सियासत
छग कांग्रेस प्रत्याशियों के नामों को लेकर दिल्ली में चल रही बैठक खत्म, कुमारी सैलजा ने कहा – सभी सीटों पर सहमति बन गई है
जनता के सामने मुख्यमंत्री का असली चेहरा सामने आया
छत्तीसगढ़ महतारी का चरण सेवक बनकर भूपेश बघेल ने लूटा : संजय श्रीवास्तव
0 छत्तीसगढ़ का बेटा बताते भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को दोनों हाथों से लूटा
0 जनता के सामने मुख्यमंत्री का असली चेहरा सामने आया
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने कहा कि खुद को छत्तीसगढ़ का बेटा बताने और छत्तीसढिया स्वाभिमान की बात कहने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का असली चेहरा सामने आ गया है। छत्तीसगढ़ महतारी का चरण सेवक बनकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को दोनों हाथों से लूटा। लूट के करोड़ों-अरबों रुपयों से दिल्ली के खजाने को भरते रहे। यानी छत्तीसगढ़ को एटीएम बना दिया।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने कहा कि पाताल से लेकर आकाश तक घोटाले कर रिकार्ड बनाने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उसके मंत्री और विधायक अब फिर से छत्तीसगढ़ की जनता को केंद्र की मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लोगों को गुमराह करने में लगे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता के सर से छत छीनने वाली भूपेश सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। भोले भाले किसानों को धान खरीदी मामले में गुमराह कर वाहवाही लूटने वाली भूपेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में दो सालों का बोनस आज तक क्यों नहीं दिया? आज छत्तीसगढ़ की अन्नदाता किसान भूपेश बघेल से पूछता है कि कांग्रेस के पांच साल में उन्होंने क्या दिया? सरकार बनने के 10 दिनों के बाद राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत ऋण माफी की गई तो फिर छत्तीसगढ़ के किसानों जीवन स्तर ऊंचा क्यों नहीं उठ पाया? छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को पंप का कनेक्शन क्यों नहीं दिया? दस लाख युवाओं को रोजगार देने और बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी उसका क्या हुआ? कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते हुए भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में सुशासन देने और विकास पर फोकस करने के अलावा छत्तीसगढ़ की माताओं - बहनों से हाथों में गंगाजल लेकर प्रदेश में पूर्णंत: शराबबंदी करने का भरोसा दिलाते वोट मांगा था। फिर शराब बंद क्यों नही की?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने कहा कि नरवा, गरवा, घुरवा, बारी, ये छत्तीसगढ़ के चिन्हारी का जुमला देकर ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की बात करने वाले भूपेश बघेल बताये कि आज ग्रामीण बदहाली में क्यों जीने को विवश हैं। गांवों की फिजां में नशे का जहर क्यों घुल गया? गांव से लेकर शहर तक सड़कों की दुर्दशा क्यों? शांतप्रिय छत्तीसगढ़ कैसे अपराधगढ़ में बदल गया? महिला और बेटियां अत्याचार और अनाचार की क्यों शिकार हो रहीं हैं? किसानों को उनकी मेहनत का पूरा फल क्यों नहीं मिल रहा? उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से लूटने वाली भूपेश सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। छत्तीसगढ़ में करप्शन और कमीशन का खेल अब नहीं चलने वाला। घोषणा पत्र में झूठे वादे कर सरकार बनाने वाली कांग्रेस के ताबूत पर अंतिम कील छत्तीसगढ़ की जनता - 2023 के विधानसभा चुनाव में मतदान कर ठोंकने वाली है।
शाह ने शहादत का सम्मान किया है, अपना कद तो चौबे ने घटा लिया- ईश्वर साहू
शाह ने शहादत का सम्मान किया है, अपना कद तो चौबे ने घटा लिया- ईश्वर साहू
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के साजा विधानसभा प्रत्याशी ईश्वर साहू ने कांग्रेस प्रत्याशी और राज्य सरकार के मंत्री रविंद्र चौबे की टिप्पणी पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वह कह रहे हैं कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ईश्वर साहू का नाम लेकर अपना कद घटा लिया तो सच्चाई यह है कि देश के गृहमंत्री ने ईश्वर साहू का नाम नहीं लिया है बल्कि उन्होंने सनातन सत्य के लिए शहादत देने वाले एक पुत्र के पिता को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया है।
ईश्वर साहू ने मंत्री चौबे की टिप्पणी से द्रवित होकर कहा कि साजा विधानसभा क्षेत्र के बिरनपुर में जिहादी उन्माद में हत्या के नामजद आरोपियों को तुष्टिकरण की राजनीति के तहत संरक्षण देने वाले और निर्दोष युवाओं को जेल में डालने वाले हमारी पीड़ा को नहीं समझ सकते। जब हम कांग्रेस की सरकार से न्याय मांग रहे थे। हत्यारों का नाम भूपेश बघेल की पुलिस को बताया। कार्रवाई की मांग की। न्याय मांगा। तब चौबे जी कहां थे? वे या उनका कोई कार्यकर्ता तक झांकने नहीं आया। वह स्थानीय विधायक होने और राज्य के मंत्री होने के नाते निष्पक्ष कार्रवाई कराने की बजाय तुष्टिकरण की राजनीति में लगे थे। कांग्रेस की सरकार ने हमें न्याय देने की बजाय हमारे बेटे भुनेश्वर के बलिदान पर हमें खैरात देने की कोशिश की। जिसे हमने ठुकरा दिया। यह भारतीय जनता पार्टी है, जिसने विकट विपत्ति के दौर में हमारे परिवार को अपना परिवार माना। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद अरुण साव और भाजपा के सभी नेताओं ने हमें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया।
भाजपा के साजा प्रत्याशी ईश्वर साहू ने कहा कि रविंद्र चौबे ने जनप्रतिनिधि होने के नाते जो उनका धर्म बनता था, वह तो निभाया नहीं और जब भाजपा ने मुझे उनके विरुद्ध चुनाव में खड़ा किया है और न्याय के लिए भटकते पीड़ित पिता को अन्य पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की सामर्थ्य शक्ति दी है तो चौबे जी को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
हाईवे पर भीषण हादसा : 2 ट्रकों की टक्कर से लगी आग, 4 लोगों की मौत
महाराष्ट्र। पुणे में पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर भीषण हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। स्वामीनारायण मंदिर के पास सोमवार रात को पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर एक ट्रक से टक्कर के बाद दूसरे ट्रक में आग लग गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं इस हादसे में दो लोग घायल भी हुए हैं।
एक ट्रक सांगली से गुजरात जा रहा था, तभी स्वामीनारायण मंदिर के पास चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और एक अन्य ट्रक में जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक में आग लग गई। टक्कर से चालक का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें बैठे छह लोगों में से चार की अंदर फंसने से जलकर मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला, समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से किया इनकार
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को भारत में समलैंगिक विवाह (Same Sex Marriage) को कानूनी दर्जा देने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की. सीजेआई ने भारत में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से साफ-साफ इनकार कर दिया. इस मामले पर सुनवाई करते हुए CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि चार फैसले हैं, फैसलों में कुछ हद तक सहमति और कुछ हद तक असहमति होती है. उन्होंने कहा कि शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत द्वारा निर्देश जारी करने के रास्ते में नहीं आ सकता.
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने समलैंगिक विवाह को मान्यता देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि ये संसद के अधिकार क्षेत्र का मामला है. उन्होंने समलैंगिकों को बच्चा गोद लेने का अधिकार दिया और केंद्र और राज्य सरकारों को समलैंगिकों के लिए उचित कदम उठाने का आदेश भी दिया.
सर्वोच्च न्यायालय ने 11 मई को याचिका पर सुनवाई के दौरान फैसला सुरक्षित रख लिया था. याचिका में याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग की थी. अब जबकि सुप्रीम कोर्ट 11 दिन तक चली सुनवाई के बाद सुरक्षित रखे अपने फैसले को सुनाएगा तो भारत में समलैंगिक विवाह वैधता को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लग जाएगी. वैवाहिक समानता मामला में सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि यह कहना गलत है कि विवाह एक स्थिर और अपरिवर्तनीय संस्था है. अगर विशेष विवाह अधिनियम को खत्म कर दिया गया तो यह देश को आजादी से पहले के युग में ले जाएगा. विशेष विवाह अधिनियम की व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, यह संसद को तय करना है. इस न्यायालय को विधायी क्षेत्र में प्रवेश न करने के प्रति सावधान रहना चाहिए.
समलैंगिक विवाह मामला में CJI ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समलैंगिक लोगों के साथ उनके यौन रुझान के आधार पर भेदभाव न किया जाए. सीजेआई ने केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समलैंगिक समुदाय के लिए वस्तुओं और सेवाओं तक पहुंच में कोई भेदभाव न हो और सरकार को समलैंगिक अधिकारों के बारे में जनता को जागरूक करने का निर्देश दिया. सरकार समलैंगिक समुदाय के लिए हॉटलाइन बनाएगी, हिंसा का सामना करने वाले समलैंगिक जोड़ों के लिए सुरक्षित घर ‘गरिमा गृह’ बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अंतर-लिंग वाले बच्चों को ऑपरेशन के लिए मजबूर न किया जाए।
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की करें आराधना,जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और महत्व
शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है।धार्मिक मत है कि शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन श्रद्धा भाव से मां चंद्रघंटा की उपासना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं यथाशीघ्र पूर्ण होती हैं। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।
पूजा का महत्व
इनकी आराधना से साधकों को चिरायु,आरोग्य, सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता हैं। मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएं नष्ट हो जाती हैं । इनकी आराधना से प्राप्त होने वाला एक बहुत बड़ा सद्गुण यह भी है कि साधक में वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का भी विकास होता हैं। उसके मुख, नेत्र तथा सम्पूर्ण काया में कांति वृद्धि होती है एवं स्वर में दिव्य-अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है।
पूजाविधि
मां को शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान करायें। अलग-अलग तरह के फूल, अक्षत, कुमकुम, सिन्दूर, अर्पित करें। केसर-दूध से बनी मिठाइयों या खीर का भोग लगाएं। मां को सफेद कमल, लाल गुडहल और गुलाब की माला अर्पण करें और प्रार्थना करते हुए मंत्र जप करें। इस तरह मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साहस के साथ सौम्यता और विनम्रता में वृद्धि होती है।
मंत्र
“या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।”
पिंडजप्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं, चंद्रघंटेति विश्रुता।।
मां चंद्रघंटा का स्वरूप
देवी चंद्रघंटा का स्वरूप परम शान्तिदायक और कल्याणकारी हैं। बाघ पर सवार मं चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला हैं। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। 10 भुजाओं वाली देवी के हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र विभूषित हैं। इनके गले में सफ़ेद फूलों की माला सुशोभित रहती हैं। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने वाली होती है। इनके घंटे की सी भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव- दैत्य-राक्षस सदैव प्रकम्पित रहते हैं। दुष्टों का दमन और विनाश करने में सदैव तत्पर रहने के बाद भी इनका स्वरूप दर्शक और आराधक के लिए अत्यंत सौम्यता और शांति से परिपूर्ण रहता है। अतः भक्तों के कष्टों का निवारण ये शीघ्र ही कर देती हैं। इनका वाहन सिंह है। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों की प्रेत-बाधादि से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है। मां चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहां भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति का अनुभव करते हैं।
Aaj Ka Panchang 17 October: आज का पंचांग, जानें तिथि, ग्रह, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय
Aaj ka Panchang 17 October 2023: हिंदू कैलेंडर में पंचांग एक जरूरी हिस्सा होता है. यह महीने की तीस तिथियों और पांच अंगों (वार, योग, तिथि, नक्षत्र और करण) से मिलकर बनता है. दैनिक पंचांग में आपको शुभ समय, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदू माह और पहलू आदि के बारे में हर प्रकार की जानकारी प्रदान करता है. आइये जानते हैं 17 अक्टूबर 2023 का पंचाग...
सूर्योदय- 06:23 एएम
सूर्यास्त- 05:50 पीएमवार- मंगलवार
पक्ष- शुक्ल पक्ष
तिथि- तृतीया, 01:26 एएम, अक्टूबर 18 तक
नक्षत्र- विशाखा, 08:31 पीएम तक
योग- प्रीति - 09:22 एएम तक
करण- तैतिल - 01:23 पीएम तक
द्वितीय करण- गर, 01:26 एएम, अक्टूबर 18 तक
अशुभ मुहूर्त
दुष्टमुहूर्त 08:40:12 से 09:26:01 तक
कुलिक 13:15:05 से 14:00:54 तक
कंटक 07:08:34 से 07:54:23 तक
राहु काल 14:58:10 से 16:24:04 तक
कालवेला / अर्द्धयाम 08:40:12 से 09:26:01 तक
यमघण्ट 10:11:50 से 10:57:39 तक
यमगण्ड 09:14:34 से 10:40:28 तक
गुलिक काल 12:06:22 से 13:32:16 तक
शुभ मुहूर्त
अभिजीत: 11:43:28 से 12:29:16 तक
ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से किसी महीने में 31 और किसी महीने में 1 दिन होते हैं. अगर हम हिंदू कैलेंडर की बात करें तो उसके हिसाब से हर माह में 1 दिन ही होते हैं, जिन्हें तिथि कहा जाता है. ये तिथियां दो पक्षों में होती हैं. इनमें से एक पक्ष को शुक्ल और एक पक्ष को कृष्ण कहा जाता है. ये 15-15 दिन के होते हैं. हिंदू कैलेंडर के हिसाब से इन तिथियों को प्रतिप्रदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी और एक पक्ष की आखिरी तिथि को अमावस्या और दूसरे पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहा जाता है. इन्हीं सब के आधार पर पंचांग बनता है.
Horoscope 17 October 2023 : इन राशि वालों के नौकरी में प्रमोशन का बन रहा है योग, पढ़े सभी 12 राशियों का राशिफल
पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल…
मेष-अगर कुछ परेशानी है, तो अशांत न रहें, किसी से बात कर अपना दुख बांट लें। इस समय आपके आत्मविश्वास में कमी हो सकती है, लेकिन भगवान और धार्मिक कार्यों में आप अच्छा समय बिताएंगे। आपके लिखने की आदत आपको कोई ईनाम दिला सकती है।
वृष-अगर मन में खशी और दुख के भाव आ रहे हैं, तो अपने आप को संभालें, यह समय कुछ देर के लिए ही है। अपने संतान की सेहत का खास ध्यान रखें, मौसमी बदलाव आपको परेशान कर सकता है। आपके नौकरी में ग्रह अच्छे है, इसलिए प्रमोशन के योग भी बन रहे हैं।
मिथुन-मिथुन राशि के लोग आज किसी से भी किसी तरह की बहस करने से बचें, हो सकता है आपको किसी की बात अच्छी न लगें, लेकिन आपको गुस्सा नहीं करना है। परिवार का ध्यान रखें।
कर्क-आपका मन बार जाने या ट्रेवल करने का हो सकता है, आप थोड़ा संयम से काम लें और धैर्य रखें। परेशानियां जल्द समाप्त होंगी और मन में अच्छे भाव आएंगे। डेकोरेटिव आइटम की शॉपिंग करेंगे।
सिंह-आप कभी नहीं जानते कि आपको प्रतिभा का फ्लैश कब मिलेगा। भविष्य में आप अपने काम को और अधिक उत्साह के साथ कर सकते हैं। बहादुर और आत्मविश्वासी रुख अपनाएं। जोखिम उठाकर, आप अपने आप को एक अप्रत्याशित और रोमांचक मार्ग पर जाते हुए पा सकते हैं। अपने दैनिक कार्य कार्यों को विशिष्ट रूप से करें और उन्हें अपनी सूची से काट दें। काम पर अपने तरीके से काम करने से एक अप्रत्याशित लेकिन सुरक्षित करियर मार्ग बन सकता है।
कन्या-आज का दिन संतुलित रखें। कुछ लोग हो सकते हैं जो आपको नीचे लाना चाहते हैं; आपको उनका विरोध करने के लिए अपने अंदर ताकत ढूंढनी होगी। आज ऑफिस की बकबक से खुद को पूरी तरह से हटा लें।
तुला-अभी से कुछ कल्पनाशील काम करना शुरू कर दें ताकि आप अपनी प्रतिभा का सदुपयोग कर सकें। काम पर नई जिम्मेदारियां लेने के लिए अभी से बेहतर समय नहीं है। यह आपके लिए स्पष्ट हो जाएगा कि उनकी सिफारिशें आपकी उपलब्धि के लिए बहुत महत्वपूर्ण और सहायक होंगी।
धनु-आज आपका काम में मन लगेगा और हर चीज को करने के लिए आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। अगर आपका बिजनेस है तो आपको अच्छा फायदा हो सकता है, लेकिन मेहनत आपको ज्यादा से ज्यादा करना होगा। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा।
वृश्चिक– आत्मविश्वास में थोड़ा आपको कमी लग सकती है, जिसकी वजह से आप फुल पर्फोर्मेंस नहीं दे पाएंगे, सेहत का ध्यान रखें, मौसमी बदलाव आपको परेशान कर सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। यह समय आपको अपने माता-पिता का सहयोग मिलेगा।
मकर-ऑफिस के मामले आज सामान्य से कम बिजी रहेंगे, यह समय आपको मेहनत करने का है।नौकरी में आपक लिए समय अच्छा है, इसलिए आपको कोई ऐसा इशारा मिल सकता है, जिससे आपकी तरक्की संभव हो, आज रात कुछ सामाजिक कार्य करें, जैसे किसी पार्टी या स्थल पर जाना जहां बहुत सारे लोग होंगे।
कुंभ-मन में नकारात्मक विचारों से बचें, ये आपको आगे ले जाने की बजाय पीछ ले जाएंगे, इसलिए खुश रहें और सकारात्मक रहें। नौकरी में तरक्की के मौके मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी।
मीन-आज के निर्णय दूसरों के बर्ताव से निर्धारित नहीं होने चाहिए। आप जिस मनःस्थिति को बनाए रखते हैं, उसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार हैं, और आपको उस स्थान तक पहुंचना अपना लक्ष्य बना लेना चाहिए
परिवार की खुशियां बदली मातम में, होनी थी सगाई और शादी लेकिन उठ गई अर्थी…
आचार संहिता के नियम उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसेगा ये ऐप, आप भी कर सकते है शिकायत, जाने पूरा प्रोसेस
बड़ी खबर : ओलंपिक में 128 साल बाद शामिल हुआ क्रिकेट, खेले जाएंगे T20 मैच
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने क्रिकेट को ओलंपिक्स में शामिल करने का फैसला लिया है। मुंबई में IOC के 141वें सत्र की बैठक में सोमवार को इस फैसले का ऐलान किया गया। इस तरह 128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी हुई है। साल 2028 में लॉस एंजेलिस में आयोजित होने वाले ओलंपिक में टी20 के फॉर्मेट में क्रिकेट मैच खेले जाएंगे।
बता दें कि आज समोवार को आईओसी ने क्रिकेट के टी20 प्रारूप को आधिकारिक तौर पर लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के कार्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने सोमवार को एलए गेम्स के लिए रोस्टर में पुरुषों और महिलाओं की प्रतियोगिताओं के साथ-साथ चार अन्य को शामिल करने के लिए मतदान भी किया।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कार्यकारी बोर्ड ने पिछले सप्ताह खेल को कार्यक्रम में शामिल करने के लॉस एंजिल्स खेल आयोजकों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। क्रिकेट के अलावा, जो पुरुषों और महिलाओं की टीमों के बीच टी20 प्रारूप में खेला जाएगा, उनमें बेसबॉल-सॉफ्टबॉल, फ़्लैग फ़ुटबॉल, लैक्रोस (छक्के) और स्क्वैश (मिक्सड) शामिल हैं।
राघव चड्ढा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा सचिवालय को जारी किया नोटिस, जानें क्या है मामला
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा के राज्यसभा से निलंबन के खिलाफ दायर उनकी याचिका पर विचार करने के लिए सहमति जताई है। मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च सदन सचिवालय को नोटिस जारी कर 30 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। पीठ में न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल हैं।
इसमें शामिल कानूनी मुद्दों के महत्व को देखते हुए, पीठ ने मामले में अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी की सहायता भी मांगी। सुनवाई के दौरान, चड्ढा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि इस मामले में “राष्ट्रीय महत्व” का मुद्दा शामिल है और राज्यसभा के सभापति जांच लंबित रहने तक सदन के किसी सदस्य को निलंबित करने का आदेश नहीं दे सकते, खासकर तब, जब विशेषाधिकार समिति पहले से ही जाचं कर रही हो।
उन्होंने कहा कि अतीत में प्रस्तावित सेलेक्ट कमेटी की सूची में जो सदस्य हस्ताक्षरकर्ता नहीं थे उनके नाम सूची से हटा भर दिए गए थे। चयन समिति में अपना नाम शामिल करने से पहले पांच राज्यसभा सांसदों की सहमति नहीं लेने के आरोप में अगस्त में निलंबित किए जाने के बाद चड्ढा ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
प्रस्ताव में सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप
आप नेता पर दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित एक प्रस्ताव में पांच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया गया है। चड्ढा को तब तक के लिए निलंबित कर दिया गया है जब तक उनके खिलाफ मामले की जांच कर रही विशेषाधिकार समिति अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती। निलंबन का प्रस्ताव सदन के नेता पीयूष गोयल ने पेश किया, जिन्होंने चड्ढा की कार्रवाई को “अनैतिक” बताया।
जेल में बंद पति के साथ सलाखों के पीछे पत्नी बना सकेंगी संबंध! सरकार ने गृह मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव
नई दिल्ली। जेल में बंद कैदियों के लिए बहुत अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। यहां कि केजरीवाल सरकार ने जेल में बंद कैदियों के लिए पति-पत्नी को मुलाकात कराने की योजना बना रही है। यानी जल्द ही दिल्ली की जेलों में कैदियों के लिए वैवाहिक मुलाक़ातों की अनुमति मिल सकती है।
इतना ही नहीं सलाखों के पीछे पति-पत्नी संग ‘रोमांस’ करने की मंजूरी मिल सकती है, जिसे जेलों में वैवाहिक मुलाकात के रूप में जाना जाता है। दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में कहा गया है कि जेल अधिकारियों की नजरों से दूर पति-पत्नी का मिलन एक ‘मौलिक अधिकार’ है और इसके जवाब में दिल्ली सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि जेल महानिदेशक ने मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है। इस मामले में दिल्ली सरकार ने कहा कि कई देशों में ऐसे मुलाकात की अनुमति है। जिसको ध्यान में रखते हुए राज्य के गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है। जिसमें कैदियों के जीवन साथी से मिलन के अधिकारों के बारे में कहा गया है। कई देशों द्वारा इस तरह के मिलन की अनुमति दिए जाने को ध्यान में रखते हुए जेल महानिदेशक ने कैदियों के जीवनसाथी से ‘मिलन’ के अधिकारों के बारे में राज्य के गृह विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि आवश्यक दिशानिर्देश जारी करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी प्रस्ताव भेजा गया है।
मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने दिल्ली सरकार को अपनी सिफारिश के बाद घटनाक्रम से अवगत कराने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2024 तय की है।
नवरात्री में मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप है ब्रह्मचारिणी, जाने पूजा में पीले रंग के वस्त्र का महत्त्व
नवरात्रि का आज दूसरा दिन है और इस दिन मां दुर्गा की दूसरी शक्ति ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की जाती है। इस त्योहार में भक्त मां की पूजा पूरी विधि-विधान से करते हैं. साथ ही मां के लिए नौ दिनों तक व्रत रखते हैं. मान्यता हैं कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कड़ी तपस्या की थी, उसी तपस्या के कारण माता का ब्रह्मचारिणी नाम पड़ा। आइए जानते हैं नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी पूजा का मंत्र, आरती, भोग और इस दिन पीले रंग का क्या है महत्व…
जानें शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के दूसरे दिन पूजा के लिए 2 शुभ मुहूर्त रहेंगे. सुबह 10.17 बजे से सुबह 11.58 बजे तक अमृत काल रहेगा. फिर सुबह 11.44 बजे से दोपहर 12.29 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा. पूजा के लिए ये दोनों ही मुहूर्त श्रेष्ठ हैं.
मां ब्रह्मचारिणी पूजा विधि
मां दुर्गा की दूसरा स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी सिद्धि और सफलता की प्रतीक मानी जाती है. इनकी पूजा नवरात्रि के दूसरे दिन की जाती है. इस दिन पूजा के समय आपको हरे रंग का वस्त्र धारण करना चाहिए. पूजा के समय पीले या सफेद रंग के कपड़े का इस्तेमाल करें. मां का अभिषेक पंचामृत से करें और रोली, अक्षत, चंदन, जैसी चीजों का भोग लगाएं. मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए आप उन्हें चीनी और पंचामृत का भी भोग लगा सकते हैं. मां को गुड़हल और कमल का फूल पसंद हैं। इसके साथ ही मन में माता के मंत्र या जयकारे लगाते रहें। इसके बाद पान-सुपारी भेंट करने के बाद प्रदक्षिणा करें। फिर कलश देवता और नवग्रह की पूजा करें। घी और कपूर से बने दीपक से माता की आरती उतारें और दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ करें। पूजा पाठ करने के बाद पूरे परिवार के साथ माता के जयकारे लगाएं। इससे माता की असीम अनुकंपा प्राप्त होगी।
मां ब्रह्मचारिणी देवी का पूजा मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।
मां ब्रह्मचारिणी से जुड़ी मान्यता और पीले रंग का महत्व
मां ब्रह्मचारिणी पीला रंग बहुत प्रिय है इसलिए माता की पूजा में पीले रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए। साथ ही पीले रंग के वस्त्र और फूल अवश्य अर्पित करने चाहिए। पीला रंग मां के पालन-पोषण करने वाले स्वभाव को दर्शाता है। साथ ही यह रंग सीखने और ज्ञान का संकेत है और उत्साह, खुशी और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार जब माता पार्वती भगवान शिव को अपना वर बनाने के लिए तपस्या पर बैठी थी तो उन्होंने सब कुछ त्याग करके ब्रह्मचर्य अपना लिया था. मां के इसी रूप को ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना जाता है. दुर्गा मां की इस रूप की पूजा अविवाहित देवी के रूप में किया जाता है. इनके एक तरफ कमंडल होता है और दूसरी तरफ जप माला होती है. मां को सरलता, शांति और सौम्य रूप में पूजा जाता हैं।
ऐसे पड़ा ब्रह्मचारिणी नाम
शास्त्रों में बताया गया है कि मां दुर्गा ने पार्वती के रूप में पर्वतराज के यहां पुत्री बनकर जन्म लिया और महर्षि नारद के कहने पर अपने जीवन में भगवान महादेव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। हजारों वर्षों तक अपनी कठिन तपस्या के कारण ही इनका नाम तपश्चारिणी या ब्रह्मचारिणी पड़ा। अपनी इस तपस्या की अवधि में इन्होंने कई वर्षों तक निराहार रहकर और अत्यन्त कठिन तप से महादेव को प्रसन्न कर लिया। उनके इसी तप के प्रतीक के रूप में नवरात्र के दूसरे दिन इनके इसी रूप की पूजा और स्तवन किया जाता है।
व्हाट्सऐप ला रहा गजब का फीचर, मिलेगा प्राइवेसी प्रोटेक्शन, अब हैकर्स ट्रैक नहीं कर पाएँगे डिटेल्स
पॉपुलर मैसेंजर व्हाट्सऐप जल्द ही एक नया प्राइवेसी फीचर पेश करने जा रहा है। इस नए फीचर के रिलीज होने के बाद कॉल में आईपी एड्रेस को सिक्योर कर किसी भी दुर्भावनापूर्ण एक्टर्स को आपके लोकेशन का पता लगाना कठिन बना देगा।
व्हाट्सऐप यूजर्स को अब प्राइवेसी सेटिंग्स स्क्रीन के अन्दर Advanced नामक एक नया सेक्शन दिखाई देगा। इस नए सेक्शन में कॉल ऑप्शन में नया प्रोटेक्ट आईपी एड्रेस शामिल है, जो कॉल में किसी के लिए भी व्हाट्सऐप सर्वर के जरिये सुरक्षित तरीके से रिले करके आपके लोकेशन का अनुमान लगाना निश्चित रूप से कठिन बना देता है।
इसमें कहा गया है कि व्हाट्सऐप में कॉल रिले ऑप्शन को एक्टिव करके, आप अपने कम्यूनिकेशन में गुमनामी का एक अतिरिक्त लेयर जोड़ देंगे, और हमें लगता है कि यह विशेष रूप ज्यादा मायने रखता है, जब आप उन लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं जिन पर आपने पहले से भरोसा नहीं किया है। यह अतिरिक्त सुरक्षा संभावित रूप से धीमी कॉल गुणवत्ता की कीमत पर आती है, क्योंकि डेटा को गुमनाम करने के लिए व्हाट्सऐप के सर्वर के जरिये ट्रैवल करना पड़ता है।
व्हाट्सऐप ने आगामी सप्ताह से स्पेसिफिक Android और iPhone डिवाइस के लिए सपोर्ट बंद करने की अपनी योजना की घोषणा की है। gadgetsnow की खबर के मुताबिक, 24 अक्टूबर, 2023 से व्हाट्सएऐप अब कुछ पुराने स्मार्टफोन मॉडलों पर काम नहीं करेगा।
नवरात्रि के नौ दिनों में माता रानी को लगाएं इन पकवानों का भोग, मैया होंगी प्रसन्न
नवरात्रि के नौ दिन हर किसी के लिए बेहद खास होते हैं। सालभर में दो बार माता रानी नवरात्रि में लोगों के घरों में पधारती हैं। उदया तिथि के आधार पर इस साल शारदीय नवरात्रि आज यानी कि 15 अक्तूबर 2023 से शुरू होगी वहीं इसका समापन 23 अक्तूबर को होगा और 24 अक्तूबर को दशमी तिथि पर विजयादशमी मनाई जाएगी।
दूसरा दिन
नवरात्रि के दूसरे दिन आप माता ब्रह्मचारिणी को चीनी से बने पंचामृत का भोग लगाकर उसे प्रसाद के तौर पर बांट सकते हैं।
तीसरे दिन
माता चंद्रघंटा की पूजा में आप दूध से बर्फी बनाकर इसको भोग लगा सकते हैं। इसको प्रसाद में बांटना भी सही विकल्प है।
चौथा दिन
माता कुष्मांडा को भोग लगाने के लिए आप घर पर मालपुआ बना सकते हैं। इसे बनाना बेहद आसान होता है।
पांचवां दिन
मां स्कंदमाता को वैसे तो केले का भोग लगाया जाता है लेकिन अगर आप कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो केले की फलाहारी चाट बना सकती हैं।
छठा दिन
मां कात्यायनी को पान का भोग लगाना बेहद शुभ होता है। ऐसे में आप घर पर पान की खीर बनाकर इसका भोग लगा सकती हैं।
सातवां दिन
नवरात्रि के सातवें दिन अगर गुड़ से बनी मिठाई का भोग आप माता कालरात्रि को लगाएंगी तो इससे मां जरूर प्रसन्न होंगी। गुड़ की खीर खाने में काफी स्वादिष्ट लगती है।
आठवां दिन
नवरात्रि की अष्टमी के दिन माता महागौरी आप नारियल की बर्फी का भोग लगा सकते हैं। माता रानी को नारियल से बने पकवान काफी पसंद होते हैं।
नौवां दिन
नवरात्रि के आखिरी दिन यानी कि महानवमी के दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन सूजी का हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाना सबसे शुभ होता है।
