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रायपुर ब्रेकिंग-छत्तीसगढ़ स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने पुरस्कार ग्रहण किया l
छत्तीसगढ़ स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने तीसरे स्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त किया है
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में सबसे स्वच्छ राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समारोह में
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने पुरस्कार ग्रहण किया
बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म - सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार का फैसला पलटा
पीटीआई, नई दिल्ली। बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म मामले और 2002 के गुजरात दंगों के दौरान उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के 11 दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दोषियों को समय से पहले रिहा करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। 11 दोषियों की समय से पहले रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार का फैसला पलटा
सोमवार को इस मामले में न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की विशेष पीठ ने फैसला सुनाया। याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी दोषियों की सजा में मिली छूट को रद्द कर दिया। गुजरात सरकार ने पिछले साल मामले में 11 दोषियों को रिहा किया था। अब कोर्ट के फैसले के बाद सभी 11 दोषियों को वापस जेल जाना होगा। पीठ ने गुजरात सरकार के फैसले को पलटते हुए कहा कि गुजरात राज्य द्वारा शक्ति का प्रयोग सत्ता पर कब्जा और सत्ता के दुरुपयोग का एक उदाहरण है।
दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सभी 11 दोषियों को दो सप्ताह के भीतर जेल अधिकारियों को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। साथ ही पीठ ने कहा कि यह इस अदालत का कर्तव्य है कि वह मनमाने आदेशों को जल्द से जल्द सही करे और जनता के विश्वास की नींव को बरकरार रखे।
गुजरात सरकार को लेकर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने फैसला सुनाते हुए कहा कि प्लेटो ने कहा था कि सजा प्रतिशोध के लिए नहीं, बल्कि सुधार के लिए है। क्यूरेटिव थ्योरी के में सजा की तुलना दवा से की जाती है, अगर किसी अपराधी का इलाज संभव है, तो उसे मुक्त कर दिया जाना चाहिए। यह सुधारात्मक सिद्धांत का आधार है। लेकिन पीड़ित के अधिकार भी महत्वपूर्ण हैं। नारी सम्मान की पात्र है। क्या महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में छूट दी जा सकती है? ये वो मुद्दे हैं जो उठते हैं।
जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "हम योग्यता और स्थिरता दोनों के आधार पर रिट याचिकाओं पर विचार करने के लिए आगे बढ़ते हैं। इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद ये बातें सामने आती हैं: 1. क्या पीड़िता द्वारा धारा 32 के तहत दायर याचिका सुनवाई योग्य है? 2. क्या छूट के आदेश पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिकाएं मानने योग्य हैं।? 3. क्या गुजरात सरकार छूट आदेश पारित करने में सक्षम थी? 4. क्या दोषियों को छूट का आदेश कानून के अनुसार दिया गया?
शीर्ष अदालत ने माना कि 13 मई, 2022 का फैसला (जिसने गुजरात सरकार को दोषियों को माफ करने पर विचार करने का निर्देश दिया था) अदालत के साथ "धोखाधड़ी करके" और भौतिक तथ्यों को छिपाकर प्राप्त किया गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोषियों ने साफ हाथों से अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया था। यह देखते हुए कि राज्य (जहां अपराधी पर मुकदमा चलाया जाता है और सजा सुनाई जाती है) दोषियों की माफी याचिका पर फैसला करने में सक्षम है। शीर्ष अदालत ने कहा कि गुजरात ऐसा करने में सक्षम नहीं है।
न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 11 दिन की सुनवाई के बाद दोषियों की सजा में छूट को चुनौती देने संबंधी याचिकाओं पर पिछले साल 12 अक्टूबर को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए केंद्र और गुजरात सरकार को 16 अक्टूबर तक 11 दोषियों की सजा में छूट संबंधी मूल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पिछले साल सितंबर में मामले की सुनवाई करते हुए पूछा था कि क्या दोषियों को माफी मांगने का मौलिक अधिकार है।
बानो केस में गुजरात सरकार को लेकर SC की टिप्पणी
शीर्ष अदालत ने पहले की सुनवाई के दौरान गुजरात सरकार से कहा था कि राज्य सरकारों को दोषियों को सजा में छूट देने में ‘‘चयनात्मक रवैया’’ नहीं अपनाना चाहिए और प्रत्येक कैदी को सुधार तथा समाज के साथ फिर से जुड़ने का अवसर दिया जाना चाहिए।
इस मामले में बिलकिस की याचिका के साथ ही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता सुभाषिनी अली, स्वतंत्र पत्रकार रेवती लाल और लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा समेत अन्य ने जनहित याचिकाएं दायर कर सजा में छूट को चुनौती दी है। तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने भी दोषियों की सजा में छूट और समय से पहले रिहाई के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है।
ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों को गिरफ़्तार कर रही है - Bhupesh baghel
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में जिस तरह से मेरा नाम लिखा है, वह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। ईडी अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर कूटरचना कर लोगों को गिरफ़्तार कर रही है और उनसे दबावपूर्वक मेरे और मेरे सहयोगियों के ख़िलाफ़ बयान दिलवा रही है। इन बयानों में जो पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं उनका कोई आधार नहीं है। जिस असीम दास के पास से रुपए बरामद हुए थे उसने जेल से अपने हस्तलिखित बयान में कह दिया है कि उन्हें भी धोखे में रखकर फंसाया गया है और उन्होंने कभी किसी राजनेता व उनसे जुड़े लोगों को पैसा नहीं पहुंचाया। अब ईडी दावा कर रही है कि उसने यह बयान भी वापस ले लिया है। यह किस दबाव में हो रहा है, उसे सब जानते हैं। अब सवाल यह है कि ईडी ने जिस दिन कथित रूप से असीम दास से रुपए बरामद किए थे उस घटना की पूरी रिकॉर्डिंग ईडी के पास है। इसका मतलब है कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी और इसका मतलब यही है कि इसकी कूटरचना ईडी ने ही की थी। ईडी ने दावा किया है कि चंद्रभूषण वर्मा ने भी अपना पहले का बयान वापस ले लिया है। हम तो शुरुआत से कह रहे हैं कि ईडी मारपीट से लेकर धमकी देने तक हर हथकंडे अपनाकर मेरा व मेरे सहयोगियों का नाम लेने का दबाव बना रही है। ईडी के नए दस्तावेज से यह और स्पष्ट हो गया है। महादेव ऐप के घोटाले की जाँच मैंने ही मुख्यमंत्री रहते हुए खुद शुरू की थी। मैं चाहता था कि इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो और युवाओं को जुआखोरी की ओर धकेल रहे इस अपराध पर रोक लगे। छत्तीसगढ़ सरकार की इस जाँच के आधार पर ही ईडी धन-शोधन का मामला बनाकर जाँच कर रही है लेकिन दुर्भाग्य है कि ईडी ने जाँच को अपराध की बजाय राजनीतिक दबाव व बदनामी का हथियार बना लिया है। महादेव ऐप के पूरे मामले को जिस तरह से राजनीतिक रंग दिया गया है उससे साफ है कि इसका उद्देश्य अब असली अपराधियों को बचाने और राजनीतिक दुष्प्रचार कर भाजपा को फायदा पहुँचाने का ही रह गया है।
ईडी की चार्जशीट राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा : भूपेश बघेल
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गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की वीरता को किया जाएगा याद - वीर बाल दिवस
26 दिसंबर: स्कूलों-कॉलेजों में मनाया जाएगा वीर बाल दिवस
वीर बाल दिवस 2023’ पर क्विज़ आयोजित
https://www.youtube.com/watch?v=MZSjb5kmf5s
गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की वीरता को किया जाएगा याद |
शिक्षा मंत्रालय जनसहभागिता को बढ़ावा देने के तहत मकसद से माईजीओवी के सहयोग से ‘वीर बाल दिवस 2023’ पर क्विज़ आयोजित करने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले छात्रों और उम्मीदवारों को ई-सर्टिफिकेट भी मिलेगा
शिक्षण संस्थानों में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा। बाल दिवस के माध्यम से छात्रों को गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों की वीरता और बलिदान की जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा मंत्रालय जनसहभागिता को बढ़ावा देने के तहत मकसद से माईजीओवी के सहयोग से ‘वीर बाल दिवस 2023’ पर क्विज़ आयोजित करने जा रहा है। इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले छात्रों और उम्मीदवारों को ई-सर्टिफिकेट भी मिलेगा।
वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शिक्षा मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस क्विज में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें से छात्र को एक ही उत्तर पर क्लिक करना होगा।
क्विज में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और सभी प्रश्नों का उत्तर देना आवश्यक होगा। क्विज समयबद्ध तरीके से चलेगी। इसका मतलब है कि प्रतिभागियों को 300 सेकंड के भीतर 10 सवालों के जवाब देने होंगे।
उप राष्ट्रपति जगदीप धनगढ़ से सीएम की मुलाकात
मोहन, राम, लखन, श्याम, केदार, लक्ष्मी, विष्णु देव : छत्तीसगढ़ के खेवनहार
*मोहन, राम, लखन, श्याम, केदार, लक्ष्मी, विष्णु देव : छत्तीसगढ़ के खेवनहार*
राज्यपाल के सामने बृजमोहन अग्रवाल ने ली मंत्री पद की शपथ.
सीएम साय ने कहा, ‘‘जल्द ही विभागों का आवंटन भी कर दिया जाएगा. मंत्रिमंडल में एक और पद बाद में भरा जाएगा.’’ छत्तीसगढ़ में 90 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 13 सदस्य हो सकते हैं. वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल में तीन सदस्य- मुख्यमंत्री साय और दो उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा हैं. उन्होंने 13 दिसंबर को शपथ ली थी. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 12 में से छह सदस्य-अरुण साव, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओपी चौधरी, टंक राम वर्मा और लक्ष्मी राजवाड़े अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से होंगे. वहीं तीन अन्य सदस्य -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रामविचार नेताम और केदार कश्यप अनुसूचित जनजाति (एसटी) से होंगे. राज्य मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति (एससी) से एक सदस्य दयालदास बघेल.
वहीं सामान्य वर्ग से दो सदस्य विजय शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल होंगे. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद राजवाड़े मंत्रिमंडल में एकमात्र महिला सदस्य होंगी. शुक्रवार को शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में अग्रवाल, नेताम, कश्यप और बघेल ने पिछली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकारों में भी मंत्री के रूप में कार्य किया है. वहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए चौधरी के साथ ही वर्मा और राजवाड़े पहली बार के विधायक हैं तथा जायसवाल एव देवांगन दूसरी बार के विधायक हैं. मुख्यमंत्री साय केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा उप मुख्यमंत्री साव और शर्मा पहली बार के विधायक हैं.
छत्तीसगढ़ के लिए भारत सरकार की बड़ी स्वीकृति
लाईवलीहुड कॉलेज जोरा में विभिन्न विधाओं में दिया जा रहा निःशुल्क प्रशिक्षण
रायपुर 19 दिसम्बर 2023/ जिले के लाईवलीहुड़ कॉलेज जोरा में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 18 से 45 वर्ष के युवाओं को उनकी रूचि अनुसार 03 से 04 माह के कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमे सेल्फ इंप्लायड टेलर, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, रिटेल सेल्स एसोसिएट, सोलर पम्प टेक्निशियन, डोमेस्टिक आई.टी हेल्पडेस्क अटेंडेंट (कंप्यूटर), माइक्रो इरिगेशन टेक्नीशियन, ट्रेक्टर मेकेनिक के कोर्स में निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के साथ ही अभ्यर्थियों को कम्प्यूटर स्किल, कम्यूनिकेशन स्किल, व्यक्तित्व विकास का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सहायक परियोजना अधिकारी ने बताया कि इन कोर्स में आवेदन करने की न्युनतम योग्यता-08वी एवं 10वीं उत्तीर्ण है। साथ ही अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन नम्बर-0771-2443066, 9109321845, 9399791163 में भी संपर्क किया जा सकता है।
