देश विदेश
धान खरीदी में प्रदेश सरकार कर रही है घोटाला : अजय चंद्राकर भाजपा प्रवक्ता
हिंदुस्तान जिंदाबाद के विरोध में तालिबानी सोच और मानसिकता वाले ऐसे अपराधियों को कुचलने की आवश्यकता-अरुण साव*
17 से 26 सितंबर तक फिर 16 ट्रेनें रद्द
गणेश चतुर्थी पर 8 महामंत्र का करें जाप, बप्पा बनाएंगे सारे बिगड़े काम
शक्तिविनायक गणपति का मंत्र है-
“ऊँ ह्रीं ग्रीं ह्रीं”
ये चार अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख है। इस मंत्र के जप से खेल और राजनीति में पावर मिलती है।
“वक्र तुण्डाय हुं।
ये छः अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 6 लाख जप है। इस मंत्र के जप से मुसीबतों से छुटकारा मिलता है।
“मेधोल्काय स्वाहा” -
ये भी छः अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 6 लाख जप है। विद्या प्राप्ति के लिये इस मंत्र का जप करनी चाहिए।
“गं गणपतये नमः”,
ये आठ अक्षर का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 8 लाख जप है। सफलता के लिये इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
उच्छिष्ट गणपति नवार्ण मंत्र-
“हस्तिपिशचिलिखे स्वाहा”
यह वाम मार्गिय गणपति साधना का मंत्र है। इसकी जप संख्या एक लाख है। 12 अक्षर का उच्छिष्ट गणपति नवार्ण मंत्र ही बताया गया है। इससे प्यार, पैसा और शोहरत सब कुछ मिलता है।
लक्ष्मीविनायक गणपति का मंत्र है-
“ऊँ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा”
यह अट्ठाईस अक्षरों का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख जप है। इन मन्त्र के जप से लक्ष्मी की कमी नहीं रहती ।
हरिद्रा गणेश मंत्र-
"ऊँ हुंगंग्लौं हरिद्रागणपतये वरवरद सर्वजनह्रदयं स्तम्भय स्तम्भय स्वाहा।"
यह 32 अक्षरों का मंत्र है। इसका पुरस्चरण 4 लाख है। इस मंत्र का जप करने वाले बच्चों को खुशियां मिलती हैं। मनचाहा वर और मनचाही वधु मिलती है।
त्रैलोक्यमोहन गणेश मन्त्र-
“वक्रतुण्डैकदंष्ट्राय क्ली ह्रीं श्रीं गं गणपतये वरवरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा”-
(
छत्तीसगढ़ में रेल क्षेत्र की परियोजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम श्रीमान टी. एस. सिंहदेव जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल की मेरी सहयोगी बहन रेणुका सिंह जी, सांसद महोदया, विधायकगण एवं छत्तीसगढ़ के मेरे प्यारे परिवारजनों!
आज छत्तीसगढ़ विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रहा है। आज छत्तीसगढ़ को 6400 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं का उपहार मिल रहा है। छत्तीसगढ़ का सामर्थ्य ऊर्जा उत्पादन में बढ़ाने के लिए, स्वास्थ्य के क्षेत्र में और सुधार के लिए भी आज अनेक नई योजनाओं का शुभारंभ हुआ है। आज यहां सिकल सेल काउंसलिंग कार्ड्स भी बांटे गए हैं।
साथियों,
आधुनिक विकास की तेज रफ्तार के साथ ही गरीब कल्याण का भी तेज रफ्तार का भारतीय मॉडल आज पूरी दुनिया देख रही है, उसकी सराहना कर रही है। आप सबने देखा है, कुछ दिन पहले G-20 सम्मेलन के दौरान बड़े-बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली आए थे। ये सभी भारत के विकास और गरीब कल्याण के प्रयासों से प्रभावित होकर गए हैं। आज दुनिया की बड़ी-बड़ी संस्थाएं भारत की सफलता से सीखने की बात कर रहीं हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि आज विकास में देश के हर राज्य को, हर इलाके को बराबर प्राथमिकता मिल रही है। और जैसा उपमुख्यमंत्री जी ने कहा हमें मिलकर के देश को आगे बढ़ाना है। छत्तीसगढ़ और रायगढ़ का ये इलाका भी इसका गवाह है। मैं आप सभी को इन विकास कार्यों के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
मेरे परिवारजनों,
छत्तीसगढ़ हमारे लिए देश के विकास के पावर हाउस की तरह है। और देश को भी आगे बढ़ने की ऊर्जा तभी मिलेगी, जब उसके पावर हाउस अपनी पूरी ताकत से काम करेंगे। इसी सोच के साथ बीते 9 वर्षों में हमने छत्तीसगढ़ के बहुमुखी विकास के लिए निरंतर काम किया है। उस विज़न का, उन नीतियों का परिणाम आज हमें यहां दिख रहा है। आज छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार द्वारा हर क्षेत्र में बड़ी योजनाएँ पूरी की जा रही हैं, नई-नई परियोजनाओं की नींव रखी जा रही है। आपको याद होगा, अभी जुलाई के महीने में ही मैं विकास परियोजनाओं के लिए रायपुर आया था। तब मुझे विशाखापट्टनम से रायपुर इकनॉमिक कॉरिडोर, और रायपुर से धनबाद इकनॉमिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के शिलान्यास का सौभाग्य मिला था। कई अहम नेशनल हाइवेज का उपहार भी आपके राज्य को मिला था। और अब आज, छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। इस रेल नेटवर्क से बिलासपुर-मुंबई रेल लाइन के झारसगुड़ा बिलासपुर सेक्शन की व्यस्तता कम होगी। इसी तरह जो अन्य रेल लाइनें शुरू हो रही हैं, रेल कॉरिडोर बन रहे हैं, वो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देंगे। जब इन रूट्स पर काम पूरा होगा तो इससे छत्तीसगढ़ के लोगों को तो सुविधा होगी ही, साथ ही यहाँ रोजगार और आमदनी के नए-नए अवसर भी पैदा होंगे।
साथियों,
केंद्र सरकार के आज के प्रयासों से, देश के पावर हाउस के रूप में छत्तीसगढ़ की ताकत भी कई गुना बढ़ती जा रही है। कोलफील्ड्स से पावर प्लांट्स तक कोयला पहुंचाने में लागत भी कम होगी और समय भी कम लगेगा। कम कीमत पर ज्यादा से ज्यादा बिजली बनाने के लिए सरकार पिट हेड Thermal Power Plant भी बना रही है। तलाईपल्ली खदान को जोड़ने के लिए 65 किलोमीटर की Merry Go Round प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन हुआ है। आने वाले समय में देश में ऐसे प्रोजेक्ट्स की संख्या और बढ़ेगी, और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को सबसे ज्यादा मिलेगा।
मेरे परिवारजनों,
हमें अमृतकाल के अगले 25 वर्षों में अपने देश को विकसित बनाना है। ये काम तभी पूरा होगा, जब विकास में हर एक देशवासी की बराबर भागीदारी होगी। हमें देश की ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा करना है, और अपने पर्यावरण की भी चिंता करनी है। इसी सोच के साथ सूरजपुर जिले में बंद पड़ी कोयला खदान को Eco-Tourism के रूप में विकसित किया गया है। कोरवा क्षेत्र में भी इसी तरह के Eco-Park विकसित करने का काम किया जा रहा है। आज खदानों से निकले पानी से हजारों लोगों को सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इन सभी प्रयासों का सीधा लाभ इस क्षेत्र के जनजातीय समाज के लोगों को होगा।
साथियों,
हमारा संकल्प है कि हम जंगल-जमीन की हिफाजत भी करेंगे, और वन सम्पदा से खुशहाली के नए रास्ते भी खोलेंगे। आज वनधन विकास योजना का लाभ देश के लाखों आदिवासी युवाओं को हो रहा है। इस साल दुनिया मिलेट ईयर भी मना रही है। आप कल्पना कर सकते हैं, आने वाले वर्षों में हमारे श्रीअन्न, हमारे मिलेट्स कितना बड़ा बाजार तैयार कर सकते हैं। यानी, आज एक ओर देश की जनजातीय परंपरा को नई पहचान मिल रही है, तो दूसरी ओर प्रगति के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।
मेरे परिवारजनों,
आज यहाँ सिकल सेल एनीमिया के जो काउंसेलिंग कार्ड्स बांटे गए हैं, वो भी विशेषकर जनजातीय समाज के लिए एक बहुत बड़ा सेवा का काम है। सिकल सेल एनीमिया से सबसे ज्यादा हमारे आदिवासी भाई-बहन ही प्रभावित होते हैं। हम सब मिलकर सही जानकारी के साथ इस बीमारी को नियंत्रित कर सकते हैं। हमें ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प से आगे बढ़ना है। मुझे विश्वास है, छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भारत सरकार ने जो कदम उठाए हैं, वो सारे कदम छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों को ले जाएंगे। इसी संकल्प के साथ, आप सभी का मैं ह्दय से बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। अगले कार्यक्रम में, मैं कुछ बातें विस्तार से बताऊंगा। आज इस कार्यक्रम के लिए इतना ही। बहुत-बहुत धन्यवाद!
रायपुर : नवा रायपुर के कमर्शियल हब में 540 रूपए वर्गफीट में मिलेगा व्यवसायियों को भूखण्ड: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
सरकार की जिम्मेदारी है कि वो लोगों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर सके
आने वाले भविष्य को देखते हुए ये भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकर्पण किए जा रहे हैं - भूपेश बघेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले भविष्य को देखते हुए ये भूमिपूजन, शिलान्यास और लोकर्पण किए जा रहे हैं. राज्य के लोगों की हमसे अपेक्षाएं थीं जिसे साकार करने के लिए हमने एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है।
श्री बघेल ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वो लोगों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर सके और हमने राज्य के किसानों के लिए ऐसा ही वातावरण तैयार किया है. इसके साथ ही स्कूली शिक्षा में सुधार, छत्तीसगढ़ की संस्कृति व पर्यटन को बढ़ावा देने का वातावरण भी हमने तैयार किया है।
श्री बघेल ने कहा कि हम उद्योग को भी एक वातावरण देने की कोशिश कर रहे हैं जिसके लिए मैने व्यवसायियों से कहा था कि छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति को सबसे बेहतर बनाना है और इस प्रयास से प्रदेश में उद्योगों की संख्या बढ़ी है व लोगों को रोजगार मिला है।
नवा रायपुर के कमर्शियल हब में 540 रूपए वर्गफीट में मिलेगा व्यवसायियों को भूखण्ड
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों की मांग पर एक बड़ी घोषणा करते हुए नवा रायपुर के कमर्शियल हब में 540 रूपए वर्गफीट में व्यवसायियों को भूखण्ड आवंटित करने की बात कही. उन्होने कहा कि इसकी वजह से कमर्शियल हब के निर्माण में लगने वाली अतिरिक्त राशि की वहन राज्य सरकार करेगी।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र अंतर्गत विविध कार्यों के इस शिलान्यास कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में आम लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने का काम कर रही है. उन्होने कहा कि सरकार की ये प्राथमिकता है कि लोगों को रोजगार उपलब्ध हो ताकि छत्तीसगढ़ का लगातार विकास होता रहे।
नवा रायपुर में निवेश, बसाहट और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेक्टर-23, 24, 34, 35 और 40 में 1083 एकड़ में ‘कमर्शियल हब’ विकसित किया जा रहा है। इसी तरह नवा रायपुर के लेयर-3 में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास तथा रोजगार सृजन हेतु स्वामी विवेकानंद विमानतल के निकट ग्राम बरोदा एवं रमचण्डी के चिन्हांकित 216.63 एकड़ में ‘एरोसिटी’ विकसित की जा रही है।
‘शहीद स्मारक’ की स्थापना नवा रायपुर के ग्राम परसदा (सेक्टर-3) में व्हीआईपी बटालियन में 13 एकड़ में की जा रही है।
इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविन्द्र चौबे, विधायक धनेन्द्र साहू, मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार डॉ. राकेश गुप्ता तथा छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी उपस्थित थे।
*यात्री सुविधा के लिए किए जा रहे है विकास कार्य, आने वाले दिनों में यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा ।*
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धान खरीदी पर मंत्री चौबे का बयान मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण है-अजय चंद्राकर, भाजपा मुख्य प्रवक्ता
कांग्रेस सरकार मायावी है
मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण है - पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा है कि प्रदेश सरकार के मंत्री रवीन्द्र चौबे के धान खरीदी को लेकर दिए गए बयान पर ट्वीट कर कटाक्ष किया है। श्री चंद्राकर ने कहा है कि कांग्रेस शोषित छत्तीसगढ़ के मंत्री 'शेरपा' रवीन्द्र चौबे ने 3,600 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदने की बात कही है, जबकि 'शेरपा' को उसका अधिकार नहीं होता।
श्री चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मंत्री चौबे पर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि यह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण है। श्री चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार मायावी है। धान खरीदी के मामले में प्रदेश सरकार अब यह भ्रम फैला रही है कि कांग्रेस की सरकार आने वाले पाँच सालों में धान की कीमत 3,600 रुपए प्रति क्विंटल देगी। यह तभी संभव होगा कि जब केंद्र सरकार धान का समर्थन मूल्य प्रतिवर्ष 6 प्रतिशत की दर से पाँच साल में 30 प्रतिशत बढाएगी,जैसा की अब तक बढ़ाती आई है अर्थात, छत्तीसगढ़ की सरकार ने यह मान लिया है कि पहले भी मोदी सरकार ही किसानों को पैसा देती रही है और आगे भी मोदी सरकार ही देगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा कन्हैया का बर्थडे
Janmashtami 2023: आज देशभर में धूमधाम से जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. मथुरा-वृंदावन से लेकर देश के विभिन्न राज्यों में सुबह से मंदिरों में हरे रामा-हरे कृष्णा के जयकारे गूंज रहे हैं. श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. श्री हरि के अवतारों में यही सम्पूर्ण अवतार माने जाते हैं. जिन लोगों ने 6 सितंबर को जन्माष्टमी नहीं मनाई, वे आज यह त्योहार मनाएंगे. आइए आपको जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि बताते हैं.
शुभ मुहूर्त (Janmashtami 2023 Shubh muhurt)
ज्योतिषविद डॉ. अरुणेश कुमार शर्मा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि 12 बजे हुआ था. इसलिए जन्माष्टमी पर भगवान की पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त रात 12 बजे ही माना जाता है. 7 सितंबर की रात 12 बजते ही आप भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा कर सकते हैं. जन्माष्टमी के व्रत का पारण समय शुक्रवार, 8 सितंबर को सुबह 6 बजकर 2 मिनट के बाद रहेगा.
जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण की कैसी मूर्ति लाएं?
जन्माष्टमी पर सामान्यत: बाल कृष्ण की स्थापना की जाती है. आप अपनी मनोकामना के आधार पर जिस स्वरूप को चाहें स्थापित कर सकते हैं. प्रेम और दाम्पत्य जीवन के लिए राधा कृष्ण की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं. संतान के लिए बाल कृष्ण की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं. धन प्राप्ति के लिए कामधेनु गाय के साथ विराजमान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं.
कांग्रेस रेलवे सुविधाओं की बहाली के लिये करेगी आंदोलन
पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार देश की सबसे विश्वसनीय यात्री सेवा रेलवे सुविधा को समाप्त करने का साजिश रच रही है। वर्षों से भारतीय रेलवे आम जनता का भरोसेमंद, सस्ता और सुलभ परिवहन का पर्याय हुआ करता था जिसे मोदी राज में रेलवे की विश्वसनीयता को खत्म करके निजी हाथों में बेचने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। बिना कोई कारण बताये, बिना किसी ठोस वजह के यात्री ट्रेनों को अचानक रद्द कर दिया जाता है। रेलवे द्वारा यात्री ट्रेनों को महीनों, हफ्तों तक बंद करने का फरमान जारी कर दिया जाता है। महीनों पहले यात्रा की योजना बना कर रिजर्वेशन कराये नागरिकों की परेशानी से रेलवे को और केंद्र सरकार कोई मतलब नहीं रहता है। रेलवे यात्रियों के लिये कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करती है। देश की आजादी के बाद ऐसी स्थिति केवल मोदी सरकार में आई है। जहां रेलवे की यात्री सुविधाएं इतनी ज्यादा खस्ताहाल हो गयी है।
यात्री ट्रेनों को जानबूझकर रद्द किया जाता है, कभी कोयले के आपूर्ति के नाम पर, कभी कोई और कारण बता कर यह विश्वसनीय यात्री सेवा भारतीय रेल को बदनाम करने की साजिश है ताकि लोग रेलवे से ऊब जाये और रेल को भी मोदी अपने उद्योगपति मित्र अडानी के हवाले कर सके।
मोदी सरकार के पहले की केंद्र सरकारें घाटा उठा कर भी रेलवे सुविधाओं का विस्तार करती रही। आजादी के बाद से रेलवे का अलग बजट बनाया जाता था, लेकिन मोदी सरकार रेलवे की यात्री सुविधाओं को समाप्त कर इसे सिर्फ मालवाहक बनाना चाहती है और बाद में रेल को निजी हाथों में सौंपा जा सके इसका रास्ता बना रही है। ऐसा इसलिये कि यात्री ट्रेनों की अपेक्षा माल भाड़े में रेलवे को 300 से 400 प्रतिशत ज्यादा मुनाफा मिलता है।
पिछले साढ़े तीन साल में 67382 ट्रेनों को रद्द किया गया, आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्षवार निरस्त हुई ट्रेनों की पूरी जानकारी
वर्ष 2020 में 32757 ट्रेनें निरस्त की गई
वर्ष 2021 में 32151 ट्रेनें निरस्त की गई
वर्ष 2022 में 2474 ट्रेनें निरस्त की गई
वर्ष 2023 में (अप्रैल माह तक) 208 ट्रेनें निरस्त की
वर्तमान में 24 ट्रेनें अगस्त 2023 के अंतिम तक रद्द की गयी है।
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनें येन मौके पर कैंसिल कर दी जाती है रक्षाबंधन, दीवाली, शीतकालीन और शादी-ब्याह के समय खासकर
रक्षाबंधन 2023-2 से 8 सितंबर को 22 ट्रेने निरस्त की गयी।
रक्षाबंधन 2022 -29 अगस्त से 6 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 58 ट्रेने अचानक निरस्त कर दी गयी।
18 अगस्त 2022 को 62 ट्रेनें
शीतकालीन के समय 6 से 10 दिसंबर 2022 को 36 ट्रेनें अचानक रद्द
दीवाली के समय 24 अक्टूबर 2022 को दो दर्जन ट्रेनें रद्द
इसी तरह शादी ब्याह और परीक्षा के समय मोदी राज में पिछले 9 साल से ट्रेनें रद्द।
छत्तीसगढ़ से जाने वाली नौतनवा और सारनाथ एक्सप्रेस 64 दिन तक रद्द कर दी गयी जिसके कारण दो महिने तक अस्थि कलश गंगा में विर्सजित नहीं कर पाये।
भाजपा राज में रेलवे में मिलने वाली बुजुर्गों की छूट खा गए, छात्रों को मिलने वाली रियायत खा गए, किराए में बेतहाशा वृद्धि, प्लेटफार्म टिकिट तक में कई गुना वसूली, दैनिक यात्री सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी, पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं, कामगार नौकरीपेशा आम यात्री सभी मोदी राज़ में उपेक्षा पीड़ित और प्रताड़ित है।
छत्तीसगढ़ के लाखों रेल यात्रियों, छोटे कामगार, नौकरीपेशा, छात्र छात्राएं, स्टेशन के कुली और आटो चालकों की समस्या पर भाजपा नेता मुंह में दही जमाकर बैठे हैं। मोदी शाह के अधिनायकवाद के डर से वरिष्ठ भाजपा जनप्रतिनिधि भी जनता के प्रति अपने कर्त्तव्य निभाने से भाग रहे हैं।
बिलासपुर रेलवे जोन जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ आता है यहां से केवल माल भाड़े से केंद्र की मोदी सरकार 20000 से 22000 करोड रुपए हर साल कमाती है। रेलवे मालाभाड़ा से 2020 की तुलना में 2021-22 में 38 प्रतिशत से अधिक वृद्धि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जोन से केंद्र सरकार को शुद्ध कमाई में हुई है। लेकिन जब सुविधा देने की जब बारी आ रही है तो विगत 9 साल से मोदी राज में छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को केंद्र की उपेक्षा ही मिली है। भाजपाई बताएं कि छत्तीसगढ़ के यात्रियों से आखिर किस बात का बदला ले रही है मोदी सरकार? अडानी के हित आम आदमी के हित से ज्यादा जरूरी है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दर्जनों बार देश के प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था को दुरुस्त करने अनेकों पत्र लिखा है लेकिन छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र की उपेक्षा, भेदभाव और अव्यवस्था यथावत जारी है। केंद्र की मोदी सरकार को देश भर में सबसे ज्यादा कमाई करके देने वाले बिलासपुर जोन, जिसके अंतर्गत पूरा छत्तीसगढ़ आता है वहीं के यात्रियों को सुविधा से वंचित और उपेक्षित रखा जा रहा है। भाजपाई बताए कि अचानक दर्जनों ट्रेनें निरस्त करके प्रताड़ित करने का कारण क्या है?
पूर्ववर्ती सरकारें रेलवे को नागरिकों की सुविधा के लिये चलाती थी, मोदी सरकार कमाने के लिये जनता को लूटने के लिये इस्तेमाल कर रही। देश भर में कोरोना के सारे प्रतिबंध हटा दिये गये लेकिन रेलवे कोरोना के नाम पर जनता को मिलने वाली सारी सुविधाये बंद कर दिया। वृद्ध, विकलांग, छात्रों की सुविधायें हटा दिया। रेलवे स्टेशन पर टिकिट बिक्री बंद कर टिकिटों के दाम बढ़ा दिया गया।
भाजपा और केंद्र दावा करता है कि मेन्टेनेंस के कारण ट्रेन रद्द होती है। ट्रेन मेन्टेनेंस के कारण ट्रेनों को रद्द किया गया है तो फिर उसी रेलवे ट्रेक पर मालगाड़ियों का परिचालन कैसे किया जा रहा है। न सिर्फ मालगाड़ियों का परिचालन किया जा रहा उनकी संख्या दोगुनी भी कर दी गयी है। छत्तीसगढ़ की धरती रत्नगर्भा है। हमारे यहां कोयले का प्रचुर भंडार है। इसका मतलब यह तो नहीं कि खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। जिन मार्गो पर ट्रेनों को बंद किया गया वहां पर कुछ दूसरी ट्रेन चलेगी। धड़ल्ले से मालवाहन ट्रेन भी चलेगी। फिर शेष ट्रेनों को चलाने में क्या परेशानी होगी? जब सवारी ट्रेनों से 50 गुना ज्यादा वजन लेकर मालगाड़ियां चल सकती है तब सवारी गाड़ी को ही क्यों बंद किया गया?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव बिलासपुर से सांसद है, प्रदेश की जनता ने केंद्र में चुनकर भेजा है लेकिन वे जनता के प्रति अपना धर्म निभाने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। देशभर में सबसे ज्यादा पीड़ित, प्रताड़ित और उपेक्षित बिलासपुर जोन के ही छत्तीसगढ़ के रेल यात्री हैं। विगत सवा 3 साल के भीतर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 67 हज़ार से अधिक ट्रेनें निरस्त की गई लेकिन दलीय चटुकारिता में छत्तीसगढ़ से लोकसभा के लिए चुने गए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सहित 9-9 सांसद मौन क्यों हैं?
रेलवे सुविधाओं की बहाली और रेल को बंद करने की केंद्र सरकार के साजिश के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है जिसके तहत 9 से 13 सितंबर को चरणबद्ध विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे-
9 सितंबर को प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों में पत्रकारवार्ता के बाद ज्ञापन सौंपा जायेगा।
10, 11 एवं 12 सितंबर को पाम्पलेट-पोस्टर वितरण एवं चस्पा कार्यक्रम, यदि केंद्र सरकार नहीं मानी तो 13 सितंबर को प्रदेश के समस्त रेलवे स्टेशनों पर रेल रोको आंदोलन किया जायेगा।
पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, सुरेन्द्र वर्मा, अजय गंगवानी, प्रकाश मणी वैष्णव, अजय साहू, शशि भगत, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।
अमित शाह गलत बयानी कर गये, यूपीए ने मोदी सरकार से ज्यादा छत्तीसगढ़ की मदद की - दीपक बैज
- पांच सालो में मोदी सरकार ने छत्तीसगढ़ से वसूला 4.61 लाख करोड़, राज्य को दिया 1.37 लाख करोड़
- केन्द्र राज्य से लेता ज्यादा है और देता कम है
रायपुर/03 सितंबर 2023। अमित शाह झूठा अहसान जता कर गये है कि राज्य, केंद्र के सहयोग पर चल रहा है, जबकि हकीकत है केंद्र, राज्य को देता कम है, राज्य से वसूलता ज्यादा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ से केन्द्र को विभिन्न मदो से सेन्ट्रल, जीएसटी, इनकम टैक्स, पेट्रोलियम पदार्थो पर सेन्ट्रल एक्साईज, कोल खनन, आयरन ओर बाक्साईट टिन के खनन से तथा रेल भाड़ा से पिछले पांच वर्षो में 461908.66 करोड़ रू. वसूला है। इन पांच वर्षो में राज्य के हिस्से में 192190.76 करोड़ रू. मिला। वसूली गयी राशि से 269717.93 कम मिला। इसमें भी विभिन्न मदो में केन्द्र राज्य के हिस्से का 55000 हजार करोड़ रू. अभी तक नहीं दिया है। कुल राशि राज्य को मात्र 137190.76 करोड़ ही मिली है। जितना केंद्र से मिला है उससे ज्यादा 1.70 लाख करोड़ तो कांग्रेस सरकार ने अकेले किसानों के ऊपर खर्च किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि विगत 5 वर्षो में केन्द्र से छत्तीसगढ़ को औसतन हर साल मिले मात्र 27438 करोड़ और छत्तीसगढ़ से केन्द्र द्वारा वसूली औसत हर साल 92382 करोड़ अर्थात छत्तीसगढ़ से कुल वसूली का 29.7 प्रतिशत ही छत्तीसगढ़ को मिला है। विगत 5 वर्षो में छत्तीसगढ़ से केन्द्र द्वारा कुल वसूली का 70.3 प्रतिशत केन्द्र की मोदी सरकार के पास। छत्तीसगढ़ उत्पादक राज्य है स्टील सीमेंट के उत्पादन में अग्रणी होने के साथ ही कोयला, बॉक्साइट, आयरनओर और टीन के खनन में भी अग्रणी राज्य जीएसटी लागू होने से उत्पादक राज्यों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति 30 जून 2022 से बंद कर दी गई है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए लगाए जाने वाला है जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर 31 मार्च 2026 तक वसूलेगी। अर्थात वसूली मार्च 2026 तक जारी रहेगी लेकिन देनदारी 30 जून 2022 से बंद है? केंद्र की मोदी सरकार ने लगभग सभी केंद्रीय योजनाओं में केंद्रास कम करके उसी अनुपात में राज्यांश बढ़ा दिए गए, अर्थात् राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ा। सेंट्रल एक्साइज में कटौती करके उसी अनुपात में सेस लगाया गया, ताकि उस केंदीय कर की वसूली पर जो 41 परसेंट हिस्सा राज्यों को दिया जाता है उससे वंचित किया जाए, सेस की राशि में राज्यों का कोई हिस्सा नहीं होता। स्पष्ट है कि केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी का रवैया सहकारी संघवाद और राज्यों के आर्थिक हितों के खिलाफ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि विगत 5 वर्षों में केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ से कुल वसूली/ कमाई CGST छत्तीसगढ़ से वसूला गया सेंट्रल जीएसटी से 5 साल में 54987 करोड़ वसूला। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स द्वारा घोषित छत्तीसगढ़ से संग्रहण के वर्षवार आंकड़े (इनकम टैक्स) से 27012.81 इतना करोड़ वसूला। पेट्रोलियम उत्पाद पर सेंट्रल एक्साइज 2014 की तुलना में पेट्रोल पर 203 परसेंट और डीजल पर 530 परसेंट बढ़ाया गया। 18.21 लाख करोड़ वसूला।
कोल खनन में विगत वर्ष बेस प्राइस पर 14 प्रतिशत के रूप में 2024 करोड़ अर्थात् केंद्र को छत्तीसगढ़ से कोयले से कमाई 18025.57 करोड़ प्रतिवर्ष अर्थात विगत 5 वर्षों में 90142.85 करोड़। आयरनओर, बॉक्साइट, टीन इत्यादि खनन से 20000 करोड़ प्रतिवर्ष अर्थात् विगत 5 वर्षों में 100000 लाख करोड़। केवल बिलासपुर जोन से रेलवे को शुद्ध मुनाफा 20 हजार करोड़ से 22 हजार करोड़ प्रतिवर्ष अर्थात् विगत 5 वर्षों में 106000 करोड़।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि विगत 5 वर्षों में केंद्र से छत्तीसगढ़ को प्राप्त कुल राशि केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा 116653.24 $ सहायता अनुदान 75537.49 करोड़ दोनों का कुल टोटल = 192190.73 करोड़। इसमें से भी लगभग 55000 करोड़ छत्तीसगढ़ के हक और हिस्से का केन्द्र के पास बकाया अर्थात मिला केवल कुल 137190.76 करोड। केन्द्र से छत्तीसगढ़ को औसतन हर साल मिले मात्र 27438 करोड़।
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रायपुर : राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु पहुँची जगन्नाथ मंदिर, देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राजधानी के गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुँची। यहाँ उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र जी तथा सुभद्रा जी के दर्शन किये। यहाँ उन्होंने देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की।
इस अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कुलदीप जुनेजा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, महापौर एजाज ढेबर, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पूर्व राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम के राउत, जगन्नाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा सहित मंदिर समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।
सावन के अंतिम सोमवार के विशेष प्रयोग - अगर अपार धनलाभ चाहिए तो शिवजी का पंचामृत से अभिषेक करें
सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं. इस दिन शिवलिंग को जल व बेलपत्र अर्पित करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इस दिन विशेष तरह के प्रयोग भी किए जाते हैं. आज सावन का अंतिम सोमवार है और अंतिम सोमवार पर सोम प्रदोष का संयोग भी बन रहा है.
भगवान शिव की पूजा के लिए सावन के सोमवार बड़े महत्वपूर्ण होते हैं. इस दिन शिवलिंग को जल व बेलपत्र अर्पित करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इस दिन विशेष तरह के प्रयोग भी किए जाते हैं. आज सावन का अंतिम सोमवार है और अंतिम सोमवार पर सोम प्रदोष का संयोग भी बन रहा है. आइए आपको इसका मुहूर्त और पूजन विधि बताते हैं.
सोम प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त (Sawan Somwar 2023 Shubh Muhurt)
प्रदोष व्रत हर महीने की दोनों त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है. सावन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सोमवार, 28 अगस्त की शाम 06.48 बजे से प्रारंभ होकर मंगलवार, 29 अगस्त को दोपहर 02.47 बजे तक रहेगी. सावन सोमवार की प्रदोष व्रत पूजा प्रदोष काल में करना श्रेष्ठ माना गया है.
सावन के सोमवार की पूजा विधि (Sawan Somwar 2023 Puja Vidhi)
प्रातः काल या प्रदोषकाल में स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाएं. घर से नंगे पैर जायें तथा घर से ही लोटे में जल भरकर ले जाएं. मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें, भगवान को साष्टांग करें. वहीं पर खड़े होकर शिव मंत्र का 108 बार जाप करें. दिन में केवल फलाहार करें. शाम भगवान के मंत्रों का फिर जाप करें और उनकी आरती उतारें. पूजा की समाप्ति पर केवल जलीय आहार ग्रहण करें. अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारायण करें.
सावन के अंतिम सोमवार के विशेष प्रयोग (Sawan Somwar 2023 Upay)
1. संपूर्ण कामनाओं की सिद्धि के लिए शिवजी को जल की धारा अर्पित करें. जल अगर अपने घर से भरकर ले जाएं तो उत्तम होगा. "नमः शिवाय" की 11 माला का जाप करें.
2. शीघ्र विवाह के लिए शिव जी को सुगंध और जल अर्पित करें. केवड़े की सुगंध न चढाएं. "ॐ पार्वतीपतये नमः" की 11 माला का जाप करें.
3. संतान सुख के लिए शिव जी को खीर का भोग लगाएं. घी के नौ दीपक जलाएं. "ॐ शं शंकराय नमः" इस मंत्र का जाप कम से कम 11 माला करें.
4. मृत्युतुल्य कष्ट से बचने के लिए शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग पर पहले 108 बेलपत्र चढाएं. इसके बाद जल धारा अर्पित करें. "ॐ जूं सः माम पालय पालय " का 11 माला जाप करें.
5. अगर अपार धनलाभ चाहिए तो शिवजी का पंचामृत से अभिषेक करें. इसके बाद उनको उनको जल धारा अर्पित करें. "ॐ नमः शम्भवाय" की 11 माला जाप करें.
