सियासत

मुख्तार अंसारी के खिलाफ आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, सवा करोड़ की संपत्ति कुर्क

गाजीपुर. पूर्व विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी की सवा करोड़ की बेनामी संपत्ति को कुर्क कर लिया गया. गुरुवार को लखनऊ से गाजीपुर आई आयकर विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की. यह संपत्ति मुख्तार के करीबी गणेश दत्त मिश्रा के नाम पर शहर के कपूरपुर में 0.117 हेक्टेयर और 0.254 हेक्टेयर थी. बता दें कि मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद है. गुरुवार सुबह आयकर विभाग की टीम गाजीपुर पहुंच गई थी. स्थानीय पुलिस-प्रशासन का सहयोग लेकर करीब दो बजे पूरी टीम कपूरपुर स्थित गणेश दत्त मिश्रा की अचल संपत्ति को कुर्क करने पहुंची. वहां नोटिस लगाने के साथ ही मुनादी और कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई. इस दौरान आयकर विभाग की टीम के साथ राजस्व विभाग, जंगीपुर और शहर कोतवाली की पुलिस मौजूद रही. आयकर विभाग की ओर से मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई लगातार चल रही है.बता दें कि अब तक करीब 20 करोड़ की संपत्ति आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति ईकाई ने कुर्क किया है. आयकर विभाग की ओर से मुख्तार की करीब 125 करोड़ की बेनामी संपत्ति को चिन्हित किया गया है.

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सरकार को मिली ताकत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एलजी को चुनी गई सरकार की सलाह माननी चाहिए

नई दिल्ली। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर लंबे समय चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की पीठ ने अपना फैसला सुना दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुआई वाली जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह सर्वसम्मति का फैसला है।

सीजेआई ने कहा कि अगर एक चुनी हुई सरकार को अपने अधिकारियों को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं होगा तो इससे जवाबदेही के सिद्धांतों की कड़ी अनावश्यक साबित हो जाएगी। इसलिए ट्रांसफर, पोस्टिंग का अधिकार सरकार के पास रहेगा। वहीं, प्रशासन के कामों में एलजी को चुनी गई सरकार की सलाह माननी चाहिए। पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से क्रमश: सालिसिटर जनरल तुषार मेहता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की पांच दिन दलीलें सुनने के बाद 18 जनवरी को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

गौरतलब है, संविधान पीठ का गठन दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर केंद्र और दिल्ली सरकार की विधायी एवं कार्यकारी शक्तियों के दायरे से जुड़े कानूनी मुद्दे की सुनवाई के लिए किया गया था। पिछले साल छह मई को शीर्ष कोर्ट ने इस मुद्दे को पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास भेज दिया था।

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BREAKING : बड़ा हादसा, फैक्ट्री में आग लगने से 4 मजदूरों की मौत, 4 झुलसे, मची चीख-पुकार

बरेली: BREAKING : UP के बरेली फरीदपुर थाना क्षेत्र के एक फैक्ट्री में बुधवार देर शाम लगी भीषण आग लग गई। दुर्घटना में 4 मजदूरों की जलकर मौत हो गई जबकि 4 अन्‍य घायल हो गए। इस घटना की जानकारी फरीदपुर पुलिस क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह ने दी है। फ़िलहाल आग पर काबू पा लिया गया है।

इस हादसे में मृतक तीनों मजदूरों की पहचान 25 साल के अनूप, 32 साल के अरविंद कुमार मिश्रा और 27 साल के राकेश के रूप में हुई है। एक अन्‍य मृतक की पहचान नहीं हो पायी है। 4 अन्य मजदूर पप्पू सिंह, बबलू, जितेंद्र और देशराज आग से गंभीर रूप से झुलस गए हैं और इन्हें इलाज के लिए बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के वक्त फैक्ट्री में 50 कर्मचारी काम कर रहे थे।

 

काफी वक्त बाद आग पर काबू पाया गया 

जिलाधिकारी शिवकांत द्विवेदी ने बताया कि घटना की तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री के गोदाम में फोम के गद्दे, प्लास्टिक का फर्नीचर और फोम का अन्य सामान तैयार होता है। बुधवार देर शाम को शार्ट सर्किट से वहां आग लग गई और तेजी से फैल गई। फैक्ट्री प्रबंधन ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। जिसके बाद जानकारी मिलते ही कई दमकल गाड़ियां  मौके पर पहुंची। लेकिन आग पर काबू पाने में काफी समय लग गया।

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Gold Silver Price Today : इतने रुपये सस्ता हुआ सोना, चांदी के दाम में भी आई गिरावट, खरीदारी के पहले जानें आज का ताजा रेट

Gold Silver Price Today : शादियों के सीजन सोना और चांदी खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। फिलहाल सोना ऑलटाइम हाई से करीब 150 रुपये प्रति 10 ग्राम तो चांदी 3700 रुपये प्रति किलो सस्ता खरीद सकते हैं। सोना 61,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब और चांदी 76300 रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे बिक रही है।बुधवार को सोना 38 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से सस्ता होकर 61495 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार को सोना सोना 364 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से महंगा होकर 61533 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।

वहीं चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को चांदी 138 रुपये की नरमी के साथ 76399 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। जबकि मंगलवार को चांदी 84 रुपये की तेजी के साथ 76399 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

Gold Silver Price Today : 14 से 24 कैरेट सोना का ताजा भाव

इसके बाद 24 कैरेट वाला सोना 38 रुपया सस्ता होकर 61495 रुपये, 23 कैरेट वाला सोना 38 रुपया सस्ता होकर 61249 रुपये, 22 कैरेट वाला सोना 35 रुपया सस्ता होकर 56329 रुपये, 18 कैरेट वाला सोना 28 रुपया सस्ता होकर 46121 रुपये और 14 कैरेट वाला सोना 22 रुपया सस्ता होकर 35974 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आपको बता दें कि एमसीएक्स और अंतरराष्ट्रीय बाजार के सोना और चांदी के रेट बिना टैक्स के होते हैं, इसलिए देश के बाजारों के रेट से में अंतर दिखता है।

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भीषण आग में चार मासूमों सहित पांच की जलकर मौत, मृतकों में 2 माह की बच्ची भी शामिल

उत्तर प्रदेश। कुशीनगर जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां रामकोला थाना क्षेत्र के माघी मठिया गांव में बुधवार दोपहर आग लगने से एक ही परिवार की चार मासूम बच्चियां और उनकी मां जिंदा जल गईं। मरने वालों में दो माह की एक बच्ची भी है, जिसका शव अपनी मां के बगल में ही बेड के पास पाया गया है। बताया जा रहा है कि माघी मठिया गांव के निवासी शेर मोहम्मद के घर के सभी लोग दोपहर में सो रहे थे। तभी पड़ोस में रहने वाले नबीहसन के घर में आग पकड़ लिया। तेज धूप और हवा चलने की वजह से शेर मोहम्मद का घर भी आग की चपेट में आ गया। आग की लपटों की वजह से परिवार के लोग बाहर नहीं निकल पाए और शेर मोहम्मद की 30 वर्षीय पत्नी फातिमा, छह वर्ष की पुत्री रोकई, चार साल की अमीना, दो साल की आयशा और दो माह की दुधमुंही खतीजा जिंदा जल गईं। इसके अलावा शेर मोहम्मद के पिता 70 वर्षीय सफीद, 68 वर्षीय मां मोतीरानी और आठ साल की बेटी कुलसुम भी झुलस गई है।उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डीएम रमेश रंजन ने मृतकों के नाम चार-चार लाख रुपये आपदा राहत कोष से देने की घोषणा की।
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आज टेक्नोलॉजी का 25वां साल,प्रधानमंत्री मोदी आयोजित कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा,LIGO इंडिया सहित कई प्रोजेक्ट्स का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी(prime minister narendra modi) आज सुबह साढ़े 10 बजे प्रगति मैदान में नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पीएम LIGO इंडिया सहित कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी करेंगे।

महाराष्ट्र के हिंगोली में बनने वाला LIGO-इंडिया हैं। यह दुनिया में गिने-चुने लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी (LIGO) में से एक होगा। यह चार किलोमीटर लंबाई का एक अत्यंत संवेदनशील इंटरफेरोमीटर है, जो ब्लैक होल तथा न्यूट्रन सितारों से निकलने वाली ग्रेविटेशनल वेव्स की सेंसिंग में सक्षम है।

नेशनल टेक्नोलॉजी डे(national technology day ) हर साल एक नई थीम(new theme )के साथ
नेशनल टेक्नोलॉजी डे को हर साल एक नई और अलग थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल की थीम है ‘स्कूल टू स्टार्टअप्स- इग्नाइटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट’। प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान भारत में हाल की वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिकी प्रगति दिखाने वाले एक्सपो का भी उद्धाटन करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर स्मारक स्टैंप और सिक्का भी जारी करेंगे।

PMO की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा

PMO की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, पीएम मोदी 5800 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी उनमें लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेटरी-इंडिया (LIGO-इंडिया) हिंगोली, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर जटनी, ओडिशा और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई का प्लेटिनम जुबली ब्लॉक शामिल है।

1999 में पूर्व पीएम अटल बिहारी ने की थी शुरुआत(start)
नेशनल टेक्नोलॉजी डे की शुरुआत 1999 में पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी ने की थी। अटल बिहारी ने भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और टेक्नोलॉजिस्टों को सम्मानित करने के लिए यह खास दिन सेलीब्रेट किया था।

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Aaj ka Panchang 11 May 2023: ये रहा आज गुरुवार का पंचांग, जान लें शुभ-अशुभ योग से अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल

गुरुवार, 11 मई 2023, वैशाख, कृष्ण पक्ष, ग्रीष्म ऋतु और षष्ठी तिथि है और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा. चलिए पंडित दिव्यांक शास्त्री से आज का पंचांग विस्तार से जानें.

आज का पंचांग (11 मई 2023 दिन गुरुवार) 
• तिथि (Tithi): षष्ठी - 11:29:34 तक 
• नक्षत्र (Nakshatra): उत्तराषाढ़ा - 14:37:29 तक 
• करण (Karna): वणिज - 11:29:34 तक, विष्टि - 22:18:45 तक 
• पक्ष (Paksha): कृष्ण 
• योग (Yoga): शुभ - 15:15:38 तक 
• दिन (Day): गुरुवार 

हिंदू महीना और साल (11 मई 2023 दिन गुरुवार) 
• शक संवत (Shaka Samvat): 1945 शुभकृत 
• विक्रम संवत (Vikram Samvat): 2080 
• काली संवत (Kali Samvat): 5124 
• प्रविष्ट/द्वार (Pravishte / Gate): 28 
• मास पूर्णिमांत (Month Purnimanta): ज्येष्ठ 
• मास अमांत (Month Amanta): वैशाख 
• दिन की अवधि (Day Duration): 13:28:56 

सूर्य और चंद्रमा की गणना (11 मई 2023 दिन गुरुवार) 
• सूर्योदय (Sun Rise): 05:33:11 
• सूर्यास्त (Sun Set): 19:02:07 
• चन्द्र राशि (Moon Sign): मकर • चंद्रोदय (Moon Rise): 24:52:59 

• चंद्रास्त (Moon Set): 10:26:59 
• ऋतु (Season): ग्रीष्म 

आज का अशुभ मुहूर्त (Aaj Ka Ashubh Muhurt, Thursday, 11 May 2023) 
• दुष्ट मुहूर्त (Dusht Muhurat): 10:02:50 से 10:56:45 तक, 15:26:24 से 16:20:20 तक 
• कुलिक (Kulika): 10:02:50 से 10:56:45 तक 
• कंटक (Kantaka/Mrityu): 15:26:24 से 16:20:20 तक 
• राहु काल (Rahu Kaal): 13:58:46 से 15:39:53 तक 
• कालवेला / अर्द्धयाम (Kalavela / Ardhayaam): 17:14:16 से 18:08:12 तक 
• यमघण्ट (Yamaghanta): 06:27:06 से 07:21:02 तक 
• यमगंड (Yamaganda): 05:33:11 से 07:14:18 तक 
• गुलिक काल (Gulika Kaal): 08:55:25 से 10:36:32 तक 

आज 11 मई 2023 दिन गुरुवार का शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Shubh Muhurt) 
अभिजीत (Abhijit): 11:50:41 से 12:44:37 तक 

आज का दिशा शूला (Disha Shoola) : दक्षिण

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Horoscope 11 May 2023 : सूर्य की तरह चमकेगा इन राशियों का भाग्य, पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल

पढ़ें मेष से लेकर मीन राशि तक का हाल…

मेष राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। शैक्षिक कार्यों के लिए किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। रहन-सहन अव्यवस्थित रहेगा। आय वृद्धि के साधन विकसित होंगे। परिश्रम की अधिकता रहेगी। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्‍थान पर जाना हो सकता है।

वृष राशि- संयत रहें। व्यर्थ के क्रोध से बचें। परिवार का साथ मिलेगा। किसी मित्र के सहयोग से नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। स्थान बदल सकता है। आत्‍मविश्‍वास में वृद्धि होगी। मानसिक शांति रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। माता के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर च‍िंति‍त रहेंगे।

मिथुन राशि- मन अशान्त हो सकता है। अपने स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। व्यर्थ की भाग-दौड़ रहेगी। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। दाम्‍पत्‍य सुख में वृद्धि हो सकती हे। अनियोजित खर्च बढ़ेंगे।

कर्क राशि- बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा, परन्तु कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। कुटुम्ब के किसी बुजुर्ग से धन की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। किसी राजनेता से भेंट हो सकती है।

सिंह राशि- आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। परिवार का साथ मिलेगा। वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। खानपान के प्रति सचेत रहें। मन में निराशा एवं असंतोष के भाव रहेंगे। माता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं। लंबी यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं। धार्म‍िक आयोजन में ह‍िस्‍सा ले सकते हैं।

कन्या राशि- धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बन सकते हैं। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। परिवार की समस्‍याएं परेशान कर सकती हैं। मन अशांत रहेगा। मीठे खानपान में दिलचस्‍पी बढ़ेगी। जमीन-जायदाद से लाभ होगा।

तुला राशि- आत्मविश्वास में कमी रहेगी। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। मित्रों का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम अधिक रहेगा। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। मन में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। व्‍यर्थ के व‍िवादों से बचने का प्रयास करें।

वृश्चिक राशि- पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार पर ध्यान दें। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव रहेगा। आत्‍मविश्‍वास में कमी आएगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। मीठे खानपान के प्रति रुझान बढ़ेगी। सुखद समचार म‍िलेगा।

धनु राशि- मन प्रसन्न रहेगा। फिर भी संयत रहें। घर-परिवार में धार्मिक कार्य हो सकते हैं। परिश्रम अधिक रहेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। वस्त्रों पर खर्च बढ़ेंगे। भवन सुख में वृद्धि होगी। रहन-सहन कष्टमय हो सकता है। आय में कमी एवं खर्च अधिक की स्‍थिति से परेशान हो सकते हैं।

मकर राशि- आत्मसंयत रहें। मानसिक शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। नौकरी में परिवर्तन की सम्भावना बन रही हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। परिश्रम अधिक रहेगा। स्थान परिवर्तन सम्भव है। मित्रों का सहयोग रहेगा। घर-पर‍िवार में धार्म‍िक कार्य होंगे। लंबे समय से रुके हुए काम बनने की उम्‍मीद है।

कुंभ राशि- मन अशान्त रहेगा। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। वाहन के रख-रखाव एवं वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। शिक्षा में सुधार होगा। आत्‍मविश्‍वास में कमी आएगी। बातचीत में संतुलन बनाए रखें। किसी मित्र के सहयोग से आय के साधन बन सकते हैं। लाभ के अवसर मि‍लेंगे।

मीन राशि- व्यर्थ के क्रोध एवं वाद-विवाद से बचें। सन्तान के स्वास्थ्‍य में सुधार होगा। किसी मित्र का आगमन हो सकता है। वस्त्र उपहार में मिल सकते हैं। मित्र के सहयोग से आय वृद्धि के स्रोत विकसित हो सकते हैं। स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति सचेत रहें। परिवार में अशांति रहेगी। मन परेशान हो सकता है।

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Karnataka Election Voting 2023: पांच बजे तक 65 फीसदी मतदान...किसका होगा कर्नाटक...इस दिन आएंगे नतीजे

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की वोटिंग(voting ) खत्म हो गई है। इलेक्शन कमीशन के मुताबिक, 5 बजे तक 65.69% वोट पड़े हैं। कर्नाटक में पहली बार 94,000 से अधिक सीनियर सिटिजन्स और दिव्यांगजनों ने घर से वोट डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह कर्नाटक(karnataka ) के लोगों से विशेषकर युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की।मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे ने दावा किया है कि चित्तपुर विधानसभा के चमनूर गांव के एक पोलिंग बूथ में वोटिंग रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि यहां के प्रिसाइडिंग ऑफिसर(officer ) लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए उकसा रहे हैं।बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा विधायक तेजस्वी सूर्या ने कहा कि बजरंगबली की जन्मभूमि कर्नाटक 13 मई को सभी सवालों के जवाब दे देगी।

वोटिंग(voting ) के दौरान तीन जगह हिंसा

वोटिंग के दौरान तीन जगह हिंसा हुई। पुलिस(police ) ने बताया कि विजयपुरा के बासवाना बागेवाड़ी तालुक में लोगों ने कुछ EVM और VVPAT मशीनों को तोड़ डाला। पोलिंग अफसरों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। यहां अफवाह उड़ी थी कि अधिकारी मशीनें बदलकर वोटिंग में गड़बड़ी कर रहे थे।दूसरी घटना पद्मनाभ विधानसभा के पपैया गार्डन पोलिंग बूथ पर हुई, जहां कुछ युवाओं ने लाठियां लेकर विरोधियों पर हमला किया। हमले में वोट डालने आईं कुछ महिलाएं भी घायल हो गईं। तीसरी घटना बेल्लारी के संजीवारायानाकोटे में हुई, जहां कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता के बीच हाथापाई हुई।

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Karnataka Exit Poll 2023 : कौन बनेगा कर्नाटक का किंग…? देखें एग्जिट पोल्स…

बंगलौर। Karnataka Exit Poll 2023 : कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान खत्म होने के बाद अब नतीजे 13 मई को आएंगे। सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 113 सीटें चाहिए। अब एग्जिट पोल आने शुरू हो गए हैं। कई सर्वे और न्यूज एजेंसियों ने मिलकर इन एग्जिट पोल्स को किया है। जिसमें हजारों की संख्या में वोट डालकर बाहर निकले मतदाताओं से उनकी राय ली गई है। चुनाव में बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस के बीच में प्रमुख तौर पर मुकाबला है।

रिपबल्कि और पी मारक्यू के एग्जिट पोल

रिपबल्कि और पी मारक्यू के एग्जिट पोल के अनुसार, कर्नाटक में भाजपा को 85 से 100 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 94 से 108 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, जेडीएस को 24-33 सीटें मिलने की संभावना है। अन्य के खाते में दो से छह सीटें जा सकती हैं।

Karnataka Exit Poll 2023 : टीवी-9 भारतवर्ष और पोलस्ट्रैट का एग्जिट पोल

वहीं टीवी-9 भारतवर्ष और पोलस्ट्रैट एग्जिट पोल में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा पिछड़ती दिख रही है। इसमें कांग्रेस को 99 से 109 सीटें, भाजपा को 88से 98 सीटें, जेडीएस को 21-26 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं अन्य को 0 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

ZEE NEWS और MATRIZE के एग्जिट पोल के अनुसार, कर्नाटक में कांग्रेस को 103-118 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी को 79-94 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, जेडीएस को 25-33 सीटें मिलने की संभावना है। अन्य के खाते में दो से पांच सीटें जा सकती हैं।

Karnataka Exit Poll 2023 : एशियानेट जन की बात का एग्जिट पोल

वहीं, इन सबसे इतर एशियानेट जन की बात ने अपने एग्जिट पोल में कर्नाटक में भाजपा को बढ़त हासिल करने की संभावना जताई है। इसने, राज्य में भाजपा को 94 से 117 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस को 91 से 106 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, जेडीएस को 14-24 सीटें मिलने की संभावना है। अन्य के खाते में दो सीटें जा सकती हैं।

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अंधविश्वास : जादू-टोना के शक में पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर ट्रेन से कटकर की खुदकुशी

उन्नाव. आज कई लोग अंधविश्वास के चक्कर में अपने ही परिवार के लोगों को मौत के घाट उतार दे रहे हैं. उन्नाव जिले के इब्राहिमबाग मोहल्ले में जादू-टोना के शक में पति ने पत्नी की हत्या कर दी थी. इसके बाद आरोपी पति ने ट्रेन से करकर खुदकुशी कर ली.महिला के सिर पर हथौड़े और ईंट से प्रहार करने के बाद चेहरे पर चाकू से कई वार किए थे. वहीं, मंगलवार देर रात हत्यारोपी पति ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा. इब्राहिम बाग निवासी ननकऊ लोध ने सोमवार रात पत्नी किशन दुलारी (65) की जादू-टोना करने के शक में हत्या कर दी थी.हत्या करने के बाद आरोपी भाग निकला था. मृतका के बेटे मुन्नूलाल ने पिता पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस हत्यारोपी की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी. मंगलवार रात करीब 12 बजे उन्नाव-रायबरेली क्रासिंग से 100 कदम दूरी पर हत्यारोपित ननकऊ ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी.

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Land Dispute : जमीनी विवाद में कौन सी लगती है धारा, पता होना चाहिए ये कानून

Land Dispute : आज हम आपको अपनी इस खबर में बताएंगे की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर क्या नियम है और इससे कैसे मदद मिल सकती है। साथ में जमीनी विवाद में कौन सी धारा लगती... ये सब कानून आपको पता होने चाहिए। 

आज के समय में कई अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। कई लोग दूसरों की जमीन पर भी कब्जा कर लेते हैं जो एक अपराध है। संपत्ति पर हक सिर्फ उसके मालिक का होना चाहिए क्योंकि वह उसका एक कानूनी अधिकार होता है। आपको बता दें कि किसी भी संपत्ति के मालिक को यह अधिकार प्राप्त होता है कि उसकी संपत्ति पर कब्जा उसकी इच्छा के विरुद्ध नहीं होना चाहिए।

किसी भी अन्य व्यक्ति को संपत्ति के मालिक की इच्छा से ही जमीन दी जा सकती है। यह जानकर आपको भले ही हैरानी हो पर कई लोग चाकू की नोक पर या फिर जान से मारने की धमकी देकर दूसरे व्यक्ति की जमीन को अपने कब्जे में कर लेते हैं और उस जमीन के असली मालिक को जमीन से बेदखल कर देते हैं। 

अगर आपकी भी जमीन पर किसी ने अवैध कब्जा कर लिया है तो आपको कानून की कई तरह से मदद मिल सकती है। आपको बता दें कि भारतीय कानून में इस समस्या से निपटने हेतु संपूर्ण व्यवस्था दी गई है। इस खबर में हम आपको बताएंगे की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर क्या नियम है और इससे कैसे मदद मिल सकती है।

अगर धोखाधड़ी करके किया गया है कब्जा-
आपको बता दें कि आईपीसी की धारा 420 के तहत अगर किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से आपराधिक बल यानि डरा कर या धमका कर उसकी जमीन से बेदखल कर दिया है तो इस धारा को लागू किया जा सकता है। आप इस धारा के अंतर्गत पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करी सकते हैं।
फिर इस धारा के अंतर्गत कार्यवाही की जा सकती है। आपको बता दें कि कोई भी व्यक्ति अपने इस अधिकार का उपयोग कर सकता है।

अगर संपत्ति का किया है गलत इस्तेमाल-
आपको बता दें कि आईपीसी की धारा 406 के अनुसार यदि जमीन के मालिक ने किसी दूसरे व्यक्ति को एक विश्वास पर अपनी संपत्ति या जमीन दी है और उस दूसरे व्यक्ति ने दी हुई संपत्ति का गलत इस्तेमाल किया है, जमीन को ही बेच दिया है इसके अलावा अगर जमीन के मालिक के मांगने पर भी दूसरे व्यक्ति ने संपत्ति को नहीं लौटाया तो आपको बता दें कि उसे कानून के हिसाब से तीन वर्ष की जेल हो सकती है या फिर उस दूसरे व्यक्ति को भारी राशि भी चुकानी पड़ सकती है।अगर आपके साथ ऐसा हुआ है तो इस कानून के नियम से आपको मदद मिल सकती है। इस धारा के आधार पर आप पुलिस कंप्लेंट कर सकते हैं। 

अगर किसी ने बनाएं है आपकी संपत्ति के नकली दस्तावेज-

आपको बता दें कि आईपीसी की धारा 467 के तहत अगर किसी भी व्यक्ति ने धोखाधड़ी करके नकली दस्तावेज बनाएं है या फिर संपत्ति को अपने कब्जे में करने के इरादे से मालिक को नुकसान या चोट पहुंचाता है या धोखाधड़ी करता है तो आपको बता दें कि वह व्यक्ति भारतीय कानून की धारा 463 के अनुसार जालसाजी का अपराधी होगा और आप इस कानून के अनुसार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 

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भारतीय कानून किसी व्यक्ति को बच्चा गोद लेने की अनुमति देता है: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को कहा कि भारतीय कानून वैवाहिक स्थिति की परवाह किये बिना अकेले व्यक्ति को भी बच्चा गोद लेने की अनुमति देते हैं। मामले पर CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस रवींद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली की संवैधानिक बेंच दलीलें सुन रही है।

न्यायालय ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ विषम स्थितियां हो सकती हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष दलील दी कि लिंग की अवधारणा ‘परिवर्तनशील’ हो सकती है, लेकिन मां और मातृत्व नहीं।

आयोग ने विभिन्न कानूनों में बच्चे का कल्याण सर्वोपरि रखे जाने का उल्लेख करते हुए प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि यह कई फैसलों में कहा गया है कि बच्चे को गोद लेना मौलिक अधिकार नहीं है। एनसीपीसीआर एवं अन्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा कि हमारे कानूनों की संपूर्ण संरचना स्वाभाविक रूप से विषमलैंगिक व्यक्तियों से पैदा हुए बच्चों के हितों की रक्षा और कल्याण से संबंधित है और सरकार विषमलैंगिकों तथा समलैंगिकों के साथ अलग-अलग व्यवहार करने में न्यायसंगत है। भाटी ने कहा कि बच्चों का कल्याण सर्वोपरि है।

पीठ ने कहा कि यह तथ्य सही है कि एक बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है। पीठ में न्यायमूर्ति एस.के. कौल, न्यायमूर्ति एस.आर. भट्ट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा भी शामिल हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि देश का कानून विभिन्न कारणों से गोद लेने की अनुमति प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि एक अकेला व्यक्ति भी बच्चा गोद ले सकता है। ऐसे पुरुष या महिला, एकल यौन संबंध में हो सकते हैं।

यदि आप संतानोत्पत्ति में सक्षम हैं तब भी आप बच्चा गोद ले सकते हैं। जैविक संतानोत्पत्ति की कोई अनिवार्यता नहीं है। पीठ ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ स्थितियां हो सकती हैं। शीर्ष अदालत ने पूछा, विषमलैंगिक विवाह के दौरान यदि पति या पत्नी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी सूरत में क्या होगा। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं पर पीठ के समक्ष नौवें दिन सुनवाई जारी रही।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को कहा कि भारतीय कानून वैवाहिक स्थिति की परवाह किये बिना अकेले व्यक्ति को भी बच्चा गोद लेने की अनुमति देते हैं। मामले पर CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस रवींद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली की संवैधानिक बेंच दलीलें सुन रही है।

न्यायालय ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ विषम स्थितियां हो सकती हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष दलील दी कि लिंग की अवधारणा ‘परिवर्तनशील’ हो सकती है, लेकिन मां और मातृत्व नहीं।

आयोग ने विभिन्न कानूनों में बच्चे का कल्याण सर्वोपरि रखे जाने का उल्लेख करते हुए प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि यह कई फैसलों में कहा गया है कि बच्चे को गोद लेना मौलिक अधिकार नहीं है। एनसीपीसीआर एवं अन्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा कि हमारे कानूनों की संपूर्ण संरचना स्वाभाविक रूप से विषमलैंगिक व्यक्तियों से पैदा हुए बच्चों के हितों की रक्षा और कल्याण से संबंधित है और सरकार विषमलैंगिकों तथा समलैंगिकों के साथ अलग-अलग व्यवहार करने में न्यायसंगत है। भाटी ने कहा कि बच्चों का कल्याण सर्वोपरि है।

पीठ ने कहा कि यह तथ्य सही है कि एक बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है। पीठ में न्यायमूर्ति एस.के. कौल, न्यायमूर्ति एस.आर. भट्ट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा भी शामिल हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि देश का कानून विभिन्न कारणों से गोद लेने की अनुमति प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि एक अकेला व्यक्ति भी बच्चा गोद ले सकता है। ऐसे पुरुष या महिला, एकल यौन संबंध में हो सकते हैं।

यदि आप संतानोत्पत्ति में सक्षम हैं तब भी आप बच्चा गोद ले सकते हैं। जैविक संतानोत्पत्ति की कोई अनिवार्यता नहीं है। पीठ ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ स्थितियां हो सकती हैं। शीर्ष अदालत ने पूछा, विषमलैंगिक विवाह के दौरान यदि पति या पत्नी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी सूरत में क्या होगा। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं पर पीठ के समक्ष नौवें दिन सुनवाई जारी रही।नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को कहा कि भारतीय कानून वैवाहिक स्थिति की परवाह किये बिना अकेले व्यक्ति को भी बच्चा गोद लेने की अनुमति देते हैं। मामले पर CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस रवींद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली की संवैधानिक बेंच दलीलें सुन रही है।

न्यायालय ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ विषम स्थितियां हो सकती हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष दलील दी कि लिंग की अवधारणा ‘परिवर्तनशील’ हो सकती है, लेकिन मां और मातृत्व नहीं।

आयोग ने विभिन्न कानूनों में बच्चे का कल्याण सर्वोपरि रखे जाने का उल्लेख करते हुए प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि यह कई फैसलों में कहा गया है कि बच्चे को गोद लेना मौलिक अधिकार नहीं है। एनसीपीसीआर एवं अन्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा कि हमारे कानूनों की संपूर्ण संरचना स्वाभाविक रूप से विषमलैंगिक व्यक्तियों से पैदा हुए बच्चों के हितों की रक्षा और कल्याण से संबंधित है और सरकार विषमलैंगिकों तथा समलैंगिकों के साथ अलग-अलग व्यवहार करने में न्यायसंगत है। भाटी ने कहा कि बच्चों का कल्याण सर्वोपरि है।

पीठ ने कहा कि यह तथ्य सही है कि एक बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है। पीठ में न्यायमूर्ति एस.के. कौल, न्यायमूर्ति एस.आर. भट्ट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा भी शामिल हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि देश का कानून विभिन्न कारणों से गोद लेने की अनुमति प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि एक अकेला व्यक्ति भी बच्चा गोद ले सकता है। ऐसे पुरुष या महिला, एकल यौन संबंध में हो सकते हैं।

यदि आप संतानोत्पत्ति में सक्षम हैं तब भी आप बच्चा गोद ले सकते हैं। जैविक संतानोत्पत्ति की कोई अनिवार्यता नहीं है। पीठ ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ स्थितियां हो सकती हैं। शीर्ष अदालत ने पूछा, विषमलैंगिक विवाह के दौरान यदि पति या पत्नी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी सूरत में क्या होगा। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं पर पीठ के समक्ष नौवें दिन सुनवाई जारी रही।नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार को कहा कि भारतीय कानून वैवाहिक स्थिति की परवाह किये बिना अकेले व्यक्ति को भी बच्चा गोद लेने की अनुमति देते हैं। मामले पर CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस रवींद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली की संवैधानिक बेंच दलीलें सुन रही है।

न्यायालय ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ विषम स्थितियां हो सकती हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष दलील दी कि लिंग की अवधारणा ‘परिवर्तनशील’ हो सकती है, लेकिन मां और मातृत्व नहीं।

आयोग ने विभिन्न कानूनों में बच्चे का कल्याण सर्वोपरि रखे जाने का उल्लेख करते हुए प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि यह कई फैसलों में कहा गया है कि बच्चे को गोद लेना मौलिक अधिकार नहीं है। एनसीपीसीआर एवं अन्य की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा कि हमारे कानूनों की संपूर्ण संरचना स्वाभाविक रूप से विषमलैंगिक व्यक्तियों से पैदा हुए बच्चों के हितों की रक्षा और कल्याण से संबंधित है और सरकार विषमलैंगिकों तथा समलैंगिकों के साथ अलग-अलग व्यवहार करने में न्यायसंगत है। भाटी ने कहा कि बच्चों का कल्याण सर्वोपरि है।

पीठ ने कहा कि यह तथ्य सही है कि एक बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है। पीठ में न्यायमूर्ति एस.के. कौल, न्यायमूर्ति एस.आर. भट्ट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा भी शामिल हैं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि देश का कानून विभिन्न कारणों से गोद लेने की अनुमति प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि एक अकेला व्यक्ति भी बच्चा गोद ले सकता है। ऐसे पुरुष या महिला, एकल यौन संबंध में हो सकते हैं।

यदि आप संतानोत्पत्ति में सक्षम हैं तब भी आप बच्चा गोद ले सकते हैं। जैविक संतानोत्पत्ति की कोई अनिवार्यता नहीं है। पीठ ने कहा कि कानून मानता है कि ‘आदर्श परिवार’ के अपने जैविक संतान होने के अलावा भी कुछ स्थितियां हो सकती हैं। शीर्ष अदालत ने पूछा, विषमलैंगिक विवाह के दौरान यदि पति या पत्नी की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी सूरत में क्या होगा। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं पर पीठ के समक्ष नौवें दिन सुनवाई जारी रही।

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सड़क हादसे में दो की मौत,तीसरा गंभीर

इंदौर। राऊ थाना क्षेत्र में देर रात दो छात्रों की सड़क हादसे में मौत हो गई। एक साथी को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिस जगह हादसा हुआ वहां काफी अंधेरा था। लोडिंग वाहन टक्कर मारते हुए चला गया। राऊ पुलिस के मुताबिक, घटना करीब पौने दो बजे कैट रोड़ की है। प्रीत पुत्र सुरेंद्र चौहान निवासी सदर बाजार और हर्ष वर्धन निवासी रामबाग की मृत्यु हुई है। एक अन्य साथी भावेश को गंभीर अवस्था में भर्ती करवाया गया। तीनों बाइक से पीथमपुर से इंदौर आ रहे थे। प्रीत के पिता नेहरु पार्क स्थित उद्यान विभाग में पदस्थ है। वह 12वीं में पढ़ता था। हर्ष वर्धन भी 12वीं का छात्र था। 

 
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BOLLYWOOD NEWS : 20 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज होगी प्रभास की फिल्म ‘आदिपुरुष’, 400 करोड़ तक पहुंचा मेकिंग बजट

मुंबई. ‘आदिपुरुष’ (Adipurush Trailer) का ट्रेलर लॉन्च हो चुका है. ट्रेलर को आडियंस से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है. ट्रेलर इंटरनेट पर छाया हुआ है और यहां कि यूट्यूब की ट्रेंड लिस्ट पर टॉप पर है. इसे अबतक 49 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. फिल्म को ओम राउत ने डायरेक्ट किया है. ओम को पिछले लॉन्च किए ‘आदिपुरुष’ के टीजर के लिए काफी ट्रोल किया गया था. फिल्म के वीएफक्स को सबसे बेकार बताया था. लोगों का कहना था कि 600 करोड़ रुपए में कोई इतना पिक्चर कैसे बना सकता है. लेकिन ओम ने ट्रेलर में साबित कर दिया कि उन्होंने एक बेहतरीन फिल्म बनाई है. बाकी परिणाम तो फिल्म रिलीज के बाद पता चलेगा.

‘आदिपुरुष’ (Adipurush) में प्रभास, कृति सैनन (Kriti Sanon), सनी सिंह और सैफ अली खान हैं. फिल्म 16 जून को हिंदी समेत तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज होगी. फिल्म का प्रमोशन भी ग्रैंड लेवेल पर जोरों पर चल रहा है. वीएफएक्स पर भी दोबारा काम किया गया है. ऐसे में फिल्म का बजट का 600 करोड़ रुपए से पार पहुंचेगा. फिल्म के प्रोड्यूसर्स का काफी पैसा दांव पर लगा हुआ है.

प्रभास की सबसे ज्यादा फीस और जिम्मेदारी

फिल्म में सबसे ज्यादा फीस प्रभास (Prabhas Adipurush Fee) को मिली है. वह लीड रोल में हैं और श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं. फिल्म के बजट एक बड़ा हिस्सा 100 करोड़ रुपए उनके खाते में है और हो भी क्यों ना फिल्म का सारा भार जो उनके कंधों पर है. मेकर्स को प्रभास पर काफी भरोसा है. उन्हें उम्मीद है कि प्रभास इस फिल्म के बजट से ज्यादा कमाई करवा देंगे. अगर ऐसा नहीं हो पाया, तो फिल्म को भारी नुकसान होगा।

‘आदिपुरुष’ को ब्लॉकबस्टर होने के लिए कमाने होंगे इतने करोड़ रुपए

आजकल फिल्म को हिट होने के लिए 100 करोड़ रुपए के क्लब में शामिल होने के लिए माना जाता है. लेकिन जिसका बजट ही 600 करोड़ हो उसको ब्लॉकबस्टर बनने के लिए कम से 1 हजार करोड़ रुपए तो कमाने ही होंगे. ट्रेड एनालिस्ट्स की माने तो आदिपुरुष को तभी सक्सेसफुल और सुपरहिट माना जाएगा जब फिल्म 1 हजार या इससे ज्यादा की कमाई कर लें.

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Garuda Purana : मरने से पहले हर व्यक्ति के अंतिम क्षण में मिलता हैं ये 5 संकेत, जानिए क्या कहता है गरुड़ पुराण?

Garuda Purana: गरुड़ पुराण हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथों में से एक है. सनातन धर्म के अनुसार गरुड़ पुराण मृत्यु के बाद सद्गति प्रदान करता है. इसलिए किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके घर में गरुड़ पुराण सुनने का प्रावधान है. अठारह पुराणों में से गरुड़ महापुराण का अपना एक विशेष महत्व है क्योंकि इसके देव स्वयं विष्णु माने जाते हैं. गरुड़ पुराण में जन्म और मृत्यु की घटनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया है. इसमें स्वर्ग, नरक, पाप, पुण्य ज्ञान, नीति, नियम और धर्म की बाते हैं. गरुड़ पुराण में व्यक्ति के जीवन से लेकर मृत्यु तक कई अहम पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया गया है. सनातन धर्म में गरुड़ पुराण का पाठ किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किया जाता है.

इस पुराण में व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पृथ्वीलोक से स्वर्ग लोक तक की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है. आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के मुताबिक मृत्यु से पहले कौन से 5 संकेत मिलते हैं?

जीवनभर के कर्म आते हैं याद

गरुड़ पुराण के अनुसार जब व्यक्ति की मृत्यु नजदीक होती है तो उसे अपने जीवन में किए गए सभी कर्म याद आने लगते हैं और वह पुरानी बातें करने लगता है. चा चाहते हुए भी व्यक्ति अपने जीवन की बुरी यादों को नहीं रोक पाता. ऐसे समय में व्यक्ति अपने परिवारजनों को अपने अच्छे व बुरे कर्मों के बारे में बताता है और उनसे बात करता है.

दिखने लगता है एक रहस्मयी द्वार

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु नजदीक आने पर व्यक्ति को रहस्यमयी द्वार दिखाई देने लगता है और अपने परिवार को बताने लगता है कि उसे कोई द्वार दिख रहा है. इसके अलावा कुछ लोगों को अपने आस-पास आग की लपटें दिखाई देने लगती हैं.

करीब दिखते हैं यमदूत

गरुड़ पुराण के अनुसार जब व्यक्ति की मृत्यु करीब आने लगती है तो उसे कुछ दिन पहले से ही यमराज के दूत अपने पास आते हुए दिखाई देने लगते हैं. उस व्यक्ति को हमेशा अपने पास किसी नकारात्मक शक्ति के होने का अहसास होता है.

हाथ की रेखाएं पड़ जाती हैं हल्की

मौत नजदीक आने पर मनुष्य के हाथ की रेखाएं अचानक से हल्की पड़ने लगती हैं. यहां तक कि गरुड़ पुराण में बताया गया है कि ऐसे समय में कुछ लोगों के हाथ की रेखाएं दिखनी भी बंद हो जाती हैं.

सपने में दिखते हैं पूर्वज

गरुड़ पुराण के मुताबिक मृत्यु से कुछ दिन पहले मनुष्य को सपने में अपने पूर्वज दिखाई देने लगते हैं. कुछ लोगों को सपने में दुखी या रोते हुए पूर्वज भी दिखते हैं. जो कि मृत्यु के करीब होने का संकेत देते हैं.

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