प्रदेश
बारिश में खुली नगर पंचायत की जल निकासी के दावों की पोल, जगह-जगह जलभराव और गंदगियों का आलम
रायगढ़। सरिया में मानसून की पहली बारिश ने नगर पंचायत के साफ-सफाई के दावों की पोल खोल दी। नालियों की सफाई ना होने से बारिश का पूरा पानी सड़क को ही नाली का रूप दे दिया है। इतना ही नहीं नालियों के जाम कचरे पूरी सड़क पर फैलने के साथ किनारे की दुकानों में भी घुस गई है। चौतरफा जिंदगी से लोगों का निकलना दूभर हो गया।


पहली ही बारिश में नगर पंचायत सरिया की व्यवस्था में कुछ ऐसा नजारा पेश किया। लोग पंचायत प्रशासन को कोसने के अलावा बेबस हैं। सड़कों पर बरसात के पानी के साथ नालियों जगह-जगह जलभराव और गंदगी का आलम नजर आ रहा है। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने से पानी दुकान में घुस गया है। जिससे दुकानदारों का भारी नुकसान हुआ है। नगर की दुर्दशा पर जनता और व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। लोगों का कहना है कि अगर नगर पंचायत के कर्मचारियों ने पहले से जल निकासी के सही इंतजाम किए होते और नालियों को साफ कराया होता, तो शायद इस तरह की आज परेशानियाँ नहीं होती।
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छत्तीसगढ़ के सेंट्रल जेल में अश्लील कांड...जेलर और प्रहरी उतरवाते हैं महिला कैदी के कपड़े...फिर.....
सरगुजा । एक महिला कैदी ने जेलर और मुख्य प्रहरी पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. आरोप में कहा कि अंबिकापुर सेंट्रल जेल में महिला बंदियों के कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया जाता है. इन सब मामलों का खुलास तब हुआ, जब एक युवक अपनी मौसी से मिलने जेल पहुंचा था, जहां युवक की मौसी ने जेल में जो शर्मनाक कांड हो रहा है, उसकी पूरी जानकारी दी. छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर केन्द्रीय जेल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है.
युवक ने जेल में निरूद्ध अपनी मौसी के हवाले से शिकायत की है. जेल में महिला अधिकारियों द्वारा वीडियो बना लिया जाता है. पैसा नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है. युवक ने राज्य मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है. साथ ही गृह विभाग के सचिव, जेल विभाग के महानिदेशक, सरगुजा कलेक्टर सहित केंद्रीय जेल अंबिकापुर के अधीक्षक से शिकायत की है.
युवक ने बताया कि मौसी पिछले 6 माह से केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर में विचाराधीन बंदी के रूप में परिरुद्ध है. आवेदक एवं आवेदक का पूरा परिवार जेल नियमानुसार समय समय पर अपनी मौसी से मुलाकात करते रहते हैं. आवेदक की मौसी ने आवेदक के माता पिता को जेल में मुलाकात के दौरान बताया कि जेल के दो महिला स्टॉफ महिला जेलर ममता पटेल और महिला मुख्य प्रहरी मेरी मारग्रेट को हर महीने समय- समय में पैसा देना होगा, नहीं तो जेल में सजा काटना मुश्किल हो जाएगा.
युवक ने बताया कि ये दोनों महिलाएं बहुत ही खतरनाक हैं, कोई महिला बंदी अगर अधिन दोनों का बात नहीं मानती है तो ये दोनो महिला उस महिला बंदी का महिला बंदी नम्बरदारों से कपड़ा उतरवा कर अमानवीय और अश्लील हरकत करती हैं. साथ ही मारपीट भी करते हैं और जेलर उस पूरे क्रियाकलाप का अपने मोबाइल से वीडियो बनाती है. धमकी देती है कि इस वीडियो को मैं तुम्हारे विरोधी पार्टी को दिखाउंगी.
युवक ने शिकायत की कॉपी में अपनी मौसी के द्वारा कही बातों को बताया कि जेलर मैडम की बात मानना ही पड़ता है. उन्हें समय समय पर पैसे भेजते रहना होगा, तभी हम जेल में शांति से रह पाएंगे और खाना भी ठीक ठाक मिल पाएगा.
युवक ने कहा कि हम सामान्य परिवार के लोग हैं. हमारे लिए जेल बड़ी बात है और जेल में हमारे परिवार के किसी सदस्य का रहना और उसके साथ इस तरह का अमानवीय कृत्य हो तो ओ बहुत बड़ी बात है. बर्दाश्त योग्य नहीं है, मेरी मौसी से जो गुनाह हुआ है, उन्हें उसकी सजा मिलेगी, लेकिन ऐसा घिनौना कृत्य एक महिला जेलर के द्वारा महिलाओं के साथ करना तो पूर्ण रूप से मानव अधिकार का उल्लंघन है.
गौठानों से मिल रहे हैं रोजगार के नए अवसर’
’आजीविका संवर्धन व आर्थिक सशक्तीकरण का पर्याय बने गौठान’
’महिलाएं गांव में ही रहकर संवार रही है अपना भविष्य'
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में ग्राम सुराजी योजना के तहत स्थापित किए गए गौठान अब आजीविका संवर्धन एवं आर्थिक सशक्तीकरण का पर्याय बन गए हैं । गौठानों में संचालित मल्टी एक्टिविटी से रोजगार के साधन और अवसर तो बढ़ ही रहे हैं साथ ही महिलाएं अब गांव में ही रहकर अपने आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही है। ग्रामीण महिलाएं अब घर की कामकाज तक ही सीमित नहीं है बल्कि आय के साधन जुटाकर परिवार की देखरेख और आर्थिक स्वावलंबन में भरपूर मदद कर रही है।
राज्य सरकार की ग्राम सुराजी योजना के तहत गांव गांव में बने गौठान अब नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। इन गौठानों में मवेशियों के सुरक्षित रखने से लेकर तमाम गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। यहां गोबर से आजीविका का संवर्धन हो रहा है।महासमुंद जिले का ग्राम सिरपुर जनपद पंचायत सरायपाली अंतर्गत आता है। कस्तूरबा स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने चार वर्ष पहले गौठान में कार्य करने का फैसला लिया था। आज वे गोबर बेचकर तथा वर्मी कंपोस्ट बनाकर लाखों रुपए की आय अर्जित कर रही हैं। इसके साथ ही सब्जी बाड़ी, मुर्गी पालन जैसे आय मूलक गतिविधियां भी अपना रही हैं। समूह की सदस्य ने बताया कि वह पहले घर के चूल्हे-चौके तक ही सीमित थी लेकिन समूह से जुड़ने के बाद और गोठान में काम करने के पश्चात एक नई सोच विकसित हुई है। अब गोठान के माध्यम से वे स्वालंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
रीपा में हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार
छत्तीसगढ़ सरकार की रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) योजना से गांवों में ग्रामीणों को रोजगार व स्व-रोजगार मिलने लगा है। गांवों को उत्पादन का केन्द्र और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गइ है यह योजना अब ग्रामीण परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लाने लगी है। ग्रामीणजन रीपा के माध्यम से अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में बदलाव के लिए पूरे मनोयोग जुट गए हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की रीपा योजना वास्तव में सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में निर्मित गौठान में संचालित आयमूलक गतिविधियां का अभिसरण है। गौठानों में रीपा के माध्यम से आयमूलक गतिविधियों के संचालन के लिए शासन द्वारा आधारभूत संरचनाएं एवं संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे समूह की महिलाओं एवं ग्रामीणों को स्व-रोजगार की गतिविधियों के संचालन में मदद मिली है।
मुंगेली जिले के ग्राम संबलपुर में संचालित ग्रामीण औद्योगिक पार्क में वर्तमान में 50 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। वहां विभिन्न प्रकार की आयमूलक गतिविधियों का संचालन अलग-अलग समूह कर रहे हैं। प्रत्येक समूह को आजीविकामूलक गतिविधियों के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी प्रदाय किया गया है। ग्राम संबलपुर के रीपा में स्व-सहायता समूह जैम-जैली, आचार, टेडी बियर, ब्लैक गार्लिक जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार कर रहे हैं।
आम, नींबू और कटहल का आचार
रीपा में कौशल माता स्व सहायता समूह द्वारा बीते 25 मई से आम, कटहल, नींबू से आचार बनाया जा रहा है। समूह की 07 महिलाओं और तीन पुरुषों द्वारा अब तक 270 किलोग्राम आचार तैयार कर लिया गया है, जिसे पैकेजिंग के बाद सी मार्ट के माध्यम से विपणन किया जायेगा। इसके विक्रय से लगभग 11 हजार रूपए की आमदनी होने की उम्मीद है। आचार की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
ब्लैक गार्लिक का उत्पादन-सेहत के लिए लाभकारी
संबलपुर के रीपा में नवयुवक मंडल कौशल माता स्व सहायता समूह द्वारा औषधीय गुणों से परिपूर्ण ब्लैक गार्लिक का उत्पादन किया जा रहा है। समूह द्वारा लहसुन को 15 दिनों तक एक निश्चित ताप में मशीन में रखकर ब्लैक गार्लिक तैयार किया जाता है। जिसका बाजार मूल्य लगभग 600 रूपए किलो है। औषधि गुणों से भरपूर ब्लैक गार्लिक सेहत के लिए काफी लाभदायक है। इसके सेवन से शुगर, हृदयरोग, पाचन संबंधी रोग के नियंत्रण में मदद मिलती है। ब्लैक गार्लिक में एलिसिन पाया जाता है, जो खून को पतला रखने और हार्ट ब्लाकेज से बचाने में मदद करता है। ब्लैक गार्लिक तैयार करने के लिए समूह के लोगों को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। ब्लैक गार्लिक के उपयोग से पैर-दर्द में राहत और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
दस दिन में 200 से अधिक टेडी बियर बनाएं
संबलपुर के रीपा में जय शिवशक्ति समूह द्वारा टेडी बियर और कुशन बनाने का कार्य किया जा रहा है। समूह द्वारा मात्र 10 दिनों में 200 से अधिक टेडी बियर बनाया जा चुका है, जिसमे से 80 टेडी बियर का विक्रय किया जा चुका है और खर्च काटकर लगभग 4 हजार की आमदनी प्राप्त की गई है। टेडी बियर बनाने के लिए समूह की महिलाओं को 15 दिनों का विधिवत प्रशिक्षण भी दिया गया है। जय मां दुर्गा स्वसहायता समूह द्वारा रीपा में जैम, जैली, टोमैटो सॉस, एलोवीरा जैल, अर्क, फू्रट कैंडी, अनार मोलिसस, चिली सॉस, साबुन और शैम्पू का कच्चा पदार्थ, कटहल की बड़ी का निर्माण के साथ ही छीन बीज से काफी पावडर भी तैयार किया जा रहा है, जो कि औषधीय गुणों से परिपूर्ण है।
करंट की चपेट में आने से बिजली कर्मी की मौत, ऐसे हुआ हादसा
गरियाबंद। जिले में बिजली कर्मी की करंट के चपेट में आने से मौत हो गई है। मूचबहाल गांव में बिजली कर्मी खंभे पर चढ़ कर फ्यूज जोड़ रहा था तभी यह हादसा हुआ। मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार, मूचबहाल गांव में बिजली कर्मी गजेंद्र मांझी फ्यूज जोड़ने गया था। वह देवभोग वितरण केंद्र से परमिट लेकर खंभे पर चढ़ा था। तभी अचानक तारों में करंट आ गई जिसकी चपेट में आने से गजेंद्र की मौत हो गई। मृतक गजेंद्र मांझी बिजली विभाग के आउट सोर्स कर्मी था। घटना की सूचना पर देवभोग पुलिस मौके पर पहुंच गई है और जांच में जुट गई है।
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छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अच्छा माहौल : भूपेश बघेल
रायपुर । मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि प्रदेश में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई-नई खेल अकादमियां शुरू हो रही हैं। खिलाड़ियों के खेल कौशल को बढ़ाने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर शुक्रवार को अपने निवास में आयोजित खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए। उन्होंने समारोह में गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेल में पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में इन खेलों मे भाग लेने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम प्रबंधकों को भी सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव देवेन्द्र यादव, रायपुर नगर निगम के पूर्व महापौर गजराज पगारिया और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी भी समारोह में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से जहां खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, वहीं हम सब भी गौरवान्वित महसूस करते हैं। आप सब ने छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही हम लोगों को गौरवान्वित भी किया है। मैं गुजरात में हुए 36वें राष्ट्रीय खेल में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ ही सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देता हूं। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत एवं टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले 64 खिलाड़ियों, विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले 89 अन्य खिलाड़ियों तथा 38 प्रशिक्षकों-प्रबंधकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए अच्छा वातावरण तैयार किया जा रहा है। किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए संगठित प्रयास और अनुकूल वातावरण की जरूरत होती है। प्रदेश में अभी 21 अकादमी संचालित हैं जिनमें दो आवासीय अकादमी भी हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जब नारायणपुर के बच्चे मलखम्ब में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकते हैं, तो कुछ भी असंभव नहीं है। एशियन गेम्स, ओलंपिक, राष्ट्रमंडल और राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी लगातार हिस्सा लेते रहे हैं।छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव देवेन्द्र यादव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों में बहुत प्रतिभा और ऊर्जा है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में यहां के खिलाड़ी लगातार अपना दमखम दिखाते रहे हैं। राज्य की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए हमें संगठित रूप से अच्छी अधोसंरचना तैयार करनी होगी। 14-15 वर्ष की उम्र में खिलाड़ियों की पहचान कर योजनाबद्ध रूप से उनके कौशल को निखारना होगा। राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों में उपलब्ध खेल सुविधाओं को दूरस्थ अंचल के बच्चों तक भी पहुंचाना होगा। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 36वें राष्ट्रीय खेल के पदक विजेता खिलाड़ियों, इसमें हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए कुल 16 लाख 35 हजार रूपए के पुरस्कार की घोषणा की है।
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गौमूत्र से बना रहे जैविक कीटनाशी 'ब्रम्हास्त्र' और वृद्धिवर्धक 'जीवामृत', महिला समूह की आय के साथ जैविक कृषि को मिल रहा बढ़ावा
राज्य शासन द्वारा जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए गोठानों में गोबर के बाद गौमूत्र खरीदी भी की जा रही है। इससे बनने वाले वृद्धिवर्धक व कीटनाशी के लिए जिले के गोठानों में लगातार गौमूत्र खरीदी की जा रही है। जिसमें रायगढ़ जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान में बना हुआ है। रायगढ़ जिले में अब तक 18 हजार 394 लीटर गौमूत्र खरीदी की जा चुकी है। इससे जैविक कीटनाशी ब्रह्मास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया जाता है।
कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। जिसका परिणाम रहा कि गो मूत्र खरीदी में जिला पूरे प्रदेश में अव्वल है। इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन विभाग को गौमूत्र की खरीदी बढ़ाने और इससे तैयार उत्पाद जैसे ब्रम्हास्त्र एवं जीवामृत के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। जिससे जिले में जैविक कृषि के क्षेत्र में विस्तार किया जा सके।
उल्लेखनीय हैं कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के पहल पर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए गौठानो में वर्मी कंपोस्ट निर्माण के साथ हरेली त्यौहार के दिन गौमूत्र खरीदी की शुरुआत की गई है। जिसके बाद से रायगढ़ जिले के गौठानो में महिला समूहों के माध्यम से गौ-मूत्र खरीदी की जा रही है। गौ मूत्र से कीटनाशी ब्रह्मास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत जैसे जैविक उत्पाद तैयार किया जा रहा है।
5 गौठानों में 18 हजार 394 लीटर गौमूत्र खरीदी
वर्तमान में जिले के 5 गौठानो में गोमूत्र खरीदी की जा रही है। इसमें रायगढ़ ब्लॉक के बनोरा गौठान, पुसौर के सूपा गौठान, लैलूंगा के रूडूकेला गौठान, धरमजयगढ़ के नवापारा (गड़ाईनबहरी), घरघोड़ा के बैहामुड़ा गौठान में गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। जिसमें बनोरा में 6 हजार 245 लीटर, सूपा में 4 हजार 316 लीटर, रुडूकेला में 1 हजार 851 लीटर, नवापारा में 4 हजार 141 लीटर एवं बैहामुड़ा में 1 हजार 841 लीटर सहित जिले में कुल 18 हजार 394 लीटर गौमूत्र खरीदा गया है। इनसे कुल 6 हजार 666 लीटर जैविक कीटनाशी ब्रह्मास्त्र और 200 लीटर जैविक वृद्धिवर्धक जीवामृत बनाया गया है।
अतिरिक्त आय के साथ मिल रहा जैविक कृषि को बढ़ावा
शासन की इस योजना से किसानों को गोबर के बाद अब गौमूत्र से अतिरिक्त आमदनी अर्जित हो रही है। इससे न सिर्फ किसानों को फायदा मिल रहा है, बल्कि जैविक कृषि के विकल्प के साथ जिले में जैविक कृषि का क्षेत्र विस्तार भी हो रहा है। यह रासायनिक कीटनाशकों की तरह शरीर के लिए हानिकारक नहीं है और न ही लगातार उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति को कमजोर करता है।
