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छत्तीसगढ़ की पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगा चार साहेबजादो के बलिदान का इतिहास

छत्तीसगढ़ की पाठ्य पुस्तकों में शामिल होगा चार साहेबजादो के बलिदान का इतिहास

वीर बाल दिवस पर राजधानी रायपुर के खालसा स्कूल में वीर बाल दिवस का आयोजन हुआ, कार्यक्रम में वीर बच्चों का सम्मान किया गया, इस अवसर पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को वजीर खान द्वारा दीवारों में चुने की जो सजा दी गई थी और तीन दिनों तक गिरफ्तार कर ठंडा बुर्ज में रखा गया था उसकी पूरी सचित्र प्रदर्शनी भी खालसा स्कूल में लगाई गई थी जिसके माध्यम से सभी बच्चों सहित बड़ों को भी उनकी धर्म के प्रति देश के प्रति कुर्बानी को समझाया जा सके | इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने की, विशिष्ट अतिथि रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह सवन्नी विशेष रूप से उपस्थित हुए खालसा एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष राज सिंह ग्रेवाल, पूर्व अध्यक्ष जसबीर सिंह घुम्मन, प्रीतम सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ सिख ऑफीसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संयोजक जीएस भामरा सहित स्कूल के विद्यार्थियों सहित स्कूल के प्रिंसिपल एवं समाज व शहर के लोग उपस्थित रहे | रायपुर लोकसभा सांसद बृज मोहन अग्रवाल ने जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे के साथ वीरपाल दिवस के महत्व और छोटे साहबजादे को नमन करते हुए वीर बाल दिवस के महत्व के बारे में बताया उन्होंने कहा कि सिख समाज का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है हिंदू धर्म की रक्षा के लिए छोटे साहेबजादों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता उनके बलिदान से हमें प्रेरणा मिलती है बृजमोहन अग्रवाल ने साहब जड़ों के बलिदान पर पंपलेट पोस्टर बनाकर जन-जन तक पहुंचाने का सुझाव रखा | पूर्व राज्यपाल रमेश बेस बैस ने वीर बाल दिवस के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा की छोटे साहबजादे ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया | छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने वीर बाल दिवस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि चार साहिब जड़ों के बलिदान का इतिहास अभी तक सामने नहीं लाया गया था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित कर सिख समाज के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के सर्वंश बलिदान की कहानी को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है डॉ रमन सिंह ने इस अवसर पर घोषणा की कि चार साहिबजादों के बलिदान की विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक में शामिल की जानी चाहिए | उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री से चर्चा कर शीघ्र पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात की |

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