राशिफल

कब है सावन का पहला सोमवार? इस साल कितने सोमवार हैं

कब है सावन का पहला सोमवार? सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को है और इसी दिन से सावन मास का आरंभ भी हो रहा है। साथ ही इस बार सावन मास में यह शुभ संयोग बन रहा है कि सावन की शुरुआत सोमवार से और समापन भी सोमवार को हो रहा है। सावन मास का आरंभ 22 जुलाई 2024 दिन सोमवार से और समापन 19 अगस्त 2024 दिन सोमवार को होगा।

इस साल सावन का महीना 22 जुलाई 2024, सोमवार से शुरू हो रहा है. इसका समापन 19 अगस्त 2024, सोमवार को होगा. साल 2024 में सावन की शुरुआत और समाप्ति दोनों ही सोमवार से हो रही है, जिससे इसका महत्व दोगुना हो गया है. इस बार सावन 2024 में पांच सोमवार और चार मंगला गौरी व्रत आएंगे.

 

 

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सैलरी आती है, लेकिन महंगाई की भेंट चढ़ जाती है!

महंगाई जिस हिसाब से बढ़ रही है, उस हिसाब से सैलरी नहीं. यही वजह है कि बचत और निवेश तो दूर की बात है, पूरे महीने का खर्चा चलाना ही एक मुश्किल काम हो गय..है 

महंगाई ज्यादा है और सैलरी कम. ऐसे में बचत और निवेश करें, तो कैसे करें. यहां दो जून की रोटी जुगाड़ने में सारा पैसा जा रहा है. हममें से ज्यादातर लोगों की सैलरी महीना पूरा होने से पहले ही खत्म हो जाती है. 

फिर शुरू होता है वो दौर जब अगली सैलरी का बेसब्री से इंतजार किया जाता है. सैलरी, बचत और निवेश के कई ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जिन्हें जानकर आप दंग रह जाए... 

रोजाना की जरूरत में खर्च होती सैलरी
आपको जानकर हैरानी होगी कि 10 में से 9 परिवार अपनी सारी कमाई रोजाना की जरूरत पूरा करने में खर्च कर देते हैं. 

आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में 94% परिवार ऐसे हैं जो 70-100% सैलरी खर्च कर देते हैं. अब इसी से अंदाजा लगा लीजिए कि भारत के लोग बचत को लेकर कि.. कितने अलर्ट हैं. h

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दालों के दाम छू रहे आसमान, एक महीने में 155 रुपए से बढ़कर 170 रुपए किलो तक पहुंचे.

पिछले एक महीने में दालों के दाम तेजी से बढ़े है. दालों के साथ तड़का लगाना भी महँगा हुआ है. दालों में जीरे का तड़का ना लगे तो स्वाद किरकिरा हो जाता है. दाल और जीरे की महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. जीरे के दाम में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है. तो अरहर की दाल के रेट में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है. 1 महीने में सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली दाल के दाम 155 से बढ़कर 170 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं.

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घर पर बनाएं 'परवल की स्वादिष्ट मिठाई', जीत लेगी सबका दिल

कई बार जब मीठा खाने का दिल होता है, तो बाहर से मिठाई मंगा ली जाती है. लेकिन अगर घर में ही हलवाई जैसी स्‍वादिष्‍ट मिठाई (Tasty Sweet) खाने को मिल जाए तो क्‍या कहना. जी, हां. आप घर पर भी बहुत कम समय में और बेहद जायकेदार मिठाई बना सकते हैं. वह भी परवल की मिठाई. आपने कई बार परवल (Pointed Gourd) की सब्‍जी तो खाई होगी, मगर इस बार घर पर परवल की मिठाई बनाने का लुत्‍फ जरूर लें. इसे खाकर बच्‍चे भी खुश हो जाएंगे और बुजुर्गों को भी यह बहुत भाएगी. वहीं इसकी मिठास से रिश्‍तों की डोर भी और मजबूत होगी, तो आइए जानें परवल की जायकेदार मिठाई बनाने का तरीका-

परवल की मिठाई बनाने के लिए सामग्री
परवल छिले और बीच से चीरा लगाए हुए – 250 ग्राम
मावा- 1 कप
शक्‍कर- 1 कप
हरी इलायची
बादाम- 4
पिस्‍ता- 4
मिल्‍क पाउडर- 2 चम्‍मच
सोडा बाइकार्बोनेट- चुटकी भर
केसर – चुटकी भर

परवल की मिठाई बनाने की विधि
परवल की मिठाई बनाने के लिए सबसे पहले स्‍टफिंग तैयार करनी होगी. इसके लिए खोए को एक पैन में रोस्‍ट करें. इसके बाद इसमें आधा कप चीनी मिलाएं और हल्‍की आंच पर रोस्‍ट करते रहें. अब एक दूसरे पैन में बची हुई शक्‍कर डालकर मिक्‍स करके पतली चाश्‍नी तैयार करें. खोए में हरी इलायची मिलाएं. अब आंच पर रखे खोए की आंच बंद कर लें. फिर इसमें बारीक कटे हुए बादाम और पिस्‍ते मिलाएं. इसके बाद इसमें मिल्‍क पाउडर भी मिलाएं. फिर इस मिश्रण को एक प्‍लेट में निकालें और ठंडा होने के लिए रख दें. अब एक भगौने में पानी भरें और इसमें सोडा बाइर्कोनेट मिक्‍स करें. जब पानी उबलने लगे, तो इसमें परवल डालकर 2-3 मिनट तक पकाएं. अब गैस बंद कर दें और परवल को निकालर इनका पानी निथार लें.

फिर इन परवलों को एक तार वाली चाशनी में लगभग 1 घंटे तक ढक कर रखें, जिससे यह चाश्‍नी में डूब कर पूरी तरह मीठे हो जाएं. थोड़ी देर में परवल का रंग आपको बदलता हुआ नजर आएगा. इसके बाद परवल निकालें और इनमें खोए का मिश्रण भरें. ऊपर से केसर के धागे लगा कर सजाएं. परवल की मिठाई को आप फ्रिज में रखकर एक हफ्ते तक खा सकते हैं.

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सिंपल इडली खाकर हो गए हैं बोर तो ब्रेकफास्ट में बनाएं 'स्पेशल' चिली इडली

इडली बनाने का आसान तरीका आपको बताने जा रहे हैं. बता दें कि साउथ इंडियन फूड डिश इडली अब ज्यादातर भारतीय घरों में ब्रेकफास्ट के तौर पर खायी जाती है. इसका स्वाद लाजवाब होने के साथ ही ये सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है, यही वजह है कि ये रेसिपी काफी लोकप्रिय हो चुकी है.
चिली इडली बनाने के लिए पहले सिंपल इडली को तैयार किया जाता है, इसके बाद उसमें सब्जियों और मसालों का प्रयोग कर फ्राई किया जाता है. आप अगर इस रेसिपी को ट्राई करना चाहते हैं तो हमारी बताई रेसिपी आपको इसे बनाने में काफी मददगार साबित हो सकती है.

 

चिली इडली बनाने के लिए सामग्री
इडली – 7-8
मैदा – 1/4 कप
कॉर्न फ्लोर – 3 टी स्पून
चावल का आटा – 1 टी स्पून
प्याज – 1
शिमला मिर्च – 1
अदरक-हरी मिर्च पेस्ट – 1 टी स्पून
पत्तागोभी – 1/2 कप
हरी प्याज कटी – 2 टी स्पून
लहसुन – 4-5 कलियां
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टी स्पून
रेड चिली सॉस – 1 टी स्पून
सोया सॉस – डेढ़ टी स्पून
टमाटर सॉस – 1 टेबलस्पून
शेजवान सॉस – 1 टी स्पून
ऑरेंज फूड कलर – जरूरत के मुताबिक
तेल – तलने के लिए
नमक – स्वादानुसार

चिली इडली बनाने की विधि
चिली इडली बनाने के लिए पहले से इडली बनाकर रख लें. अब इडली लें और उन्हें समान लंबाई में काट लें. अब एक मिक्सिंग बाउल लें और उसमें मैदा, कॉर्न फ्लोर और चावल का आटा डालकर तीनों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इसके बाद मिक्स आटे में लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिला दें. अब इस मिश्रण में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए हल्का गाढ़ा घोल तैयार कर लें.
अब एक कड़ाही में तेल डालकर मीडियम आंच पर गर्म करें जब तेल गर्म हो जाए तो इडली को लें और उन्हें एक-एक कर तैयार घोल में डिप करने के बाद कड़ाही में फ्राई करने के लिए डालते जाएं. अब इडली को तब तक फ्राई करें जब तक कि उनका रंग सुनहरा न हो जाए. इसके बाद फ्राइड इडली को एक प्लेट में अलग निकाल लें.

अब एक दूसरी कड़ाही में थोड़ा सा तेल डालकर गर्म करें. इसमें बारीक कटी लहसुन, बारीक कटी प्याज, चौकोर कटी शिमला मिर्च और कटी पत्तागोभी डालें और इन सभी को 1-2 मिनट तक पकने दें. इस दौरान गैस की फ्लेम मीडियम पर रखें. अब इसमें अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट डालें और करछी से पूरे मिश्रण को मिक्स करते हुए चलाएं और पकने दें. अब इस मिश्रण में शेजवान सॉस, सोया सॉस, चिली सॉस, फूड कलर और टमाटर सॉस डालकर मिला दें.
अब एक चम्मच कॉर्न फ्लोर को लेकर उसमें थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को ग्रेवी की कड़ाही में डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं. जब ग्रेवी अच्छी तरह से तैयार हो जाए तो इसमें पहले से फ्राई कर रखी गई इडली को डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें. 1 मिनट तक पकाने के बाद फ्लेम बंद कर दें. आपकी स्वादिष्ट चिली इडली बनकर तैयार हो गई है. इसे सर्व करने से पहले बारीक कटी हरी प्याज डालकर गार्निश करें.

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बंगाल, कोलकत्ता में लुची आलूर दम खाई जाती है। इसके स्वाद में ऐसा क्या खास है कि आप इसे एक बार चखने के बाद इसे बार-बार खाना पसंद करेंगी

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  • हर राज्य के खाने में खास स्वाद होता है। वैसे तो आलू पूरी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला पकवान है लेकिन बंगाली 'लुची आलूर दम' का स्वाद एक बार अगर आपने चख लिया तो आप घर पर बनी कोई भी आलू पूरी खाना नहीं चाहेंगीं। लुची आलूर दम बंगाल की सबसे पॉपलुर dish है। जिस तरह नॉर्थ इंडिया में लोग आलू-पूरी बढ़े स्वाद के साथ खाते हैं उसी तरह बंगाल, कोलकत्ता में लुची आलूर दम खाई जाती है। इसके स्वाद में ऐसा क्या खास है कि आप इसे एक बार चखने के बाद इसे बार-बार खाना पसंद करेंगी ये जानने के लिए आपको इसकी रेसिपी के बारे में जानना चाहिए। लुची आलूर दम आप घर पर कभी भी बना सकती हैं। इसे बंगाली गर्म मसालों के साथ पकाया जाता है। पूरी जिसे बंगाल में लुची कहा जाता है इसे मैदे से बनाते हैं। आलूर दम में कैरेमलाइज्ड फ्लेवर देने के लिए इसमें ना सिर्फ बंगाली मसाले बल्कि चीनी भी डाली जाती है। आइए आपको इसकी रेसिपी के बारे में बताते हैं।दाल चीनी- 3
  • इलायची- 4
  • लौंग- 5
  • लुची के लिए
  • मैदा- 1 कप
  • घी- 1 छोटा चम्मच
  • नमक- स्वादानुसार
  • पानी- आटा गूंथने के लिए
  • तेल- लुची तलने के लिए
  • आलूर दम के लिए
  • छोटे-छोटे आलू- 15-20 उबले हुए
  • प्याज- 1 प्यूरी
  • अदरक- 1 चम्मच पेस्ट
  • लहसून- 2 चम्मच पेस्ट
  • टमाटर- 2 प्यूरी
  • लाल मिर्च पाउडर- 1 चम्मच
  • हल्दी पाउडर- 1/2 चम्मच
  • तेज पत्ता- 2
  • जीरा- 1 छोटा चम्मच
  • धनिया पाउडर- 1 छोटा चम्मच
  • पानी 1/2 कप
  • घी- 1/2 छोटा चम्मच
  • हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई
  • नमक- स्वादानुसार
  • चीनी- 1 छोटा चम्मच
  • तेल- 2 चम्मच
  • लुची आलूर दम बनाने की विधि

  • बंगाली मसाला बनाने के लिए पहले आप एक पैन को गैस पर गर्म करें और फिर इसमें दाल चीनी, इलायची और लौंग डालकर उसे ड्राई रोस्ट कर लें। जब इसका रंग बदलने लगे तब इसे गैस से उतार कर मिक्सी के जार में डालकर पीस लें। आपका बंगाली गर्म मसाला तैयार है।
  • लुची बनाने के लिए आप एक बाउल में मैदा डालें। फिर इसमें स्वाद के हिसाब से नमक, 1/2 चम्मच घी डालें और इसे पानी से गूंथ लें। लुची के आटे को आप 15-20 मिनट तक ढक कर रख दें।
  • आलूर दम बनाने के लिए आलू का छिलका उतारकर उसमें कांटे की मदद से छेद कर लें इससे आलूर दम पकाते समय मसाला आलू में अंदर तक चला जाएगा।
  • अब एक पैन में तेल डालकर उसे गैस पर गर्म करें।
  • इसमें तेज पत्ता और जीरा डालकर इसे तेल में फ्राई करें।
  • हरी मिर्च भी डालकर भून लें।
  • अब इसमें चीनी डालें इसे तब तक पैन में चलाएं जब तक चीनी पिघलकर तेल में मिक्स ना हो जाए।
  • अब इसी पैन में इस मिश्रण के साथ आप इसमें प्यार की प्यूरी डालकर उसे ब्राउन होने तक भूनें।
  • प्याज जब हल्का ब्राउन हो जाए तब आप इसमें टमाटर की प्यूरी, अदरक का पेस्ट और लहसून का पेस्ट डालें।
  • इसे अब अच्छे से पैन में हिलाते हुए 5-6 मिनट तक इसे अच्छे से धीमी आंच पर पकाएं।
  • अब आप इसमें 5-6 मिनट बाद नमक और लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालें।
  • इसे मसाले को आप ढककर 5 मिनट के लिए धीमी आंच पर रख दें।
  • 5 मिनट बाद ढक्कन हटाकर आप इसमें कांटे से छेद किए हुए उबले आलू डालें।
  • इसमें आधा कप पानी भी ऊपर से डाल दें और इसे फिर से 5 मिनट के लिए ढककर गैस पर ही धीमी आंच पर पकने दें।
  • 5 मिनट बाद ढक्कन हटाकर आप इसमें 1 चम्मच बंगाली मसाला डालें। और ऊपर से 1 चम्मच देसी घी डालकर इसे 1 मिनट बाद गैस से उतार लें।
  • अब लुची बनाने के लिए आपने जिस आटे को ढक कर रखा है उसकी छोटी-छोटी लोईयां बना लें और उसकी पूरी बेलकर उसे कढ़ाई में गर्म तेल में तल लें।
  • आपकी लुची आलूर दम तैयार है आप इसे प्लेट में डालकर सर्व करें।
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बृहस्पतिवार को क्यों किया जाता है केले के वृक्ष का पूजन

गुरुवार को बृहस्पति देव की पूजा करने से धन, विद्या, मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और कई अन्य मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। जिन कन्याओं की शादी में विलंब हो रहा हो वे यदि गुरुवार का व्रत रखकर केले के पेड़ का विधिवत पूजन करें तो शीघ्र ही शादी के योग बनते हैं और उत्तम जीवन साथी मिलता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार केले के पेड़ में बृहस्पतिदेव का निवास होता है। यदि इस दिन केले के पेड़ का पूजन किया जाए तो देवताओं के गुरु बृहस्पति देव एवं भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना को पूरा करते हैं।

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Salaar 2 Will Release In 2025 : ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ की तरह होगी ‘सलार 2’ की कहानी, जानिए कब होगी रिलीज

‘राधे श्याम’, ‘साहो’ और ‘आदिपुरुष’ के बुरी तरह से फ्लॉप होने के बाद प्रभास एक हिट के लिए तरस रहे थे और उनका ये इंतजार ‘सलार’ पर जाकर खत्म हुआ। फिल्म 22 दिसंबर को थिएटर्स में रिलीज हुई और देशभर में करीब 370 करोड़ कमा डाले। वर्ल्डवाइड भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला और तकरीबन 640 करोड़ का कलेक्शन कर डाला।

‘राधे श्याम’, ‘साहो’ और ‘आदिपुरुष’ के बुरी तरह से फ्लॉप होने के बाद प्रभास एक हिट के लिए तरस रहे थे और उनका ये इंतजार ‘सलार’ पर जाकर खत्म हुआ। फिल्म 22 दिसंबर को थिएटर्स में रिलीज हुई और देशभर में करीब 370 करोड़ कमा डाले। वर्ल्डवाइड भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला और तकरीबन 640 करोड़ का कलेक्शन कर डाला।

‘Salaar’ के प्रोड्यूसर विजय किरागांदुर ने पिंकविला को दिए इंटरव्यू में फिल्म के सीक्वल को लेकर जानकारी देते हुए कहा, ‘सलार 2 की स्क्रिप्ट तैयार है और हम किसी भी समय फिल्म शुरू करेंगे। प्रशांत जल्द से जल्द इसे फ्लोर पर लाना चाहते हैं और प्रशांत भी ऐसा करना चाहते हैं। हम ‘सलार 2’ के बारे में बात कर रहे हैं और पिछले 2-3 दिनों से हमारी चर्चा अगले 15 महीनों में फिल्म बनाने पर थी।’विजय किरागांदुर ने आगे कहा, ‘निश्चित रूप से हम ‘सलार 2′ को साल 2025 में रिलीज करेंगे और अब से लगभग 18 महीने बाद है।’ उन्होंने ये भी बताया कि सभी ‘सलार’ के फीडबैक से संतुष्ट हैं।

‘सलार’ को मिले रिस्पॉन्स से बहुत खुश हैं प्रभास

विजय ने बताया कि ‘सलार’ मूवी दुनियाभर में प्रभास के फैंस के लिए एक फेस्टिवल की तरह है। लोगों को 30 साल में पहली बार प्रभास का एंग्री यंग मैन वाला अवतार देखने को मिला। प्रभास पूरी तरह से जश्न के मूड में हैं और सीक्वल के बारे में पूछ रहे हैं। वो फिल्म से बहुत खुश हैं और जल्द ही ‘सलार 2’ शुरू करना चाहते हैं।

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स्वाद से भरपूर ब्रेड पकोड़ा बनाना भी काफी आसान हैब्रेकफास्ट में बनाया जा सकता है

ब्रेड पकोड़ा बच्चों की पसंदीदा फूड डिश है जिसे ब्रेकफास्ट में बनाया जा सकता है. कई बार ऐसा होता है जब नाश्ता बनाने के लिए ज्यादा वक्त नहीं बचता है ऐसे में ब्रेड पकोड़ा मिनटों में तैयार किया जा सकता है. स्वाद से भरपूर ब्रेड पकोड़ा बनाना भी काफी आसान है. कई बार रूटीन नाश्ता कर करके भी बोरियत हो जाती है और ब्रेकफास्ट में कुछ बदलाव करने की इच्छा होती है. ऐसी सूरत में भी ब्रेड पकोड़ा का विकल्प आजमाया जा सकता है. इसे बनाने के लिए ज्यादा सामग्रियों की जरुरत भी नहीं लगती है.
आप भी अगर ब्रेड पकोड़ा खाना पसंद करते हैं लेकिन अब तक इस रेसिपी को आपने घर पर बनाया नहीं है तो कोई बात नहीं. हमारी बताई विधि का पालन कर आप फटाफट ब्रेड पकोड़ा तैयार कर सकते हैं.

 

ब्रेड पकोड़ा बनाने के लिए सामग्री
ब्रेड स्लाइस – 8
आलू – 3-4
बेसन – 1 कप
चावल आटा – 1 टेबलस्पून
हरी मिर्च – 1-2
हरा धनिया – 2 टेबलस्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टी स्पून
जीरा पाउडर – 1/2 टी स्पून
अमचूर 1/4 टी स्पून
बेकिंग सोडा – 1 चुटकी
तेल – तलने के लिए
नमक – स्वादानुसार

ब्रेड पकोड़ा बनाने की विधि
ब्रेड पकोड़ा बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबालें और उनके छिलके उतारकर एक बड़ी बाउल में मैश कर लें. इसके बाद हरी मिर्च, हरा धनिया को बारीक काट लें. इसके बाद मैश किए आलू में हरी मिर्च, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर अमचूर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक डालकर सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिक्स कर दें.

अब एक गहरी बाउल में बेसन और चावल का आटा डालकर मिलाएं. इसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा, एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा नमक डालकर मिक्स कर दें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा कर पानी डालते हुए घोल बनाएं. ध्यान रखें कि घोल ज्यादा गाढ़ा या ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए. इसके बाद दो ब्रेड स्लाइस लें और उनमें से एक के ऊपर तैयार मसाला चारों ओर फैला दें. इसके बाद दूसरी ब्रेड ऊपर रखें और हल्का दबाएं.

इसके बाद चाकू की मदद से ब्रेड के तिकोने टुकड़े काट लें. इसी तरह सारी ब्रेड लेकर स्टफिंग भर दें और पकोड़े के लिए ब्रेड तैयार कर लें. अब एक कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए तो तैयार ब्रेड लें और उन्हें बेसन के घोल में डुबोने के बाद कड़ाही में तलने के लिए डाल दें. कड़ाही की क्षमता के अनुसार ब्रेड पकोड़े डालें.
अब ब्रेड पकोड़ों को 2-3 मिनट तक पलट पलटकर तब तक फ्राई करें जब तक कि दोनों ओर से उनका रंग सुनहरा न हो जाए और पकोड़े क्रिस्पी न हो जाएं. इसके बाद ब्रेड पकोड़े एक प्लेट में निकाल लें. इसी तरह सारे ब्रडे पकोड़े डीप फ्राई कर लें. अब ब्रेड पकोड़े टमाटर सॉस के साथ सर्व करें.

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मुंह में छाला होने के कारण, लक्षण और उपचार |

मुंह में छाला क्यों होता है?

मुंह में छाले कई कारणों से हो सकते हैं। इसके मुख्य कारणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • मुंह में छाले सबसे आमतौर पर त्वचा के घावों से होते हैं। ये घाव मुंह के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं जैसे कि गले, जीभ या मुंह के अंदरी भाग।
  • मुंह के अंदर जीभ या दांतों से चोट लगने से भी छाले हो सकते हैं।
  • वायरस, बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण भी मुंह में छाले के कारण हो सकते हैं।
  • कुछ लोगों को मुंह में छालों की समस्या खाने की वस्तुओं से एलर्जी के कारण होती है।
  • मुंह में छाले होने के अन्य कारणों में नुस्खेदार गायब होने के कारण भी शामिल होते हैं, जो मुंह में छाले को बढ़ावा देते हैं।

आप ऊपर दिए गए कारणों को ध्यान में रखकर कुछ सावधानियां बरतें तो खुद को इस समस्या से बचा सकते हैं।

मुंह में छाले होने पर क्या लक्षण दिखते हैं?

मुंह में छाले होने पर आपका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, क्योंकि आपका खाना-पीना मुश्किल हो जाता है। मुंह में छाले होने पर आप छालों के अलावा निम्नलिखित लक्षण अनुभव कर सकते हैं:

  • मुंह में छाले होने पर ज्यादातर लोगों को दर्द का अनुभव होता है।
  • छाले के कारण असुविधा की स्थिति हो सकती है, जिससे खाने में तकलीफ हो सकती है।
  • छाले के आसपास फुंसियां हो सकती हैं जो और ज्यादा दर्दभरी हो सकती हैं।
  • छाले के समय जलन हो सकती है जो खाने पीने में तकलीफ पैदा कर सकती है।
  • छाले के कारण मुंह में सुखापन अनुभव हो सकता है जो आराम नहीं देता है।
  • कुछ छाले यदि संक्रमित हो जाते हैं तो उनमें पानी भर सकता है जो संक्रमण के बढ़ने का कारण बन सकता है।

अगर आप खुद में ऊपर दिए गए लक्षणों को अनुभव करते हैं तो जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

मुंह में छाले का इलाज कैसे होता है?

मुंह में छाले का उपचार उनकी वजह और गंभीरता पर निर्भर करता है। यदि छाले गंभीर हैं और लंबे समय तक ठीक नहीं होते हैं, तो चिकित्सक द्वारा निर्धारित उपचार करना चाहिए।

कुछ आम उपाय निम्नलिखित हैं:

  • हल्दी, नमक और लाल मिर्च जैसे घरेलू उपचार मुंह में छालों के लिए लाभदायक हो सकते हैं। तुलसी, बेकिंग सोडा और नींबू का रस भी उपयोगी होता है।
  • लगातार मुंह सुखाने से या जीभ कटने से मुंह के संरक्षक तंत्र में नुकसान हो सकता है। इसलिए, मुंह को हमेशा नम रखें और संरक्षण के लिए मुंह के लिए बनाए गए मुंहदोष उत्पादों का उपयोग करें।
  • बड़े और गंभीर छालों के लिए, चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाइयों का उपयोग करें। कुछ दवाएं जैसे कॉर्टिकोस्टेरॉयड क्रीम और मुंहदोष संरक्षण दवाएं छाले को ठीक करने में मदद कर सकती हैं।

मुंह में छाले होने से कैसे बचें?

मुंह में छालों से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • मुंह को साफ रखना बहुत महत्वपूर्ण है। रोजाना दो बार अच्छी तरह से मुंह धोना चाहिए।
  • फल, सब्जियां, दूध, दही आदि जैसे ऊर्जा और पोषण से भरपूर आहार को शामिल करना चाहिए।
  • तंबाकू छालों के विकास का एक मुख्य कारण होता है। इसलिए इसका सेवन करना बंद कर देना चाहिए।
  • खट्टे मसालेदार, तले हुए, और मसालेदार चीजों से बचना चाहिए।
  • अल्सर दवाओं का उपयोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार करें।
  • नियमित रूप से दांतों की सफाई करें।
  • अत्यधिक स्ट्रेस के कारण छाले हो सकते हैं। इसलिए स्ट्रेस कम करने के उपाय अपनाना चाहिए, जैसे मेडिटेशन और योग।

अगर आप खुद को मुंह के छले से बचाना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए सुझावों का नियमित रूप से पालन करें।

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‘बाहुबली’ फेम अनुष्का शेट्टी हुईं लॉफिंग डिजीज का शिकार, जानें क्या है यह बीमारी और इसके लक्षण

हंसना सेहत (health )के लिए बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन अगर कोई लगातार या फिर बहुत ज्यादा हंसने लगे तो क्या हो? ऐसा ही कुछ बाहुबली’ फेम अनुष्का शेट्टी के साथ भी हुआ है। हाल ही में उन्होंने खुद को लाफिंग डिजीज से डायग्रोस होने का खुलासा किया है। एक्ट्रेस ने एक इंटरव्यू (interview)के दौरान इसपर चुप्पी तोड़ते हुए इस बीमारी से पीड़ित होने का अनुभव साझा किया है।

42 वर्षीय एक्ट्रेस ने बताया कि वे Pseudobulbar Affects (PBA) नामक बीमारी से पीड़ित हैं, जिसे लाफिंग डिसऑर्डर के नाम से भी जाना जाता है। अनुष्का के मुताबिक कोई कॉमेडी सीन देखने या फिर शूट करने के दौरान उन्हें इतनी हंसी आती है कि वे फ्लोर पर लोट-पोटकर हंसने लगती हैं। वे इस तरह से हंसती हैं कि उनकी हंसी 15 से 20 मिनट तक नहीं रुकती है। इसकी वजह से कई बार उन्हें शूट में भी परेशान होती है। उन्होंने कहा कि हंसना मेरे लिए एक समस्या है।

क्या कहते है हेल्थ एक्सपर्ट्स( as per health experts)

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो स्यूडोबुलबर अफेक्ट नर्वस सिस्टम से जुड़ी एक समस्या है, जिसमें व्यक्ति या तो बहुत ज्यादा हंसता है या फिर रोता है। इस बीमारी से ग्रसित होने पर मरीज अपनीं हंसी और इमोशन्स को कंट्रोल नहीं कर पाता है। इस स्थिति में लोग छोटी सी भी कॉमेडी(comedy) या जोक पर हंसने लगते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोगों में कई बार डिप्रेशन के भी लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में मरीज को कई बार बहुत गुस्सा भी आता है, जिससे वह चेहरे से अलग-अलग एक्सप्रेशन देने लगता है

स्यूडोबुलबर अफेक्ट के कारण (Pseudobulbar Affects Causes)

  • स्यूडोबुलबर अफेक्ट होने पर मरीज में सामान्य से ज्यादा हंसी और गुस्सा देखा जा सकता है।
  • यह बीमारी कई बार पार्किंसन और मल्टिपल स्क्लेरोसिस के कारण भी होती है।
  • ब्रेन ट्यूमर और मिर्गी भी इसका एक बड़ा कारण है।
  • दिमाग में चोट लगने और स्ट्रोक आने से भी ऐसा होता है।
  • अल्जाइमर और डिमेंशिया भी इसका एक बड़ा कारण माने जाते हैं।
 
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ढाबा स्टाइल पनीर भुर्जी बनाने के लिए ट्राई करें ये रेसिपी

पनीर भुर्जी बनाने के लिए सामग्री
पनीर – 250 ग्राम
प्याज – 1
टमाटर – 1
शिमला मिर्च – 1
लहसुन पेस्ट – 1 टी स्पून
अदरक कटा – 1 इंच टुकड़ा
लाल मिर्च पाउडर – 1 टी स्पून
हल्दी – 1/2 टी स्पून
हींग – 1 चुटकी
धनिया पाउडर – 1/2 टी स्पून
पाव भाजी मसाला – 1/2 टी स्पून
हरा धनिया – 2 टेबलस्पून
तेल – 1 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार

पनीर भुर्जी बनाने की विधि
ढाबा स्टाइल पनीर भुर्जी बनाने के लिए सबसे पहले प्याज, टमाटर और हरी मिर्च के बारीक टुकड़े काट लें. टमाटर के बीजों को भी हटा दें. अब एक बाउल में पनीर लेकर उसे चूरा कर लें और अलग रख दें. अब एक कड़ाही में 1 टेबलस्पून तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने रख दें. जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें जीरा और हींग डालकर कुछ सेकंड के लिए भून लें.

जब जीरा चटकने लगे तो तेल में बारीक कटी प्याज डालें और चलाते हुए तब तक भूनें जब तक कि प्याज का रंग हल्का गुलाबी न हो जाए. इसके बाद इसमें लहसुन का पेस्ट डालकर मिलाएं और भूनें. फिर बारीक कटे टमाटर डालें और इन्हें नरम होने तक भून लें. इसके बाद बारीक कटी हरी मिर्च और अदरक डालकर मिलाएं. कुछ सेकंड बाद इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और धनिया पाउडर सहित सभी मसाले डालकर मिला लें.

अब मसालों को धीमी आंच पर कम से कम 1 मिनट तक भूनें. इसके बाद इसमें बारीक कटी शिमला मिर्च डालें और मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक कि सब्जियां नरम न हो जाएं. इसके बाद इसमें चूरा किया हुआ पनीर डालकर करछी की मदद से मसाले के साथ अच्छे से मिक्स करें. स्वादानुसार नमक डालने के बाद पनीर भुर्जी को ढककर 3-4 मिनट तक पकाएं. इसके बदा गैस बंद कर दें और ऊपर से हरी धनिया पत्ती डालकर मिला लें. टेस्टी पनीर भुर्जी गर्मागर्म सर्व करें.

 
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गर्मियों में अगर दूध फट जाए तो न करें फेंकने की गलती, उससे बनाएं फ्रेश पनीर

कई बार गलत तरीके से स्‍टोर करने की वजह से दूध खराब हो जाता है और फटने लगता है. गर्मी के मौसम में ये समस्‍या काफी देखने को मिलती है. ऐसे में लोगों को समझ नहीं आता कि इस दूध का क्‍या किया जाए. हालांकि अगर आप फटे दूध का सही इस्‍तेमाल करना चाहते हैं तो सबसे आसान तरीका है कि आप इससे ताजा पनीर बना लें. यही नहीं, पनीर निकालने के बाद जो पानी बचता है आप उसका इस्‍तेमाल भी कुकिंग या अन्‍य चीजों के लिए कर सकते हैं. तो आइए हम बताते हैं कि आप फटे या खराब हो चुके दूध की मदद से ताजा और स्‍वादिष्‍ट पनीर किस तरह निकाल सकते हैं.

 

नींबू का इस्‍तेमाल- अगर आप दूध को उबाल रहे हैं और ये फट रहा है तो इसमें तुरंत नींबू का रस मिलाएं. इसके लिए आप पहले गैस की आंच को कम कर लें. फिर एक कटोरी में एक या दो नींबू निचोड़ लें और हल्‍का पानी मिला लें. अब आप इसे गैस पर रखे दूध में धीरे धीरे डालते जाएं और चम्‍मच से हिलाते रहें. ऐसा करने से दूध बहुत ही अच्‍छी तरह से फट जाएगा. अब आप दूध को छन्‍नी से छान लें और मलमल के कपड़े में इस छेने को बांधकर किसी भारी चीज से दबाकर छोड़ दें. आपका पनीर तैयार है.

अगर आपके घर में नींबू नहीं है तो आप सिरके की मदद से भी दूध से पनीर निकाल सकते हैं. सबसे पहले दूध को अच्‍छी तरह गर्म करें. अब जब ये गर्म हो जाए तो एक कटोरी में एक से दो ढक्‍कन सफेद सिरका डालें और उसमें पानी मिला लें. अब दूध को हिलाते हुए उसमें ये पानी मिला लें. दूध अच्‍छी तरह से फट जाएगा और पनीर एक तरफ आ जाएगा. अब आप छन्‍नी से इसे छान लें. अगर आपको सिरका की खुशबू पसंद नहीं तो आप पनीर को धोकर छानें. फिर कपड़े में बांधकर टांग दें. पनीर तैयार है.

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संजय बेदिया के मार्गदर्शन में "अश्क कैसे छुपाओगे" में कलाकार का नाम चमका

मनोरंजन निर्माण में दूरदर्शी संजय बेदिया ने [कलाकार का नाम] अभिनीत "अश्क कैसे छुपाओगे" के साथ एक बार फिर अपनी महारत का प्रदर्शन किया है। इस भावनात्मक संगीत रचना के पीछे प्रेरक शक्ति के रूप में, बेदिया का दूरदर्शी दृष्टिकोण और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता एक आकर्षक कथा प्रस्तुत करती है जो दुनिया भर के दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ती है।

अपनी अभिनव भावना और विवरण पर सावधानीपूर्वक ध्यान देने के लिए जाने जाने वाले संजय बेदिया ने खुद को उद्योग में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में स्थापित किया है। "अश्क कैसे छुपाओगे" के साथ, बेदिया ने पारंपरिक कहानी कहने से परे परियोजनाओं को क्यूरेट करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है, जो दर्शकों के दिलों में बसने वाले सिनेमाई अनुभव को बनाने के लिए मार्मिक विषयों और आकर्षक सौंदर्यशास्त्र को मिलाते हैं।

"अश्क कैसे छुपौगी" के मूल में भावनात्मक गहराई और सार्वभौमिक प्रतिध्वनि से भरपूर एक कथा है, जिसे [सेलेब्स] के सम्मोहक चित्रण द्वारा जीवंत किया गया है। निर्देशक मुनीश कल्याण और प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ मिलकर काम करते हुए, बेदिया ने प्यार, नुकसान और लचीलेपन के विषयों को बेहतरीन तरीके से पेश किया है। बेदिया, [कलाकार का नाम] और रचनात्मक टीम के बीच तालमेल सुनिश्चित करता है कि गीत दर्शकों की भावनाओं के साथ प्रामाणिक रूप से प्रतिध्वनित हो।

"अश्क कैसे छुपौगी" की सफलता के लिए बेदिया की सहयोगी भावना महत्वपूर्ण है। निर्देशक मुनीश कल्याण और [कलाकार का नाम] के साथ मिलकर काम करते हुए, बेदिया ने गीत के दृश्य कथा और विषयगत तत्वों को आकार दिया, जिससे कहानी और कलात्मक अभिव्यक्ति का एक सहज मिश्रण तैयार हुआ। इसका परिणाम एक संगीतमय उत्कृष्ट कृति है जो अपनी कथात्मक गहराई और दृश्य भव्यता के माध्यम से मंत्रमुग्ध कर देती है।

अपनी रिलीज़ के बाद से, "अश्क कैसे छुपौगी" ने वास्तविक भावनाओं को जगाने और विचारशील प्रतिबिंब को भड़काने की अपनी क्षमता के लिए प्रशंसा प्राप्त की है। बेदिया की रणनीतिक दृष्टि और सावधानीपूर्वक उत्पादन मूल्य यह सुनिश्चित करते हैं कि गीत न केवल मनोरंजन करता है बल्कि दर्शकों पर एक स्थायी छाप भी छोड़ता है। सकारात्मक स्वागत बेदिया की कहानियों को गढ़ने की क्षमता को रेखांकित करता है जो सार्वभौमिक रूप से प्रतिध्वनित होती हैं।

संजय बेदिया का योगदान मनोरंजन से परे है; वे रचनात्मक सीमाओं को आगे बढ़ाने और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। "अश्क कैसे छुपौगी" के माध्यम से, बेदिया कथा परिदृश्य को आकार देना जारी रखते हैं, दर्शकों और साथी रचनाकारों को कहानी कहने की परिवर्तनकारी शक्ति का पता लगाने के लिए प्रेरित करते हैं।

अश्क कैसे छुपौगी के निर्माण में संजय बेदिया की भूमिका उनके दूरदर्शी नेतृत्व और कलात्मक उत्कृष्टता के प्रति समर्पण का उदाहरण है। अपने सहयोगी दृष्टिकोण और कहानी कहने के जुनून के माध्यम से, बेदिया ने एक संगीत यात्रा तैयार की है जो दुनिया भर के दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ती है। जैसा कि वे मनोरंजन उद्योग में कहानी कहने को फिर से परिभाषित करना जारी रखते हैं, बेदिया का प्रभाव गहरा और स्थायी बना हुआ है।

यह लेख संजय बेदिया और [कलाकार का नाम] के बीच "अश्क कैसे छुपोगे" को जीवंत बनाने में सहयोग का जश्न मनाता है, पाठकों को सिनेमाई कहानी कहने की कला में उनके योगदान की एक अंतर्दृष्टिपूर्ण खोज प्रदान करता है। यह भावनात्मक कथाएँ बनाने की उनकी क्षमता को उजागर करता है जो एक स्थायी छाप छोड़ती हैं, मनोरंजन उत्पादन की दुनिया में अग्रदूतों के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को मजबूत करती हैं

 

 

Teaser "ASHQ KAISE CHUPAOGI" YASHIKA BASERA & JATINDER SINGH Sanjay Bedia, Aman Khan, Munish Kalyan

 

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पंजाबी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद काफी लाजवाब होता है.

 

पंजाबी कढ़ी पकौड़ा (Punjabi Kadhi Pakoda) का स्वाद काफी लाजवाब होता है. कढ़ी (Kadhi) हमारे यहां कई तरह से बनाई जाती है. सादी कढ़ी, गुजराती कढ़ी सहित कढ़ी की कई वैराइटीज़ काफी फेमस है. जब पंजाबी खाने की बात होती है तो पंजाबी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद भी बरबस ही मुंह में घूम जाता है. आप भी अगर पंजाबी स्वाद के मुरीद हैं और कढ़ी पकौड़ा का टेस्ट आपको भाता है तो हम आज आपको इस फूड डिश को बनाने की रेसिपी बताने जा रहे हैं.
पंजाबी कढ़ी पकौड़ा बनाने के लिए मुख्य तौर पर दही/छाछ और बेसन का इस्तेमाल किया जाता है. इसे बनाने के लिए कई तरह के मसाले भी प्रयोग किए जाते हैं. हमारी बताई रेसिपी की मदद से आप आसानी से घर पर ही स्वादिष्ट ढाबे के स्वाद जैसी पंजाबी कढ़ी पकौड़ा को तैयार कर सकते हैं.

 

पंजाबी कढ़ी पकौड़ा बनाने के लिए सामग्री
बेसन – 1 कप
दही – 1/2 कप
प्याज बारीक कटे – 2
जीरा – 1 टी स्पून
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 टी स्पून
हींग – 1 चुटकी
मेथी दाना – 1/2 टी स्पून
खड़ी लाल मिर्च – 2
खड़ा धनिया – 1/2 टी स्पून
राई – 1 टी स्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टी स्पून
गरम मसाला – 1/3 टी स्पून
अजवाइन – 1/2 टी स्पून
हरी मिर्च कटी – 2
लौंग – 2
कढ़ी पत्ते – 10-12
हल्दी – 1/2 टी स्पून
हरा धनिया कटा – 2 टेबलस्पून
घी – 1 टेबलस्पून
तेल
नमक – स्वादानुसार

पंजाबी कढ़ी पकौड़ा बनाने की विधि
ढाबा स्टाइल का पंजाबी कढ़ी पकौड़ा बनाने के लिए सबसे पहले पकौड़े बनाने की तैयारी करें. इसके लिए एक बर्तन लें और उसमें बेसन छान लें. इसके बाद प्याज को बारीक काटकर बेसन में मिला दें. फिर इसमें लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, बारीक कटी हरी मिर्च, जीरा, अजवाइन और स्वादानुसार नमक डालकर सभी को अच्छी तरह से मिक्स कर दें. अब आवश्यकता अनुसार पानी मिलाकर पकौड़े बनाने के लिए घोल तैयार कर लें.
अब एक कड़ाही में तेल डालकर उसे तेज आंच पर गर्म करें. तेल जब गर्म हो जाए तो बेसन के मिश्रण से पकौड़े बनाकर कड़ाही में डाले और उसे गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई करें. इसके बाद एक प्लेट में निकाल लें. इसी तरह सारे घोल के पकौड़े तैयार कर लें.
पकौड़े तैयार होने के बाद कढ़ी बनाने का प्रक्रिया शुरू करें. इसके लिए एक बड़ा बर्तन लें और उसमें दही डालकर अच्छी तरह से फेंटें. इसके बाद इसमें बेसन डालकर मिलाएं. अब कढ़ी के घोल में लाल मिर्च पाउडर, हल्दी डालकर मिक्स करें. अब घोल को पतला करने के लिए इसमें पानी मिलाएं और अच्छी तरह से फेंटें. ध्यान रखें कढ़ी का पतला बैटर तैयार करना है. इसके बाद कढ़ी के घोल को अलग रख दें.


अब एक कड़ाही में तेल डालकर उसे धीमी आंच पर गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद इसमें मेथी दाना, राई, साबुत धनिया, लौंग डालकर फ्राई करें. इसमें कटी हुई प्याज, कढ़ी पत्ता, खड़ी लाल मिर्च भी डालकर मिक्स करें और भूनें. मसाले को तब तक भूनना है जब तक प्याज का रंग लाइन ब्राउन न हो जाए. इसके बाद इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट मिक्स करें. लगभग 2 मिनट तक मसालों को फ्राई करने के बाद इसमें कढ़ी का घोल डालें और पकने दें.

अब गैस की फ्लेम मीडियम पर कर कढ़ी को उबलने दें. कढ़ी में जब तक एक उबाल न आ जाए तब तक करछी की मदद से कढ़ी को चलाते रहें. इसके बाद आंच को धीमी कर दें और कढ़ी को लगभग 20 से 25 मिनट तक पकने दें. इसके बाद कढ़ी में पहले से फ्राई कर रखी पकौड़ियों को डालकर मिक्स कर दें. इसके बाद एक पैन में घी डालकर उसमें राई डालें फिर उसमें कढ़ी पत्ता, लाल मिर्च पाउडर डालकर तड़का लगाएं. इसके बाद तड़के को कढ़ी में डाल दें. अब गैस बंद कर दें. आपकी पंजाबी स्टाइल की कढ़ी पकौड़ा बनकर तैयार हो चुकी है. इसे खाने के साथ गर्मागर्म सर्व करें.

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बजरंगबली को हर मंगलवार रोट या मीठी रोटी खुद बनाकर अर्पित करने से आपके तरक्की के रास्ते खुलते हैं.

ऐसे में मंगलवार के दिन हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाना चाहिए। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। बूंदी के अलावा हनुमान जी को बेसन से बने लड्डू भी बेहद पसंद होते हैं। कहा जाता है यदि आपकी कोई मनोकामना पूरी नहीं हो रही है तो हनुमान जी को मंगलवार के दिन बेसन से बने लड्डू का भोग लगाएं।

पान का बीड़ा अर्पित करने का उद्देश्य है कि भगवान आपके हर महत्वपूर्ण कार्य का दायित्व अपने ऊपर ले लेंगे. मंगलवार के दिन पूजा पाठ के बाद हनुमान जी को बनारसी पान का रसीला बीड़ा अर्पित करना सर्वोत्तम माना गया है.

बजरंगबली को हर मंगलवार रोट या मीठी रोटी खुद बनाकर अर्पित करने से आपके तरक्की के रास्ते खुलते हैं. आपके किसी भी काम में अड़चन नहीं आती.

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