सियासत

 राज्य के जिला न्यायालयों के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उच्च न्यायालय की सलाह

राज्य के जिला न्यायालयों के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उच्च न्यायालय की सलाह

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा परिपत्र जारी कर छत्तीसगढ़ राज्य के जिला न्यायालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वह किसी धोखेबाज व्यक्ति अथवा संस्था के द्वारा कम समय में रकम दोगुनी करने अथवा अधिक लाभ देने के प्रलोभन में आकर अपनी मेहनत की कमाई को इस तरह की योजनाओं में निवेश करने से बचें| बिलासपुर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पति के आदेश अनुसार रजिस्ट्रार जनरल बलराम प्रसाद वर्मा ने आज परिपत्र जारी किया | छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर परिपत्र क्रमांक 123 /(D.E.) बिलासपुर, दिनांक ....7/10/2024 “विभिन्न समाचार पत्रों, संचार माध्यमों एवं अन्य माध्यमों से यह जानकारी में आया है कि कुछ धोखेबाज व्यक्तियों / संस्थाओं के द्वारा कम समय में रकम दोगुनी करने अथवा अधिक लाभ देने का लालच दिया जाकर जन साधारण को गुमराह किया जा रहा है। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह जानकारी दी जाती है कि इस तरह का कोई निवेश अथवा कृत्य "छत्तीसगढ़ जिला न्यायपालिका स्थापना (भर्ती एवं सेवा शर्तें) कर्मचारी नियम, 2023" के नियम-46" सहपठित "छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-17" के अंतर्गत निषेध है एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है तथा "छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966" में निहित प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय है। अतः छत्तीसगढ़ राज्य के जिला न्यायालयों के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह सलाह दी जाती है कि वे किसी धोखेबाज व्यक्ति अथवा संस्था के द्वारा कम समय में रकम दोगुनी करने अथवा अधिक लाभ देने के प्रलोभन में आकर अपनी मेहनत की कमाई को इस तरह की योजनाओं में निवेश करने अथवा उक्तानुसार कोई भी कृत्य करने से बचें और सतर्क रहते हुए संभावित धोखे से भी बचें। उल्लंघन की दशा में विधि अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।" माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार 17/10/24 (बलराम प्रसाद वर्मा) रजिस्ट्रार जनरल

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