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ग्राम सभा में तय होगी गांव के विकास की दिशा, सचिवों की मनमानी पर लगेगा अंकुश,30 जुलाई को पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन,SDM ने लगाई अधिकारियों की ड्यूटी।

ग्राम सभा में तय होगी गांव के विकास की दिशा, सचिवों की मनमानी पर लगेगा अंकुश,30 जुलाई को पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन,SDM ने लगाई अधिकारियों की ड्यूटी।

 

 

 

गांवों के विकास की दिशा अब बंद कमरों में नहीं, बल्कि ग्राम सभा के खुले मंच पर तय होगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देश पर 30 जुलाई 2026 को जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें 16वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदित कराई जाएगी। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बगीचा प्रदीप राठिया ने आदेश जारी करते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ग्राम पंचायतवार ड्यूटी निर्धारित की है, ताकि ग्राम सभाओं का सफल संचालन और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। 

ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से यह शिकायत सामने आती रही है कि ग्राम पंचायतों की विकास कार्ययोजना कई बार ग्राम सभा में व्यापक चर्चा और सहमति के बिना तैयार कर ली जाती है। कई मामलों में सरपंच और पंचों को भी प्रस्तावित कार्यों की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती, जिसका लाभ उठाकर कुछ सचिव अपनी सुविधा के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर देते हैं। इससे गांव की वास्तविक जरूरतें पीछे छूट जाती हैं और विकास कार्यों में प्राथमिकताओं का संतुलन बिगड़ जाता है।

परिणामस्वरूप सरकारी राशि का समुचित उपयोग नहीं हो पाता और कई बार अनावश्यक कार्यों पर खर्च होने की शिकायतें भी सामने आती हैं।इसी व्यवस्था में पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विशेष ग्राम सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है। अब ग्राम विकास की कार्ययोजना गांव के पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि, महिला समूह, युवा और ग्रामीणों की सहमति से तैयार होगी, ताकि सड़क, पेयजल, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता मिल सके।

प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ग्राम पंचायतों का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो ग्राम सभा की कार्यवाही, उपस्थिति और विकास योजना के निर्माण की निगरानी करेंगे। 

गांव के विकास का फैसला गांव की जनता करे

ग्राम सभा लोकतंत्र की सबसे सशक्त इकाई है। यदि पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण सक्रिय होकर गांव की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव पारित करेंगे, तो न केवल संभावित मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगेगा, बल्कि 16वें वित्त आयोग की राशि का सदुपयोग भी सुनिश्चित होगा। 

गांव का विकास तभी संभव है, जब विकास की योजना गांव की जनता स्वयं तय करे और ग्राम सभा उसे सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान करे।

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