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खतरनाक सांप, बचाव और उपचार के उपाय

खतरनाक सांप, बचाव और उपचार के उपाय

भारत जैव विविधता वाला देश है और यहां विभिन्न प्रकार के सांप पाए जाते हैं और विशेष कर वर्षा ऋतु में यह मानव जन समुदाय के लिए अज्ञानता वश खतरनाक हो सकते हैं अतः इसके बारे में इस लेख में जानेंगे कि सांपों के बाईट से हम सुरक्षा कैसे पा सकते हैं।

हर साल 40 लाख सर्पदंश की घटनाएं, 50 हजार मौतें

जानिए खतरनाक सांप, बचाव और उपचार के उपाय

भारत जैसे देश में जहां खेती, जंगल और ग्रामीण आबादी का बड़ा हिस्सा जमीन से जुड़ा हुआ है, वहां सांप काटने (सर्पदंश) की घटनाएं आम हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि हर साल लगभग 40 लाख लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं, जिनमें से करीब 50 हजार की मौत हो जाती है। यह संख्या केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐसा गंभीर विषय है जिसे समझना और उस पर कार्य करना जरूरी है।

भारत में पाए जाने वाले खतरनाक साँप

भारत में 300 से अधिक प्रकार के साँप पाए जाते हैं, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही जानलेवा विषैले साँप (Venomous snakes) होते हैं। भारत में "Big Four" नाम से चार सबसे खतरनाक साँपों को जाना जाता है, जो अधिकांश मौतों के लिए जिम्मेदार होते हैं।

1. इंडियन कोबरा (Indian Cobra)

पहचान: फन फैलाने वाला सांप, गर्दन पर 'ग्लास के आकार' का निशान होता है।

जहर का प्रकार: न्यूरोटॉक्सिक (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है)

काटने पर लक्षण: सांस लेने में कठिनाई, चक्कर आना, मांसपेशियों में लकवा

2. रसेल वाइपर (Russell's Viper)

पहचान: शरीर पर 'V' या 'X' जैसे पैटर्न; मोटा और भारी शरीरजहर का प्रकार: हेमोटॉक्सिक (खून को जमाता है)काटने पर लक्षण: अत्यधिक सूजन, रक्तस्राव, किडनी फेलियर

3. सॉ स्केल्ड वाइपर (Saw-scaled Viper)

पहचान: छोटा लेकिन आक्रामक, शरीर पर आरी के दाँत जैसे निशान

लक्षण: तेजी से दर्द, सूजन, खून का बहाव, शरीर में जलन

4. कॉमन क्रेट (Common Krait)

पहचान: रात में सक्रिय, चमकदार काला शरीर और पतली सफेद धारियाँ

जहर का प्रकार: न्यूरोटॉक्सिक

काटने पर लक्षण: साँस रुकना, शरीर का सुन्न होना, बोलने या निगलने में कठिनाई

 

सर्पदंश की घटनाओं के पीछे के कारण

भारत में सर्पदंश की घटनाएँ अधिकतर गांवों, खेतों, जंगल क्षेत्रों और कच्चे मकानों में होती हैं। इसके कुछ प्रमुख कारण हैं:

खेतों में नंगे पाँव काम करना

रात में बिना रोशनी के चलना

घर में दरवाज़े-खिड़की ठीक से बंद न होना

जंगल या बाड़ी में खुले में सोना

जानवरों के चारा लाते समय घास या लकड़ी में छिपे साँपों से संपर्क

 

सांप काटने पर प्राथमिक पहचान और लक्षण

सांप के काटने पर लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह विषैला था या नहीं। लेकिन सामान्य रूप से कुछ लक्षण दिखाई देते हैं:

विषैले सांप का लक्षण सामान्य सांप का लक्षण

दो गहरे दांत के निशान सिर्फ खरोंच या हल्के निशान

तेजी से सूजन और दर्द हल्की जलन या दर्द

उल्टी, साँस लेने में तकलीफ आमतौर पर कोई गंभीर असर नहीं

खून बहना, मूर्छा आना साधारण सूजन

 सांप के काटने पर क्या करें? (प्राथमिक उपचार)

तुरंत करें:

1. शांत रहें और घबराएं नहीं

घबराहट से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।

2. व्यक्ति को लेटाएं और हिलने न दें 

जितनी कम हरकत होगी, जहर का प्रसार उतना कम होगा।

3. काटे गए हिस्से को दिल से नीचे रखें

इससे जहर का प्रवाह धीमा होता है।

4. साफ पट्टी से ढीला बंधन करें

बहुत कसकर नहीं बाँधें, इससे रक्त संचार रुक सकता है।

5. जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचें

सरकारी या बड़े स्वास्थ्य केंद्र में एंटीवेनम (Antivenom) उपलब्ध होता है।

 

क्या न करें:

कभी भी जहर चूसने की कोशिश न करें

किसी तांत्रिक, झाड़-फूंक वाले या देसी इलाज पर समय न गवाएँ

पट्टी को बहुत कसकर न बाँधें

शराब या दवा खुद से न दें।

 

एंटीवेनम क्या है?

एंटीवेनम (Anti-venom) एक तरह की दवा होती है जो साँप के जहर को निष्क्रिय करती है। यह रक्त में जाकर विष के असर को कम या समाप्त कर देती है।

कैसे काम करता है?

विष के खिलाफ बने एंटीबॉडी शरीर में डाले जाते हैं।

इससे शरीर में मौजूद जहर निष्क्रिय हो जाता है।

यह सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में उपलब्ध है।

ध्यान दें: केवल योग्य डॉक्टर ही इसका निर्णय कर सकते हैं कि एंटीवेनम देना है या नहीं।

जागरूकता ही बचाव है भारत में सर्पदंश से बचाव के लिए सबसे जरूरी है जन-जागरूकता। यदि लोग सही जानकारी रखें और उचित समय पर उपचार लें, तो अधिकांश मौतें रोकी जा सकती हैं।

 

 

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