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छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध, साउथ की तकनीक और मुंबई के डायरेक्टर की बेहतरीन प्रस्तुति की वज़ह से माई के लाल रुद्र काफी सुर्ख़ियों में है, यह छत्तीसगढ़ी फिल्म माई का  लाल रुद्र  अब यू टयूब पर रिलीज हो चुकी है..

छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध, साउथ की तकनीक और मुंबई के डायरेक्टर की बेहतरीन प्रस्तुति की वज़ह से माई के लाल रुद्र काफी सुर्ख़ियों में है, यह छत्तीसगढ़ी फिल्म माई का लाल रुद्र अब यू टयूब पर रिलीज हो चुकी है..

मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर छत्तीसगढ़ी सिनेमा अपने अनोखे अंदाज़ और सांस्कृतिक प्रस्तुति के कारण हमेशा से दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहा है। इसी क्रम में, हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म *माई का लाल रुद्र* ने अपनी शानदार कहानी और बेहतरीन प्रस्तुतिकरण से दर्शकों का दिल जीत लिया है। इस फिल्म का निर्देशन सुभाष जायसवाल ने किया है, जिन्होंने अपनी गहरी समझ और रचनात्मक दृष्टिकोण से एक उत्कृष्ट कृति तैयार की है। पिछले बीस सालों से वह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बतौर निर्देशक कार्य कर रहे हैं,,फिल्म के निर्माता दीपक जिंदवानी, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इस फिल्म में भी अपनी कुशलता का प्रदर्शन किया है। फिल्म *माई का लाल रुद्र* एक पारिवारिक ड्रामा है, जिसमें परिवार के रिश्तों, संघर्षों और प्रेम को दर्शाया गया है। यह फिल्म न केवल एक मनोरंजक अनुभव प्रदान करती है, बल्कि दर्शकों को अपने मूल्यों और पारिवारिक संबंधों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म में सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो इसे आम दर्शकों के साथ जोड़ता है। फिल्म की कहानी एक ऐसी यात्रा है जिसमें मुख्य पात्र रुद्र अपने परिवार के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करता है। उसकी मां के प्रति समर्पण और संघर्षों से भरी जिंदगी को फिल्म में बड़े ही भावुक अंदाज में दिखाया गया है। फिल्म का हर दृश्य दर्शकों को बांधे रखने में सफल है, और यह दर्शाता है कि सही मायनों में परिवार ही व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी अदाकारी और सशक्त संवाद हैं। सभी कलाकारों ने अपने पात्रों में जान डाल दी है। मुख्य अभिनेता और अभिनेत्री की केमिस्ट्री और उनकी अदाकारी इतनी प्रभावी है कि दर्शक खुद को उनकी कहानियों में खोने से नहीं रोक पाते। संगीत की बात करें तो, फिल्म में छत्तीसगढ़ी धुनों और पारंपरिक संगीत का अद्भुत मिश्रण है, जिसने फिल्म को एक और आकर्षक पहलू प्रदान किया है। गाने न केवल सुनने में मधुर हैं, बल्कि वे कहानी के प्रवाह के साथ भी पूरी तरह मेल खाते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक भी कहानी के भावनात्मक पहलुओं को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दर्शक और भी गहराई से जुड़ जाते हैं। *माई का लाल रुद्र* को रिलीज़ होते ही दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यूट्यूब पर इसे लाखों बार देखा जा चुका है और फिल्म को बेहद पसंद किया जा रहा है। कमेंट्स में दर्शक इसके संदेश, अभिनय और निर्देशन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सुभाष जायसवाल की निर्देशन शैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे कुशल निर्देशकों में से एक हैं। वहीं, दीपक जिंदवानी की निर्माण कौशल ने यह सुनिश्चित किया है कि फिल्म हर दृष्टिकोण से उच्च स्तर की हो। दीपक जिंदवानी पहले भी कई हिट फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं, और हर बार उन्होंने अपनी फिल्मों में समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का प्रयास किया है। *माई का लाल रुद्र* भी इसी सिलसिले की कड़ी है, जिसमें पारिवारिक मूल्यों और परंपराओं को सम्मान के साथ पेश किया गया है। इस फिल्म को एक बार देखने का मतलब है अपने जीवन के महत्वपूर्ण रिश्तों को एक नई दृष्टि से देखना। फिल्म की सकारात्मकता, मनोरंजन और संदेश को ध्यान में रखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि *माई का लाल रुद्र* छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एक नया मील का पत्थर साबित हो सकती है। जो दर्शक अब तक इसे नहीं देख पाए हैं, उन्हें इसे देखने का मौका अवश्य लेना चाहिए। *माई का लाल रुद्र* न केवल एक फिल्म है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जो दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक बना रहेगा।

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