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दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में 13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। महसी इलाके में यह विवाद तब शुरू हुआ जब मूर्ति विसर्जन के जुलूस में बज रहे संगीत को लेकर दो समुदायों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान पत्थरबाजी और गोलीबारी की घटनाएं हुईं, जिसमें 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा की गोली लगने से मृत्यु हो गई और कई लोग घायल हो गए।
इस घटना के बाद बहराइच में हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें अस्पताल, मोटरसाइकिल शोरूम और मेडिकल स्टोर को आग के हवाले कर दिया गया। इसके चलते प्रशासन ने जिले में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसमें पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स भी शामिल थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मृतक का अंतिम संस्कार रोक दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अब तक लगभग 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है, और हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के दोषियों को कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया है।
हिंसा से प्रभावित इलाकों में प्रशासन स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहा है और इलाके की शांति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शुरू हुए सांप्रदायिक विवाद ने आसपास के कई इलाकों में तनाव बढ़ा दिया। इस हिंसा का केंद्र बहराइच का महसी तहसील था, लेकिन हिंसा की घटनाएं बहराइच के अन्य ग्रामीण इलाकों जैसे चंदपैया और कबाड़ीपुरवा गांवों में भी फैल गईं। इन इलाकों में आगजनी और झड़पें हुईं, जिसके कारण पुलिस को भारी संख्या में बल तैनात करना पड़ा।
वर्तमान में हिंसा सिर्फ बहराइच जिले के कुछ क्षेत्रों तक सीमित रही है, और आसपास के जिलों में दंगे या फसाद की जानकारी नहीं मिली है।
