें और हल्के हाथों से बेलकर तैयार कर लें. फिर इसे धीरे से गर्म तवे पर डालें.
जब एक तरफ पराठा सिक जाए, तब इसे पलटें और चम्मच से घी या रिफाइंड इस पर लगाएं. फिर दूसरी तरफ घी लगाएं और करारा होने तक सिकने दें. जब दोनों तरफ अच्छी तरह सिक जाए. अब आप इसे चटनी, सॉस या दही के साथ सर्व कर सकते हैं.
क्या आपका कभी कभी तीखा खाने का मन करता है? आईये आज हम बेसन की भरवां मिर्च बनायें.
क्या आपका कभी कभी तीखा खाने का मन करता है? भरवां मिर्ची का साथ आपके खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. आईये आज हम बेसन की भरवां मिर्च (Besan Bhari Hari Mirch) बनायें. बेसन की भरवां मिर्च, एक हफ्ते तक, फ्रिज में रख कर खाई जा सकती हैं.
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Besan Stuffed Mirch
- हरी मोटी वाली मिर्च - 125 ग्राम (10 मिर्च)
- बेसन - 1/4 कप
- तेल - 4 टेबिल स्पून
- हींग - 2 पिंच
- जीरा - 1/2 छोटी चम्मच
- हल्दी पाउडर --1/2 छोटी चम्मच
- धनियां पाउडर - 2 छोटी चम्मच
- सोंफ पाउडर - छोटी चम्मच
- गरम मसाला - 1/4- 1/2 छोटी चम्मच
- अमचूर पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
- नमक - स्वादानुसार ( 3/4 छोटी चम्मच )
विधि - How to make Besan Stuffed Hari Mirch
मिर्चों को धो कर डंठल तोड़ लीजिये. मिर्च को लम्बाई में एक साइड से लम्बाई में इस तरह काट लीजिये, कि दूसरी ओर जुड़ी रहे, सारी मिर्च काट कर तैयार कर लीजिये.
कढ़ाई में 2 टेबल स्पून तेल डालकर गरम कीजिये. हींग, जीरा डाल दीजिये. जीरा ब्राउन होने के बाद, हल्दी पाउडर और बेसन डाल कर धीमी गैस पर हल्का ब्राउन होने तक भूनिये, धनियां पाउडर, सोंफ पाउडर डालकर और थोड़ा सा भून लीजिये, गैस बन्द कर दीजिये, मसाले में अमचूर पाउडर, गरम मसाला और नमक मिलायें. मिर्च में भरने के लिये मसाला तैयार है, स्टफिंग तैयार है.
कटी हुई मिर्चों में मसाला भर लीजिये. एक मिर्च को हाथ में उठायें कटे हुये भाग से खोलिये और चम्मच से मसाला भर कर दबाकर रख लीजिये, सारी मिर्च भरकर तैयार कर लीजिये.
कढ़ाई में बचा हुआ तेल डाल कर गरम कीजिये. मसाले भरी मिर्चें तेल में लगा कर रखें और ढककर 2-3 मिनिट धीमी गैस पर पकाइये. ढक्कन खोलिये और मिर्च को पलट दीजिये, बीच में रखी हुई मिर्चें जल्दी सिक जाती हैं. उन्है चिमटे की सहायता से पलट कर सेकें, और निकाल कर प्लेट में रख लें. बची हुई मिर्चों को बीच में कर दें, अलट पलट कर सेकें और प्लेट में निकाल कर रख लें ( मिर्चों को भूरी होने तक सेंके ). लीजिये आपकी बेसन की भरवां मिर्च (Besan ki Hari Mirchi ) तैयार हैं. अब आप गरम गरम खाने के साथ तीखी मसाले दार मिर्च खाइये और सभी को खिलाइये.
गमले में धनिया उगाना बेहद आसान है, इसके लिये घर की छत पर गमले, ग्रो बैग्स (Grow Bangs) या कंटेनर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं.
मिर्च और धनिया के बीजों को गमले में बोया जाता है और नियमित रूप से पानी दिया जाता है. बीजों को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोने के बाद, उन्हें 1/2 इंच गहराई तक गीली मिट्टी में बोएं. बीजों को मिट्टी से ढक दें और हल्के से दबाएं. गमले को गर्म और धूप वाली जगह पर रखें
गमले में धनिया बीज और पौधे दोनों तरीके से लगाया जा सकता है. अगर पौधे से लगाना है तो बाजार से जड़ वाला धनिया खरीद लें और उसे गमले में लगा दें. वहीं बीज से लगाने के लिए धनिया के बीजों को गमले में डाल दें. धनिया के पौधे में रोजाना दिन में एक बार पानी जरूर डालें और हर 15 दिन के अंतराल से जैविक खाद डालें.
कंबल-रजाई वाली सर्दी की दस्तक! रात और सुबह के साथ ही अब दिनभर ठंड लगने लगी है।
छत्तीसगढ़ के कड़ाके आउटर इलाकों में अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ठंडी हवाओं की वजह से ठंड बढ़ गई है। रात और सुबह के साथ ही अब दिनभर ठंड लगने लगी है। लगातार न्यूनतम तापमान में गिरावट होने की वजह से प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। नवंबर माह के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ने वाली है। वहीं प्रदेश में हवा की दिशा बदल रही है, जिसके वजह से प्रदेश में मौसम में आगामी कुछ दिनों तक बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
त्योहार और खास मौकों पर बना सकते हैं गाजर का हलवा
यह एक ऐसी इंडियन डिश है जो खासतौर से सर्दियों में ही पसंद की जाती है। त्योहारों के मौकों पर मिठाई की दुकान पर भी आपको गाजर का हलवा खूब दिखाई देगा। इसे आप त्योहार और खास मौकों पर बना सकते हैं। तो आइए बनाते हैं गाजर, चीनी, दूध और ड्राई फ्रूट्स से बनी ये लजीजदार स्वीट डिश जिसे खाने के बाद हर कोई खुश हो जाता है।
गाजर का हलवा की सामग्री
- 1 kg गाजर
- 1 ½ लीटर दूध
- 8 हरी इलायची
- 5-7 टेबल स्पून घी
- 5-7 टेबल स्पून चीनी
- 2 टी स्पून किशमिश
- 1 टेबल स्पून बादाम, गुच्छा
- 2 टेबल स्पून खजूर, टुकड़ों में कटा हुआ
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गाजर का हलवा बनाने की विधि
1.गाजर को पहले अच्छी तरह छीलकर कस लें।2.इसके बाद इलायची डालकर दूध को हल्की आंच पर उबालें।3.भारी कढ़ाही में घी को गर्म करें और उसमें कसी हुई गाजर और दूध मिलाएं। हल्की आंच पर कढ़ीब 10-15 मिनट के लिए रखकर छोड़ दें।4.फिर इसमें चीनी मिलाकर हल्वे को तब तक पकाएं जब तक इसका रंग गाड़े लाल रंग का न हो जाए।5.अच्छे से पक जाने के बाद इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट्स को मिक्स करें।6.गर्मा-गर्म सर्व करें।
घर पर आसानी से बनाएं स्वादिष्ट गाजर मूली का अचार, यहां देखें रेसिपी
टेस्टी और हेल्दी अचार को बनाएं और पूरे साल इसके शानदार टेस्ट को इंजॉय करें.
घर पर गाजर मूली का अचार बनाने के लिए इन स्टेप को फॉलो करेंः
स्टेप 1 - गाजर और मूली की समान मात्रा लें, धो लें, छील लें और उन्हें स्ट्रिप्स में काट लें.
स्टेप 2 - लगभग 2 घंटे सूखने के लिए गाजर और मूली को धूप में रखें.
स्टेप 3 - मिक्सी के जार में, सौंफ के बीज, सरसों और भुनी हुई मेथी के दाने डालें. मोटा पाउडर बनाने के लिए पीस लें.
स्टेप 4 - अब पिसे हुए मिश्रण में लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला पाउडर, नमक और हल्दी पाउडर डालें.
स्टेप 5 - गाजर और मूली में थोड़ा सा सरसों का तेल डालें और अच्छी तरह मिलाएं. पिसा हुआ मसाला भी डालें.
स्टेप 6 - स्लिट हरी मिर्च और सिरका डालें. सब कुछ अच्छी तरह से मिलाएं.
स्टेप 7 - इसे एक सूखी और साफ एयर टाइट कंटेनर में डालें, इसे धूप में 1-2 दिनों के लिए बाहर रखें.
जूही पाल (Joohi Pal) नोएडा से भारतीय टेलीविजन और फिल्म उद्योग में स्टारडम तक"
जूही पाल, एक प्रतिभाशाली भारतीय टेलीविजन अभिनेत्री, आगरा में पैदा हुई थीं और अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहती थीं। वर्तमान में मुंबई, महाराष्ट्र में रह रही हैं, जूही का असली नाम श्रद्धा पाल है। वह एक सहायक परिवार से आती हैं, माता-पिता लक्ष्मी और महेश पाल के साथ, उनकी दो बड़ी बहनें और एक भाई हैं।
जूही ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में की और बाद में उत्तम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से कंप्यूटर एप्लीकेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने दिल्ली के डोन थिएटर में अपने अभिनय कौशल को और निखारा
मनोरंजन उद्योग में उनकी यात्रा 2019 में शुरू हुई। उन्होंने राधा कृष्ण (2021) के साथ अपना टेलीविज़न डेब्यू किया, जिसमें उन्होंने मित्रविंदा का किरदार निभाया। उनके करियर को लोकप्रिय दंगल टीवी शो ज्योति - उम्मीदों से सजी (2023) में किरण की भूमिका से गति मिली, जिसमें उनकी बहुमुखी प्रतिभा और अभिनय कौशल का प्रदर्शन हुआ।
टीवी सीरीज़ में अभिनय के अलावा, जूही कई अन्य शो में भी नज़र आ चुकी हैं। फैंटा और हरिलाल स्वीट्स जैसे ब्रांड के विज्ञापनों में काम करके उन्होंने मनोरंजन उद्योग में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। उनकी लगन और प्रतिभा ने उन्हें पहचान और प्रशंसा दिलाना जारी रखा है
जूही पाल ने उमेश पुंज द्वारा गाए गए एक भावपूर्ण गीत "बेवफा बेहया" के संगीत वीडियो में मुख्य भूमिका निभाई है। वह अपने भावपूर्ण अभिनय से भावनात्मक कहानी को जीवंत करती हैं, गलत हो चुके प्यार के दर्द और पीड़ा को व्यक्त करती हैं। मुख्य महिला के रूप में, उन्होंने SMW प्रोडक्शन का एक संगीत वीडियो "हर हर हर महादेव" भी किया है। जूही का ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व संगीत वीडियो में दिखाया गया है, जो मनोरंजन उद्योग में उनके बढ़ते काम का एक हिस्सा है
शुक्रवार का व्रत करने के लिए, इन बातों का ध्यान रखें:
- शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ कपड़े पहनें.
- घर की सफ़ाई करें.
- घर के किसी पवित्र स्थान पर मां लक्ष्मी या मां संतोषी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें.
- मां लक्ष्मी या मां संतोषी की पूजा करें.
- व्रत का संकल्प लें.
- व्रत कथा सुनें.
- दिन में नमक न खाएं, सिर्फ़ फलाहार करें.
- शाम के समय एक बार फिर से शुद्ध होकर भगवान के सामने बैठ जाएं.
- शाम के समय फल, दूध, गुड़, और हलवा खाएं.
- व्रत की पूर्णता पर उद्यापन करें.
- इस दिन किसी का अपमान न करें और न ही किसी से लड़ाई-झगड़ा करें.
- शुक्रवार के दिन चांदी और चीनी का दान न करें.
- इस दिन किसी से पैसों का लेन-देन न करें.
- शुक्रवार के व्रत में खट्टी चीज़ें न खाएं.
- तामसिक चीज़ें जैसे, प्याज, लहसुन, शराब, मांस आदि को हाथ न लगाएं.
सर्दियों में खतरनाक बीमारियों से बचने के उपाय
सर्दियां दस्तक देने लगी हैं. कुछ ही दिनों में कड़ाके की ठंड भी पड़ सकती है. बहुत से लोगों को ये मौसम काफी पसंद आता है. इस मौसम में सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है. चूंकि ठंड का मौसम वायरस और बैक्टीरिया के अनुकूल होता है. इस मौसम में वे काफी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं.
धूप कम निकलने की वजह से शरीर में विटामिन D की कमी रहती है. इससे इम्यून सिस्टम बुरी तरह प्रभावित हो सकता है. ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको बीमार बना सकती है. इस मौसम में कई तरह की खतरनाक और जानलेवा बीमारियों का भी खतरा रहता है. जानें इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए...
1. निमोनिया (Pneumonia)
सर्दियों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है. यह फेफड़ों की गंभीर बीमारी है, जो जानलेवा हो सकती है. इस मौसम में वायरल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन, धूम्रपा और प्रदूषण की वजह से इसका खतरा रहता है. इसके लक्षण नजर आने पर बिना देर किए डॉक्टर से मिलना चाहिए. बच्चों को इसका खतरा ज्यादा रहता है.
2. हार्ट डिजीज (Deart Disease)
सर्दियों में दिल की बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. ठंड की वजह से रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं, जिसकी वजह से हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ऐसे में जरा सी लापरवाही से भी हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर की समस्या हो सकती है. ये सभी जानलेवा बीमारियां हैं.
3. अस्थमा (Asthma)
ठंड में अस्थमा के मरीजों को अधिक परेशानी होती है. इसमें सांस लेने में परेशानियां आ सकती हैं. अस्थमा से छाती में दर्द, खांसी, थकान और कमजोरी, हार्ट रेट में बदलाव हो सकता है, जो बेहद खतरनाक कंडीशन हैं.
4. डेंगू (Dengue)
बारिश के बाद भी ठंड में डेंगू के मच्छर टिके रहते हैं, जिससे डेंगू का खतरा भी बढ़ सकता है. अगर इस बीमारी में लापरवाही की जाए तो प्लेटलेट्स काफी नीचे गिर सकता है, जिससे ब्लीडिंग हो सकती है, जो जानलेवा है.
सर्दियों में खतरनाक बीमारियों से बचने के उपाय
1. सर्दी के मौसम में वैक्सीनेशन से कई खतरनाक बीमारियों का खतरा टल सकता है.
2. ठंड में साफ-सफाई रखकर बीमारियों को रेक सकते हैं.
3. सर्दियों में गर्म कपड़े पहनें और गर्म तारीस वाली चीजें ही खाएं.
4. एक्सरसाइज से शरीर को गर्म रख सकते हैं.
5. किसी बीमारी से जूझ रहे लोग डॉक्टर की बताई दवाईयां समय पर लेते रहें.
सर्दियों में बनाएं पंजाबी स्टाइल का गोभी पनीर पराठा
सर्दियों के मौसम में गोभी पनीर पराठा आपके दिन को एक बेहतरीन शुरुआत दे सकता है. फूलगोभी और पनीर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, ऐसे में गोभी पनीर से बना पराठा आपको बेहतरीन स्वाद के साथ ही अच्छी सेहत भी दे सकता है. आप अगर रोज-रोज एक जैसा नाश्ता कर करके बोर हो गए हैं और इसमें कुछ बदलाव लाना चाहते हैं तो गोभी पनीर पराठा एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. गोभी पनीर पराठा को ब्रेकफास्ट के अलावा लंच या डिनर मे भी बनाया जा सकता है.
गोभी पनीर पराठा स्वाद से भरपूर होता है और इसे बच्चे भी काफी पसंद करते हैं. ऐसे में गोभी पनीर पराठा बच्चों के टिफिन में भी रखा जा सकता है. आप अगर गोभी पनीर पराठा की रेसिपी जानना चाहते हैं तो इस आसान विधि से इसे तैयार कर सकते हैं.
गोभी पनीर पराठा बनाने के लिए सामग्री
मैदा – 2 कप
गेहूं आटा – 2 कप
प्याज – 1
टमाटर – 2
फूलगोभी कद्दूकस – 1 कप
पनीर कद्दूकस – 3/4 कप
अजवाइन – 1 टी स्पून
जीरा – 1/2 टी स्पून
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/2 टी स्पून
अदरक कद्दूकस – 1/2 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
लहसुन – 4-5 कलियां
बेसन – 1 टी स्पून
हरा धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून
हरी मिर्च – 1-2
तेल – जरूरत के मुताबिक
नमक – स्वादानुसार
गोभी पनीर पराठा बनाने की विधि
गोभी पनीर पराठा बनाने के लिए सबसे पहले फूलगोभी और पनीर को कद्दूकस कर लें. इसके बाद अदरक को बारीक काट लें या कद्दूकस करें. फिर प्याज, टमाटर, लहसुन, हरी मिर्च, हरा धनिया बारीक-बारीक काटें. अब एक कड़ाही में 1 चम्मच तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें जीरा, हरी मिर्च डाल दें. जब जीरा तड़कना शुरू कर दें तो इसमें कद्दूकस अदरक, लहसुन डालकर 1 मिनट तक भून लें.
इसके बाद मसाले में बारीक कटा प्याज डालकर हल्का गुलाबी होने तक भूनें. इसके बाद इसमें कटे टमाटर डालें और उन्हें नरम होने तक पकाएं. अब इसमें कद्दूकस फूलगोभी डालें और धीमी आंच पर 2 मिनट तक पकने दें. इसके बाद कद्दूकस पनीर डालें और करछी से चलाते हुए भूनें. 1-2 मिनट तक पकाने के बाद इसमें सारे सूखे मसाले डालकर अच्छे से मिलाएं. फिर बेसन और स्वादानुसार नमक डाल दें.
तय समय के बाद दोबारा आटा एक बार गूंथे और उसकी लोइयां बना लें. इसके बाद एक नॉनस्टिक पैन/तवा मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें. इस दौरान एक लोई लेकर बेलें. इसके बीच में स्टफिंग रखें और फिर चारों ओर से मुंह बंद कर इसका पराठा बेल लें. पराठे को तवे पर डालकर सेकें. इसके ऊपर की ओर तेल लगाने के बाद पलट दें और फिर दूसरी तरफ तेल लगाकर सेकें.
पराठे को दोनों ओर से तब तक सेकना है जब तक कि ये सुनहरा होकर क्रिस्पी न हो जाए. इसके बाद पराठे को एक प्लेट में उतार लें. इसकी तरह सारे मसाले से एक-एक कर गोभी पनीर के पराठे तैयार कर लें. नाश्ते के लिए स्वादिष्ट गोभी पनीर पराठा बनकर तैयार हो चुका है. इसे हरी चटनी, टमाटर सॉस या दही के साथ सर्व करें.
