प्रदेश
इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर की दुकान में भीषण आग, करोड़ों रुपए का सामान जलकर खाक
जशपुर। CG NEWS : जिले के कुनकुरी में शनिवार रात इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर की दुकान में भीषण आग लग गई। इसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। आग इतनी भीषण थी कि सबकुछ जलकर खाक हो गया। करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। रातभर दमकलकर्मी और स्थानीय लोग आग बुझाने में लगे रहे। बड़ी मशक्कत के बाद आग पर रविवार तड़के काबू पाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, कुनकुरी मेन रोड पर मुरारी लाल अग्रवाल की इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर की शॉप है। देर रात लोगों ने यहां से धुआं उठता देखा, जिसके बाद लोग वहां पहुंचे। दुकान के अंदर मालिक का घर भी है। धुआं फैलने के कारण परिवार वाले घर से बाहर निकल आए। दुकान मालिक जब तक फायर ब्रिगेड को फोन कर पाते, 15 मिनट के अंदर ही यहां आग की बड़ी-बड़ी लपटें दिखाई देने लगीं।
इधर कुनकुरी नगर को मिला नया दमकल वाहन भी फेल हो गया और जरूरत के समय काम नहीं आया। इसके बाद जशपुर जिला मुख्यालय से 2 दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। दमकलकर्मी रात भर आग बुझाने में जुटे रहे। आग से दुकान और घर में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया है। बगल में मधुबन होटल, रघुनाथ क्लॉथ स्टोर और राजीव गर्ग की दुकान और मकान तक आग फैल रही थी। बड़ी मशक्कत से रविवार तड़के 4 बजे के आसपास आग पर काबू पाया गया।
जशपुर पुलिस के एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि वे पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पंहुच थे। उन्होंने बताया कि कुनकुरी से दमकल की गाड़ी आई थी, लेकिन किसी तकनीकी दिक्कत के कारण वो काम ही नहीं कर पाई। जब तक जशपुर से दमकलकर्मी आते, तब तक स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन इसमें नाकाम रहे।
ASP उमेश कश्यप ने बताया कि मुरारी लाल अग्रवाल का इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर का ये काफी बड़ा प्रतिष्ठान है, यहीं इनका घर भी है। साथ ही बड़ा सा गोदाम भी प्रतिष्ठान के अंदर ही है। एएसपी ने कहा कि गोडाउन में दुकान से भी ज्यादा सामान था। उन्होंने कहा कि घर और दुकान का सामान मिलाकर करीब करोड़ों का माल जलकर खाक हो गया है। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
ASP उमेश कश्यप ने बताया कि आसपास दुकानें और घर हैं, इसलिए स्थानी प्रशासन और पुलिस के जवान रातभर आग बुझाने की कोशिशों में दमकलकर्मियों के साथ जुटे रहे, ताकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हो। उन्होंने कहा कि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। राहत की बात ये है कि इतनी बड़ी आग में कोई जनहानि नहीं हुई।
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Breaking : दर्दनाक हादसा, दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर,3 की मौत...3 घायल.
अंबिकापुर । भारत में प्रति वर्ष होने वाले सड़क हादसे का आंकड़ा बताया कि भारत में लगभग प्रत्येक वर्ष 5 लाख रोड एक्सीडेंट होता है। इसमें से 1 लाख 5 हजार लोगों की मृत्यु और 4 लाख 5 हजार लोग घायल होते हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष 2022 में 13279 सड़क दुर्घटना हुआ। इसमें 5834 लोगों की मौत और 11695 लोग घायल हुए थे। इसी बीच सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक हादसा मणिपुर ताना इलाके में हुआ है. वही तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए है.।
पुलिस ने बताया कि दो बाइकों की टक्कर हुई है।जिससे मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई. घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के परिजनों को हादसे के बारे में सूचना दे दी गई है।
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जिले में एक ही दिन में तीन लोगो ने की आत्महत्या, जाने क्या है मामला
छत्तीसगढ़ के भिलाई में तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली। हालांकि, सभी घटनाएं स्मृति नगर चौकी क्षेत्र के अलग-अलग इलाके में हुई। लेकिन एक दिन तीन सुसाइड की घटनाओं से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एक व्यक्ति ने तो अपने पत्नी से विवाद के बाद पेड़ से फांसी लगाई थी। अन्य दो के मौत का कारण पता नहीं चल सका है। तीनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी कर जांच शुरू की है।
पत्नी से विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या
पुलिस ने बताया कि ग्राम मल्दा जिला सारंगढ़ निवासी गैंदराम रात्रे (46) ने शुक्रवार की शाम को सोनालिका कास्मो के बगल में स्थित खाली प्लाट में करंज के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या की। पुलिस ने बताया कि गैंदराम का अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। जिसके बाद उसकी पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके पुष्पक नगर आ गई थी। वो शुक्रवार को अपनी पत्नी को मनाने के लिए आया था, लेकिन उसकी पत्नी साथ जाने के लिए तैयार नहीं हुई। जिसके चलते उसने शाम को वहीं पर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
दूसरे मामले में खुर्सीपार निवासी रोहित सिंह (42) ने जायका बेकरी के बगल में स्थित अपने आफिस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में घटना का कारण अज्ञात है। पुलिस ने बताया कि रोहित सिंह प्रापर्टी डीलर का काम करता था।
एक अन्य मामले में सिरसा रोड कोहका निवासी अनिता रानी साहू (24) ने गुरुवार की शाम को अपने घर के बाथरूम में जाकर फांसी लगा ली थी। परिवार वालों ने उसे उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलादज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
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आफत का तूफान: तेज आंधी ने CRPF कैंप में मचाई तबाही, 6 बैरक टूटे, 11 जवान घायल
जगदलपुर। केशलूर के आगे स्थित सेड़वा 241 बस्तरिया बटालियन सीआरपीएफ( CRPF camp) कैम्प में 6 बैरक टूटे. जिसमें 11 जवान घायल हुए है. घायल जवानों का कैम्प के यूनिट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, जब ये हादसा( accident) हुआ उस वक्त कैम्प में कुल 120 जवान तैनात थे. जिनमें से 11 जवान को चोटें आई हैं. बाकी और भी जवानों को सामान्य चोट लगीं है।
छत्तीसगढ़( chhattisgarh) के एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना
बता दें कि शुक्रवार को जगदलपुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया था। मौसम के बदलने के बाद तापमान में 1 डिग्री की गिरावट आई। बारिश के बाद से जगदलपुर दंतेवाड़ा समेत अन्य जगहों पर मौसम सुहावना हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो आज भी छत्तीसगढ़ के एक दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
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CG NEWS : तेंदूपत्ता फड़ में नक्सलियों ने लगाई आग, बैनर- पोस्टर बरामद
दंतेवाड़ा। बारसूर समिति के कोशलनसर तेंदूपत्ता फड़ में नक्सलियों ने आगजनी की वारदात को अंजाम दिया है। आगजनी में 173 बोरा तेंदूपत्ता जला दिए जाने की बात सामने आई है। कोशलनार फड़ में 324 बोरा तेंदूपत्ता रखा हुआ था, जिसमें से 88 बोरा का परिवहन किया जा चुका था। इससे 53 बोरा तेंदूपत्ता फड़ जलने से बच गया है।
वारदात के बाद नक्सलियों ने मौके पर बैनर-पोस्टर भी चस्पा किए हैं। जिसमें लिखा है कि ठेकेदार ने संगठन तक फंड नहीं पहुंचाया। इसलिए वारदात की गई है। हालांकि, कितने रुपए की डिमांड की गई थी इस बात का जिक्र बैनर-पोस्टर में नहीं है। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेस्ट की टीम मामले की जांच कर रही है।
रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मई को गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को जारी करेंगे 13.57 करोड़ रूपए
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मई दुर्ग जिले के सांकरा पाटन में आयोजित हो रहे भरोसे के सम्मेलन में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 13 करोड़ 57 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। जिसमें 01 मई से 15 मई तक गौठानों में क्रय किए गए 1.98 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीण पशुपालकों को 3.95 करोड़ रूपए तथा गौठान समितियों को 5.66 करोड़ एवं स्व-सहायता समूहों को 3.96 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है।
गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 30 अप्रैल 2023 की स्थिति में 445 करोड़ 14 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 21 मई को 13.57 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 458 करोड़ 71 लाख रूपए हो जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाधिक लोकप्रिय योजनाओं में से एक गोधन न्याय योजना की शुरूआत 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व से हुई थी। इस योजना के तहत गौठानों में ग्रामीण पशुपालकों से 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी तथा 4 रूपए लीटर में गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। राज्य में सुराजी गांव योजना के गरूवा घटक के तहत गांवों में 10,426 गौठान स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 10,206 गौठान निर्मित एवं संचालित है। संचालित गौठानों में 30 अप्रैल 2023 की स्थिति में 114.28 लाख क्विंटल गोबर क्रय किया गया है, जिसमें गोबर विक्रेताओं को 228 करोड़ 42 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना से 3 लाख 41 हजार 713 पशुपालक ग्रामीण लाभान्वित हो रहे है, जिसमें 46.51 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस योजना से भूमिहीन ग्रामीणों को भी बड़ा सहारा मिला है। लगभग 2 लाख भूमिहीन परिवार के लोग भी गौठानों में गोबर की बिक्री और रोजगार हासिल कर अपनी आजीविका चलाने में सक्षम हुए हैं।
गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए जा रहे गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ ही अन्य सामग्री तैयार की जा रही है। गोबर से अब तक 32.72 लाख क्विंटल कम्पोस्ट खाद तैयार की गई है, जिसमें से 24.54 लाख क्विंटल कम्पोस्ट खाद की खरीदी कर किसानों ने अपने खेतों मेें उपयोग किया है। इससे राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है।
गौठान और गोधन न्याय योजना के समन्वय से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। आज के स्थिति में गौठान ग्रामीण अंचल में आजीविका के एक मजबूत केन्द्र के रूप में उभरे है। गौठानों में आजीविका मूलक विविध गतिविधियां संचालित है, जिससे जुड़कर महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है। गौठानों में सामुदायिक खेती, सब्जी उत्पादन,मुर्गी पालन, बकरी पालन, पशुपालन, मछली पालन, गोबर से प्राकृतिक पेंट, दीया, अगरबत्ती, गमला, गो-काष्ठ का निर्माण भी हो रहा है। गौठानों से 14,504 महिला स्व-सहायता समूह जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 1 लाख 71 हजार 585 है। महिला समूह द्वारा संचालित आयमूलक गतिविधियों से अब तक 131 करोड़ 43 लाख रूपए की आय हो चुकी है।
गौठान में संचालित आयमूलक गतिविधियों एवं गोधन न्याय योजना से हो रहे लाभ के चलते स्वावलंबी गौठानों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। स्वावलंबी गौठान अब अपनी स्वयं की जमा पूंजी से गोबर क्रय करने के साथ-साथ गौठान की अन्य व्यवस्था को भी पूरा करने लगे हैं। राज्य में 5709 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। गौठानों में गौमूत्र खरीदी कर महिला स्व-सहायता समूह उससे जैविक कीटनाशक ब्रम्हास्त्र एवं फसल वृद्धिवर्धक जीवामृत बनाने और बेचने लगी है। अब तक 74401 लीटर ब्रम्हास्त्र एवं 31478 लीटर जीवामृत की बिक्री से 48.50 लाख रूपए की आय हुई है।
