क्राइम
43 सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता 15 दिसंबर से 21 दिसंबर टाटानगर झारखंड में आयोजित होने जा रही है इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 24 तीरंदाज 6 कोच मैनेजर ,30 व्यक्तियों की टीम भाग ले रही है
43 सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता 15 दिसंबर से 21 दिसंबर टाटानगर झारखंड में आयोजित होने जा रही है इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 24 तीरंदाज 6 कोच मैनेजर ,30 व्यक्तियों की टीम भाग ले रही है,
आयुष ne बताया छत्तीसगढ़ के मेडल प्राप्त खिलाड़ी भी खेल रहे
इस प्रतियोगिता में विजय तीरंदाज आने वाले उत्तराखंड नेशनल गेम में सिलेक्शन होने पर खेलेंगे इस प्रतियोगिता में रिकर्व और कंपाउंड वर्ग के तीरंदाज मेडल लाने पर प्रत्येक तीरंदाज को कैश प्राइज के रूप में माननीय CM द्वारा₹25000 का नगद पुरस्कार दिया जाएगा,
आयुष ने प्रतियोगिता की सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी, इसमें जो आठ टीम टॉप में रहेगी वह उत्तराखंड नेशनल गेम में खेलेगी छत्तीसगढ़ तिरदाजी संघ के महामंत्री आयुष मुरारका ने आशा व्यक्ति है कि हमारे तीरंदाज इस प्रतियोगिता में इंडियन वर्ग में तो मेडल लेंगे ही हम इस वर्ष रिकवर और कंपाउंड में हमारे तीरंदाज उत्तराखंड नेशनल गेम में मेडल लाने के लिए उतरेंगे तीरंदाजी संघ के महामंत्री आयुष मुरारका ने सभी तीरंदाजो को बधाई और शुभकामनाएं दी है और यह भविष्य के तीरंदाज एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल सीजी
IND vs AUS 2nd Test : ऑस्ट्रेलिया ने जीता दूसरा टेस्ट, भारत को 10 विकेट से हराया
दूसरी पारी में भारतीय टीम 175 रन ही बना सकी और ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 19 रनों का लक्ष्य दिया, जिसे कंगारुओं ने बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया. ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में मिचेल स्टार्क ने 6 विकेट झटके, वहीं दूसरी पारी में पैट कमिंस ने पांच विकेट लिए.
ऐसा रहा मैच का हाल
चौथे दिन भारत की शुरुआत खराब रही और 7 रन बनाकर खेल रहे रविचंद्रन अश्विन को कप्तान पैट कमिंस ने एलेक्स कैरी के हाथों कैच आउट कराया. इसके बाद हर्षित राणा 12 गेंदों का सामना करते हुए शून्य पर चलते बने.
175 पर सिमटी भारतीय पारी
इसके बाद नीतीश रेड्डी ने 42 रनों की आक्रामक पारी खेली. इसके बाद आस्ट्रेलिया ने मोहम्मद सिराज को 7 रनों के स्कोर पर आउट कर भारत की पारी को 175 रनों पर समेट दिया. मोहम्मद सिराज ने आठ गेंदों का सामना किया और सात रन बनाए.
WPL 2025 Auction : IPL के बाद अब WPL 2025 के लिए नीलामी, 120 खिलाड़ियों पर लगेगी बोली
स्पोर्ट्स डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 की मेगा नीलामी के बाद अब महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2025 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी का मंच सजने को तैयार है। नीलामी 15 दिसंबर को बेंगलुरु में आयोजित होगी, जिसमें 19 स्थानों के लिए 120 खिलाड़ियों की बोली लगेगी। इस नीलामी में 91 भारतीय, 29 विदेशी और 3 एसोसिएट देशों की खिलाड़ी शामिल होंगी। नीलामी रविवार दोपहर 3 बजे शुरू होगी।
ऑक्शन की खास बातें
इस बार कुल 82 ‘अनकैप्ड’ (जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले हों) भारतीय खिलाड़ियों और आठ ‘अनकैप्ड’ विदेशी खिलाड़ियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। टॉप बेस प्राइस 50 लाख रुपये वाले सेट में तीन दिग्गज खिलाड़ी – डिआंड्रा डॉटिन, हीथर नाइट और लिजेल ली शामिल हैं। इनके लिए सबसे ज्यादा बोली लगने की उम्मीद है।
इसके अलावा, भारतीय ऑलराउंडर स्नेह राणा, शुभा सतीश, पूनम यादव, इंग्लैंड की लॉरेन बेल, साउथ अफ्रीका की नादिन डी क्लार्क, इंग्लैंड की मैया बाउचियर और ऑस्ट्रेलिया की किम गर्थ उन 28 कैप्ड खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनका रिजर्व प्राइस 30 लाख रुपये है।
सबसे बड़े पर्स के साथ ऑक्शन में उतरेगी गुजरात
गौरतलब है कि पांचों फ्रेंचाइजी के पास 2025 सीजन के लिए अपनी टीम बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये का बजट है, जो पिछली ऑक्शन में 13.5 करोड़ रुपये से अधिक है। गुजरात जायंट्स 4.4 करोड़ रुपये के सबसे बड़े पर्स के साथ ऑक्शन में उतरेगी। आरसीबी की टीम 3.25 करोड़ रुपये के पर्स के साथ ऑक्शन में उतरेगी, जबकि यूपी वारियर्स 3.9 करोड़ रुपये के साथ उतरेगी। दो बार की उपविजेता दिल्ली कैपिटल्स के पास 2.5 करोड़ रुपये का पर्स होगा, जबकि 2023 की विजेता मुंबई इंडियंस 2.65 करोड़ रुपये के साथ ऑक्शन में उतरेगी।
जानें किस टीम में कितने स्लॉट खाली?
गुजरात जायंट्स: 2 विदेशी सहित 4 स्लॉट।
यूपी वारियर्स: 1 विदेशी सहित 3 स्लॉट।
मुंबई इंडियंस : आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स: 4-4 खिलाड़ी खरीदेंगी।
WPL के पहले सीजन में मुंबई और दूसरे में बेंगलुरु रही विजेता
WPL के अब तक 2 सीजन खेले जा चुके हैं। पहली बार मुंबई इंडियंस ने खिताब पर कब्जा किया था, जबकि WPL 2024 में RCB चैंपियन बनी थी। अब तीसरा सीजन अगले साल खेला जाएगा।

श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में अंतर महाविद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन...
श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में अंतर महाविद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन...
प्रतियोगिता के शीर्ष चार खिलाड़ि भुवनेश्वर में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेलों में करेंगे प्रदर्शन...
मैदान पर सीखे गए गुण जीवन के हर पहलू में सीधे तौर पर परिलक्षित होते हैं... प्रो. डी.पी सिंह
रायपुर| श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय परिसर में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा अंतर महाविद्यालय तीरंदाजी प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में रायपुर सेक्टर से पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के 12 संबद्ध महाविद्यालयों के कुल 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में 15 लड़कियों और 15 लड़कों ने अपनी तीरंदाजी कौशल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने कंपाउंड राउंड, इंडियन राउंड और रिकर्व राउंड में अपनी प्रतिभा दिखाई।
मुख्य अतिथि यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष एवं टीआईएसएस चांसलर प्रो. डी.पी सिंह ने विद्यार्थियों और प्रतिभागियों से भेंट कर कहा कि मेरे लिए यह वास्तव में सम्मान की बात है। हम न केवल खेल की भावना के लिए बल्कि शिक्षा, ज्ञान और रचनात्मकता के आदर्शों को अपनाने के लिए भी एकत्र हुए हैं जो हमारे भविष्य को आकार देंगे।
शिक्षा के मौलिक मूल्य पर जोर देते हुए कहा कि , शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों या परीक्षाओं के बारे में नहीं है; यह आने वाली दुनिया के लिए खुद को तैयार करने, आलोचनात्मक सोच, नवाचार और लगातार बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुकूल होने की क्षमता को बढ़ावा देने के बारे में है। ज्ञान वह नींव है जिस पर हम अपना भविष्य बनाते हैं। यह हमें सशक्त बनाता है, हमारे जुनून को प्रज्वलित करता है और अनंत संभावनाओं के द्वार खोलता है।विद्यार्थी के रूप में, आप अपनी यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण में हैं, जहाँ आपके पास उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्ग बनाने का अवसर है। अपने आप को केवल कक्षा तक सीमित न रखें।
प्रो. सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ, विद्यार्थियों के विकास का एक और ज़रूरी हिस्सा है खेल । खेल जीवन के मूल्यवान सबक सिखाते हैं: अनुशासन, दृढ़ता, टीमवर्क और लचीलापन। मैदान पर सीखे गए ये गुण जीवन के हर पहलू में सीधे तौर पर परिलक्षित होते हैं, चाहे वह आपकी शैक्षणिक गतिविधियों, पेशेवर जीवन या व्यक्तिगत संबंधों में हो।यह खेल आयोजन सिर्फ़ जीतने या हारने के बारे में नहीं है; यह प्रयास का जश्न मनाने, चरित्र निर्माण और समुदाय की भावना को बढ़ावा देने के बारे में है। भविष्य आपको बनाना है और मैं आपकी शैक्षणिक यात्रा, खेलकूद और आपके सभी भावी प्रयासों के लिए आपको शुभकामनाएँ देता हूँ।
इस प्रतियोगिता के शीर्ष चार खिलाड़ियों का चयन किया गया, जो KKIT भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेलों में भाग लेंगे।
बॉयज केटेगरी इंडियन राउंड के विजेता नकुल सिंह(विप्र कॉलेज) ,कंपाउंड राउंड के विजेत अर्क महोबिया (महंत कॉलेज), रिकर्व राउंड के विजेता मयूर (महाराजा अग्रसेन कॉलेज) रहे ।
गर्ल्स केटेगरी में इंडियन राउंड की विजेता हर्षिता साहू (शासकीय छत्तीसगढ़ कॉलेज), कंपाउंड राउंड की विजेता आर्शी यादव (महंत कॉलेज ), रिकर्व राउंड की विजेता छमा पिस्दा (शासकीय डी. बी गर्ल्स कॉलेज) रही।
यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस प्रतियोगिता ने न केवल प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया, बल्कि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए शारीरिक शिक्षा विभाग की टीम को बधाई। इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों के समर्पण और मेहनत को दर्शाती हैं और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करती हैं।
इस तीरंदाजी प्रतियोगिता के सभी उत्कृष्ट विजेताओं और प्रतिभागियों को यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री हर्ष गौतम, कुलपति प्रो. एस. के सिंह और शारीरिक शिक्षा विभाग के निर्देशक डॉ.सुमित तिवारी ने शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में खेल के प्रति जागरूकता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देना था।
24वें राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन में 40 से अधिक राज्यों के 1000 से अधिक वनवासी खिलाड़ी भाग लेंगे वनांचल क्षेत्रों के सैकड़ों ऐसे खिलाड़ी भी होंगे जो पहली बार ट्रेन का सफर कर रायपुर जैसे शहर में पहुंचेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 24वें राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। 28 दिसंबर से 31 दिसंबर 2024 तक राजधानी में चलने वाली इस प्रतियोगिता में 40 से अधिक राज्यों के 1000 से अधिक वनवासी खिलाड़ी भाग लेंगे, जो इस क्रीड़ा प्रतियोगिता को ऐतिहासिक बनाने वाला है। 27 दिसंबर को सभी प्रतिभागियों का पंजीयन होना तय किया गया है। तीरंदाजी एवं फुटबॉल के खेल में शामिल होने वाले इन खिलाड़ियों को देश के कोने-कोने से चयन कर इस प्रतियोगिता के लिए तैयार किया गया है। राजधानी में होने वाले इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के इस वर्ष का आयोजन अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से सम्बद्ध वनवासी विकास समिति के छत्तीसगढ़ प्रान्त द्वारा किया जा रहा है।
स्वागत समिति के अध्यक्ष छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप एवं सचिव अमर बंसल हैं। समिति के स्वागत सदस्यों में प्रदेश के जाने-माने शिक्षाविद, चिकित्सक, चार्टेड एकाउंटेंट, खेल विशेषज्ञ, व्यवसायी समेत विविध क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोग शामिल हैं।
इस प्रतियोगिता की विशेष बात यह भी है कि इसमें देश के वनांचल क्षेत्रों के सैकड़ों ऐसे खिलाड़ी भी होंगे जो पहली बार ट्रेन का सफर कर रायपुर जैसे शहर में पहुंचेंगे। उत्तर पूर्वी राज्यों के अंदरूनी क्षेत्रों से लेकर अंडमान-निकोबार द्वीप के खिलाड़ी भी इसमें हिस्सा लेने आ रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न प्रान्तों के खिलाड़ियों के साथ-साथ नेपाल के भी जनजातीय खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जो राजधानी के मैदानों में अपनी प्रतिभा को दिखाएंगे। प्रतियोगिता के विभिन्न आयोजनों को साइंस कॉलेज के मैदान, रविवि के खेल विभाग के मैदान एवं कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। 28 दिसंबर को प्रतियोगिता का आरंभ होगा, वहीं 31 दिसंबर साइंस कॉलेज मैदान में इसका समापन समारोह होगा।
राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता के शुभारंभ से पूर्व राजधानी के जयस्तम्भ चौक से साइंस कॉलेज तक एक विशाल खेल ज्योति रैली निकाली जाएगी, जिसमें सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहेंगे। प्रतियोगिता के मध्य 29 दिसंबर को एनआईटी मैदान में विभिन्न प्रान्तों से आए जनजातीय प्रतिभागियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं प्रतिभागियों के लिए मातृ हस्त भोजन होगा, जिसमें पूरे रायपुर महानगर के 500 से अधिक परिवारों की सहभागिता होगी।
राजधानी में होने वाली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में आयोजकों की ओर से केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया को भी आमंत्रित किया गया है। साथ ही समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को भी आमंत्रित किया है। इनके अतिरिक्त प्रदेश के मंत्रीगण, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल एवं तीरंदाजी के खिलाड़ी भी आमंत्रित किए गए हैं।
गौरतलब है कि वनांचल क्षेत्र के जनजाति समाज की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए वर्ष 1988 में मुम्बई नगरी से इस प्रतियोगिता का आरंभ हुआ था, जो अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय कार्यक्रम था। 'तू मैं - एक रक्त' की भावना के साथ नए कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य किए जा रहे इस राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता की सफलता कुछ ऐसी रही है कि इसने देश को लिम्बाराम, कविता राउत, मनीष डामोर समेत अनेकों अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं।
सिख प्रीमियर लीग क्रिकेट मैच का 16 वां साल
*SPL - Sikh Premier League 6 दिसंबर से 15 दिसंबर*
तैयारियां जोरों पर - 6 दिसंबर को अरदास के साथ होगा आगाज*
शहीद भाई तारू सिंह फांउडेशन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किये जाने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट सिक्ख प्रीमियर लीग का 16 वां आयोजन 6 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है | पिछले 16 सालों से लगातार हर वर्ष होने वाले सिक्ख प्रीमियर लीग में इस वर्ष जम्मू, तेलगांना, नांदेड़, नागपुर, हैदराबाद, छत्तीसगढ़ सहित कुल 12 टीमें भाग ले रही हैं | शाहिद तारु भाई फाउंडेशन के प्रमुख त्रिलोचन सिंह ने एक जानकारी में बताया कि इस वर्ष सिख प्रीमियर लीग का आयोजन WRS कॉलोनी मैदान में किया जा रहा है | *Sikh Premier League के सभी खिलाड़ी केसधारी, पगड़ी धारी सिक्ख* Sikh premier league की खास बात यह है कि इस मैच में सभी खिलाड़ी केसधारी सिख होते हैं अर्थात कोई भी खिलाड़ी मोना अर्थात बाल कटे वाला नहीं होता | शाहिद भाई तारु सिंह फाऊंडेशन द्वारा आयोजित इस सिख प्रीमियर लीग के माध्यम से युवाओं को सिक्ख धर्म का पालन करने, सिख धर्म गुरुओं के आदेशों का पालन करने के साथ साथ धर्म के प्रति अपने सिद्धांतों - नियमों का पालन करने जागरूक भी किया जाता है | इस आयोजन में प्रमुख रूप से बलदेव सिंह भाटिया, बाबूलाल ज्वेलर्स, जसमीत चावला, बलविन्दर सिंह छाबड़ा का विशेष सहयोग प्रतिवर्ष मिलता है।
कोच की बेटी से प्यार, इतने करोड़ के मालिक हैं सुरेश रैना, जानें उनके 5 बड़े रिकॉर्ड…
Suresh Raina Birthday: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्टार क्रिकेटर सुरेश रैना आज अपना 38वां जन्मदिन मना रहे हैं. साल 2005 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले रैना ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और दमदार फील्डिंग से भारतीय टीम को कई बार जीत दिलाई है. वो ना सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट, बल्कि आईपीएल के भी दिग्गज खिलाड़ी माने जाते हैं. उनकी शानदार परफॉर्मेंस की वजह से उन्हें ‘मिस्टर आईपीएल’ के नाम से भी पहचाना जाता है. रैना उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने जो भी चाहा वो पाकर ही दम लिया. क्रिकेट में सफलता के झंडे गाड़ने वाले रैना की लव स्टोरी बेहद क्यूट है. वो कोच की बेटी पर ही दिल हार बैठे थे और उसे अपना जीवनसाथी भी बना लिया.
सुरेश रैना की पर्सनल लाइफ पर नजर डालें तो उनकी पत्नी का नाम प्रियंका चौधरी है, जो एक बिजनेसवुमेन हैं और Maate चाइल्ड केयर ब्रांड की को-फाउंडर हैं. शादी से पहले वह नीदरलैंड्स में बैंकिंग सेक्टर में काम करती थीं. प्रियंका के पिता तेजपाल चौधरी सुरेश रैना के पहले कोच थे. रैना और प्रियंका की पहली मुलाकात मुरादनगर में हुई थी. साल 2008 में एयरपोर्ट पर 5 मिनट की मुलाकात के बाद उनकी प्रेम कहानी ने रफ्तार पकड़ी और आज दोनों चर्चित कपल में से एक हैं.
कितने करोड़ के मालिक हैं सुरेश रैना?
अब अगर Suresh Raina Net Worth के बारे में बात करें तो उनकी कुल संपत्ति 25 मिलियन डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपये) है. उनकी मंथली इनकम करीब 50 लाख रुपये है. रैना क्रिकेट से संन्यास के बाद कमेंट्री करते नजर आते हैं.
सुरेश रैना के खास रिकॉर्ड
- रैना ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बनने का रिकॉर्ड बनाया था. उन्होंने 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.
- सुरेश रैना आईपीएल में 5000 रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी हैं.
- चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं. उन्होंने इस टीम के साथ 4 आईपीएल खिताब और 2 चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफी जीते हैं.
- बाएं हाथ के रैना टी20 क्रिकेट में 6000 और 8000 रन बनाने वाले पहले भारतीय हैं.
- टी20 इंटरनेशनल और चैंपियंस लीग टी20 में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव भी रैना के पास है.
कैसा है सुरेश रैना का क्रिकेट करियर?
साल 2008 से लेकर 2018 तक सुरेश रैना (Suresh Raina) ने तीनों फोर्मट्स में कुल मिलाकर 322 मैच खेले हैं, जिसकी 291 पारियों में उनके बल्ले से 32.87 की औसत और 92.45 स्ट्राइक रेट 7988 रन निकले हैं. जिसमें 7 शतक और 48 अर्धशतक शामिल है. इसके अलावा बतौर गेंदबाज उनके खाते में 62 विकेट दर्ज है. जिसमें उनका बेस्ट बोलिंग फिगर 34 रन पर 3 विकेट है.
टेस्ट-18 मैच मैचों में 768 रन, इसमें 1 शतक और 7 फिफ्टी शामिल हैं.
वनडे- कुल 226 मैचों में 5615 रन बनाए, इसमें 5 शतक और 36 फिफ्टी हैं.
टी20 इंटरनेशनल- अब तक 78 मैचों में 1604 रन बनाए हैं. 1 शतक 5 फिफ्टी हैं.
आईपीएल- 205 मैच, 5528 रन बनाए, जिनमें 1 शतक और 39 फिफ्टी हैं.
महासमुंद : आदिवासी बच्चों को तीरंदाजी खेल में अपनी हुनर दिखाने मिल रहा भरपूर अवसर
भारत सरकार की योजना अन्तर्गत खेलों इंडिया लघु केंद्र का संचालन तीरंदाजी खेल में खेल एवं युवा कल्याण महासमुंद द्वारा एकलव्य आदर्श मॉडर्न आवासीय विद्यालय भोरिंग में नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें तीरंदाजी प्रशिक्षक एवन कुमार साहू (राष्ट्रीय खिलाड़ी) बागबाहरा द्वारा विगत दो वर्षों से प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा हैं। प्रशिक्षण में शामिल होने आस पास के खिलाड़ियों के साथ जिले भर के बच्चें शामिल हो रहे हैं। जो एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं स्थानीय विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। तीरंदाजी खेल को आगे बढ़ाने व संचालित करने हेतु पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराया गया हैं जिसमें प्रतिदिन सुबह-शाम खिलाड़ियों को अपने हुनर दिखाने का मौका मिल रहा हैं। जिले के विभिन्न ग्राम/ग्राम पंचायतों से लेकर शहरी क्षेत्रों से खिलाड़ी अभ्यास करने शामिल हो रहे हैं। जिले में तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन जिला, संभाग स्तरीय, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन भोरिंग में किया जा चुका हैं। तीरंदाज़ी खेल को आगे बढ़ाने में जिला प्रशासन का अहम योगदान है। विभागों के आपसी समन्वय से तीरंदाजी खेल में जिले के खिलाड़ियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने में सफल रहे हैं।
राज्य स्तरीय जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता बागबाहरा में लघु केंद्र के 17 खिलाड़ियों की भागीदारी रहीं। राज्य स्तरीय एकलव्य आवासीय विद्यालय भोरिंग की खेल प्रतियोगिता में 16 खिलाड़ी शामिल होकर 8 पदक जीतने में सफल रहे। संभाग स्तरीय एकलव्य विद्यालय की तीरंदाजी प्रतियोगिता राजनांदगांव में 12 खिलाड़ी शामिल होकर 12 पदक जीतने में सफल रहे जिसमें 6 स्वर्ण पदक, 4 रजत पदक व 2 कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। स्कूल नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में देविका यादव ने प्रदेश की टीम से प्रतिनिधित्व किया। महासमुंद जिले के खिलाड़ियों ने अपने हुनर और खेल प्रतिभा को दिखाते हुए आवासीय खेल अकादमी में चयनित होकर वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर जैसे शहरों में शासन द्वारा संचालित निःशुल्क आवासीय केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। रायपुर आवासीय खेल अकादमी में जिले की देविका साहू, लक्ष्मी साहू, दिलेश्वरी साहू, अबीर पांडे एवं खेलों इंडिया एक्सीलेंसी सेंटर बेहतराई बिलासपुर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में डोमेश्वरी साहू, यामिनी धीवर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
जिले के उपलब्धि प्राप्त खिलाड़ियों में श्रीकांत जगत बाराडोली बसना, चंदन सिदार रेमडा पिथौरा, मनीषा ध्रुव सोनासिल्ली पिथौरा, जयंत ठाकुर महासमुंद, उमेश बरिहा जबलपुर सरायपाली, टुकेश कमार वनसिवनी महासमुंद, लीना नेताम परसाड़ीह महासमुंद, सीमा चिपरीकोना बसना, दिव्या कमार बनसिवनी, दिगंबर नेताम बसना, देवव्रत दीवान घोंच पिथौरा, अश्मि निधि नाग बरिहापाली बसना, पुष्कर ठाकुर केसकेरा बागबाहरा, कुमुदिनी दीवान ठाकुरदिया पिथौरा, लिलिमा नाग बरिहापाली बसना, योगेश नाग खरोरा बसना, नमन मांझी कुदारीबाहरा बसना, कामना ध्रुव बीकेबाहरा बागबाहरा, मनीष सिदार रेमडा पिथौरा, राहुल धीवर तुमगांव, नीलम साहू भोरिंग, वैनिका साहू भोरिग, हुमेश्वरी साहू, टिकेश्वरी साहू, दुर्गेशवरी साहू, शुभम पाठक सभी भोरिंग, केदारनाथ तुमगांव, देविका यादव तुमगांव महासमुंद के खिलाड़ी शामिल हैं। राज्य स्तरीय एकलव्य तीरंदाजी प्रतियोगिता दिनांक 27 से 29 नवम्बर 2024 को अंबिकापुर में आयोजित किया गया हैं जिसमें जिले से कुल 10 खिलाड़ी श्रीकांत जगत, चन्दन सिदार, मनीषा ध्रुव, कामना ध्रुव, योगेश नाग, टुकेश कमार, लिलिमा नाग, कुमुदनी दीवान, दिगम्बर नेताम व जयंत ठाकुर शामिल हैं।
वन मंत्री ने किया जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक का 100 मीटर दौड़ के लिए हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
वन मंत्री ने किया जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक का 100 मीटर दौड़ के लिए हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
नारायणपुर, 22 नवंबर 2024// प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने बालक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 100 मीटर दौड़ के प्रतिभागी खिलाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता की शुरुआत की। वन मंत्री श्री कश्यप ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ने का मौका मिलता है जो उनके व्यक्तिगत और सामाजिक विकास में सहायक होगा। बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कराठे, तीरंदाजी, खो.खो, कबड्डीए फुटबॉल, वॉलीबॉल और रस्साकसी जैसे विभिन्न खेलों की प्रतिस्पर्धाएँ शामिल हैं जो जिले के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का एक बड़ा मंच मिला है।
इस मौके पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, जिला पंचायत सदस्य प्रताप मण्डावी, रानो पोटाई, गंगादई सॉरी, मंगली कावड़े, सुमित्रा सलाम, गौतम एस गोलछा, नरेन्द्र मेश्राम, संदीप झां, रीता मण्डल, कलेक्टर श्री बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, वनमंडलाधिकारी श्री सचिकानंदन के, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन और खेल अधिकारी डॉ. सुमित गर्ग सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित थे।
युवाओं में बढ़ता विश्वास बस्तर ओलंपिक बना खास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर आयोजित बस्तर ओलम्पिक की स्पर्धाओं में बीजापुर के सुदूर क्षेत्रों के खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के तहत ब्लॉक स्तरीय स्पर्धा का शुभारंभ आज बीजापुर और भैरमगढ़ ब्लाक हुआ। अंदरूनी क्षेत्रों के हजारों खिलाड़ी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर सुशासन के सूर्याेदय के साक्षी बने हैं।
बीजापुर के मिनी स्टैडियम एवं भैरमगढ़ में ब्लॉक स्तरीय स्पर्धाएं आज 18 से शुरू हुई है, जो 21 नवंबर तक चलेंगी। जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। बस्तर ओलंपिक में 14-17 वर्ष एवं 17 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी गोला फेक, तवा फेक, लंबी कूद, लंबी दौड़, रिलेरेस, बैडमिंटन, फुटबाल, कबड्डी, तीरंदाजी, कराटे, वॉलीबाल, रस्साकसी में हिस्सा ले रहे हैं।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बी पुष्पा राव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीना रावतिया नगरपालिका अध्यक्ष बेनहुर एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ब्लॉक स्तरीय बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ आज बीजापुर के मिनी स्टेडियम में हुआ। अतिथिगणों ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल भावना से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर एवं जिला खेल अधिकारी नारायण प्रसाद गवेल, एसडीएम बीजापुर उत्तम सिंह पंचारी, सीईओ जनपद पंचायत गीत कुमार सिंहा सहित अधिकारी-कर्मचारी, खेल प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने किक बॉक्सिंग खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की
सरगुजा के चार खिलाडियों ने कर्नाटक के कुर्ग में 10 से 14 नवंबर तक आयोजित प्रोफेशनल नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 2 स्वर्ण और एक -एक रजत और कांस्य पदक हासिल इस राष्ट्रीय स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। पदक विजेता इन खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
वाको इंडिया किक बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में सरगुजा की स्वाति राजवाड़े ने 60 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड, सरवर एक्का ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड मैडल, सत्यम साहू ने 70 किलो से कम वजन वर्ग में रजत और संजना मिंज ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता है।
इस अवसर पर किक बॉक्सिंग एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष छगन लाल मूंदड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष तारकेश मिश्रा, सचिव आकाश गुरु दीवान और टीम के कोच श्री खिलावन दास उपस्थित थे।
छात्र जीवन ,अपनें जीवनकाल का स्वर्णिम समय होता है - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव
जगदलपुर शहर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी हिंदी मीडियम स्कूल धरमपुरा में सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री किरण देव ने 135 छात्राओं को साइकिल वितरण किया। सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जलवन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई । इस दौरान विधायक श्री किरण देव ने कहा कि सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत आज जगदलपुर शहर में छात्राओं को साइकिल वितरण किया जा रहा है। सभी छात्राओं को बधाई व शुभकामनाएं। सभी बच्चें बेहतर ढंग से पढ़ाई करें और अपने विद्यालय का नाम रोशन करें । हमारे प्रदेश में यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की सोच है कि शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल एवं सभी क्षेत्रों में प्रदेश का समग्र विकास करना। श्री किरण देव ने कहा यही समय होता है अपने लक्ष्य निर्धारित कर रुचि रख विषय को लेकर पढ़ाई करें जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व होता है । श्री देव ने कहा कि शिक्षा को और बेहतर रूप से करने के साथ हमारी छात्राओं को स्कूल आने में परेशानी ना हो जिसके लिये सरस्वती साइकिल योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा साइकिल वितरण किया जा रहा है । शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छा अवसर देना हमारा कर्तव्य है । हमारी सरकार के मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में आगे की ओर अग्रसर होते हुए प्रदेश में बेहतर शिक्षा देना हमारा कर्तव्य है । जगदलपुर विधानसभा के सभी स्कूलों को व्यवस्थित और बेहतर बनाया जाएगा । किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होगी । बस्तर अंचल में प्रतिभा की कमी नहीं है। बस्तर ओलंपिक में बस्तर संभाग के बच्चों में गजब उत्साह देखने को मिला। बस्तर के बच्चों में खेल प्रतिभा की कमी नहीं है। वर्तमान में पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी है ।
इस कार्यक्रम में श्री विधाशरण तिवारी , आर्येंद्र आर्य, रजनीश पानीग्राही, राजेश श्रीवास्तव,शशि रथ , एसएमडीसी सदस्य परितोष मंडल ,मानिक पंत, हितेश राय ,डीईओ बलिराम बधेल ,बीईओ श्री मानसिंह भारद्वाज , भारती देवांगन,प्राचार्य हेमलता त्रिपाठी एवं स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं विधालय के विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
68 स्कूल नेशनल गेम गुजरात नदियाल में आयोजित 25 सदस्य दल छत्तीसगढ़ की टीम खेलने गई थी
68 स्कूल नेशनल गेम गुजरात नदियाल में आयोजित 25 सदस्य दल छत्तीसगढ़ की टीम खेलने गई थी
मुरारका के बताया कि इस प्रतियोगिता में रिकर्व वर्ग में शिव तराई तीरंदाज आकाश राज 70 मीटर में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है
छत्तीसगढ़ का तीरंदाज इंटरनेशनल इक्विपमेंट में या रिकवरऔर कंपाउंड वर्क में पहली बार स्कूल नेशनल में मेडल प्राप्त किया है छत्तीसगढ़ का तीरंदाज इंडियन वर्ग में तो हर साल ओपन टूर्नामेंट में मेडल प्राप्त कर रहे हैं,
परंतु परीक्षा में छत्तीसगढ़ के तीरंदाज को स्कूल नेशनल में मेडल मिलना गर्व की बात है आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष आदरणीय विष्णु देव साय ji के नेतृत्व में हमें विश्वास है सभी वर्गों में इंटरनेशनल इक्विपमेंट में हम मेडल लाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री साय जी,तीरंदाजी संघ के कैलाश मुरारका, ने समस्त पदाधिकारी कोच ने मेडल प्राप्त आकाश राज को बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले रोहित शर्मा के घर आई खुशियां,पत्नी रितिका ने बेटे को दिया जन्म
रोहित शर्मा को लेकर माना जा रहा था कि वह अपने दूसरे बच्चे के कारण पहला टेस्ट मैच मिस कर सकते हैं। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच से लगभग 6 दिन पहले उनका पत्नी ने बच्चे को जन्म दे दिया है। ऐसे में रोहित शर्मा के पास अब इस मुकाबले के लिए टीम के साथ जुड़ने का पूरा समय है। रोहित जल्द ही ऑस्ट्रेलिया के रवाना हो सकते हैं।
रोहित-रितिका की 2105 में हुई थी शादी
रोहित और रितिका ने साल 2015 में शादी की थी. दोनों शादी के तीन साल बाद बिटिया के माता पिता बने थे. रोहित ने बच्चे के जन्म के लिए टीम इंडिया से ब्रेक लिया था लेकिन अब वह 22 नवंबर से शुरू होने वाले पर्थ टेस्ट मैच में खेल सकते हैं. रोहित टीम इंडिया के बाकी सदस्यों के साथ ऑस्ट्रेलिया रवाना नहीं हुए थे. उनका शुरुआती दो टेस्ट में खेलना तय नहीं था. लेकिन अब वह ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भर सकते हैं.
ऑस्ट्रेलिया में जरूरी हैं रोहित शर्मा
टीम इंडिया के कप्तान होने के अलावा रोहित शर्मा के पास ऑस्ट्रेलिया में खेलने का अनुभव भी है। रोहित शर्मा एक ओपनर खिलाड़ी हैं। ऐसे में टीम इंडिया को उनकी खास जरूरत भी है। रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज खेल रही है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के नजरिए से यह सीरीज टीम इंडिया के लिए काफी अहम है। ऐसे में रोहित शर्मा जितनी जल्द टीम के साथ जुड़े वह भारतीय फैंस और टीम के लिए अच्छा होगा। ऑस्ट्रेलिया में रोहित शर्मा के नाम टेस्ट क्रिकेट में तीन अर्धशतक दर्ज हैं। उन्हें अपने पहले शतक की अभी भी तलाश है। रोहित शर्मा के जल्द टीम के साथ जुड़ने से टीम इंडिया की बैटिंग लाइनअप को फायदा होगा।
बस्तर ओलंपिक ने वनांचल के युवाओं को दिया नया मंच, खेलों में बढ़ा उत्साह
जनजातीय बाहुल्य और माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग में खेल के माध्यम से विकास और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर ओलंपिक-2024 का आयोजन किया गया है। इस आयोजन को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, जिसमें सुदूर गांवों से आए युवा अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस पहल को जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक खेलों के संरक्षण के साथ ही, युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।
विकासखंड स्तर पर उत्साहपूर्वक भागीदारी
नारायणपुर जिले में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 16 नवंबर तक किया जा रहा है, जिसमें नारायणपुर विकासखंड हेतु प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 11 नवंबर तक नारायणपुर के परेड ग्राउंड और खेल परिसर में किया गया, जिसमें जिले के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओरछा विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता 14 से 16 नवंबर तक, फिर 19 से 21 नवंबर तक जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिले भर के खिलाड़ियों को भाग लेने को मौका मिलेगा।
नारायणपुर में हुए आयोजन में बोरावण्ड गांव से आए युवाओं ने बताया कि उन्हें इस कार्यक्रम में भाग लेकर अत्यधिक आनंद मिल रहा है। खिलाड़ियों ने बताया कि यहां उन्हें ठहरने, भोजन, पेयजल और ड्रेस जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बोरावण्ड के खिलाड़ी जयसिंह, रजनु यादव, अमर सिंह मंडावी, सियालाल नाग और उनके साथी बस्तर ओलंपिक में अपने खेल को निखारने के इस अवसर के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के सुदूर पहुंचविहीन गांव के प्रतिभावान युवाओं के खेल प्रतिभा को निखारने के लिए यह उनकी सराहनीय पहल है। उन्होंने बताया कि कबड्डी पुरुष वर्ग में उनकी टीम ने विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए उन्हें ट्रॉफी, मेडल और टीम को ड्रेस प्रदान किया गया। जिला स्तर के आगामी आयोजन के लिए उनकी टीम अत्यधिक उत्साहित है और श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री की पहल से अबूझमाड़ में आया सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। इस क्षेत्र में माओवादी घटनाओं में कमी आई है और लोगों का जीवन स्तर भी बेहतर हो रहा है। अबूझमाड़ के संवेदनशील इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और उप-स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं। ईरकभट्टी, मसपुर और गारपा जैसे दूरस्थ गांवों तक अब पक्की सड़कें बन चुकी हैं, जिससे इन गांवों के निवासियों को शहरों और बाजारों से जोड़ने में आसानी हो रही है। नारायणपुर से गारपा और मसपुर तक बस सेवाओं की शुरुआत भी इस क्षेत्र के विकास में एक अहम कदम है, जिससे लोगों को यातायात में सहूलियत मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय के कुशल नेतृत्व और विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक असर अबूझमाड़ के जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुरक्षा में वृद्धि, सड़क संपर्क, और विभिन्न सुविधाओं की उपलब्धता ने यहां के निवासियों को राजधानी और अन्य शहरी क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य किया है। अबूझमाड़ के लोग अब अपने गांवों में रहते हुए भी बेहतर अवसर प्राप्त कर रहे हैं और विकास की मुख्यधारा में सम्मिलित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल युवाओं को खेल के माध्यम से एक मंच प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक और मानसिक रूप से भी सशक्त बनाते हैं। उनके नेतृत्व में बस्तर संभाग में खेल प्रतिभा के विकास और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का यह प्रयास प्रशंसनीय है।
राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में जशपुर जिले के दो खिलाड़ी दिखाएंगे अपनी प्रतिभा
24 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा (तीरंदाजी) प्रतियोगिता 6 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 24 तक रायपुर में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में जशपुर जिले में जिला प्रशासन के अंतर्गत संचालित तीरंदाजी केंद्र एवं एकलव्य खेल अकादमी जशपुर के विशेष पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा) वर्ग के खिलाड़ी मनोज राम ने अंडर 17 वर्ष कम्पाउन्ड राउण्ड में तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता के लिए चयनित हुआ। इसी प्रकार खिलाड़ी आकाश राम ने अंडर 14 वर्ष कम्पाउन्ड राउण्ड में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता के लिए चयनित हआ। दोनों खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की खेल को प्रोत्साहित करने और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए सतत् प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर जिले के दोनों खिलाड़ियों को खेल की क्षेत्र में आगे बढ़ाने सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं और राज्य का नाम रोशन करने के लिए बधाई दी। ज्ञातव्य है कि 24 वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा (तीरंदाजी) प्रतियोगिता प्रदेश भर के पांचों संभागों से लगभग 350 से भी ज्यादा तीरंदाज शामिल हुए जिसमें जिला प्रशासन जशपुर के तीरंदाजी केन्द्र एवं एकलव्य खेल अकादमी जशपुर के 6 तीरंदाजों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
इस तीरंदाजी प्रतियोगिता में विशेष पिछड़ी जनजाति (पहाड़ी कोरवा) वर्ग के खिलाड़ी मनोज राम ने अंडर 17 वर्ष राष्ट्रीय स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए चयनित हुआ है। वह प्रतियोगिता 11 नवंबर से 12 नवंबर 2024 तक गुजरात के नाडियाड में आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए चयनित टीम आज रायपुर से गुजरात के लिए रवाना हुई। इसी प्रकार अंडर 14 वर्ष राष्ट्रीय स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता 19 दिसंबर 2024 से 20 दिसंबर 2024 तक गुजरात के नाडियाड में आयोजित होगी, जिसके लिए जशपुर जिले से श्री आकाश राम चयनित हुआ है, वह टीम के साथ 17 दिसम्बर 2024 को रायपुर से नाडियाड के लिए रवाना होगा।
