साहित्य
मदिरा दुकानों के अनियमितता प्रकरणों में आबकारी विभाग महासमुन्द की कड़ी कार्रवाई
मदिरा दुकानों के सुचारू संचालन व आबकारी राजस्व की सुरक्षा के मद्देनजर सचिव सह आबकारी आयुक्त आर. संगीता तथा कलेक्टर प्रभात मलिक द्वारा मदिरा दुकानों की सतत जांच व कड़ी निगरानी कि निर्देश दिए गए हैं, जिसके परिपालन में जिले के समस्त वृत्त प्रभारी अधिकारियों द्वारा मदिरा दुकानों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है।
10 जनवरी को कम्पोजिट देशी मदिरा दुकान-तुमगांव में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मदिरा विक्रय काउंटर पर रखे आफ्टर डार्क व्हिस्की की 01 बोतल मदिरा का होलोग्राम क्षतिग्रस्त होना तथा उक्त मदिरा के तेजी परीक्षण में मदिरा में मिलावट होना पाया गया। उक्त कृत्य में संलिप्त मदिरा दुकान के मुख्य विक्रयकर्ता विजय ब्रह्मे तथा विक्रयकर्ता किशन पांडे के विरुद्ध धारा 38-क आबकारी एक्ट के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया तथा उक्त कर्मचारियों को तत्काल सेवा से निष्कासित कर ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की गयी। उक्त कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त-महासमुंद अंतरिक हृदय कुमार तिरपुडे के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई के दौरान आबकारी उप निरीक्षक दरसराम सोनी, वृत-महासमुंद शहर एवं आबकारी स्टाफ के साथ प्लेसमेंट एजेंसी सुमित फैसिलिटीस प्रा. लिमिटेड के जिला प्रतिनिधि प्रवेश कुमार जैन तथा फील्ड ऑफिसर गोल्डन कुमार उपस्थित थे।
विदित हो कि हाल ही में विदेशी मदिरा दुकान-सांकरा तथा बसना में मदिरा मिलावट के प्रकरणों में 02 मुख्य विक्रयकर्ताओं तथा 04 विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर सेवा से निष्कासित करने तथा ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की गयी है तथा विदेशी मदिरा दुकान शीतलीनाला में ओवर रेट के एक अन्य प्रकरण में 01 मुख्य विक्रयकर्ता, 02 विक्रयकर्ताओं तथा 01 मल्टीपर्पस वर्कर के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति तथा ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की गयी है।
जिले की मदिरा दुकानों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। मदिरा दुकानों में ओवर रेट, मिलावट तथा निर्धारित विक्रय सीमा से अधिक मात्रा में मदिरा विक्रय पाये जाने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है।
*थाना खमतराई क्षेत्र में मारपीट व वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले 19 आरोपी गिरफ्तार*
*धारदार चाकू के साथ आरोपी सुभाष राणा गिरफ्तार*
पेट्रोल पंप में चाकू चलाने वाले 03 आरोपी गिरफ्तार*
भीड भाड वाले स्थान में पाकेटमारी कर मोबाईल चोरी करने वाले आदतन आरोपी सरकंडा पुलिस के गिरफत में
टक्कर मारो और भाग जाओ दुर्घटना में घायल को 12 हजार 500 रूपये की आर्थिक सहायता
कलेक्टर ने दुर्घटना में घायल को 12 हजार 500 रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मॉडल टाउन, भिलाई नगर तहसील एवं जिला दुर्ग निवासी श्रीमती मनीषा श्रीवास्तव पति श्री शेखर श्रीवास्तव की विगत 17 मई 2019 को टक्कर मारो और भाग जाओ मोटर दुर्घटना होने से उनके दांये पैर की टीबिया फिबुला की दोनो हड्डियां एवं पंजे की उंगली में फ्रेक्चर होने के कारण आपरेशन कर प्लेट लगाने की पुष्टि की गई। घायल के प्रतिकर के रूप में कलेक्टर द्वारा श्रीमती मनीषा श्रीवास्तव को 12 हजार 500 रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
केवल दहेज प्रताड़ना की शिकायत से सभी समस्याओं का समाधान नही होता है।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण डॉ. अर्चना उपाध्याय, श्रीमती एवं श्रीमती बालो बघेल ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 233 वीं सुनवाई हुई। रायपुर जिले में कुल 109 वीं जनसुनवाई हुई।
आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में महिला ने प्रकरण दर्ज कराया है। जिसमें महिला के पति व अनावेदिका स्कूल व कॉलेज में सहपाठी थे। आवेदिका व उसके पति का विवाह 2005 में हो चुका है। अनावेदिका आवेदिका के पति से दोस्त के हैसियत से मिली थी। 17 साल बाद आवेदिका को धमकाने लगी और आवेदिका के पति से तलाक दिलाकर खुद शादी करने के लिए परेशान करने लगी। अनावेदिका से पूछा गया वह कहती है कि उसने आवेदिका के पति से विवाह किया है किंतु कोई प्रमाणित दस्तावेज नहीं है। आवेदिका का पति व अनावेदिका दोनों वयस्क है और सहमति से अवैध संबंध में रह रहे थे। जिसे वैधानिक रूप नहीं दिया जा सकता है। दोनो पक्षों की काउंसलिंग हुई लेकिन अनावेदिका 44 वर्ष आवेदिका के पति के साथ रहने के लिए दबाव डाल रही है। जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। आयोग ने कहा कि यदि अनावेदिका के पास रहने के लिए जगह नहीं है तो उसकी व्यवस्था नारी निकेतन में आयोग द्वारा करायी जा सकती है। आवेदिका को कहा गया कि वे अनावेदिका के खिलाफ थाने में एफ.आई.आर. करा सकती है व अनावेदिका को समझाइश दिया गया कि वे आवेदिका व उसके पति से भविष्य में कोई संबंध ना रखे यदि यह किसी भी तरह आवेदिका व उसके पति से संबंध रखती है तो आवेदिका अनावेदिका के विरूध्द तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज करा सकेगी। आवेदिका को ऑर्डरशीट की प्रमाणित प्रतिलिपि निशुल्क प्रदान की गई ताकि वह अनावेदिका के खिलाफ उचित कानूनी कार्यवाही कर सके। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपनी बहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी । दोनों पक्षों को सुना गया अनावेदिका ने दस्तावेज प्रस्तुत किया आवेदिका उसके पति व बेटे तीनों के खिलाफ थाना खमतराई में एफ.आई.आर. दर्ज हो चुका है। आयोग द्वारा समझाईश दिया गया कि सारे प्रकरणों से लगातार जूझते रहने से समस्या का स्थायी समाधान नही होगा, दोनो पक्ष यदि चाहे तो दोनो पक्ष आयोग कीमदद से विस्तृत सुलहनामा बनाकर आपसी रजामंदी से तलाक की प्रकिया कर सकते है। दोनो पक्षों ने समय की मांगा है। प्रकरण आगामी सुनवाई में रखा गया।
एक अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों का काउंसलिंग किया गया। दोनो पक्ष साथ रहने के लिए तैयार है। इनकी विस्तृत लिखा-पढ़ी कर एग्रीमेंट तैयार किया जायेग व 1 वर्ष तक दोनो पक्षों की निगरानी की जायेगी। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों के मध्य पूर्व में भी कई बार चर्चा हुई लेकिन एक मुश्त भरण-पोषण को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई। आवेदिका के सुविधा अनुसार गहनों की लिस्ट आयोग में दिया गया है। अनावेदक ने आवेदिका के गहने को गिरवी रखा है। गहने मुक्त करा कर आवेदिका को देगा। आयोग ने दोनो पक्षों के मध्य काउंसलर नियुक्त किया व दोनो पक्षों के मध्य गहने की वापसी अनावेदक द्वारा 4 माह के अंदर किया जायेगा। तत्पश्चात् प्रकरण नस्तीबध्द किया जायेगा।
एक अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों को सुना गया। दोनो पक्ष शासकीय सेवा में कार्यरत् है और उनकी दो साल की एक बच्ची है। आयोग ने समझाईश दिया कि दोनो के पास प्र्याप्त आधार है लेकिन वे तलाक नहीं लेना चाहते। आयोग ने उन्हें न्यायालय जाने का आदेश दिया। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
नाबालिग को शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
बेमेतरा : जिले के पुलिस चौकी मारो में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस चौकी मारो प्रभारी एएसआई कृष्ण कुमार क्षत्री ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने नाबालिग बालिका को मुंगेली जिला से बरामद किया गया है। आरोपी मोहनी ऊर्फ मोहन महिलांगे पिता संतोष महिलांगे उम्र 22 द्वारा पीड़िता को नाबालिग होना जानते हुए शादी का प्रलोभन देकर बहला फुसलाकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई कर कोर्ट में पेश किया। जहां उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
DCP रैंक के अधिकारी समेत तीन अन्य अधिकारियों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया है। महिला कॉन्स्टेबलों ने
महाराष्ट्र पुलिस की महिला कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां एक साथ 8 महिला पुलिस की कर्मचारियों ने पुलिस कमिश्नर, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इन महिला कॉन्स्टेबलों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर सामूहिक दुष्कर्म करने के भी आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है। महिला कॉन्स्टेबलों ने DCP रैंक तक के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। ऐसे में आम लोगों और महिलाओं की सुरक्षा में लगी महाराष्ट्र पुलिस की खाकी खुद कलंकित होती नजर आ रही है।
महिला कॉन्स्टेबलों ने लिखा पत्र
महिला कॉन्स्टेबलों के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस के अधिकारी अब खुद कटघरे में हैं और सवाल ये उठता है कि अब पुलिस पर भी कोई कैसे भरोसा कर सकता है। दरअसल महाराष्ट्र पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर काम करने वाली 8 महिला कर्मचारियों ने सरकार समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खत लिखा है। इस खत के अनुसार उन्होंने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने खुद के डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं। महिला कॉन्स्टेबलों ने पत्र में डीसीपी रैंक के अधिकारी समेत 3 और अधिकारियों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया है।
महिला कॉन्स्टेबलों ने लिखा पत्र
महिला कॉन्स्टेबलों के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस के अधिकारी अब खुद कटघरे में हैं और सवाल ये उठता है कि अब पुलिस पर भी कोई कैसे भरोसा कर सकता है। दरअसल महाराष्ट्र पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर काम करने वाली 8 महिला कर्मचारियों ने सरकार समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खत लिखा है। इस खत के अनुसार उन्होंने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने खुद के डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं। महिला कॉन्स्टेबलों ने पत्र में डीसीपी रैंक के अधिकारी समेत 3 और अधिकारियों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया है।
मुंबई पुलिस विभाग के MT विभाग का मामला
बता दें कि 8 महिला पुलिस कॉन्स्टेबलों ने इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर शिकायत की है। ये सभी महिला पुलिस की कर्मचारी मुंबई पुलिस विभाग के MT डिपार्टमेंट में पोस्टेड हैं। इसी विभाग में पोस्टेड एक DCP रैंक के अधिकारी समेत तीन अन्य अधिकारियों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया है। महिला कॉन्स्टेबलों ने यह भी आरोप लगाया है कि इन्हें सरकारी गाड़ी से घर ले जाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया है। वहीं अब इन आरोपों के बाद अब पुलिस विभाग खुद सवालों के घेरे में है।
महिला कॉन्स्टेबलों ने लिखा पत्र
महिला कॉन्स्टेबलों के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस के अधिकारी अब खुद कटघरे में हैं और सवाल ये उठता है कि अब पुलिस पर भी कोई कैसे भरोसा कर सकता है। दरअसल महाराष्ट्र पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर काम करने वाली 8 महिला कर्मचारियों ने सरकार समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खत लिखा है। इस खत के अनुसार उन्होंने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने खुद के डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों पर बलात्कार के आरोप लगाए हैं। महिला कॉन्स्टेबलों ने पत्र में डीसीपी रैंक के अधिकारी समेत 3 और अधिकारियों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया है।
मुंबई पुलिस विभाग के MT विभाग का मामला
बता दें कि 8 महिला पुलिस कॉन्स्टेबलों ने इस मामले को लेकर पुलिस कमिश्नर, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर शिकायत की है। ये सभी महिला पुलिस की कर्मचारी मुंबई पुलिस विभाग के MT डिपार्टमेंट में पोस्टेड हैं। इसी विभाग में पोस्टेड एक DCP रैंक के अधिकारी समेत तीन अन्य अधिकारियों पर बलात्कार करने का आरोप लगाया गया है। महिला कॉन्स्टेबलों ने यह भी आरोप लगाया है कि इन्हें सरकारी गाड़ी से घर ले जाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया है। वहीं अब इन आरोपों के बाद अब पुलिस विभाग खुद सवालों के घेरे में है।
