ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग पत्रवार्ता : वेदांता पावर प्लांट में भीषण हादसे पर सरकार सख्त, 12 मजदूरों की मौत,कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर लिमिटेड के सिंघीतराई प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप के वाटर सप्लाई ज्वॉइंट में तकनीकी खराबी के चलते हुए इस हादसे में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 12 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य घायल श्रमिकों का इलाज जारी है।
घायलों को तत्काल फोर्टिस जिंदल अस्पताल, आपेक्स अस्पताल और बालाजी मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वॉइंट में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद तेज दबाव के कारण बड़ा विस्फोटनुमा हादसा हुआ, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।
कलेक्टर का सख्त एक्शन मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जिला कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
जांच की जिम्मेदारी अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) डभरा को सौंपी गई है।
इन 8 बिंदुओं पर होगी जांच
जांच अधिकारी निम्न प्रमुख पहलुओं की जांच करेंगे:
घटना कब और कैसे हुई
मृतक एवं घायल मजदूरों की पहचान
हादसे के पीछे की परिस्थितियां
पूर्व निरीक्षण और सुरक्षा खामियां
तकनीकी बनाम मानवीय लापरवाही
जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान
भविष्य के लिए सुरक्षा उपाय
अन्य आवश्यक बिंदु
30 दिन में रिपोर्ट
जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि 30 दिनों के भीतर पूरी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बड़ा सवाल
इतने बड़े औद्योगिक प्लांट में आखिर सुरक्षा मानकों में चूक कैसे हुई?
क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या लापरवाही का नतीजा – यह अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
